Tag: Madhya Pradesh News

  • खरगोन: टंट्या मामा मूर्ति विवाद में बड़ी गाज, दो इंजीनियर निलंबित; भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपनों ने ही खोला मोर्चा

    खरगोन: टंट्या मामा मूर्ति विवाद में बड़ी गाज, दो इंजीनियर निलंबित; भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपनों ने ही खोला मोर्चा


    खरगोन । क्रांतिकारी आदिवासी नायक जननायक टंट्या मामा भील की मूर्ति स्थापना को लेकर उपजा विवाद अब शासन की कड़ी कार्रवाई और राजनीतिक घमासान में तब्दील हो चुका है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए खरगोन नगरपालिका में पदस्थ दो इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बिस्टान नाका चौराहे पर स्थापित की गई मूर्ति में बरती गई भारी अनियमितताओं और लापरवाही के चलते की गई है।

    शासन की सख्त कार्रवाई

    नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे द्वारा जारी आदेश के तहत सहायक यंत्री मनीष महाजन और उपयंत्री जितेन्द्र मेढ़ा को निलंबित किया गया है। विभाग ने माना है कि मूर्ति स्थापना की प्रक्रिया में इन अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर चूक की और सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन किया।

    क्या है पूरा विवाद करोड़ों की मंजूरी, कौड़ियों की मूर्ति

    विवाद की जड़ मूर्ति के निर्माण में हुआ कथित भ्रष्टाचार है। नगरपालिका की प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल PIC ने टंट्या मामा की भव्य कांस्य या पत्थर की मूर्ति के लिए 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी। लेकिन आरोप है कि ठेकेदार ने अधिकारियों की मिलीभगत से महज 75 हजार से 1 लाख रुपये की सस्ती की मूर्ति स्थापित कर दी। जैसे ही यह जानकारी सार्वजनिक हुई, आदिवासी समाज और राजनीतिक गलियारों में आक्रोश फैल गया।

    भाजपा पार्षदों का सद्बुद्धि यज्ञ और मोर्चा

    हैरान करने वाली बात यह है कि खरगोन नगरपालिका में भाजपा का ही परिषद अध्यक्ष छाया जोशी है, लेकिन अब भाजपा पार्षदों ने ही अपनी ही परिषद के अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ट्रोलिंग का डर भाजपा पार्षदों का कहना है कि इस भ्रष्टाचार के कारण उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है, जिससे उनकी छवि धूमिल हो रही है। विरोध का तरीका: पार्षद भागीरथ बड़ोले के नेतृत्व में भाजपा पार्षदों ने गांधी प्रतिमा पर ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ किया और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर FIR दर्ज करने की मांग की।

    कांग्रेस का अल्टीमेटम और चक्का जाम की चेतावनी

    कांग्रेस इस मुद्दे पर और अधिक हमलावर हो गई है। जिला अध्यक्ष रवि नायक ने इसे आदिवासी अस्मिता का अपमान बताते हुए प्रशासन के 45 दिनों के आश्वासन को ठुकरा दिया है। उन्होंने 26 जनवरी 2026 से 60 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में भव्य धातु की मूर्ति स्थापित नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा।

    अब आगे क्या

    नगरपालिका ने अपनी गलती सुधारने के प्रयास शुरू कर दिए हैं नया टेंडर 19 जनवरी 2026 को धातु की नई मूर्ति के लिए ई-टेंडर जारी किया गया है। समय सीमा 2 फरवरी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर 45 दिनों के भीतर नई मूर्ति स्थापित करने का दावा किया गया है।

  • गणतंत्र दिवस की फाइनल रिहर्सल: लाल परेड मैदान पर गूँजी 'जय हिंद' की हुंकार, DGP ने लिया जायजा

    गणतंत्र दिवस की फाइनल रिहर्सल: लाल परेड मैदान पर गूँजी 'जय हिंद' की हुंकार, DGP ने लिया जायजा


