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  • भारत के टी-20 विश्व कप चैंपियन बनने पर मध्य प्रदेश में मना जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी

    भारत के टी-20 विश्व कप चैंपियन बनने पर मध्य प्रदेश में मना जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी


    भोपाल।
    भारतीय क्रिकेट टीम के टी-20 विश्व कप चैंपियन बनने के बाद मध्य प्रदेश में जश्न का माहौल है। राजधानी भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के सभी बड़े शहरों में जमकर आतिशबाजी की जा रही है और लोग सड़कों पर तिरंगा लेकर भारत-माता की जय के नारे लगाते हुए जगह-जगह डांस करते नजर आ रहे हैं।

    रविवार की रात अहमदाबाद में खेले गए टी-20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराया। इसके बाद भी भारतीय टीम लगातार दो बार टी–20 विश्व कप जीतने वाली टीम बनी। पहली बार किसी मेजबान टीम ने टी–20 विश्वकप जीता है। भारत ने तीसरी बार टी–20 विश्व कप जीता है।

    भारत के मैच जीतते ही मध्य प्रदेश में जश्न का माहौल देखने को मिला। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत कई शहरों में लोग तिरंगा लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। क्रिकेट प्रेमी आतिशबाजी क रहे हैं। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मना रहे हैं। कई जगहों पर लोग डीजे और ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते नजर आ रहे हैं।

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के राजवाड़ा पर जश्न मनाने पहुंचे हैं। वे अपनी कार की छत पर बैठकर तिरंगा लहरा रहे हैं। इस बीच, भारत की जीत पर बागेश्वर धाम के महंत कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जुनून और रणनीति के आगे पनौती कुछ भी नहीं।


    मुख्यमंत्री ने भारतीय क्रिकेट टीम और राष्ट्रवासियों को बधाई

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट मुकाबला जीतने पर भारतीय क्रिकेट टीम और राष्ट्रवासियों को बधाई दी है। उन्होंने मैच देखने के बाद मैच के विजयी क्षण में उल्लास व्यक्त करते हुए कहा कि भारत इस विजय का हकदार था।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय क्रिकेटर सर्वश्रेष्ठ थे और सर्वश्रेष्ठ हैं। वे वर्ल्ड चैम्पियन की तरह ही खेले, एक बार फिर यह सिद्ध हो गया है कि अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्र प्रेम के भाव के साथ खेलते हुए खिलाड़ी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल होते हैं। वर्ष 2024 में लगभग 2 वर्ष पूर्व भी भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हरा कर वर्ल्ड कप जीता था। आज न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने क्रिकेट के इतिहास में पुनः गौरवशाली अध्याय जोड़ दिया है। यह बहुत हर्ष और गर्व का क्षण है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में दर्शकों ने भी जिस राष्ट्र प्रेम का परिचय दिया और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन किया है वह बेमिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं को भी श्रेष्ठ खिलाड़ियों के चयन के लिए हार्दिक बधाई दी है। डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार, अभिषेक शर्मा, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंडया, अर्शदीप, किशन, संजय सैमसन और टीम के सभी खिलाड़ियों ने अच्छे खेल के साथ सूझबूझ का परिचय दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्रिकेट सहित सभी खेलों और खिलाड़ियों का हौसला निरंतर बढ़ाया है। भारत के जांबाज, प्रतिभाशाली और राष्ट्र का मान बढ़ाने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों को पूरा राष्ट्र बधाई दे रहा है।


    ग्वालियर में जगमगाया शहर, होली पर दिखा दिवाली जैसा माहौल

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद ग्वालियर में भी जबरदस्त जश्न देखने को मिल रहा है। शहर के कई इलाकों में क्रिकेट प्रेमी सड़कों पर उतर आए हैं और जोरदार आतिशबाजी के साथ जीत का उत्सव मना रहे हैं। रंग और खुशी के इस माहौल में होली के बीच दिवाली जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। लोग एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं, तिरंगा लहरा रहे हैं और “भारत माता की जय” के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज रहा है।


    इटारसी में जश्न, सड़कों पर उतरे लोग, जमकर की आतिशबाजी

    भारत की टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में ऐतिहासिक जीत के साथ ही इटारसी शहर जश्न में डूब गया। जैसे ही मैच की आखिरी गेंद पर भारत की जीत तय हुई, पूरे शहर में “चक दे इंडिया” और “भारत माता की जय” के नारों की गूंज सुनाई देने लगी। क्रिकेट प्रेमी सड़कों पर उतर आए और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। कई जगहों पर आतिशबाजी की गई और लोगों ने तिरंगा लहराते हुए टीम इंडिया की जीत का जश्न मनाया। शहर में ऐसा माहौल बना मानो दिवाली समय से पहले ही मनाई जा रही हो।


