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  • जबलपुर में आवारा मवेशियों का आतंक: सांड ने युवक को पटककर किया घायल, अस्पताल में तोड़ा दम

    जबलपुर में आवारा मवेशियों का आतंक: सांड ने युवक को पटककर किया घायल, अस्पताल में तोड़ा दम


    जबलपुर । जबलपुर में आवारा मवेशियों का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। हनुमानताल क्षेत्र में सड़क पर लड़ रहे दो सांडों के बीच से
    गुजरना एक युवक को भारी पड़ गया। अचानक एक सांड ने युवक पर हमला कर दिया और उसे उठाकर सड़क पर पटक दिया। हमले के बाद सांड उसके ऊपर से गुजरते हुए वहां से भाग गए। गंभीर रूप से घायल युवक को आसपास मौजूद लोगों ने ऑटो की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।

    मृतक की पहचान गोराबाजार निवासी रवि यादव के रूप में हुई है। बताया गया है कि रवि दूध का कारोबार करता था और घटना वाले दिन दूध लेकर हनुमानताल क्षेत्र में आया था। घटना 5 सितंबर की शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है। उस समय सड़क पर दो सांड आपस में लड़ रहे थे। सांडों की लड़ाई के कारण सड़क पर यातायात भी रुक गया था। आसपास मौजूद लोग उन्हें हटाने की कोशिश कर रहे थे और इसी दौरान सांडों पर पानी डाला जा रहा था।

    इसी बीच रवि वहां से निकल रहा था। अचानक एक सांड ने पीछे से उस पर हमला कर दिया। सांड ने रवि को अपने सींगों से उठाकर सड़क पर पटक दिया। इसके बाद वह सांड उसके ऊपर से गुजर गया और दोनों सांड मौके से भाग निकले। अचानक हुए इस हमले से वहां मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। रवि काफी देर तक सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा रहा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे ऑटो से जिला अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी रही और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।

    हनुमानताल थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल के मुताबिक मृतक दूध व्यवसाय से जुड़ा था। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद सड़क पर घूमने वाले आवारा मवेशियों की समस्या एक बार फिर सवालों के घेरे में है।

    नगर निगम के मुताबिक जबलपुर शहर में 20 हजार से अधिक आवारा मवेशी हैं। इन्हें पकड़ने के लिए करीब 80 कर्मचारी लगाए गए हैं और रोजाना 70 से 80 मवेशियों को पकड़ा जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या इन मवेशियों को रखने की है। निगम अधिकारी कुशाग्र सिंह ठाकुर के मुताबिक तिलवारा में करीब 800 रामपुर में 130 और उमरिया में 170 मवेशियों को रखने की क्षमता है। इससे ज्यादा मवेशियों को रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।

    अधिकारी का यह भी कहना है कि कई जगहों पर मवेशियों को पकड़ने के दौरान गौभक्तों की ओर से विरोध या विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे में निगम के सामने एक तरफ शहर की सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने की चुनौती है तो दूसरी तरफ उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने की समस्या भी बनी हुई है। रवि यादव की मौत ने इस पूरे इंतजाम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर सड़क पर घूम रहे हजारों आवारा मवेशियों से लोगों की जान कब तक खतरे में पड़ती रहेगी।

  • जबलपुर में पुलिस की शिकायत शाखा का वीडियो वायरल: फरियादी बोला दूर से आए हैं सुन लीजिए, महिला पुलिसकर्मी बोली बाद में आना

    जबलपुर में पुलिस की शिकायत शाखा का वीडियो वायरल: फरियादी बोला दूर से आए हैं सुन लीजिए, महिला पुलिसकर्मी बोली बाद में आना


    जबलपुर । जबलपुर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय की शिकायत शाखा से सामने आए एक वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक फरियादी शिकायत दर्ज कराने के लिए महिला पुलिसकर्मी से आग्रह करता नजर आ रहा है। फरियादी का कहना है कि वह दोपहर करीब तीन बजे से शिकायत शाखा में इंतजार कर रहा है और काफी दूर से अपनी समस्या लेकर आया है। वह महिला पुलिसकर्मी से अपनी शिकायत सुनने की गुहार लगाते हुए कहता है कि काम ज्यादा नहीं है और दो सेकेंड में उसकी बात सुन ली जाए। इस दौरान शिकायत शाखा के बाहर कई लोग भी नजर आ रहे हैं।

    वायरल वीडियो में फरियादी महिला पुलिसकर्मी से बार बार अपनी शिकायत लेने का अनुरोध करता दिखाई देता है। वह बताता है कि वह अपनी समस्या को लेकर पिछले करीब तीन महीने से चक्कर लगा रहा है। फरियादी के मुताबिक वह पहले एक अधिकारी के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचा था लेकिन वहां से उसे शिकायत शाखा भेज दिया गया। इसके बाद भी उसे अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। फरियादी यह भी कहता सुनाई देता है कि वह दूर से आया है और उसकी समस्या को थोड़ी देर सुन लिया जाए।

