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  • शिवपुरी में बेखौफ गुंडागर्दी: सरकारी शौचालय बचाने गई नपा टीम पर हमला, FIR न होने से पुलिस पर सवाल

    शिवपुरी में बेखौफ गुंडागर्दी: सरकारी शौचालय बचाने गई नपा टीम पर हमला, FIR न होने से पुलिस पर सवाल


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटना सामने आई है। देहात थाना क्षेत्र की महल सराय आदिवासी बस्ती में शासकीय शौचालय को तोड़कर अतिक्रमण किए जाने की सूचना पर पहुंची नगर पालिका टीम पर बदमाशों ने हमला कर दिया। कर्मचारियों के साथ न केवल धक्का-मुक्की की गई बल्कि जमकर मारपीट भी की गई। घटना के बाद से नगर पालिका अमले में आक्रोश है और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    जानकारी के अनुसार महल सराय आदिवासी बस्ती में बने सरकारी शौचालय को कुछ लोग तोड़कर उस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। शिकायत मिलने पर नपा अतिक्रमण दस्ता प्रभारी अशोक खरे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मौके पर कुछ लोग शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे। जब टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया। कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और उन्हें मौके से खदेड़ने की कोशिश की गई।

    घटना के बाद घायल कर्मचारियों ने देहात थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में स्पष्ट रूप से मारपीट और हंगामा दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न किए जाने की बात सामने आ रही है जिससे देहात थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    नगर पालिका कर्मचारियों का कहना है कि जब शासकीय संपत्ति को बचाने गए कर्मचारियों पर खुलेआम हमला होता है और उसके बाद भी त्वरित कार्रवाई नहीं होती तो इससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद होते हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने फिलहाल केवल आवेदन लिया है लेकिन प्रकरण दर्ज करने में देरी की जा रही है।

    स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और कर्मचारियों की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जाएं।

  • रबी-खरीफ फसल तक का ज्ञान चाहिए, राहुल गांधी को CM मोहन यादव का तंज

    रबी-खरीफ फसल तक का ज्ञान चाहिए, राहुल गांधी को CM मोहन यादव का तंज


    भोपाल । कांग्रेस की किसान महा चौपाल में शामिल होने राजधानी में पहुँचे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के स्वागत से पहले ही सियासी तापमान बढ़ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस और उसके नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसान महा चौपाल लगाना अच्छी बात है लेकिन राहुल गांधी को यह भी समझना चाहिए कि रबी और खरीफ फसल क्या होती है। उनका तंज सीधे कांग्रेस के किसान दृष्टिकोण पर था।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा मध्य प्रदेश के दूध उत्पादन पर भी कुछ कहें। हम 365 दिन किसानों के लिए काम कर रहे हैं। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए क्योंकि कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में किसानों के साथ अन्याय किया है। 2003 तक साढ़े सात लाख हेक्टेयर सिंचाई रकबा ही क्यों रहा जबकि हमने डेढ़ साल में उससे अधिक कार्य कर दिया।

    मोहन यादव ने कांग्रेस के पुराने कार्यकाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले 55 सालों में सिंचाई का विस्तार बहुत कम हुआ वहीं वर्तमान सरकार ने इसे तेजी से बढ़ाया है। उन्होंने भावांतर योजना और किसान कल्याण योजनाओं का भी जिक्र किया जिससे किसानों को सीधे लाभ मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को सुझाव भी दिया कि अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासित करें। उन्होंने कहा कपड़े खोलकर प्रदर्शन करने वालों को डांट लगानी चाहिए और छमा मांगनी चाहिए। यह आदर्श जगह है और देश भी आदर्श होना चाहिए।

    कांग्रेस की किसान महा चौपाल राजधानी भोपाल के जवाहर चौक में आयोजित की जा रही है जिसमें किसानों की समस्याओं और भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर प्रतिक्रिया जुटाई जाएगी। इस अवसर पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे किसानों की आवाज़ को केंद्रित करेंगे और कृषि नीतियों पर अपनी पार्टी की प्राथमिकताओं को उजागर करेंगे।

