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  • होली से ठीक पहले MP में बस हड़ताल, 20 हजार बसें एक दिन के लिए रहेंगी ठप

    होली से ठीक पहले MP में बस हड़ताल, 20 हजार बसें एक दिन के लिए रहेंगी ठप


    भोपाल। होली के त्योहार से ठीक पहले मध्य प्रदेश में यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी पैदा हो सकती है। ट्रेनों में पहले से लंबी वेटिंग चल रही है, वहीं 2 मार्च को प्रस्तावित बस हड़ताल के कारण करीब 20 हजार बसें प्रदेशभर में बंद रहेंगी। सामान्य दिनों में लगभग 12-15 हजार बसों का संचालन होता है, यानी हड़ताल के दिन लगभग पूरा निजी बस परिवहन ठप रहेगा।

    मध्य प्रदेश बस ऑनर एसोसिएशन के महामंत्री जय कुमार जैन ने कहा कि परिवहन विभाग की दमनकारी नीतियों और प्रस्तावित योजनाओं के विरोध में बस मालिकों को मजबूर होकर हड़ताल पर जाना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सरकार परमिट नीति और राष्ट्रीयकरण के जरिए निजी बसों के व्यवसाय को बड़ी कंपनियों के हाथ में देने की तैयारी कर रही है।

    प्रदेश में कुल 12,780 परमिट वाली और 7,000 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट वाली बसें हैं। जय कुमार जैन का कहना है कि परिवहन विभाग योजना बना रहा है कि निजी बस मालिकों से किराया लेकर कंपनियां बस चलाएँ, जबकि मोटर व्हीकल कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इस विरोध में एसोसिएशन ने विस्तृत प्रेस नोट भी जारी किया है।

    हड़ताल में केवल कुछ ही नहीं, बल्कि सभी निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी रहेगी। इसमें कई कांग्रेस और बीजेपी से जुड़े नेताओं की बसें भी शामिल हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि व्यवसाय और परिवहन नीति से जुड़ा सवाल है।

    वर्तमान में VLT (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग) प्रणाली लागू है, जो बस की लोकेशन, गति और रूट की जानकारी ऑनलाइन जोड़ती है। ऑपरेटरों का आरोप है कि तकनीकी खामियों और ठेकेदार व्यवस्था के कारण उन्हें बार-बार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    यात्रियों पर असर:
    होली के दौरान गांव से शहर और शहर से गांव जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ट्रेनों में लंबी वेटिंग की स्थिति में बसें सबसे बड़ा विकल्प होती हैं। ऐसे में 2 मार्च को हड़ताल होने से हजारों लोग मुश्किल में पड़ सकते हैं। अब सबकी नजर सरकार और बस मालिकों के बीच बातचीत पर टिकी है।

    बस मालिकों के आरोप और वजहें:

    निजी बस मालिकों के परमिट निरस्त कर राष्ट्रीयकरण की तैयारी।

    मल्टीनेशनल कंपनियों को बस संचालन का व्यापार देने का प्रयास।

    छोटे और पुराने बस मालिकों का व्यवसाय खतरे में।

    VLT प्रणाली और पंजीयन, फिटनेस प्रक्रियाओं में अवरोध।

    स्थायी अनुज्ञा और नवीनीकरण मामलों में लंबित निर्णय।

    अवैध वसूली और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई का अभाव।

    बस ऑपरेटरों का कहना है कि पहले भी राज्य में परिवहन व्यवस्था के प्रयोग विफल रहे, जैसे MPSRTC का संचालन, और वर्तमान प्रस्ताव भी उसी तरह छोटे और मध्यम बस मालिकों को बाहर करने जैसा है।

    इस बार की हड़ताल का मकसद है कि प्राइवेट बस मालिकों का व्यवसाय सुरक्षित रहे और पेरेंट्स और यात्रियों पर अनावश्यक दबाव न डाला जाए।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न नानाजी देशमुख की पुण्य तिथि पर किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न नानाजी देशमुख की पुण्य तिथि पर किया नमन


