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  • MP से मानसून की विदाई, फिर भी 3 दिन बारिश, जबलपुर-रीवा समेत 16 जिलों में आज अलर्ट

    MP से मानसून की विदाई, फिर भी 3 दिन बारिश, जबलपुर-रीवा समेत 16 जिलों में आज अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन प्रदेश के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण अगले तीन दिन पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर जारी रह सकता है। बुधवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल समेत 16 जिलों में गरज-चमक, आंधी और बारिश का अनुमान है, जबकि भोपाल, इंदौर समेत पश्चिमी हिस्से में दिन में तेज धूप और रात में ठंडक बनी रहेगी।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में पिछले दो दिन से मौसम बदला हुआ है। कई इलाकों में बादल छाए रहे और रिमझिम बारिश हुई। मंगलवार को रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भी बारिश दर्ज की गई। मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, प्रदेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी बनी हुई है, जिसके प्रभाव से बारिश की स्थिति बन रही है।

    आज इन 16 जिलों में बारिश का अनुमान
    अगले 24 घंटे के दौरान जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। 8 और 9 अक्टूबर को भी प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसके बाद 10 अक्टूबर को मौसम सिस्टम के कमजोर पड़ने की संभावना है।

    भोपाल-इंदौर में धूप, रात में बढ़ेगी ठंडक
    पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज इसके उलट रहेगा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में दिन के समय तेज धूप खिलने की संभावना है। हालांकि, रात में ठंडक बनी रहेगी।

    प्रदेश में रात का तापमान भी लगातार नीचे जा रहा है। बीती रात इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 18 डिग्री, छिंदवाड़ा में 18.2 डिग्री, शाजापुर में 18.3 डिग्री और अमरकंटक-करौंदी में 18.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, दिन में ग्वालियर का तापमान 37 डिग्री के पार बना हुआ है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 साल के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों का ट्रेंड देखने को मिलता है। इस बार भी मौसम का मिजाज इसी तरह रहने का अनुमान है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने के साथ दिन में धूप तेज हुई है, जबकि रात में ठंडक बढ़ी है।

    100 दिन सक्रिय रहा मानसून
    मध्य प्रदेश में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून 100 दिन सक्रिय रहा। 24 जून को मानसून ने प्रदेश में प्रवेश किया था और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से इसकी विदाई हो गई।

    मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच के मुकाबले 1.5 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में ओवरऑल सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश हुई। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा।

    पूर्वी हिस्से के इन जिलों में कम बारिश
    जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग को मिलाकर पूर्वी हिस्से में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा रहा। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई।

    पश्चिमी MP में 9 से 51% तक कम पानी
    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

    25 जिलों में मानसून का कोटा पूरा
    प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का कोटा पूरा रहा। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर शामिल हैं। इसके अलावा आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में सामान्य बारिश हुई।

    30 जिलों में सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के बाकी 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    मानसून की विदाई के बाद अब प्रदेश में मौसम दो अलग-अलग रंग दिखा रहा है। पूर्वी जिलों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से बारिश का दौर चल रहा है, जबकि पश्चिमी हिस्से में दिन गर्म और रातें ठंडी हो रही हैं। 10 अक्टूबर के बाद सिस्टम कमजोर पड़ने के साथ बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

  • MP में चक्रवाती सिस्टम का असर, जबलपुर-रीवा-शहडोल में 4 दिन बारिश की संभावना

    MP में चक्रवाती सिस्टम का असर, जबलपुर-रीवा-शहडोल में 4 दिन बारिश की संभावना


    भोपाल। मध्य प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम के कारण जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में अगले चार दिन बारिश का दौर रहने का अनुमान है। मंगलवार को पन्ना, सतना, रीवा समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जबकि भोपाल और इंदौर में दिन में तेज धूप और रात में ठंडक रहेगी।

    मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। 7 और 8 अक्टूबर को भी इन इलाकों में बारिश हो सकती है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में चक्रवाती सिस्टम के साथ पश्चिमी विक्षोभ का असर भी बना हुआ है।

