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  • श्रीरामपुर में रामनवमी जुलूस बना निशाना मस्जिद के पास पथराव से बिगड़ा माहौल

    श्रीरामपुर में रामनवमी जुलूस बना निशाना मस्जिद के पास पथराव से बिगड़ा माहौल


    नई दिल्ली:  महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के श्रीरामपुर शहर में रामनवमी के पावन अवसर पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान उस समय अचानक तनाव फैल गया जब जुलूस पर पथराव की घटना सामने आई यह घटना गुरुवार शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है जब श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ जुलूस में शामिल होकर भजन कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे थे

    जानकारी के अनुसार जुलूस जब सय्यद बाबा चौक से होते हुए एक स्थानीय मस्जिद के पास पहुंचा तभी अचानक मस्जिद के पीछे की ओर से कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया इस अप्रत्याशित पथराव से जुलूस में अफरा तफरी मच गई और लोग इधर उधर भागने लगे इस घटना में तीन लोग घायल हो गए जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है घायल व्यक्ति को तुरंत श्रीरामपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका उपचार जारी है

    घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और कुछ समय के लिए माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया हालांकि स्थिति को बिगड़ने से पहले ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाल लिया पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की इसके बाद स्थिति धीरे धीरे सामान्य हुई

    पुलिस ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए मस्जिद के मौलाना सहित 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी गई है अधिकारियों के अनुसार घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके

    इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है जिनमें धारा 190 191(1) 191(2) 192 110 और 118(1) शामिल हैं इन धाराओं के तहत आरोपियों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी

    घटना के बाद पूरे श्रीरामपुर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है

    गौरतलब है कि श्रीरामपुर में हर वर्ष रामनवमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है इस अवसर पर शहर में विशाल जुलूस निकाला जाता है जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं और पूरे शहर में मेले जैसा माहौल रहता है हालांकि इस बार हुई इस घटना ने उत्सव के माहौल को कुछ समय के लिए प्रभावित जरूर किया लेकिन प्रशासन की तत्परता से हालात पर काबू पा लिया गया

    फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और शहर में शांति बनी हुई है पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी

  • UN में ब्रिटेन के खिलाफ किस प्रस्ताव पर भारत ने किया वोट? लंदन की बढ़ी टेंशन

    UN में ब्रिटेन के खिलाफ किस प्रस्ताव पर भारत ने किया वोट? लंदन की बढ़ी टेंशन


    संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन को एक बड़ा झटका लगा है. अफ्रीकी देशों की मांग पर UN जनरल असेंबली में एक प्रस्ताव पास किया गया है, जिसमें ब्रिटेन और अन्य पूर्व उपनिवेशवादी देशों से ट्रांसअटलांटिक गुलाम व्यापार के लिए मुआवजा देने की मांग की गई है. इस प्रस्ताव में गुलाम व्यापार को मानवता के खिलाफ सबसे गंभीर अपराध बताया गया है.

    यह प्रस्ताव अफ्रीकी देश घाना की ओर से अफ्रीकी संघ के तत्वावधान में पेश किया गया था. इस पर हुए वोटिंग में 124 देशों ने समर्थन किया, जिसमें भारत भी शामिल है. इस प्रस्ताव का तीन देशों ने विरोध किया और 52 देशों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.

    इस बिल का विरोध करने वाले देशों में अमेरिका, इजराइल और अर्जेंटीना शामिल हैं. वहीं ब्रिटेन के साथ फ्रांस और यूरोपीय संघ (European Union) के कई देशों ने वोटिंग से परहेज किया है. ब्रिटेन ने साफ कर दिया कि वह इस प्रस्ताव से सहमत नहीं है. ब्रिटेन के प्रतिनिधि ने कहा कि उन्हें प्रस्ताव में इस्तेमाल की गई कानूनी भाषा पर आपत्ति है. ब्रिटेन के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा, “ब्रिटेन का रुख साफ है, हम मुआवजा नहीं देंगे.”

    यह प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, लेकिन यह अफ्रीकी देशों के लिए एक बड़ी राजनयिक जीत है. अब अफ्रीकी देश इस मामले को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं. उनका तर्क है कि गुलाम व्यापार की वजह से अफ्रीका का विकास रुका और आज भी इसकी वजह से नस्लभेद की समस्या बनी हुई है.

