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  • भारत से मैच के बहिष्कार पर आईसीसी की सख्त चेतावनी, पाकिस्तान की चयनात्मक भागीदारी पर उठे सवाल

    भारत से मैच के बहिष्कार पर आईसीसी की सख्त चेतावनी, पाकिस्तान की चयनात्मक भागीदारी पर उठे सवाल


    नई दिल्ली।
    पुरुष । टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) में भारत (India) के खिलाफ मुकाबले से अलग रहने के पाकिस्तान (Pakistan) के फैसले पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) (International Cricket Council – ICC) ने कड़ा रुख अपनाया है। आईसीसी ने स्पष्ट कहा है कि किसी वैश्विक टूर्नामेंट में चयनात्मक भागीदारी खेल की निष्पक्षता और प्रतिस्पर्धी भावना के खिलाफ है तथा इसके दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं।

    यह प्रतिक्रिया उस बयान के बाद आई, जिसमें पाकिस्तान सरकार ने टीम को टूर्नामेंट खेलने की अनुमति तो दी, लेकिन 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच में न उतरने की बात कही। हालांकि इस फैसले का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया। आईसीसी ने कहा कि उसे अभी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से औपचारिक सूचना का इंतजार है।

    परिषद ने अपने बयान में दोहराया कि उसके टूर्नामेंट समान शर्तों पर सभी टीमों की भागीदारी, निरंतरता और खेल भावना पर आधारित होते हैं। किसी एक मैच का बहिष्कार प्रतियोगिता की पवित्रता को प्रभावित करता है और इससे वैश्विक क्रिकेट ढांचे पर असर पड़ सकता है। आईसीसी ने उम्मीद जताई कि पीसीबी ऐसा समाधान तलाशेगा जो सभी हितधारकों के हितों की रक्षा करे।

    भारत-पाकिस्तान मुकाबला आईसीसी आयोजनों का सबसे अधिक दर्शक जुटाने वाला और व्यावसायिक रूप से अहम मैच माना जाता है। इसी कारण दोनों टीमों को अक्सर एक ही समूह में रखा जाता रहा है।

    नियमों के मुताबिक यदि पाकिस्तान यह मैच नहीं खेलता है तो उसे दो अंक गंवाने पड़ सकते हैं। साथ ही उसकी नेट रन रेट पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा, क्योंकि फॉरफिट की स्थिति में पूरे 20 ओवर उसकी पारी में जोड़े जाते हैं।

    टी20 विश्व कप 2026 की सह-मेजबानी भारत और श्रीलंका कर रहे हैं। पाकिस्तान को अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलने हैं। वह 07 फरवरी को नीदरलैंड्स के खिलाफ अभियान शुरू करेगा, जबकि अमेरिका और नामीबिया से उसके मुकाबले क्रमशः 10 और 18 फरवरी को निर्धारित हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि पीसीबी आगे क्या रुख अपनाता है।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026 : पाकिस्तान करेगा भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार, न्यूट्रल वेन्यू पर खेलेगा बाकी मुकाबले

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 : पाकिस्तान करेगा भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार, न्यूट्रल वेन्यू पर खेलेगा बाकी मुकाबले


    नई दिल्ली।
    टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) से पहले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों (India-Pakistan cricket Relations) में एक नया मोड़ आ गया है। पाकिस्तान सरकार ने अपनी पुरुष क्रिकेट टीम को टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति तो दे दी है, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले लीग मैच का बहिष्कार (Boycott of League Match) करने का फैसला किया है। यह मुकाबला श्रीलंका के कोलंबो में खेला जाना था।

    राजनीतिक तनाव के चलते पाकिस्तान ने भारत में अपने मैच खेलने से पहले ही इनकार कर दिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पाकिस्तान के मैच न्यूट्रल वेन्यू श्रीलंका शिफ्ट कर दिए। भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से हुए समझौते के अनुसार, जब भी दोनों देशों में से कोई आईसीसी इवेंट की मेजबानी करेगा, तो द्विपक्षीय मुकाबले न्यूट्रल स्थल पर खेले जाएंगे।

