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  • 2026 Holiday: भारत में मिलती है सबसे ज्यादा छुट्टियां…. 190 देशों की सूची में सबसे शीर्ष पर

    2026 Holiday: भारत में मिलती है सबसे ज्यादा छुट्टियां…. 190 देशों की सूची में सबसे शीर्ष पर


    नई दिल्ली।
    दुनिया भर में छुट्टियों का कैलेंडर (Holiday Calendar) बताता है कि कोई देश अपनी संस्कृति, धर्म और काम के बीच कैसे संतुलन बनाता है। 2026 में छुट्टियों को लेकर जारी नए इंडेक्स में भारत (India) दुनिया के 190 देशों की सूची में सबसे शीर्ष (Top) पर है। अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता के कारण भारत 42 सार्वजनिक छुट्टियों के साथ पहले स्थान पर है। वहीं दुनिया का औसत मात्र 13 छुट्टियां हैं। इस सूची में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश अमेरिका (America) छुट्टियों के मामले में वैश्विक औसत से भी नीचे है। यह रिपोर्ट दुनिया भर के सांस्कृतिक, धार्मिक और राष्ट्रीय त्योहारों के आधार पर तैयार की गई है।


    भारत में ज्यादा छुट्टियां क्यों

    भारत की रैंकिंग इतनी अधिक होने का मुख्य कारण यहां की धार्मिक विविधता है। भारत इकलौता ऐसा देश है, जहां हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और जैन सभी प्रमुख धर्मों के त्योहारों पर राष्ट्रीय या क्षेत्रीय अवकाश दिया जाता है। वहीं भारत में केंद्र सरकार की लगभग 17 राजपत्रित छुट्टियों के अलावा विभिन्न राज्यों के अपने स्थानीय अवकाश से मिलने के बाद यह संख्या 42 के पास हो जाती है।


    न्यू ईयर पर कई देशों में अवकाश

    रिपोर्ट में बताया गया कि न्यू ईयर डे (1 जनवरी) दुनिया में सबसे ज्यादा मनाई जाने वाली छुट्टी है, जो कम से कम 169 देशों में आधिकारिक अवकाश है। वहीं 187 देशों में अपने स्वतंत्रता दिवस या राष्ट्रीय दिवस पर अनिवार्य सार्वजनिक अवकाश रखा जाता है। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि अधिक छुट्टियाँ काम और जीवन संतुलन में सुधार करती हैं, वहीं भारत में बिजनेस प्रोडक्टिविटी के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं।


    अनेक धर्मों के त्योहार

    कई देश राष्ट्रीय स्तर पर अनेक धर्मों के प्रमुख पर्व मनाते हैं। उदाहरण के लिए, कम से कम 52 देशों में क्रिसमस और ईद के लिए सार्वजनिक अवकाश होते हैं। इनमें से आधे से अधिक देश (30) अफ्रीका में हैं।


    सबसे अधिक छुट्टियों वाले शीर्ष देश

    रैंक देश कुल छुट्टियां (2026)
    1. भारत – 42
    2. नेपाल – 35
    3. म्यांमार – 30
    4. ईरान – 26
    5. श्रीलंका – 25


    इन देशों में छुट्टियां सीमित :

    – वियतनाम: 6 अवकाश हैं, दुनिया में सबसे कम
    – मेक्सिको: 8 छुट्टियां
    – ब्रिटेन : 8-10 बैंक हॉलिडे
    – नीदरलैंड: 9 छुट्टियां

  • युवाओं पर कोरियन कल्चर का रंग, ग्लास स्किन से के-पॉप तक बढ़ा क्रेज

    युवाओं पर कोरियन कल्चर का रंग, ग्लास स्किन से के-पॉप तक बढ़ा क्रेज


    नई दिल्ली । देशभर में कोरियन कल्चर का प्रभाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। संगीत, खान-पान, फैशन और जीवनशैली में कोरिया के नए ट्रेंड युवाओं में खासे लोकप्रिय हो गए हैं। राजधानी और बड़े शहरों में युवाओं की पसंद में के-पॉप म्यूजिक, ग्लास स्किन मेकअप, स्टाइलिश पहनावे और कोरियन फूड का क्रेज नजर आ रहा है।