    वीडियो में महिला पुलिसकर्मी की ओर से तत्काल शिकायत नहीं लिए जाने की बात कही जा रही है। बातचीत के दौरान मीटिंग से आने और कुछ देर आराम करने का जिक्र भी सुनाई देता है। महिला पुलिसकर्मी फरियादी को बाद में आने के लिए कहती नजर आती है। इसी बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और पुलिस की शिकायत शाखा में फरियादियों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे।

    वीडियो में दिखाई दे रही महिला पुलिसकर्मी का नाम एएसआई रश्मि पराशर बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार उनका हाल ही में शिकायत शाखा में तबादला हुआ है। हालांकि वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित महिला पुलिसकर्मी से पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी ली।

    सीएसपी भगत सिंह गोठरिया ने बताया कि वायरल वीडियो पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आया है। वीडियो देखने के बाद संबंधित महिला पुलिसकर्मी को बुलाकर बातचीत की गई। पुलिस अधिकारी के मुताबिक फरियादी को करीब पांच मिनट इंतजार करने के लिए कहा गया था और इसके बाद उसकी शिकायत भी ले ली गई थी। महिला पुलिसकर्मी से पूरे मामले में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार फरियादी की शिकायत लिए जाने की पुष्टि हुई है। अब महिला पुलिसकर्मी की ओर से दिए जाने वाले स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पुलिस कार्यालयों में अपनी समस्या लेकर पहुंचने वाले फरियादियों के साथ व्यवहार कैसा होना चाहिए और उनकी शिकायतों को समय पर सुनने के लिए व्यवस्था को कितना प्रभावी बनाया जा सकता है।

  • दूसरे के दस्तावेज पर सिम एक्टिवेट कर थमा दी किसी और को: शिवपुरी में ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    दूसरे के दस्तावेज पर सिम एक्टिवेट कर थमा दी किसी और को: शिवपुरी में ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई


    शिवपुरी । मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल हो रही फर्जी सिम कार्ड के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत भौंती और मायापुर थाना पुलिस ने जांच के बाद तीन लोगों के खिलाफ अलग अलग मामले दर्ज किए हैं। यह कार्रवाई राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों और सिम कार्ड की जांच के दौरान की गई। जांच में कुछ ऐसे मोबाइल नंबर सामने आए जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया गया था। पुलिस ने सिम धारकों के साथ सिम जारी करने की प्रक्रिया में लापरवाही या गड़बड़ी करने वालों को भी जांच के दायरे में लिया है।

    भौंती थाना पुलिस के सामने साइबर पोर्टल के जरिए ऑनलाइन ठगी की शिकायत पहुंची थी। राजस्थान के डीडवाना कुचामन सिटी निवासी किशनलाल ने शिकायत में बताया कि उन्हें दो मोबाइल नंबरों से फोन आया था। कॉल करने वाले लोगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और एफआईआर दर्ज होने का डर दिखाकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों ने कार्रवाई का डर दिखाते हुए किशनलाल से 12520 रुपए फीनो पेमेंट्स बैंक के खाते में ट्रांसफर करा लिए। ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत के आधार पर पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि 7067915249 और 6267266154 नंबर ग्राम महोबा डामरौन निवासी राहुल जाटव और भानुप्रताप जाटव के नाम पर दर्ज थे। इसके बाद भौंती पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 318(4) और 319(2) बीएनएस के साथ 66(D) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन नंबरों का इस्तेमाल किस तरह किया गया और इनके जरिए साइबर ठगी के नेटवर्क से कौन कौन लोग जुड़े हुए हैं।

    इसी अभियान के तहत मायापुर पुलिस ने सिम जारी करने वाले एजेंट के खिलाफ भी कार्रवाई की है। पुलिस को मिली एक एक्सेल शीट की जांच के दौरान POS कोड 8085309715 से जारी एक सिम साइबर फ्रॉड से जुड़ी मिली। जांच में सिम नंबर 7898219481 रेखा पत्नी हल्के आदिवासी निवासी ग्राम पड़ोरा के नाम पर दर्ज पाया गया। पुलिस ने जब रेखा से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने यह सिम कभी खरीदी ही नहीं थी। परिवार के किसी सदस्य द्वारा भी इस सिम का इस्तेमाल किए जाने से उन्होंने इनकार किया।

    इसके बाद पुलिस ने सिम जारी करने की प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि मायापुर स्थित एयरटेल स्टोर के एजेंट पवन कुमार लोधी ने ग्राहक के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसके नाम से सिम एक्टिवेट की और उसे किसी दूसरे व्यक्ति को दे दिया। बाद में इसी सिम का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया गया। पुलिस की जांच में इस नंबर से कुल 13040 रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है।