    सियासत की इस गरमाई हुई स्थिति में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार किसानों के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने सिंचाई मूल्य सुरक्षा और किसान कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए यह संदेश दिया कि मध्य प्रदेश में किसानों के हित सर्वोपरि हैं।

    राहुल गांधी के आगमन से पहले किए गए इस बयान ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी किसान मुद्दों को लेकर सक्रिय हैं और आगामी समय में इस मुद्दे पर और बहस होने की संभावना है।

  • नरसिंहपुर में सड़क हादसा, निर्माणाधीन ब्रिज से पिकअप वाहन गिरने से 3 मजदूरों की मौत, 7 गंभीर घायल

    नरसिंहपुर में सड़क हादसा, निर्माणाधीन ब्रिज से पिकअप वाहन गिरने से 3 मजदूरों की मौत, 7 गंभीर घायल


    नरसिंहपुर । मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में सूआतला थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर सोमवार को मजदूरों से भरा एक पिकअप वाहन निर्माणाधीन ब्रिज से गिरकर पलट गया। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात मजदूर घायल हुए हैं, जिन्हें करेली के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    पुलिस के अनुसार, छिंदवाड़ा जिले के हर्रई क्षेत्र के ग्राम सुरलाखापा से मजदूरी कार्य के लिए पिकअप वाहन में सवार होकर मजदूर नरसिंहपुर की ओर आ रहे थे। वाहन में कुल 10 मजदूर सवार थे। वे नरसिंहपुर के राजमार्ग क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य के लिए जा रहे थे। सोमवार सुबह करीब 11.30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग -44 पर बरमान के पास बने ओवरब्रिज पर अचानक एक बाइक चालक पिकअप के सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने वाहन मोड़ा, जिससे वह अनियंत्रित हो गया और ओवरब्रिज की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे बरमान कनेक्टिंग रोड पर जा गिरा और पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

    स्थानीय लोगों की सूचना पर बरमान चौकी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सात घायलों को करेली के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में वाहन का अनियंत्रित होना दुर्घटना की वजह माना जा रहा है।

    बरमान उप थाना प्रभारी आशीष बोपचे ने बताया कि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। शिनाख्त के बाद ही उनके नाम और पते स्पष्ट हो सकेंगे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी मजदूर हर्रई क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं और किसी गार्डन में कार्य करने के लिए जा रहे थे।

  • भोपाल फिल्म फेस्टिवल का आखिरी दिन: 41 फिल्मों की स्क्रीनिंग, हुमा कुरैशी रहीं आकर्षण

    भोपाल फिल्म फेस्टिवल का आखिरी दिन: 41 फिल्मों की स्क्रीनिंग, हुमा कुरैशी रहीं आकर्षण

    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में आयोजित ‘भोपाल फिल्म फेस्टिवल’ का आज अंतिम दिन था। दो दिनों तक चले इस फेस्टिवल में कुल 41 फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई, जिसमें मध्य प्रदेश के 25 युवा फिल्मकारों की फिल्में शामिल थीं। आयोजन स्थल हमेशा की तरह हाउसफुल रहा और दर्शकों ने स्थानीय प्रतिभाओं को उत्साहपूर्वक सराहा।

    बच्चों के लिए मास्टरक्लास
    फेस्टिवल का ओपनिंग सेशन बच्चों के लिए मास्टरक्लास के रूप में आयोजित किया गया। इसमें भोपाल की विभिन्न यूनिवर्सिटी के छात्र शामिल हुए और फिल्म डायरेक्शन की बारीकियां सीखीं। प्रोड्यूसर शशांक राणे के अनुसार यह मंच युवा प्रतिभाओं को पहली बार वास्तविक अनुभव देने का अवसर रहा।

    फिल्म पॉलिसी और सिंगल विंडो
    फेस्टिवल में अचिन जैन, यशोवर्धन मिश्रा और अशोक मिश्रा ने मध्य प्रदेश की फिल्म पॉलिसी और ‘मध्य प्रदेश की वॉयसेस’ पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो पॉलिसी से फिल्म प्रोजेक्ट्स को तेजी से मंजूरी और मदद मिल रही है, जिससे प्रदेश के टैलेंट को सही मंच मिल रहा है।

