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  • एमपी में आज 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, अगले चार दिन तेज बारिश के आसार

    एमपी में आज 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, अगले चार दिन तेज बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 36 घंटों से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र के अनुसार, आगामी चार दिनों तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना रहेगा। बुधवार को उज्जैन, धार, गुना समेत 15 जिलों के लिए भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी भोपाल में भी रात से लगातार रिमझिम बारिश हो रही है।

    चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
    मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, सागर और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। वहीं श्योपुर, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार और बड़वानी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    इन जिलों में भी बारिश का दौर रहेगा जारी
    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    बारिश बढ़ने से सुधरे आंकड़े
    लगातार हुई बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दिया है। एक ही दिन की बारिश से प्रदेश का कुल वर्षा घाटा 3 प्रतिशत कम हो गया है। सोमवार तक जहां मध्य प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं मंगलवार को यह घटकर 14 प्रतिशत रह गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में 286.8 मिमी (11.3 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि तक 335.3 मिमी (13.2 इंच) बारिश होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

    41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के 41 जिलों में अब भी औसत से कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में निवाड़ी को छोड़कर लगभग सभी जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही है। वहीं 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विशेषज्ञ ने क्या कहा
    मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून फिलहाल सक्रिय अवस्था में है। यदि बंगाल की खाड़ी से नमी की आपूर्ति और मौजूदा मौसमीय तंत्र बने रहते हैं, तो प्रदेश के मध्य हिस्सों में आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश जारी रह सकती है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति जल संसाधनों और कृषि के लिए लाभदायक होगी, हालांकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

  • मप्र में 1000 करोड़ रुपये निवेश करेगी श्याम सेल एंड पॉवर कम्पनी, मुख्यमंत्री से मिले पदाधिकारी

    मप्र में 1000 करोड़ रुपये निवेश करेगी श्याम सेल एंड पॉवर कम्पनी, मुख्यमंत्री से मिले पदाधिकारी


    भोपाल।
    श्याम सेल एंड पावर कम्पनी लिमिटेड के पदाधिकारियों ने मंगलवार को मध्य प्रदेश प्रवास के दौरान भोपाल में विधानसभा पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में 1000 करोड़ रुपये निवेश की इच्छा जताई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त की है कि उद्योगपति और निवेशक प्रदेश में निवेश में रूचि दर्शा रहे है। उन्होंने कहा कि समृद्धशाली देश के दिल में निवेश करने के इच्छुक प्रत्येक निवेशक का दिल से स्वागत है।

    मप्र विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में मुलाकात के दौरान श्याम सेल एंड पावर कम्पनी के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर संजय अग्रवाल एवं चीफ आपरेटिंग आफिसर दीपक कुमार गौर ने मुख्यमंत्री को अपनी कम्पनी की भावी परियोजनाओं की जानकारी दी।

    पॉवर कंपनी के निवेशकों ने बताया कि उनकी कंपनी स्टेनलेस स्टील बनाती है। धार जिले के औद्योगिक प्रक्षेत्र पीथमपुर में उनकी एक निर्माण इकाई पहले से संचालित है। इस निर्माण इकाई में कंपनी ने 550 करोड़ रुपये का निवेश कर 1300 लोगों को रोजगार दिया है। कंपनी पीथमपुर में ही अपनी दूसरी उत्पादन इकाई प्रारंभ करना चाहती है। कंपनी इसमें करीब 1000 करोड़ रुपये का निवेश कर 1000 हजार से अधिक लोगों को रोजगार देने की मंशा रखती है। इसके लिए उन्हें पीथमपुर में ही अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है। कंपनी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से उन्हें अतिरिक्त भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया।

    औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि कम्पनी को प्रदेश की सभी नवीन औद्योगिक नीतियों की जानकारी दी गई है। कम्पनी ने अपनी दूसरी निर्माण इकाई की स्थापना के लिए भी पीथमपुर को ही चुना है। कम्पनी को इस दूसरी निर्माण इकाई के लिए 25 एकड़ भूमि पहले ही दी जा चुकी है, परंतु कंपनी को इससे भी अधिक भूमि की आवश्यकता है। इस अवसर पर मप्र औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक चन्द्रमौली शुक्ला एवं अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • दुष्कर्म मामले में आरोपी पक्ष का पलटवार, सीसीटीवी और डीएनए जांच की मांग; पुलिस बोली- शैक्षणिक रिकॉर्ड में बालिग

