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  • जबलपुर में खौफनाक वारदात: गले और चेहरे पर चाकू मारकर युवक की हत्या

    जबलपुर में खौफनाक वारदात: गले और चेहरे पर चाकू मारकर युवक की हत्या


    नई दिल्ली।  मध्यप्रदेश के Jabalpur में एक बार फिर देर रात हुई हिंसक वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है। गोहलपुर थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। यह घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है, जिसमें पुरानी रंजिश को मुख्य वजह माना जा रहा है।

    मृतक की पहचान समता कॉलोनी निवासी भावेश वीरानी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, भावेश अपने घर के पास देर रात घूम रहा था, तभी बाइक पर सवार होकर तीन युवक वहां पहुंचे। आरोपियों की पहचान अरुण, आयुष और शिव के रूप में हुई है।

    बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहुंचते ही भावेश को घेर लिया और पुराने विवाद को लेकर बहस शुरू कर दी। कुछ ही मिनटों में यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि तीनों हमलावरों ने युवक पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए, जिसमें गले और हाथ पर गंभीर चोटें आईं।

    हमले के बाद भावेश मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत वहां से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

    Jabalpur के गोहलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। हालांकि अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिजनों का कहना है कि करीब छह महीने पहले भावेश का आरोपियों से विवाद हुआ था, जिसके बाद से दोनों पक्षों में तनाव चल रहा था। उसी रंजिश का बदला लेने के लिए इस हत्या को अंजाम दिया गया।

    घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। लगातार हो रही चाकूबाजी की घटनाओं ने शहर की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • जबलपुर में सुसाइड केस: वीडियो रिकॉर्ड कर युवक ने की आत्महत्या, शादी टूटने से था परेशान

    जबलपुर में सुसाइड केस: वीडियो रिकॉर्ड कर युवक ने की आत्महत्या, शादी टूटने से था परेशान


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Jabalpur में एक दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां राजस्थान के झालावाड़ निवासी 25 वर्षीय युवक लोकेश सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अब करीब दो महीने बाद सामने आए एक वीडियो ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है।

    घटना 3 मार्च की बताई जा रही है, जब लोकेश का शव जबलपुर से करीब 15 किलोमीटर दूर नहर किनारे एक पेड़ पर फंदे से लटका मिला था। पुलिस ने उस समय शव का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया था और मामला सामान्य आत्महत्या मानकर जांच बंद कर दी गई थी।

    लेकिन हाल ही में मृतक के मोबाइल से मिला एक वीडियो सामने आने के बाद मामला फिर से खुल गया है। वीडियो में लोकेश ने आत्महत्या से ठीक पहले अपनी मौत के लिए ससुराल पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। उसने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उसकी फोटो डालकर उसकी बदनामी की गई, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया।

    मृतक ने वीडियो में कुछ लोगों के नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए और भावनात्मक रूप से आहत होकर आत्महत्या करने की बात कही। वीडियो सामने आने के बाद परिवार ने इसे पुलिस को सौंप दिया है।

    परिजनों के अनुसार लोकेश की शादी बचपन में तय हुई थी, लेकिन बाद में रिश्ते में तनाव बढ़ता चला गया। पिता का आरोप है कि ससुराल पक्ष की ओर से लगातार दबाव और विवाद के कारण उनका बेटा मानसिक तनाव में था।

    मामले में एक और पहलू यह भी सामने आया है कि घटना से पहले युवक द्वारा सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक फोटो पोस्ट किए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया था, जिसके बाद रिश्ता टूटने की स्थिति बन गई थी।

    अब पुलिस ने वीडियो के आधार पर नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में जिन लोगों के नाम लिए गए हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी और सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

    फिलहाल यह मामला आत्महत्या के पीछे के कारणों और सोशल मीडिया विवाद के प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • बरसात से पहले अलर्ट मोड में जबलपुर: आपदा प्रबंधन ट्रेनिंग में 51 जवानों को मिला रेस्क्यू अभ्यास

    बरसात से पहले अलर्ट मोड में जबलपुर: आपदा प्रबंधन ट्रेनिंग में 51 जवानों को मिला रेस्क्यू अभ्यास