    धार में कार में बैंड बजाकर चलती गाड़ी में युवाओं ने किया डांस

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद धार जिले के धामनोद में भी जश्न का माहौल बना हुआ है। क्रिकेट प्रेमी सड़कों पर उतरकर टीम इंडिया की जीत का उत्सव मना रहे हैं। यहां युवाओं ने कार में बैंड बजाकर जश्न मनाया। चलती कार में ही युवाओं ने डांस करते हुए तिरंगा लहराया और भारत माता के जयकारे लगाए। ढोल-बैंड और आतिशबाजी के साथ धामनोद में देर रात तक जीत का जश्न जारी है और लोग टीम इंडिया की इस ऐतिहासिक जीत पर खुशी जाहिर कर रहे हैं।


    इंदौर के राजवाड़ा पर थिरके मंत्री विजयवर्गीय, लोगों के साथ मनाया जश्न

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद इंदौर के राजवाड़ा पर जश्न का माहौल बना हुआ है। यहां बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी एकत्रित होकर ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते हुए जीत का उत्सव मना रहे हैं। इस दौरान मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी राजवाड़ा पहुंचे। लोगों के साथ जश्न में शामिल हुए। मंत्री विजयवर्गीय ढोल की थाप पर जमकर थिरकते नजर आए।

    मैच खत्म होने से पहले ही राजवाड़ा पर भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। जैसे ही न्यूजीलैंड टीम के आखिरी बल्लेबाज़ का विकेट गिरा और जीत भारत के नाम हुई, वैसे ही शहर कुछ देर के लिए आतिशबाजी और पटाखों की गूंज से गूंज उठा। क्रिकेट प्रेमी टीवी स्क्रीन छोड़कर अपनी गाड़ियों से राजवाड़ा की ओर निकल पड़े। राजवाड़ा पर क्रिकेट दीवानों की भीड़ इकट्ठा हो गई। रंग-गुलाल, पटाखों के बीच ढोलकों की थाप पर क्रिकेट प्रेमी तिरंगे के साथ नाचे। भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से पूरा राजवाड़ा गूंज रहा था।

    राजवाड़ा से जुड़ी गलियों में भीड़ ही भीड़ थी। भीड़ ज्यादा बढ़ी तो लोग अपनी गाड़ियां इधर-उधर रखकर राजवाड़ा पहुंचे। कोई अपनी कार की छत पर बैठकर नारे लगा रहा था तो कोई दोस्तों के कंधे पर बैठकर नाच रहा था। बड़ा ही अद्भुत नजारा था राजवाड़ा का। करीब एक घंटे तक राजवाड़ा भारतीय जीत के उल्लास का केंद्र बना रहा। भीड़ में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां शामिल हुए। कई परिवार अपने बच्चों के साथ तिरंगा हाथ में लिए जश्न मनाने पहुंचे। लोग नाचते-गाते अपनी खुशियां प्रकट कर रहे थे। कुछ देर बाद चौक पर मौजूद भीड़ को पुलिसकर्मियों ने शांतिपूर्वक अपने-अपने घरों की ओर लौटने के लिए कहा।


    धीरेंद्र शास्त्री बोले- जुनून के आगे ‘पनौती’ कुछ भी नहीं

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने टीम इंडिया को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह जीत खिलाड़ियों की शानदार रणनीति, कड़े परिश्रम और अटूट जुनून का परिणाम है। बागेश्वर महाराज ने ‘पनौती’ जैसे शब्दों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कोई भी दिन, मैदान या खिलाड़ी अशुभ नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब सही रणनीति, दृढ़ संकल्प और भगवान की कृपा साथ हो, तो हर चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने इस जीत को पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बताया और सभी क्रिकेट प्रेमियों को शुभकामनाएं दीं। उनके अनुसार टीम इंडिया की इस जीत ने पूरे देश में उत्साह और गौरव का माहौल बना दिया है।

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के बाद छिंदवाड़ा में भी जश्न का माहौल बना हुआ है। शहर में क्रिकेट प्रेमी अलग-अलग अंदाज में टीम इंडिया की जीत का उत्सव मना रहे हैं। इसी दौरान कुछ युवाओं ने ट्रक के हॉर्न की आवाज को ही धुन बनाकर सड़क पर डांस करना शुरू कर दिया। ट्रक के लगातार बजते हॉर्न के बीच युवा झूमते नजर आए और आसपास मौजूद लोग भी इस अनोखे जश्न का आनंद लेते दिखाई दिए। पूरे इलाके में भारत की जीत को लेकर उत्साह का माहौल बना हुआ है।