    मायापुर पुलिस ने पवन कुमार लोधी के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के साथ 66(C) आईटी एक्ट और दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42(3)(E) और 42(6) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे मामले की विवेचना कर रही है। इस कार्रवाई से साफ है कि साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस केवल ठगी करने वालों पर ही नहीं बल्कि संदिग्ध सिम उपलब्ध कराने वाले लोगों पर भी नजर रख रही है। ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत फर्जी सिम के नेटवर्क पर की जा रही यह कार्रवाई साइबर ठगी पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

  • ‘मामा वापस आओ’ से ‘जीतू को CM बनाओ’ तक गूंजे नारे: MP की सियासत में नया सियासी शोर, विधायक प्रतिनिधि पर ग्रामीण को थप्पड़ मारने का आरोप

    ‘मामा वापस आओ’ से ‘जीतू को CM बनाओ’ तक गूंजे नारे: MP की सियासत में नया सियासी शोर, विधायक प्रतिनिधि पर ग्रामीण को थप्पड़ मारने का आरोप


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों नारों और बयानों ने सियासी माहौल को अलग ही रंग दे दिया है। कहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए मामा वापस आओ के नारे गूंज रहे हैं तो कहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को मुख्यमंत्री बनाने की आवाज उठ रही है। दूसरी तरफ मंदसौर जिले में सड़क की समस्या को लेकर भाजपा विधायक का काफिला रोकने के बाद विवाद खड़ा हो गया है और विधायक प्रतिनिधि पर एक ग्रामीण को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। इन घटनाओं ने प्रदेश की राजनीति में चर्चा का नया विषय पैदा कर दिया है।

    भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति लोगों का पुराना मामा वाला प्यार एक बार फिर दिखाई दिया। कार्यक्रम में लोगों ने आई लव यू मामा और मामा वापस आ जाइए जैसे नारे लगाए। जवाब में शिवराज सिंह चौहान ने लोगों की ओर फ्लाइंग किस भेजे और आई लव यू टू कहकर उनका अभिवादन किया। उन्होंने मंच से कहा कि वह सभी से प्यार करते हैं और यह प्यार का सिलसिला जिंदगी भर चलता रहेगा।

    इस दौरान शिवराज सिंह चौहान का एक बयान खासा चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री आते जाते रहते हैं लेकिन मामा परमानेंट हैं। शिवराज के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि शिवराज सिंह चौहान के लिए मामा वाला संबोधन कोई नया नहीं है। लंबे समय से उनके समर्थक और आम लोग उन्हें इसी नाम से पुकारते रहे हैं और मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी कई कार्यक्रमों में उनके लिए मामा वापस आओ जैसे नारे सुनाई देते रहे हैं।

    उधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के लिए भी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मुख्यमंत्री बनाने के नारे लगाए। देवास जिले के खातेगांव में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा हो जीतू पटवारी जैसा हो के नारे लगाए। इसके बाद भोपाल में चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान जीतू पटवारी जब अभ्यर्थियों की मांगों के समर्थन में पहुंचे तो वहां भी उनके पक्ष में मुख्यमंत्री बनाने के नारे गूंजे। समर्थकों ने हमारा मुख्यमंत्री कैसा हो जीतू पटवारी जैसा हो और अगला सीएम कैसा हो जीतू भैया जैसा हो जैसे नारे लगाए।

    हालांकि मध्यप्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव अभी दूर है और मुख्यमंत्री पद की संभावनाओं पर अभी से कोई ठोस निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। कांग्रेस के भीतर भी भविष्य में मुख्यमंत्री पद के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में आ सकते हैं। फिलहाल जीतू पटवारी के समर्थन में लग रहे नारे कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और कार्यकर्ताओं के उत्साह को जरूर दिखा रहे हैं।

    वहीं मंदसौर जिले के गरोठ में भाजपा विधायक चंदर सिंह सिसोदिया के काफिले को ग्रामीणों ने सड़क की समस्या बताने के लिए रोक लिया। आरोप है कि काफिला रोके जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें विधायक ग्रामीणों से बात करते दिखाई दे रहे हैं।

    ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान विधायक प्रतिनिधि अनिल राठौर ने एक ग्रामीण को थप्पड़ मार दिया। कुछ लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि वीडियो बना रहे लोगों के मोबाइल ले लिए गए। मामले को लेकर एक ग्रामीण ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है और अब पूरा विवाद थाने तक पहुंच गया है। आरोपों की जांच और पुलिस की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।