    नई दिल्ली । बरसात के मौसम में संभावित बाढ़ और जल आपदाओं से निपटने के लिए मध्यप्रदेश होमगार्ड विभाग ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। भोपाल मुख्यालय के निर्देश पर जबलपुर संभाग में चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जवानों को आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू ऑपरेशन की बारीकियां सिखाई गईं।
    यह प्रशिक्षण जबलपुर के प्रसिद्ध गौरीघाट क्षेत्र में नर्मदा नदी के किनारे आयोजित किया गया, जहां जवानों को वास्तविक परिस्थितियों में अभ्यास कराया गया। 7 मई से 9 मई तक चले इस प्रशिक्षण में कुल 51 होमगार्ड जवानों ने हिस्सा लिया, जो जबलपुर, कटनी, मंडला और नरसिंहपुर जैसे जिलों से चयनित किए गए थे।
    बाढ़ और जल आपदा से निपटने का व्यावहारिक अभ्यास
    प्रशिक्षण के दौरान जवानों को तेज बहाव वाली नदी में सुरक्षित तैरने, फंसे हुए लोगों को निकालने और आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षा तकनीकों का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही उन्हें यह भी सिखाया गया कि आपदा के समय कैसे तेजी और सावधानी के साथ राहत कार्य किया जाए।
    जवानों को आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के उपयोग की भी जानकारी दी गई। इसमें बोट संचालन, चप्पू और ओअर का सही उपयोग, तथा आउटबोर्ड मोटर (OBM) हैंडलिंग जैसी महत्वपूर्ण तकनीकें शामिल थीं। इन अभ्यासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी आपदा की स्थिति में टीम तेजी से और प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सके।
    SDRF की टीम भी रही शामिल
    इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के जवानों ने भी हिस्सा लिया, जिससे प्रशिक्षण और अधिक प्रभावी बन गया। विशेषज्ञों की निगरानी में जवानों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया गया।
    डिवीजनल कमांडेंट और जिला सेनानी व प्रशिक्षण प्रभारी नीरज सिंह ठाकुर की देखरेख में यह पूरा प्रशिक्षण संपन्न हुआ। अधिकारियों के अनुसार इस तरह के अभ्यास से जवानों की क्षमता बढ़ती है और आपदा के समय राहत कार्यों में तेजी आती है।
    मानसून से पहले तैयारी तेज
    मौसम विभाग द्वारा मानसून के सामान्य रहने के अनुमान के बीच प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहता है। इसी के तहत प्रदेशभर में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।

  • जबलपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: सोते छात्र पर फ्लाईओवर से फेंका गया एसिड, 50% झुलसा युवक

    जबलपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: सोते छात्र पर फ्लाईओवर से फेंका गया एसिड, 50% झुलसा युवक


    नई दिल्ली। जबलपुर के मदनमहल थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। यहां 22 वर्षीय कॉलेज छात्र शिवांश बैन पर सोते समय फ्लाईओवर से अज्ञात हमलावर द्वारा एसिड फेंक दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया।
    घर के अंदर हुआ हमला
    घटना रविवार तड़के करीब 3:30 बजे की है। छात्र अपने घर के कमरे में सो रहा था, तभी फ्लाईओवर ब्रिज से फेंका गया एसिड छत को फाड़ते हुए सीधे उसके शरीर पर गिर गया। इसके बाद कमरे में आग जैसी स्थिति बन गई और वह बुरी तरह झुलस गया।
    50% तक झुलसा छात्र
    डॉक्टरों के मुताबिक, शिवांश के दोनों हाथ, सीना और कमर का हिस्सा लगभग 50 प्रतिशत तक जल चुका है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
    परिवार ने बचाई जान
    चीख सुनकर परिजन तुरंत कमरे में पहुंचे और कंबल डालकर आग बुझाई। इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
    पहले भी हुई थी संदिग्ध घटना
    परिवार का कहना है कि करीब 10 दिन पहले भी घर पर पथराव की घटना हुई थी, जिसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
     पुलिस जांच में जुटी
    मदनमहल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और फ्लाईओवर से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
    जबलपुर की यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि शहर में बढ़ते अपराध को लेकर भी चिंता बढ़ाती है।
  • बरगी डैम क्रूज हादसा: को-पायलट का दावा- इंजन खराब था, आखिरी पल तक फंसा रहा; 13 की मौत से हड़कंप

    बरगी डैम क्रूज हादसा: को-पायलट का दावा- इंजन खराब था, आखिरी पल तक फंसा रहा; 13 की मौत से हड़कंप

    नई दिल्ली। बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। 30 अप्रैल को हुए इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 22 लोग किसी तरह बचा लिए गए थे।

    हादसे में को-पायलट रहे महेश पटेल ने घटना के बाद बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि क्रूज का एक इंजन पहले से स्लो था और अचानक आई तेज हवाओं ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।

