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  • जंग के बीच भारत पहुंचा पहला LPG जहाज: शिवालिक में 32.4 लाख सिलेंडर के बराबर गैस, नंदा देवी और जग लाडकी कल मुंद्रा पोर्ट पर

    जंग के बीच भारत पहुंचा पहला LPG जहाज: शिवालिक में 32.4 लाख सिलेंडर के बराबर गैस, नंदा देवी और जग लाडकी कल मुंद्रा पोर्ट पर


    नई दिल्ली। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच भारत को राहत देने वाला पहला LPG कैरियर जहाज शिवालिक कतर से 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सोमवार शाम पहुंच गया। यह मात्रा लगभग 32.4 लाख घरेलू सिलेंडरों के बराबर है। जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था। शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि कल नंदा देवी नामक जहाज भी लगभग 46 हजार टन LPG लेकर और जग लाडकी जहाज 81 हजार टन मुरबान कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचेंगे।

    भारत सरकार ने फारस की खाड़ी में सभी भारतीय नाविकों की सुरक्षा की पुष्टि की। वर्तमान में 22 भारतीय झंडा वाले जहाज वहां सक्रिय हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं। अधिकारियों ने बताया कि मुंद्रा पोर्ट पर शिवालिक जहाज के लिए सभी दस्तावेजी और बर्थिंग व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान से जमीन मार्ग के जरिए 90 भारतीय नागरिक सुरक्षित अजरबैजान पहुंचे हैं। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों को वीजा और इमिग्रेशन सहायता प्रदान की।

    वहीं, मिडिल-ईस्ट में सैन्य तनाव के बीच ब्रिटेन, जर्मनी और ग्रीस ने स्पष्ट कर दिया है कि वे होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े किसी भी सैन्य अभियान में भाग नहीं लेंगे। इजराइल ने ईरान के तेहरान में एयरस्ट्राइक कर एक विमान नष्ट करने का दावा किया है, जिसका इस्तेमाल ईरानी नेतृत्व और सीनियर अधिकारियों द्वारा किया जाता था।

    यह भारत के लिए जंग के बीच ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में पहला बड़ा कदम है, जिससे घरेलू LPG और कच्चा तेल की निरंतर आपूर्ति बनी रहेगी।

  • भारत आ रहे एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा को लेकर भारत सतर्क, फारस की खाड़ी के पास नौसेना के युद्धपोत तैनात

    भारत आ रहे एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा को लेकर भारत सतर्क, फारस की खाड़ी के पास नौसेना के युद्धपोत तैनात


    तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए कदम तेज कर दिए हैं। भारतीय नौसेना ने फारस की खाड़ी के आसपास अपने कई युद्धपोत तैनात कर दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर भारत की ओर आने वाले व्यापारिक जहाजों को सहायता और सुरक्षा दी जा सके।

    सूत्रों के मुताबिक इन युद्धपोतों की तैनाती का उद्देश्य भारतीय व्यापारिक जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, क्योंकि क्षेत्र में हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं।

    दो भारतीय एलपीजी जहाजों को मिली अनुमति

    इस बीच शनिवार को ईरान ने भारत की ओर जा रहे दो भारतीय झंडे वाले एलपीजी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी। इनमें एक जहाज शिवालिक है, जो जहाज ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार फिलहाल ओमान के पास देखा गया है और इसके 21 मार्च तक अपने गंतव्य तक पहुंचने की संभावना है।

    भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर नजर

    बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार को फारस की खाड़ी की समुद्री स्थिति और भारतीय जहाजों व नाविकों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक फारस की खाड़ी में 24 भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर 668 भारतीय नाविक तैनात हैं, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में तीन जहाजों पर 76 भारतीय नाविक मौजूद हैं।

    24 घंटे निगरानी कर रही सरकार

    मंत्रालय ने बताया कि डीजी शिपिंग जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। सभी जहाजों और चालक दल की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। 24 घंटे के नियंत्रण कक्ष के सक्रिय होने के बाद से अब तक 2,425 से अधिक कॉल और 4,441 ईमेल प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही 223 से ज्यादा फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी भी सुनिश्चित की गई है।

