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  • टी20 वर्ल्ड कप से पहले श्रीलंका ने लिया बड़ा फैसला, भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कोच को अपने साथ जोड़ा

    टी20 वर्ल्ड कप से पहले श्रीलंका ने लिया बड़ा फैसला, भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कोच को अपने साथ जोड़ा

    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में 7 फरवरी से आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का आगाज होगा, जिसमें कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं। श्रीलंका की टीम अपने ग्रुप स्टेज के मुकाबले घर पर ही खेलेगी, जिसमें उसे ग्रुप-बी में जगह मिली है। श्रीलंका की टीम को अपना पहला मुकाबला 8 फरवरी को आयरलैंड की टीम के खिलाफ खेलेगी। श्रीलंका क्रिकेट ने अभी टूर्नामेंट के लिए अपनी प्रोविजनल स्क्वाड का ऐलान किया है, जिसमें वह टूर्नामेंट का आगाज होने से पहले अपने फाइनल 15 सदस्यों की घोषणा कर देंगे। वहीं इसी बीच श्रीलंका क्रिकेट ने कोचिंग सेटअप को लेकर बड़ा फैसला लिया है, जिसमें उन्होंने टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी विक्रम राठौड़ को शामिल किया है।

    टी20 वर्ल्ड कप के लिए विक्रम राठौड़ को बनाया बल्लेबाजी कोच
    श्रीलंका क्रिकेट ने विक्रम राठौड़ को आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी टीम का बल्लेबाजी कोच नियुक्त करने का फैसला लिया है। विक्रम राठौड़ अभी आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स टीम के कोचिंग सेटअप का हिस्सा हैं जिसमें वह असिस्टेंट कोच की जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। वहीं वह फिलहाल सिर्फ टी20 वर्ल्ड कप के लिए श्रीलंकाई टीम के कोचिंग सेटअप का हिस्सा बनेंगे। इससे पहले साल 2024 में जब भारतीय टीम ने रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को अपने नाम किया था तो उस समय विक्रम राठौड़ टीम इंडिया के कोचिंग सेटअप का हिस्सा थे जिसमें वह बैटिंग कोच की जिम्मेदारी को निभा रहे थे।

    लसिथ मलिंगा को भी कोचिंग सेटअप का बनाया है हिस्सा
    टी20 वर्ल्ड कप की अहमियत को देखते हुए श्रीलंका क्रिकेट ने विक्रम राठौड़ को बैटिंग कोच बनाने से पहले अपने पूर्व खिलाड़ी लसिथ मलिंगा को भी कोचिंग सेटअप में शामिल करने का फैसला लिया था। मलिंगा को श्रीलंका ने क्रिकेट ने आगामी मेगा इवेंट में तेज गेंदबाजी सलाहाकार की जिम्मेदारी सौंपी है, जिसमें उन्होंने मलिंगा को 40 दिनों तक के लिए इस जिम्मेदारी को सौंपा है। बता दें कि श्रीलंका टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी अभी पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज सनथ जयसूर्या संभाल रहे हैं, जिसमें इन मलिंगा और राठौड़ के जुड़ने से कोचिंग सेटअप पहले से काफी अधिक मजबूत हो जाएगा।
  • ICC ने ठुकराई बांग्लादेश की भारत से बाहर मैच कराने की मांग, वर्ल्ड कप मैच होंगे तय स्थल पर..

    ICC ने ठुकराई बांग्लादेश की भारत से बाहर मैच कराने की मांग, वर्ल्ड कप मैच होंगे तय स्थल पर..


    नई दिल्ली ।  टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BCBकी भारत से बाहर मैच कराने की मांग को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ICCने खारिज कर दिया है। ICC ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश को अपने सभी निर्धारित लीग मुकाबले भारत में ही खेलने होंगे। यदि टीम ने मैच खेलने से इनकार कियातो उसे टूर्नामेंट के अंक गंवाने पड़ सकते हैं।यह विवाद IPL 2025 के बाद की घटनाओं से जुड़ा है। कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया था। इसके बाद BCB ने सुरक्षा का हवाला देते हुए टी-20 वर्ल्ड कप के अपने मैच भारत के बाहर कराने की मांग की थी। BCB ने ICC को पत्र लिखकर अपने मैचों को श्रीलंका में शिफ्ट करने का अनुरोध कियालेकिन ICC ने इसे स्वीकार नहीं किया। बोर्ड का कहना है कि भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए सभी सुरक्षा मानक पूरी तरह लागू हैं और किसी एक टीम के लिए नियमों में बदलाव टूर्नामेंट की विश्वसनीयता को प्रभावित करेगा।