    विभिन्न श्रेणियों में फिल्मों का प्रदर्शन
    फेस्टिवल में फिक्शन, नॉन-फिक्शन, डॉक्यूमेंट्री और एनीमेशन फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। प्रतियोगिता के लिए चार कैटेगरी रखी गईं – जनरल फिक्शन, जनरल नॉन-फिक्शन, वीमेंस वॉइसेस और हार्ट ऑफ इंडिया। इनमें से दो श्रेणियां विशेष रूप से मध्य प्रदेश के फिल्मकारों के लिए थीं।

    हुमा कुरैशी रहीं विशेष आकर्षण
    बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने भी फेस्टिवल में शिरकत की। उन्होंने युवा फिल्मकारों और दर्शकों से बातचीत की और उनके काम की सराहना की।

    समापन और विजेताओं की घोषणा
    अंतिम दिन 20 और फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई और फिल्म जुगनूमा के साथ समारोह का समापन हुआ, जिसमें अभिनेता मनोज वाजपेयी शामिल थे। चारों कैटेगरी के विजेताओं की घोषणा की गई:

    जनरल फिक्शन: अर्पित नाग, कार्तिक महाजन, कहकशां फातिमा, परवीन कुमार यादव

    वीमेंस वॉइसेस: प्राची ठाकुर, गुंजन नरूला, दिलग्रेस कौर, निधि नर्नवरे

    जनरल नॉन-फिक्शन: श्रेया समवत्सर, प्रदीप लेकवार, संदीप भाटी, रोशनी चौहान

    हार्ट ऑफ इंडिया: वर्षा रंसोरे, जुनैद अलावी, अपूर्व गौतम

    फेस्टिवल में रनर अप और पुरस्कार राशि की जानकारी साझा नहीं की गई।

    इस प्रकार, भोपाल फिल्म फेस्टिवल ने न सिर्फ युवा प्रतिभाओं को मंच दिया बल्कि शहर में सिनेमा प्रेमियों के लिए उत्सव का माहौल भी बनाया।

  • भारतीय जनता पार्टी एससी मोर्चा की नई प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, मध्यप्रदेश में कई नए चेहरे

    भारतीय जनता पार्टी एससी मोर्चा की नई प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, मध्यप्रदेश में कई नए चेहरे


    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा (मध्यप्रदेश) की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह परमार ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से पदाधिकारियों की सूची जारी की। संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।

    8 प्रदेश उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री नियुक्त
    जारी सूची के अनुसार सत्यप्रकाश सखवार, मोहिनी शाक्यवार, गगन खटीक, धर्मेंद्र आर्य, सत्यनारायण खोईवाल, भगवती प्रसाद शिंदे, प्रवीण मेश्राम और अमित कछवाह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।

    इसके अलावा गणपत डाबी, रामस्वरूप शुक्रवारे और कृष्णा चौधरी को प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    बसपा से विधायक रहे सत्यप्रकाश सखवार को जिम्मेदारी
    भाजपा ने सत्यप्रकाश सखवार को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया है। वे 2013 में मुरैना जिले की अंबाह सीट से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। बाद में प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के दौरान वे कांग्रेस में शामिल हुए और 2020 के उपचुनाव में मैदान में उतरे, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2023 विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। अब उन्हें एससी मोर्चा में अहम जिम्मेदारी दी गई है।

    कोषाध्यक्ष और प्रदेश मंत्री भी नियुक्त
    अंकित थेप्ते को कोषाध्यक्ष और मुकेश कुमार को सह-कोषाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सुखलाल पवार, नितेश नरवले, कन्हैया लाल चौहान, संजय दायमा, डॉ. जगदीश चौहान, महेंद्र कुमार अहिरवार, सौरभ बावरिया और सीताराम साकेत को प्रदेश मंत्री नियुक्त किया गया है।