    डिजिटल दुनिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की वजह से युवा पीढ़ी कोरियन कल्चर के करीब आ रही है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर के-पॉप वीडियो, कोरियन वेब सीरीज, ब्यूटी और फैशन टिप्स को बहुत देखा और अपनाया जा रहा है। इस प्रवृत्ति ने न केवल मेकअप और कपड़ों पर असर डाला है, बल्कि खाने-पीने की आदतों और लाइफस्टाइल में भी बदलाव लाए हैं।

    हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेंड का असर कुछ मामलों में नकारात्मक भी हो सकता है। हाल ही में गाजियाबाद में तीन बहनों द्वारा आत्महत्या की दुखद घटना ने सवाल उठाए कि कोरियन कल्चर की लगातार आदत और डिजिटल दुनिया के दबाव का युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। यह घटना यह संकेत देती है कि डिजिटल और ग्लोबल ट्रेंड्स के साथ संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

    फैशन और मेकअप के क्षेत्र में खासकर ग्लास स्किन और के-पॉप स्टार्स की स्टाइलिंग का क्रेज सबसे अधिक देखा जा रहा है। युवा अपनी पहचान और स्टाइल को कोरियन ट्रेंड्स के साथ जोड़ रहे हैं। खान-पान में भी कोरियन फूड जैसे किमची, त्तोकबॉकी और कोरियन स्नैक्स की मांग बढ़ रही है। शहरों में कोरियन रेस्टोरेंट्स और कैफे इस ट्रेंड का फायदा उठा रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि कोरियन कल्चर की लोकप्रियता तकनीक, ग्लोबल कनेक्टिविटी और डिजिटल कंटेंट की वजह से बढ़ी है। हालांकि, यह जरूरी है कि युवा अपने स्थानीय और पारंपरिक मूल्यों के साथ इस ट्रेंड का संतुलित अनुभव करें।

    देश के अलग-अलग हिस्सों में कोरियन कल्चर की लोकप्रियता यह दर्शाती है कि ग्लोबल कल्चर और डिजिटल दुनिया युवा पीढ़ी के जीवन पर तेजी से असर डाल रही है। यह प्रवृत्ति फैशन, म्यूजिक और फूड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं की सोच और सामाजिक व्यवहार में भी असर डाल रही है।

  • फिच रिपोर्ट: भारत इस साल भी बना रहेगा एशिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था… 6.4% रहेगी रफ्तार

    फिच रिपोर्ट: भारत इस साल भी बना रहेगा एशिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था… 6.4% रहेगी रफ्तार


    नई दिल्ली।
    फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत (India) 2026 में एशिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था (Asia’s Fastest-Growing Major Economy) बना रहेगा। एजेंसी को उम्मीद है कि भारत की अर्थव्यवस्था 2026 में 6.4 प्रतिशत की दर से विस्तार करेगी, जो फिलीपींस, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे क्षेत्रीय देशों से आगे होगी।

    फिच ने कहा कि भारत, इंडोनेशिया और फिलीपींस की इकनॉमिक ग्रोथ पर ट्रेड पैटर्न में बदलाव का फिलहाल कम असर पड़ेगा, क्योंकि ये अपेक्षाकृत बंद अर्थव्यवस्थाएं हैं और इनका मैन्यूफैक्चरिंग एक्सपोर्ट्स कम है। भारत अमेरिकी टैरिफ के जोखिम को कम करने के लिए कई व्यापार समझौतों के जरिए अमेरिका के अलावा दूसरे देशों के साथ अपने व्यापार संबंध बढ़ा रहा है। हाल ही में उसने यूरोपीय संघ के साथ भी समझौता किया है।

    पिछले दो महीनों में भारत ने अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ सौदे किए हैं। अमेरिका के साथ यह समझौता 6 फरवरी को घोषित किया गया था। रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि अमेरिकी टैरिफ का वास्तविक असर अभी स्पष्ट नहीं है।


    नीति और वित्तीय सुधार: मजबूत बुनियाद की ओर

    नीतिगत मोर्चे पर फिच का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव नहीं करेगा। दिसंबर में दर में कटौती के बाद अब RBI नीतिगत दर 5.25 प्रतिशत पर बनाए रख सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाई है और बजट में अधिक खर्च मदों को शामिल किया है। वहीं, तेज वृद्धि और वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने से राजस्व भी मजबूत हुआ है, जिससे मध्यम अवधि में सरकारी कर्ज में मामूली गिरावट की संभावना बढ़ी है। हालांकि, एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्ज का जीडीपी अनुपात अभी भी उच्च स्तर पर बने रहने का अनुमान है।

