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  • अमेरिका नहीं चाहता भारत बने ताकतवर, ईरानी अधिकारी का बड़ा आरोप

    अमेरिका नहीं चाहता भारत बने ताकतवर, ईरानी अधिकारी का बड़ा आरोप

    वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भारत में ईरानी सुप्रीम लीडर के विशेष प्रतिनिधि Abdul Majid Hakim Elahi ने कहा कि अमेरिका अपने वैश्विक वर्चस्व को बनाए रखने के लिए दुनिया में जानबूझकर युद्ध जैसी स्थितियां पैदा करता है। उनका दावा है कि ईरान के साथ मौजूदा संघर्ष के पीछे भी अमेरिका की यही रणनीति है, ताकि भारत और चीन जैसे देशों को उभरने से रोका जा सके।

    खास बातचीत में इलाही ने कहा कि अमेरिका नहीं चाहता कि भारत या चीन जैसे देश वैश्विक ताकत के रूप में सामने आएं। उनके मुताबिक, अमेरिका की कोशिश रहती है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उसकी ताकत को कोई चुनौती न दे और इसी वजह से वह विभिन्न क्षेत्रों में युद्ध की स्थितियां पैदा करता है।

    भविष्य में भारत भी होगा बड़ी ताकत

    इलाही ने कहा कि आने वाले समय में भारत, चीन, रूस और अमेरिका दुनिया के सबसे प्रभावशाली देशों में शामिल होंगे। हालांकि, उनका आरोप है कि अमेरिका किसी भी कीमत पर अपनी ताकत को साझा नहीं करना चाहता और इसी कारण वह वैश्विक स्तर पर टकराव की स्थितियां बनाए रखता है।

    ईरान ने नहीं, अमेरिका ने शुरू किया संघर्ष

    ईरानी अधिकारी ने यह भी कहा कि मौजूदा युद्ध की शुरुआत ईरान ने नहीं की, बल्कि अमेरिका और इजरायल ने सैन्य कार्रवाई कर इसे शुरू किया। इससे पहले ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी Ali Larijani ने भी कहा था कि ईरान केवल अपनी रक्षा कर रहा है। उनके अनुसार अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरानी नागरिकों और ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिसके जवाब में ईरान प्रतिक्रिया दे रहा है।

    लारिजानी ने यह भी कहा कि चूंकि संघर्ष की शुरुआत अमेरिका की ओर से हुई है, इसलिए इसे खत्म करने की जिम्मेदारी भी उसी की है।

    लंबा खिंच सकता है संघर्ष

    इस बीच विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों, सैन्य ढांचे और नौसैनिक अड्डों पर किए गए हमलों के बाद यह संघर्ष लंबा चल सकता है। इन हमलों में ईरान के कुछ वरिष्ठ नेताओं के मारे जाने की खबरें भी सामने आई हैं।

    जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत होने और कई अन्य के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

  • भारत में गहराया गैस संकट… गुजरात गैस लिमिटेड ने की फोर्स मेज्योर लागू करने की घोषणा

    भारत में गहराया गैस संकट… गुजरात गैस लिमिटेड ने की फोर्स मेज्योर लागू करने की घोषणा


    नई दिल्ली।
    पेट्रोनेट एलएनजी (Petronet LNG) के बाद अब भारतीय गैस वितरण कंपनी (Indian gas Distribution Company) गुजरात गैस लिमिटेड (Gujarat Gas Limited) ने भी फोर्स मेज्योर लागू करने की घोषणा की है। कंपनी ने बुधवार को घोषणा की कि वह अपने आपूर्ति अनुबंधों में फोर्स मेज्योर लागू करेगी, क्योंकि आरएलएनजी की उपलब्धता “गंभीर रूप से सीमित” हो गई है। शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कंपनी ने बताया कि वह 6 मार्च से गैस की मात्रा में प्रतिबंध लगाएगी।


    कतर के संयंत्र बंद होने से भारत पर संकट गहराया

    सोमवार को, एक ईरानी ड्रोन हमले के बाद कतर ने अपने प्रमुख रास लफ्फान संयंत्र में परिचालन रोक दिया। यह संयंत्र दुनिया की लगभग पांचवें हिस्से की तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आपूर्ति के लिए जिम्मेदार है। पिछले साल अपने कुल एलएनजी आयात का लगभग आधा हिस्सा कतर से प्राप्त करने वाला भारत इस व्यवधान की चपेट में विशेष रूप से आ गया है।