    भोपाल में भारतीय टीम की शानदार जीत के बाद शहर में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में महाकाल भक्त मंडल ने भारत की जीत की खुशी में जोरदार जश्न मनाया। कार्यक्रम के दौरान ढोल-नगाड़ों की धुन, रंग-गुलाल और आतिशबाजी के बीच माहौल होली और दीपावली जैसा नजर आया। महाकाल भक्त मंडल के विवेक साहू ने बताया कि भारतीय टीम की जीत पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। इस खुशी में लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस दौरान “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयकारों से पूरा माहौल गूंज उठा।

    टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के विश्वविजेता बनने के बाद धार जिले के बाग में भी जश्न का माहौल देखने को मिला। टीम इंडिया की जीत की खुशी में महिलाएं सड़क पर उतर आईं और जोरदार तरीके से जश्न मनाया। इस दौरान महिलाओं ने तिरंगा झंडा लहराते हुए भारत माता के जयकारे लगाए और एक-दूसरे को जीत की बधाई दी। पूरे इलाके में खुशी और उत्साह का माहौल बना रहा।

  • भारत बना टी20 विश्व कप चैंपियन, न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार जीता खिताब

    भारत बना टी20 विश्व कप चैंपियन, न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार जीता खिताब


    अहमदाबाद।
    भारतीय क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप का खिताब तीसरी बार अपने नाम किया। अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। भारतीय क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप का खिताब तीसरी बार अपने नाम किया। अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। इसके साथ ही भारत लगातार दो बार टी20 विश्व कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गया। जसप्रीत बुमराह को उनके शानदार गेंदबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।

    फाइनल में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक प्रदर्शन करते हुए 20 ओवर में 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। भारत की ओर से संजू सैमसन ने 89 रन की शानदार पारी खेली, जो टी20 विश्व कप फाइनल में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर रहा। वहीं ईशान किशन ने 54 और अभिषेक शर्मा ने 52 रन का योगदान दिया। आखिर के ओवरों में शिवम दुबे ने 08 गेंदों पर 26 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकी। ओपनर बैट्समैन टिम सीफर्ट ने 52 और कप्तान मिचेल सैंटनर ने 43 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ा योगदान नहीं दे सके। पूरी कीवी टीम 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई।

    भारत की ओर से गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 15 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल ने 3 ओवर में 27 रन खर्च कर 3 विकेट हासिल किए। इस जीत के साथ भारत पहली ऐसी मेजबान टीम बन गया जिसने अपने घर में टी20 विश्व कप का खिताब जीता। साथ ही तीन बार टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बन गई।

  • IND vs NZ: टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल अहमदाबाद में, धोनी पहुंचे स्टेडियम

    IND vs NZ: टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल अहमदाबाद में, धोनी पहुंचे स्टेडियम


    नई दिल्ली। टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल डिफेंडिंग चैंपियन भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज शाम 7 बजे अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। टॉस शाम 6:30 बजे होगा। स्टेडियम के बाहर फैंस का उत्साह देखने लायक है। यहां तक कि भारत को सपोर्ट करने जर्मनी से एक फैन भी आया है।

    पूर्व कप्तान एमएस धोनी, भारतीय कोच गौतम गंभीर की पत्नी नताशा और उनकी बेटियां भी फाइनल देखने के लिए अहमदाबाद पहुंच चुकी हैं। वहीं, उज्जैन के महाकाल मंदिर में भारतीय टीम की जीत के लिए प्रार्थना की गई।

    भारत और न्यूजीलैंड पहली बार टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में आमने-सामने हैं। भारत 2 बार की चैंपियन है और चौथी बार फाइनल में है, जबकि न्यूजीलैंड दूसरी बार फाइनल खेल रही है और पहली ट्रॉफी की तलाश में है। 2021 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खिताबी मुकाबला हार का सामना करना पड़ा था।

    टी-20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड में भारत का पलड़ा भारी है। दोनों टीमों ने अब तक 30 टी-20 इंटरनेशनल खेले हैं, जिनमें भारत ने 18 और न्यूजीलैंड ने 11 मैच जीते हैं, जबकि एक मैच टाई रहा। सुपर ओवर में भारत ने 2 मैच अपने नाम किए। घरेलू मैदान पर भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 16 में से 11 मुकाबले जीते हैं।