    7.3 ट्रिलियन का सपना: कैसे बदल रही है इंडियन इकनॉमी
    भारत का इकनॉमिक ग्रोथ लगातार दुनिया का ध्यान खींच रहा है। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में, देश 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। विकास की यह रफ्तार निर्णायक नीति-निर्माण, संरचनात्मक सुधारों और वैश्विक स्तर पर बढ़ते एकीकरण की मजबूती को दर्शाती है।

    तेज वृद्धि के साथ भारत ने एक बार फिर वैश्विक साथियों को पीछे छोड़ दिया है। यह उछाल मजबूत घरेलू मांग, नियंत्रित महंगाई और बढ़ती श्रम भागीदारी पर टिकी है। घरेलू निवेश में आई तेजी और निवेशकों के मजबूत विश्वास से स्थिर और व्यापक आधार वाली अर्थव्यवस्था की झलक मिलती है।


    जीडीपी आंकड़े: तेज छलांग का सबूत

    कुछ दिन पहले पीआईबी पर जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में मुद्रास्फीति-समायोजित वास्तविक जीडीपी 8.2% बढ़ने का अनुमान है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 5.6% थी। वहीं, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी 7.8% की दर से बढ़ी, जो पिछले साल की समान तिमाही में 6.5% थी। सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) के आंकड़े भी बताते हैं कि दूसरी तिमाही में प्राथमिक क्षेत्र में 3.1%, द्वितीयक क्षेत्र में 8.1% और सेवा क्षेत्र में 9.2% की वृद्धि दर्ज की गई।


    पहली छमाही में 8% की रफ्तार

    वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में वास्तविक जीडीपी 8% की दर से बढ़ी है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 6.1% थी। इस दौरान प्राथमिक क्षेत्र में 2.9% की मध्यम वृद्धि हुई, जबकि द्वितीयक (7.6%) और तृतीयक क्षेत्र (9.3%) ने लगातार शानदार विस्तार किया।

  • बांग्लादेश चुनाव में गठबंधन के साथ आगे चल रही BNP…. नतीजों पर भारत की पैनी नजर

    बांग्लादेश चुनाव में गठबंधन के साथ आगे चल रही BNP…. नतीजों पर भारत की पैनी नजर


    नई दिल्ली।
    बांग्लादेश चुनाव (Bangladesh Elections) पर भारत (India) की पैनी नजर बनी हुई है। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने बताया है कि पड़ोसी मुल्क के निमंत्रण के बाद भी भारत (India) की तरफ से पर्यवेक्षक (Supervisor) नहीं भेजे गए थे। साथ ही सरकार ने इसकी वजह भी बताई है। ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि तारिक रहमान (Tariq Rahman) की अगुवाई वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (Bangladesh Nationalist Party) और गठबंधन के साथ चुनाव में आगे चल रहे हैं।


    भारत ने क्यों नहीं भेजे पर्यवेक्षक

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हमें पर्यवेक्षक भेजने का निमंत्रण मिला था। हमने बांग्लादेश में अपने पर्यवेक्षकों को नहीं भेजा है।’ उन्होंने कहा, ‘बांग्लादेश में चुनाव हे रहा है। हमें चुनाव परिणामों का इंतजार करना चाहिए ताकि पता चल सके कि किस तरह का जनादेश आया है…और उसके बाद हम सामने आने वाले मुद्दों पर विचार करेंगे। चुनाव के संबंध में, आप जानते हैं कि हमारा रुख क्या रहा है। हम बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और विश्वसनीय चुनावों के पक्षधर हैं।’

    करीब 81 स्थानीय संगठनों के 55,454 पर्यवेक्षकों ने चुनाव की निगरानी की, जबकि विदेशी चुनाव पर्यवेक्षकों की संख्या 394 रही। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों में से 80 अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय संगठनों की तरफ से हैं, जबकि बाकी अलग-अलग देशों से हैं, जिनमें स्वतंत्र यूरोपीय पर्यवेक्षक भी शामिल हैं।