    गुजरात गैस के ग्राहक और बीमा कवरेज

    जनवरी की एक निवेशक प्रस्तुति के अनुसार, गुजरात गैस भारत के छह राज्यों में ग्राहकों को सेवा प्रदान करती है, जिनमें लगभग 4,430 औद्योगिक ग्राहक, 15,600 से अधिक वाणिज्यिक ग्राहक और 2.27 मिलियन घरेलू उपभोक्ता शामिल हैं। कंपनी ने अपने बयान में कहा, “गुजरात गैस द्वारा लिए गए बीमा के तहत युद्ध जैसी घटनाएं कवर नहीं होती हैं। फोर्स मेजेयर का संभावित प्रभाव, जो वर्तमान में एक जारी घटना है, का इस समय अनुमान नहीं लगाया जा सकता है।”


    पेट्रोनेट एलएनजी ने भी किया है ऐलान

    भारत की सबसे बड़ी गैस आयातक कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी ने बुधवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसने अपने सप्लॉयर कतर एनर्जी और घरेलू खरीदारों को फोर्स मेज्योर की सूचना जारी कर दी है। इसकी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के कारण कंपनी के जहाजों का रास लफ्फान के लोडिंग पोर्ट तक न पहुंच पाना है। अमेरिका-ईरान संघर्ष ने इस क्षेत्र में ईंधन की खेप को बाधित कर दिया है।


    क्या है फोर्स मेज्योर

    अगर कोई काम किसी समझौते के अनुसार होना था, लेकिन प्राकृतिक आपदा या बड़ी अप्रत्याशित घटना की वजह से वह काम नहीं हो पाया, तो उसे Force Majeure कहा जाता है। बता दें ईरान और ओमान के बीच स्थित हॉर्मुज स्ट्रेट, जहां से होकर वैश्विक स्तर पर खपत होने वाले तेल का लगभग एक-पांचवां हिस्सा और बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का ट्रांसपोटेशन होता है, वहां से गुजरना लगभग ठप हो गया है। इस क्षेत्र में कुछ जहाजों के हिट होने की घटनाओं के बाद यह स्थिति बनी है।


    कंपनी ने किन्हें भेजा नोटिस?

    कंपनी ने मंगलवार रात जारी नोटिस में कहा कि सुरक्षा स्थिति और समुद्री नेविगेशन के लिए पैदा हुए गंभीर खतरों को देखते हुए, पेट्रोनेट ने अपने एलएनजी टैंकरों दिशा, राही और असीम के लिए कतर एनर्जी को फोर्स मेज्योर नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही पेट्रोनेट ने अपने ग्राहकों गेल (इंडिया), इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम को भी फोर्स मेज्योर की सूचना दी है। पेट्रोनेट के अनुसार, कतरएनर्जी ने भी उसे “क्षेत्र में व्याप्त शत्रुता के कारण फोर्स मेज्योर की संभावित घटना” की सूचना दी है।


    बाजार और उद्योग पर क्या पड़ा असर?

    इस खबर के बाद बुधवार को बीएसई पर पेट्रोनेट के शेयर 9.3% गिरकर 281 रुपये पर बंद हुए। कारोबार के दौरान यह 11.7% तक लुढ़ककर 273 रुपये तक चला गया था। भारतीय गैस सप्लॉयर गेल और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन पहले ही फर्टिलाइजर्स प्लांट्स सहित उद्योगों को गैस आपूर्ति में कटौती कर चुके हैं।

    मामले से वाकिब सूत्रों ने बताया कि कम गैस आपूर्ति का असर पहले से ही कुछ फर्टिलाइजर कंपनियों के उत्पादन पर पड़ा है, जिनमें इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव (इफ्को) और कृभको फर्टिलाइजर्स शामिल हैं। हालांकि, अब तक कंपनियों ने घरेलू इस्तेमाल या ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए गैस आपूर्ति में किसी कटौती की घोषणा नहीं की है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने वित्त वर्ष 2024-25 में 2.7 करोड़ टन एलएनजी का आयात किया, जो देश की कुल गैस खपत का लगभग आधा है। इस आयात का बड़ा हिस्सा कतर से होता है।