    दुष्कर्म मामले में आरोपी पक्ष का पलटवार, सीसीटीवी और डीएनए जांच की मांग; पुलिस बोली- शैक्षणिक रिकॉर्ड में बालिग


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म प्रकरण में मंगलवार को नया मोड़ सामने आया, जब आरोपी के पिता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को पारिवारिक रंजिश के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध शैक्षणिक दस्तावेजों के अनुसार आरोपी बालिग है और मामले की जांच कानून के अनुसार की जा रही है।

    आरोपी के पिता अपने समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे और एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 को उनके पुत्र विशाल के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता महिला और उसके मायके पक्ष से उनके परिवार की पुरानी रंजिश चली आ रही है, जिसके कारण उनके बेटे को साजिश के तहत झूठे प्रकरण में फंसाया गया है।

    पिता ने दावा किया कि जिस समय कथित घटना हुई, उस समय उनका बेटा घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं था। उनके अनुसार, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य इस बात की पुष्टि कर सकते हैं। उन्होंने पुलिस से मांग की कि मामले की जांच केवल आरोपों के आधार पर नहीं बल्कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की जाए। इसके लिए उन्होंने डीएनए जांच कराने और सीसीटीवी फुटेज की जांच की भी मांग की। उन्होंने बताया कि संबंधित सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव के माध्यम से पुलिस को उपलब्ध कराया गया है।

    आवेदन में पिता ने यह भी कहा कि उनका बेटा नाबालिग है और वर्तमान में पोहरी उप जेल में बंद है। उन्होंने मांग की कि यदि उसकी उम्र नाबालिग साबित होती है तो उसे तत्काल किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किशोर बंदी गृह में स्थानांतरित किया जाए, ताकि उसकी मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

    वहीं बैराड़ थाना प्रभारी सुरेश शर्मा ने आरोपी पक्ष के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस ने उपलब्ध शैक्षणिक अंकसूची और दस्तावेजों के आधार पर आरोपी को बालिग माना है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की शिकायत और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। साथ ही आरोपी पक्ष द्वारा प्रस्तुत सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी निष्पक्ष तरीके से जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि बैराड़ थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय विवाहिता ने 14 जुलाई को विशाल रावत के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेल और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि आरोपी पिछले दो वर्षों से उस पर शादी का दबाव बना रहा था। उसने मार्च 2026 में घर में घुसकर दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक तस्वीरें लेकर लंबे समय तक ब्लैकमेल करता रहा। महिला की अप्रैल 2026 में शादी हो चुकी है। उसका आरोप है कि 12 जुलाई को मायके आने के दौरान आरोपी ने रास्ते में रोककर मारपीट की और दोबारा दुष्कर्म किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पक्षों से मिले साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है।

  • मध्य प्रदेश में यूसीसी कानून को मिली मंजूरी भारी हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच विधानसभा से पास हुआ समान नागरिक संहिता विधेयक

    मध्य प्रदेश में यूसीसी कानून को मिली मंजूरी भारी हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच विधानसभा से पास हुआ समान नागरिक संहिता विधेयक


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने आ गए। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सरकार ने यूसीसी विधेयक चर्चा के लिए पेश किया जिसके बाद कांग्रेस ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया। विपक्ष ने विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग उठाई लेकिन सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद विधानसभा में तीखी बहस नारेबाजी और हंगामे का दौर शुरू हो गया। अंततः भाजपा सरकार ने अपने बहुमत के आधार पर यूसीसी विधेयक को पारित करा लिया।

    विधेयक पेश होते ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने महत्वपूर्ण कानून पर व्यापक चर्चा और विशेषज्ञों की राय जरूरी है इसलिए इसे सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए। कांग्रेस के कई विधायकों ने इस मांग का समर्थन किया लेकिन सरकार अपने फैसले पर अडिग रही। मांग खारिज होने के बाद कांग्रेस विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में बढ़ते शोरगुल और अव्यवस्था को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को कार्यवाही पहले दस मिनट और फिर पंद्रह मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

    कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी माहौल शांत नहीं हुआ। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन उमंग सिंघार आतिफ अकील और आरिफ मसूद ने यूसीसी को लेकर सरकार पर कई सवाल उठाए। विपक्ष का कहना था कि यह विधेयक संवैधानिक अधिकारों विशेषकर अल्पसंख्यकों के सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकारों को प्रभावित कर सकता है। कांग्रेस नेताओं ने संविधान के अनुच्छेद 29 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विषय पर सभी पक्षों से व्यापक संवाद होना चाहिए था। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए विधेयक को सामाजिक समानता और महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सदन में अपने संबोधन के दौरान कहा कि समान नागरिक संहिता किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान जिम्मेदारियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने वाला कानून है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 93 प्रतिशत लोगों ने इस विधेयक का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद विवाह का शासकीय पंजीयन अनिवार्य होगा और एक पति या एक पत्नी रहते हुए दूसरा विवाह करने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने इसे सामाजिक समरसता और समान न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप भी लगाया और कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर के विचारों का सम्मान करता है तो उसे इस कानून का समर्थन करना चाहिए। मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान भी कांग्रेस विधायक लगातार नारेबाजी करते रहे लेकिन सरकार ने चर्चा पूरी कराकर बहुमत के आधार पर विधेयक को पारित करा लिया।

    सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भी कांग्रेस ने विधानसभा परिसर में यूसीसी के विरोध में सांकेतिक नाटक का मंचन किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार बेरोजगारी महंगाई किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए यूसीसी जैसे विषयों को आगे ला रही है। इसके बावजूद सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कानून प्रदेश में समान अधिकार और समान न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

  • एमपी में भोपाल-सीहोर-रायसेन में रातभर बरसे बादल, आज 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में भोपाल-सीहोर-रायसेन में रातभर बरसे बादल, आज 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दमोह और कटनी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं राजधानी भोपाल सहित रायसेन और सीहोर में रातभर बारिश का दौर जारी रहा। इसके अलावा राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में भी बारिश की संभावना जताई गई है।

    उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। वहीं नीमच, मंदसौर और रतलाम में फिलहाल बारिश की संभावना नहीं जताई गई है और इन जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।

    उमरिया में अच्छी बारिश के लिए हुआ भजन-कीर्तन
    उमरिया जिले में सामान्य से कम वर्षा होने के कारण ग्रामीणों ने अच्छी बारिश की कामना के लिए धार्मिक आयोजन किया। मानपुर क्षेत्र के चिल्हारी स्थित पहाड़ी हनुमान मंदिर में ग्रामीणों ने लगातार 24 घंटे तक भजन-कीर्तन किया। जिले में अब तक 11.2 इंच बारिश दर्ज की गई है।

    रायसेन में बारिश से किसानों को मिली राहत
    रायसेन जिले में मानसून आने के बावजूद करीब 18 दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई थी। इससे बोवनी प्रभावित हो गई थी, धान के खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं और पौधे सूखने की स्थिति में पहुंच गए थे। सोमवार रात से शुरू हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी। खेतों में फिर से पानी भर गया, जबकि सांची रोड पर जलभराव के कारण जाम की स्थिति बन गई। आसपास की पहाड़ियों पर झरने भी बहने लगे हैं।

    सीहोर में 13 दिन बाद झमाझम बारिश
    सीहोर जिले में भी लंबे इंतजार के बाद बारिश लौटी। यहां करीब 13 दिन बाद रात 1 बजे से लगातार वर्षा हो रही है। पिछले 8 घंटे से जारी बारिश ने मौसम सुहाना कर दिया है और किसानों को राहत पहुंचाई है।

  • शुजालपुर में किसान की संदिग्ध आत्महत्या, मानसिक तनाव की आशंका; शव ले जाने को भी झेलनी पड़ी परेशानी

    शुजालपुर में किसान की संदिग्ध आत्महत्या, मानसिक तनाव की आशंका; शव ले जाने को भी झेलनी पड़ी परेशानी


    शुजालपुर । मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के शुजालपुर क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है जहां एक किसान की खेत पर कीटनाशक पीने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पारिवारिक विवाद के बाद किसान घर से खेत गया था और वहीं उसने जहरीला पदार्थ पी लिया। कुछ घंटे बाद परिजन जब खेत पहुंचे तो वह अचेत अवस्था में मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