    किसके पक्ष में जा रहा है चुनाव

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुल 299 सीटों में से 174 निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना पूरी हो चुकी है। वहीं, 125 अभी बाकी हैं। बीएनपी और गठबंधन 135 पर आगे चल रहा है। वहीं, जमात और गठबंधन 34 पर आगे है। इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश 1 सीट पर आगे है। अन्य 4 पर बढ़त बनाए हुए है।


    बांग्लादेश चुनाव

    इस चुनाव में दो पूर्व सहयोगी दलों बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधनों के बीच सीधा मुकाबला है। जनमत सर्वेक्षणों में बीएनपी को मामूली बढ़त दी गई थी। गुरुवार को मुल्क की 300 में से 299 सीटों पर 60 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ था। खास बात है कि अगस्त 2024 में हुई हिंसा और शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद पहली बार आम चुनाव हो रहे हैं।


    शेख हसीना की पार्टी का नाम ही नहीं

    बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने शेख हसीना की अवामी लीग को पिछले साल भंग कर दिया था और पार्टी के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। बांग्लादेश में 30 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब हसीना की अवामी लीग का चुनाव चिन्ह ‘नाव’ मतपत्र पर नहीं दिखाई दिया।

  • रूस से 288 S-400 मिसाइलों की खरीदी करेगा भारत… DAC ने दी मंजूरी…

    रूस से 288 S-400 मिसाइलों की खरीदी करेगा भारत… DAC ने दी मंजूरी…


    नई दिल्ली।
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने रूस (Russia) से 288 S-400 मिसाइलों (S-400 Missiles) की खरीद को आवश्यक स्वीकृति (AoN) प्रदान कर दी है। इन मिसाइलों की अनुमानित लागत 10,000 करोड़ है। यह निर्णय मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ के दौरान इस्तेमाल की गई मिसाइलों के स्टॉक को फिर से भरने और देश की हवाई रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, DAC द्वारा मंजूर की गई AoN में 120 छोटी दूरी वाली और 168 लंबी दूरी वाली मिसाइलें शामिल हैं। इन मिसाइलों की खरीद फास्ट ट्रैक प्रोसीजर के माध्यम से की जाएगी।

    इसके अतिरिक्त, भारत को पहले से अनुबंधित दो और S-400 सिस्टम इसी साल जून और नवंबर में मिलने वाले हैं। वायुसेना S-400 के साथ-साथ पैंटसिर छोटी दूरी वाली प्रणाली को खरीदने का प्रस्ताव भी रख रही है, जो ड्रोन और कामिकेज़ ड्रोन से निपटने में प्रभावी है।


    ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की भूमिका

    S-400 मिसाइलों का स्टॉक बढ़ाना इसलिए जरूरी समझा गया क्योंकि भारतीय सशस्त्र बलों ने मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इनका व्यापक उपयोग किया था। इन मिसाइलों ने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों, अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट और सशस्त्र ड्रोन को मार गिराया था।

    खास बात यह है कि जब भारत ने S-400 मिसाइल का उपयोग करके पाकिस्तान के पंजाब में 314 किमी की दूरी पर एक बड़े विमान को मार गिराया, तो पाकिस्तान ने अपने लगभग सभी ऑपरेशनल विमानों को अफगानिस्तान और ईरान के पास के हवाई अड्डों पर स्थानांतरित कर दिया था। अदमपुर और भुज सेक्टर में तैनात S-400 सिस्टम के डर से 9-10 मई को पाकिस्तानी वायुसेना ने कोई कार्रवाई नहीं की।


    रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया

    भारत की रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया सख्त निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कई चरणों से गुजरती है। ‘स्टेटमेंट ऑफ केस’ से शुरू होकर, यह प्रस्ताव रक्षा खरीद बोर्ड और फिर DAC तक जाता है, जिसके बाद कीमत पर बातचीत होती है। अंतिम मंजूरी सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) द्वारा दी जाती है।

    गुरुवार को, रक्षा मंत्री ने कुल ₹3.60 लाख करोड़ से अधिक के विभिन्न प्रस्तावों को AoN दी। इसमें राफेल फाइटर जेट, कॉम्बैट मिसाइल और हाई एल्टीट्यूड स्यूडो-सैटेलाइट की खरीद। अधिकांश लड़ाकू विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। एंटी-टैंक माइन्स (विभव) और टैंकों व लड़ाकू वाहनों (BMP-II) का ओवरहाल। मरीन गैस टर्बाइन-आधारित इलेक्ट्रिक पावर जनरेटर और P-8I लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान।