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां अपने चरम पर हैं। शनिवार, 24 जनवरी की सुबह स्थानीय लाल परेड मैदान पर संयुक्त परेड की फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल का भव्य आयोजन किया गया। इस रिहर्सल के जरिए 26 जनवरी को होने वाले मुख्य समारोह की पूरी रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें कदम से कदम मिलाते जवानों के जोश और बैंड की सुमधुर लहरियों ने पूरे मैदान को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

    फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान प्रदेश के पुलिस महानिदेशक DGP श्री कैलाश मकवाणा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने परेड की सलामी ली और सुरक्षा व्यवस्थाओं सहित पूरे कार्यक्रम का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ कई वरिष्ठ आईपीएस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। रिहर्सल में ‘डमी’ राज्यपाल द्वारा परेड का निरीक्षण और ध्वजारोहण की प्रक्रिया को ठीक उसी तरह दोहराया गया, जैसा मुख्य समारोह में होना है।

    इस वर्ष की परेड में मध्य प्रदेश पुलिस, होमगार्ड, विशेष सशस्त्र बल , एसटीएफ, जेल विभाग की महिला टुकड़ी, एनसीसी, और स्काउट-गाइड सहित कुल 13 से अधिक टुकड़ियां शामिल हो रही हैं। परेड के साथ-साथ अश्वरोही दल और स्वान दल का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। पुलिस बैंड की धुनों पर जवानों के ऊंचे कदमताल ने उपस्थित दर्शकों में उत्साह भर दिया।

    इसके अलावा रिहर्सल में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा तैयार की गई झांकियों का भी प्रदर्शन किया गया। इस वर्ष झांकियों की थीम विरासत से विकास और विकसित भारत 2047 रखी गई है जो मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और भविष्य के आधुनिक विजन को प्रदर्शित करती हैं। 26 जनवरी को मुख्य समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ध्वजारोहण करेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और पूरे लाल परेड मैदान क्षेत्र को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।

  • बैतूल में खाद्य विभाग का 'सफाई सर्जिकल स्ट्राइक': गंदगी मिलने पर दुकानें बंद, चौपाटी पर मचा हड़कंप

    बैतूल में खाद्य विभाग का 'सफाई सर्जिकल स्ट्राइक': गंदगी मिलने पर दुकानें बंद, चौपाटी पर मचा हड़कंप


    बैतूल । आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और लापरवाह दुकानदारों के खिलाफ बैतूल जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के खान-पान के प्रमुख ठिकानों, विशेषकर चौपाटी क्षेत्र में एक सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई दुकानों में गंदगी और अस्वच्छता का आलम देखकर अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल बंद करा दिया। विभाग की इस अचानक हुई छापेमारी से पूरे बाजार में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी खामियां छिपाते नजर आए।

    जांच दल ने विशेष रूप से चौपाटी पर लगने वाले स्टॉल्स को निशाने पर लिया। इस दौरान चलित खाद्य प्रयोगशाला को भी साथ रखा गया था, जिससे नमूनों की मौके पर ही जांच संभव हो सकी। टीम ने दुकानों से पानीपुरी का पानी, आलू मसाला, पनीर, मंचूरियन, सॉस और विभिन्न प्रकार की चटनियों के नमूने लिए। परीक्षण में कई खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता मानकों से कम पाई गई, वहीं कुछ स्थानों पर इस्तेमाल होने वाले सॉस और चटनी के रंग व गुणवत्ता संदेहास्पद मिली।

    सबसे गंभीर स्थिति स्वच्छता के मोर्चे पर देखी गई। कई दुकानों पर साफ-सफाई के बुनियादी मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। बर्तनों की गंदगी और कचरे के सही निपटान की व्यवस्था न होने के कारण खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने संबंधित दुकानों को अस्थायी रूप से बंद रवा दिया। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि व्यापार अपनी जगह है लेकिन लोगों के स्वास्थ्य के साथ समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    विभाग ने सभी दुकानदारों को अंतिम और सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिए हैं कि यदि दोबारा जांच के दौरान परिसर में गंदगी पाई गई या खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि हुई तो न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा बल्कि संबंधित प्रतिष्ठान का खाद्य पंजीयन स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। प्रशासन के इस कदम की आम नागरिकों ने सराहना की है क्योंकि बाहर मिलने वाले स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं।