    ईरान ने सुरक्षित रास्ता देने का भरोसा दिया

    भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद ईरान भारत की ओर जाने वाले जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराएगा। उन्होंने भारत और ईरान को पुराने मित्र बताते हुए कहा कि दोनों देशों के हित और भविष्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

    होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद पर ईरान का बयान

    वहीं भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान कभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना नहीं चाहता था। उन्होंने मौजूदा हालात के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वैश्विक नेताओं को युद्ध रोकने के लिए उन पर दबाव बनाना चाहिए, क्योंकि बढ़ती तेल कीमतों का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।

  • भारत के पास वर्तमान में पर्याप्त उर्वरक भंडार : विदेश मंत्रालय

    भारत के पास वर्तमान में पर्याप्त उर्वरक भंडार : विदेश मंत्रालय


    नई दिल्ली।
    केन्द्र सरकार ने कहा है कि भारत के पास वर्तमान में पर्याप्त उर्वरक भंडार है। शनिवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस समय भारत के पास उर्वरकों का पर्याप्त भंडार है, विशेष रूप से खरीफ 2026 के लिए। यूरिया का हमारा भंडार पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक है। डाई-अमोनियम फास्फेट(डीएपी) का भंडार पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना है। नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम (एनपीके) का भंडार भी पिछले वर्ष की तुलना में आज काफी अधिक है। यूरिया के हमारे घरेलू उत्पादन की बात करें तो, हमारा वर्तमान उत्पादन हमारी निर्धारित खपत से अधिक होगा, विशेष रूप से रबी का मौसम समाप्त होने वाला है। इसके अलावा, हमने अपने कुछ संयंत्रों के निर्धारित वार्षिक रखरखाव को समय से पहले पूरा कर लिया है, जिसका अर्थ है कि हम उपलब्ध गैस के साथ उत्पादन को अधिकतम करने में सक्षम हैं।

    पत्रकार वार्ता में रणधीर जायसवाल ने कहा कि उर्वरक विभाग ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए समय रहते वैश्विक निविदाएं जारी कर दी थीं। इन्हें बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और उम्मीद है मार्च के अंत तक विभिन्न स्रोतों से ऑर्डर की गई अधिकांश मात्रा प्राप्त हो जाएगी। उर्वरक विभाग ने प्रतिस्पर्धी आधार पर स्पॉट गैस की खरीद का भी निर्णय लिया है और पहले चरण की खरीद मंगलवार तक पूरी हो जाएगी। 15 मई तक खरीफ की मांग चरम पर पहुंचने तक उर्वरकों का पर्याप्त भंडार प्राप्त हो जाएगा। उर्वरक विभाग वैश्विक और घरेलू दोनों ही रुझानों पर सावधानीपूर्वक नजर रख रहा है और आवश्यक कदम उठा रहा है।

    ब्रिक्स के संबंध में रणधीर जायसवाल ने कहा कि कुछ सदस्य पश्चिम एशिया क्षेत्र की मौजूदा स्थिति में सीधे तौर पर शामिल हैं, जिससे चल रहे संघर्ष पर ब्रिक्स के साझा रुख पर आम सहमति बनाने में बाधा आ रही है। ब्रिक्स के अध्यक्ष के रूप में, भारत शेरपा चैनल के माध्यम से सदस्य देशों के बीच चर्चाओं को सुगम बना रहा है। पिछली वर्चुअल ब्रिक्स शेरपा बैठक 12 मार्च को आयोजित की गई थी। इसके अतिरिक्त, भारतीय नेतृत्व क्षेत्र में ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में है। भारत का यह संपर्क जारी रखेगा।

  • हॉकी : फाइनल में इंग्लैंड हराया, फिर भी भारत ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई

    हॉकी : फाइनल में इंग्लैंड हराया, फिर भी भारत ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई


    हैदराबाद।
    एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 क्वालिफायर्स के फाइनल में भारत की महिला हॉकी टीम को इंग्लैंड के हाथों 0-2 की हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस हार के बावजूद भारतीय टीम ने आगामी हॉकी वर्ल्ड कप, बेल्जियम और नीदरलैंड्स 2026 के लिए क्वालिफाई कर लिया।

    जीएमसी बालयोगी हॉकी ग्राउंड में खेले गए मैच में इंग्लैंड की ग्रेस बाल्सडॉन (13’) और एलिजाबेथ नील (43’) ने गोल किए, जबकि भारतीय टीम कोई गोल नहीं कर सकी।

    भारत ने मैच की शुरुआत आक्रामक रूप से की। नवीत कौर की मदद से पहले दो मिनट में ही भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन उनका ड्रैग फ्लिक इंग्लैंड की गोलकीपर ने रोका। पहले क्वार्टर के अंत में इंग्लैंड ने पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठाते हुए ग्रेस बाल्सडॉन ने गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई।

    दूसरे क्वार्टर में खेल समान रूप से संतुलित रहा। भारत ने पहले हाफ में आठ बार सर्कल में प्रवेश किया और इंग्लैंड की रक्षा को चुनौती दी, लेकिन गोलकीपर पर दबाव डालने में सफल नहीं रही। इंग्लैंड ने अपनी एक गोल की बढ़त को पहले हाफ के अंत तक बनाए रखा।

    तीसरे क्वार्टर में इंग्लैंड ने खेल की गति को नियंत्रित किया और गेंद पर कब्जा बनाए रखा। इस दौरान भारत को कुछ मौके मिले, लेकिन वे गोल में बदल नहीं सके। एलिजाबेथ नील का गोल भारतीय डिफेंडर से टकराने के बाद गोलपोस्ट में गया, जिससे इंग्लैंड की बढ़त 2-0 हो गई।

    चौथे क्वार्टर में भारत लगातार गोल की तलाश में आगे बढ़ता रहा और अंतिम क्षणों में पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया। लेकिन टीम गोल नहीं कर पाई और इंग्लैंड ने 2-0 की जीत दर्ज की।

    हालांकि इस हार के बावजूद भारतीय महिला टीम ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर सभी भारतीय हॉकी प्रशंसकों के लिए उत्साहजनक संदेश दिया। कोच और खिलाड़ियों ने मैच के दौरान अनुशासन और टीम वर्क का शानदार प्रदर्शन किया।

  • अकेले घूमने वाली महिलाओं के लिए ये देश हैं सबसे ज्यादा सेफ… भारत टॉप 100 में भी नहीं

    अकेले घूमने वाली महिलाओं के लिए ये देश हैं सबसे ज्यादा सेफ… भारत टॉप 100 में भी नहीं


    नई दिल्ली।
    दुनिया भर में महिलाओं (Women) के बीच अकेले यात्रा करना बहुत लोकप्रिय हो गया है लेकिन किसी जगह को चुनते समय सुरक्षा (Security) सबसे बड़ी चिंता होती है. हाल ही में एक लिस्ट जारी हुई है जिसमें बताया गया है कि महिलाओं की सुरक्षा (Women’s Safety) के मामले में नॉर्डिक (Nordic) और पश्चिमी देश (Western countries) सबसे ऊपर है. यानी ये देश सोलो ट्रैवल करने वाली महिलाओं के लिए सबसे सेफ हैं. जबकि इस लिस्ट में भारत टॉप 100 देशों में भी शामिल नहीं है।

    अमेरिका के जॉर्जटाउन इंस्टीट्यूट फॉर वुमन, पीस एंड सिक्योरिटी ने पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ओस्लो के साथ मिलकर दि वीमेन, पीस एंड सिक्योरिटी (WPS) द वुमन, पीस एंड सिक्योरिटी (WPS) इंडेक्स 2025-26 पब्लिश किया है. यह इंडेक्स 181 देशों को तीन मुख्य पैमानों के आधार पर रैंक करता है।