    इस पूरे घटनाक्रम में बांग्लादेश का मुद्दा भी जुड़ा है। बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देकर अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग की थी, जिसे आईसीसी ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद बांग्लादेश ने टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। पाकिस्तान ने इस मामले में बांग्लादेश का समर्थन किया था और एकजुटता दिखाने के संकेत दिए थे।

    गौरतलब है कि भारत ने 2008 के बाद से पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। हाल के वर्षों में दोनों टीमें आईसीसी आयोजनों में ही आमने-सामने होती रही हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी भारत ने अपने सभी मैच दुबई में खेले थे।

    भारत-पाकिस्तान मुकाबला किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है। ऐसे में पाकिस्तान के इस फैसले से टूर्नामेंट के कार्यक्रम और व्यावसायिक समीकरणों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। अब निगाहें आईसीसी के अगले कदम और संभावित समाधान पर टिकी हैं।

  • भारत ने पाकिस्तान को हराकर अंडर-19 विश्व कप सेमीफाइनल में बनाई जगह

    भारत ने पाकिस्तान को हराकर अंडर-19 विश्व कप सेमीफाइनल में बनाई जगह


    बुलावायो।
    अंडर-19 वर्ल्ड कप (Under-19 World Cup) के एक बेहद रोमांचक लेकिन रणनीतिक रूप से हैरान करने वाले मुकाबले में भारत (India) ने सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। पाकिस्तान (Pakistan) के सामने सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए 253 रनों के लक्ष्य के साथ-साथ एक कठिन डेडलाइन भी थी, लेकिन पाकिस्तानी टीम ने सेमीफाइनल के गणित को सुलझाने के बजाय केवल मैच जीतने पर ध्यान दिया, जिसके चलते वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। और आखिर में मैच भी नहीं जीत सके।

    सेमीफाइनल के समीकरण के अनुसार, पाकिस्तान को न केवल भारत को हराना था, बल्कि अपने नेट रन-रेट को बेहतर करने के लिए इस लक्ष्य को 33.3 ओवरों के भीतर हासिल करना था। यदि पाकिस्तान ऐसा कर लेता, तो वह भारत को पीछे छोड़कर अंतिम चार में पहुंच जाता। हालांकि, मैदान पर नजारा इसके बिल्कुल विपरीत रहा। पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही बेहद धीमी बल्लेबाजी की, जिससे ऐसा लगा कि उनका मिशन सेमीफाइनल में पहुंचना नहीं, बल्कि किसी भी तरह केवल भारत को हराना है।

    भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए या तो यह मैच जीतना था, या फिर पाकिस्तान को 33.3 ओवरों तक लक्ष्य हासिल करने से रोकना था। पाकिस्तान की धीमी शुरुआत ने भारत का काम आसान कर दिया। जैसे ही मैच 34वें ओवर में प्रवेश कर गया, भारत की सेमीफाइनल में जगह तकनीकी रूप से पक्की हो गई। पाकिस्तानी टीम की इस रणनीति पर क्रिकेट विशेषज्ञों ने हैरानी जताई है, क्योंकि उन्होंने टूर्नामेंट में बने रहने के मौके को खुद ही हाथ से जाने दिया।

    भारत ने पाकिस्तान को 58 रनों से हरा दिया। इसी के साथ टीम इंडिया ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश पा लिया है। इस मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेदबाजी चुनी थी। पहले बल्लेबाजी करने आई भारतीय टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई और 252 रनों पर ऑलआउट हो गई थी। जवाब में पाकिस्तान टीम 194 रन ही बना पाई।

    इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान, पहले ही वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में प्रवेश पा चुके थे। ऐसे में भारत बनाम पाकिस्तान मैच पर सबकी नजरें टिकी हुई थीं, क्योंकि इसी मुकाबले का परिणाम तय करता कि सेमीफाइनल में जाने वाली चौथी टीम कौन सी होगी।

    भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 252 रनों का लक्ष्य दिया था। चूंकि नेट रन-रेट में पाकिस्तान बहुत पीछे था, इसलिए उसे 33.3 ओवरों में यह लक्ष्य हासिल करना था। उस्मान खान, कप्तान फरहान यूसुफ और सलामी बल्लेबाज हमजा जहूर ने एक समय टीम इंडिया की धड़कनें बढ़ा दी थीं, लेकिन पाकिस्तान का लोवर मिडिल ऑर्डर और पुछल्ले बल्लेबाज बुरी तरह फ्लॉप हो गए।

    पाकिस्तान टीम एक समय 30वें ओवर में केवल 2 विकेट के नुकसान पर 151 रन बना चुकी थी। पाकिस्तान का स्कोरबोर्ड 5 से ज्यादा रन रेट से आगे बढ़ रहा था। पाक टीम आसान जीत की ओर अग्रसर थी, लेकिन तभी आरएस अंबरिस ने कप्तान फरहान यूसुफ को 38 के स्कोर पर आउट कर दिया. मैच का रुख यहीं से पलट चुका था।

    इसी बीच कप्तान आयुष म्हात्रे का भी खतरनाक स्पेल शुरू हुआ, जिन्होंने थोड़ी देर बाद ही अहमद हुसैन को आउट करके पाकिस्तान टीम को संभलने का मौका नहीं दिया. इसके बाद भी उस्मान खान बचे हुए थे, लेकिन म्हात्रे ने उन्हें 66 के स्कोर पर आउट करके पवेलियन भेज दिया. म्हात्रे द्वारा लगातार 2 सेट बल्लेबाजों को आउट करना, मतलब मैच भारत की झोली में आता दिख रहा था. पाकिस्तान के अंतिम 6 विकेट महज 43 रनों के भीतर गिर गए।

  • भारत ने न्यूजीलैंड को 46 रनों से हराकर 4-1 से सीरीज जीती, ईशान किशन का तूफानी शतक और अर्शदीप का पंजा

    भारत ने न्यूजीलैंड को 46 रनों से हराकर 4-1 से सीरीज जीती, ईशान किशन का तूफानी शतक और अर्शदीप का पंजा


    तिरुवनंतपुरम।
    भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) ने ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड (New Zealand) को 46 रनों से हराकर पांच मैचों की सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली। इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 271 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट (International T20 cricket) में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 19.4 ओवर में 225 रन पर ऑलआउट हो गई।

    भारत की जीत के नायक विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह रहे। ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 42 गेंदों में अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। उन्होंने 43 गेंदों पर 103 रन बनाए, जिसमें 10 छक्के और 6 चौके शामिल थे। यह भारत के लिए टी20I में पांचवां सबसे तेज और न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे तेज शतक रहा। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 63 रनों की सधी हुई पारी खेली, जबकि हार्दिक पांड्या ने अंत में 17 गेंदों पर 42 रन बनाकर स्कोर को और मजबूत किया।

    न्यूजीलैंड की ओर से फिन एलेन ने वापसी करते हुए आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और 38 गेंदों पर 80 रन ठोके। हालांकि, उनके आउट होते ही मेहमान टीम की पारी लड़खड़ा गई। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर विकेट चटकाकर मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया।

    अर्शदीप सिंह ने इस मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए 4 ओवर में 51 रन देकर 5 विकेट झटके। यह उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का दूसरा पांच विकेट हॉल रहा और इसी के साथ वह इस सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बने। अक्षर पटेल ने 3 विकेट लिए, जबकि वरुण चक्रवर्ती ने 1 सफलता हासिल की।

    इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में अपना दबदबा कायम रखा। नागपुर में पहला मैच जीतने के बाद भारत ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया, जबकि न्यूजीलैंड की एकमात्र जीत विशाखापट्टनम में चौथे टी20 में आई थी। अंतिम मुकाबले में दमदार वापसी के साथ भारत ने सीरीज को शानदार अंदाज में समाप्त किया और आगामी टी20 विश्व कप से पहले आत्मविश्वास बढ़ाया।

