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  • MP: इंदौर में दूषित पानी से एक और मरीज की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हुई

    MP: इंदौर में दूषित पानी से एक और मरीज की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हुई


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (​​Indore city) के भागीरथपुरा क्षेत्र (Bhagirathpura area) में दूषित पानी (Contaminated Water) पीने से फैली बीमारी के कारण शुक्रवार को एक और मरीज की मौत हो गई। इसके बाद क्षेत्र में दूषित पानी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है।

    मृतक की पहचान 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, एकनाथ सूर्यवंशी को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद 29 दिसंबर 2025 को पहले शैल्बी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उन्हें 3 जनवरी 2026 को बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया। यहां 4 जनवरी को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया। उनका इलाज करीब 30 दिनों तक चला, जिसमें वे 25 दिन से अधिक समय तक वेंटिलेटर पर रहे। गुरुवार शाम को परिजन अपनी सहमति से उन्हें डिस्चार्ज कराकर घर ले गए थे, जहां शुक्रवार को उनकी मौत हो गई।

    डॉक्टरों के मुताबिक एकनाथ सूर्यवंशी की दोनों किडनियां फेल हो चुकी थीं, लिवर खराब था और बीमारी का असर हार्ट और ब्रेन तक पहुंच गया था। दूषित पानी के कारण ज्यादातर मरीजों में मल्टी ऑर्गन फेल्योर की स्थिति बनी।

    इंदौर में हुई इस मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा 31 पहुंच गया है। मृतकों में उर्मिला यादव (69), नंदलाल पाल (75), उमा कोरी (31), मंजूला (74), ताराबाई कोरी (60), गोमती रावत (50), सीमा प्रजापत (50) जीवन लाल बरेडे (80), अव्यान साहू (5 माह), शंकर भाया (70), संतोष बिगोलिया (72), अरविंद लिखर (40), गीताबाई (60), अशोक लाल पंवार (70), ओमप्रकाश शर्मा (69), हरकुंवर बाई (75), रामकली, सुमित्रा बाई (50), श्रवण खुपराव (81), हीरालाल (65), सुनीता वर्मा (49), कमला बाई (59), भगवानदास (64), शुभद्राबाई (78), हेमंत गायकवाड़ (51), विद्या बाई (82), बद्री प्रसाद (63), राजाराम बौरासी (75), खूबचंद (63), लक्ष्मी रजक (62) और एकनाथ सूर्यवंशी (75) शामिल हैं।

    इधर, भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में अब तक 450 से ज्यादा मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। फिलहाल चार मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से तीन बॉम्बे हॉस्पिटल के आईसीयू में और एक अरविंदो हॉस्पिटल में इलाजरत है। इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब भी 24 घंटे संचालित है और दो एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। फिलहाल डायरिया के एक-दो हल्के मामले ही सामने आ रहे हैं, लेकिन हालात सुधरने के बावजूद क्षेत्र के रहवासी अब भी सहमे हुए हैं।

  • MP: इंदौर में नहाते वक्त महीनेभर में दो युवकों की संदिग्ध मौत…. PM रिपोर्ट से हुआ चौकाने वाला खुलासा

    MP: इंदौर में नहाते वक्त महीनेभर में दो युवकों की संदिग्ध मौत…. PM रिपोर्ट से हुआ चौकाने वाला खुलासा


    इंदौर।
    अगर आप भी किसी ऐसे व्यक्ति, परिवार या संस्था को जानते हैं, जिनके यहां पर नहाते समय गर्म पानी करने के लिए गैस गीजर का उपयोग किया जाता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (Indore City) में एक माह के भीतर दो ऐसे दर्दनाक मामले सामने आए हैं, जिनमें बाथरूम (Bathroom) बंद करके नहा रहे दो युवकों की अलग-अलग घटनाओं में मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर चिकित्सकों और परिजनों को मौत का कारण दिल का दौरा (हार्ट अटैक- Heart attack) लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाला सच उजागर कर दिया।


    हार्ट अटैक से नहीं इस वजह से हुई थी मौत

    पीएम रिपोर्ट में सामने आया कि दोनों युवकों की मौत गैस गीजर से निकली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण हुई थी। दोनों मृतकों की उम्र करीब 20 साल थी और उन्हें किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी भी नहीं थी। जानकारी के अनुसार, एक युवक अपने दोस्त के घर पर रह रहा था, जबकि दूसरा अपने परिवार के साथ रहता था। घटना के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग में शवों का पोस्टमार्टम किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. बी.के. सिंह और सहायक प्राध्यापक डॉ. अंकित पी.जैन ने बताया कि मौत का स्पष्ट कारण गैस गीजर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस थी।