  • ईरान-इजरायल युद्ध लंबा चला तो भारत में खाद और उर्वरक की हो सकती है किल्लत

    ईरान-इजरायल युद्ध लंबा चला तो भारत में खाद और उर्वरक की हो सकती है किल्लत


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब सिर्फ तेल और गैस पर ही नहीं, बल्कि भारत के कृषि और व्यापार क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच जंग लंबी खिंचती है और खाड़ी देशों में तनाव बढ़ता है, तो भारत को पेट्रोलियम उत्पादों के साथ-साथ उर्वरक, खाद्य सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं की सप्लाई में भी समस्या हो सकती है।
    उर्वरक की आपूर्ति हो सकती है प्रभावित
    भारत यूरिया और फॉस्फेट जैसे उर्वरकों के बड़े हिस्से के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है। विशेष रूप से डीएपी और यूरिया का करीब 46 प्रतिशत आयात अकेले ओमान से होता है। अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद होता है, तो उर्वरक की कमी के कारण कृषि क्षेत्र पर सीधे असर पड़ेगा और कीमतों में तेजी आएगी।

    सोना और अन्य आयातित उत्पाद महंगे हो सकते हैं
    संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों से भारत में सोने का आयात होता है। शिपिंग लागत बढ़ने से सोने की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। इसके अलावा खजूर और कुछ प्रोसेस्ड फूड जैसे उत्पादों की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। भारत अपनी कुल खजूर का लगभग 80-90 प्रतिशत खाड़ी देशों से आयात करता है, खासकर यूएई और ओमान से। तनाव बढ़ने और समुद्री मार्ग बंद होने की स्थिति में इन उत्पादों की कीमतों में उछाल आ सकता है।

    निर्यात क्षेत्र भी होगा प्रभावित
    भारत के निर्यात पर भी खाड़ी देशों में तनाव का असर पड़ेगा। प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:-

    खाद्यान्न और चावल: सऊदी अरब, ईराक, यूएई और ओमान भारत के बड़े खरीदार हैं। समुद्री मार्ग बंद होने पर शिपमेंट में देरी होगी, नई आपूर्ति रूट लंबा होगा और ढुलाई लागत बढ़ेगी। भारत का लगभग 50 प्रतिशत बासमती निर्यात खाड़ी देशों और ईरान को जाता है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने करीब 60 लाख टन बासमती निर्यात किया, जिसकी कीमत लगभग 50,312 करोड़ रुपये थी।

    मांस और समुद्री उत्पाद: जमी हुई मछली और झींगा जैसी वस्तुएं खाड़ी देशों में बड़ी मांग में हैं। लॉजिस्टिक बाधाओं से निर्यात घट सकता है।

    फार्मास्यूटिकल्स: भारत जेनेरिक दवाओं का बड़ा सप्लायर है। आपूर्ति बाधित होने पर निर्यात राजस्व प्रभावित होगा और कंपनियों को सामान पहुंचाने में मुश्किलें आएंगी।

    इंजीनियरिंग और ऑटो पार्ट्स: मशीनरी, ऑटो पार्ट्स और निर्माण सामग्री की खेप में देरी से विशेषकर एमएसएमई प्रभावित होंगे। जनवरी में खाड़ी देशों को मशीनरी निर्यात में 16 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई थी।

    कपड़ा और परिधान: खाड़ी देशों का बाजार रेडीमेड गारमेंट और टेक्सटाइल निर्यात के लिए अहम है। भारत का खाड़ी देशों को कुल परिधान निर्यात लगभग 1.79 बिलियन डॉलर का है। शिपिंग लागत बढ़ने से प्रतिस्पर्धा घट सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध लंबा चलता है और हॉर्मुज स्ट्रेट पर तनाव जारी रहता है, तो किसानों और निर्यातक दोनों के लिए चुनौतियां गंभीर रूप से बढ़ सकती हैं।

  • ईरान जंग का असर: कतर ने भारत को LNG सप्लाई में 40% तक कटौती की, ऊर्जा बाजार में बढ़ी हलचल

    ईरान जंग का असर: कतर ने भारत को LNG सप्लाई में 40% तक कटौती की, ऊर्जा बाजार में बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव का सीधा असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर दिखाई देने लगा है। भारत को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करने वाले प्रमुख देश कतर ने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) निर्यात में 10 से 40 प्रतिशत तक की कटौती कर दी है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरान और इज़राइल-अमेरिका के बीच संघर्ष तेज हो चुका है और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात बिगड़ गए हैं।
    हमलों के बाद प्लांट बंद, सप्लाई प्रभावित
    ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। साथ ही दुनिया के सबसे बड़े LNG हब में से एक रास लफ़्फ़ान इंडस्ट्रियल सिटी और मेसाईद इंडस्ट्रियल सिटी पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए। इन हमलों के बाद कतर को एहतियातन LNG उत्पादन रोकना पड़ा। नतीजतन वैश्विक गैस आपूर्ति पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

