भारतीय निर्यात पर असर
सामान्य टैरिफ से अलग कदम
अंतिम फैसला 6 जुलाई तक
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर असर

भारतीय निर्यात पर असर
सामान्य टैरिफ से अलग कदम
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर असर

बता दें कि पिछले साल 22 अप्रैल को आतंकियों ने पहलगाम में स्थित खूबसूरत बैसरन की घाटी में 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी। आतंकियों ने इस दौरान लोगों को धर्म पूछकर उनपर गोलियां बरसाईं थीं। इस हमले का मास्टरमाइंड कसूरी को ही माना जाता है। कसूरी अक्सर अपनी भारत विरोधी बयानबाजियों के लिए जाना जाता है।
एक रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल ही में सैफुल्लाह कसूरी ने 2008 के मुंबई हमले की याद दिलाते हुए एक चेतावनी दी है। इसमें उसने समुद्री रास्ते से भारत में फिर से 26/11 जैसा हमला करने की धमकी दी है। वीडियो में, कसूरी कहता है कि पाकिस्तान ने 2025 में हवा पर कब्जा कर लिया था और अब 2026 में वे समुद्र पर कब्जा कर लेंगे। कथित तौर पर कसूरी ने कहा कि जमीन, हवा या समुद्र, दुश्मन के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।
वीडियो में कसूरी मुरीद के और बहावलपुर पर भारत के किए हमलों से बहुत बौखलाया लग रहा है। कसूरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए भारत पर वॉटर टेररिज्म का आरोप लगाया, और धमकी दी कि कश्मीर पर दबाव का जवाब बलूचिस्तान समेत दूसरी जगहों पर अशांति से दिया जाएगा।

भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत
भारत के लिए यह समझौता एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है। पिछले साल पेरिस में हुए ‘एआई एक्शन समिट’ में अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों ने यूरोपीय नियामक दृष्टिकोण का हवाला देते हुए घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। लेकिन नई दिल्ली में भारत ने इन सभी देशों को एक मंच पर लाने में सफलता हासिल की। भारत का मुख्य उद्देश्य एआई का “लोकतंत्रीकरण” करना है, ताकि यह तकनीक केवल कुछ बड़ी कंपनियों या व्यक्तियों के हाथों में न रहे, बल्कि इसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
नई दिल्ली डिक्लेरेशन के मुख्य पहलू
इस घोषणापत्र के माध्यम से हस्ताक्षर करने वाले देशों ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर सहमति जताई है, जो एआई के प्रभाव और उपयोग को वैश्विक स्तर पर बेहतर और सुरक्षित बनाएंगे:
डेमोक्रेटिक डिफ्यूजन चार्टर:
इस चार्टर के तहत एआई के बुनियादी संसाधनों तक सभी की पहुंच को बढ़ावा दिया जाएगा, साथ ही स्थानीय नवाचारों को भी समर्थन मिलेगा।
ग्लोबल एआई इम्पैक्ट कॉमन्स:
यह एक व्यावहारिक मंच होगा जो एआई के सफल उपयोगों को विभिन्न क्षेत्रों में अपनाने और पुनरावृत्त करने में मदद करेगा।
ट्रस्टेड एआई कॉमन्स:
एआई प्रणालियों की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी संसाधनों, बेंचमार्क और सर्वोत्तम प्रथाओं का साझा संग्रह बनाया जाएगा।
इंटरनेशनल नेटवर्क ऑफ एआई फॉर साइंस इंस्टीट्यूशन्स:
वैज्ञानिक अनुसंधान में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर के संस्थानों को जोड़ा जाएगा।
समाज के उत्थान के लिए एआई का उपयोग
इस घोषणापत्र में इस बात को स्वीकार किया गया है कि एआई समाज के सभी वर्गों के उत्थान की क्षमता रखता है। इसके लिए सोशल एम्पॉवरमेंट प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे विभिन्न सामाजिक वर्गों को एआई के लाभ मिल सकें। साथ ही, एआई के कारण बदलते रोजगार स्वरूप को ध्यान में रखते हुए, ‘रीस्किलिंग’ और कार्यबल विकास के लिए स्वैच्छिक मार्गदर्शक सिद्धांतों पर भी सहमति बनी है।
आगे की चुनौतियाँ और कार्यान्वयन
हालांकि 88 देशों ने इस डिक्लेरेशन पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती इन वादों को वास्तविकता में बदलना होगी, क्योंकि ये सभी प्रतिबद्धताएं स्वैच्छिक प्रकृति की हैं। कुछ सूत्रों के अनुसार, यूरोपीय संघ (EU) ने शुरुआत में इस घोषणापत्र के कुछ अंशों पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि वे संयुक्त राष्ट्र के (UN) चार्टर से मिलते-जुलते थे। हालांकि, भारत को एक महत्वपूर्ण व्यापारिक सहयोगी मानते हुए, यूरोपीय संघ अंततः इस पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हो गया।