    मीडिया, सोशल मीडिया और आईटी टीम गठित
    संगठन को डिजिटल और मीडिया स्तर पर मजबूत करने के लिए भी जिम्मेदारियां तय की गई हैं। संतोष बराड़ा को प्रशिक्षण प्रभारी, गोपाल जाटव को सह-प्रशिक्षण प्रभारी और अमर ऊंटवाल को प्रदेश कार्यालय मंत्री बनाया गया है।

    सुंदरलाल वर्मा को मीडिया प्रभारी तथा कमल अहिरवार और महेश बसवाल को सह मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। डॉ. नितिन डेहरिया को सोशल मीडिया प्रभारी और गिरिजा जाटव व हिमांशु मालवीय को सह सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

    नीति एवं शोध प्रकोष्ठ में प्रवीण चावला को प्रभारी तथा किरण सिंह सूर्यवंशी और लक्ष्मीदास चौधरी को सह प्रभारी बनाया गया है। आईटी विभाग में कपिल अंजने संयोजक, जबकि राजेश सिंह और दीपमाला सोलंकर सह संयोजक नियुक्त हुए हैं।

    नई कार्यकारिणी के जरिए भाजपा एससी मोर्चा ने संगठन विस्तार और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने का संदेश दिया है।

  • शहडोल में नशे पर बड़ा प्रहार: लेडी ड्रग पेडलर शबनम बी गिरफ्तार, 730 ऑनरेक्स सिरप जब्त

    शहडोल में नशे पर बड़ा प्रहार: लेडी ड्रग पेडलर शबनम बी गिरफ्तार, 730 ऑनरेक्स सिरप जब्त


    शहडोल । शहडोल जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने दुर्गा कॉलोनी स्थित टेक्निकल ग्राउंड के पास रहने वाली कथित लेडी ड्रग पेडलर शबनम बी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 730 नग ऑनरेक्स कफ सिरप जब्त किया है। जब्त सिरप की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है।

    पुलिस के अनुसार आरोपी शबनम बी पहले भी नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त पाई जा चुकी है। लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने सुनियोजित रणनीति बनाकर दबिश दी और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि आरोपी बाहरी राज्यों से नशीली सामग्री मंगाकर जिले में युवाओं के बीच सप्लाई कर रही थी जिससे युवा वर्ग तेजी से नशे की चपेट में आ रहा था।

    कार्रवाई के दौरान एक संगठित गिरोह का खुलासा भी हुआ है। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क में बंटी उसका बेटा और दामाद के अलावा अंतरराज्यीय तस्कर रमेश जायसवाल सहित अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई है। पांच अन्य संदिग्धों की पहचान भी कर ली गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

    कोतवाली थाना प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नशे के खिलाफ यह विशेष अभियान चलाया गया। 730 ऑनरेक्स सिरप के साथ एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया है जबकि पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

    इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले में नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं आमजन ने पुलिस की इस पहल की सराहना की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

  • इंदौर-भोपाल घटनाक्रम पर गरमाई सियासत, PCC चीफ जीतू पटवारी ने CS को लिखा पत्र

    इंदौर-भोपाल घटनाक्रम पर गरमाई सियासत, PCC चीफ जीतू पटवारी ने CS को लिखा पत्र


    भोपाल । भोपाल और इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट और पार्टी कार्यालयों पर हुए कथित हमलों को लेकर प्रदेश की सियासत तेज हो गई है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी आपत्ति जताते हुए मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखा है।

    जीतू पटवारी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि भोपाल, इंदौर सहित विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस कार्यालयों पर संगठित रूप से हमला किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं पर जानलेवा हमले का प्रयास किया गया, जबकि पुलिस मौके पर मौजूद होने के बावजूद मूकदर्शक बनी रही। पटवारी ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया है।

    उन्होंने कहा कि पीसीसी कार्यालय पर हुए प्रदर्शन ने गुंडागर्दी का रूप ले लिया। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और कार्यालयों में तोड़फोड़ की कोशिश की गई। उनके अनुसार, यह घटनाएं प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होंगी।