    अमेरिका ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि वह मानवता के खिलाफ अपराधों की रैंकिंग बनाने का विरोध करता है. अमेरिका ने उन मुस्लिम देशों के गुलाम व्यापार का भी मुद्दा उठाया जो 20वीं सदी तक जारी रहा. UN में ब्रिटेन के खिलाफ पारित इस प्रस्ताव में मुआवजे की मांग की गई है. भारत ने इसके समर्थन में वोट किया, जिससे ब्रिटेन की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अब अगला दौर अंतरराष्ट्रीय अदालत में लड़ा जा सकता है.

  • हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान: इस साल टीम इंडिया ने जीतीं सभी ट्रॉफियां

    हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान: इस साल टीम इंडिया ने जीतीं सभी ट्रॉफियां


    नई दिल्ली। भारत को बतौर कप्तान वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जिताने वाली कप्तान हरमनप्रीत कौर ने महिला क्रिकेट की पहचान और लोकप्रियता में आए बदलाव को जीना ‘एक शानदार एहसास’ बताया है। कप्तान और उनकी टीम को पता था कि देश में बदलाव तभी आएगा, जब उनके नाम कोई बड़ी ट्रॉफी होगी। इसके साथ ही उन्होंने टीम इंडिया की सफलता का श्रेय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को दिया है।

    भारत ने साल 2026 में हुए दोनों आईसीसी इवेंट्स अपने नाम किए हैं। कौर ने सभी फॉर्मेट में भारत के दबदबे का श्रेय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को देते हुए कहा, “इस साल, हमने अब तक सभी ट्रॉफियां जीती हैं। यह दिखाता है कि बीसीसीआई क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को हर स्टेज पर बेहतर बनाने के लिए कितनी मेहनत कर रहा है। मुझे लगता है कि उनकी मेहनत रंग ला रही है। हमारी सभी टीमों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और सभी टीमों ने आईसीसी टाइटल जीते हैं।”

    बुधवार को नई दिल्ली के द्वारका के ओमेक्स स्टेडियम में हरमनप्रीत कौर के सम्मान में स्टैंड का नामकरण हुआ। इस दौरान हरमनप्रीत ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “जाहिर है, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हम सभी जानते थे कि जब वर्ल्ड कप जीतेंगे, तो चीजें बदल जाएंगी। इसलिए, उस बदलाव को महसूस करना और उस बदलाव को जीने का मौका मिलना एक शानदार एहसास है।”

    ओमेक्स स्टेट स्टेडियम के नॉर्थ पवेलियन सेक्शन में 1,500 से ज्यादा सीटों वाले हिस्से का नाम ‘हरमनप्रीत कौर स्टैंड’ रखने का मकसद अधिक से अधिक महिला दर्शकों को मैच देखने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह देश का पहला खास ‘पिंक स्टैंड’ भी होगा, जो 2027 के आखिर में स्टेडियम खुलने पर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।

    भारतीय कप्तान ने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। दुनिया में इस तरह का विचार लाना भी अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। आजकल हम लड़कियों के खेल-कूद में हिस्सा लेने के बारे में तो खूब बातें करते हैं, लेकिन हमने कभी यह नहीं सोचा कि जो लोग मैच देखने आते हैं, उनके लिए चीजें कैसी होनी चाहिए। इसलिए, उन्हें भी ध्यान में रखना और उन्हें भी उतनी ही अहमियत देना बहुत जरूरी है। मुझे लगता है कि लड़कियों को इस स्टैंड में आकर अपनी पसंदीदा टीम का हौसला बढ़ाते देखना बहुत शानदार होगा। यह एक बहुत अच्छी पहल है।”

    दाएं हाथ की बल्लेबाज ने महिला क्रिकेट के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के महत्व पर भी जोर दिया, जिसमें स्टेडियम, रेजिडेंशियल अकादमियां और ट्रेनिंग की सुविधाएं शामिल हैं, ताकि अगली पीढ़ी की महिला क्रिकेटर्स के लिए रास्ता आसान हो सके।

    उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह उनके लिए बहुत अच्छा होगा, क्योंकि उन्हें वे मुश्किल दिन नहीं देखने पड़ेंगे। हमसे पहले हमारे सीनियर्स ने वे दिन देखे थे और हमने भी थोड़े-बहुत देखे थे। तो, अब मुझे लगता है कि ओमेक्स जैसे लोग, वे सच में इस बात का ध्यान रख रहे हैं, ताकि बच्चों के लिए एक अच्छा स्टेडियम बन सके।

  • LPG संकट में भारत का ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा….जानें नौसेना होर्मुज से कैसे निकाल रही जहाज!