    भारत कतर से LNG खरीदने वाले सबसे बड़े ग्राहकों में शामिल है। देश हर साल करीब 27 मिलियन टन LNG आयात करता है, जिसमें लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा कतर से आता है। इस गैस का इस्तेमाल बिजली उत्पादन, उर्वरक निर्माण, CNG वितरण और पाइप्ड कुकिंग गैस नेटवर्क जैसे अहम क्षेत्रों में होता है।

    पेट्रोनेट ने दी सप्लाई रुकने की सूचना
    भारत की प्रमुख गैस आयातक कंपनी पेट्रोनेट LNG लिमिटेड ने गैस मार्केटर्स को सूचित किया है कि कतर ने उत्पादन रोक दिया है। इसके बाद GAIL लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन को भी सप्लाई बाधित होने की जानकारी दी गई। बताया जा रहा है कि CNG रिटेलिंग के लिए फ्लो रेट बनाए रखते हुए औद्योगिक इकाइयों को गैस आपूर्ति में कटौती की गई है।

    सूत्रों के अनुसार यह कटौती 10 प्रतिशत से लेकर 40 प्रतिशत तक हो सकती है। पेट्रोनेट का कतर से हर साल 8.5 मिलियन टन LNG खरीदने का दीर्घकालिक अनुबंध है, जबकि कुछ मात्रा स्पॉट मार्केट से भी ली जाती है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य बना संकट की जड़
    तनाव का बड़ा कारण होर्मुज स्ट्रेट है, जिस पर ईरान का नियंत्रण है। यह समुद्री मार्ग भारत के लिए बेहद अहम है, क्योंकि लगभग 50 प्रतिशत कच्चा तेल और 54 प्रतिशत LNG आपूर्ति इसी रास्ते से होकर गुजरती है। यही मार्ग कतर और UAE से आने वाली गैस के लिए मुख्य ट्रांजिट रूट है। हमलों के बाद इस मार्ग से तेल और LNG शिपमेंट लगभग ठप पड़ गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल आ गया है और युद्ध जोखिम बीमा व शिपिंग लागत भी बढ़ गई है।

    स्पॉट मार्केट में कीमतें दोगुनी
    GAIL और IOC कमी की भरपाई के लिए स्पॉट मार्केट से LNG खरीदने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। स्पॉट मार्केट में LNG की कीमत अब 25 अमेरिकी डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट तक पहुंच गई है, जो दीर्घकालिक अनुबंध दर से लगभग दोगुनी है।

    ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबा खिंचता है तो भारत समेत कई आयातक देशों के लिए गैस आपूर्ति और कीमतों का संकट और गहरा सकता है।

  • Israel-Iran युद्ध के बीच कच्चे तेल की आपूर्ति की चिंता… क्या रूस से आयात बढ़ाएगा भारत?

    Israel-Iran युद्ध के बीच कच्चे तेल की आपूर्ति की चिंता… क्या रूस से आयात बढ़ाएगा भारत?


    नई दिल्ली।
    ईरान संकट (Israel-Iran War) के बीच भारत (India) समेत दुनिया के तमाम देशों के सामने तेल से जुड़ी समस्याएं खड़ी होने की चिंता है। हालांकि जानकारों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे कच्चे तेल (Crude Oil) के प्रमुख आपूर्ति मार्ग के बंद होने से भारत को निकट भविष्य में कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति में किसी बड़े व्यवधान का सामना करने की आशंका नहीं है। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि कच्चे तेल का भंडार कम से कम 10 दिन की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।


    भारत के पास आकस्मिक योजनाएं

    ईरान पर अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के बाद तेजी से बदलते घटनाक्रम में इस्लामिक गणराज्य के सर्वोच्च नेता के मारे जाने की खबरें भी शामिल हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह संघर्ष बहुत लंबा नहीं चलेगा। हालांकि, शीर्ष अधिकारियों और विश्लेषकों का कहना है कि यदि तनाव बढ़ता है, तो भारत के पास आकस्मिक योजनाएं तैयार हैं।


    रूस से आयात बढ़ा सकता है भारत

    ईरान के सरकारी मीडिया ने 28 फरवरी को कहा था कि अमेरिका और इजरायल के मिसाइल हमलों के जवाब में उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा निकासी बिंदुओं में से एक है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। अधिकारियों ने कहा कि कम अवधि के लिए इसके बंद होने से भारत पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उसके पास ईंधन की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त आपूर्ति है। उन्होंने आगे कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो देश रूसी तेल की खरीद बढ़ाकर अपने आयात स्रोतों में बदलाव कर सकता है।