    दिन में गर्मी, रात में बढ़ी ठंडक

    प्रदेश से 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन मौसम में बदलाव का दौर अभी जारी है। दिन में आसमान साफ रहने से कई शहरों में तेज धूप निकल रही है और अधिकतम तापमान 37 डिग्री से ऊपर पहुंच रहा है। वहीं, रात के तापमान में गिरावट से ठंडक महसूस होने लगी है।

    बीती रात इंदौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद बैतूल में 17.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 17.6 डिग्री, पचमढ़ी में 18 डिग्री और अमरकंटक में 18.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 साल के आंकड़ों को देखें तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों का असर देखने को मिलता है। इस बार भी मौसम का ट्रेंड इसी तरह रहने का अनुमान है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने से धूप तेज हुई है, जबकि रात में ठंडक बढ़ गई है।

    100 दिन सक्रिय रहा मानसून

    मध्य प्रदेश में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून 100 दिन सक्रिय रहा। मानसून ने 24 जून को प्रदेश में दस्तक दी थी और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से इसकी विदाई हो गई।

    मानसून सीजन में प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच के मुकाबले 1.5 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में ओवरऑल सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।

    पूर्वी MP में ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में कम बारिश

    बारिश के आंकड़ों में प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से में अंतर देखने को मिला। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा।

    जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग को मिलाकर पूर्वी हिस्से में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा रहा। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य की तुलना में 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    इन 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    प्रदेश के बाकी 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    मानसून की विदाई के बाद अब प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पश्चिमी और मध्य हिस्सों में जहां दिन में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस हो रही है, वहीं रात के तापमान में गिरावट ने ठंडक बढ़ा दी है। दूसरी ओर, पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

  • MP में रातें ठंडी, दिन में गर्मी, 7-8 अक्टूबर को 14 जिलों में बारिश की संभावना

    MP में रातें ठंडी, दिन में गर्मी, 7-8 अक्टूबर को 14 जिलों में बारिश की संभावना


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। दिन में तेज धूप से गर्मी और उमस बनी हुई है, जबकि रात के तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री और इंदौर में 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने 7 और 8 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से के 14 शहरों में गरज-चमक और आंधी के साथ हल्की बारिश का अनुमान जताया है।

    पिछली तीन रातों में प्रदेश के कई शहरों के न्यूनतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। अनूपपुर के अमरकंटक में पारा 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इंदौर में भी न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल, उज्जैन और पचमढ़ी में भी रात के तापमान में गिरावट आई है। हालांकि, दिन में तेज धूप निकलने से गर्मी और उमस का असर बना हुआ है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 साल के अक्टूबर के आंकड़ों में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह का मौसम देखने को मिलता रहा है। इस बार भी अक्टूबर में इसी तरह मौसम में बदलाव का ट्रेंड रहने का अनुमान है। महीने की शुरुआत में मौसम साफ हो गया है और दिन में धूप निकल रही है, जबकि रात के समय ठंडक बढ़ने लगी है।

    7-8 अक्टूबर को इन जिलों में बारिश का अलर्ट

    मौसम विभाग ने 7 और 8 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मौसम बदलने का अनुमान जताया है। इस दौरान गरज-चमक और आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

    छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    5 और 6 अक्टूबर को मौसम रहेगा साफ

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन यानी 5 और 6 अक्टूबर को प्रदेश में कहीं भी बारिश होने की संभावना नहीं है। इन दोनों दिनों में ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहेगा और दिन में धूप खिली रहेगी। इसके बाद 7 अक्टूबर से पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    100 दिन सक्रिय रहा मानसून

    मध्य प्रदेश में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। मानसून ने 24 जून को प्रदेश में दस्तक दी थी और 3 अक्टूबर को पूरे मध्य प्रदेश से विदा हो गया।

    मानसून सीजन में प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच की तुलना में 1.5 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।

    बारिश के आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के बीच भी अंतर रहा। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

    पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा बारिश, फिर भी 9 जिलों में कमी

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसत के मुकाबले 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। हालांकि, इन क्षेत्रों के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा।

    बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश दर्ज हुई।

    पश्चिमी MP के 20 जिलों में 9 से 51% तक कमी

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य के मुकाबले 9% से 51% तक कम बारिश हुई है।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    30 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    इस बार प्रदेश के 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