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राष्ट्रसेवक और महान समाज सुधारक नानाजी देशमुख की पुण्य तिथि पर उन्हें विनम्र नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि भारत रत्न से सम्मानित स्वर्गीय नानाजी देशमुख ने देश की प्रगति के लिए ग्रामीण विकास शिक्षा और गरीब कल्याण को आधार बनाया। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा पहुंचाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नानाजी देशमुख का कृतित्व उनके विचार और दूरदर्शी दृष्टिकोण राष्ट्र के नव निर्माण की दिशा में सदैव प्रेरणादायी रहेंगे। उन्होंने ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की परिकल्पना को साकार करने के लिए जो कार्य किए वे आज भी प्रासंगिक हैं और आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देते रहेंगे।डॉ. यादव ने ईश्वर से प्रार्थना की कि हम सभी नानाजी देशमुख के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

  • 2 मार्च से प्रदेशभर में बसें थमने को तैयार: सुगम लोक परिवहन सेवा के विरोध में 29 हजार ऑपरेटरों की हड़ताल, होली में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ेंगी

    2 मार्च से प्रदेशभर में बसें थमने को तैयार: सुगम लोक परिवहन सेवा के विरोध में 29 हजार ऑपरेटरों की हड़ताल, होली में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ेंगी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में 2 मार्च से लगभग 29 हजार बसों के संचालन पर संकट गहरा गया है। मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा की योजना के विरोध में प्रदेश भर के बस ऑपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले हैं। उज्जैन में ही करीब 5 हजार बसें बंद रहने की संभावना है। यह हड़ताल विशेष रूप से होली की छुट्टियों के समय हो रही है, जब बड़ी संख्या में लोग अपने घर जाने के लिए बस सेवा पर निर्भर होते हैं, जिससे यात्रियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।

    बस संचालकों ने अपनी मांगों के समर्थन में बसों पर हड़ताल के पोस्टर लगाए हैं। मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन ने सरकार को पहले भी कई बार अपनी चिंताएं और विरोध पत्र सौंपे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा लागू होने पर ऑपरेटरों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा और कई लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इसके अलावा, यदि नई नीति लागू होती है तो बस किराया लगभग 35 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जिससे आम यात्रियों को अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ेगा।

    प्राइम रूट बस संगठन के अध्यक्ष पंडित गोविंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि सरकार ने 24 दिसंबर को मोटर अधिनियम के तहत नई कंपनी बनाकर बस संचालन की घोषणा की है। नई नीति के अनुसार, जो भी कंपनी टेंडर में अधिक राशि देगी, वही बस सेवा का संचालन करेगी। यह कदम ऑपरेटरों के लिए अनुचित और अस्तित्व संकट का कारण बन सकता है। अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो 2 मार्च से प्रदेश भर में बसों के पहिए थम जाएंगे।

    हालांकि, सरकार का दावा है कि अप्रैल में नई कंपनी के तहत बसों का संचालन शुरू होगा। इसके लिए बसों को अनुबंधित (लीज पर लेने) किया जाएगा और संचालन चरणबद्ध तरीके से होगा। इंदौर संभाग में बस संचालन एआइसीटीएसएल के हाथ में रहेगा, जबकि अन्य संभागों में अलग-अलग सहायक कंपनियां जिम्मेदारी संभालेंगी। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से यात्रियों को सुरक्षित, अनुशासित और नियमित बस सेवा मिलेगी, और ऑपरेटरों की आय भी मौजूदा व्यवस्था से बेहतर होगी।

    बस ऑपरेटरों और सरकार के बीच यह टकराव यात्रियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञ और यात्री संगठन हड़ताल से पहले वैकल्पिक परिवहन के लिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। निजी वाहन या ट्रेन के जरिए यात्रा की संभावना बढ़ सकती है। विशेषकर होली के समय यह हड़ताल लाखों यात्रियों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है।

    इस पूरे मामले से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश में परिवहन नीति लागू करने से पहले सरकार और ऑपरेटरों के बीच संवाद और समाधान जरूरी है। दोनों पक्षों को साझा समाधान निकालना होगा ताकि यात्रियों की परेशानियां कम से कम हों। हड़ताल से आम जनता पर भारी असर पड़ सकता है, इसलिए प्रशासन को भी यातायात व्यवस्था के वैकल्पिक इंतजाम करने की आवश्यकता है।

    यदि बस ऑपरेटरों की मांगें नहीं मानी गईं तो 2 मार्च से प्रदेशभर में बस संचालन ठप रह सकता है, जिससे होली के समय यात्रा करने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। यात्रियों को अपने यात्रा प्लान में बदलाव करने और वैकल्पिक साधनों के लिए तैयार रहने की सलाह दी जा रही है।