  • भ्रष्टाचार के मामले में सुधरी भारत की रैकिंग, 185 देशों की लिस्ट में 5 स्थान की छलांग… 91वें स्थान पर पहुंचा

    भ्रष्टाचार के मामले में सुधरी भारत की रैकिंग, 185 देशों की लिस्ट में 5 स्थान की छलांग… 91वें स्थान पर पहुंचा


    नई दिल्ली।
    भारत (India) मंगलवार को जारी भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (Corruption Perceptions Index.-CPI) 2025 में 182 देशों और क्षेत्रों में से 91वें स्थान पर पहुंच गया। यह पिछली रैंकिंग की तुलना में पांच स्थान बेहतर है। वैश्विक गैर-सरकारी संगठन (Global Non-Governmental Organizations) ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (Transparency International) के नवीनतम सीपीआई के अनुसार, भारत का स्कोर पिछले साल की तुलना में एक अंक बढ़ा है। वहीं, उसकी रैंक बेहतर हुई है। बर्लिन स्थित भ्रष्टाचार विरोधी निगरानी संस्था की रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया प्रशांत इलाके में भ्रष्टाचार विरोधी प्रगति की वृद्धि धीमी रही है। वजह, कई देशों में पिछले साल जनता का गुस्सा देखा गया।


    दुनिया के हर हिस्से में खतरा

    2025 भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक दिखाता है कि भ्रष्टाचार दुनिया के हर हिस्से में एक गंभीर खतरा बना हुआ है। हालांकि इसकी प्रगति की रफ्तार जरूर प्रभावित हुई है। रिपोर्ट में कहा गया कि नेताओं को सत्ता के दुरुपयोग और इस गिरावट को प्रेरित करने वाले व्यापक कारकों, जैसे लोकतांत्रिक जांच और संतुलन की वापसी और स्वतंत्र नागरिक समाज पर हमलों से निपटने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए। इसमें आगे कहा गया है कि दुनिया भर में सरकार विरोधी प्रदर्शन यह दिखाते हैं कि लोग अक्षम नेतृत्व से उकता चुके हैं। यह लोग अब सुधार की मांग कर रहे हैं।


    पत्रकारों के लिए खतरनाक

    सीपीआई दुनिया के 182 देशों और क्षेत्रों को उनके सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के अनुमानित स्तर के अनुसार रैंक करता है। परिणाम जीरो (अत्यधिक भ्रष्ट) से 100 (बहुत साफ) के पैमाने पर दिए जाते हैं। रिपोर्ट में भारत को उन देशों में भी सूचीबद्ध किया गया है जो भ्रष्टाचार पर रिपोर्ट करने वाले पत्रकारों के लिए खतरनाक हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब पत्रकारों पर भ्रष्टाचार की जांच करने के लिए हमला किया जाता है या उन्हें मार दिया जाता है, तो सत्ता को प्रभावी ढंग से जवाबदेह नहीं ठहराया जा सकता और भ्रष्टाचार की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। 2012 से, वैश्विक स्तर पर गैर-संघर्ष क्षेत्रों में 829 पत्रकारों की हत्या की जा चुकी है। इन हत्याओं में से 90 फीसदी से अधिक उन देशों में हुई हैं, जहां भ्रष्टाचार सूचकांक 50 से कम है। इनमें ब्राजील (35), भारत (39), मैक्सिको (27), पाकिस्तान (28) और इराक (28) शामिल हैं। यह विशेष रूप से उन पत्रकारों के लिए खतरनाक हैं जो भ्रष्टाचार पर रिपोर्टिंग करते हैं।


    भ्रष्टाचार की कीमत

    रिपोर्ट में कहा गया है कि 2012 के बाद से 31 देशों ने अपने भ्रष्टाचार के स्तर में काफी कमी की है। बाकी इस समस्या से निपटने में विफल रहे हैं। इस अवधि के दौरान या तो वह स्थिर रहे हैं या बदतर हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक औसत गिरकर 42 के नए निचले स्तर पर आ गया है, जबकि दो-तिहाई से अधिक देश 50 से नीचे स्कोर कर रहे हैं। लोग इसकी कीमत चुका रहे हैं, क्योंकि भ्रष्टाचार के कारण अस्पताल की सुविधाओं में कमी आती है। बाढ़ से निपटने की क्षमता पर असर पड़ता है। कुल मिलाकर यह युवाओं के सपनों पर खत्म कर देता है। इस सूचकांक में डेनमार्क 89 प्वॉइंट्स के साथ टॉप पर है। वह फिनलैंड और सिंगापुर से आगे है। वहीं, दक्षिण सूडान और सोमालिया की हालत भ्रष्टाचार के मामले में काफी खराब है। दोनों के नौ-नौ प्वॉइंट्स हैं। इनके बाद वेनेजुएला है।