  • MP से मानसून की विदाई, सीजन में 35.8 इंच हुई बारिश, 7 अक्टूबर से पूर्वी हिस्से में फिर बूंदाबांदी के आसार

    MP से मानसून की विदाई, सीजन में 35.8 इंच हुई बारिश, 7 अक्टूबर से पूर्वी हिस्से में फिर बूंदाबांदी के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की औपचारिक विदाई हो गई है। इस बार मानसून 24 जून को प्रदेश में पहुंचा था और 3 अक्टूबर को इसकी विदाई हुई। करीब 100 दिन सक्रिय रहे मानसून के दौरान प्रदेश में 35.8 इंच बारिश हुई, जो सामान्य से 4% कम है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में मौसम पूरी तरह सूखा नहीं रहेगा और 7 अक्टूबर से पूर्वी हिस्से में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

    मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की विदाई के साथ प्रदेश में मौसम का मिजाज भी बदलने लगा है। अक्टूबर में दिन के समय गर्मी बढ़ेगी, जबकि रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहेंगी। ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है। अगस्त-सितंबर जैसी तेज बारिश का दौर अब नहीं रहेगा, लेकिन कुछ इलाकों में रिमझिम बारिश होती रह सकती है।

    24 जून को आया था मानसून, 9 दिन में पूरे MP में छाया

    मध्य प्रदेश में इस साल मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। इसके बाद महज 9 दिन में यह पूरे प्रदेश में फैल गया। जून में 6 दिन, जुलाई में 31 दिन, अगस्त में 31 दिन, सितंबर में 30 दिन और अक्टूबर में 2 दिन मानसून सक्रिय रहा।

    हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। इस अवधि में होने वाली बारिश को ही दक्षिण-पश्चिम मानसूनी बारिश के तौर पर दर्ज किया जाता है।

    35.8 इंच बारिश, सामान्य से 1.5 इंच कम

    दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच की तुलना में करीब 1.5 इंच कम है। ओवरऑल प्रदेश में सामान्य से 4% कम पानी गिरा।

    हालांकि, बारिश का वितरण पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4% ज्यादा, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई।

    पूर्वी MP के 9 जिलों में 5 से 21% कम बारिश

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश सामान्य से 4% अधिक रही। इसके बावजूद कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा औसत से नीचे रहा।

    बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश दर्ज की गई।

    पश्चिमी हिस्से में स्थिति और कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश हुई।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    इसके अलावा 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    4 से 6 अक्टूबर तक तेज धूप, 7 से बारिश के आसार

    मानसून की विदाई के बाद अगले तीन दिन मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। 4, 5 और 6 अक्टूबर को प्रदेश में कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है। इस दौरान कई इलाकों में तेज धूप खिलेगी, जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।

    7 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में हल्की बारिश के आसार हैं। इसके बाद 8 और 9 अक्टूबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    इस तरह मानसून की विदाई के बाद प्रदेश में मौसम का एक नया दौर शुरू होगा, जिसमें दिन गर्म और रातें ठंडी रहने के साथ कुछ पूर्वी जिलों में हल्की बारिश जारी रह सकती है।

  • अनूपपुर में युवक ने मां, नाना-नानी और मासूम बहन समेत चार को लाठी-डंडों से पीटा, चार की मौत; कई घायल

    अनूपपुर में युवक ने मां, नाना-नानी और मासूम बहन समेत चार को लाठी-डंडों से पीटा, चार की मौत; कई घायल


    मध्य प्रदेश: के अनूपपुर जिले के ग्राम अमोदा बिजौरा में शनिवार को लाठी-डंडों से किए गए हमले में चार लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। बताया गया है कि ग्राम मरदरी, थाना नौरोजाबाद निवासी प्रेम सिंह करीब एक सप्ताह पहले अपनी मां अनुपिया बाई के साथ अमोदा बिजौरा स्थित अपने नाना-नानी के घर आया था। सनी धाम के समीप शुक्रवार को किसी बात को लेकर उसका वहां के पंडा गंगा सिंह से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर प्रेम सिंह ने कथित तौर पर गंगा सिंह के साथ मारपीट की। इसके बाद ग्रामीणों ने युवक को पकड़ लिया और उसके नाना-नानी के घर ले जाकर रस्सी से बांध दिया।