    इधर इंदौर भाजपा शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा का एक बयान भी चर्चा में रहा। वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते समय उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को देश का पहला प्रधानमंत्री बता दिया। जबकि भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे और सरदार पटेल कभी प्रधानमंत्री नहीं रहे। इस बयान के बाद कांग्रेस ने भाजपा नेता के सामान्य ज्ञान और इतिहास की जानकारी पर सवाल उठाए।

    कुल मिलाकर मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयान नारे और विवाद लगातार सुर्खियां बना रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान के मामा परमानेंट वाले बयान से लेकर जीतू पटवारी के लिए मुख्यमंत्री के नारों और गरोठ में विधायक प्रतिनिधि पर लगे थप्पड़ के आरोप तक हर मामला राजनीतिक चर्चा को नई दिशा दे रहा है।

  • ‘बार-बार चेताया फिर भी नहीं जागा प्रशासन’ बंडा शराब कांड पर सपा का बड़ा आरोप, कलेक्टर-SP समेत अधिकारियों की जांच की मांग

    ‘बार-बार चेताया फिर भी नहीं जागा प्रशासन’ बंडा शराब कांड पर सपा का बड़ा आरोप, कलेक्टर-SP समेत अधिकारियों की जांच की मांग


    भोपाल। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। समाजवादी पार्टी ने इस मामले में जिला प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पार्टी लगातार कई महीनों से बंडा क्षेत्र में अवैध और जहरीली शराब की बिक्री के खिलाफ प्रशासन को चेतावनी दे रही थी। सपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव का कहना है कि पार्टी ने पिछले पांच महीनों में छह बार ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की लेकिन प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए। अब जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पार्टी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    सपा प्रदेश अध्यक्ष ने सागर में पत्रकारों के सामने ज्ञापनों की प्रतियां पेश करते हुए कहा कि अप्रैल से ही प्रशासन को बंडा क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब के कारोबार की जानकारी दी जा रही थी। पार्टी की ओर से अलग अलग अवसरों पर प्रशासन को चेतावनी दी गई कि अवैध रूप से बिक रही शराब लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती है। इसके बावजूद आरोप है कि शिकायतों पर कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। सपा का कहना है कि यदि समय रहते अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाई जाती तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था।

    मौतों के आंकड़े को लेकर भी सपा और प्रशासन के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने दावा किया है कि जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 50 तक पहुंच चुकी है जबकि प्रशासन की ओर से अब तक 22 मौतों की पुष्टि की जा रही है। सपा ने आरोप लगाया कि कई मामलों में मृतकों का पोस्टमार्टम कराए बिना अंतिम संस्कार कराया जा रहा है और इसी वजह से मौतों का वास्तविक आंकड़ा सामने नहीं आ पा रहा है।

    हालांकि सपा की ओर से किए गए 50 मौतों के दावे और बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार कराए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में मौतों की वास्तविक संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रशासन की ओर से पुष्टि किए गए आंकड़े और विपक्षी दल के दावों में बड़ा अंतर होने के कारण इस पूरे मामले की जांच और पारदर्शिता की मांग भी तेज हो गई है।

    समाजवादी पार्टी ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सागर कलेक्टर एसपी और बंडा एसडीएम समेत उन सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए जिन तक अवैध शराब की बिक्री से संबंधित शिकायतें पहुंचाई गई थीं। सपा ने प्रशासन से यह भी सवाल किया है कि बार बार ज्ञापन और शिकायतें दिए जाने के बावजूद अवैध शराब के खिलाफ समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

    डॉ. मनोज यादव का आरोप है कि यदि प्रशासन ने शुरुआती शिकायतों को गंभीरता से लिया होता और अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए होते तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। पार्टी अब इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।

    बंडा जहरीली शराब मामले में प्रशासन और समाजवादी पार्टी के दावों के बीच बड़ा अंतर सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। जहां प्रशासन ने अब तक 22 मौतों की पुष्टि की है वहीं सपा ने 50 लोगों की मौत का दावा किया है। ऐसे में अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जहरीली शराब से कितने लोगों की मौत हुई और अवैध शराब की बिक्री को लेकर पहले की गई शिकायतों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की गई थी।

  • 20 सितंबर को भोपाल में दिखेगा RSS का विशाल अनुशासन और संगठन: 30 हजार स्वयंसेवक करेंगे परेड-योग-दंड प्रयोग, होसबाले होंगे मुख्य अतिथि

    20 सितंबर को भोपाल में दिखेगा RSS का विशाल अनुशासन और संगठन: 30 हजार स्वयंसेवक करेंगे परेड-योग-दंड प्रयोग, होसबाले होंगे मुख्य अतिथि