  • मध्य प्रदेश ने लगातार दूसरे वर्ष एसएटीटीई 2026 में जीता ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड

    मध्य प्रदेश ने लगातार दूसरे वर्ष एसएटीटीई 2026 में जीता ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश को दक्षिण एशिया के प्रमुख ट्रैवल एवं टूरिज्म प्रदर्शनी एसएटीटीई 2026 में प्रतिष्ठित “बेस्ट स्टेट टूरिज्म” अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। लगातार दूसरे वर्ष यह सम्मान प्राप्त कर राज्य ने भारत के प्रमुख और पसंदीदा पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान को और सुदृढ़ किया है।

    नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित एसएटीटीई अवॉर्ड्स समारोह के दौरान यह पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसे मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने प्राप्त किया। विजेताओं का चयन प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं की जूरी द्वारा किया गया।

    पर्यटन सचिव एवं मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि एसएटीटीई 2026 में लगातार दूसरे वर्ष ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड मिलना मध्य प्रदेश के पर्यटन इको सिस्टम को मजबूत करने के हमारे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ सतत, जिम्मेदार और अनुभव-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये सरकार निरंतर प्रयासरत है। बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, पर्यटक सुविधाओं और नवाचारपूर्ण पहलों में लगातार सुधार ने मध्य प्रदेश को विरासत, वन्यजीव, आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में अग्रणी गंतव्य बना दिया है।

    प्रबंध संचालक डॉ. इलैया ने कहा कि मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड राज्य की विविधता को व्यापक रूप से प्रस्तुत कर रहा है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों जैसे खजुराहो समूह स्मारक, सांची स्तूप और भीमबेटका रॉक शेल्टर्स से लेकर प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व, पवित्र आध्यात्मिक केंद्र जैसे उज्जैन और ओंकारेश्वर, जीवंत जनजातीय एवं लोक परंपराएं, ग्रामीण पर्यटन अनुभव, एडवेंचर सर्किट और उभरते हुए अनुभवात्मक गंतव्य तक सतत विकास, सामुदायिक भागीदारी और बेहतर पर्यटक अनुभव पर विशेष ध्यान देते हुए मध्यप्रदेश एक ऐसे गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है, जो देश और दुनिया भर के यात्रियों को गहराई, प्रामाणिकता और वर्षभर आकर्षण प्रदान करता है।

    उन्होंने कहा कि एसएटीटीई 2026 में मिला यह सम्मान इस बात की पुष्टि करता है कि मध्य प्रदेश घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के पर्यटकों को आकर्षित करने में सफल रहा है और भारत में एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति को निरंतर मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • एक लाख करोड़ के बजट से संवरेगा मध्य प्रदेश के किसान का जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एक लाख करोड़ के बजट से संवरेगा मध्य प्रदेश के किसान का जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी के कल्या