    जनवरी में न्यूजीलैंड की टीम भारत दौरे पर आई थी, जहां 5 मैचों की टी-20 सीरीज खेली गई। भारत ने 4-1 से जीत दर्ज की थी। इस सीरीज में कुल 6 बार 200+ का स्कोर बना और अंतिम मैच में भारत ने 271 रन बनाए थे।

    भारत के पास फाइनल में तीन बड़े रिकॉर्ड बनाने का मौका है – तीसरा खिताब जीतने वाला पहला देश बनने का, लगातार दूसरी ट्रॉफी जीतने वाला पहला देश बनने का, और होमग्राउंड पर टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बनने का।

    वर्तमान वर्ल्ड कप में भारत के लिए ईशान किशन सबसे बड़े रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 8 मैचों में 263 रन बनाए हैं, जिसमें 2 अर्धशतक शामिल हैं। उनके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव हैं, जिन्होंने 242 रन बनाए। गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती 8 मैचों में 13 विकेट लेकर टीम के टॉप प्रदर्शनकारियों में हैं।

    न्यूजीलैंड के लिए फिन एलन 8 मैचों में 289 रन के साथ टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 100 रन का शतक बनाया। वहीं, रचिन रवींद्र ने 8 मैचों में 11 विकेट लिए हैं।

    फाइनल मैच बैटिंग फ्रेंडली पिच पर खेला जाएगा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फ्रेश पिच का उपयोग होगा। काली और लाल मिट्टी को मिलाकर बनाई गई इस पिच में कम स्पिन लेकिन ज्यादा बाउंस और पेस देखने को मिलेगा। इस मैदान पर पहले बैटिंग करने वाली टीमों ने 14 टी-20 मैचों में 8 बार जीत दर्ज की है, जबकि चेज करने वाली टीमों ने 5 बार जीत हासिल की है। सबसे बड़ा स्कोर 234 रन है, जो भारत ने 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था।

    इस वर्ल्ड कप में अहमदाबाद में अब तक 6 मैच खेले गए। भारत ने 2 मैच खेले हैं – ग्रुप स्टेज में नीदरलैंड पर जीत और सुपर-8 में साउथ अफ्रीका से हार। न्यूजीलैंड ने यहां दो मैच खेले हैं और दोनों हारे हैं। 2023 में यहां भारत और न्यूजीलैंड का एक मैच हुआ था, जिसमें भारत ने 168 रन से जीत हासिल की थी।

    फाइनल देखने के लिए पूर्व कप्तान एमएस धोनी, रोहित शर्मा और कई क्रिकेट दिग्गज स्टेडियम में मौजूद रहेंगे। ICC चेयरमैन जय शाह भी मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद रहेंगे।

    अहमदाबाद में आज बारिश की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है और रात में 23 डिग्री के आसपास रहेगा। ICC ने फाइनल के लिए रिजर्व डे भी रखा है। यदि किसी कारण मैच पूरा नहीं हो पाया तो 9 मार्च को रिजर्व डे पर मुकाबला खेला जाएगा। रिजर्व डे पर भी मैच न हो सका तो ट्रॉफी दोनों टीमों में साझा होगी।

    संभावित प्लेइंग-11:

    भारत: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती

    न्यूजीलैंड: फिन एलन, टिम साइफर्ट (विकेटकीपर), रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चापमन, डेरिल मिचेल, मिचेल सैंटनर (कप्तान), कोल मैकॉन्ची, मैट हेनरी, जिमी नीशम, लॉकी फर्ग्यूसन

    अंपायरिंग टीम: रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ ऑन-फील्ड, अल्लाहुद्दीन पालेकर थर्ड अंपायर, एड्रियन होलस्टोक चौथा अंपायर, एंडी पाइक्रॉफ्ट मैच रेफरी।

    मैच लाइव देखें: स्टार स्पोर्ट्स और जियोहॉटस्टार ऐप पर। दैनिक भास्कर ऐप पर भी लाइव कवरेज उपलब्ध है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दी मातृशक्ति को हार्दिक बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दी मातृशक्ति को हार्दिक बधाई


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं की समाज देश और परिवार में भूमिका को सराहा और कहा कि महिलाएं हर चुनौती का सामना साहस और धैर्य के साथ करती हैं। उन्होंने मातृशक्ति के योगदान को अद्भुत बताते हुए कहा कि देश की प्रगति समाज की मजबूती और परिवार की खुशहाली में महिलाओं का योगदान अनमोल है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि आज की महिलाएं शिक्षा स्वास्थ्य खेल कला विज्ञान और प्रशासन सभी क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। महिलाएं केवल घर या पारिवारिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रह गई हैं बल्कि हर क्षेत्र में अपनी क्षमताओं और प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं के प्रयासों और संघर्षों को नमन किया जाना चाहिए क्योंकि उनके बिना समाज का संतुलन अधूरा है।