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। आगामी 20 सितंबर को ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड पर विशाल शाखा संगम आयोजित किया जाएगा जिसमें भोपाल विभाग के करीब 30 हजार स्वयंसेवकों के शामिल होने की संभावना है। बड़ी संख्या में पूर्ण गणवेशधारी स्वयंसेवकों की मौजूदगी के कारण इस आयोजन को संघ के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में माना जा रहा है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य रूप से शामिल होंगे और स्वयंसेवकों को मार्गदर्शन देंगे।

    लाल परेड ग्राउंड पर यह आयोजन दोपहर बाद करीब 3 बजे शुरू होगा। शाखा संगम में भोपाल विभाग के अंतर्गत आने वाले भोपाल प्रताप भोजपुर तात्या टोपे और विद्युत नगर संगठनात्मक जिलों के स्वयंसेवक एक साथ जुटेंगे। संघ की विभिन्न शाखाओं से जुड़े हजारों स्वयंसेवक इस कार्यक्रम में पूर्ण गणवेश में पहुंचेंगे। इतनी बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के एकत्रीकरण के चलते आयोजन की तैयारियां भी बड़े स्तर पर की जा रही हैं।

    शाखा संगम के दौरान स्वयंसेवकों के अनुशासन और शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन भी देखने को मिलेगा। हजारों स्वयंसेवक एक साथ समता यानी परेड करेंगे। इसके अलावा शारीरिक व्यायाम दंड प्रयोग और योग का सामूहिक प्रदर्शन भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा। संघ की दृष्टि से भोपाल विभाग के अंतर्गत आने वाले प्रमुख नगरों और बस्तियों की शाखाओं का यह एक बड़ा एकत्रीकरण होगा। आयोजन के माध्यम से संगठन की गतिविधियों और समाज जीवन में उसकी भूमिका को भी सामने रखा जाएगा।

    यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के आयोजन से भी जुड़ा हुआ है। संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में अलग अलग गतिविधियों और कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। इसी क्रम में संघ ने विभिन्न क्षेत्रों में मुहल्ला शाखाओं के गठन और विस्तार पर भी जोर दिया है। भोपाल में आयोजित होने वाले शाखा संगम में इन मुहल्ला शाखाओं से जुड़े स्वयंसेवकों की भी बड़ी भागीदारी रहने की संभावना है। इसे मुहल्ला स्तर पर संगठन विस्तार के बाद एक बड़े सामूहिक जुटान के रूप में देखा जा रहा है।

    कार्यक्रम में दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी को भी विशेष माना जा रहा है। वे स्वयंसेवकों को संगठन समाज और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। युवाओं से संवाद भी कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। हाल के समय में युवाओं और विशेष रूप से Gen-Z से जुड़े मुद्दों पर देशभर में चर्चा बढ़ी है। ऐसे में संघ भी युवाओं से संवाद और परिचर्चा के माध्यम से उनकी सोच और सामाजिक भागीदारी से जुड़े विषयों पर सक्रिय दिखाई दे रहा है।

    भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर इससे पहले भी संघ का बड़ा आयोजन हो चुका है। कोरोना काल के प्रतिबंध हटने के बाद 11 दिसंबर 2022 को यहां भव्य शारीरिक प्रकटोत्सव आयोजित किया गया था। उस कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हुए थे और दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे थे। उस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी और समाज के गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

    अब एक बार फिर 20 सितंबर को लाल परेड ग्राउंड पर होने वाला शाखा संगम भोपाल में संघ का बड़ा संगठनात्मक आयोजन बनने जा रहा है। 30 हजार स्वयंसेवकों की भागीदारी पर केंद्रित इस कार्यक्रम में अनुशासन शारीरिक प्रदर्शन संगठनात्मक एकजुटता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संदेश प्रमुख रूप से दिखाई देंगे। राजधानी में होने वाले इस विशाल जुटान पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों की भी नजर रहेगी।

  • कल्पना मिश्रा मौत मामले में मजिस्ट्रियल जांच पर उठे सवाल, CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी

    कल्पना मिश्रा मौत मामले में मजिस्ट्रियल जांच पर उठे सवाल, CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी


    भोपाल । रीवा की कल्पना मिश्रा की मौत का मामला अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गया है। मामले की CBI जांच की मांग को लेकर विंध्य नागरिक अधिकार मंच ने रविवार को गांधी प्रतिमा के सामने एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। मंच के अध्यक्ष दिलीप तिवारी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में विंध्य क्षेत्र से आए नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा कल्पना मिश्रा को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई।

    प्रदर्शनकारियों ने कल्पना मिश्रा को न्याय दो और CBI जांच लागू करो जैसे नारे लगाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। मंच का कहना है कि कल्पना ने मौत से पहले इलाज और मदद के लिए गुहार लगाई थी लेकिन उनकी आवाज पर समय रहते उचित ध्यान नहीं दिया गया। मंच ने इस पूरे प्रकरण को केवल एक परिवार से जुड़ा मामला नहीं बल्कि विंध्य क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बताया।