    बताया जा रहा है कि प्रेम सिंह को रस्सी से बंधा देखकर उसकी मां अनुपिया बाई ने उसे खोल दिया। इसके बाद युवक ने कथित तौर पर अपनी ही मां पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। उसने अपने नाना संपत और नानी भन्नी को भी निशाना बनाया। हमले में मां, नाना और नानी की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने अपने मामा चैन सिंह समेत परिवार के अन्य सदस्यों पर भी हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।

    इस हमले में करीब पांच वर्षीय मुनका सिंह, भारती सिंह और चंचल समेत कई लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इलाज के दौरान करीब पांच वर्षीय मुनका सिंह ने दम तोड़ दिया। इस तरह घटना में मृतकों की संख्या चार होने की सूचना है। इसी घटनाक्रम में सनी धाम के पंडा गंगा सिंह भी घायल हुए हैं। उन्हें भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है।

    वारदात की सूचना मिलते ही अनूपपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। घटनास्थल पर उमरिया और अनूपपुर, दोनों जिलों की पुलिस मौजूद रही। पुलिस ने आरोपी प्रेम सिंह को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है और वारदात के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

    पुलिस द्वारा मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने और घायलों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। आरोपी ने परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों पर किस वजह से हमला किया, इसकी जानकारी पूछताछ और जांच के बाद सामने आने की बात कही जा रही है। घटना के बाद अमोदा बिजौरा और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

  • हेमंत खंडेलवाल ने कहा- अमित शाह ने सहकारिता को दी नई दिशा, मध्यप्रदेश में 50 लाख लीटर दूध कलेक्शन का लक्ष्य

    हेमंत खंडेलवाल ने कहा- अमित शाह ने सहकारिता को दी नई दिशा, मध्यप्रदेश में 50 लाख लीटर दूध कलेक्शन का लक्ष्य


    मध्यप्रदेश:
    की राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश में सहकारिता को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र की दिशा बदली है और प्रदेश में दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है। खंडेलवाल ने राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में अमित शाह की मौजूदगी को प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से दुग्ध उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब तक 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बाद प्रदेश में दूध का कलेक्शन बढ़कर 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है। उनके मुताबिक प्रदेश के गौपालकों को अब दूध के लिए 8.50 रुपये प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहा है। इससे दूध उत्पादन से जुड़े कृषकों की आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि उद्देश्य यह है कि दूध से किसानों की आय बढ़े, गोबर से खाद बने और सरकार के सहयोग से समृद्धि आए। सहकारिता के जरिए दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

    भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आगामी वर्षों में दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का संकल्प जताया। खंडेलवाल के अनुसार मध्यप्रदेश में दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इस लक्ष्य के लिए दुग्ध सहकारी समितियों और दूध उत्पादन से जुड़े किसानों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सम्मेलन में दुग्ध उत्पादन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने की बात भी सामने रखी गई।

    भोपाल में आयोजित इस राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में सहकारिता और दुग्ध क्षेत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में दूध कलेक्शन बढ़ाने और दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि के लिए सहकारी मॉडल को मजबूत करने की बात कही गई। खंडेलवाल ने सहकारिता, दुग्ध उत्पादन और गोपालकों की आय को एक-दूसरे से जोड़कर आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उनके बयान के अनुसार, मौजूदा 12 लाख लीटर प्रतिदिन के दूध कलेक्शन को आने वाले वर्षों में 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

    खंडेलवाल ने कहा कि प्रदेश में दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही गोबर से खाद तैयार करने और सरकार के सहयोग से समृद्धि लाने की दिशा में काम करने की बात उन्होंने कही। उन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में हुए काम को आगे बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया। सम्मेलन में कही गई बातों के अनुसार, आने वाले वर्षों में दूध कलेक्शन बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करना इस दिशा में प्रमुख लक्ष्य हैं।