    डॉ. यादव ने यह भी कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिला स्वास्थ्य शिक्षा सुरक्षा रोजगार और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि महिलाएं इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने जीवन को और अधिक सशक्त और स्वतंत्र बनाएंगी।

    मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे हर चुनौती को अवसर में बदलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभाएं और नई मिसाल कायम करें। उन्होंने कहा कि महिला दिवस केवल समारोह या एक दिन की प्रतिबद्धता नहीं है बल्कि यह महिलाओं के सम्मान उनके अधिकारों और उनके योगदान की सराहना का दिन है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करें और उनके विकास में सहयोग दें।

    डॉ. यादव ने अपने संदेश में विशेष रूप से महिलाओं की बहुआयामी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की रीढ़ होती हैं समाज की दिशा निर्धारित करती हैं और राष्ट्र की शक्ति का आधार होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं का हर क्षेत्र में योगदान प्रेरणादायक है और हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके प्रयासों को उचित मान्यता और सम्मान मिले।

    अंत में मुख्यमंत्री ने सभी माताओं बहनों बेटियों और महिलाओं को एक बार फिर से शत-शत नमन करते हुए उनकी उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मेरी मंगलकामनाएं हैं कि महिलाएं हर क्षेत्र में सफल हों नए प्रतिमान गढ़ें और समाज को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ।

  • IRIS Dena के डूबने से पूर्व भारत ने दूसरे ईरानी जहाज को दी शरण… कोच्चि में 183 क्रू मेंबर्स के ठहरने की व्यवस्था की

    IRIS Dena के डूबने से पूर्व भारत ने दूसरे ईरानी जहाज को दी शरण… कोच्चि में 183 क्रू मेंबर्स के ठहरने की व्यवस्था की


    कोच्चि।
    हिंद महासागर (Indian Ocean) में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. श्रीलंका के पास एक ईरानी जंगी जहाज (Iranian Warship) के डूबने से कुछ दिन पहले ईरान ने भारत से अपने दूसरे नौसेना के जहाज (Naval Ships) को कोच्चि में तुरंत डॉकिंग (Immediate Docking ) की अनुमति देने का अनुरोध किया था. सूत्रों के अनुसार भारत ने इस अनुरोध को मंजूरी दे दी और जहाज के 183 क्रू मेंबर्स के ठहरने की व्यवस्था भी की है।

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ईरानी जहाज IRIS लवन में गंभीर तकनीकी दिक्कतें आ गई थीं. ईरान की ओर से किए गए अनुरोध के बाद 1 मार्च को उसे इमरजेंसी डॉकिंग की अनुमति दे दी गई. बताया जाता है कि ईरानी युद्धपोत IRIS डेना को श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी सबमरीन द्वारा टॉरपीडो से डुबोए जाने से कुछ दिन पहले ही ईरान ने भारत से संपर्क किया था।

    IRIS डेना भारत द्वारा आयोजित मिलान मल्टीलेटरल नेवल एक्सरसाइज में हिस्सा लेने के बाद अपने देश लौट रहा था. इस हमले में कम से कम 87 ईरानी नाविकों के मारे जाने की सूचना है. फिलहाल दक्षिण भारत के कोच्चि में नौसेना की सुविधाओं में ईरानी नौसेना के क्रू मेंबर्स ठहराए गए हैं. उनके जहाज की तकनीकी जांच की जा रही है. जहाज को समय रहते सुरक्षित ठिकाना मिल गया।

    हालांकि, उसका सिस्टर शिप इतनी किस्मत वाला नहीं रहा. IRIS डेना हिंद महासागर में अमेरिकी सबमरीन द्वारा दागे गए टॉरपीडो की चपेट में आकर डूब गया. इस घटना ने क्षेत्र में पहले से बढ़े तनाव को और तेज कर दिया है. यह टकराव ऐसे समय में हुआ है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है और दोनों पक्षों की ओर से हमले जारी हैं.