    ICC का सख्त रुख

    मुंबई में ICC अध्यक्ष जय शाह की मौजूदगी में BCCI और ICC अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसके बाद BCB से भी बातचीत की गई। बैठक के बाद ICC ने स्पष्ट किया कि तय कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा। ICC ने यह भी कहा कि यदि कोई टीम निर्धारित मैच नहीं खेलती हैतो उसे वॉकओवर या अंक कटौती जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।BCB ने बयान जारी कर कहा कि वह ICC के साथ मिलकर समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है और उनकी प्राथमिकता खिलाड़ियों की सुरक्षा है। ICC ने दोहराया कि वह बांग्लादेश की “पूर्ण और निर्बाध भागीदारी” सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश का शेड्यूल

    टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश को ग्रुप-सी में रखा गया है। टीम के तीन लीग मैच 7 फरवरी को वेस्टइंडीज9 फरवरी को इटलीऔर 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होंगे। अंतिम ग्रुप मैच 17 फरवरी को मुंबई में नेपाल के खिलाफ खेला जाएगा।गौरतलब है कि पाकिस्तान ने अपने मैच श्रीलंका में कराने की अनुमति हासिल कर ली है। भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से राजनीतिक तनाव के कारण दोनों टीमें एक-दूसरे के देश में क्रिकेट नहीं खेलतीं। ICC ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का मामला अलग श्रेणी में आता है और बांग्लादेश की स्थिति उससे भिन्न है।विशेषज्ञ मानते हैं कि ICC का यह फैसला टी-20 वर्ल्ड कप की निष्पक्षता और नियमों की मजबूती को बनाए रखने की दिशा में अहम कदम है। बांग्लादेश को सुरक्षा की चुनौतियों के बावजूद भारत में ही खेलना होगाजिससे टूर्नामेंट के संचालन में कोई व्यवधान नहीं आएगा।

  • ऑस्कर की दौड़ में भारत की 'होमबाउंड' से बढ़ी उम्‍मीदें, इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी के अगले राउंड में पहुंची फिल्म

    ऑस्कर की दौड़ में भारत की 'होमबाउंड' से बढ़ी उम्‍मीदें, इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी के अगले राउंड में पहुंची फिल्म

    नई दिल्‍ली । ऑस्कर में भारत की उम्मीदें अभी जिंदा हैं। भारत की ओर से आधिकारिक एंट्री के तौर पर भेजी गई फिल्म ‘होमबाउंड’ ने अकादमी अवॉर्ड्स की अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में अगले चरण के मतदान में जगह बना ली है। अकादमी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस कैटेगरी में दुनिया भर से चुनी गई 15 फिल्मों को अगले दौर के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इस सूची में भारत की ‘होमबाउंड’ के साथ अर्जेंटीना, ब्राजील, फ्रांस, जर्मनी, इराक, जापान, जॉर्डन, नॉर्वे, फिलिस्तीन, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड, ताइवान और ट्यूनीशिया की फिल्में भी शामिल हैं।

    इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी में 15 फिल्मों की शॉर्टलिस्ट जारी
    भारत की ‘होमबाउंड’ के साथ इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी में जिन अन्य फिल्मों ने अगले दौर में जगह बनाई है, उनमें अर्जेंटीना की ‘बेलेन’, ब्राजील की ‘द सीक्रेट एजेंट’, फ्रांस की ‘इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट’ और जर्मनी की ‘साउंड ऑफ फॉलिंग’ शामिल हैं।