    2025-26 के WPS इंडेक्स के अनुसार, नॉर्डिक और पश्चिमी यूरोपीय देश इस रैंकिंग में सबसे ऊपर हैं जहां लैंगिक भेदभाव वाली नीतियों की कमी, समाज में महिलाओं की सुरक्षा ज्यादा और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कम मामले दर्ज किए गए हैं. इस लिस्ट में भारत 131वें स्थान पर रहा और वो टॉप 100 में भी जगह नहीं बना सकता है।


    1. डेनमार्क

    डेनमार्क महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित देश के तौर पर वैश्विक रैंकिंग में सबसे ऊपर है. यह देश सुरक्षा, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मामले में बहुत अच्छा स्कोर करता है. यहां के सरकारी संस्थानों और कानूनों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं जो इसे अकेले ट्रैवल करने वाली महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित देश बनाता है.


    2. नॉर्वे

    नॉर्वे लगातार लैंगिक समानता और सुरक्षा के मामले में सबसे अच्छे देशों में से एक रहा है. अच्छी व्यवस्था, भेदभाव के खिलाफ मजबूत नीतियां और सार्वजनिक सुरक्षा की भावना WPS इंडेक्स में इसकी हाई रैंकिंग में योगदान देती हैं.


    3. आइसलैंड

    आइसलैंड अपनी प्रगतिशील लैंगिक समानता वाली नीतियों और वर्कप्लेस पर महिलाओं की भागीदारी के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है. देश में अपराध के कम मामले और मजबूत कानून इसे अकेले घूमने वाली महिलाओं के लिए एक आरामदायक जगह बनाता है।


    4. स्वीडन

    स्वीडन में लैंगिक समानता और पीड़ितों को न्याय दिलाने वाली मजबूत कानूनी प्रणाली पर विशेष जोर दिया जाता है जो इसे वैश्विक सुरक्षा इंडेक्स में शीर्ष स्थान पर बनाए रखने में मदद करता है. यहां का सार्वजनिक बुनियादी ढांचा बहुत विकसित है और यहां की संस्कृति सुरक्षा के साथ-साथ सभी को साथ लेकर चलने यानी समावेश को प्राथमिकता देती है जिससे महिलाओं और नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर वातावरण सुनिश्चित होता है.


    5. फिनलैंड

    फिनलैंड शिक्षा, सामाजिक समानता और सुरक्षा संकेतकों के मामले में बहुत अच्छा प्रदर्शन करता है. साक्षरता के मामले में ऊपर, महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और मजबूत कानूनी सुरक्षा इसे महिला यात्रियों के लिए एक सुरक्षित और स्वागत योग्य जगह के तौर पर इसकी प्रतिष्ठा में योगदान देती हैं.

    इसके अलावा लक्जमबर्ग बेल्जियम नीदरलैंड्स ऑस्ट्रिया, न्यूजीलैंड टॉप 10 देशों में बाकी स्थानों पर हैं।

  • ईरान ने भारत से बुलाए 180 नौसैनिक, कोच्चि से उड़ान भरेंगे; अमेरिकी हमले में मृतकों के शव भी लौटाए जा रहे

    ईरान ने भारत से बुलाए 180 नौसैनिक, कोच्चि से उड़ान भरेंगे; अमेरिकी हमले में मृतकों के शव भी लौटाए जा रहे



    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत ने एक संवेदनशील कूटनीतिक मिशन अंजाम दिया है। ईरान ने अपने युद्धपोत IRIS Lavan के लगभग 180 गैर-जरूरी नौसैनिकों को भारत के कोच्चि से स्वदेश लौटाने की विशेष व्यवस्था की है। साथ ही, श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी हमले में मारे गए नौसैनिकों के शव भी भारत के माध्यम से ईरान भेजे जा रहे हैं।

    सूत्रों के अनुसार, जहाज को 1 मार्च को तकनीकी खराबी के चलते आपातकालीन डॉकिंग की अनुमति मिली थी और यह 4 मार्च से कोच्चि में खड़ा है। जहाज पर कुल 183 चालक दल मौजूद थे, जिन्हें भारतीय नौसेना की सुविधाओं में रखा गया था। अब 180 गैर-जरूरी नाविकों को तुर्की एयरलाइन की उड़ान से पहले आर्मेनिया ले जाया जाएगा, और वहां से सड़क मार्ग के जरिए ईरान भेजा जाएगा। जबकि कुछ तकनीकी और आवश्यक कर्मचारी जहाज पर ही रहेंगे।

    यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर हमला किया था। इस हमले में कुल 130 नाविक सवार थे, जिनमें से 32 को बचा लिया गया, जबकि दर्जनों अभी भी लापता हैं।

    भारत इस समय गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। देश में रसोई गैस की कमी और जनजीवन पर असर पड़ रहा है। ऐसे में भारत ने अपने बंदरगाहों पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान के साथ लगातार कूटनीतिक संपर्क बनाए रखा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी समकक्ष अब्बास अरागची से चार बार फोन पर बातचीत कर सुरक्षा और ऊर्जा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की।

    भारतीय नौसेना ने ईरान की विशेष परिवहन मांग को पूरा किया। कोच्चि से उड़ान भरने वाले नौसैनिक और शवों की सुरक्षित हवाई व सड़क मार्ग से वापसी क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत-ईरान कूटनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही है। यह मिशन मध्य पूर्व युद्ध और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव के बीच बेहद संवेदनशील और रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

  • एफआईएच हॉकी विश्व कप क्वालीफायर 2026: भारत ने सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराया, फाइनल में इंग्लैंड से भिड़ंत

    एफआईएच हॉकी विश्व कप क्वालीफायर 2026: भारत ने सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराया, फाइनल में इंग्लैंड से भिड़ंत


    हैदराबाद।
    भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एफआईएच हॉकी विश्व कप क्वालीफायर 2026 के सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। हैदराबाद के जी. एम. सी. बालयोगी हॉकी ग्राउंड (गाचीबौली हॉकी कॉम्प्लेक्स) में खेले गए मुकाबले में मनीषा चौहान ने 40वें मिनट में निर्णायक गोल दागकर भारत को जीत दिलाई। अब फाइनल में भारत का सामना इंग्लैंड से होगा।

    मुकाबले के पहले क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और गेंद का नियंत्रण लगातार बदलता रहा। भारत ने शुरुआती मिनटों में कुछ अच्छे सर्किल एंट्री बनाए, लेकिन इटली ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए गोल पर कुछ अच्छे मौके तैयार किए।

    दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने खेल पर पकड़ बनानी शुरू की। मेजबान टीम ने फ्लैंकों का उपयोग करते हुए लगातार हमले किए और महत्वपूर्ण सर्किल एंट्री बनाई। 18वें मिनट में भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन नवनीत कौर का शॉट इटली की गोलकीपर लूसिया इनेस कारुसो ने बेहतरीन तरीके से रोक दिया।

    27वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसमें टीम ने दिलचस्प वेरिएशन खेला। गेंद वापस इंजेक्टर और कप्तान सलीमा टेटे के पास पहुंची, लेकिन उनका शॉट इटली के अंतिम डिफेंडर ने गोल लाइन पर ही रोक दिया। 29वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इस बार नवनीत कौर का शॉट निशाने से चूक गया।

    तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में इटली ने तेज हमला बोला। एमिलिया मुनिटिस गोल के करीब पहुंच गई थीं, लेकिन भारतीय गोलकीपर बिचु देवी खारीबाम ने आगे बढ़कर शानदार बचाव किया। 40वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार टीम ने मौका भुनाया। मनीषा चौहान ने दमदार ड्रैगफ्लिक लगाते हुए गेंद को सीधे गोल में पहुंचाकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी।

    अंतिम क्वार्टर में भारत ने बढ़त बढ़ाने के लिए लगातार दबाव बनाया और दो शुरुआती पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन इटली की रक्षापंक्ति मजबूती से डटी रही। मैच के 59वें मिनट में इटली को अहम पेनल्टी कॉर्नर मिला, मगर भारतीय टीम ने उसे गोल में तब्दील नहीं होने दिया और 1-0 से जीत दर्ज की।