    LPG संकट में भारत का ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा….जानें नौसेना होर्मुज से कैसे निकाल रही जहाज!


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में LPG संकट के बीच ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा (Operation Energy Security) की शुरुआत की गई है। खबर है कि भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धपोत तैनात किए हैं। हालांकि, इसे लेकर सेना की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Iran’s Foreign Minister Abbas Araghchi) ने कहा है कि मित्र देशों के जहाजों को निकलने की अनुमति दी गई है, जिनमें भारत भी शामिल है।

    एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ऑपरेशन के तहत भारतीय नौसेना ने 5 से ज्यादा युद्धपोत तैनात किए हैं। ऑपरेशन का मकसद उन जलमार्गों और जहाजों को सुरक्षित करना है, जिनके जरिए एलपीजी, एलएजी और कच्चा तेल भारत पहुंच रहा है। माना जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग में भारत के लिए निकले 20 कार्गो फंस गए हैं।

    एक सूत्र ने बताया, ‘जब भारत आने वाला कोई मालवाहक जहाज इस स्ट्रेट को पार कर लेता है, तो ओमान की खाड़ी में तैनात नौसेना के युद्धपोत उस जहाज को सुरक्षा देते हैं और उसे संकटग्रस्त क्षेत्र से बाहर अरब सागर की ओर ले जाते हैं।’ वहीं, रिस्क एनालिस्ट मार्टिन कैली कहते हैं, ‘ऐसा लगता है कि ईरान चुनिंदा जहाजों को वेरिफिकेशन के बाद होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे रहा है, जो ईरानी जलक्षेत्र के अंदर जहाजों के ट्रांजिट के दौरान किया जाता है।’


    नौसेना का ऐक्शन

    रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी से निकलने वाले भारतीय कार्गो के संपर्क में नौसेना बनी रहती है। जहाज जब ईरान की सहमति से एक पॉइंट से गुजर जाता है, तो नौसेना के डेस्ट्रॉयर्स और फ्रिगेट्स कमान संभालते हैं। ये मिलकर जहाज को खतरे के क्षेत्र से बाहर निकालकर ले जाते हैं।


    भारत पहुंचे कई जहाज

    खबर है कि इस मिशन के चलते कई भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से भारत लौट आए हैं। इनमें एलपीजी लाने वाले पाइन गैस और जग वसंत का नाम शामिल है। दोनों मिलकर करीब 92 हजार टन एलपीजी लाए हैं।


    ईरान ने दिया भारतीय जहाजों को रास्ता

    मुंबई में ईरान के कॉन्सुलेट ने एक पोस्ट में कहा, ‘ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची: हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित मित्र देशों के लिए Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दे दी है।


    इन लोगों की एलपीजी सप्लाई बंद करने की तैयारी

    पाइप के जरिये आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध होने पर भी इसकी सेवा नहीं लेने वाले उपभोक्ताओं की घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। सरकार ने आदेश जारी कर इसकी जानकारी दी है। यह कदम गैस नेटवर्क के विस्तार को तेज करने और एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि नोटिस मिलने के तीन महीने के भीतर ग्राहकों को पीएनजी अपनानी होगी, ऐसा न करने पर रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।

  • मंडला की पहाड़ियों में विराजमान नक्खी माता हर मुराद होती है पूरी सदियों पुरानी आस्था

    मंडला की पहाड़ियों में विराजमान नक्खी माता हर मुराद होती है पूरी सदियों पुरानी आस्था


    मंडला । चैत्र नवरात्र 2026 के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के मंडला जिले में स्थित नक्खी माता मंदिर एक बार फिर श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मंडला निवास मार्ग पर बसे ग्राम बकौरी की पहाड़ियों के बीच स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यहां से जुड़ी जनश्रुतियां और चमत्कारिक मान्यताएं इसे विशेष बनाती हैं।