    कार्बन मोनोऑक्साइड की वजह से सांस नहीं फूलती

    विशेषज्ञों के मुताबिक, जब बंद जगह में गैस गीजर चलाया जाता है और वहां ताजी हवा नहीं आने से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी अत्यंत जहरीली गैस बनने लगती है, जो बेहद खतरनाक होती है। डॉक्टरों ने बताया कि यह गैस न तो दिखाई देती है और न ही इसकी कोई गंध होती है। यहां तक कि इसे ले रहे व्यक्ति को सांस फूलने या घबराहट का अहसास भी नहीं होता। ऐसे में कुछ ही मिनटों में वह बेहोश हो जाता है और समय पर मदद न मिलने पर उसकी मौत हो सकती है। पोस्टमार्टम के दौरान कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से हुई मौत में शव पर पिंक हाइपोस्टेसिस और शरीर के अंगों का गुलाबी रंग दिखाई देता है।


    वेंटिलेशन की कमी बनी मौत की वजह

    विशेषज्ञों का कहना है कि बंद बाथरूम में गैस गीजर का उपयोग और वेंटिलेशन (हवा आने-जाने) की कमी ऐसे हादसों का मुख्य कारण है। इससे पहले भी इंदौर में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। करीब छह माह पहले 24 वर्षीय युवती की मौत भी गैस गीजर से निकलने वाली जहरीली गैस के कारण हुई थी। जागरूकता की कमी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।


    इन सावधानियों का जरूर करें पालन

    – गैस गीजर को बाथरूम या बंद कमरे में न लगवाएं। इसे बालकनी, छत या खुले स्थान पर लगाएं।
    – यदि बाथरूम में गैस गीजर लगा हो तो नहाते समय दरवाजा या खिड़की खुली रखें।
    – केवल उच्च गुणवत्ता और भारतीय मानक प्रमाणित गैस गीजर का ही उपयोग करें।
    – गीजर लगवाते समय यह सुनिश्चित करें कि तकनीशियन द्वारा उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था की गई हो।

  • फिर खुली इंदौर की 'सोनम फाइल्स', राजा रघुवंशी हत्याकांड का रहस्य हुआ उजागर

    फिर खुली इंदौर की 'सोनम फाइल्स', राजा रघुवंशी हत्याकांड का रहस्य हुआ उजागर



    इंदौर। इंदौर का बहुचर्चित सोनम रघुवंशी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में इस केस पर आधारित एक वेब सीरीज रिलीज हुई है, जिसने केवल अपराध की क्रूरता को ही नहीं दिखाया, बल्कि उन पहलुओं को भी सामने लाया, जो लंबे समय तक पुलिस फाइलों में दबे हुए थे। इस केस ने ना सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश को हिला कर रख दिया था।

    राजा रघुवंशी अपने जीवन के सबसे खूबसूरत पल शादी और हनीमून के लिए शिलांग गए थे।

    लेकिन नियति ने उनके इस हसीन सफर को मौत और धोखे का साया बना दिया। वेब सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे शादी और हनीमून की खुशियों के बीच एक सुनियोजित हत्या की साजिश रची गई।

    साल 2025 में हुए इस हादसे ने पूरे इंदौर को स्तब्ध कर दिया था। राजा रघुवंशी की हत्या के पीछे की साजिश और हत्यारे के मानसिक पक्ष पर अब तक बहुत कम प्रकाश डाला गया था। वेब सीरीज ने इसे ‘डिकोड’ करते हुए दिखाया है कि हत्यारे ने किस तरह से योजना बनाई और घटना को अंजाम दिया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस केस की खासियत इसके सतह के पीछे की रणनीति और मानसिक चालाकी में है।

    हत्यारे ने इतना सावधानीपूर्वक कदम उठाया कि शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाए। पुलिस ने भी शुरुआती जांच में कई बाधाओं का सामना किया। लेकिन अब, नई जानकारी और वेब सीरीज के माध्यम से जनता के सामने यह सब खुलकर आया है।