    अब भारतीय टीम 14 मार्च को शाम 7:30 बजे होने वाले फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड का सामना करेगी।

  • आजादी के अमृतकाल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है भारत : ज्योतिरादित्य सिंधिया

    आजादी के अमृतकाल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है भारत : ज्योतिरादित्य सिंधिया


    ग्वालियर।
    केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प लिया है और भारत अब आजादी के अमृतकाल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया शुक्रवार को ग्वालियर जिले में घाटीगांव के समीप स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भितरवार को माता शबरी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है। मध्य प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। लाडली बहनों को आज योजना की 34वीं किश्त सीधे बैंक खाते में मिल रही है।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि बहनों के आर्थिक सशक्तीकरण के बगैर विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता है। इसीलिए मध्य प्रदेश में लाडली लक्ष्मी योजना, लाडली बहना योजना की शुरुआत की गई है। प्रदेश की लाडली बहनों को आगामी वर्षों में प्रति माह 3000 रुपये तक दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत गरीब एवं जरूरतमंद परिवार की बेटियों का निशुल्क विवाह कराया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की 10 करोड़ बहनों के घरों में रसोई गैस सिलेंडर पहुंचाया हैं। भितरवार की जनता को शिक्षा, सड़क एवं रेललाइन की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमेशा विकास कार्यों की सौगातें देकर आते हैं। उन्होंने आज लाडली बहना योजना की राशि करने के साथ-साथ इस क्षेत्र को लगभग 122 करोड़ रुपये की सौगातें दी हैं।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1.25 करोड़ बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की 34वीं किस्त के रूप में 1836 करोड़ रुपये अंतरित किए। कार्यक्रम में ग्वालियर जिले को 122 करोड़ रुपये के 54 विकास कार्यों की सौगात दी गई। मुख्यमंत्री ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।


    सरकार ने जो कहा, उसे करके दिखाया हैः सिलावट

    जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी सरकार ने जो कहा, वह करके दिखाया है। आज लाडली बहनों के खाते में 1500 रुपये भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव और केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने ग्वालियर अंचल के विकास में कोई कसर नहीं रखी है। अब प्रदेश के अन्नदाता को समृद्ध बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प लिया है। प्रदेश में बीते दो साल के अंदर ही लगभग 7.5 लाख हेक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ा है। प्रदेश में वर्ष 2029 तक 100 लाख हैक्टेयर भूमि संचित होगी। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में केन बेतवा नदी लिंक परियोजना और पार्वती कालीसिंध चंबल योजना का काम तेजी से चल रहा है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय भितरवार विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी संबोधित किया।


    महिला सशक्तीकरण की नई इबारत लिखने जा रहीं महिलाओं को मिली आर्थिक सहायता

    ग्वालियर जिले के अंतर्गत शबरी माता मंदिर परिसर में लाड़ली बहना योजना की राशि अंतरण के लिए आयोजित भव्य समारोह में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर महिला सशक्तीकरण की नई इबारत लिखने जा रहीं महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ वितरित किए गए। साथ ही सामुदायिक भवन अधिकार के लिये सहरिया जनजाति की वन अधिकार समिति को वन अधिकार पत्र सौंपा गया। यह अधिकार पत्र मिल जाने से आरोन तिराहा घाटीगांव स्थित शबरी माता देव स्थान को धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

    इस अवसर पर लाड़ली बहनों द्वारा स्वयं तैयार की गई शॉल ओढ़ाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। साथ ही स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने हस्तशिल्प उत्पादों की टोकरी भी मुख्यमंत्री को सौंपी।


    इन कार्यों का हुआ भूमिपूजन व लोकार्पण

    कार्यक्रम में शबरी माता परिसर में लाड़ली बहना योजना के तहत आयोजित हुए भव्य समारोह के माध्यम से ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया। इनमें लगभग 62 करोड़ के 19 कार्यों का लोकार्पण व लगभग 60 करोड़ रुपये लागत के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

  • माइकल वॉन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सबसे बड़ी चूक का किया खुलासा, कहा- साउथ अफ्रीका ने भारत को बाहर करने का मौका गंवाया