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति लूला और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और विजन ने भारत-ब्राजील संबंधों को लंबे समय से मजबूती दी है। मोदी ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच पिछले वर्षों में हुई कई बैठकों ने भारत के प्रति राष्ट्रपति लूला की गहरी मित्रता और भरोसा स्पष्ट किया है।
व्यापार को 20 अरब डॉलर से आगे ले जाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साथी है। दोनों देश अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से ऊपर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “हमारा व्यापार सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि आपसी भरोसे की झलक में भी निहित है। राष्ट्रपति लूला के साथ आया बिजनेस डेलीगेशन इसी भरोसे को दर्शाता है।”
टेक्नोलॉजी और ग्लोबल साउथ पर ध्यान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग न केवल भारत और ब्राजील के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगा। AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम में साझेदारी से विकासशील देशों को तेजी से विकास का मार्ग मिल सकता है।


पैक्स सिलिका गठबंधन क्या है?
पैक्स सिलिका सहयोगी देशों के बीच एआई और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए प्रमुख गठजोड़ है। इसकी शुरुआत पिछले साल 12 दिसंबर को वॉशिंगटन में एक सम्मेलन के दौरान हुई थी। यह समझौता सहयोगी देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा सहमति को आगे बढ़ाता है। यहां पैक्स शब्द का अर्थ है- शांति, स्थिरता और समृद्धि। अमेरिका में आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेल्बर्ग ने कहा कि 20वीं सदी में दुनिया तेल और स्टील से चलती थी। लेकिन 21वीं सदी में दुनिया कंप्यूटर से चलती है, और उस कंप्यूटर को बनाने के लिए लिथियम और कोबाल्ट जैसे खनिज जरूरी हैं। पैक्स सिलिका का मकसद भरोसेमंद देशों के साथ एक साझा योजना बनाना है, ताकि वे भविष्य की एआई और तकनीक तैयार कर सकें। इसमें ऊर्जा, जरूरी खनिज, हाईटेक फैक्ट्री और एआई मॉडल, सब शामिल हैं।
क्या है साझा घोषणा?
पैक्स सिलिका की घोषणा में कहा गया है कि हम साझा समृद्धि, तकनीकी प्रगति और आर्थिक सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हैं। हम मानते हैं कि भरोसेमंद सप्लाई चेन और सुरक्षित एआई सिस्टम भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी हैं। एआई की तेज प्रगति वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन को बदल रही है और इससे ऊर्जा, जरूरी खनिज, मैन्युफैक्चरिंग, हार्डवेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और नए बाजारों में बड़े अवसर बनेंगे।
पैक्स सिलिका में शामिल देश
इस समझौते पर भारत से पहले हस्ताक्षर करने वाले देश में ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इजरायल, जापान, कतर, साउथ कोरिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और यूके शामिल हैं। हस्ताक्षर किए बना जुड़े देशों में कनाडा, यूरोपीयन संघ, नीदरलैंड, आर्थिक सहयोगिता और विकास के लिए संगठन (ओईसीडी) और ताइवान शामिल हैं।
पैक्स सिलिका का मकसद
पैक्स सिलिका का सबसे बड़ा मकसद किसी एक देश पर पूरी तरह से निर्भरता को कम करना है। इसका मतलब है कि देश किसी एक देश पर सामग्री, तकनीक या उत्पादों के लिए जरूरत से ज्यादा निर्भर न रहें, ताकि वैश्विक व्यापार में उन पर दबाव या उनका शोषण न किया जा सके। बिना नाम लिए यह गठजोड़ चीन की चुनौती को काउंटर करने की कोशिश है और खास तौर से रेयर अर्थ मेटल्स के सप्लाई चेन को सुरक्षित करने की बड़ी दीर्घकालिक योजना है।
60-70 फीसदी चीन का प्रभुत्व
दुर्लभ खनिज धरती के अंदर पाए जाने वाले 17 दुर्लभ धातु हैं। आज के तकनीक के जमाने में दुर्लभ खनिज ऐसा फैक्टर है जिससे नियंत्रण अपने हाथों में बनाए रखा जा सकता है। हथियारों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, गाड़ी बनाने से लेकर एयरोस्पेस बनाने तक, सेमीकंडक्टर और उपभोक्ता वस्तुओं के निर्माण में हर जगह रेयर अर्थ के कंपोनेंट अहम हैं। अभी चीन रेयर अर्थ मिनरल्स की वैश्विक आपूर्ति पर हावी है। दुनिया में रेयर अर्थ मिनरल्स के खनन का 60-70 प्रतिशत हिस्सा चीन का है।

सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज
पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान ग्रुप स्टेज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। चार मैचों में उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतक के साथ कुल 220 रन बनाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज 200 रन का आंकड़ा नहीं छू सका। दूसरे नंबर पर श्रीलंका के पाथुम निसंका रहे, जिन्होंने 4 मैचों में 66.33 की औसत और 156.69 के स्ट्राइक रेट के साथ 199 रन बनाए। निसंका ने भी इस दौरान एक शतक और एक अर्धशतक जड़ा। टॉप-5 में एकमात्र भारतीय खिलाड़ी ईशान किशन हैं। ग्रुप स्टेज खत्म होने तक ईशान 5वें पायदान पर रहे। चार मैचों में दो अर्धशतकों के साथ उन्होंने कुल 176 रन बनाए। पाकिस्तान के खिलाफ महामुकाबले में 77 रन की धुआंधार पारी खेलकर ईशान प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। इस लिस्ट में कुसल मेंडिस और एडन मारक्रम भी शामिल हैं।
सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज
जहां बल्लेबाजों ने धमाल मचाया, वहीं गेंदबाजों ने भी कमाल किया। ग्रुप स्टेज में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अमेरिका के शैडली वैन शाल्कविक के नाम रहा। सिर्फ चार मैचों में ही उन्होंने 13 विकेट लिए और दो बार 4-विकेट हॉल भी लिए। उनके बाद भारत के वरुण चक्रवर्ती ने 9 विकेट चटकाए और टॉप-5 में जगह बनाई। इसके अलावा ब्लेसिंग मुजरबानी, माइकल लीस्क और अजमतुल्लाह उमरजई ने भी 9-9 विकेट लेकर अपने नाम दर्ज किए। भले ही USA की टीम सुपर-8 में नहीं पहुंची, शैडली वैन शाल्कविक का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा।
ग्रुप स्टेज के आंकड़े यह साफ कर रहे हैं कि साहिबजादा फरहान, शैडली वैन शाल्कविक और वरुण चक्रवर्ती जैसे खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी टीमों के लिए बड़े गेम चेंजर साबित हो रहे हैं। सुपर-8 में अब मुकाबले और रोमांचक होने वाले हैं और फैंस को इस राउंड में भी कई धमाकेदार पारी और प्रदर्शन देखने को मिलने की उम्मीद है।

submarine
को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तैयार है। देश की तीसरी स्वदेशी परमाणु-सक्षम पनडुब्बी (Indigenous Nuclear-Capable Submarine) (SSBN), INS अरिधमन (S4) इस साल अप्रैल-मई तक नौसेना (Navy) में शामिल होने की संभावना है।
भारत की ‘सेकंड स्ट्राइक’ क्षमता में बड़ा इजाफा
भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल डी.के. त्रिपाठी ने पिछले दिसंबर में संकेत दिया था कि INS अरिधमन को 2026 में कमीशन किया जाएगा। वर्तमान में यह पनडुब्बी अपने समुद्री परीक्षणों के अंतिम चरण में है।
INS अरिधमन के शामिल होने के साथ ही भारत के पास पहली बार तीन परिचालन परमाणु पनडुब्बियां होंगी। यह भारत को ‘कंटीन्यूअस एट-सी डिटरेंस’ की रणनीति हासिल करने के करीब ले जाएगा, जिसका अर्थ है कि साल के 365 दिन भारत की कम से कम एक परमाणु पनडुब्बी समुद्र में गश्त पर तैनात रहेगी।
INS अरिधमन: क्यों है यह खास?
एक रिपोर्ट के मुताबिक, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विशाखापत्तनम में निर्मित यह पनडुब्बी अपने पूर्ववर्तियों (INS अरिहंत और INS अरिघात) की तुलना में अधिक घातक और एडवांस है।
बड़ा आकार और क्षमता: अरिधमन का वजन 7,000 टन है, जबकि पिछली पनडुब्बियां 6,000 टन की थीं।
हथियार प्रणाली: यह पनडुब्बी K-4 बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस होगी, जिसकी मारक क्षमता 3,500 किलोमीटर है। इसके अलावा, यह 24 K-15 ‘सागरिका’ मिसाइलों (750 किमी रेंज) को भी ले जा सकती है।
इंजन और तकनीक: इसमें 83 मेगावाट का प्रेशराइज्ड वॉटर रिएक्टर लगा है। दुश्मन की नजरों से बचने के लिए इसमें उन्नत ‘एनेकोइक टाइल्स’ लगाई गई हैं, जो शोर को कम करती हैं और इसे रडार की पकड़ से दूर रखती हैं।
स्वदेशी सेंसर: बेहतर लक्ष्य पहचान के लिए इसमें भारत में विकसित ‘उषस’ (USHUS) और ‘पंचेंद्रिय’ सोनार सिस्टम लगाए गए हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा जरूरी
भारत की यह तैयारी ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्र में सैन्य संतुलन बदल रहा है।
पाकिस्तान की तैयारी: पाकिस्तान चीन से $5 बिलियन के सौदे के तहत आठ उन्नत ‘हंगोर-क्लास’ पनडुब्बियां खरीद रहा है।
रूस से मदद: भारत रूस से एक अकुला-क्लास परमाणु हमलावर पनडुब्बी (चक्र-III) को भी लीज पर लेने की प्रक्रिया में है, जो 2027-28 तक आने की उम्मीद है।
जर्मनी के साथ डील: भारत और जर्मनी के बीच $8-10 बिलियन का प्रोजेक्ट-75(I) समझौता अंतिम चरण में है, जिसके तहत एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक वाली छह अत्याधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां बनाई जाएंगी।
एक बार चालू होने के बाद, INS अरिधमन को विशाखापत्तनम के पास ‘प्रोजेक्ट वर्षा’ नामक एक उच्च-सुरक्षा वाले भूमिगत बेस पर तैनात किया जाएगा। यह विकास भारत को उन चुनिंदा देशों की कतार में मजबूती से खड़ा करता है जिनके पास समुद्र के नीचे से परमाणु हमले को विफल करने और उसका जवाब देने की अचूक क्षमता है।