    कैसे हुआ हादसा?
    महेश पटेल के अनुसार, क्रूज शाम करीब 5:16 बजे यात्रा पर निकला था। लौटते समय तेज हवाएं चलने लगीं, जिनकी रफ्तार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई गई। उन्होंने बताया कि स्थिति बिगड़ने पर स्टाफ को लाइफ जैकेट बांटने के निर्देश दिए गए थे। उनका दावा है कि इसी दौरान क्रूज का एक इंजन काम करना बंद कर गया, जिससे संतुलन बिगड़ गया और क्रूज पानी में डूबने लगा।

     “आखिरी दम तक अंदर फंसा रहा”
    महेश पटेल ने कहा कि वे क्रूज के पायलट केबिन में थे और आखिरी समय तक अंदर ही फंसे रहे। बाद में पानी के दबाव से बाहर निकल पाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी को छोड़कर नहीं भागे और हालात बेहद भयावह थे।
    अनुभव और जिम्मेदारी
    पटेल ने बताया कि वे पिछले 10 साल से क्रूज संचालन कर रहे हैं और 2012 में उन्होंने ट्रेनिंग ली थी। उनका कहना है कि यदि उन्हें मौसम संबंधी चेतावनी या संचालन रोकने के निर्देश मिले होते, तो क्रूज कभी नहीं चलाया जाता।
     मेंटेनेंस और टिकट विवाद
    उन्होंने यह भी कहा कि क्रूज का आखिरी बड़ा मेंटेनेंस करीब 3 साल पहले हुआ था। साथ ही टिकट व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं, जहां कुछ यात्रियों के बिना टिकट होने की बात सामने आई है।
     कार्रवाई और जांच
    हादसे के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच महेश पटेल को नौकरी से बर्खास्त भी किया गया है।
    बरगी डैम हादसा एक गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी चूक की ओर इशारा करता है, जिसकी जांच अभी जारी है।
  • बरगी डैम क्रूज हादसे पर बुरहानपुर में श्रद्धांजलि सभा: ताप्ती सेवा समिति ने जताया शोक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

    बरगी डैम क्रूज हादसे पर बुरहानपुर में श्रद्धांजलि सभा: ताप्ती सेवा समिति ने जताया शोक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली।  मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में सामाजिक संगठनों ने जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। ताप्ती सेवा समिति ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना सभा आयोजित की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
    समिति के सदस्यों ने इस हादसे को व्यवस्थागत लापरवाही का परिणाम बताया। उनका कहना है कि दुर्घटना स्थल कोई दूरस्थ क्षेत्र नहीं था, इसके बावजूद समय पर पर्याप्त बचाव दल और संसाधन उपलब्ध नहीं हो सके, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
    श्रद्धांजलि सभा में उस दर्दनाक दृश्य का भी जिक्र किया गया, जिसमें एक मां अपने बच्चे को सीने से लगाए हुए मृत अवस्था में मिली थी। इस घटना ने सभी उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।
    ताप्ती सेवा समिति ने जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की गंभीरता से समीक्षा करने की मांग की है। सदस्यों ने सवाल उठाया कि क्या लाइफ जैकेट और आपातकालीन व्यवस्थाएं सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई हैं, और आपात स्थिति में तुरंत सक्रिय होने वाली रेस्क्यू टीम क्यों मौजूद नहीं थी।
    समिति ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि सभी जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। हर क्रूज और नाव में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की अनिवार्यता होनी चाहिए।
    इसके साथ ही, उन्होंने यह भी मांग की कि आपात स्थिति के लिए त्वरित कार्रवाई करने वाली रेस्क्यू टीम और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। समिति ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
    इस अवसर पर कई सामाजिक कार्यकर्ता और समिति सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने हादसे को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताया।
  • जबलपुर क्रूज हादसा: “मम्मी ने हाथ पकड़ा था, लेकिन छूट गया” – 9 की मौत, कई परिवार बिखरे

    जबलपुर क्रूज हादसा: “मम्मी ने हाथ पकड़ा था, लेकिन छूट गया” – 9 की मौत, कई परिवार बिखरे


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी है। तेज आंधी और करीब 74 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के बीच क्रूज पलट गया, जिसमें 9 लोगों की मौत हो चुकी है और 4 लोग अब भी लापता हैं।

    हादसे में बचे लोगों की कहानियां दिल दहला देने वाली हैं। 13 साल की तनिष्का ने रोते हुए बताया कि हादसे के वक्त उसकी मां ने उसका हाथ पकड़ा हुआ था, लेकिन अचानक क्रूज पलटने पर वह छूट गया। “मम्मी ने हमें पकड़ा था… फिर सब कुछ खत्म हो गया,” यह कहते हुए वह सदमे में है।