    प्राकृतिक सुंदरता से घिरे इस मंदिर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को अद्भुत शांति और ऊर्जा का अनुभव होता है। मान्यता है कि यहां विराजमान मां नक्खी माता स्वयं प्रकट हुई हैं और यह प्रतिमा मानव निर्मित नहीं है। यही कारण है कि इस मंदिर की महिमा दूर दूर तक फैली हुई है और सालभर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है। कोई संतान सुख की कामना लेकर आता है तो कोई अपने जीवन में सुख समृद्धि और शांति की प्रार्थना करता है।

    चैत्र और शारदीय नवरात्र के दौरान इस मंदिर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठता है। गांव के लोग मिलकर जवारे बोते हैं और कलश स्थापना के साथ माता का विशेष श्रृंगार किया जाता है। ढोल नगाड़ों और जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठता है और हर ओर भक्ति का उत्साह दिखाई देता है। खास बात यह है कि पहाड़ी पर स्थित होने के बावजूद श्रद्धालु सीधे अपने वाहनों से मंदिर तक पहुंच सकते हैं जिससे बुजुर्ग और दूरदराज से आने वाले भक्तों को सुविधा मिलती है।

    स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार जब से मां नक्खी माता इस गांव में विराजमान हुई हैं तब से गांव पर कभी कोई बड़ा संकट नहीं आया। ग्रामीण इसे देवी की कृपा मानते हैं और हर सुख दुख में सबसे पहले मां के दरबार में पहुंचते हैं। मंदिर में स्थापित पाषाण प्रतिमा के दर्शन मात्र से ही श्रद्धालु भावविभोर हो जाते हैं और उन्हें मानसिक शांति का अनुभव होता है।

    इस मंदिर का इतिहास भी बेहद रोचक है। सैकड़ों वर्ष पुराने इस मंदिर का जीर्णोद्धार वर्ष 1997 में किया गया जिसके बाद इसे भव्य स्वरूप प्रदान किया गया। मंदिर के गुंबद को विशेष चौपहला आकार दिया गया और परिसर का विस्तार कर श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाएं विकसित की गईं।

    मंदिर से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध जनश्रुति लोगों की आस्था को और गहरा करती है। कहा जाता है कि सैकड़ों वर्ष पहले जब लुटेरे इस गांव पर हमला करने पहुंचे तब देवी ने एक छोटी कन्या का रूप धारण कर गांव वालों को खतरे की सूचना दी। जब लुटेरे उस कन्या पर हमला करने दौड़े तो उसका शरीर पत्थर का हो गया। क्रोधित लुटेरों ने उस पत्थर की मूर्ति की नाक काट दी। तभी से देवी को नक्खी माई के नाम से जाना जाने लगा और यह प्रतिमा स्वयं प्रकट मानी जाती है।

    आज नक्खी माता मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि आस्था विश्वास और भक्ति का जीवंत प्रतीक बन चुका है। यहां आने वाला हर श्रद्धालु अपने साथ एक उम्मीद लेकर आता है और मां के आशीर्वाद के साथ लौटता है। अगर आप भी इस नवरात्र में आध्यात्मिक शांति और दिव्यता का अनुभव करना चाहते हैं तो इस पावन धाम के दर्शन आपके लिए एक विशेष अनुभव साबित हो सकते हैं।

  • पुलिस एक्शन ठगी का खुलासा और रहस्यमयी गोलीकांड ग्वालियर में घटनाओं की भरमार

    पुलिस एक्शन ठगी का खुलासा और रहस्यमयी गोलीकांड ग्वालियर में घटनाओं की भरमार


    ग्वालियर । ग्वालियर में बुधवार को कई घटनाओं ने शहर की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक गतिविधियों को चर्चा में ला दिया। पड़ाव थाना क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार के बाहर अनैतिक गतिविधियों की सूचना पर पुलिस ने बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। एएसपी अनु बेनीवाल के नेतृत्व में सीएसपी रॉबिन जैन और पुलिस बल ने होटल और लॉज की तलाशी ली। हालांकि मौके पर कोई अवैध देह व्यापार नहीं मिला लेकिन एक होटल से आपत्तिजनक सामग्री जरूर बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने रेलवे की खाली जमीन पर भी सर्च अभियान चलाया और होटल स्टाफ से पूछताछ की जा रही है।

    दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग में भी विवाद सामने आया है। उपसंचालक डॉ सुनील सिंह यादव ने जॉइंट डायरेक्टर डॉ नीलम सक्सेना के खिलाफ कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें उपसंचालक के पद पर ज्वाइन करने के बावजूद अकाउंट ऑफिसर के रूप में वेतन दिया जा रहा है जिससे उन्हें एनपीए का लाभ नहीं मिल रहा। साथ ही उन्होंने आवास आवंटन में अनियमितता और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी लगाए हैं। एडीएम ने मामले की जांच के लिए उन्हें कार्यालय में बुलाया है।

    इसी बीच साइबर क्राइम का बड़ा मामला भी सामने आया है जहां पिंटो पार्क क्षेत्र के एक फैक्ट्री संचालक से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर एक करोड़ इकतालीस लाख रुपए की ठगी की गई। ठगों ने ईमेल के जरिए गोल्ड डीजीएम कॉइन कंपनी में निवेश का लालच दिया और दो महीने में बड़ी रकम अलग अलग खातों में ट्रांसफर करवा ली। पुलिस ने जांच के बाद देवास और बड़वानी से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो अपने बैंक खाते किराए पर देकर इस गिरोह की मदद कर रहे थे।

    राजनीतिक गलियारों में भी हलचल देखने को मिली है। पूर्व मंत्री अरविंद सिंह भादौरिया अभी तक सरकारी बंगला खाली नहीं कर पाए हैं जबकि उनकी पात्रता समाप्त हो चुकी है। नियमों के अनुसार तय समय में आवास खाली नहीं करने पर कई गुना किराया वसूली का प्रावधान है फिर भी मामला लंबित बना हुआ है।

    वहीं बिजौली थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई जहां घर में सफाई कर रही महिला रामायणी पाल को अचानक गोली लग गई। शुरुआत में इसे सामान्य चोट समझा गया लेकिन सीटी स्कैन में गोली होने का खुलासा हुआ। ऑपरेशन के बाद गोली निकाली गई लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि गोली कहां से आई। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। माधौगंज क्षेत्र में गाड़ी हटाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। एक व्यक्ति के साथ कई लोगों ने मारपीट की जिसमें एक पुलिसकर्मी पर भी आरोप लगे हैं।

    इन घटनाओं के बीच एक सकारात्मक पहल भी सामने आई है। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक मेला ग्राउंड स्थित शिल्प बाजार में पुस्तक मेला आयोजित किया जा रहा है। इसमें छात्रों को सस्ती दरों पर किताबें यूनिफॉर्म और स्टेशनरी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेला अवधि में बाजार में स्कूली किताबों की बिक्री पर रोक रहेगी जिससे पारदर्शिता बनी रहे और अभिभावकों को राहत मिल सके।

  • 81 प्रतिशत छूट वाला टेंडर बना बहस का मुद्दा एक्सपर्ट बोले इतनी कम कीमत पर जांच संभव नहीं

    81 प्रतिशत छूट वाला टेंडर बना बहस का मुद्दा एक्सपर्ट बोले इतनी कम कीमत पर जांच संभव नहीं

    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में सरकारी अस्पतालों की पैथोलॉजी जांच को लेकर जारी एक बड़े टेंडर ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी है राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी National Health Mission द्वारा जारी इस टेंडर में भोपाल की साइंस हाउस मेडिकल्स प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दिया गया है जिसने सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानी केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना की दरों से 81 दशमलव 2 प्रतिशत कम कीमत पर बोली लगाकर बाजी मार ली

    इसका सीधा अर्थ यह है कि जिस जांच की कीमत सामान्य रूप से 100 रुपए मानी जाती है वह अब लगभग 18 रुपए में की जाएगी यही बिंदु पूरे विवाद का केंद्र बन गया है क्योंकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों और पैथोलॉजिस्ट्स का कहना है कि इतनी कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण जांच कर पाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है