  • MP में अक्टूबर की शुरुआत में बदला मौसम, दिन में गर्मी, रात में बढ़ी ठंडक

    MP में अक्टूबर की शुरुआत में बदला मौसम, दिन में गर्मी, रात में बढ़ी ठंडक


    भोपाल। मानसून की विदाई की शुरुआत के साथ मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। बारिश थमने के बाद दिन में गर्मी का असर बढ़ रहा है, जबकि रातें ठंडी होने लगी हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे पहुंच गया है, वहीं बड़वानी और धार में दिन का तापमान 35 डिग्री के पार दर्ज हो रहा है।

    दक्षिण-पश्चिम मानसून का पीरियड 30 सितंबर को खत्म हो चुका है। इसके बाद प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश नहीं हुई है। अब मौसम में दिन-रात के तापमान का अंतर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में इसी तरह का मौसम बना रहने की संभावना है।

    अमरकंटक सबसे ठंडा, कई शहरों में रात का पारा 20° से नीचे

    बीती रात प्रदेश में अमरकंटक सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। शाजापुर में 17.3, धार में 17.5, इंदौर और पचमढ़ी में 17.6 तथा भोपाल और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा।

    दूसरी ओर, दिन में गर्मी का असर बना हुआ है। पचमढ़ी और अमरकंटक में अधिकतम तापमान 29 डिग्री से नीचे चल रहा है, जबकि बड़वानी, धार, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम में दिन का तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया है। यानी प्रदेश में एक ही समय पर कहीं रातें ठंडी हो रही हैं तो कहीं दिन में गर्मी का असर तेज है।

    अक्टूबर के पहले पखवाड़े में ऐसा ही रहेगा मौसम

    मौसम विभाग के अनुसार, 30 सितंबर के बाद करीब 15 दिन मौसम के बदलाव वाले होते हैं। अक्टूबर के पहले पखवाड़े में रात के तापमान में गिरावट शुरू हो जाती है, लेकिन दिन में धूप और गर्मी का असर बना रहता है। इस बार भी प्रदेश में इसी तरह का मौसम देखने को मिल रहा है।

    अगले तीन दिन यानी 3, 4 और 5 अक्टूबर को प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है। इस दौरान ज्यादातर इलाकों में तेज धूप खिली रहेगी। इसके बाद 6 अक्टूबर को पूर्वी और उत्तरी हिस्से के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।

    उज्जैन और ग्वालियर-चंबल से मानसून की वापसी संभव

    IMD मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, मानसून की वापसी रेखा फिलहाल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से गुजर रही है। मध्यप्रदेश में यह रेखा ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर बनी हुई है। ऐसे में प्रदेश से मानसून की वापसी इन्हीं इलाकों से शुरू होने की संभावना है।

    इसके बाद मानसून इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से विदा हो सकता है। अगले 2-3 दिन में वापसी की शुरुआत होने और 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून के लौटने की संभावना है।

    6 अक्टूबर को इन जिलों में हल्की बारिश के आसार

    मौसम विशेषज्ञ नायक के मुताबिक, अक्टूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है।

    6 अक्टूबर को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में हल्की बारिश का अनुमान है। इससे पहले 3, 4 और 5 अक्टूबर को कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है।

    प्रदेश में अब तक सामान्य से 4% कम बारिश

    इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच के मुकाबले करीब 1.5 इंच कम है। ओवरऑल प्रदेश में सामान्य से 4% कम पानी गिरा है।

    क्षेत्रवार देखें तो पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 4% अधिक बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा 4% ज्यादा है।

    हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी हिस्से में स्थिति और कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

  • MP में 10 अक्टूबर तक मानसून की विदाई, 3 दिन तेज धूप, फिर पूर्वी हिस्से में बारिश के आसार

    MP में 10 अक्टूबर तक मानसून की विदाई, 3 दिन तेज धूप, फिर पूर्वी हिस्से में बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 10 अक्टूबर तक पूरी होने की संभावना है। इससे पहले अगले तीन दिन प्रदेशभर में तेज धूप रहेगी, जबकि 5 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से के पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, अक्टूबर में दिन के तापमान में बढ़ोतरी के साथ रात में ठंडक का दौर रहेगा।