  • 'इंडिया को 4 गुजराती चला रहे हैं', IND vs PAK मैच से पहले शाहिद अफरीदी ने उगला जहर; जानें अब क्या कहा

    'इंडिया को 4 गुजराती चला रहे हैं', IND vs PAK मैच से पहले शाहिद अफरीदी ने उगला जहर; जानें अब क्या कहा


    नई दिल्ली ।टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत बनाम पाकिस्तान मैच को लेकर पिछले काफी दिनों से विवाद चल रहा है. पाकिस्तान ने 15 फरवरी को होने वाले भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का एलान किया, लेकिन अब अपने फैसले से यू-टर्न लेते हुए उन्हें खेलने के लिए राजी होना पड़ा. इस बीच शाहिद अफरीदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हमेशा की तरह इसमें भी वह भारत के खिलाफ जहर ही उगल रहे हैं.

    पूरा पाकिस्तान इस समय बौखलाया हुआ है, जो उनके बयानों से साफ झलक रहा है. दरअसल पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर्स पहले इस बात से खुश थे कि उनके देश ने भारत के खिलाफ मैच खेलने से मना कर दिया. उन्हें लगा कि इससे बीसीसीआई या आईसीसी दबाव में आ जाएगा, लेकिन इसके उलट पीसीबी पर ही दबाव बढ़ता गया और अंत में उन्हें भारत के खिलाफ खेलने के लिए राजी होना पड़ा. शाहिद अफरीदी का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं कि भारत को सिर्फ 4 गुजराती चला रहे हैं.

    शाहिद अफरीदी ने उगला भारत के खिलाफ जहर
    पाकिस्तानी टीवी चैनल समा पर एक शो के दौरान शाहिद अफरीदी ने कहा, “इंडिया को 4 गुजराती चला रहे हैं. 2 बेच रहे हैं और 2 चला रहे हैं. अगर नीचे काम करने वालों को इन्हीं चारों को खुश करना है तो ऐसे चीजें चलती नहीं हैं.” अफरीदी की बातों से साफ झलक रहा था कि वह आईसीसी के सामने पाकिस्तान क्रिकेट की बेबसी और हालत देखकर कितने मायूस हैं.

    15 फरवरी को होगा भारत-पाकिस्तान मैच
    भारत और पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप में एक ही ग्रुप (A) में शामिल हैं. दोनों के बीच 15 फरवरी को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में मैच होना है. पाकिस्तान ने जब इस मैच के बहिष्कार का फैसला किया था तो उसके बाद सूर्यकुमार यादव ने साफ कहा था कि टीम इंडिया मैच खेलने जाएगी, चाहे विरोधी टीम आए या न आए. भारत शुरुआत से अपने स्टैंड पर अड़ा रहा, लेकिन अंत में पाकिस्तान को झुकना पड़ा.
  • क्रिकेट की जीत…IND vs PAK मैच को लेकर राजीव शुक्ला ने ICC की जमकर की तारीफ

    क्रिकेट की जीत…IND vs PAK मैच को लेकर राजीव शुक्ला ने ICC की जमकर की तारीफ


    नई दिल्ली । टी-20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाला मैच अब तय है। बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इसकी पुष्टि की है। पहले बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों से भारत में खेलने से इनकार किया था, जिसके बाद पाकिस्तान ने भी बहिष्कार की धमकी दी थी। हालांकि, आईसीसी की मध्यस्थता और पाकिस्तान सरकार की मंजूरी के बाद यह विवाद सुलझ गया है। शुक्ला ने इसे ‘क्रिकेट की जीत’ बताया है।
    टी-20 विश्व कप में 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के साथ मैच खेलने के लिए पाकिस्तान तैयार हो गया है, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा आज होगी। इस बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला का रिएक्शन सामने आया है।उन्होंने आईसीसी के प्रयासों की सराहना की और ये पुष्टि की है कि टी20 विश्व कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला हाई-वोल्टेज मुकाबला अब तय कार्यक्रम के अनुसार कोलंबो में खेला जाएगा।

    Rajeev Shukla ने IND vs PAK मैच को लेकर क्या कहा?