    वेब सीरीज दर्शकों को राजा रघुवंशी के अंतिम दिनों की भावनात्मक यात्रा, हनीमून के दौरान घटित घटनाओं और हत्या के पीछे की साजिश को विस्तार से दिखाती है। इसमें यह भी बताया गया है कि किस तरह हत्या के बाद हत्यारे ने अपने कदमों को छुपाने की कोशिश की। इसके साथ ही, कई ऐसे तथ्य उजागर किए गए हैं, जो पहले सार्वजनिक नहीं किए गए थे।

    पुलिस और फॉरेंसिक टीम की जांच भी इस केस की जटिलता को दर्शाती है। रिपोर्टों में यह सामने आया कि हत्या सुनियोजित और प्लान्ड थी।

    हत्यारे की मानसिक स्थिति, योजना की बारीकियां और अपराध की गहनता को समझना ही इस केस की सबसे बड़ी चुनौती थी।

    इंदौर के लोग अब भी इस क्राइम ड्रामा को लेकर चर्चा कर रहे हैं। केस की सच्चाई और वेब सीरीज में दिखाई गई घटनाओं के बीच तुलना करने के लिए कई दर्शक इसे देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की वेब सीरीज न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि यह लोगों को अपराध की मनोरोग मानसिकता और जटिलताओं के बारे में जागरूक भी करती हैं।

    इस केस ने साबित किया कि प्यार, धोखा और मौत कभी-कभी एक ही सफर में साथ चल सकते हैं। राजा रघुवंशी हत्याकांड ने यह संदेश दिया कि अपराध का मनोवैज्ञानिक पहलू समझना उतना ही जरूरी है जितना कि अपराध की तकनीकी जांच।

    अब सवाल यह उठता है कि क्या इस केस में हत्यारे के सभी रहस्य उजागर हो पाए हैं? या फिर पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया के दौरान कुछ और राज खुलेंगे। इंदौर की जनता और पूरे देश की नजरें इस केस और वेब सीरीज पर बनी हुई हैं।

  • गणतंत्र दिवस 2026: देशभक्ति के रंग में रंगा मध्य प्रदेश, डिप्टी सीएम से लेकर अफसरों तक ने किया झंडा वंदन

    गणतंत्र दिवस 2026: देशभक्ति के रंग में रंगा मध्य प्रदेश, डिप्टी सीएम से लेकर अफसरों तक ने किया झंडा वंदन


    नई दिल्ली । गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर मध्य प्रदेश पूरी तरह देशभक्ति के रंग में डूबा नजर आया। प्रदेशभर में 26 जनवरी को उत्साह, उमंग और राष्ट्रीय गौरव के साथ गणतंत्र दिवस मनाया गया। राजधानी भोपाल से लेकर इंदौर, सागर और अन्य जिलों तक राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ भव्य परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह आयोजित किए गए। हर जिले में लोकतंत्र और संविधान के प्रति आस्था का संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

    राजधानी भोपाल में राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने परेड की सलामी ली और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में राज्यपाल ने संविधान के मूल्यों, एकता और अखंडता को बनाए रखने का आह्वान किया। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसके आदर्शों पर चलकर ही विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।

    सागर जिले में उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने पीटीसी ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। झंडा वंदन के पश्चात उन्होंने परेड की सलामी ली और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया। इस अवसर पर पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित भगवानदास रैकवार का सम्मान कर जिले को गौरवान्वित किया गया। समारोह में विभिन्न स्कूलों और शासकीय विभागों द्वारा आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिनमें सामाजिक जागरूकता, विकास योजनाओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया। स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति रही।

    इंदौर में नेहरू स्टेडियम में आयोजित मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने झंडा वंदन किया। उन्होंने परेड की सलामी लेते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि समर्पित और ईमानदार अधिकारी-कर्मचारी ही प्रदेश और देश की प्रगति की मजबूत नींव होते हैं। समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया और विद्यार्थियों तथा नागरिकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।

    प्रदेश के अन्य जिलों में भी मंत्री, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने निर्धारित स्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। हर जगह देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संविधान के प्रति निष्ठा के संकल्प के साथ गणतंत्र दिवस मनाया गया। कुल मिलाकर गणतंत्र दिवस 2026 ने मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास के संकल्प को और मजबूत किया।

  • Ind vs NZ: तीसरा ODI आज इंदौर के होलकर स्टेडियम में.. जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज

    Ind vs NZ: तीसरा ODI आज इंदौर के होलकर स्टेडियम में.. जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज


    इंदौरः
    इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) तीन मैच की वनडे सीरीज (Three-match ODI series) का तीसरा और निर्णायक मुकाबला आज यानी रविवार, 18 जनवरी को खेला जाना है। India vs New Zealand तीसरा वनडे इंदौर के होलकर स्टेडियम (Holkar Stadium, Indore) में खेला जाएगा। सीरीज का पहला मैच 4 विकेट से जीतकर भारत ने जोरदार आगाज किया था, मगर दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड की टीम ने जोरदार वापसी की। डेरिल मिशेल के शतक के दम पर न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराकर सीरीज में रोमांच का तड़का लगाया था। आज का मैच जीतने वाली टीम सीरीज पर कब्जा जमाएगी। तो आईए ऐसे में एक नजर भारत बनाम न्यूजीलैंड पिच रिपोर्ट (Pitch Report) पर डालते हैं-

    होलकर स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है। यहां की समान उछाल वाली पिच और छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों को खूब रास आती है। ऐसे में आज फैंस एक हाईस्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद कर सकते हैं। जानकारी के लिए बता दें, यह वही मैदान है जिस पर वीरेंद्र सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दोहरा शतक जड़ा था। आज के मुकाबले में भी दोनों टीमों की ओर से कई शतक दिख सकते हैं। आखिरी बार टीम इंडिया ने इस मैदान पर 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच खेला था, जहां शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने शतक जड़े थे और भारत ने 399 रन बोर्ड पर लगाए थे। टीम इंडिया यह मैच 99 रन से जीती थी। आज भी टॉस जीतने वाले कप्तान की नजरें पहले बैटिंग करने पर होगी।

    इंदौर होलकर स्टेडियम ODI आंकड़े
    मैच- 7

    – होम टीम द्वारा जीते गए मैच- 7 (100.00%)
    – टूरिंग टीम द्वारा जीते गए मैच 0 (0.00%)
    – पहले बैटिंग करके जीते गए मैच- 5 (71.43%)
    – टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 2 (28.57%)
    – टॉस जीतकर जीते गए मैच- 4 (57.14%)
    – टॉस हारकर जीते गए मैच- 3 (42.86%)
    – हाईएस्ट स्कोर- 418/5
    – लोएस्ट स्कोर- 217
    – हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 294/5
    – प्रति विकेट औसत रन- 37.34
    – प्रति ओवर औसत रन- 6.31
    – पहले बैटिंग करने का औसत स्कोर- 332


    इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड स्क्वॉड

    भारत टीम: रोहित शर्मा, शुभमन गिल(c), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल(w), रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, आयुष बडोनी, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल

    न्यूजीलैंड टीम: डेवोन कॉनवे, हेनरी निकोल्स, विल यंग, ​​डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, मिशेल हे(w), माइकल ब्रेसवेल(c), ज़ैकरी फाउल्क्स, क्रिस्टियन क्लार्क, काइल जैमीसन, जेडन लेनोक्स, निक केली, आदित्य अशोक, जोश क्लार्कसन, माइकल रे

  • राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी पर सरकार को घेरा, बोले– लोग पानी पीकर मर रहे, यही अर्बन मॉडल

    राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी पर सरकार को घेरा, बोले– लोग पानी पीकर मर रहे, यही अर्बन मॉडल


    इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और बीमारियों को लेकर शुक्रवार को सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि लोग पानी पीकर मर रहे हैं और इसे ही स्मार्ट सिटी और अर्बन मॉडल बताया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही है और इसे पूरे मामले की जवाबदेही लेनी होगी। शनिवार को इंदौर पहुंचे राहुल गांधी ने सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल का दौरा किया, जहां उन्होंने दूषित पानी से प्रभावित मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। वहां उन्होंने रोगियों की हालत और उनके परिवारों की समस्याओं को बारीकी से समझा और अस्पताल प्रशासन से स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद वे भागीरथपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने दूषित पानी के कारण अपनी जान गंवाने वाली गीता बाई और जीवनलाल के परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त की।