    मंच अध्यक्ष दिलीप तिवारी ने कहा कि यदि सरकार जल्द मामले की CBI जांच कराने की दिशा में कदम नहीं उठाती है तो विंध्य क्षेत्र के लोग भोपाल में एकजुट होकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग भी की। धरने में अनीश शर्मा भूपेन्द्र मिश्रा अभिषेक तिवारी प्रवीण शर्मा सुरजन संदीप विश्वकर्मा देवराज राणा अंकित रघुवंशी और धीरेंद्र राणा सहित कई लोग मौजूद रहे।

    प्रदर्शन के दौरान मामले में चल रही मजिस्ट्रियल जांच को लेकर भी सवाल उठाए गए। मंच का तर्क है कि जिन प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं उन्हीं से जुड़ी व्यवस्था के स्तर पर होने वाली जांच से निष्पक्षता को लेकर लोगों के मन में संदेह बना रह सकता है। इसी वजह से मंच ने मामले की जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग रखी है।

    विंध्य नागरिक अधिकार मंच ने रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाए। मंच का आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं और इलाज नहीं मिल पा रहा है जबकि कुछ डॉक्टर निजी नर्सिंग होम में अधिक ध्यान दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी अस्पतालों से मरीजों को कथित तौर पर निजी अस्पतालों की ओर भेजने और इलाज के नाम पर वसूली के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की।

    मंच ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में रिकॉर्ड और दस्तावेजों के रखरखाव को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में सरकारी रिकॉर्ड में ऐसी विसंगतियां सामने आ रही हैं जिनमें मृत व्यक्ति का इलाज दर्ज होने और जीवित व्यक्ति को मृत दिखाए जाने जैसी स्थिति बताई गई है। हालांकि ये मंच की ओर से लगाए गए आरोप हैं जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं हुई है।

    मामले की शुरुआत 25 अगस्त को हुई थी जब रीवा जिले के हटवा गांव की 25 वर्षीय कल्पना मिश्रा डिलीवरी के लिए गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंची थीं। परिवार के अनुसार यह उनकी पहली डिलीवरी थी और गर्भावस्था के दौरान उनकी हालत सामान्य थी। 26 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे उनका सी-सेक्शन हुआ। बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद कल्पना और नवजात दोनों की मौत हो गई।

    मौत से पहले का एक वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। वीडियो में कल्पना अस्पताल में मदद और वहां से ले जाने की गुहार लगाती नजर आई थीं। इसके बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे। मामले में दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग स्टाफ को निलंबित किया गया जबकि अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटाकर डॉ. प्रियंक शर्मा को जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद जच्चा-बच्चा की मौत की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए।

    अब विंध्य नागरिक अधिकार मंच इस जांच से संतुष्ट नहीं है और CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की बात कह रहा है। मंच का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। आने वाले दिनों में सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है इस पर सभी की नजर रहेगी।

  • 3 साल से अधूरी घोषणाओं पर फूटा अतिथि शिक्षकों का गुस्सा, शिक्षक दिवस पर भोपाल में होगा बड़ा प्रदर्शन

    3 साल से अधूरी घोषणाओं पर फूटा अतिथि शिक्षकों का गुस्सा, शिक्षक दिवस पर भोपाल में होगा बड़ा प्रदर्शन


    भोपाल । शिक्षक दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे हैं। प्रदेशभर के हजारों अतिथि शिक्षक शनिवार 5 सितंबर को शाहजहानी पार्क में जुटेंगे और सरकार से लंबे समय से की जा रही घोषणाओं को लागू करने की मांग करेंगे। आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा अतिथि शिक्षकों को स्थायी रोजगार देने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने का है। संगठन का कहना है कि कई सालों से स्कूलों में सेवाएं देने के बावजूद अतिथि शिक्षकों के सामने हर साल रोजगार का संकट बना रहता है और सरकार की ओर से किए गए वादे अब तक जमीन पर नहीं उतर पाए हैं।

    अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार के मुताबिक 2 सितंबर 2023 को भोपाल के लाल परेड मैदान में अतिथि शिक्षक पंचायत आयोजित हुई थी। इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं। इनमें वार्षिक अनुबंध लागू करने बीच सत्र में अतिथि शिक्षकों को बेरोजगार नहीं करने गुरुजियों की तर्ज पर नीति बनाकर नियमित करने और सीधी भर्ती में बोनस अंक देकर स्थायी रोजगार देने जैसी बातें शामिल थीं। संगठन का दावा है कि इन घोषणाओं को तीन साल पूरे होने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