  • एयरबस को भारत के पहले एच175 हेलीकॉप्‍टर के लिए मिला ऑर्डर

    एयरबस को भारत के पहले एच175 हेलीकॉप्‍टर के लिए मिला ऑर्डर


    नई दिल्‍ली।
    फ्रांस की कंपनी एयरबस कॉर्पोरेट हेलीकॉप्टर्स (French company Airbus Corporate Helicopters) को एक निजी भारतीय ग्राहक (Private Indian Customers) से तीन हेलीकॉप्टर के ऑडर्र मिले हैं। इसमें एक एच175 हेलीकॉप्‍टर और दो एसीएच160 हेलीकॉप्टर शामिल है। हालांकि, इसकी कीमत की जानकारी कंपनी ने साझा नहीं किया है।

    एयरबस कॉर्पोरेट हेलीकॉप्टर्स ने शनिवार को एक बयान में कहा कि उसने एक निजी भारतीय ग्राहक के साथ दो एसीएच 160 हेलीकॉप्टर और एक एच175 हेलीकॉप्‍टर के लिए ऑर्डर साइन किया है। यह ऑपरेटर पहले से ही एसीएच 160 का ग्राहक है, जो भारत का पहला एच175 हेलीकॉप्‍टर ग्राहक बनेगा।

    कंपनी ने बताया कि भारतीय सिविल मार्केट में सुपर-मीडियम ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर की एंट्री के साथ एच175 हेलीकॉप्टर 16-सीट कॉन्फ़िगरेशन में आएगा। इसकी डिलीवरी 2026 में होने वाली है। वहीं, दो एसीएच160 हेलीकॉप्टर ग्राहक की जरूरतों के हिसाब से खास तौर पर कॉन्फ़िगर किए जाएंगे, जो 2027 में डिलीवर किए जाएंगे।

    भारत और दक्षिण एशिया में एयरबस हेलीकॉप्टर्स कंपनी के हेड सनी गुगलानी ने कहा, “दो एसीएच160 के लिए यह रिपीट ऑर्डर और एक भारतीय ग्राहक द्वारा पहला एच175 ऑर्डर देश में सिविल हेलीकॉप्टर मार्केट की बढ़ती मेच्योरिटी को दिखाता है। दोनों हेलीकॉप्टर पैसेंजर ट्रांसपोर्ट के लिए एकदम सही हैं और बेहतर परफॉर्मेंस और शानदार आराम देते हैं। गुगलानी ने कहा क‍ि हम ग्राहक को उनकी पसंद के लिए बधाई देते हैं और हमारे प्रोडक्ट्स पर भरोसा दिखाने के लिए उनका धन्यवाद करते हैं।

    एयरबस कॉर्पोरेट हेलीकॉप्टर्स का विश्वसनीयता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया, एसीएच160 पावर और एलिगेंस का एक शानदार कॉम्बिनेशन है। अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस, एसीएच160 बिज़नेस लीडर्स को समय और दूरी की बाधाओं को दूर करने में मदद करता है, जिससे वे सही समय पर, सही जगह पर महत्वपूर्ण फैसले ले पाते हैं। वहीं, सुपर मीडियम एच175 अपनी वर्सेटिलिटी, रेंज और पेलोड क्षमताओं के साथ एयरबस हेलीकॉप्टर्स के सिविल पोर्टफोलियो को पूरा करता है। अपनी क्लास में सबसे कम वाइब्रेशन और साउंड सिग्नेचर, और एडवांस्ड हेलियोनिक्स सेफ्टी सिस्टम के साथ, एच175 पैसेंजर ट्रांसपोर्ट के लिए असाधारण आराम और सुरक्षा देता है।

  • 2036 ओलंपिक की मेजबानी का भारत का सपना: अवसर, चुनौतियां और तैयारी की असली परीक्षा

    2036 ओलंपिक की मेजबानी का भारत का सपना: अवसर, चुनौतियां और तैयारी की असली परीक्षा


    नई दिल्ली । भारत ने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए औपचारिक रूप से दावेदारी पेश कर दी है। यह कदम देश की खेल महाशक्ति बनने की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है, लेकिन इसके साथ ही प्रशासनिक कमजोरियां, बुनियादी ढांचे की सीमाएं, पर्यावरणीय चिंताएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन जैसे सवाल भी खड़े हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट जैसे सुधारों का हवाला देते हुए यह स्पष्ट किया कि भारत न सिर्फ 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स बल्कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी गंभीर प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य देश के अधिक से अधिक खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा के अवसर देना है।