    Chief Minister

    ण के लिए काम कर रही है। किसान कल्याण के लिए इस साल बजट में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि प्रस्तावित है। किसान कल्याण वर्ष में कृषि आधारित व्यापार गतिविधियां बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं, जिससे किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को सागर जिले के गढ़ाकोटा के ऐतिहासिक रहस मेले के शुभारंभ एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों के राशि अंतरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सागर जिले के रहली क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देते हुए फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। इससे क्षेत्र के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती आल्हा-ऊदल जैसे वीरों की धरती है। सागर जिले का रहस मेला ऐतिहासिक है। उन्होंने रहस मेले के 217 साल पुराने गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए और उनके शौर्य को प्रणाम करते हुए कहा -“बड़े लडैया महोबा वाले, जिन की मार सही ना जाये। एक को मारे दोई मर जावे, तीजा खौफ खाये मर जाये।।”- ऐसी वीरता और पराक्रम का लोहा मनवाने वाले मातृभूमि पर सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान योद्धाओं की भूमि को कोटिशः नमन।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परमात्मा ने ऋतुओं और मौसम के साथ मेलों का अद्भुत संबंध बनाया है। जब धान और सोयाबीन कटे तो दीवाली और गेहूं की फसल आने पर होली मनाई जाती है। बुंदेलखंड की धरती पर आकर मन आनंदित हो जाता है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार पशुपालन और दूध उत्पादन बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है। बजट 2026-27 में नई यशोदा योजना की शुरुआत की गई है। अब हमारे स्कूलों में 8वीं तक के विद्यार्थियों को ट्रेटा पैक दूध नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश की बहनों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपये की राशि मिल रही है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पित है। रहली में सूक्ष्म औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कमेटी गठित की जाए। यहां पारम्परिक बीड़ी उद्योग के साथ हस्त शिल्प कलाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की माह जनवरी पेड इन फरवरी 2026 की राशि हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक से अंतरित की। इस पेंशन योजनाओं में प्रति हितग्राही प्रतिमाह 600 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री ने 32.78 लाख से अधिक हितग्राहियों के खाते में 196.72 करोड़ की राशि ट्रांसफर की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रहली विधासभा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती देते हुए खेजरा-शाहपुर-मोकलपुर फ्लाईओवर के निर्माण की स्वीकृति दी। उन्होंने रहली एवं गढ़ाकोटा कृषि उपज मंडी के उन्नयन के लिए 5-5 करोड़ रुपये एवं शाहपुर उपमंडी के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज का सही दाम और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें, इसके साथ ही उन्होंने रहली रमखरिया, सिमरिया नायक बहेरिया मढ़ि (लगभग 22 किलोमीटर) मार्ग के उन्नयन और चौड़ीकरण की भी घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में बीड़ी उद्योग और तेंदूपत्ता संग्रहण केवल व्यापार नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की जीविका रहा है। यहां बीड़ी, तेंदूपत्ते और हस्तकला आधारित लघु इकाइयों को मिलेगा प्रोत्साहन दिया जाएगा। बीड़ी बनाने वाले एवं तेंदूपत्ता का संग्रहण करने वाले व्यक्तियों के उन्नयन के लिए सांसद, विधायक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि एक कमेटी बनाकर लिये गये निर्णय अनुसार कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स एवं स्टेडियम कॉम्प्लेक्स का निर्माण होगा। इसी प्रकार ढाना में शासकीय महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय और इतिहास के नए विषय खोलने को भी मंजूरी दी।

    उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। रहली क्षेत्र के विद्यार्थियों को भव्य सांदीपनि विद्यालय की सौगात मिली है। अब बच्चों को गणवेश, किताबें, साइकिलें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। स्कूल टॉपर को स्कूटी दी जाती है। प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ रहे हैं।

    प्रमुख घोषणाएं

    – गढ़ाकोटा और रहली में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनेगा।
    – महाविद्यालय में वाणिज्य और इतिहास के नए संकाय की कक्षाएं शुरू होंगी।
    – क्षेत्र में नया फ्लाई-ओवर और सड़कों का उन्नयन किया जाएगा।
    – गढ़ाकोटा और रहली कृषि उपज मंडी में विकास कार्यों के लिए 5-5 करोड़ की राशि मिलेगी।
    – शाहपुरा कृषि उपज मंडी के विकास कार्यों के लिए भी एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
    – सोनार नदी के माध्यम से सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

    कार्यक्रम में पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि रहस मेले की शुरुआत 217 साल पहले बुंदेलखंड के तत्कालीन शासक मर्दन सिंह जूदेव के राज्यारोहण के उपलक्ष में हुई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा भी वर्ष 1990 में यहां पधारे थे। मेला परंपरागत रूप से हर वर्ष भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है। रहली-गढ़ाकोटा क्षेत्र पहले काफी पिछड़ा था, लेकिन 2003 में राज्य और उसके बाद वर्ष 2014 में केंद्र में हमारी सरकार बनने के बाद यहां विकास की गति तेज हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विशेष आशीर्वाद से रहली क्षेत्र की जरूरी आवश्यकताएं पूर्ण हुई हैं। क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं को विस्तार देने की जरूरत है। भार्गव ने लव-कुश धाम निर्माण और राज्य के भीतर नदी जोड़ो प्रकल्प के तहत बुंदेलखंड में मां नर्मदा को सोनार नदी से जोड़ने का सुझाव दिया।

  • सहारा समूह पर बड़ा निवेशक घोटाला: मध्य प्रदेश में लगभग 6,689 करोड़ रुपए की राशि के गबन के 9 लाख से अधिक शिकायत आवेदन मिले