    सूत्रों के मुताबिक, यह घटना 4 मार्च को श्रीलंका के गाले बंदरगाह के दक्षिण में करीब 40 नॉटिकल मील दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई. बताया गया कि जंगी जहाज ने सुबह एक डिस्ट्रेस कॉल जारी कर धमाके की सूचना दी थी. हालांकि, जब तक श्रीलंका के बचाव दल मौके पर पहुंचे, तब तक ईरान का जंगी जहाज समुद्र में डूब चुका था और कई क्रू मेंबर्स की मौत हो चुकी थी।

    हिंद महासागर में हुई इस घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं. एक तरफ ईरान का एक जंगी जहाज भारत के बंदरगाह में तकनीकी वजहों से शरण लिए हुए है, तो दूसरी ओर उसका सिस्टर शिप समुद्र की गहराइयों में समा चुका है. यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव अब हिंद महासागर क्षेत्र तक असर दिखाने लगा है।

  • UN: भारत की नई शिक्षा नीति के समावेशी शिक्षा मॉडल की वैश्विक स्तर पर सराहना

    UN: भारत की नई शिक्षा नीति के समावेशी शिक्षा मॉडल की वैश्विक स्तर पर सराहना


    जिनेवा।
    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) (United Nations Human Rights Council (UNHRC) के 61वें सत्र में भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 (National Education Policy (NEP) 2020 के समावेशी शिक्षा मॉडल की वैश्विक स्तर पर सराहना की गई है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय (Oxford University) के शोधार्थी जैन ह्यूबल ने जेनेवा में परिषद को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की यह नीति दिव्यांग बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

    ह्यूबल ने रेखांकित किया कि पारंपरिक परीक्षा-केंद्रित प्रणाली के बजाय भारत अब कौशल और योग्यता आधारित शिक्षा पर जोर दे रहा है। उन्होंने विशेष रूप से अक्षर फाउंडेशन जैसे संगठनों के कार्यों का उल्लेख किया, जो सरकारी स्कूलों के साथ मिलकर दिव्यांग छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ रहे हैं।

    21 लाख विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को बनाया जा रहा सशक्त
    ह्यूबल के अनुसार सहायक तकनीकों और लचीले शिक्षण रास्तों के माध्यम से भारत के लगभग 21 लाख विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने वैश्विक समुदाय से भारत के इस होलिस्टिक (समग्र) शिक्षा मॉडल को समर्थन देने की अपील की, जो न केवल साक्षरता बल्कि रोजगार और सामाजिक भागीदारी पर भी केंद्रित है।

    अब समझिए क्या है राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020?
    बता दें कि भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव लेकर आई है। यह नीति पारंपरिक परीक्षा-केंद्रित मॉडल से हटकर कौशल और योग्यता आधारित शिक्षा पर जोर देती है। एनईपी 2020 का लक्ष्य बच्चों के समान अवसर, समावेशी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देना है। दिव्यांग छात्रों और पिछड़े क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान इसके मुख्य हिस्से हैं।

  • देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर

    देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया संकट के बीच स्वर्ण भंडार में तेज उछाल से देश का विदेशी मुद्रा भंडार 27 फरवरी को समाप्त हफ्ते में 4.885 अरब डॉलर बढ़कर 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में बताया कि इससे पिछले हफ्ते में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 2.11 अरब डॉलर घटकर 723.60 अरब डॉलर रहा था। इससे पहले इस वर्ष 13 फरवरी को समाप्त हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 725.72 अरब डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था।

    आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 27 फरवरी को समाप्त हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम घटक माने जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 56.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 573.12 अरब डॉलर हो गईं। आंकड़ों के अनुसार इस दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 4.14 अरब डॉलर बढ़कर 131.63 अरब डॉलर हो गया।

    केंद्रीय बैंक के अनुसार इस अवधि में विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 2.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.87 अरब डॉलर हो गया। आंकड़ों के अनुसार इस दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत का आरक्षित भंडार भी 15.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.87 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

  • US-Iran संघर्ष के बीच PM मोदी ने की फ्रांस के राष्ट्रपति से चर्चा, जानें किन मुद्दों पर हुई बात

    US-Iran संघर्ष के बीच PM मोदी ने की फ्रांस के राष्ट्रपति से चर्चा, जानें किन मुद्दों पर हुई बात


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में तेजी से बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष (US-Iran conflict) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (French President Emmanuel Macron) से टेलीफोन पर बातचीत की। इस बातचीत में पश्चिम एशिया की बिगड़ती स्थिति पर भारत और फ्रांस की साझा चिंताओं पर विस्तार से चर्चा हुई, साथ ही संवाद और कूटनीति के माध्यम से शांति बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक पश्चिम एशिया के कई नेताओं से बात की है। भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता की बहाली के लिए कूटनीतिक प्रयासों को मजबूती से समर्थन दे रहा है, ताकि यह संघर्ष और व्यापक न हो सके।

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज मैंने अपने मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बात की। हमने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर अपनी साझा चिंताओं और संवाद एवं कूटनीति की ओर लौटने की आवश्यकता पर चर्चा की। हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए घनिष्ठ रूप से जुड़े रहेंगे और प्रयासों का समन्वय करेंगे।