    पिछले वर्ष जुलाई में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने स्विट्जरलैंड के लुजान स्थित अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति आईओसी मुख्यालय का दौरा किया और गुजरात के अहमदाबाद को संभावित मेजबान शहर के रूप में प्रस्तुत किया। अहमदाबाद और गांधीनगर को मिलाकर तैयार की गई योजना में करीब 4.1 से 7.5 अरब डॉलर के खर्च का अनुमान है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आईओसी ने बातचीत के दौरान तीन प्रमुख चिंताएं जताईं भारतीय ओलंपिक संघ के भीतर प्रशासनिक खामियां, डोपिंग के बढ़ते मामले और ओलंपिक खेलों में भारत का अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन।

    विशेषज्ञों की राय इस मुद्दे पर बंटी हुई है। स्पोर्ट्स मेडिसिन और एंटी-डोपिंग विशेषज्ञ पी.एस.एम. चंद्रन का मानना है कि इन चुनौतियों को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उनके अनुसार डोपिंग के आंकड़े इसलिए अधिक दिखते हैं क्योंकि भारत अन्य देशों की तुलना में ज्यादा परीक्षण करता है। उनका यह भी कहना है कि बोली प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका पैसे और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव की होती है, न कि केवल पदकों की संख्या की।

    दूसरी ओर, खेल प्रशासक शाजी प्रभाकरन का मानना है कि भारत को अब स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी के जरिए अपनी क्षमताओं को दुनिया के सामने रखना चाहिए। हालांकि, वे यह भी स्वीकार करते हैं कि इंडोनेशिया, तुर्की, चिली, सऊदी अरब और जर्मनी जैसे देशों से मुकाबला कड़ा होगा। उनके अनुसार, यदि भारत 2036 की रेस में सफल नहीं होता, तो 2040 का दशक ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है।

    पूर्व ओलंपियन और लॉन्ग जंपर अंजू बॉबी जॉर्ज भारत की दावेदारी की प्रबल समर्थक हैं। उनका कहना है कि ग्रासरूट टैलेंट प्रोग्राम और नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल जैसे कदम भारत को ओलंपिक मेजबानी के लिए तैयार कर रहे हैं। वहीं, वरिष्ठ खेल पत्रकार शारदा उग्रा आगाह करती हैं कि प्रदूषण, शहरी बुनियादी ढांचा और वैश्विक छवि जैसे मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक अहमदाबाद को एक पूर्ण वैश्विक शहर के रूप में खुद को साबित करने के लिए अभी समय चाहिए। कुल मिलाकर, 2036 ओलंपिक की मेजबानी भारत के लिए एक बड़ा अवसर है लेकिन यह तभी संभव होगा जब देश खेल प्रशासन, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर ठोस और विश्वसनीय प्रगति दिखा सके।

  • यूनुस की भविष्यवाणी पड़ी उलटी, कहा था भारतीय कंपनियां बांग्लादेश आएंगी, अब खुद की मिलों पर गहराया संकट

    यूनुस की भविष्यवाणी पड़ी उलटी, कहा था भारतीय कंपनियां बांग्लादेश आएंगी, अब खुद की मिलों पर गहराया संकट


    नई दिल्ली। भारत को लेकर बांग्लादेश में हालिया घटनाक्रम लगातार सुर्खियों में है। इसी बीच अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस की एक पुरानी टिप्पणी फिर चर्चा में आ गई है। वर्ष 2025 में यूनुस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ को लेकर उत्साहित नजर आए थे। तब उन्होंने दावा किया था कि ऊंचे टैरिफ और ज्यादा लागत के चलते भारतीय उद्योग, खासकर टेक्सटाइल सेक्टर, भारत छोड़कर बांग्लादेश में निवेश करेंगे।