  • प्रखर राष्ट्रवाद के प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाला साहेब ठाकरे की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

    प्रखर राष्ट्रवाद के प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाला साहेब ठाकरे की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि


    भोपाल। प्रखर हिंदुत्व और सशक्त राष्ट्रवादी विचारधारा के ध्वजवाहक शिवसेना के संस्थापक स्वर्गीय बाला साहेब ठाकरे की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने बाला साहेब के व्यक्तित्व को अदम्य साहस और निर्भीकता का पर्याय बताते हुए राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का स्मरण किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि बाला साहेब ठाकरे मात्र एक राजनेता नहीं, बल्कि एक प्रखर राष्ट्रवादी विचारधारा के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन वंचितों श्रमिकों और समाज के गरीब तबकों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बाला साहेब का जीवन साहस स्वाभिमान और बिना किसी समझौते के की गई निर्भीक राष्ट्र सेवा का एक अनुपम उदाहरण है जो आज भी करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र है।

    डॉ. यादव ने आगे कहा कि देश की एकता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए बाला साहेब द्वारा उठाए गए कदम सदैव इतिहास में दर्ज रहेंगे। उनके ओजस्वी विचार और जनहित के प्रति उनकी कटिबद्धता ने भारतीय राजनीति में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री के इस नमन ने एक बार फिर बाला साहेब की उन स्मृतियों को ताजा कर दिया है जहाँ उन्होंने सदैव राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखा।

  • विद्या की देवी का आशीष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी पर प्रदेशवासियों को दीं मंगलकामनाएं

    विद्या की देवी का आशीष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी पर प्रदेशवासियों को दीं मंगलकामनाएं


    भोपाल। ऋतुराज बसंत के आगमन और ज्ञान, कला एवं संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना के महापर्व ‘बसंत पंचमी’ के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस पावन पर्व पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और नागरिकों के बौद्धिक उत्कर्ष की मंगलकामना की है।

    अपने शुभकामना संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसंत पंचमी का यह उत्सव हमारे जीवन में नवीन ऊर्जा और नई चेतना का संचार करता है। उन्होंने विशेष रूप से प्रार्थना की कि अक्षर, स्वर और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की असीम कृपा हम सभी पर बनी रहे। मुख्यमंत्री ने कामना की कि मां शारदे का आशीर्वाद सभी के जीवन को अगाध ज्ञान, अद्भुत सृजनशीलता, अपार सुख और स्थायी समृद्धि से परिपूर्ण करे।

    मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ज्ञान ही वह प्रकाश है जो समाज को उन्नति के मार्ग पर ले जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि बसंत पंचमी का दिन हमें विद्या और शिक्षा के प्रति समर्पित होने की प्रेरणा देता है। मध्यप्रदेश की धरती, जो सदा से ही ज्ञान और अध्यात्म का केंद्र रही है वहां यह पर्व नई ऊंचाइयों को छूने का संकल्प लेने का अवसर है।

    राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश के शिक्षण संस्थानों और घरों में आज सुबह से ही उल्लास का माहौल है। बसंती परिधानों और पीले फूलों के साथ मां सरस्वती का पूजन अर्चन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की इन शुभकामनाओं ने उत्सव के आनंद को और बढ़ा दिया है जो प्रदेश की सांस्कृतिक और शैक्षिक विरासत को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान करती हैं।

  • तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा': मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेताजी की जयंती पर दी पराक्रम दिवस की बधाई

    तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा': मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेताजी की जयंती पर दी पराक्रम दिवस की बधाई


    भोपाल। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर समूचा देश आज उन्हें नमन कर रहा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेताजी की जयंती यानी ‘पराक्रम दिवस’ पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने नेताजी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके विचार और राष्ट्रभक्ति का जज्बा आज भी हर भारतीय के रगों में जोश भर देता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का व्यक्तित्व अद्वितीय साहस और अप्रतिम त्याग की प्रतिमूर्ति था। उन्होंने जिस ओजस्वी नेतृत्व के साथ ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी, वह भारतीय इतिहास का सबसे गौरवशाली अध्याय है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नेताजी का जीवन और उनके द्वारा दी गई कुर्बानियां राष्ट्रभक्ति का एक ऐसा शाश्वत स्रोत हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को भी सदैव मार्गदर्शित करती रहेंगी।