    इसके अलावा इराक से ‘द प्रेसिडेंट्स केक’, जापान की ‘कोकुहो’, जॉर्डन की ‘ऑल दैट्स लेफ्ट ऑफ यू’, नॉर्वे की ‘सेंटीमेंटल वैल्यू’, फिलिस्तीन की ‘पैलेस्टाइन 36’, दक्षिण कोरिया की ‘नो अदर चॉइस’, स्पेन की ‘सिरात’, स्विट्जरलैंड की ‘लेट शिफ्ट’, ताइवान की ‘लेफ्ट-हैंडेड गर्ल’ और ट्यूनीशिया की ‘द वॉइस ऑफ हिंद रजब’ को भी शॉर्टलिस्ट किया गया है। अकादमी अवॉर्ड्स ने यह जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए साझा की है। अब ऑस्कर के लिए अंतिम नामांकन की घोषणा गुरुवार, 22 जनवरी को की जाएगी।

    ऑस्कर इतिहास में ‘होमबाउंड’ का नाम दर्ज
    ऑस्कर की शॉर्टलिस्ट में जगह बनाकर फिल्म ‘होमबाउंड’ ने भारतीय सिनेमा के लिए एक और अहम मुकाम हासिल कर लिया है। अकादमी अवॉर्ड्स के 98 साल के इतिहास में यह केवल पांचवीं भारतीय फिल्म है, जो सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी की शॉर्टलिस्ट तक पहुंची है। ईशान खट्टर और विशाल जेठवा अभिनीत यह फिल्म ऑस्कर 2026 के लिए इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी में अंतिम नामांकन की दौड़ में शामिल 15 फिल्मों में जगह बनाने में सफल रही है। इस उपलब्धि के साथ ‘होमबाउंड’ ने वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा की मौजूदगी को और मजबूत किया है।

    नीरज घेवान के निर्देशन में बनी है होमबाउंड
    फिल्म ‘होमबाउंड’ का निर्देशन नीरज घेवान ने किया है, जबकि इसका निर्माण करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले हुआ है। यह कहानी बचपन के दो दोस्तों शोएब (ईशान खट्टर) और चंदन (विशाल जेठवा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका पुलिस सेवा में जाने का सपना उनके भविष्य की दिशा तय करता है। कहानी दोस्ती, जिम्मेदारी और आज के युवा भारत पर पड़ने वाले सामाजिक दबावों को दर्शाती है। इस फिल्म में जाह्नवी कपूर भी एक अहम किरदार में नजर आती हैं।

  • कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का असर4 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट17 राज्यों में येलो अलर्ट

    कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का असर4 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट17 राज्यों में येलो अलर्ट


    नई दिल्ली । भारत के कई हिस्सों में इस समय कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का सामना हो रहा है। मौसम विभाग ने देश के 4 राज्यों में शीतलहर के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी किया हैजबकि 17 राज्यों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। इस कड़ी सर्दी और घने कोहरे ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया हैखासकर उत्तर-पश्चिममध्यपूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में।

    ऑरेंज और येलो अलर्ट

    मौसम विभाग ने बताया कि अगले 4-5 दिनों तक देश के कई हिस्सों में शीतलहर और घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। उत्तर-पश्चिम भारतमध्य भारत और पूर्वी भारत के कई राज्य शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में आ सकते हैं। जिन चार राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया हैवहां तापमान और कोहरे की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। इसके अलावा17 अन्य राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया गया हैजो घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी देता हैजिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

    प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भीड़

    इस बीचउत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे के बीच लाखों श्रद्धालु माघ मेले में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। रेलवे और पुलिस विभाग ने इस भीड़-भाड़ को देखते हुए उच्च सुरक्षा और अलर्ट जारी कर दिया है। घने कोहरे के कारण रेलवे ट्रेनों के समय में बदलाव आ सकता हैऔर यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    सर्दी से बचाव के उपाय

    मौसम विभाग ने सभी नागरिकों को कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए उचित गर्म कपड़े पहन नेधू प में रहने और शरीर को गर्म रखने के उपायों की सलाह दी है। खासकर उन इलाकों में जहां घना कोहरा हैवहां विजिबिलिटी बहुत कम हो सकती हैजिससे सड़क और रेलवे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