    मध्य प्रदेश में मानसून का आधिकारिक पीरियड 30 सितंबर को खत्म हो चुका है, लेकिन अभी तक किसी भी जिले से मानसून की विदाई नहीं हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की वापसी रेखा फिलहाल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से गुजर रही है। मध्य प्रदेश में यह ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर बनी हुई है।

    ग्वालियर-चंबल और उज्जैन से होगी शुरुआत

    मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, मानसून की वापसी मध्य प्रदेश में सबसे पहले ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग से शुरू हो सकती है। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से मानसून विदा होगा।

    मानसून की वापसी की शुरुआत शुक्रवार-शनिवार से होने की संभावना है और पूरी प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक पूरी हो सकती है। यानी प्रदेश में मानसून की विदाई का दौर अगले कुछ दिनों में शुरू होने वाला है।

    अक्टूबर में दिन गर्म, रात में ठंडक

    अक्टूबर मध्य प्रदेश में मौसम के बदलाव का महीना माना जाता है। इस दौरान मानसून की विदाई के साथ आसमान धीरे-धीरे साफ होने लगता है। इसका असर तापमान पर भी दिखाई देता है। दिन में धूप तेज होने से गर्मी का अहसास बढ़ता है, जबकि रात में तापमान गिरने से ठंडक महसूस होने लगती है।

    मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भी अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। अक्टूबर के पहले दिन ही प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा रहेगा दिन का तापमान

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, अक्टूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है।

    5 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में हल्की बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने और धूप खिलने की संभावना है।

    इस बार 35.8 इंच बारिश रिकॉर्ड

    मध्य प्रदेश में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई है। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच की तुलना में करीब 1.5 इंच कम है। ओवरऑल प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

    क्षेत्रवार आंकड़ों में पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में बारिश कम

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक रही है। हालांकि, इसी क्षेत्र के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे भी रहा।

    बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी MP में 9 से 51% तक कम बारिश

    पश्चिमी हिस्से के कई जिले इस बार बारिश की कमी से प्रभावित रहे। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। इसके बावजूद प्रदेश के कई जिलों में बारिश का कोटा पूरा हुआ है।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है।

    अब मानसून की वापसी के साथ प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। अगले कुछ दिनों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी और रात में ठंडक का असर बढ़ सकता है, जबकि पूर्वी हिस्से में कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिलेगी।

  • MP से इसी हफ्ते मानसून की विदाई, आज 19 जिलों में बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में खिलेगी धूप

    MP से इसी हफ्ते मानसून की विदाई, आज 19 जिलों में बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में खिलेगी धूप


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का सिलसिला इसी सप्ताह शुरू होने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग से मानसून लौटेगा। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग से भी इसकी वापसी शुरू होगी। मानसून की विदाई से पहले अगले तीन दिन प्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा राजस्थान और पंजाब के कई जिलों से गुजर रही है और अब मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से तक पहुंच चुकी है। इसी वजह से प्रदेश में बारिश का सिस्टम कमजोर पड़ने लगा है और कई इलाकों में धूप खिल रही है।

    आज 19 जिलों में बूंदाबांदी और गरज-चमक का अलर्ट

    बुधवार को प्रदेश के 19 जिलों में हल्की बारिश, बूंदाबांदी, आंधी और गरज-चमक की स्थिति बनने के आसार हैं। इनमें बैतूल, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और पन्ना शामिल हैं।

    इन जिलों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने का अनुमान है। हालांकि, स्थानीय मौसम में बदलाव के कारण कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।

    भोपाल-इंदौर, उज्जैन में खिली धूप

    दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन और नीमच में बुधवार को धूप खिलने का अनुमान है।

    इसके अलावा आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मौसम सामान्य रहने की संभावना है।

    3 अक्टूबर से साफ हो जाएगा मौसम

    मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ ही जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद 3 अक्टूबर को बारिश के बादल पूरे प्रदेश से छंट जाएंगे। इसके बाद प्रदेश में कहीं भी गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान नहीं है।

    यानी अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह कमजोर पड़ने के साथ मानसून की विदाई का दौर भी आगे बढ़ेगा।