    डॉ. यादव ने कहा कि आज का यह पराक्रम दिवस हमें नेताजी के उन सिद्धांतों की याद दिलाता है, जहाँ राष्ट्रहित सर्वोपरि था। उनका प्रेरक व्यक्तित्व प्रत्येक भारतीय को साहस कर्तव्य बोध और देश के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नेताजी के संघर्षों से सीख लें और देश को सशक्त बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं।

    उल्लेखनीय है कि नेताजी की अदम्य भावना को सम्मान देने के लिए भारत सरकार उनकी जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाती है। मध्यप्रदेश में भी इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक और सामाजिक संस्थाओं में देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जो नेताजी के जय हिंद और ‘चलो दिल्ली’ जैसे नारों की गूँज को आज भी जीवंत रखे हुए हैं।

  • आरजीपीवी सुसाइड केस: वार्डन की 'नैतिक पुलिसिंग' ने ली छात्रा की जान? कैंपस में भारी आक्रोश

    आरजीपीवी सुसाइड केस: वार्डन की 'नैतिक पुलिसिंग' ने ली छात्रा की जान? कैंपस में भारी आक्रोश


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी स्थित प्रतिष्ठित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय आरजीपीवी का परिसर गुरुवार को उस वक्त सन्न रह गया, जब बीटेक प्रथम वर्ष की एक होनहार छात्रा सव्याश्री मुनागला 19 का शव उसके हॉस्टल के कमरे में फंदे से झूलता पाया गया। यह केवल एक आत्महत्या का मामला नहीं रह गया है, बल्कि हॉस्टल प्रबंधन की संवेदनशीलता और ‘नैतिक पुलिसिंगl पर एक बड़ा सवालिया निशान बनकर उभरा है। इस घटना के बाद से पूरे कैंपस में हड़कंप मचा हुआ है और साथी छात्र-छात्राओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
     
    प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका सव्याश्री आरजीपीवी के यूआईटी परिसर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। घटना की जड़ में वार्डन द्वारा की गई कथित प्रताड़ना को बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और सीनियर छात्रों का आरोप है कि कुछ दिन पूर्व वार्डन ने सव्याश्री को किसी युवक के साथ देख लिया था। इसके बाद वार्डन ने न केवल छात्रा को कड़ी फटकार लगाई, बल्कि मर्यादाओं को ताक पर रखकर उसका वीडियो भी बना लिया। आरोप है कि वार्डन ने वह वीडियो छात्रा के परिजनों को भेज दिया, जिसके बाद से सव्याश्री गहरे मानसिक तनाव और लोक-लाज के भय में जी रही थी।

    गुरुवार को जब सव्याश्री अपने कमरे से बाहर नहीं निकली, तो सहेलियों ने उसे आवाज दी। कोई जवाब न मिलने पर जब दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य भयावह था। छात्रा ने अपने ही दुपट्टे से फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली थी। घटना की खबर फैलते ही कैंपस में तनाव फैल गया। सीनियर छात्र आर्यमन देशमुख ने सीधे तौर पर वार्डन को इस मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वीडियो बनाकर परिजनों को भेजना और छात्रा को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना मानसिक प्रताड़ना की पराकाष्ठा थी। बदनामी के इसी डर ने एक उभरते करियर को असमय खत्म कर दिया।

    घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हॉस्टल और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हालांकि, छात्रों की मांग है कि वार्डन के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई सुसाइड नोट छोड़ा गया है। यह दुखद घटना शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन के नाम पर होने वाले उत्पीड़न और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनहीनता को एक बार फिर कटघरे में खड़ा करती है।

  • नीमच में काल बना बेकाबू ट्रेलर: बाइक सवार दो युवकों को 50 फीट तक घसीटा, रूह कंपा देने वाले हादसे में दोनों की मौत