    अधिकारियों की तैयारी

    रेलवे और पुलिस विभाग ने शीतलहर और कोहरे के प्रभाव को कम करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। खासकर ट्रेनों की निगरानी और ट्रैफिक मैनेजमेंट में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावास्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित यात्रा करें और जरूरत न होने पर घरों से बाहर न निकलें। देश के विभिन्न हिस्सों में सर्दी और कोहरे के कारण मुश्किलें बढ़ रही हैंऔर सरकार और स्थानीय प्रशासन की तरफ से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नागरिकों को हर संभव सहायता मिल सके।

  • नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर फिक्स्ड रिटर्न और टैक्स छूट निवेश करने का बेहतरीन अवसर

    नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर फिक्स्ड रिटर्न और टैक्स छूट निवेश करने का बेहतरीन अवसर


    नई दिल्ली । भारत सरकार की एक प्रमुख बचत योजना नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट भारतीय निवेशकों के लिए एक सुरक्षित निवेश विकल्प साबित हो रही है। इस स्कीम पर मिलने वाली ब्याज दर 7.7% सालाना है जो आपके निवेश पर अच्छा रिटर्न देती है। एनएससी की विशेष बात यह है कि इसका ब्याज हर साल कंपाउंड होता है और भुगतान पूरी तरह से मेच्योरिटी 5 साल के बाद ही किया जाता है।
    कंपाउंडिंग इंटरेस्ट से मिलने वाला फिक्स्ड रिटर्न
    एनएससी पर रिटर्न कंपाउंडिंग इंटरेस्ट फ़ॉर्मूला से कैलकुलेट किया जाता है। अगर आप ₹250000 का निवेश करते हैं तो पांच साल के बाद आपको ₹116062 का फिक्स रिटर्न मिलेगा। इसका मतलब है कि आपके ₹250000 निवेश के ऊपर 5 साल बाद ₹366062 तैयार होंगे। यह निवेश आपके भविष्य के लिए एक सुरक्षित और स्थिर विकल्प हो सकता है खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी बचत को सुरक्षित रखना चाहते हैं।
    टैक्स छूट का लाभ
    एनएससी में निवेश करने पर आपको ₹1.5 लाख तक के निवेश पर 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि एनएससी पर मिलने वाला ब्याज आखिरी वर्ष तक टैक्स फ्री होता है इसके बाद उस पर टैक्स लगाया जाता है। इस तरह एनएससी निवेशकों को टैक्स छूट के रूप में अतिरिक्त लाभ देता है।
    कौन कर सकता है निवेश
    एनएससी स्कीम में कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर सकता है। हालांकि नॉन-रेजिडेंट इंडियन्स एनआरआई इस स्कीम में निवेश नहीं कर सकते। यदि कोई निवासी भविष्य में एनआरआई बन जाता है तो वह अपने एनएससी निवेश को परिपक्वता तक रख सकता है। वयस्क नाबालिग और मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के अभिभावक भी इस योजना में निवेश कर सकते हैं। 10 वर्ष से ऊपर के नाबालिग भी एनएससी में निवेश कर सकते हैं।

    निवेश का तरीका और प्रक्रिया
    एनएससी में निवेश करने के लिए आपको नजदीकी डाकघर में जाकर आवेदन करना होगा। यहां आपको एक फॉर्म भरने के बाद अपनी पहचान पते और अन्य जरूरी दस्तावेज़ों की जानकारी देनी होगी। एनएससी पर निवेश करने की कोई भी अधिकतम सीमा नहीं है लेकिन आपको टैक्स लाभ 80C के तहत ₹1.5 लाख तक ही मिलेगा।नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट एक बेहतरीन निवेश विकल्प है जो आपको टैक्स लाभ सुरक्षित रिटर्न और कंपाउंडिंग इंटरेस्ट प्रदान करता है। यदि आप एक स्थिर और जोखिम-मुक्त निवेश की तलाश में हैं तो एनएससी एक आदर्श विकल्प हो सकता है। इसके साथ ही आप अपनी बचत को भी सुरक्षित रख सकते हैं और अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।

  • जम्मू-कश्मीर को लेकर ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन का बड़ा बयान, PoK समेत पूरा..भारत के साथ होना चाहिए

    जम्मू-कश्मीर को लेकर ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन का बड़ा बयान, PoK समेत पूरा..भारत के साथ होना चाहिए