    भारत के पास कितना तेल भंडार

    हालांकि, इसका तत्काल प्रभाव तेल की कीमतों पर दिखेगा। ब्रेंट क्रूड इस सप्ताह सात महीने के उच्चस्तर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। यदि आपूर्ति बाधित होती है, तो कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ सकती हैं। एक अधिकारी ने कहा, ”भारतीय रिफाइनरी कंपनियों के पास टैंक और पारगमन में मिलाकर 10 से 15 दिन का कच्चा तेल भंडार है। इसके अलावा, उनके ईंधन टैंक भरे हुए हैं, जो देश की 7-10 दिन की ईंधन जरूरत को आसानी से पूरा कर सकते हैं।” एक अन्य अधिकारी ने कहा कि भारत वेनेजुएला, ब्राजील और अफ्रीका जैसे दूरदराज के देशों से भी तेल खरीद सकता है।

  • टी-20 विश्वकप में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत पर मध्य प्रदेश में जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी

    टी-20 विश्वकप में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत पर मध्य प्रदेश में जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी


    भोपाल।
    टी-20 विश्वकप के सुपर 8 मैच में वेस्ट इंडीज के खिलाफ भारत की शानदार जीत पर मध्य प्रदेश में क्रिकेट प्रेमियों ने जमकर जश्न मनाया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और गुना समेत कई दूसरे शहरों में क्रिकेट फैंस ने बड़ी स्क्रीन पर मैच देखा और भारतीय टीम की जीत का जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आए। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई।

    भारतीय क्रिकेट टीम ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर खेले गए टी-20 विश्व कप में सुपर-8 के आखिरी मुकाबले में वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन ने नाबाद 97 रन की मैच विनिंग पारी खेली। इस जीत के बाद मध्य प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और गुना समेत कई शहरों में भारत की जीत का जश्न मनाया। प्रमुख चौराहों पर देर रात तक सड़कों पर उत्सव का माहौल बना रहा।

    क्रिकेट प्रेमी डीजे की धुनों पर थिरकते नजर आए, कई जगह आतिशबाजी की गई। भोपाल के बड़वाले महादेव मंदिर में देशभक्ति गीतों के बीच जीत का उत्सव मनाया गया। क्रिकेट प्रेमी एक-दूसरे को बधाई देते दिखे, तिरंगा लहराया गया और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल गूंज उठा। अब सभी की नजरें सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं।

    भारत की जीत का जश्न इंदौर में भी देखने को मिल रहा है। इंदौर में बच्चे भी जश्न मना रहे हैं। हालांकि, इंदौर के राजवाड़ा पर माहौल नॉर्मल है। पिछली बार भारत की जीत के बाद भीड़ को कंट्रोल करना मुश्किल हो गया था। लाइट बंद करके हालात को कंट्रोल किया गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए आज पुलिस यहां किसी को रुकने नहीं दे रही है। युवा भी माहौल देखकर सीधे निकलते जा रहे हैं।

    भोपाल में युवा तिरंगा लेकर सड़कों पर जश्न मनाते नजर आए। भारत माता की जय के नारे लगाते हुए बड़ी स्क्रीन, पटाखे, ढोल-नगाड़े बजाकर डांस कर रहे हैं। देशभक्ति के गाने गाकर और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर जश्न मना रहे हैं। प्रमुख चौराहों पर देर रात तक उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। वहीं, उज्जैन के टावर चौक पर क्रिकेट फैंस देर रात तक भारत की जीत का जश्न मना रहे हैं। सड़क पर आतिशबाजी कर रहे हैं।

  • WI को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में भारत, ईडन गार्डन्स में रचा सबसे बड़े रन चेज का विश्व रिकॉर्ड

    WI को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में भारत, ईडन गार्डन्स में रचा सबसे बड़े रन चेज का विश्व रिकॉर्ड


    कोलकाता।
    भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) ने टी-20 विश्वकप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर आठ के रोमांचक मुकाबले में वेस्टइंडीज (West Indies) को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बाद भारत अंतिम चार में पहुंचने वाली चौथी और आखिरी टीम बन गया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में छठी बार है जब भारत ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया है।

    कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 195 रन बनाए। जवाब में भारत ने 4 गेंद शेष रहते 196 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। इसके साथ ही टीम इंडिया ने ईडन गार्डन्स में टी20 में सबसे बड़े सफल रन चेज का विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले यहां 158 रन का सबसे बड़ा चेज दर्ज था, जो भारत ने ही वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाया था।