    अमेरिकी पत्रकार मेहदी हसन को दिए एक इंटरव्यू में यूनुस ने कहा था कि अमेरिका के भारी टैरिफ के कारण भारतीय कंपनियां भारत में उत्पादन करना छोड़ेंगी और बांग्लादेश में फैक्ट्रियां लगाएंगी, क्योंकि वहां लागत कम है और टैरिफ भी अपेक्षाकृत कम हैं। हालांकि मौजूदा हालात उनकी इस भविष्यवाणी से बिल्कुल उलट दिखाई दे रहे हैं।

    खुद का टेक्सटाइल सेक्टर संकट में

    जनवरी 2026 के अंत तक बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग गंभीर संकट में फंस गया है। जहां एक ओर भारत पर अमेरिकी टैरिफ को लेकर बयानबाजी की जा रही थी, वहीं दूसरी ओर देश की घरेलू टेक्सटाइल मिलें बंद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। बांग्लादेश टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन BTMA ने ऐलान किया है कि 1 फरवरी 2026 से देशभर की टेक्सटाइल मिलें अनिश्चितकाल के लिए बंद की जाएंगी।

    BTMA अध्यक्ष शौकत अजीज रसेल के अनुसार मिल मालिक बैंक कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। उद्योग की पूंजी 50 प्रतिशत से अधिक घट चुकी है और कई यूनिट पहले ही ताले लगा चुकी हैं। उद्योग का आरोप है कि भारत से आयातित सस्ते सूत ने स्थानीय बाजार को नुकसान पहुंचाया है। करीब 12 हजार करोड़ टका का तैयार माल गोदामों में बिना बिके पड़ा है। वहीं गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के चलते उत्पादन क्षमता भी 50 प्रतिशत तक गिर गई है। संगठन ने सरकार से 10 से 30 काउंट के सूत पर ड्यूटी-फ्री आयात सुविधा खत्म करने और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

    भारत–EU समझौता बढ़ाएगा दबाव

    भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। यह समझौता बांग्लादेश के गारमेंट निर्यात के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। अभी LDC श्रेणी में होने के कारण बांग्लादेश को EU बाजार में ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलती है, जबकि भारत को करीब 12 प्रतिशत शुल्क देना पड़ता है।

    समझौता लागू होने के बाद भारत को भी शून्य टैरिफ का लाभ मिलेगा। भारत के पास कपास और सूत जैसे कच्चे माल की मजबूत उपलब्धता है, जिससे उसके उत्पाद सस्ते और बेहतर गुणवत्ता वाले हो सकते हैं। वहीं बांग्लादेश 2026-27 तक LDC सूची से बाहर हो जाएगा, जिससे उसका ड्यूटी-फ्री लाभ समाप्त हो जाएगा। ऐसे में यूरोपीय बाजार में भारत से प्रतिस्पर्धा करना उसके लिए बेहद कठिन होगा। फिलहाल EU में हर तीसरा व्यक्ति बांग्लादेशी डेनिम पहनता है, लेकिन इस डील के बाद भारत इस बाजार का बड़ा हिस्सा अपने कब्जे में कर सकता है।

    कुल मिलाकर, जहां मोहम्मद यूनुस भारतीय कंपनियों के बांग्लादेश आने की उम्मीद जता रहे थे, वहीं जमीनी सच्चाई यह है कि बांग्लादेश का अपना टेक्सटाइल आधार और बैकवर्ड लिंकेज तेजी से कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।

  • अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026: भारत-पाकिस्तान मुकाबले से तय होगी सेमीफाइनल की तस्वीर

    अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026: भारत-पाकिस्तान मुकाबले से तय होगी सेमीफाइनल की तस्वीर


    नई दिल्ली। अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है और ग्रुप-2 में भारत व पाकिस्तान के बीच होने वाला महामुकाबला पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय कर सकता है। इस ग्रुप में सेमीफाइनल की दौड़ फिलहाल तीन टीमोंभारत, इंग्लैंड और पाकिस्तानके बीच सिमटी हुई है।