    नई दिल्ली। ब्रिटेन के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने जम्मू-कश्मीर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला PoK भी शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। ब्लैकमैन ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 370 को खत्म करने की उनकी मांग नई नहीं है, बल्कि यह तीन दशक से अधिक पुरानी है। उनका रुख 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के फैसले से प्रेरित नहीं है, बल्कि 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद से उन्होंने इसे अपनाया था।
    जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में आयोजित एक हाई-टी कार्यक्रम में बोलते हुए ब्लैकमैन ने कहा कि उनका यह दृष्टिकोण 1992 में बन गया था, जब कश्मीरी पंडितों को उनके पैतृक घरों से बाहर निकाल दिया गया था। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने ब्रिटेन में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अन्याय पर ध्यान आकर्षित करने के लिए कई प्रयास किए थे। ब्लैकमैन ने कहा, “हमने उस समय एक बड़ी बैठक आयोजित की थी ताकि यह बताया जा सके कि धर्म के आधार पर लोगों को उनके घरों से निकालना एक गंभीर अन्याय है।
    मैं हमेशा से मानता आया हूं कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत के शासन के तहत ही सुरक्षित और स्थिर रहेगा।”

    बॉब ब्लैकमैन ने इस क्षेत्र में आतंकवाद की लगातार निंदा की है और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले हिस्सों की आलोचना की है। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि पूरे जम्मू और कश्मीर रियासत को भारत के शासन में शामिल किया जाना चाहिए। आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान के प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय को रोकना चाहिए।”

    उन्होंने पहलागाम में हुए आतंकी हमले की भी कड़ी निंदा की, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। ब्लैकमैन ने कहा कि ब्रिटेन की सरकार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।

    उनका मानना है कि भारत और पश्चिमी देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना जरूरी है, ताकि क्षेत्र में स्थिरता और शांति कायम रह सके।

    इससे पहले, जून में ऑपरेशन सिंदूर ग्लोबल आउटरीच के दौरान ब्लैकमैन ने पाकिस्तान को “नाकाम देश” करार दिया और वहां के नागरिक-सैन्य संतुलन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान के लोकतांत्रिक संस्थान कार्यरत हैं या सेना के जनरल शासन कर रहे हैं।

    ब्लैकमैन ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान से भारत में आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भारत के साथ एकजुट होना अनिवार्य है।

    ब्लैकमैन का यह बयान दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का रुख जम्मू-कश्मीर और आतंकवाद के मुद्दों पर मजबूत समर्थन पा रहा है। उनका यह दृष्टिकोण केवल राजनीतिक बयान नहीं बल्कि मानवाधिकार और शांति के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत के साथ जोड़ना न केवल न्यायसंगत है, बल्कि यह क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक जरूरी कदम भी है।

  • भारत ने महिला T-20I में तीसरी बार किया क्लीन स्वीप…कप्तान ने कहा- बहुत अच्छा रहा साल 2025

    भारत ने महिला T-20I में तीसरी बार किया क्लीन स्वीप…कप्तान ने कहा- बहुत अच्छा रहा साल 2025


    नई दिल्ली।
    हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian women’s cricket team) ने श्रीलंका (Sri Lanka) का पांच मैचों की घरेलू टी20 सीरीज (India Women vs Sri Lanka Women) में क्लीन स्वीप किया। भारत ने तिरुवनंतपुरम में 175/7 का स्कोर बनाने के बाद श्रीलंका से आखिरी मैच 15 रनों से जीता। हरमनप्रीत ने 43 गेंदों में 9 चौकों और एक छक्के की मदद से 68 रनों की पारी खेली। वह प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं। महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 जीतने के बाद हरमन ब्रिगेड की यह पहली सीरीज थी। भारतीय कप्तान ने वनडे से टी20 मोड में शिफ्ट करने की सच्चाई से मुंह नहीं फेरा। भारत ने महिला टी20 इंटरनेशनल में तीसरी बार 5-0 से सीरीज अपने नाम की है। भारत ने इससे पहले 2019 में वेस्टइंडीज और 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ ऐसा किया था। वहीं, श्रीलंका टीम ने चार बार पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली और पहली बार 5-0 से हार झेली।


    ‘साल 2025 हमारे लिए बहुत अच्छा रहा’