    सैमसन की ऐतिहासिक पारी
    जब कप्तान सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन सस्ते में आउट हो गए, तब संजू सैमसन ने जिम्मेदारी संभाली। सैमसन ने 97 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 12 चौके और 4 छक्के शामिल थे। उन्होंने शुरुआत से अंत तक क्रीज पर टिके रहकर टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया। कप्तान सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा ने छोटी लेकिन उपयोगी पारियां खेलकर सहयोग दिया, मगर असली हीरो सैमसन ही रहे।

    शिवम दुबे के दो चौकों ने पलटा मैच
    आखिरी दो ओवरों में भारत को 17 रन की जरूरत थी। 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर हार्दिक पांड्या 17 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे दबाव बढ़ गया। इसी बीच शिवम दुबे ने क्रीज पर आते ही तीन गेंदों के भीतर दो चौके जड़ दिए। इन दो शॉट्स ने मैच का रुख बदल दिया और सैमसन पर से दबाव कम कर दिया। आखिरकार भारत ने लक्ष्य हासिल कर न सिर्फ सेमीफाइनल में जगह बनाई, बल्कि ईडन गार्डन्स में टी20 इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज भी दर्ज कर लिया।

  • देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.11 अरब डॉलर घटकर 723.6 अरब डॉलर पर

    देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.11 अरब डॉलर घटकर 723.6 अरब डॉलर पर


    नई दिल्ली।
    देश का विदेशी मुद्रा भंडार 20 फरवरी को समाप्त हफ्ते में 2.11 अरब डॉलर घटकर 723.60 अरब डॉलर रहा। इससे पहले छह फरवरी को समाप्त हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 8.66 अरब डॉलर बढ़कर 725.72 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।

    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में बताया कि 20 फरवरी को समाप्त हफ्ते सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा माने जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 1.03 अरब डॉलर घटकर 572.56 अरब डॉलर रहीं। इस दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 97.7 करोड़ डॉलर घटकर 127.48 अरब डॉलर रह गया।

    आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में विशेष आहरण अधिकार(एसडीआर) 8.4 करोड़ डॉलर घटकर 18.84 अरब डॉलर रहा। 20 फरवरी को समाप्त हफ्ते सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत का आरक्षित भंडार 1.8 करोड़ डॉलर घटकर 4.71 अरब डॉलर रह गया है।


    केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जनवरी तक सालाना लक्ष्य का 63 फीसदी

    केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जनवरी के अंत तक 9.8 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक बजट लक्ष्य का 63 फीसदी है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी है।

    वित्त मंत्रालय ने महालेखा नियंत्रक (सीजीए) की ओर से जारी आंकड़ों में बताया कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 74.5 फीसदी था। केंद्र सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.4 फीसदी यानी 15.58 लाख करोड़ रुपये रहेगा।

    महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 तक केंद्र को कुल 27.08 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो संशोधित अनुमान (आरई) के तहत वित्त वर्ष 2025-26 की कुल प्राप्तियों का 79.5 फीसदी है। इसमें 20.94 लाख करोड़ रुपये का कर राजस्व, 5.57 लाख करोड़ रुपये का गैर-कर राजस्व और 57,129 करोड़ रुपये की गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं।

    सीजीए के आंकड़ों के अनुसार भारत सरकार ने करों के हिस्से के रूप में राज्यों को 11.39 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 65,588 करोड़ रुपये अधिक हैं। इसके अलावा भारत सरकार का कुल व्यय 36.9 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान का 74.3 फीसदी है। इसमें से 28.47 लाख करोड़ रुपये राजस्व मद और 8.42 लाख करोड़ रुपये पूंजी मद में खर्च किए गए। वहीं, कुल राजस्व व्यय में 9.88 लाख करोड़ रुपये ब्याज भुगतान और 3.54 लाख करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडी पर खर्च हुए।

  • T20 World Cup : भारत ने जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया, अब वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ का मुकाबला

    T20 World Cup : भारत ने जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया, अब वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ का मुकाबला


    चेन्नई।
    आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) के सुपर-8 मुकाबले में भारत (India) ने जिम्बाब्वे (Zimbabwe) को 72 रन से हराकर टूर्नामेंट में दमदार वापसी की। एमए चिदंबरम स्टेडियम खेले गए इस मैच में भारत की जीत के साथ ही जिम्बाब्वे टूर्नामेंट से बाहर हो गया, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 184/6 तक ही पहुंच सकी।


    अर्शदीप का घातक स्पेल

    तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट झटके और जिम्बाब्वे की पारी की कमर तोड़ दी। उन्होंने सिकंदर रज़ा, रयान बर्ल और टोनी मुन्योंगा को आउट कर मैच भारत की झोली में डाल दिया।