    नीमच में काल बना बेकाबू ट्रेलर: बाइक सवार दो युवकों को 50 फीट तक घसीटा, रूह कंपा देने वाले हादसे में दोनों की मौत


    नीमच । मध्य प्रदेश के नीमच जिले में गुरुवार रात एक ऐसा भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने प्रत्यक्षदर्शियों के कलेजे दहला दिए। कैंट थाना क्षेत्र के भरभड़िया फंटे पर एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सीमेंट से लदा यह भारी-भरकम ट्रेलर बाइक और उस पर सवार युवकों को करीब 50 फीट तक घसीटता चला गया। इस दर्दनाक मंजर में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, उनके शरीर ट्रेलर के टायरों के नीचे बुरी तरह कुचल गए।

    हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाइक को रौंदने के बाद बेकाबू ट्रेलर सड़क किनारे लगी लोहे की सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए पास के एक खेत में जा घुसा। इस दौरान ट्रेलर की चपेट में बिजली का खंभा भी आ गया, जिससे 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन में जोरदार स्पार्किंग हुई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि हाईटेंशन तार की चपेट में आने से कोई और बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन शॉर्ट सर्किट के धमाकों ने मौके पर मौजूद लोगों में दहशत भर दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही सीएसपी किरण चौहान और कैंट थाना प्रभारी निलेश अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रेलर के भारी वजन के नीचे शव इस कदर फंस गए थे कि उन्हें निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी। एम्बुलेंस और डायल 112 की टीम ने राहत कार्य करते हुए क्षत-विक्षत शवों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल भिजवाया। फिलहाल पुलिस के पास मृतकों की शिनाख्त को लेकर कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं मिले हैं, इसलिए बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भरभड़िया फंटे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर अनियंत्रित गति से चलने वाले भारी वाहनों के कहर को उजागर कर दिया है।

  • धार की भोजशाला में आस्था का संगम: बसंत पंचमी पर अखंड पूजन और जुमे की नमाज के बीच सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम

    धार की भोजशाला में आस्था का संगम: बसंत पंचमी पर अखंड पूजन और जुमे की नमाज के बीच सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम


    धार । मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले धार जिले में आज बसंत पंचमी के पावन पर्व पर एक अनूठा और संवेदनशील दृश्य देखने को मिल रहा है। मां वाग्देवी (सरस्वती) की आराधना और धार्मिक सद्भाव की चुनौती के बीच, भोजशाला परिसर में सूर्योदय के साथ ही हिंदू पक्ष द्वारा अखंड पूजा का अनुष्ठान प्रारंभ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के पालन में प्रशासन ने एक ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की है, जहां एक ओर मंत्रोच्चार की गूंज है, तो दूसरी ओर नमाज की शांतिपूर्ण अदायगी के लिए समय निर्धारित किया गया है।

    सूर्योदय की पहली किरण के साथ ही हिंदू समुदाय के श्रद्धालुओं ने मां वाग्देवी की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाया। गुरुवार रात से ही भोजशाला में उत्सव का माहौल बन गया था, जब पूरी श्रद्धा के साथ मां वाग्देवी के चित्र को परिसर के भीतर स्थापित किया गया। आज सुबह से ही यहां महाआरती, धर्मसभा और भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जो सूर्यास्त तक अनवरत जारी रहेगा। श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है और पूरा क्षेत्र ‘जय सरस्वती माता’ के उद्घोष से गुंजायमान है।

    हालांकि, आज शुक्रवार होने के कारण स्थिति अधिक संवेदनशील है। न्यायिक निर्देशों के तहत, हिंदू समुदाय की अखंड पूजा के बीच ही दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक मुस्लिम पक्ष को जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी गई है। इसके लिए प्रशासन ने परिसर के भीतर एक निश्चित स्थान और सीमित संख्या तय की है। नमाजियों और पूजा करने वालों के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं, ताकि दोनों पक्षों के बीच किसी भी प्रकार का टकराव न हो और दोनों अपनी-अपनी धार्मिक परंपराओं का निर्वाह बिना किसी व्यवधान के कर सकें।