    श्रीलंका का सूपड़ा साफ करने के बाद हरमनप्रीत ने कहा, ”2025 हमारे लिए वाकई बहुत अच्छा रहा। हमें कड़ी मेहनत का परिणाम मिला। मुझे लगता है कि अब इन अच्छी आदतों को दोहराते रहना है। इस साल हमने जैसा किया, वैसा ही जीतते रहना है।” जब हरमनप्रीत से पूछा गया कि क्या वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद सोच में बदलाव करना आसान था तो उन्होंने कहा, ”हम सबने एकसाथ काफी टी20 क्रिकेट खेला है और सभी को खुद पर विश्वास था कि हम यह कर सकते हैं। हर कोई बहुत सकारात्मक था और सच में खुश थे कि एकजुटता के साथ खेले। हम अपने लिए स्टैंडर्ड सेट करना चाहते थे। आगे बढ़ते हुए हम इस सीरीज को देख सकते हैं, सोच सकते हैं कि हमने क्या किया और हम भविष्य में क्या कर सकते हैं।”


    ‘टी20 मोड में शिफ्ट करना आसान नहीं था’

    36 वर्षीय भारतीय कप्तान ने एक बैटर और लीडर के तौर पर अपने बारे में कहा, ”बतौर बल्लेबाज यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं टीम की बैटिंग लाइनअप को मजबूती दूं। मैं हमेशा टीम की जरूरत के मुताबिक योगदान देना चाहती हूं। बतौर कप्तान जिस तरह से हमने यह सीरीज खेली, उससे मैं वाकई में खुश हूं। वनडे क्रिकेट के बाद टी20 मोड में शिफ्ट करना आसान नहीं था, लेकिन सभी बहुत पॉजिटिव थे। वर्ल्ड कप के बाद यह सीरीज खेलने के लिए हर कोई उत्साहित था। चीजें जिस तरह से रही, उससे काफी खुश हूं। हमने जद्दोजहद की और अपना शत प्रतिशत दिया।”


    ‘उम्मीद है कि जिस तरह से वनडे क्रिकेट…’

    अगले सात महीनों में बहुत सारा टी20 क्रिकेट खेला जाना है। हरमनप्रीत ने कहा, ”बिल्कुल। यह सीरीज हमारे लिए बहुत अहम थी। इसलिए हम चाहते थे कि सभी उपलब्ध रहें ताकि बाद में हम देख सकें कि चीजें हमारे लिए कैसी चल रही हैं। अब महिला प्रीमियर ली (WPL) होगा। सभी फिर से टी20 मोड में होंगे। उम्मीद है कि हम सभी अपना बेस्ट क्रिकेट खेलेंगे और लुत्फ उठाएंगे। अगले छह महीने हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। हम बस कड़ी मेहनत करते रहना चाहते हैं। उम्मीद है कि जिस तरह से वनडे क्रिकेट में चीजें हमारे लिए अच्छी रहीं, उसी तरह टी20 में भी चीजें अच्छी रहेंगी।”

  • यशस्वी जायसवाल फॉर्म और किस्मत का सही संयोजन जरूरी

    यशस्वी जायसवाल फॉर्म और किस्मत का सही संयोजन जरूरी

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे यशस्वी जायसवाल ने खुद को एक शानदार बल्लेबाज के रूप में साबित किया है जो तीनों फॉर्मेट में शतक लगा चुका है। उनकी क्षमता किसी भी क्रिकेट फॉर्मेट में खेलने और प्रदर्शन करने की है लेकिन फिर भी उन्हें अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। 24 साल के यशस्वी जायसवाल का जन्म 28 दिसंबर 2001 को उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में हुआ था। मुंबई में अपने परिवार के साथ बसीं जायसवाल ने यहां क्रिकेट में अपना करियर बनाने का सपना देखा और बेहद कठिन आर्थिक हालातों के बावजूद उन्होंने संघर्ष करके खुद को एक अच्छे बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया।
    घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें 14 जुलाई 2023 को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने उसी साल टी20 डेब्यू किया और 2025 में वनडे डेब्यू किया। जायसवाल ने अब तक तीनों फॉर्मेट में खुद को एक विस्फोटक और भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज के रूप में साबित किया है। वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में शतक लगाया है। हालांकि इसके बावजूद वनडे और टी20 में उनकी जगह अभी तक स्थिर नहीं हो पाई है।