    माइकल वॉन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सबसे बड़ी चूक का किया खुलासा, कहा- साउथ अफ्रीका ने भारत को बाहर करने का मौका गंवाया


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने इतिहास रचते हुए लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ भारत बैक-टू-बैक दो और कुल तीन टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बन गया। हालांकि टूर्नामेंट में भारत को एकमात्र हार सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ झेलनी पड़ी थी।

    इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मौजूदा क्रिकेट एक्सपर्ट माइकल वॉन ने इस हार और टूर्नामेंट के दौरान साउथ अफ्रीका की रणनीति पर अपनी राय रखी। वॉन ने साउथ अफ्रीका को टी20 वर्ल्ड कप 2026 की “सबसे बेवकूफ टीम” करार दिया। उनका कहना है कि सुपर-8 में भारत को हराने के बाद साउथ अफ्रीका के पास भारत को टूर्नामेंट से बाहर करने का सुनहरा मौका था, लेकिन उन्होंने इसे गंवा दिया।

    माइकल वॉन ने ‘Stick to Cricket’ पॉडकास्ट में बताया कि साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को सुपर-8 में हराने नहीं दिया, जबकि अगर ऐसा होता तो भारत की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो जाती। वॉन ने कहा, “अगर साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को रास्ता दे दिया होता, तो भारत बाहर हो जाता और उनका विजय रथ रुक जाता। उन्होंने अपने कुछ खिलाड़ियों को आराम भी दिया, जिससे भारत का रास्ता आसान हो गया।”

    साउथ अफ्रीका की यह चूक भारत के लिए सौभाग्य साबित हुई। भारत ने इसके बाद लगातार जीत दर्ज की और जिम्बाब्वे, वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचा। इस प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ट्रॉफी जीतकर अपने अभियान को यादगार बना दिया।

    वॉन की टिप्पणी ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्रिकेट में मौके गंवाना भारी पड़ सकता है, और किसी भी मजबूत टीम को शुरुआती दौर में कमजोर करना रणनीतिक तौर पर कितना अहम हो सकता है। इस बार भारत के लिए साउथ अफ्रीका की चूक ही जीत का बड़ा कारण रही।

  • देश की खुदरा महंगाई दर फरवरी में बढ़कर 3.2 फीसदी के स्तर पर आई

    देश की खुदरा महंगाई दर फरवरी में बढ़कर 3.2 फीसदी के स्तर पर आई


    नई दिल्ली।
    फरवरी महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.21 फीसदी पर पहुंच गई है, जबकि जनवरी महीने में यह 2.74 फीसदी के स्तर पर रही थी। महंगाई के यह आंकड़े आधार वर्ष 2024 वाली नई श्रृंखला पर आधारित हैं।फरवरी महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.21 फीसदी पर पहुंच गई है, जबकि जनवरी महीने में यह 2.74 फीसदी के स्तर पर रही थी। महंगाई के यह आंकड़े आधार वर्ष 2024 वाली नई श्रृंखला पर आधारित हैं।

    सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से जारी आंकड़ों में बताया कि खुदरा महंगाई दर में यह वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य, पेय पदार्थ, और ईंधन की कीमतों में तेजी के कारण आई है, जो 2024 आधार वर्ष वाली नई श्रृंखला के तहत दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार फरवरी में ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 3.37 फीसदी रही है, जो कि जनवरी महीने में 2.73 फीसदी थी। शहरी इलाकों में फरवरी में खुदरा महंगाई दर 3.02 फीसदी रही, जो कि शहरी इलाकों में 2.75 फीसदी रही थी।

    एनएसओ के मुताबिक खाद्य महंगाई दर फरवरी में 3.47 फीसदी रही है। इस दौरान ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 3.46 फीसदी और शहरी इलाकों में 3.48 फीसदी रही है। मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों (सब्जियों, मांस, मछली, अंडे) की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण महंगाई में यह उछाल आया है। यह दर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की 2-6 फीसदी की लक्षित सीमा के भीतर है।