    भारत बनाम पाकिस्तान: करो या मरो की जंग
    भारत और पाकिस्तान की अंडर-19 टीमें रविवार, 1 फरवरी को बुलावायो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच पिछली भिड़ंत एशिया कप 2025 के फाइनल में हुई थी, जहां पाकिस्तान ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में भारतीय टीम के पास बदला लेने का मौका होगा, जबकि पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा है।
    ग्रुप-1 से ऑस्ट्रेलिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने चारों मुकाबले जीत लिए हैं और 8 अंकों के साथ सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है।
    वेस्टइंडीज: 4 अंक (कमजोर नेट रन रेट)
    अफगानिस्तान: 4 अंक, नेट रन रेट +1.020
    श्रीलंका: 4 अंक, नेट रन रेट -0.181

    अगर अफगानिस्तान अपने आखिरी मैच में आयरलैंड को हरा देता है, तो उसका सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।ग्रुप-2 में न्यूज़ीलैंड, जिम्बाब्वे और बांग्लादेश पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुके हैं।

    भारत: 3 मैच, 3 जीत – 6 अंक (NRR +3.337)
    इंग्लैंड: 3 मैच, 3 जीत – 6 अंक (NRR +1.989)
    पाकिस्तान: 3 मैच, 2 जीत – 4 अंक (NRR +1.484)
    नेट रन रेट के मामले में भारत इस ग्रुप में सबसे मजबूत स्थिति में है।

    सेमीफाइनल के संभावित परिदृश्य
    अगर भारत पाकिस्तान को हरा देता है
    पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर
    भारत सीधे सेमीफाइनल में इंग्लैंड का परिणाम अप्रासंगिक

    अगर इंग्लैंड न्यूजीलैंड को हरा देता है
    इंग्लैंड 8 अंकों के साथ सेमीफाइनल मेंपाकिस्तान को भारत के खिलाफ बड़ी जीत चाहिएभारत का बेहतर नेट रन रेट पाकिस्तान की राह बेहद मुश्किल बना देगा अगर न्यूजीलैंड इंग्लैंड को हरा देता है
    भारत, इंग्लैंड और पाकिस्तानतीनों के 6-6 अंक हो सकते हैंऐसे में नेट रन रेट निर्णायक भूमिका निभाएगा

    नजरें टिकीं महामुकाबले पर
    भारत-पाकिस्तान का यह मुकाबला सिर्फ अंक तालिका नहीं, बल्कि पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर साफ कर देगा। एशिया की इस पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता में रोमांच अपने चरम पर होगा और हर गेंद सेमीफाइनल की कहानी लिखेगी।क्रिकेट फैंस के लिए यह मुकाबला किसी फाइनल से कम नहीं होगा।

  • अकीरा नंदन AI फिल्म केस: दिल्ली हाई कोर्ट का कड़ा रुख फर्जी सामग्री 72 घंटे में हटाने का आदेश

    अकीरा नंदन AI फिल्म केस: दिल्ली हाई कोर्ट का कड़ा रुख फर्जी सामग्री 72 घंटे में हटाने का आदेश


    नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI के बढ़ते दुरुपयोग और डीपफेक तकनीक पर दिल्ली हाई कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने आंध्र प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री और सुपरस्टार पवन कल्याण के बेटे अकीरा नंदन की तस्वीर और नाम का इस्तेमाल कर बनाई गई AI फिल्म के प्रसारण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी की निजता और व्यक्तित्व के अधिकारों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    क्या है पूरा मामला

    अकीरा नंदन अकीरा देसाई की ओर से दायर याचिका में संभवमी स्टूडियोज एलएलपी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे बिना अनुमति फिल्म: स्टूडियो ने अकीरा की अनुमति के बिना उनकी इमेज का उपयोग कर लगभग एक घंटे की फिल्म बनाई और उसे यूट्यूब पर दुनिया की पहली ग्लोबल एआई फिल्म बताकर पोस्ट कर दिया। मनगढ़ंत सीन: याचिका में दावा किया गया कि फिल्म में AI के जरिए अकीरा के फर्जी रोमांटिक सीन दिखाए गए हैं जिससे उनकी प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि को गहरा नुकसान पहुंचा है।अधिकारों का हनन: अकीरा के व्यक्तित्व आवाज और नाम का कमर्शियल उपयोग उनकी निजता के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।