    इस दोहरे आयोजन को देखते हुए धार शहर को पूरी तरह से एक अभेद्य छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा की कमान किसी किलेबंदी से कम नहीं है, जहां 8000 से अधिक पुलिसकर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं। सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 13 एसपी रेंज के अधिकारियों के साथ 25 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 67 एसडीओपी और 107 नगर निरीक्षकों की फौज तैनात है। इसके अतिरिक्त, आरएएफ की 8 प्लाटून और सीआरपीएफ के जवानों ने मोर्चा संभाल रखा है। महिला पुलिसकर्मियों की भी भारी तैनाती की गई है ताकि भीड़ नियंत्रण में कोई चूक न हो।

    प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अक्षरशः पालन करा रहे हैं। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। धार की यह धरा आज केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और आपसी समन्वय की एक बड़ी परीक्षा का केंद्र बनी हुई है। शाम तक चलने वाले इस अखंड पूजन और नमाज के शांतिपूर्ण समापन को लेकर पूरा प्रशासन मुस्तैद है, ताकि भोजशाला की ऐतिहासिक गरिमा और सामाजिक समरसता अक्षुण्ण बनी रहे।

  • लोकतंत्र के पर्व पर सौगात: 25 जनवरी से आम जनता के लिए खुलेगा 'लोकभवन', जानिए समय और प्रवेश की पूरी प्रक्रिया

    लोकतंत्र के पर्व पर सौगात: 25 जनवरी से आम जनता के लिए खुलेगा 'लोकभवन', जानिए समय और प्रवेश की पूरी प्रक्रिया


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लोकतंत्र के महापर्व गणतंत्र दिवस को खास बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के निर्देशानुसार ऐतिहासिक ‘लोकभवन’ के द्वार आगामी 25 जनवरी से आम नागरिकों के लिए खोल दिए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य जनता को प्रदेश की लोकतांत्रिक और प्रशासनिक विरासत से रूबरू कराना है। नागरिक 25 जनवरी से लेकर 27 जनवरी 2026 तक निर्धारित समयावधि में भवन परिसर का भ्रमण कर सकेंगे और इसकी भव्यता का अवलोकन कर सकेंगे।

    भ्रमण का समय और प्रवेश व्यवस्था राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि आम जनता की सुविधा के लिए अलग-अलग समय तय किए गए हैं। 25 जनवरी और 27 जनवरी 2026 को लोकभवन दोपहर 2:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक खुला रहेगा। वहीं 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के मुख्य पर्व पर भ्रमण का समय सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक रखा गया है।भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रवेश और निकास के लिए स्पष्ट मार्ग निर्धारित किए गए हैं। आगंतुकों के लिए प्रवेश गेट क्रमांक-1 से होगा जबकि भ्रमण के पश्चात निकास गेट क्रमांक-4 से सुनिश्चित किया गया है। वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था कुशाभाऊ ठाकरे सभागार मिंटो हॉल परिसर में की गई है ताकि यातायात बाधित न हो।

    आकर्षण का केंद्र: विशेष प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम लोकभवन का यह भ्रमण केवल भवन देखने तक सीमित नहीं होगा बल्कि यहाँ आने वाले लोगों को ज्ञानवर्धक और मनोरंजक अनुभव भी मिलेगा। इस अवसर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा “वीबी-जी रामजी योजना तथा वंदे भारत थीम” पर आधारित एक बेहद आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके साथ ही तीनों दिन केंद्रीय संचार ब्यूरो के सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी जो देशभक्ति के रंग में सराबोर होंगी।

    जनसंपर्क विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा भी एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है जिसका विषय “राजभवन से लोकभवन” रखा गया है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से लोकभवन की ऐतिहासिकता इसकी लोकतांत्रिक महत्ता और प्रशासनिक यात्रा को बेहद रोचक ढंग से चित्रों और दस्तावेजों के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। इतना ही नहीं आगंतुकों के लिए लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा जो प्रदेश के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालेंगी।राज्यपाल सचिवालय ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपनी ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखें। पूरे रूट पर सुरक्षा और जनसुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि नागरिक सुगमता से अवलोकन कर सकें।