    एक अन्य परिवार के रोशन आनंद ने बताया कि क्रूज पलटते ही वे किसी तरह अपनी पत्नी और एक बच्चे के साथ बाहर निकल पाए, लेकिन बाकी लोग बिछड़ गए। उन्होंने बताया कि कई घंटों तक उन्होंने अपने बच्चे की तलाश की और बाद में वह सुरक्षित मिला, लेकिन उस भयावह अनुभव ने उन्हें अंदर तक हिला दिया।

    इसी हादसे में दिल्ली से आई 13 साल की सिया ने अपनी मां, छोटे भाई और नानी को खो दिया। सिया ने बताया कि शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन अचानक मौसम बदल गया और क्रूज में पानी भरने लगा। लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग लाइफ जैकेट तक नहीं पहन पाए।

    परिजनों का आरोप है कि क्रूज पर मौजूद स्टाफ ने समय रहते मदद नहीं की और लाइफ बोट भी देर से पहुंची। उनका कहना है कि अगर बचाव दल समय पर पहुंचता तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।

    कामराज नाम के एक यात्री का परिवार भी इस हादसे की चपेट में आ गया। उनकी पत्नी और भाभी की मौत हो चुकी है, जबकि बेटा और कुछ रिश्तेदार अब भी लापता हैं। किनारे खड़े परिजन लहरों में फंसे अपने अपनों को बचाने के लिए कुछ नहीं कर सके।

    हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है। प्रशासन द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन खराब मौसम के कारण कई बार रेस्क्यू कार्य रोकना पड़ा है।

    यह हादसा न सिर्फ एक पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि कई परिवारों को गहरे सदमे में छोड़ गया है, जहां अब सिर्फ यादें और दर्द बाकी है।

  • मासूमों पर मंडराया खतरा फेल हुई बच्चों की दवा पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन

    मासूमों पर मंडराया खतरा फेल हुई बच्चों की दवा पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन


    जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां बच्चों को दी जाने वाली एक दवा जांच में मानकों पर खरी नहीं उतरी है। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल सख्त कदम उठाते हुए संबंधित सिरप के उपयोग और वितरण पर रोक लगा दी है। यह मामला बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण पूरे स्वास्थ्य तंत्र में हलचल मच गई है और अभिभावकों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है।

    जानकारी के अनुसार पैरासिटामॉल पीडियाट्रिक ओरल सस्पेंशन आईपी 125mg 5ml नाम की सिरप जांच के दौरान फेल पाई गई है। यह दवा बच्चों को बुखार और दर्द में दी जाती है और सरकारी अस्पतालों में भी इसकी सप्लाई की गई थी। जैसे ही जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आई स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी अस्पतालों और चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नवीन कोठारी ने सभी संबंधित संस्थानों को पत्र लिखकर इस विशेष बैच की दवा के उपयोग और वितरण को पूरी तरह से बंद करने के आदेश दिए हैं। साथ ही अस्पतालों और क्लिनिक को अपने स्टॉक की जांच करने और संदिग्ध बैच को अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी तरह से यह दवा मरीजों तक न पहुंचे।

    इस दवा का निर्माण इंदौर स्थित मेसर्स जेनिथ ड्रग्स लिमिटेड द्वारा किया गया है। बताया जा रहा है कि दवा का सैंपल कुछ समय पहले जांच के लिए भोपाल भेजा गया था जहां परीक्षण के दौरान यह मानकों पर खरी नहीं उतरी। रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बिना देरी किए इसे प्रतिबंधित कर दिया।

    सीएमएचओ नवीन कोठारी ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच की प्रक्रिया अपनाई जाती है। स्टोर में रखी दवाओं का समय समय पर परीक्षण किया जाता है और एनएबीएल रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें उपयोग में लाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित सिरप में क्लंपिंग की समस्या पाई गई है जिससे उसमें क्रिस्टलाइजेशन हो रहा था और यह निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थी।

    हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह दवा पूरी तरह खराब नहीं है लेकिन तय गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरने के कारण इसे उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं माना जा सकता। फिलहाल यह दवा बाजार में उपलब्ध नहीं है और केवल सरकारी स्टॉक में ही थी जिससे स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली है।

    स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को यह विशेष सिरप न दें और यदि उनके पास इस बैच की दवा है तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सतर्कता कितनी जरूरी है खासकर जब मामला बच्चों की सेहत से जुड़ा हो।

    इस कार्रवाई से साफ है कि स्वास्थ्य विभाग किसी भी तरह की लापरवाही को लेकर गंभीर है और मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अब आगे इस मामले में विस्तृत जांच के बाद और भी कदम उठाए जा सकते हैं।

  • जबलपुर में मामूली विवाद बना जानलेवा, शादी में घोड़ी हटाने को लेकर युवक की चाकू मारकर हत्या