    दरअसल, यह फोन कॉल ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व का संघर्ष तेजी से फैल रहा है और अब यह भारत के निकटवर्ती क्षेत्रों तक पहुंच गया है। बुधवार को श्रीलंका के तट से कुछ दूर अंतरराष्ट्रीय जल में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस डेना को टॉरपीडो से नष्ट कर दिया। इस हमले में कम से कम 80 से अधिक नाविकों की मौत हो गई, जबकि श्रीलंका की नौसेना ने 32 लोगों को बचाया। जहाज में कुल 180 लोग सवार थे। बता दें कि यह ईरानी फ्रिगेट कुछ दिन पहले ही भारत में हुए अंतरराष्ट्रीय नौसेना अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद लौट रहा था।

    बता दें कि ईरान इजरायल और अमेरिका संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त सैन्य हमलों से हुई, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर जवाबी हमलों की शुरूआत की, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। पिछले कुछ दिनों में दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का दौर जारी है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने श्रीलंका तट पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और इसे ‘बिना किसी चेतावनी के अत्याचार’ करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस मिसाल पर गहरा अफसोस होगा।

  • T20 World Cup: भारत लगातार दूसरी बार फाइनल में… इससे पहले सिर्फ 2 टीमें ही कर पाई ये कमाल

    T20 World Cup: भारत लगातार दूसरी बार फाइनल में… इससे पहले सिर्फ 2 टीमें ही कर पाई ये कमाल


    नई दिल्ली।
    सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की अगुवाई वाली टीम इंडिया (Team India) ने इंग्लैंड (England) को हराकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup: 2026) फाइनल में अपनी जगह बना ली है। भारत का यह टी20 वर्ल्ड कप में बैक टू बैक दूसरा फाइनल है। इससे पहले रोहित शर्मा की अगुवाई में भारत ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब साउथ अफ्रीका को हराकर जीता था। टीम इंडिया बैक टू बैक दो टी20 वर्ल्ड कप फाइनल खेलने वाली तीसरी टीम बन गई है। इस लिस्ट में पाकिस्तान भी मौजूद है। बता दें, सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 254 रनों का टारगेट रखा था, इस स्कोर का पीछा करते हुए इंग्लिश टीम 246 रन बना पाई। टीम इंडिया ने 7 रनों से यह मैच जीता। फाइनल में भारत का सामना न्यूजीलैंड से है, जो साउथ अफ्रीका को हराकर पहले ही खिताबी मुकाबले में अपनी जगह बना चुका है।

    भारत का यह टी20 वर्ल्ड कप में बैक टू बैक दूसरा फाइनल है। टीम इंडिया से पहले पाकिस्तान और श्रीलंका यह कारनामा कर चुके हैं। पाकिस्तान ने 2007 और 2009 में बैक टू बैक दो टी20 वर्ल्ड कप फाइनल खेले थे। 2007 में उन्हें भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, वहीं 2009 में पाकिस्तान ट्रॉफी उठाने में कामयाब रहा था।

    श्रीलंका ने 2012 और 2014 में लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल खेले थे। 2012 में उन्हें हार मिली थी, वहीं 2014 में भारत को हराकर श्रीलंका ने खिताब जीता था।


    भारत के पास इतिहास रचने का मौका

    टीम इंडिया के पास न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में इतिहास रचने का मौका है। भारत अगर 8 मार्च को होने वाले फाइनल में न्यूजीलैंड को हराता है तो उनका नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में जुड़ जाएगा। अगर भारत जीतता है तो वह बैक टू बैक दो टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बनेगा। अगर भारत जीतता है तो वह घर पर टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बनेगा।

  • क्या अमेरिका भारतीय सैन्य बेस का इस्तेमाल कर सकता है? LEMOA समझौते को लेकर उठे सवाल

    क्या अमेरिका भारतीय सैन्य बेस का इस्तेमाल कर सकता है? LEMOA समझौते को लेकर उठे सवाल



    नई दिल्ली। हिंद महासागर में IRIS डेना युद्धपोत के डूबने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि अमेरिका सैन्य अभियानों के लिए भारतीय बेस पर निर्भर हो सकता है। हालांकि इन दावों को खारिज कर दिया गया है। दरअसल भारत और अमेरिका के बीच वर्ष 2016 में एक अहम समझौता हुआ था, जिसके तहत दोनों देश एक-दूसरे की कुछ सैन्य सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस समझौते के आधार पर अमेरिका भारत के सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल किसी हमले के लिए कर सकता है।