    किस्मत का साथ जरूरी है

    क्रिकेट में फॉर्म के साथ-साथ किस्मत का भी बहुत बड़ा योगदान होता है। यशस्वी जायसवाल के पास फॉर्म तो है लेकिन उनकी किस्मत उनके साथ उतनी मेहरबान नहीं है जितनी होनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर 2024 में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए उनका चयन तो किया गया था लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। वहीं 2026 के टी20 विश्व कप के लिए उन्हें टीम में जगह नहीं मिली जो उनके लिए एक बड़ा झटका हो सकता है।वनडे में भी जायसवाल को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गिल की चोट के कारण मौका मिला था और उन्होंने आखिरी वनडे मैच में शतक भी लगाया। हालांकि गिल की वापसी के बाद यह देखना होगा कि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज में खेलने का मौका मिलता है या नहीं।

    टेस्ट क्रिकेट में सफलता

    टेस्ट क्रिकेट में जायसवाल का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। डेब्यू के बाद से ही उन्हें लगातार मौके मिलते रहे हैं और उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी चुनौतीपूर्ण पिचों पर भी रन बनाए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनकी सफलता ने उन्हें भारतीय टीम में एक महत्वपूर्ण सदस्य बना दिया है।आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। वह राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं और वहां भी उन्होंने अपने आक्रामक खेल से अपनी पहचान बनाई है। आईपीएल में उनका रन-स्कोरिंग फॉर्म जबरदस्त रहा है जिससे उन्होंने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता है।

    जायसवाल के आंकड़े

    यशस्वी जायसवाल ने अब तक 28 टेस्ट मैचों में 7 शतकों के साथ 2511 रन बनाए हैं। वहीं 4 वनडे मैचों में 1 शतक के साथ 171 रन और 23 टी20 मैचों में 1 शतक और 5 अर्धशतकों के साथ 723 रन उनके नाम पर दर्ज हैं। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि वह किसी भी फॉर्मेट में लगातार प्रदर्शन कर सकते हैं और भविष्य में भारतीय टीम के लिए एक अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।

    भविष्य की उम्मीदें

    यद्यपि यशस्वी जायसवाल को फिलहाल लगातार खेलने का मौका नहीं मिल रहा है लेकिन उनका भविष्य बेहद उज्जवल दिखता है। क्रिकेट में फॉर्म और किस्मत दोनों का साथ होना जरूरी होता है और जायसवाल के मामले में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे आने वाले समय में उन्हें और अधिक मौके मिलते हैं या नहीं। यशस्वी जायसवाल का क्रिकेट करियर अब तक शानदार रहा है और उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वह भविष्य में तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम का हिस्सा बनकर मैदान में अपना जलवा दिखाते रहेंगे।
  • 14 जनवरी 2026मकर संक्रांति के साथ कई बड़े त्योहारों का महासंयोग जानें शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

    14 जनवरी 2026मकर संक्रांति के साथ कई बड़े त्योहारों का महासंयोग जानें शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व


    नई दिल्ली । 14 जनवरी 2026मकर संक्रांति और अन्य प्रमुख त्योहारों का महासंयोग 14 जनवरी 2026 एक विशेष दिन साबित होने वाला है क्योंकि इस दिन न केवल मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण व्रत और पर्व भी एक साथ पड़ रहे हैं। भारतीय पंचांग के अनुसार यह दिन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्व रखता है। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे और साथ ही षटतिला एकादशी पोंगल और माघ बिहू जैसे प्रमुख त्योहारों का संगम भी होगा।

    मकर संक्रांति का महत्व और शुभ मुहूर्त

    मकर संक्रांति का पर्व खासतौर पर सूर्य देव की पूजा दान और पुण्य के लिए प्रसिद्ध है। 14 जनवरी 2026 को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे और यह दिन विशेष रूप से स्नान दान और पूजा के लिए उत्तम रहेगा। दान और पुण्य का समयदोपहर 0307 बजे से शाम 0602 बजे तक रहेगा।
    शुभ कार्यइस अवधि में तिल गुड़ अन्न और वस्त्र दान करना विशेष फलदायी माना जाता है। इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान करना तिल और गुड़ का दान करना तथा पितरों के लिए तर्पण करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।