    सहारा समूह पर बड़ा निवेशक घोटाला: मध्य प्रदेश में लगभग 6,689 करोड़ रुपए की राशि के गबन के 9 लाख से अधिक शिकायत आवेदन मिले

    भोपाल । मध्य प्रदेश सहारा समूह से जुड़े निवेशकों की रकम के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य सरकार को कुल लगभग 9 लाख से अधिक शिकायती आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमेंकुल 6 689 करोड़ रुपए की राशि के निवेशकों के साथ गबन होने का दावा किया गया है। यह जानकारी आज विधानसभा में राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने गृह विभाग की ओर से दी।

    मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने सहारा समूह को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि प्रदेश में सहारा के निवेशकों की राशि के संबंध में कुल कितनी शिकायतें मिली हैं और कितना पैसा निवेशकों को वापस मिला है। इसके उत्तर में राज्य मंत्री पटेल ने बताया कि सरकार को 9 06 661 शिकायत आवेदन मिले हैं और इनमें कुल राशि करीब 6 689 करोड़ रुपये के निवेशकों की है।

    सरकार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सहारा रिफंड पोर्टल बनाया गया है जिसके माध्यम से निवेशकों को उनकी राशि वापस करने की प्रक्रिया चल रही है। इस पोर्टल के तहत अब तक लगभग 355 करोड़ रुपये निवेशकों को वापस किये जा चुके हैं लेकिन कुल राशि की तुलना में यह राशि केवल एक छोटा हिस्सा है।

    इस घोटाले को लेकर सदन में स्पष्ट किया गया कि सहारा समूह की कई संपत्तियाँ न्यायालय के आदेश के अनुरूप अटैच की गई हैं और सुप्रीम कोर्ट के तहत निवेशकों की राशि वापस करने का काम जारी है। हालांकि शिवपुरी में दर्ज एफआईआर की संख्या के बारे में सरकार ने कहा कि 1 जनवरी 2024 के बाद समूह के खिलाफ लगभग 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं और अन्य मामलों को मुरैना कोतवाली में मर्ज किया जा रहा है।

    विपक्ष ने सरकार से यह भी पूछा कि क्या राज्य सरकार के पास निवेशकों की राशि की वसूली या संपत्तियों के नीलामी के कोई ठोस कार्यक्रम हैं ताकि निवेशकों को उनका धन लौटाया जा सके। मंत्री ने जवाब दिया कि यह मामला न्यायिक प्रकृति का है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह विषय राज्य पुलिस की सीमा से बाहर है और उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में ही निवेशकों की राशि वापस की जाएगी।

    विशेषज्ञों और निवेशकों की मांग है कि सहारा मामले में पारदर्शिता और तेजी लाने की जरूरत है ताकि लंबे समय से अपना पैसा वापस पाने के लिए प्रतीक्षा कर रहे लाखों निवेशकों को न्याय मिल सके। निवेशकों की शिकायतें कई वर्षों से लंबित हैं और न्यायपालिका के आदेशों के बावजूद वापस प्राप्त राशि बहुत कम है। इस घोटाले की व्यापक प्रकृति के कारण देश भर में सहारा समूह के खिलाफ मामले दर्ज हैं और जांच एजेंसियाँ सक्रिय हैं।

  • नरसिंहपुर में बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय तस्कर से 152 किलो गांजा जब्त, ग्वालियर निवासी चालक गिरफ्तार

    नरसिंहपुर में बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय तस्कर से 152 किलो गांजा जब्त, ग्वालियर निवासी चालक गिरफ्तार


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 152 किलो गांजा जब्त किया है। अंतर्राज्यीय स्तर पर गांजा की खेप ले जा रहे एक तस्कर को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया है।

    पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से उत्तर प्रदेश के झांसी की ओर एक पिकअप वाहन में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जिले में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया और संदिग्ध वाहन की तलाश की गई।

    रणनीति के तहत पुलिस टीम ने संभावित मार्गों पर घेराबंदी की। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन से 152 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से चालक रोहित सिंह, निवासी ग्वालियर को गिरफ्तार कर लिया।

    प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गांजा की यह खेप अंतर्राज्यीय स्तर पर सप्लाई की जानी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा गांजा कहां से लाया गया और किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जब्त किए गए गांजा की बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना ने कहा कि अंतर्राज्यीय तस्करी के मामलों में पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। सीमावर्ती जिलों और प्रमुख मार्गों पर नियमित चेकिंग की जा रही है जिससे मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।

    इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का प्रयास कर रही है ताकि तस्करी की जड़ तक पहुंचा जा सके।

  • कमलागंज पुलिया पर युवती का हंगामा: शिवपुरी में युवक को थप्पड़ और चप्पलों से पीटा, वीडियो वायरल

    कमलागंज पुलिया पर युवती का हंगामा: शिवपुरी में युवक को थप्पड़ और चप्पलों से पीटा, वीडियो वायरल


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र अंतर्गत कमलागंज पुलिया के पास मंगलवार शाम बीच सड़क एक युवक की पिटाई का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक युवती युवक को पहले थप्पड़ मारते और फिर चप्पलों से पीटते हुए दिखाई दे रही है। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई लेकिन किसी ने भी बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार युवती पुरानी शिवपुरी क्षेत्र की निवासी बताई जा रही है जबकि पीड़ित युवक इमामबाड़ा इलाके का रहने वाला है। बताया गया है कि युवती अपने एक साथी युवक के साथ कमलागंज पुलिया पर पहुंची थी। वहां उन्होंने एक अन्य युवक को रोका। आरोप है कि युवती के साथ आए युवक ने पीड़ित के हाथ पीछे से पकड़ लिए जिसके बाद युवती ने उसकी पिटाई शुरू कर दी।

    वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवती ने युवक को कई थप्पड़ मारे। इसके बाद उसने अपनी चप्पल उतारी और युवक पर बरसाना शुरू कर दिया। युवक हाथ छुड़ाने की कोशिश करता रहा लेकिन उसके हाथ पकड़े होने के कारण वह खुद का बचाव नहीं कर सका। पूरी घटना कुछ देर तक चलती रही और आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे।

    घटना के बाद युवती अपने साथी के साथ मौके से चली गई। बाद में युवती की पहचान ज्योति बेड़ियां के रूप में हुई। ज्योति ने स्वीकार किया कि युवक के साथ मारपीट उसी ने की है। उसने आरोप लगाया कि कुछ युवक उसके भाई अभिषेक बेड़ियां को नशे का आदी बना चुके हैं।

    ज्योति का कहना है कि नशे की लत के चलते उसका भाई घर में चोरी करनेलगा था और घरेलू सामान बेचकर नशे की सामग्री खरीदता था। परिवार लगातार इस स्थिति से परेशान था। उसने आरोप लगाया कि जिस युवक के साथ मारपीट हुई उसका नाम शिवम है और वही उसके भाई को नशे की सामग्री उपलब्ध कराता था।

    ज्योति ने बताया कि उसने कई बार संबंधित युवकों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। आखिरकार आक्रोश में आकर उसने यह कदम उठाया। उसने यह भी कहा कि उसने अपने भाई के संबंध में पहले ही देहात थाना में शिकायत दर्ज कराई है।

    हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वीडियो वायरल होने के बाद शहर में घटना को लेकर चर्चा का माहौल है। सार्वजनिक स्थान पर हुई इस मारपीट और लोगों के मूकदर्शक बने रहने की घटना ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • 2026-27: 4.42 लाख से अधिक किसानों ने गेहूँ उपार्जन के लिए कराया पंजीयन, 7 मार्च तक जारी रहेगा अवसर

    2026-27: 4.42 लाख से अधिक किसानों ने गेहूँ उपार्जन के लिए कराया पंजीयन, 7 मार्च तक जारी रहेगा अवसर


    भोपाल । भोपाल में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीयन की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक 4 लाख 42 हजार 288 किसानों ने पंजीयन करा लिया है और जो किसान अब तक पंजीयन नहीं करा पाए हैं उनके लिए अंतिम अवसर 7 मार्च तक है। मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित समय में पंजीयन अवश्य कराएं ताकि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त हो सके।

    श्री राजपूत ने बताया कि पंजीयन प्रक्रिया को सरल और सहज बनाया गया है। प्रदेश में कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाए गए हैं जिनमें किसान आसानी से पंजीयन कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के विभिन्न संभागों के पंजीयन आंकड़े भी साझा किए। इंदौर संभाग में 54 हजार 587 उज्जैन में एक लाख 48 हजार 905 ग्वालियर में 9695 चम्बल में 4692 जबलपुर में 39 हजार 885 नर्मदापुरम में 34 हजार 181 भोपाल में एक लाख 9 हजार 134 रीवा में 13 हजार 260 शहडोल में 2551 और सागर में 25 हजार 398 किसानों ने पंजीयन कराया है।

    केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। इससे किसानों को बेहतर लाभ मिलने की उम्मीद है।

    पंजीयन की व्यवस्था नि:शुल्क और सशुल्क दोनों प्रकार से की गई है। नि:शुल्क पंजीयन ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों तहसील कार्यालयों सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित केन्द्रों पर किया जा सकता है। वहीं सशुल्क पंजीयन एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क लोक सेवा केन्द्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से किया जा सकता है।

    किसानों को समय पर पंजीयन के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं उन्हें एसएमएस के माध्यम से सूचना भेजी जा रही है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में डोंडी पिटवाकर सूचना प्रदर्शित की जा रही है और मंडी या समिति स्तर पर बैनर लगवाए जा रहे हैं।

    मंत्री श्री राजपूत ने स्पष्ट किया कि पंजीयन की प्रक्रिया को किसानों के लिए आसान बनाया गया है और सभी प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे हैं कि कोई भी किसान समर्थन मूल्य का लाभ चूक न जाए। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे पंजीयन केंद्रों पर समय पर पहुँचकर अपने दस्तावेजों के साथ पंजीयन कराएं और इस वर्ष के रबी सीजन में बेहतर लाभ सुनिश्चित करें।

    इस प्रकार 4.42 लाख से अधिक किसानों ने अपने गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीयन करा लिया है और अब शेष किसानों के पास अंतिम अवसर 7 मार्च तक है। समर्थन मूल्य में वृद्धि और पंजीयन की सरल प्रक्रिया ने किसानों को उत्साहित किया है।

  • मप्र को नई रेल और रेल सुविधाओं की मिल रही है निरंतर सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मप्र को नई रेल और रेल सुविधाओं की मिल रही है निरंतर सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को नई रेलों और रेल सुविधाओं की निरंतर सौगात मिल रही है। राजधानी भोपाल से ऊर्जा राजधानी सिंगरौली तक सप्ताह के सातों दिन सीधी रेल की सुविधा प्रारंभ हो रही है, जो मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के यात्रियों के लिये भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की रात भोपाल के मुख्य रेलवे स्टेशन से भोपाल-धनबाद-चौपन एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन सीधी-सिंगरौली तक, तीन दिन धनबाद तक और एक दिन चौपन तक जाएगी। इस ट्रेन का रूट बीना-सागर-मुड़वारा होकर रहेगा।


    प्रदेश में निरंतर बढ़ रही रेल सुविधाएं, नई रेल भविष्य के विकास का नया रास्ता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय कैबिनेट ने जबलपुर-गोंदिया रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दी है। इसके पहले मध्य प्रदेश को इंदौर-मनमाड रेल लाइन सहित सिंहस्थ के दृष्टिगत अनेक सौगातें मिली हैं। वंदे भारत और मेट्रो ट्रेन की स्पीड भी बढ़ रही है। मध्य प्रदेश में विदेशों की तरह आधुनिक रेल सुविधाएं विकसित हो रही हैं। रेल बजट में भी 24 गुना अधिक बजट मिला है। छह अमृत भारत स्टेशन कटनी साउथ, नर्मदापुरम ओरछा, सिवनी शाजापुर और श्रीधाम के पुनर्विकास का कार्य हो रहा है। प्रदेश के 80 स्टेशनों का कायाकल्प हो रहा है। करीब पौने तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं का लाभ यात्रियों को दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज के दिन को भी यादगार बना दिया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के पिछड़े माने गये सीधी-सिंगरौली क्षेत्र को भोपाल से प्रतिदिन की रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिल रहा है। यह ट्रेन सातों दिन चलेगी, भले गंतव्य तीन हों। यह युक्ति और बुद्धि का खेल ही नहीं बल्कि भविष्य के विकास का नया रास्ता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नई ट्रेन से राज्यों के पर्यटन विकास में सहयोग मिलेगा। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। धनबाद तक जाने वाली त्रि-साप्ताहिक ट्रेन 30 स्टेशनों को और चौपन तक जाने वाली साप्ताहिक ट्रेन 15 प्रमुख स्टेशनों को जोड़ेगी। व्यापार, खनन और उद्योग क्षेत्र को नई गति मिलेगी।