    सैन्य सुविधाओं के सीमित इस्तेमाल की अनुमति

    इस समझौते के तहत भारत और अमेरिका एक-दूसरे की सैन्य सुविधाओं जैसे नौसैनिक बेस, एयरफील्ड और मिलिट्री बेस का सीमित उपयोग कर सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से रिफ्यूलिंग, मेंटेनेंस और जरूरी साजो-सामान की आपूर्ति जैसी लॉजिस्टिक सेवाएं शामिल हैं। हालांकि समझौते में यह स्पष्ट किया गया है कि हर मामले में संबंधित देश से पहले अनुमति लेना जरूरी होगा। यानी यह पूरी तरह संबंधित सरकार के निर्णय पर निर्भर करता है कि वह किस स्थिति में अनुमति देती है और किस मामले में नहीं।

    क्या है LEMOA समझौता

    भारत और अमेरिका के बीच Logistics Exchange Memorandum of Agreement यानी LEMOA पर 29 अगस्त 2016 को हस्ताक्षर किए गए थे। यह समझौता अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में हुआ था। इसका उद्देश्य दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच लॉजिस्टिक सपोर्ट, सप्लाई और सेवाओं के आदान-प्रदान के लिए नियम और शर्तें तय करना है। माना जाता है कि यह अमेरिका के लॉजिस्टिक सपोर्ट एग्रीमेंट (LSA) का भारतीय संस्करण है, जैसा कि अमेरिका ने कई अन्य देशों के साथ भी किया हुआ है।

    किन गतिविधियों को कवर करता है समझौता

    यह समझौता मुख्य रूप से चार प्रमुख क्षेत्रों को कवर करता है, जिनमें बंदरगाहों पर जहाजों का रुकना यानी पोर्ट कॉल्स, संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण गतिविधियां तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) शामिल हैं। इसके अलावा किसी अन्य जरूरत के लिए दोनों देशों के बीच अलग से आपसी सहमति जरूरी होती है। समझौते के तहत दी जाने वाली सेवाओं के बदले संबंधित देश को या तो नकद भुगतान करना होता है या फिर समान लॉजिस्टिक सेवाएं उपलब्ध करानी होती हैं।

    लॉजिस्टिक सपोर्ट में क्या-क्या शामिल

    LEMOA के तहत मिलने वाली लॉजिस्टिक सेवाओं में भोजन, पानी, रहने की व्यवस्था, परिवहन, पेट्रोलियम, तेल और लुब्रिकेंट्स, कपड़े, संचार सेवाएं, चिकित्सा सुविधाएं, स्टोरेज, प्रशिक्षण सेवाएं, स्पेयर पार्ट्स, मरम्मत और रखरखाव, कैलिब्रेशन सेवाएं और पोर्ट सेवाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि यह समझौता किसी भी देश को संयुक्त सैन्य गतिविधि करने के लिए बाध्य नहीं करता। साथ ही इसमें किसी भी प्रकार का सैन्य बेस स्थापित करने या स्थायी बेसिंग की व्यवस्था का कोई प्रावधान नहीं है। इसे पूरी तरह से लॉजिस्टिक सहयोग का समझौता माना जाता है।

    भारत के लिए क्यों अहम है यह घटना

    IRIS डेना पोत के डूबने की घटना भारत के लिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिस क्षेत्र में यह घटना हुई वह भारत के समुद्री पड़ोस में आता है। हिंद महासागर में श्रीलंका के दक्षिण का इलाका वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख समुद्री मार्गों में गिना जाता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य टकराव समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

    भारत में नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था पोत

    बताया जा रहा है कि IRIS डेना युद्धपोत भारत में आयोजित ‘मिलन’ नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेने आया था। यह अभ्यास 18 से 25 फरवरी के बीच आयोजित हुआ था, जिसमें दुनिया के कई देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया। इस दौरान 80 से अधिक युद्धपोत समुद्र में एक साथ दिखाई दिए थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समुद्री सहयोग और नौसैनिक कूटनीति को मजबूत करना था। नौसैनिक परेड की समीक्षा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने की थी।

    हमले को लेकर भारत की क्या है नीति

    रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डेना पोत भारत के निमंत्रण पर अभ्यास में शामिल होने जरूर आया था, लेकिन घटना के समय वह भारत की समुद्री सीमा से बाहर जा चुका था। ऐसे में इस घटना के लिए सीधे तौर पर भारत की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार भारत अपनी स्पष्ट नीति पर कायम है कि वह किसी भी देश को हमले के लिए अपने सैन्य बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर यह भी देखा जाएगा कि ईरान इसे किस नजर से देखता है।