    दरअसल, बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने 10 फरवरी को पत्रकारों से बात करते हुए इसे “क्रिकेट की जीत” करार दिया। उन्होंने कहा कि आईसीसी ने जिस तरह से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के साथ बातचीत कर बीच का रास्ता निकाला है, वह काबिले तारीफ है।
    पूरा विवाद समझेंये पूरा मामला बीसीसीआई के बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 के लिए टीम से रिलीज करने का केकेआर को आदेश दिया था, जिसके बाद बांग्लादेश की सरकार ने ये फैसला लिया कि उनकी नेशनल टीम टी-20 विश्व कप के लिए भारत नहीं आएगी।

    बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मैच भारत से बाहर कराने की आईसीसी से मांग की थी। आईसीसी द्वारा इस मांग को ठुकराए जाने और बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर करने के बाद, पाकिस्तान ने एकजुटता दिखाते हुए भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार की धमकी दी थी। हालांकि, अब ये मामला सुलझ गया है।

    पाकिस्तान सरकार ने दी हरी झंडी

    सोमवार को पाकिस्तान सरकार ने अपनी टीम को भारत के खिलाफ मैदान में उतरने का औपचारिक निर्देश दिया। पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को आईसीसी और अन्य हितधारकों के साथ हुई चर्चा की जानकारी दी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति से भी बातचीत की।

    पाकिस्तान के अपने फैसले से यू-टर्न के बाद राजीव शुक्ला ने ये विश्वास भी जताया कि यह विश्व कप एक बड़ी सफलता साबित होगा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की चिंताओं को भी सुना गया है और उनके बोर्ड को कुछ राहत दी गई है, जिससे वे भी अब संतुष्ट हैं।अब सबकी निगाहें 15 फरवरी पर टिकी हैं, जब कोलंबो में डिफेंडिंग चैंपियन भारत का सामना अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा।

  • ई-कचरा नियमन पर अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के लिए छह देशों के प्रतिनिधि भारत पहुंचे

    ई-कचरा नियमन पर अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के लिए छह देशों के प्रतिनिधि भारत पहुंचे


    नई दिल्ली।
    देश में आज से 13 फरवरी तक होने वाले ई-कचरा के नियमन और रीसाइक्लिंग (Regulation and Recycling of E-Waste) पर अंतरराष्ट्रीय अध्ययन (International Studies) के लिए छह देशों के प्रतिनिधि भारत (India) पहुंचे हैं। कार्यक्रम का आयोजन अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) और दूरसंचार विभाग कर रहा है।

    केंद्रीय संचार मंत्रालय के अनुसार, कार्यक्रम में कोलंबिया, डोमिनिकन गणराज्य, भारत, मलेशिया, नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि शामिल हैं। पहले दिन करीब 40 प्रतिभागी मौजूद रहे। संचार मंत्रालय ने बताया कि कार्यक्रम में 09 से 11 फरवरी तक तकनीकी कार्यशाला होगी। इसमें ई-कचरा से जुड़े कानून, उत्पादक की जिम्मेदारी और डिजिटल निगरानी प्रणाली पर चर्चा होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार क्षेत्र में सर्कुलर मॉडल पर भी फोकस रहेगा।

    डिजिटल संचार आयोग के सदस्य रुद्र नारायण पलई ने कहा कि भारत ई-कचरा रीसाइक्लिंग में वैश्विक नेतृत्व कर सकता है। उन्होंने कहा कि सही प्रबंधन से हरित रोजगार बनेंगे और कच्चे माल की कमी घटेगी। कोलंबिया के राजदूत डॉ विक्टर ह्यूगो एचेवेरी जारामिलो ने कहा कि यह दौरा केवल तकनीकी कार्यक्रम नहीं है। यह देशों के बीच भरोसा और दीर्घकालिक सहयोग का मंच है।

    दूरसंचार विभाग के सलाहकार शुभेंदु तिवारी ने कहा कि मजबूत नियमों के साथ उद्योग की भागीदारी जरूरी है। आधुनिक रीसाइक्लिंग ढांचे में निवेश पर जोर दिया गया।