    यह घटना शुजालपुर सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम भ्राम ताजपुर गौरी की है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय मांगीलाल पिता रेवाराम मालवीय के रूप में हुई है। वह खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। परिजनों के अनुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे मांगीलाल रोज की तरह घर से खेत के लिए निकले थे। दोपहर बाद जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटे तो उनके भाई रमेश उन्हें देखने खेत पहुंचे। वहां मांगीलाल अचेत अवस्था में पड़े मिले।

    परिजन उन्हें तत्काल शुजालपुर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    परिवार के सदस्यों ने बताया कि घर में कुछ समय से छोटे-मोटे पारिवारिक विवाद चल रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि मानसिक तनाव के कारण मांगीलाल ने खेत पर पहुंचकर कीटनाशक पी लिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही की जाएगी।

    घटना के बाद एक और समस्या सामने आई जिसने परिजनों की पीड़ा और बढ़ा दी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर पालिका का शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। जानकारी के अनुसार शव वाहन में डीजल खत्म होने और तकनीकी खराबी के कारण उसका उपयोग नहीं किया जा सका। मजबूरन परिजनों को निजी वाहन की व्यवस्था कर किसान का शव गांव ले जाना पड़ा। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी जताई और कहा कि ऐसी आवश्यक सेवाएं हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि शोकग्रस्त परिवारों को अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।

    शुजालपुर सिटी थाना के प्रधान आरक्षक निहाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • एमपी में आज दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट, 47 जिलों में हो सकती है हल्की बूंदाबांदी

    एमपी में आज दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट, 47 जिलों में हो सकती है हल्की बूंदाबांदी


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। प्रदेश के करीब 90 प्रतिशत हिस्से में 23 जुलाई तक हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान 4 से 5 जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने सोमवार को दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि भोपाल और इंदौर सहित 47 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं।

    मौसम केंद्र भोपाल (IMD) के अनुसार, जुलाई में पिछले 12 दिनों से प्रदेश में व्यापक स्तर पर भारी बारिश नहीं हुई है। इसका असर प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़ों पर साफ दिखाई दे रहा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    अब तक प्रदेश में 261.4 मिमी (10.3 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 311.8 मिमी (12.3 इंच) होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में भी वर्षा 10 प्रतिशत कम रही है।

    इन जिलों में बारिश का अलर्ट

    दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक, तेज हवा के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।

    वहीं नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा में बादल छाए रहने का अनुमान है, हालांकि इन जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर नजर डालें तो 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 16 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

  • सीहोर में तेज होगा मानसून का दौर, दो दिन भारी बारिश के आसार; किसानों के लिए राहत की खबर

    सीहोर में तेज होगा मानसून का दौर, दो दिन भारी बारिश के आसार; किसानों के लिए राहत की खबर


    सीहोर । सीहोर जिले में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और आगामी 48 घंटे जिले के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई को जिले में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण मध्य प्रदेश के मध्य हिस्सों में मजबूत मौसमी सिस्टम बन रहा है, जिसका असर सीहोर सहित आसपास के क्षेत्रों में साफ दिखाई देगा।

    जिला भू-अभिलेख शाखा के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 19 जुलाई तक जिले में औसतन 14 इंच वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि यह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले कम है। पिछले साल 19 जुलाई तक जिले में 17.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इसके बावजूद हाल के दिनों में बारिश की रफ्तार बढ़ने से मौसम सुहावना हुआ है और किसानों के चेहरों पर उम्मीद की नई किरण दिखाई देने लगी है।

    ब्लॉकवार वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो आष्टा जिले का सबसे अधिक बारिश वाला क्षेत्र बनकर सामने आया है, जहां अब तक 19.6 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके बाद जावर में 16.9 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। दूसरी ओर श्यामापुर क्षेत्र सबसे पीछे रहा, जहां केवल 7.7 इंच वर्षा हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश के इस अंतर के कारण खेती और जल उपलब्धता पर भी अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है।

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने, खुले मैदानों से दूर रहने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

    आगामी बारिश को खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त वर्षा होने से सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को आवश्यक नमी मिलेगी, जिससे उनकी बढ़वार बेहतर होगी। साथ ही जिले के बांधों, तालाबों और जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ेगा, जिससे सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। संभावित भारी बारिश को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।

  • देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले युवक के शव की पहचान, जेब में मिली पर्ची से पहुंची पुलिस परिजनों तक

    देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले युवक के शव की पहचान, जेब में मिली पर्ची से पहुंची पुलिस परिजनों तक


    देवास । देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले अज्ञात युवक के शव की पहचान हो गई है। मृतक की शिनाख्त राजाराम नगर निवासी महेंद्र सिंह सिसोदिया के रूप में हुई। रविवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। मामले में पुलिस मौत के कारणों की हर पहलू से जांच कर रही है।

    सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक, शव की तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक पर्ची बरामद हुई, जिस पर परिजनों का मोबाइल नंबर लिखा था। इसी नंबर के आधार पर पुलिस ने परिवार से संपर्क किया और शव की पहचान कराई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महेंद्र सिंह सिसोदिया 14 जुलाई को घर से निकले थे। इसके बाद वे नागदा क्षेत्र में अपने माता-पिता से मिलने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वहां किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन चार दिन बाद उनका शव रेलवे माल गोदाम के पास मिला।

    घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को जहर की कुछ पुड़िया भी मिली हैं। इन्हें जब्त कर जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस आत्महत्या, दुर्घटना और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    थाना प्रभारी अमित सोलंकी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की गहन जांच कर रही है।

  • एमपी में यूसीसी लागू करने की बड़ी तैयारी कैबिनेट से मिली मंजूरी अब विधानसभा में पेश होगा ऐतिहासिक विधेयक

    एमपी में यूसीसी लागू करने की बड़ी तैयारी कैबिनेट से मिली मंजूरी अब विधानसभा में पेश होगा ऐतिहासिक विधेयक


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में रविवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में यूसीसी विधेयक 2026 के मसौदे को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की प्रक्रिया ने औपचारिक रूप से नया चरण पार कर लिया है। अब इस विधेयक को 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में चर्चा और पारित कराने के लिए सदन के पटल पर रखा जाएगा।

    यदि विधानसभा से यह विधेयक पारित हो जाता है और आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होती है तो मध्य प्रदेश उन राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा जिन्होंने समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि समानता भारतीय संस्कृति और संविधान की मूल भावना का हिस्सा है और सरकार इसी विचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा जहां इस पर विस्तार से चर्चा होगी। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सदन की मंजूरी मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई पूरी की जाएगी। सरकार का कहना है कि यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

    कैबिनेट बैठक भोपाल के समीप जगदीशपुर स्थित ऐतिहासिक चमन महल में आयोजित की गई जहां जनजातीय संस्कृति और विरासत को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। बैठक स्थल पर जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक लोक कलाओं की प्रस्तुति दी जबकि सभागार में जनजातीय वीर नायकों के चित्र लगाए गए थे। मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्य पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए इलेक्ट्रिक बसों से बैठक स्थल पहुंचे।

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने भोपाल के गौरवशाली इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र राजा भोज परमार राजवंश और गोंड शासकों की समृद्ध विरासत का केंद्र रहा है। उन्होंने रानी कमलापति के साहस और त्याग को याद करते हुए कहा कि उनका संघर्ष आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने भोपाल के ऐतिहासिक विकास में विभिन्न शासकों और संस्कृतियों के योगदान का भी उल्लेख किया।

    देश में समान नागरिक संहिता को लेकर पहले भी कई राज्यों ने पहल की है। उत्तराखंड स्वतंत्र भारत में यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बना जहां विधेयक पारित होने के बाद जनवरी 2025 से इसे लागू किया गया। इसके बाद गुजरात विधानसभा ने भी यूसीसी विधेयक पारित किया। वहीं असम विधानसभा ने भी समान नागरिक संहिता संबंधी विधेयक को मंजूरी दी है हालांकि वहां कुछ अनुसूचित जनजातियों और पारंपरिक धार्मिक प्रथाओं को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। गोवा में लंबे समय से पुर्तगाली सिविल कोड के तहत समान नागरिक कानून की व्यवस्था लागू है।

    अब पूरे प्रदेश की निगाहें 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र पर टिकी हैं जहां यूसीसी विधेयक पर चर्चा होगी। सदन में पारित होने के बाद यह विधेयक आगे की संवैधानिक प्रक्रिया से गुजरेगा। सरकार इसे समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है जबकि इस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा होने की संभावना भी है।