    अतिथि शिक्षक संगठन का कहना है कि वे लंबे समय से स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में अब केवल आश्वासन के बजाय सरकार से ठोस नीति की उम्मीद है। संगठन के मुताबिक प्रदेश में करीब 70 हजार अतिथि शिक्षकों को सरकार की घोषणाओं पर अमल होने का सीधा फायदा मिल सकता है। उनका सवाल है कि अगर सरकार ने शिक्षकों के हित में घोषणाएं की थीं तो उन्हें लागू करने में इतनी देरी क्यों हो रही है। अतिथि शिक्षक इसे अपने रोजगार और भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बता रहे हैं।

    संगठन की ओर से यह भी कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव भी अलग-अलग मौकों पर अतिथि शिक्षकों को स्थायी करने के समर्थन में अपनी बात रख चुके हैं। ऐसे में संगठन सरकार से मांग कर रहा है कि वर्षों से काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के लिए ऐसी नीति बनाई जाए जिससे उनका रोजगार सुरक्षित हो सके और उन्हें हर सत्र में अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

    इसी बीच स्कूल शिक्षा विभाग में सात हजार से ज्यादा पदों पर होने वाली नई नियुक्तियों को लेकर भी अतिथि शिक्षकों के बीच चिंता है। हालांकि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष का दावा है कि विभाग ने नई नियुक्तियों और वर्तमान व्यवस्था के बीच ऐसा तालमेल बैठाया है जिससे जिलों में पहले से काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के रोजगार पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इसके बावजूद संगठन चाहता है कि सरकार स्थिति को स्पष्ट करे और लंबे समय से सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

    आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। पुनर्गठन के तहत स्वाति श्रीवास्तव को अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। संगठन का कहना है कि महिला अतिथि शिक्षकों की आवाज को भी आंदोलन में मजबूती से उठाया जाएगा।

    अब शिक्षक दिवस के दिन होने वाला यह प्रदर्शन सरकार के लिए भी अहम माना जा रहा है। अतिथि शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं और इस बार तीन साल पुरानी घोषणाओं को केंद्र में रखकर आंदोलन किया जा रहा है। ऐसे में शाहजहानी पार्क में जुटने वाले अतिथि शिक्षकों की संख्या और सरकार की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिक्षक दिवस पर आंदोलन के बाद क्या अतिथि शिक्षकों को उनके भविष्य को लेकर कोई ठोस आश्वासन मिलता है या फिर एक बार फिर उन्हें इंतजार करना पड़ेगा।

  • मध्यप्रदेश में कान्हा की भक्ति का महासंगम: 7500+ मंदिरों में आज गूंजेगा जय श्रीकृष्ण

    मध्यप्रदेश में कान्हा की भक्ति का महासंगम: 7500+ मंदिरों में आज गूंजेगा जय श्रीकृष्ण

    भोपाल। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को पूरा मध्यप्रदेश कृष्ण भक्ति के रंग में रंगा नजर आएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जन-जन का पर्व बनाने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग के श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की ओर से प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर श्रीकृष्ण पर्व का आयोजन किया जा रहा है। घर-घर गोकुल घर-घर गोपाल की संकल्पना के साथ 55 जिलों के 111 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस दौरान प्रदेश के 7500 से अधिक श्रीकृष्ण मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है और श्रद्धालुओं के लिए भव्य दर्शन की व्यवस्थाएं की गई हैं।

    श्रीकृष्ण पर्व के दौरान 1500 से अधिक स्थानीय कलाकार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं भक्ति लोक परंपराओं और जीवन दर्शन पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे। नृत्य-नाटिका रासलीला भजन लोकगायन और शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से श्रीकृष्ण के जीवन के अलग-अलग प्रसंग मंच पर जीवंत किए जाएंगे। प्रदेश के 82 मंदिरों में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तावित हैं। इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ मध्यप्रदेश की समृद्ध लोक और सांस्कृतिक परंपराओं को भी व्यापक मंच प्रदान करना है।

    मुख्यमंत्री निवास पर श्रीकृष्ण पर्व का विशेष आयोजन आकर्षण का केंद्र रहेगा। यहां 101 से अधिक बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में शामिल होंगे। जन्मोत्सव के दौरान मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बच्चों को माखन-मिश्री लड्डू गोपाल की प्रतिमा और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर केंद्रित पुस्तक भेंट करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री महू के जानापाव पहुंचकर परशुराम-श्रीकृष्ण लोक का भूमिपूजन करेंगे। यहां भगवान परशुराम द्वारा श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किए जाने के प्रसंग पर आधारित नृत्य-नाटिका और प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।