    राहुल गांधी ने दोनों परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में चेक भी प्रदान किए। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ इंदौर या मध्यप्रदेश का नहीं है, बल्कि पूरे देश में शहरी जल आपूर्ति प्रणाली की कमजोरी का उदाहरण है। उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई करने और लोगों को सुरक्षित पीने के पानी की गारंटी देने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि जल संकट और दूषित पानी की आपूर्ति जैसी समस्याओं को अर्बन मॉडल और स्मार्ट सिटी की उपलब्धियों के नाम पर छुपाया जा रहा है। उनका कहना था कि जनता की जान से खेलना स्वीकार्य नहीं है और इस मुद्दे पर सभी स्तरों पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

    राहुल गांधी के इस दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने भी उनसे मिलकर अपने अनुभव साझा किए और मांग की कि सरकार ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि इंदौर का मामला चेतावनी है कि शहरों में जल प्रबंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा को गंभीरता से लिया जाए। राहुल गांधी की यह पहल लोगों के बीच संवेदनशीलता और तत्काल कार्रवाई की मांग को उजागर करती है। उनका यह दौरा केवल समर्थन और सहानुभूति दिखाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने वास्तविक मदद और आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत मिली।

  • सीवेज प्रदूषण पर NGT सख्त, MP-UP-राजस्थान से जवाब तलब, इंदौर में मौतें और भोपाल में 'ई-कोलाई' का खतरा

    सीवेज प्रदूषण पर NGT सख्त, MP-UP-राजस्थान से जवाब तलब, इंदौर में मौतें और भोपाल में 'ई-कोलाई' का खतरा


    नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की प्रधान पीठ ने नई दिल्ली में बुधवार को इंदौर, भोपाल और राजस्थान के शहरों में पेयजल में सीवेज की मिलावट से जुड़ी गंभीर समस्याओं पर स्वतः संज्ञान लिया। NGT ने मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की राज्य सरकारों से जवाब तलब किया है। ट्रिब्यूनल ने इंदौर में गंदे पानी के कारण मौतों और भोपाल में पेयजल में ‘ई-कोलाई’ बैक्टीरिया मिलने के मामलों का हवाला दिया।
    मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इंदौर में गंदे पानी के सेवन से मौतें हुई हैं, जबकि भोपाल के कुछ इलाकों में ट्यूबवेल से रिसाव के कारण पेयजल में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया। वहीं, राजस्थान के उदयपुर, जोधपुर, कोटा, बांसवाड़ा, जयपुर और अजमेर जैसे शहरों में पुरानी और जर्जर पाइपलाइन प्रणाली के चलते सीवेज के पानी का पेयजल में मिलना जारी है। ग्रेटर नोएडा में भी सीवेज मिला पानी पीने से कई लोग बीमार पड़े, जिनमें बच्चे भी शामिल थे।
    एनजीटी ने इन घटनाओं को गंभीर पर्यावरणीय और जनस्वास्थ्य से जुड़ा मामला माना। पीठ ने संबंधित राज्य सरकारों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) से स्पष्ट जवाब तलब किया है। कहा गया है कि यह मामला पर्यावरणीय कानूनों का पालन सुनिश्चित करने, जिम्मेदारी तय करने और नागरिकों के सुरक्षित पेयजल के अधिकार की रक्षा के लिए विचाराधीन रहेगा।

    इसके अलावा, NGT ने मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के मामलों को भी संज्ञान में लिया। रिपोर्ट के अनुसार, सड़क, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और कोयला खदान परियोजनाओं के लिए 50 से 100 वर्ष पुराने लगभग 15 लाख पेड़ काटे जा चुके हैं या काटे जाने का प्रस्ताव है। सिंगरौली, खंडवा, विदिशा, भोपाल और इंदौर में भारी संख्या में पेड़ों की कटाई से वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

    पीठ ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य वन विभागों को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई तक शपथ पत्र के माध्यम से अपना जवाब दाखिल करें। अगली सुनवाई 9 मार्च 2026 को होगी।

  • इंदौर की रेशम केंद्र गौशाला में भूख-प्यास से 20 गायों की मौत, कांग्रेस ने सरकार से की जांच की मांग

    इंदौर की रेशम केंद्र गौशाला में भूख-प्यास से 20 गायों की मौत, कांग्रेस ने सरकार से की जांच की मांग