    दिल्ली हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणियाँ

    मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति तुषार राव गडेला की पीठ ने कहा एआई टूल्स का उपयोग करके किसी व्यक्ति को उसकी अनुमति के बिना मुख्य भूमिका में दिखाना और मनगढ़ंत सामग्री पेश करना उसके व्यक्तित्व के अधिकारों का उल्लंघन है। यदि इस पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई तो याचिकाकर्ता को ऐसी क्षति हो सकती है जिसकी भरपाई संभव नहीं होगी।

    अदालत का आदेश और टेक कंपनियों को निर्देश

    अदालत ने अकीरा के पक्ष में अंतरिम आदेश जारी करते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए हैं: ब्रॉडकास्ट पर रोक: विवादित फिल्म के सर्कुलेशन और ब्रॉडकास्ट पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध। मेटा को निर्देश कोर्ट ने मेटा प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वह उल्लंघन करने वाले सभी URL की पहचान करे। 2 घंटे की डेडलाइन: संबंधित प्लेटफॉर्म्स को 72 घंटे के भीतर इस सामग्री को हटाने का आदेश दिया गया है। यदि स्टूडियो सामग्री नहीं हटाता है तो मेटा खुद इसे ब्लॉक/डिलीट करेगा। अगली सुनवाई: इस गंभीर विषय पर अब अगली सुनवाई 5 फरवरी 2026 को होगी।

    व्यक्तित्व अधिकार क्या हैं

    यह कानूनी अधिकार किसी प्रसिद्ध व्यक्ति को अपने नाम छवि आवाज या व्यक्तित्व की अन्य विशेषताओं को व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल होने से रोकने की शक्ति देता है। हाल के दिनों में अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर जैसे सितारों ने भी अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट से आदेश प्राप्त किए हैं।

  • यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौता, मर्सिडीज जैसी कारों पर भारत 40% तक घटाएगा टैरिफ

    यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौता, मर्सिडीज जैसी कारों पर भारत 40% तक घटाएगा टैरिफ

    मुंबई। अगर आप लग्जरी कार खरीदने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच एक बड़ा व्यापार समझौता (Free Trade Deal) होने जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, भारत यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले भारी-भरकम इंपोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर सीधे 40% करने की तैयारी में है.

    यह देश के बड़े बाजार को खोलने की अब तक की सबसे बड़ी पहल हो सकती है, क्योंकि दोनों देशों के बीच मंगलवार तक फ्री ट्रेड समझौता होने की उम्मीद है.
    क्या हैं डील की अहम बातें?
    अभी भारत विदेशी कारों पर 110% तक टैक्स लेता है, जिसे घटाकर 40% किया जा सकता है.
    यह छूट उन कारों पर मिलेगी जिनकी कीमत 15,000 यूरो (करीब 13-14 लाख रुपये) से ज्यादा होगी. यानी इसका बड़ा फायदा लग्जरी कारों को मिलेगा.

    टैक्स सिर्फ 40% पर नहीं रुकेगा. आने वाले समय में इसे धीरे-धीरे घटाकर 10% तक लाने की योजना है.
    इस फैसले से फॉक्सवैगन, मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी दिग्गज कंपनियों की कारें भारतीय बाजार में काफी सस्ती हो जाएंगी.

    आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है?
    अभी तक विदेशों में बनी कारें भारत आते-आते अपनी असली कीमत से दोगुनी महंगी हो जाती थीं. टैक्स कम होने से इन प्रीमियम कारों की कीमतों में भारी गिरावट आएगी, जिससे भारतीय ग्राहकों के पास ज्यादा ऑप्शन होंगे. वहीं दूसरी तरफ विदेशी कंपनियों के लिए भारत में अपना बाजार बढ़ाना आसान होगा.

    भारत के लिए क्यों अहम है यह FTA?

    यह भारत के लिए अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता होगा. 27 देशों के यूरोपीय ब्लॉक के साथ सर्विस और सामानों का यह तालमेल भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस हब बनाने में मील का पत्थर साबित हो सकता है.