    भोपाल में इस्कॉन पटेल नगर हरे कृष्ण लैंड रायसेन रोड पर जन्माष्टमी महोत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा। यहां करीब एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है। मंदिर को जैसलमेर की पारंपरिक थीम पर सजाया जा रहा है और थाईलैंड से मंगाए गए विशेष ऑर्किड फूलों का उपयोग भी किया जाएगा। हरे कृष्ण महामंत्र का निरंतर कीर्तन होगा जबकि श्रीकृष्ण कथा और रुक्मिणी कल्याणम् नामक भक्तिमय नाट्य प्रस्तुति प्रमुख आकर्षण रहेगी।

    उज्जैन के नारायणा धाम में पांच दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन के दौरान श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता गुरु सांदीपनि आश्रम माखन चोरी जन्म और बाल लीलाओं से लेकर गीता उपदेश तक के प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। सांदीपनि आश्रम में गुरु-शिष्य परंपरा और श्रीकृष्ण द्वारा 64 कलाओं व 14 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त करने की परंपरा को नृत्य-नाटिका के जरिए जीवंत किया जाएगा।

    पन्ना अमझेरा और महिदपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी श्रीकृष्ण के अलग-अलग प्रसंगों पर आधारित कार्यक्रम होंगे। मथुरा प्रवेश गोवर्धन धारण सुदामा मिलन और कालियानाग मानमर्दन जैसे प्रसंग लोक प्रस्तुतियों और नृत्य-नाटिकाओं के माध्यम से मंचित किए जाएंगे। ग्वालियर रायसेन इंदौर गुना छतरपुर शिवपुरी झाबुआ नीमच मंदसौर और मुरैना सहित कई जिलों में शाम को विशेष कार्यक्रम होंगे।

    जन्माष्टमी की रात भोपाल के इस्कॉन मंदिरों गोपाल मंदिर बांके बिहारी मंदिर बिड़ला मंदिर करुणा धाम और अन्य कृष्ण मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। मंदिरों में विशेष श्रृंगार अभिषेक भजन-कीर्तन और जन्मोत्सव के आयोजन होंगे। कुल मिलाकर इस बार श्रीकृष्ण पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत लोक कला और नई पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों से जोड़ने का एक बड़ा प्रयास भी बनेगा।

  • शिवपुरी में हादसे से मचा हड़कंप बाइक सवार पिता-पुत्र को कार ने कुचला नाबालिग के वाहन चलाने का दावा

    शिवपुरी में हादसे से मचा हड़कंप बाइक सवार पिता-पुत्र को कार ने कुचला नाबालिग के वाहन चलाने का दावा


    शिवपुरी । शिवपुरी में गुरुवार को तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा विष्णु मंदिर के पास पुलिया पर हुआ जहां नीलगर चौराहे की तरफ से आ रही कार ने बाइक को साइड से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार दोनों सड़क पर गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद दोनों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद पिता की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया।

    हादसे में घायल धर्मेंद्र रजक उम्र 38 वर्ष ने बताया कि वह इंद्रा कॉलोनी में रहते हैं और अपनी बाइक से न्यू ब्लॉक स्थित दुकान की ओर जा रहे थे। उनके पिता भजनलाल रजक बाइक की पिछली सीट पर बैठे थे। दोनों सामान्य तरीके से अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विष्णु मंदिर के पास पुलिया पर सामने से आ रही कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

    धर्मेंद्र के मुताबिक कार तेज रफ्तार में थी और चालक ने वाहन को लापरवाही से चलाते हुए बाइक को टक्कर मारी। दुर्घटना में धर्मेंद्र के बाएं पैर में गंभीर चोट लगी और काफी खून बहने लगा। वहीं उनके पिता भजनलाल के पसली के अलावा दोनों पैरों और कंधे में भी गंभीर चोटें आई हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और आसपास मौजूद लोगों की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

    धर्मेंद्र ने हादसे की जानकारी अपने बड़े भाई परमानंद रजक को दी। इसके बाद दोनों घायलों को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने दोनों का उपचार शुरू किया। धर्मेंद्र के पैर में गंभीर चोट होने के कारण प्लास्टर चढ़ाया गया जबकि उनके पिता की हालत अधिक गंभीर बताई गई। प्राथमिक उपचार के बाद भजनलाल को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया गया।

    घायल धर्मेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में एक अहम आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि जिस समय कार ने उनकी बाइक को टक्कर मारी उस वक्त कार एक नाबालिग लड़की चला रही थी। हालांकि पुलिस ने अभी इस आरोप की पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने कार नंबर MP 33 C 9001 और अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

    पुलिस अब दुर्घटना की परिस्थितियों के साथ कार कौन चला रहा था और हादसे के समय वाहन की रफ्तार कितनी थी जैसे बिंदुओं की जांच करेगी। साथ ही घायल पिता-पुत्र के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हादसे के कारण बाइक सवार परिवार में चिंता का माहौल है और घायल पिता को ग्वालियर रेफर किए जाने के बाद परिजन उनके इलाज को लेकर परेशान हैं।