Pakistan
नई दिल्ली।
टी-20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) में लगातार दो मैच ग्रुप फेज में जीतने के बाद पाकिस्तान की टीम (Pakistan Team) अपने तीसरे मैच में भारत (India) के सामने खड़ी थी। कोलंबो (Colombo.) के आर प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार 14 फरवरी को ब्लॉकबस्टर मैच की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, पाकिस्तान की टीम इस मैच में फुस्स हो गई। पाकिस्तान को भारतीय टीम ने बुरी तरह से हराया। इसी हार की वजह से पाकिस्तान की टीम पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।दरअसल, पाकिस्तान की टीम टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप ए में है। पाकिस्तान के अलावा ग्रुप में चार और टीमें भी हैं। पांच में से कोई दो टीमें ही सुपर 8 के लिए क्वालीफाई करेंगी। अगले फेज के लिए भारतीय टीम ने क्वालीफाई कर लिया है। इसके अलावा एक टीम इस ग्रुप से एलिमिनेट हो गई है। ऐसे में तीन टीमों के बीच अब एक पायदान के लिए जंग होने वाली है और इस जंग में अगर पाकिस्तान की टीम मात खा जाए तो वह टी20 विश्व कप से बाहर हो जाएगी।
ग्रुप ए में इस समय 3 मैचों में जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम शीर्ष पर है और सुपर 8 में पहुंच गई है। दूसरे नंबर पर ग्रुप में यूएसए की टीम है, जो 4 में से दो मैच जीत चुकी है और दो मैच हारी है। सभी लीग मैच यूएसए के समाप्त हो चुके हैं। हालांकि, नेट रन रेट यूएसए का पाकिस्तान से बेहतर है, क्योंकि 3 मैचों के बाद 4 अंक हासिल कर चुकी पाकिस्तान की टीम तीसरे स्थान पर है। यूएसए का नेट रन रेट प्लस में है, जबकि पाकिस्तान का नेट रन रेट माइनस में है।
नीदरलैंड 3 में से एक मैच जीतने के बाद चौथे स्थान पर है और नामीबिया की टीम 3 मैच हार चुकी है और सबसे आखिरी पायदान पर है, जो एलिमिनेट हो गई है। हालांकि, यूएसए, पाकिस्तान और नीदरलैंड इस ग्रुप से सुपर 8 में जाने की रेस में हैं। अब सिनेरियो ये कहता है कि अगर पाकिस्तान की टीम अपने आखिरी मैच में नामीबिया से हार जाती है तो फिर पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी, क्योंकि नेट रन रेट यूएसए का बेहतर है।
थोड़े बहुत ही सही, लेकिन उम्मीद नीदरलैंड के भी सुपर 8 में जाने की हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें पहले तो भारत को बड़े अंतर से हराना होगा और उम्मीद करनी होगी कि पाकिस्तान की टीम को नामीबिया से हार मिल जाए। इसके अलावा उनका नेट रन रेट इतना बेहतर हो जाए कि यूएसए के नेट रन रेट को पीछे छोड़ दें, क्योंकि यूएसए के चार अंक हो चुके हैं और सभी मुकाबले उनके खेले जा चुके हैं। अगर पाकिस्तान की टीम नामीबिया को भले ही एक रन से ही क्यों न हराए, वह सुपर 8 में 6 अंकों के साथ क्वालीफाई कर जाएगी।