    रेल लाइन का दोहरीकरण विकास में होगा सहायक, महाकौशल क्षेत्र का महत्व बढ़ेगा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यदि जबलपुर से गोंदिया रेल लाइन के दोहरीकरण के व्यापक फायदों की चर्चा करें तो पर्यटन, धार्मिक गतिविधियों और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दृष्टि से प्रभाव दिखाई देंगे। वन क्षेत्र जहां कभी नक्सलवाद का ग्रहण लगा था, वहां सुगम यातायात सुविधा से विकास को नई गति मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि एक समय नक्सलवादियों ने निर्वाचित जनप्रतिनिधि की सरेआम हत्या कर लोकतंत्र को लजाया था। अनेक वर्ष ऐसी घटनाओं पर सभी मौन रहते थे। प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छा शक्ति से दरिंदगों से निपटने का कार्य किया गया है। मध्य प्रदेश में केन्द्रीय सरकार द्वारा निर्धारित डेड लाइन के पहले नक्सली समाप्त किये गये। महाकौशल क्षेत्र का महत्व दिनोंदिन बढ़ता जायेगा।

    बहुप्रतिक्षित थी भोपाल से सीधी-सिंगरौली के लिये सीधी रेल सुविधा: वैष्णव

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात से भोपाल से सीधी-सिंगरौली क्षेत्र तक रेल सुविधा की मांग चल रही थी। मध्य प्रदेश में रेल सुविधाओं का विस्तार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य प्रदेश में रेल सुविधाएं बढ़ाने के लिये निरंतर ध्यान आकर्षित करते हैं। आने वाले समय में मध्य प्रदेश की तीव्र औद्योगिक विकास में नई रेल सुविधाएं उपयोगी सिद्ध होंगी, जहां 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की इंदौर-मनमाड रेल लाइन अर्थव्यवस्था बदलेगी, वहीं 5200 करोड़ लागत से जबलपुर-गोदिंया रेल लाइन का दोहरीकरण कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, धुआंधार जल प्रपात और अन्य स्थानों के पर्यटन महत्व में वृद्धि करेगा। नागरिकों को समृद्धि का भरपूर लाभ मिलेगा।

    प्रधानमंत्री मोदी के विजन से फ्रेट कॉरिडोर का क्रियान्वयन
    केन्द्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि दानकुनी-सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर 2 हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई का रेल प्रोजेक्ट है जो पश्चिम बंगाल से गुजरात को जोड़ेगा। इस वर्ष के बजट के बाद इस पर तेजी से कार्य प्रारंभ हो गया है। देश का पश्चिम क्षेत्र भी मध्य प्रदेश से बेहतर कनेक्ट होगा, यह प्रधानमंत्री जी का विजन है। हजीरा सहित अन्य पोर्ट विकसित होंगे। नये पोर्ट भी बनेंगे। औद्योगिक प्रगति की दृष्टि से मध्य प्रदेश के उद्योगों को अधिक से अधिक लाभ मिलेगा। मध्य प्रदेश इस प्रोजेक्ट से लाभांवित होगा। आयात-निर्यात भी आसान होगा।

    वैष्णव ने कहा कि मालगाड़ियों की गति बढ़ाने, मौजूदा लाइनों से भीड़ कम करने और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी लाने के उद्देश्य से क्रियान्वित किये जाने वाले इस प्रोजेक्ट के एलाइनमेंट पर वे मुख्यमंत्री डॉ. यादव से विस्तृत चर्चा के लिये मध्य प्रदेश आयेंगे। रेल मंत्री ने मध्य प्रदेश के लिये उपयोगी करीब 48 हजार करोड़ लागत की रेल परियोजनाओं की जानकारी भी दी।

    कार्यक्रम को भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा व राजेन्द्र शुक्ल, राज्य मंत्री कृष्णा गौर ल राधा सिंह, सांसद राजेश मिश्रा, विधायक कुंवर सिंह टेकाम, शरद कोल, विश्वमित्र पाठक, भोपाल के अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्रारंभ में भोपाल रेल मंडल, पश्चिम मध्य रेलवे के मंडल प्रबंधक पंकज त्यागी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और सभी अतिथियों का स्वागत किया।