    ब्रायन बेनेट की जुझारू पारी

    जिम्बाब्वे के लिए ब्रायन बेनेट ने 59 गेंदों में नाबाद 97 रन बनाकर संघर्ष किया। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल थे। हालांकि, वह शतक से तीन रन दूर रह गए। भारत की ओर से स्थानीय खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती ने भी कसी हुई गेंदबाजी की, जबकि अक्षर पटेल ने तादिवानाशे मारुमानी का अहम विकेट लिया।

    बल्लेबाजी में भी दम

    संजू सैमसन को इस बार प्लेइंग इलेवन में मौका मिला था, जो 24 रन बनाकर आउट हो गए। संजू ने लगातार फ्लॉप चल रहे अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 22 गेंदों पर 48 रन जोड़े। इसके बाद अभिषेक शर्मा (55 रन) ने ईशान किशन के साथ न सिर्फ पारी को आगे बढ़ाया बल्कि तेजी से रन भी बटोरे। दोनों के बीच अगले 7 ओवर में 72 रन की साझेदारी हुई। ईशान किशन ने 38 रन की पारी खेली।

    कप्तान सूर्यकुमार ने भी अच्छे हाथ दिखाए और 3 चौके और 2 छक्कों की मददसे 13 गेंदों में 33 रन जड़ दिए। हालांकि मैच का आनंद तब आया जब हार्दिक पंड्या (23 गेंदों पर 50 रन) और तिलक वर्मा (16 गेंद में 44 रन) 31 गेंदों पर 84 रन जोड़ डाले। इस बल्लेबाजी वर्चस्व से भारत ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा और टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी बनाया।

    अब वेस्टइंडीज से निर्णायक भिड़ंत
    इस जीत से भारत का नेट रन रेट बेहतर हुआ और टीम की अभियान पटरी पर लौट आया। अब 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला ‘वर्चुअल नॉकआउट’ होगा। इस मैच का विजेता सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाएगा। भारत के लिए जीत का अंतर भले ही बड़ा रहा हो, लेकिन गेंदबाजी संयोजन में सुधार की जरूरत स्पष्ट दिखी। वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले से पहले टीम प्रबंधन इन पहलुओं पर खास ध्यान देगा।

  • वायासैट और बीएसएनएल ने भारत में पहला सैटेलाइट कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू किया

    वायासैट और बीएसएनएल ने भारत में पहला सैटेलाइट कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू किया

    जबलपुर। भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और वायासैट इंडिया (Viasat India) ने ‘सैटेलाइट और सैटेलाइट तकनीक के अनुप्रयोग’ पर अपना पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया। यह कार्यक्रम भारत रत्न भीम राव अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेलीकॉम ट्रेनिंग (BRBRAITT), जबलपुर में प्रस्तावित दूरसंचार नवाचार, अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र (TIRTC) के तत्वावधान में शुरू किया गया है।
    सैटेलाइट संचार के क्षेत्र में कौशल विकास एवं उद्योग की तैयारी को बढ़ावा देने के लिए बीएसएनएल और वायासैट इंडिया ने पिछले वर्ष गठबंधन की घोषणा की थी। प्रशिक्षण के शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता बीएसएनएल के सीएमडी रॉबर्ट रवि ने की। इस अवसर पर वायासैट के अध्यक्ष – कॉमर्शियल बेन पामर, वायासैट इंडिया के प्रबंध निदेशक गौतम शर्मा, वायासैट के उपाध्यक्ष- एडवांस्ड NTN सॉल्यूशंस संदीप मूर्ति और दूरसंचार विभाग के अन्य अधिकारी भी संचार भवन में मौजूद थे। वहीं, इस समारोह के दौरान जबलपुर स्थित बीआरबीआरएआईटीटी में विद्यार्थी मौजूद थे।
    इस गठबंधन के तहत सैटेलाइट एवं सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के उपयोग पर यह प्रारंभिक पाठ्यक्रम विद्यार्थियों और करियर के शुरुआती दौर में काम कर रहे पेशेवरों के लिए 22 घंटे का एक वर्चुअल प्रोग्राम है। इन प्रशिक्षण सत्रों का संचालन एक्सपर्ट ट्रेनर द्वारा ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कॉलेज के विद्यार्थियों, आईटी व इंजीनियरिंग के पेशेवरों और सैटेलाइट संचार एवं सैटेलाइट युक्त एप्लीकेशंस में बुनियादी ज्ञान प्राप्त करने के इच्छुक नए स्नातकों को लाभ प्रदान करना है। यह पाठ्यक्रम जबलपुर में बीएसएनएल के तत्वावधान में स्थापित विशेषज्ञ प्रशिक्षण संस्थान बीआरबीआरएआईटीटी में एक व्यापक कौशल विकास की रूपरेखा पेश करने में पहला कदम है। यह संस्थान टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आधारभूत ढांचा और लॉजिस्टिक संबंधी सहयोग उपलब्ध कराता है।

    बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रॉबर्ट जे. रवि ने कहा, “नवप्रवर्तन को बढ़ावा देने और देशज क्षमताओं का निर्माण करने के हमारे लक्ष्य के अनुरूप वायासैट के साथ गठबंधन के तहत हमारा प्रारंभिक पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर हमें वास्तव में बहुत प्रसन्नता है। भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कौशलों में पेशेवरों की अगली पीढ़ी को दक्ष करने में बीआरबीआरएआईटीटी की बढ़ती भूमिका देखकर भी हम उत्साहित हैं। हम भविष्य में इस गठबंधन का विस्तार कर विद्यार्थियों के लिए और पाठ्यक्रम एवं सुविधाएं लाने को लेकर हम प्रतिबद्ध हैं।”

    अनिल कुमार भारद्वाज, डीडीजी, दूरसंचार विभाग ने कहा, “सैटेलाइट कम्युनिकेशंस (उपग्रह संचार) मॉड्यूल, संचार प्रौद्योगिकियों और उनके उपयोग के मामलों में वैश्विक तकनीकी दिग्गजों द्वारा पहले से ही संचालित किए जा रहे प्रशिक्षणों के अतिरिक्त है। TIRTC (टी.आई.आर.टी.सी.) माननीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया का एक विज़न रहा है, जिसका उद्देश्य संचार के उन्नत क्षेत्र में अत्यधिक कुशल जनशक्ति तैयार करना और भारत को दूरसंचार डिजाइन, विकास, विनिर्माण और सेवाओं में अग्रणी बनने में मदद करना है। हम सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और एप्लिकेशन प्रशिक्षण को सक्षम बनाने के लिए वायासैट इंडिया को धन्यवाद देते हैं।”
    वायासैट कॉमर्शियल के अध्यक्ष – कॉमर्शियल बेन पामर ने कहा, “भविष्य के लिए तैयार सैटेलाइट संबंधी प्रतिभा की पाइपलाइन का निर्माण करना महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत अपनी डिजिटल एवं उभरती टेक्नोलॉजी की महत्वाकांक्षा को लेकर आगे बढ़ रहा है। बीआरबीआरएआईटीटी में इस प्रथम पाठ्यक्रम के साथ हमारा लक्ष्य उच्च गुणवत्ता का बुनियादी सैटेलाइट ज्ञान विद्यार्थियों और पेशेवरों की पहुंच में लाना और आगे चलकर मिश्रित वर्चुअल और क्लासरूम प्रोग्राम शुरू करना है। हमारी इच्छा भविष्य में एक ‘सेंटर ऑफ एक्सिलेंस’ भी स्थापित करने की है जहां विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव मिल सकेगा और वे उपकरण के सजीव प्रदर्शन के जरिए अपनी समझ बढ़ा सकेंगे।”
    बीआरबीआरएआईटीटी जबलपुर के आईटीएस, सीजीएम, डाक्टर मनीष शुक्ला ने कहा, “प्रतिष्ठित परियोजना टीआईआरटीसी (टेलीकॉम इन्नोवेशन, रिसर्च ट्रेनिंग सेंटर) के तहत वायासैट द्वारा शुरू किया गया यह सैटेलाइट कम्युनिकेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम, उभरती एवं रणनीतिक प्रौद्योगिकियों में उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच गठबंधन को बढ़ावा देने की बीआरबीआरएआईटीटी की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दूरसंचार विभाग और वायासैट की साझीदारी में इस प्रोग्राम को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह विद्यार्थियों को सैटेलाइट की बारीकियों, संचार लिंक डिजाइन, एडवांस्ड सैटेलाइट आर्किटेक्चर्स, ग्राउंड सेगमेंट ऑपरेशंस और वास्तविक दुनिया के एप्लीकेशंस के बारे में व्यापक अनुभव उपलब्ध करा सके। हमारा उद्देश्य तेजी से उभर रहे सैटेलाइट संचार क्षेत्र में विद्यार्थियों को व्यवहारिक कौशल एवं वैश्विक दृष्टिकोण के साथ सशक्त करते हुए अकादमिक सीख और उद्योग की अपेक्षाओं के बीच अंतर पाटना है।”