    पत्र में पटवारी ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि किसी भी स्तर पर राजनीतिक संरक्षण या सहमति की भूमिका पाई जाती है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए, ताकि प्रदेश की जनता का कानून व्यवस्था और प्रशासनिक निष्पक्षता पर विश्वास कायम रह सके। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।

    इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस जहां इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रही है, वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

  • झोपड़ी में स्कूल, फाइलों में कवर्ड गांव: बुरहानपुर के बोमल्यापाट में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

    झोपड़ी में स्कूल, फाइलों में कवर्ड गांव: बुरहानपुर के बोमल्यापाट में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल


    बुरहानपुर । बुरहानपुर जिले के आदिवासी अंचल में स्थित मांडवा ग्राम पंचायत का बोमल्यापाट फाल्या आज भी बुनियादी शिक्षा सुविधाओं के लिए तरस रहा है। आजादी के 78 साल बाद भी यहां के करीब 60 बच्चे एक मजदूर की झोपड़ी में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सरकारी फाइलों में गांव को कवर्ड दिखाया गया है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि न पक्का स्कूल भवन है न नियमित शिक्षक और न ही आने-जाने के लिए सड़क।

    ग्रामीणों के अनुसार बच्चे कपड़े बिछाकर झोपड़ी में बैठते हैं। बरसात में कीचड़ और गर्मी में तपती जमीन ही उनका क्लासरूम बनती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहां कक्षा 9वीं की छात्रा सीमा बडोले खुद छोटे बच्चों को पढ़ा रही हैं। उन्हें वन विभाग के एक नाकेदार कैलाश द्वारा 3000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया गया है ताकि किसी तरह पढ़ाई जारी रह सके। सवाल उठता है कि क्या आदिवासी बस्ती की शिक्षा अब दान और व्यक्तिगत सहयोग पर चलेगी?

    ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की जनप्रतिनिधि भी आदिवासी समाज से आती हैं इसके बावजूद बच्चों को बुनियादी स्कूल तक नसीब नहीं है। चुनाव के समय वादे होते हैं लेकिन उसके बाद हालात जस के तस बने रहते हैं। छात्र राजेश और राहुल सहित अन्य बच्चों का कहना है कि वे पढ़ना चाहते हैं लेकिन संसाधनों की कमी उनके सपनों के आड़े आ रही है। ग्राम के युवा मास्टर रावत ने शासन से तत्काल स्कूल भवन नियमित शिक्षक और सड़क की मांग की है।

    सरकारी योजनाओं के दावों के बीच बोमल्यापाट की स्थिति कई सवाल खड़े करती है। जब इस संबंध में नेपानगर के एसडीएम भागीरथ वाखला से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यदि गांव धरती आभा योजना में छूट गया है तो प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा और शिक्षा विभाग से सर्वे कराया जाएगा। वहीं आदिवासी विभाग के उपसंचालक भारत जांचपुरे ने भरोसा दिलाया कि प्रस्ताव तैयार कर डीपीसी के माध्यम से भोपाल भेजा जाएगा और बच्चों का भविष्य बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा।

    हालांकि ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब तक सिर्फ सर्वे और प्रस्ताव की प्रक्रिया चलती रहेगी? 78 वर्षों बाद भी यदि एक गांव में स्कूल भवन और शिक्षक की व्यवस्था नहीं हो पाती तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है। बोमल्यापाट के बच्चे आज भी झोपड़ी में बैठकर भविष्य संवारने का सपना देख रहे हैं। अब देखना है कि शासन-प्रशासन इन बच्चों के लिए ठोस कदम उठाता है या यह बस्ती यूं ही कागजों में कवर्ड और जमीन पर उपेक्षित बनी रहेगी।

  • इंदौर में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पुलिस ने किया बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन का इस्तेमाल

    इंदौर में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पुलिस ने किया बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन का इस्तेमाल


    नई दिल्ली।  दिल्ली के ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन की आग अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। शनिवार को भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भर में कांग्रेस कार्यालयों का घेराव किया, जिससे इंदौर में यह विरोध प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया।