    इंदौर । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में गोवंश संरक्षण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। शहर के रेशम केंद्र स्थित गौशाला में करीब 20 गायों की मौत हो गई जिसे कांग्रेस ने सरकार की लापरवाही और गोवंश संरक्षण नीति की असफलता करार दिया है। मृत गायों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया गया है, जिसमें कई गायों के शव जमीन पर पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनकी हालत बेहद दयनीय है। कांग्रेस का आरोप है कि ये गायें भूख और प्यास के कारण मरी हैं क्योंकि उन्हें पर्याप्त चारा और पानी नहीं मिला था।

    कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को गंभीर लापरवाही और राज्य सरकार की नाकामी का परिणाम बताया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गोवंश संरक्षण की जो योजनाएं बनाई गई हैं वे अब तक प्रभावी साबित नहीं हुई हैं। कांग्रेस ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री को एक ईमेल भेजकर मामले की तत्काल जांच की मांग की है। ईमेल में यह भी कहा गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और गौशाला की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।

    कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह घटना केवल लापरवाही का परिणाम नहीं है, बल्कि यह सरकार की गोवंश प्रेम की राजनीति की असफलता को भी उजागर करती है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यदि गौशालाओं में सही प्रबंधन होता और सरकार की ओर से पर्याप्त संसाधन मुहैया कराए जाते, तो इस प्रकार की घटनाएं नहीं होतीं। गौशाला में गायों की यह मौत न केवल इंदौर बल्कि पूरे राज्य में एक बड़ा मुद्दा बन गई है। गौवंश संरक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। वहीं अब देखना यह है कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या इस बार गोवंश संरक्षण की नीति में सुधार किया जाएगा।

  • इंदौर में दूषित पानी से मौतों का खुलासा: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

    इंदौर में दूषित पानी से मौतों का खुलासा: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना


    नई दिल्ली। इंदौर में दूषित पेयजल के कारण कम से कम 18 लोगों की मौत हुई है। कांग्रेस मीडिया एंड कम्युनिकेशन प्रमुख पवन खेड़ा ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है और कहा कि यह केवल स्थानीय प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री और मेयर तक की जवाबदेही है।
    “हर घर जल” की बजाय “हर घर मल” योजना
    खेड़ा ने बताया कि इंदौर को स्वच्छ भारत अभियान में कई बार “नंबर-वन शहर” का दर्जा मिला, लेकिन आज वही शहर गंदे पानी और दूषित स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से मौतों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि “हर घर जल योजना” के लिए मंजूर पाइपलाइन का काम जुलाई 2022 में शुरू होना था, लेकिन केवल ठेके की फाइनलाइजेशन का इंतजार किया गया।लोगों की जान दांव पर लगाई गई, जबकि अधिकारियों और सरकार ने काम रोक रखा था।
    प्रशासन और राजनीतिक जिम्मेदारी पर सवाल
    खेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव गाने गा रहे हैं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पत्रकारों से बदसलूकी कर रहे हैं, और मेयर अलग ही बयान दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी अराजकता का खामियाजा छोटे बच्चे और आम लोग भुगत रहे हैं।

    स्वास्थ्य संकट और राष्ट्रीय पैमाना
    पानी, हवा और दवाइयों में मिलावट एक व्यापक समस्या बन गई है।
    गुजरात के गांधीनगर और दिल्ली में भी टाइफाइड और दूषित पानी के मामले सामने आए हैं।
    लगभग 70% पानी देश में दूषित हो चुका है।

    हैजा की पुष्टि और नोटिफिकेशन का सवाल
    खेड़ा ने सीधे सवाल किया, क्या पानी और प्रभावित नागरिकों के स्टूल सैंपल की कल्चर जांच हुई?
    अगर हैजा का बैक्टीरिया मिला, तो क्या इसे आईडीएसपी के तहत नोटिफाई किया गया?
    क्या इस मामले की जानकारी केंद्र सरकार, स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO को दी गई?