    षटतिला एकादशी

    माघ माह के कृष्ण पक्ष की षटतिला एकादशी भी 14 जनवरी को पड़ रही है जो भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। इस दिन विशेष रूप से तिल का सेवन और तिल से संबंधित धार्मिक कार्य जैसे तिल का उबटन स्नान हवन और दान का महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से उनके आशीर्वाद की प्राप्ति होती है और यह संयोग मकर संक्रांति के साथ बहुत लाभकारी माना जाता है।

    पोंगल और माघ बिहू

    14 जनवरी से पोंगल और माघ बिहू जैसे कृषि पर्वों का भी आरंभ होगा। ये पर्व भारत के विभिन्न हिस्सों में बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं। पोंगल तमिलनाडु यह चार दिनों तक चलने वाला एक प्रमुख कृषि पर्व है जिसमें सूर्य देव और इंद्र देव की पूजा की जाती है।माघ बिहू असम असम में यह पर्व अग्नि देव की पूजा और नई फसल के स्वागत के रूप में मनाया जाता है।

    इस महासंयोग पर क्या करें

    इस दिन के धार्मिक महत्व को देखते हुए इन कार्यों को करना विशेष लाभकारी माना जाता हैमहा-दानतिल गुड़ खिचड़ी अन्न और गर्म कपड़ों का दान करें। यह आपके पुण्य को बढ़ाता है और पुराने पापों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है।पवित्र स्नान गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि संभव न हो तो घर में गंगाजल और तिल डालकर स्नान करें। तर्पणपितरों की शांति के लिए तिल से तर्पण करना भी अत्यधिक लाभकारी माना जाता है। यह आपके परिवार के लिए आशीर्वाद का कारण बनता है।

  • गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव पर प्रधानमंत्री मोदी ने किया नमन, देशवासियों को दी शुभकामनाएं

    गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव पर प्रधानमंत्री मोदी ने किया नमन, देशवासियों को दी शुभकामनाएं


    नई दिल्ली । पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखाश्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पवित्र प्रकाश उत्सव पर हम उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। वे साहस करुणा और बलिदान की मूर्ति हैं। उनका जीवन और शिक्षाएं हमें सच्चाई न्याय धर्म के लिए खड़े होने और मानवीय गरिमा की रक्षा करने के लिए प्रेरित करती हैं। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का विजन पीढ़ियों को सेवा और निस्वार्थ कर्तव्य के लिए मार्गदर्शन करता रहता है।

    उन्होंने इस साल की शुरुआत में तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब की अपनी यात्रा की कुछ यादगार तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में प्रधानमंत्री को गुरुद्वारे में प्रार्थना करते जोड़ा साहिब के दर्शन करते और सेवादारों के साथ लंगर परोसते हुए देखा जा सकता है।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पावन प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी।

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखाअन्याय और दमन के विरुद्ध चेतना जागृत करने वाले खालसा पंथ के संस्थापक सरबंस दानी साहिब-ए-कमाल श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पावन प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने आगे लिखागुरु साहिब का जीवन शौर्य त्याग और आध्यात्मिक उत्कर्ष का अद्वितीय समन्वय है। उन्होंने मानवता को यह संदेश दिया कि धर्म सत्य और मर्यादा की रक्षा हेतु सर्वस्व का समर्पण ही सर्वोच्च मानवीय कर्तव्य है। उनके आदर्श बलिदान और महान गुरु परंपरा के प्रति उनकी अडिग निष्ठा युगों-युगों तक समाज और राष्ट्र का मार्गदर्शन करती रहेगी।

    सीएम रेखा गुप्ता ने दशम गुरु के चरणों के नमन करते हुए लिखाउनके सत्य सेवा और बलिदान के सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा है। गुरु गोबिंद सिंह सिखों के दसवें और अंतिम गुरु थे। पटना साहिब वह पवित्र स्थल है जहां 1666 में गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म हुआ था। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की जो साहस समानता और न्याय का प्रतीक बना। मुगल अत्याचारों के खिलाफ उन्होंने योद्धा बनकर संघर्ष किया और पांच प्यारों को अमृत छकाकर खालसा का जन्म दिया।