    इंदौर में पथराव और पुलिस कार्रवाई
    इंदौर में जब भाजयुमो कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय (गांधी भवन) का घेराव करने पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उनकी भिड़ंत हो गई। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर पत्थर, पानी की बोतलें, तेल की थैलियां, और संतरे-टमाटर फेंके। इस दौरान सुरक्षा में तैनात सब इंस्पेक्टर आरएस बघेल के सीने पर एक बड़ा पत्थर लगने से वह घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    स्थिति बेकाबू होने के बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करने वाले कार्यकर्ताओं पर ठंडे पानी की बौछारें छोड़ीं, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई।

    भोपाल और ग्वालियर में विरोध प्रदर्शन
    भोपाल में भी सैकड़ों भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

    ग्वालियर में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने विशाल रैली निकाली और राहुल गांधी का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रही है।

    विरोध प्रदर्शन की जड़
    इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत दिल्ली के भारत मंडपम में हुए यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन से हुई। इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी की थी। भाजपा ने इसे राष्ट्रविरोधी बताते हुए कड़ी आलोचना की, जबकि कांग्रेस इसे बेरोजगारी और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने का तरीका बता रही है।

    उज्जैन में भाजपा और कांग्रेस का आमना-सामना
    उज्जैन में भी भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी का पुतला फूंका और कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात था और कांग्रेस नेता अमरीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यकर्ताओं पर हमले की कोशिश की थी।

    जबलपुर में भी विरोध
    जबलपुर में यूथ कांग्रेस के समर्थन में प्रदर्शन हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़कर कांग्रेस कार्यालय के पास जाने की कोशिश की। इसके बाद वहां भी पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा और 10 थानों की पुलिस को तैनात किया गया।

    दिल्ली में ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ के दौरान यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन के बाद, मध्य प्रदेश में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा और विरोध प्रदर्शन की घटनाओं ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए विभिन्न शहरों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाई है, लेकिन दोनों दलों के बीच बढ़ते तनाव और नोकझोंक ने इस विवाद को और जटिल बना दिया है।

  • अगले 4 दिन मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, दक्षिण-पूर्वी हिस्सा रहेगा ज्‍यादा प्रभावित

    अगले 4 दिन मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, दक्षिण-पूर्वी हिस्सा रहेगा ज्‍यादा प्रभावित



    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक आंधी और बारिश का मौसम जारी रहने वाला है। शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई। शनिवार को बादलों की छाया बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 23 और 24 फरवरी को एक नया सिस्टम प्रभावी होगा, जो खासकर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में ज्यादा असर दिखाएगा।

    पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर, छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई।पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर, छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई।

    तेज हवाओं और आंधी के चलते रतलाम, शाजापुर और उज्जैन में फसलों को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे दानों पर असर और किसानों की परेशानियाँ बढ़ सकती हैं। अनुमान है कि अगले तीन दिनों में 25 जिलों में फसल नुकसान हो सकता है। इसको देखते हुए सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे शुरू कर दिया है। राजस्व अमला मैदान में जाकर फसल नुकसान का आंकलन कर रहा है।

    अगले दो दिनों का मौसम का अंदाजा
    22 फरवरी: बारिश की संभावना नहीं, हालांकि बादल छाए रह सकते हैं।
    23 फरवरी: दक्षिणी जिलों में नया सिस्टम सक्रिय होने से बारिश होने की संभावना।

    बारिश की संभावना वाले जिले
    मौसम विभाग के अनुसार छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज जिलों में बारिश होने का अनुमान है। इनके आस-पास के क्षेत्रों में भी मौसम बदलने और बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    जबलपुर में भी मौसम ने करवट ली है। शुक्रवार देर रात हल्के बादल छाए और वातावरण में नमी महसूस की गई। शनिवार सुबह करीब 6 बजे से शहर के कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई, जिससे वातावरण सुहावना हो गया और ठंड का असर बढ़ गया। सुबह का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।