    4 संभागों में औसत से 4% ज्यादा बारिश

    इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा औसत से 4% ज्यादा है। अधिकांश जिलों में सामान्य कोटे से अधिक पानी गिर चुका है।

    हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में बारिश का आंकड़ा 3% से 21% तक कम है।

    पश्चिमी MP के 20 जिलों में बारिश कम

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में इस बार बारिश औसत से कम रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन जिलों में औसत से ज्यादा पानी

    वहीं अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    मानसून की विदाई की तारीख नजदीक आने के साथ अब प्रदेश में इस सीजन की कुल बारिश के 100 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना कम है। अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने के कारण अब मौसम का रुख मानसून की विदाई और धूप बढ़ने की ओर रहेगा।

  • सीधी में पुलिस टीम पर हमला, चार गाड़ियों में आए बदमाश फायरिंग और मारपीट के बाद NDPS आरोपी को छुड़ाकर फरार

    सीधी में पुलिस टीम पर हमला, चार गाड़ियों में आए बदमाश फायरिंग और मारपीट के बाद NDPS आरोपी को छुड़ाकर फरार

    सीधी जिले: के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र में रीवा-सीधी सीमा पर स्थित छुहिया घाटी में मंगलवार दोपहर ओडिशा पुलिस की टीम पर हमला कर NDPS मामले के आरोपी को छुड़ाकर ले जाने की घटना सामने आई है। करीब दोपहर 1 बजे चार गाड़ियों में आए बदमाशों ने पुलिस टीम को घेर लिया और कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर तीन बार गोलियां चलाईं और बेसबॉल बैट से भी हमला किया। वारदात के बाद आरोपी आदित्य मिश्रा को पुलिस के कब्जे से छुड़ाकर अपने साथ ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आसपास के थानों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया।

    जानकारी के अनुसार, ओडिशा पुलिस की टीम NDPS मामले में गिरफ्तार आरोपी आदित्य मिश्रा को ओडिशा से रीवा जिला न्यायालय में पेशी के लिए लेकर आ रही थी। पुलिस टीम जब छुहिया घाटी से गुजर रही थी, तभी चार गाड़ियों में सवार बदमाशों ने पुलिस वाहन को घेर लिया। इसके बाद बदमाशों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने तीन बार फायरिंग की और पुलिसकर्मियों के साथ बेसबॉल बैट से मारपीट भी की। हमले के दौरान बदमाशों ने आरोपी आदित्य मिश्रा को पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया और उसे अपने साथ लेकर मौके से फरार हो गए।

    घटना के समय ओडिशा पुलिस की टीम में कुल आठ पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिसकर्मी AK-47, पिस्टल सहित अन्य हथियारों से लैस बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद चार वाहनों में आए बदमाश आरोपी को छुड़ाकर मौके से निकलने में सफल रहे। पुलिस के अनुसार, हमले में फायरिंग और मारपीट की गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। आसपास के थानों की पुलिस को भी तत्काल रवाना किया गया, ताकि फरार आरोपियों और आरोपी आदित्य मिश्रा की तलाश की जा सके।

    मामले की सूचना मिलने के बाद सीधी पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के थानों की पुलिस को रवाना किया गया था। ओडिशा पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने पुलिस टीम पर तीन बार गोलियां चलाईं और इसके बाद आरोपी को जबरन छुड़ाकर अपने साथ ले गए। पुलिस टीम पर हमला होने के बावजूद फिलहाल किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और हमले में शामिल लोगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

    घटना के बाद पुलिस ने फरार आरोपियों और छुड़ाए गए NDPS आरोपी आदित्य मिश्रा की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद बदमाशों की गाड़ियां मैहर जिले की ओर रवाना हुई हैं। इसके आधार पर पुलिस आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की तलाश कर रही है और संदिग्ध लोगों की पहचान में जुटी है। छुहिया घाटी और आसपास के इलाकों में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। पुलिस टीम पर फायरिंग, मारपीट और आरोपी को छुड़ाकर ले जाने की इस घटना के बाद क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए फरार लोगों की तलाश की जा रही है।