    प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020 से सरकारी अस्पतालों की पैथोलॉजी सेवाओं को निजी कंपनियों के माध्यम से संचालित करना शुरू किया था इसी क्रम में 12 फरवरी 2026 को नया टेंडर जारी किया गया जो हब एंड स्पोक मॉडल पर आधारित है इस मॉडल में छोटे स्वास्थ्य केंद्रों से सैंपल लेकर जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं में जांच की जाती है जिससे लागत और समय दोनों में कमी लाने का प्रयास किया जाता है

    टेंडर प्रक्रिया के अनुसार CGHS की दरों को आधार मूल्य माना गया और जो कंपनी सबसे अधिक छूट देगी उसे ठेका दिया जाना तय था 9 मार्च 2026 को टेंडर खुलने पर साइंस हाउस ने 81 प्रतिशत से अधिक छूट देकर पहला स्थान हासिल किया और उसे लगभग 36 करोड़ रुपए सालाना यानी पांच साल में करीब 180 करोड़ रुपए का ठेका मिल गया

    हालांकि इस निर्णय के बाद विशेषज्ञों ने गंभीर चिंता जताई है पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पद्माकर त्रिपाठी का कहना है कि CGHS की दरें पहले से ही बाजार मूल्य से काफी कम होती हैं ऐसे में यदि कोई कंपनी इन दरों से भी 80 प्रतिशत से अधिक छूट देती है तो यह सवाल खड़े करता है कि जांच की गुणवत्ता कैसे सुनिश्चित की जाएगी

    वे उदाहरण देते हुए बताते हैं कि कम्प्लीट ब्लड काउंट जैसी सामान्य जांच बाजार में 300 से 400 रुपए तक होती है जबकि CGHS दर लगभग 270 रुपए है इतनी दर पर 81 प्रतिशत छूट के बाद जांच की लागत करीब 50 रुपए रह जाती है जबकि केवल रिएजेंट की लागत ही लगभग 70 रुपए होती है इसके अलावा मशीनों का रखरखाव बिजली और स्टाफ का खर्च अलग होता है ऐसे में इतनी कम कीमत पर सटीक और विश्वसनीय जांच संभव नहीं मानी जा रही

    दूसरी ओर कंपनी के सीईओ पुनीत दुबे ने इस छूट को पूरी तरह व्यावहारिक बताया है उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में डायग्नोस्टिक्स सेक्टर में तकनीकी विकास के कारण उपकरण और रिएजेंट की लागत में काफी कमी आई है अब कई चीजें देश में ही कम कीमत पर उपलब्ध हैं जिससे इस तरह की दरें संभव हो पाई हैं

    NHM की एमडी डॉ सलोनी सडाना ने भी टेंडर प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा है कि सभी नियमों का पालन किया गया है और तकनीकी बिड में शामिल कई कंपनियों ने 60 प्रतिशत से अधिक छूट की पेशकश की थी ऐसे में सबसे कम दर देने वाली कंपनी को चयनित किया गया है

    इस बीच कंपनी का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है सितंबर 2025 में आयकर विभाग ने कंपनी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी वहीं कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने भी कंपनी पर अनावश्यक जांचों के जरिए भारी भुगतान लेने के आरोप लगाए थे हालांकि कंपनी ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है

    कुल मिलाकर यह मामला अब सिर्फ एक टेंडर तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पारदर्शिता और विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है और क्या जांच की गुणवत्ता को लेकर उठ रही चिंताओं का समाधान हो पाता है या नहीं

  • प्रधानमंत्री मोदी ने दी मुख्यमंत्री मोहन यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं विकास कार्यों की सराहना

    प्रधानमंत्री मोदी ने दी मुख्यमंत्री मोहन यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं विकास कार्यों की सराहना


    मध्यप्रदेश । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को उनके जन्मदिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं इस मौके पर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व और उनके द्वारा प्रदेश में किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना भी की

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है उन्होंने उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल कर रहे हैं जिनका सकारात्मक असर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जनकल्याण और विकास को केंद्र में रखकर किए जा रहे प्रयासों के कारण मध्यप्रदेश नई ऊंचाइयों को छू रहा है उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यों को प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभेच्छाएं भी व्यक्त कीं उनका यह संदेश राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है

    मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर प्रधानमंत्री का यह संदेश न केवल एक औपचारिक शुभकामना है बल्कि यह राज्य और केंद्र के बीच समन्वय और सहयोग का भी प्रतीक माना जा रहा है राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के संदेश नेतृत्व के प्रति विश्वास और समर्थन को भी दर्शाते हैं

    कुल मिलाकर मुख्यमंत्री मोहन यादव के जन्मदिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई शुभकामनाएं उनके कार्यों की सराहना और भविष्य के लिए सकारात्मक संदेश के रूप में देखी जा रही हैं जो प्रदेश की राजनीति और विकास यात्रा दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देती हैं

  • पेट्रोल डीजल की कमी की अफवाह पर बवाल कांग्रेस ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की

    पेट्रोल डीजल की कमी की अफवाह पर बवाल कांग्रेस ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैली अफवाह ने आम लोगों के बीच भारी असमंजस और घबराहट की स्थिति पैदा कर दी प्रदेश के कई शहरों में अचानक पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं और लोग बड़ी संख्या में ईंधन भरवाने के लिए उमड़ पड़े हालांकि कई स्थानों पर वास्तविक कमी की स्थिति नहीं थी लेकिन सोशल मीडिया पर तेजी से फैली खबरों ने हालात को गंभीर बना दिया

    इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और सरकार के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है क्योंकि अफवाहों के कारण बनी इस स्थिति ने आम जनजीवन को प्रभावित किया वहीं विपक्ष को भी सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया प्रदेश कांग्रेस ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मांग की है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देर रात सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार को भी इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का आपातकाल लागू हो गया हो उन्होंने यह भी कहा कि नए भारत की तस्वीर अब ऐसी हो गई है जहां लोगों को पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है और कई जगह उन्हें ईंधन तक नहीं मिल पा रहा

    पटवारी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह स्थिति सरकार की नीतियों और व्यवस्थाओं की विफलता को दर्शाती है उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और इस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है

    दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट किया जा रहा है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य है और किसी प्रकार की वास्तविक कमी नहीं है अधिकारियों का कहना है कि यह स्थिति पूरी तरह से अफवाहों के कारण उत्पन्न हुई है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अफवाहें न केवल बाजार व्यवस्था को प्रभावित करती हैं बल्कि आम जनता में अनावश्यक भय भी उत्पन्न करती हैं जिसके चलते लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने लगते हैं और कृत्रिम संकट की स्थिति बन जाती है यही कारण है कि प्रशासन अब इस मामले में सख्ती बरतने की तैयारी कर रहा है ताकि गलत जानकारी फैलाने वालों पर नियंत्रण किया जा सके

    कुल मिलाकर यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि डिजिटल युग में सूचना का सही और जिम्मेदार उपयोग कितना महत्वपूर्ण है एक छोटी सी अफवाह भी बड़े स्तर पर प्रभाव डाल सकती है ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें ताकि समाज में अनावश्यक तनाव और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो

  • एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई स्थिर, घबराने की जरूरत नहीं

    नई दिल्ली। सरकार ने बताया है कि देश में सभी गैस रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और एलपीजी की सप्लाई लगातार सुचारू बनी हुई है। अब तक 18,700 टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है, जिससे बाजार में स्थिरता बनी हुई है

    अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं

    सरकार सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दे रही है। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी किचन में पीएनजी कनेक्शन तेजी से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल सके

    देशभर में पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के प्रयासों के चलते केवल एक दिन में हजारों नए कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि मार्च के पहले तीन हफ्तों में 3.5 लाख से अधिक कनेक्शन जोड़े गए हैं

    सरकार का कहना है कि एलपीजी की सप्लाई को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है और सप्लाई चैन को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। साथ ही, घबराहट में खरीदारी न करने की अपील भी की गई है, क्योंकि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है

    वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भी सरकार ने भरोसा दिलाया है कि घरेलू और आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आम जनता को किसी तरह की असुविधा न हो सरकार का दावा है कि देश में ईंधन और गैस की आपूर्ति स्थिर है और आने वाले समय में भी इसे और मजबूत किया जाएगा