    जबलपुर में मामूली विवाद बना जानलेवा, शादी में घोड़ी हटाने को लेकर युवक की चाकू मारकर हत्या


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक मामूली विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। शादी समारोह के दौरान हुई कहासुनी के बाद 33 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वारदात सोमवार देर रात की है, जहां पांच बदमाशों ने युवक को घेरकर उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए।

    जानिए क्‍या है मामला

    जानकारी के मुताबिक, हनुमानताल निवासी मोनू उर्फ सादिल शादियों में दूल्हे के लिए घोड़ी उपलब्ध कराने का काम करता था। सोमवार रात वह घमापुर इलाके में एक शादी समारोह में घोड़ी लेकर पहुंचा था। इसी दौरान कुछ युवक बाइक से वहां से निकल रहे थे। भीड़ अधिक होने के कारण मोनू ने उन्हें घोड़ी से दूर रहने को कहा, ताकि कोई हादसा न हो। इसी बात को लेकर आरोपियों से उसका विवाद हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए।

    बारात खत्म होने के बाद देर रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच मोनू घर लौटा। घोड़ी बांधकर जैसे ही वह घर के अंदर जाने लगा, तभी बाइक सवार बदमाश वहां पहुंचे और उस पर चाकू से हमला कर दिया। हमलावरों ने उसे घेरकर कई वार किए और खून से लथपथ हालत में सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। कुछ देर बाद राहगीरों ने घायल मोनू को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। हनुमानताल और घमापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई।

    परिवार की जिम्मेदारी थी मृतक पर

    मृतक के भाई मोहम्मद साबिर के अनुसार, परिवार हमलावरों को नहीं जानता। विवाद की वजह सिर्फ इतनी थी कि मोनू ने घोड़ी से दूर रहने की बात कही थी। बताया जा रहा है कि मोनू ही पूरे परिवार का सहारा था और शादी-विवाह में घोड़ी लगाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

    प्रारंभिक जांच में जीशान नाम के युवक और उसके साथियों की संलिप्तता सामने आई है। हनुमानताल थाना पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • शिक्षा व्यवस्था से लेकर अपराध तक जबलपुर में कई मोर्चों पर कार्रवाई और धोखाधड़ी के मामले उजागर

    शिक्षा व्यवस्था से लेकर अपराध तक जबलपुर में कई मोर्चों पर कार्रवाई और धोखाधड़ी के मामले उजागर

    जबलपुर में एक साथ कई अलग अलग घटनाओं ने प्रशासन और आम लोगों को सतर्क कर दिया है जहां एक ओर शिक्षा विभाग ने मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर सख्त रुख अपनाया है वहीं दूसरी ओर ठगी और धोखाधड़ी के मामले भी सामने आए हैं

    शिक्षा विभाग की ओर से 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने पर 400 से अधिक प्राचार्यों और शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है जिला शिक्षा अधिकारी ने उन शिक्षकों से जवाब मांगा है जो निर्धारित समय पर मूल्यांकन केंद्रों पर उपस्थित नहीं हुए 22 फरवरी से शुरू हुए इस कार्य में करीब 441 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए जिनमें पीएम श्री और मॉडल स्कूलों के शिक्षक भी शामिल हैं यदि इन नोटिसों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है तो निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है इस सख्ती से शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया गया है

    दूसरी ओर शहर में धोखाधड़ी के मामलों ने भी चिंता बढ़ा दी है कोतवाली थाना क्षेत्र में एक ज्वेलर्स पर 35 लाख रुपये की ठगी का आरोप सामने आया है आरोपी ने चांदी में मुनाफे का झांसा देकर निवेश के नाम पर यह रकम ली पीड़ित मनोज पांडे की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है इस मामले में आरोपी विनोद सोनी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है

    इसी तरह संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में एक और गंभीर मामला सामने आया है जहां एक सहकर्मी युवती को शादी का झांसा देकर आरोपी ने उससे 17 लाख रुपये ऐंठ लिए पीड़िता के अनुसार आरोपी ने न केवल पैसे लिए बल्कि शादी के नाम पर शारीरिक संबंध भी बनाए बाद में शादी से इनकार कर दिया और जब पीड़िता ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने उसे ब्लॉक कर दिया इतना ही नहीं दिए गए चेक भी बाउंस करा दिए गए जिससे मामला और गंभीर हो गया

    इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहर में एक तरफ जहां शिक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बरती जा रही है वहीं दूसरी तरफ धोखाधड़ी और अपराध के मामलों पर भी पुलिस सक्रिय हो गई है प्रशासन अब ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रख रहा है ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके और आम जनता को सुरक्षित माहौल मिल सके