    12 फरवरी को प्रतिनिधि राजस्थान के अलवर में स्थित ई-कचरा रीसाइक्लिंग इकाई का दौरा करेंगे। 13 फरवरी को आईटीयू क्षेत्रीय कार्यालय और नवाचार केंद्र का भ्रमण होगा। यह अध्ययन दौरा अक्टूबर 2025 में कोलंबिया में हुए पहले आदान-प्रदान के बाद हो रहा है। अगला अध्ययन दौरा अप्रैल 2026 में दक्षिण अफ्रीका में होगा। उल्लेखनीय है कि दुनिया में हर साल 6.2 करोड़ टन ई-कचर निकलता है। केवल 22.3 प्रतिशतक कचरा ही औपचारिक रूप से एकत्र और रिसाइकिल किया जाता है।

  • भारत-वियतनाम के बीच रेशम और वस्त्र क्षेत्र में मजबूत होगा द्विपक्षीय सहयोग

    भारत-वियतनाम के बीच रेशम और वस्त्र क्षेत्र में मजबूत होगा द्विपक्षीय सहयोग


    नई दिल्ली।
    भारतीय रेशम और वस्त्र उद्योग (Indian Silk and Textile Industry) के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, वस्त्र मंत्रालय (Ministry of Textiles) के केंद्रीय रेशम बोर्ड और प्रमुख भारतीय उद्यमियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वियतनाम का पांच दिवसीय आधिकारिक दौरा किया।

    वस्त्र मंत्रालय के अनुसार हनोई स्थित भारतीय दूतावास के सहयोग से आयोजित इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रेशम उत्पादन, हथकरघा और तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

    यात्रा के दौरान, केंद्रीय रेशम बोर्ड के संयुक्त सचिव (तकनीकी) डॉ. नरेश बाबू एन. ने वियतनाम के अग्रणी वस्त्र निर्माता और निर्यातकों में शामिल बिटेक्सको नाम लॉन्ग जॉइंट स्टॉक कंपनी के अध्यक्ष को फाइव-इन-वन सिल्क स्टोल (छोटे शॉल) भेंट कर सम्मानित किया और कंपनी को भारत टेक्स 2026 में भाग लेने का न्यौता दिया। उन्होंने वियतनाम टेक्सटाइल एंड अपैरल एसोसिएशन (वीआईटीएएस) को भी भारत टेक्स 2026 के लिए आमंत्रित किया और वियतनाम एसोसिएशन ऑफ क्राफ्ट विलेजेज के साथ हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने, उत्पादों के विकास, ग्राम स्तरीय रेशमी वस्त्र उत्पादन, निर्यात और नीतिगत समर्थन पर चर्चा की। वियतनामी एसोसिएशन ने इस पर सहयोग में गहरी रुचि दिखाई।

    प्रतिनिधिमंडल ने हनोई में भारत के राजदूत शेरिंग वांगचुक शेरपा से मुलाकात कर रेशम और वस्त्र क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर गहन चर्चा की। इस दौरान भारत और वियतनाम के बीच व्यापार-से-व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर सहमति बनी।

    ​भारतीय दल ने हनोई के ऐतिहासिक वान फुक सिल्क क्राफ्ट विलेज का दौरा किया। यहां के बुनाई, डिजाइन और फैशन के एकीकृत मॉडल का अध्ययन किया गया, जिससे भारत में ‘रेशम उत्पादन-पर्यटन’ मॉडल विकसित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, दल ने स्वचालित रीलिंग इकाइयों और शहतूत के खेतों का भी निरीक्षण किया।

    ​वियतनाम में आयोजित दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों—वियतनाम इंटरनेशनल वैल्यू चेन एग्जिबिशन 2026 और वियतनाम ग्लोरियस स्प्रिंग फेयर 2026 में केंद्रीय रेशम बोर्ड के स्टॉल भी लगाया गया। भारतीय रेशम उत्पादों के प्रति बढ़ती रुचि ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाया।

    इस यात्रा के समापन पर विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और वियतनाम के बीच इस सहयोग से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और आधुनिक सिलाई तकनीकों का आदान-प्रदान होगा, उत्पाद विविधीकरण के नए अवसर मिलेंगे, ​दोनों देशों के बीच संवहनीय विकास और वैश्विक बाजार संबंधों को मजबूती मिलेगी।