    वित्तीय अनियमितताएं
    वर्ष 2003 में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से 200 मिलियन डॉलर का लोन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के लिए आया।सवाल उठाया गया कि यह पैसा कहाँ गया और क्या योजनाओं को पूरा करने में इसका सही इस्तेमाल हुआ।
    खेड़ा ने कहा, 18 मौतें किसी हादसे का नतीजा नहीं हैं, यह शासन की विफलता और भ्रष्टाचार का परिणाम हैं। जनता जानना चाहती है कि क्या कोई जिम्मेदारी लेगा या यह मामला भी फाइलों में दफन कर दिया जाएगा।
  • मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असरदिल्ली से आने वाली ट्रेनें लेट. स्कूलों में छुट्टी जारी

    मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असरदिल्ली से आने वाली ट्रेनें लेट. स्कूलों में छुट्टी जारी


    भोपाल । मध्यप्रदेश में इस समय कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे का प्रभाव बहुत गहरा है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है. और कई इलाकों में यह और भी नीचे पहुंच चुका है। उमरिया में तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि राजगढ़. खजुराहो और शिवपुरी में 4.5 से 5 डिग्री सेल्सियस तक तापमान गिरा है। वहीं. रीवा में भी 5.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    बुधवार की सुबह कोहरे के कारण प्रदेश के आधे हिस्से में दृश्यता कम रही। विशेष रूप से सतना. दतिया. गुना. रीवा. ग्वालियर. राजगढ़. खजुराहो. नौगांव और सीधी जैसे इलाकों में कोहरे का असर सबसे ज्यादा रहा। इस कारण दिल्ली से आने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें लेट हो गई हैं. जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    इसके साथ ही. इंदौर. रायसेन. ग्वालियर. मऊगंज. धार और नर्मदापुरम जिलों के स्कूलों में भी बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी गई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में कोल्ड वेव और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले भी शाजापुर. शहडोल. सिवनी. मंदसौर. सीहोर में शीतलहर का असर देखा गया था. और भोपाल-राजगढ़ में तीव्र शीतलहर भी चली थी।

    प्रदेश में पिछले तीन दिन से लगातार कड़ाके की सर्दी पड़ रही है. जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस सर्दी की वजह से ही इंदौर. उज्जैन. मंदसौर. शाजापुर. विदिशा. ग्वालियर. अशोकनगर. रायसेन. आगर-मालवा. भिंड. टीकमगढ़. हरदा. नीमच. रतलाम. राजगढ़. मंडला. जबलपुर. दमोह. डिंडौरी. नर्मदापुरम. झाबुआ. छतरपुर. सीधी. बैतूल और कई अन्य जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।

    इंदौर. रायसेन. ग्वालियर और नर्मदापुरम में बुधवार को भी स्कूलों की छुट्टियां जारी रही। वहीं. भोपाल. धार. सीहोर. अनूपपुर. बड़वानी. मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद ही खोले गए हैं। इस कड़ाके की ठंड ने बच्चों को स्कूलों तक पहुंचने में दिक्कतें दी हैं. खासकर छोटे बच्चों को सुबह-सुबह ठंड में स्कूल पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है।

    इस बार कड़ाके की ठंड का असर खास रहा है। नवंबर और दिसंबर के महीनों में प्रदेश में कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी थी. और दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। जनवरी के पहले सप्ताह में भी प्रदेश में माइनस तापमान की स्थिति देखने को मिली।

    सर्दी का यह मौसम क्यों खास है

    मौसम विभाग के मुताबिक. दिसंबर और जनवरी में उत्तर भारत से सर्द हवाएं प्रदेश की ओर आती हैं. जिसके कारण इन महीनों में कड़ाके की ठंड होती है। इन दो महीनों में खासतौर पर शीतलहर और कोल्ड वेव जैसी स्थितियां बनती हैं। पिछले 10 सालों में ऐसे ही ट्रेंड देखे गए हैं. और इस बार भी जनवरी में मावठा हल्की बारिश का असर कुछ जिलों में देखा गया है।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में जनवरी के मौसम का ट्रेंड भी बहुत दिलचस्प है

    भोपाल18 जनवरी 1935 को यहां का रात का तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका था। 26 जनवरी 2009 को दिन का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।इंदौरजनवरी में माइनस तापमान का रिकॉर्ड 16 जनवरी 1935 को माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस था।उज्जैन22 जनवरी 1962 को यहां पारा 0 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका था।

    अंत में. मध्यप्रदेश में इस बार सर्दी और कोहरे का असर अत्यधिक देखा जा रहा है. जिससे न सिर्फ आम जनजीवन प्रभावित हुआ है. बल्कि स्कूलों और ट्रेनों की समय सारणी भी गड़बड़ाई है। ठंड और कोहरे के कारण कई ट्रेनें लेट हो रही हैं. और छोटे बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार. यह स्थिति आने वाले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।