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  • देवास में आशा कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन मांगें पूरी नहीं हुईं तो विधानसभा घेराव की चेतावनी

    देवास में आशा कार्यकर्ताओं का शक्ति प्रदर्शन मांगें पूरी नहीं हुईं तो विधानसभा घेराव की चेतावनी


    देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं और आशा पर्यवेक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं दो हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने समय पर वेतन भुगतान, लंबित प्रोत्साहन राशि और एरियर जारी करने की मांग उठाई।

    तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय परिसर में डटी रहीं। कई महिलाएं धूप से बचने के लिए छाते लेकर धरने पर बैठीं जबकि कुछ अपने छोटे बच्चों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद उन्हें समय पर भुगतान और निर्धारित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

    प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई महीनों तक प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जाता और भुगतान में मनमानी कटौती भी की जाती है। उनका कहना है कि बकाया राशि का स्पष्ट विवरण भी उपलब्ध नहीं कराया जाता जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    आशा कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2023 में घोषित एक हजार रुपये की वार्षिक वेतन वृद्धि का एरियर तत्काल जारी करने की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि सरकार द्वारा घोषणा किए जाने के बावजूद अब तक एरियर का भुगतान नहीं हुआ है। साथ ही छह हजार रुपये मासिक प्रोत्साहन राशि में परिवार का भरण पोषण करना बेहद कठिन हो गया है।

    रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची जहां करीब आधे घंटे तक धरना प्रदर्शन चला। इस दौरान भारत माता की जय और हमारा हक हमें दो जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के माध्यम से सरकार को अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।

    आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगला चरण विधानसभा घेराव का होगा और तब तक आंदोलन जारी रहेगा जब तक लंबित भुगतान और अन्य मांगों का समाधान नहीं किया जाता।

  • एमपी में लोकसभा सीटों का बड़ा विस्तार संभव, भोपाल-इंदौर समेत 15 नई सीटों का प्रस्ताव, बदल सकता है चुनावी गणित

    एमपी में लोकसभा सीटों का बड़ा विस्तार संभव, भोपाल-इंदौर समेत 15 नई सीटों का प्रस्ताव, बदल सकता है चुनावी गणित


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश की राजनीति आने वाले वर्षों में बड़े बदलाव के दौर से गुजर सकती है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की एक अध्ययन रिपोर्ट में भविष्य के परिसीमन के दौरान राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या 29 से बढ़ाकर 44 किए जाने का सुझाव दिया गया है। यानी मध्य प्रदेश को 15 नई लोकसभा सीटें मिल सकती हैं। हालांकि परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम परिसीमन प्रस्ताव नहीं बल्कि प्रतिनिधित्व को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया एक अध्ययन मॉडल है।

    रिपोर्ट में देशभर में मौजूदा 543 लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 824 करने और बड़े संसदीय क्षेत्रों को दो या तीन हिस्सों में विभाजित करने की सिफारिश की गई है। इसी आधार पर मध्य प्रदेश में लगभग 52 प्रतिशत सीटें बढ़ने की संभावना जताई गई है। यदि भविष्य में इस दिशा में फैसला होता है तो राज्य के चुनावी और राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

    रिपोर्ट के अनुसार भविष्य का परिसीमन केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए मतदाताओं की संख्या, भौगोलिक क्षेत्रफल, शहरीकरण, अनुसूचित जाति और जनजाति की आबादी, सामाजिक और भाषाई विविधता तथा मतदान प्रतिशत जैसे कई मानकों को भी महत्व देने का सुझाव दिया गया है। परिषद का मानना है कि इससे सांसद और मतदाताओं के बीच संपर्क बेहतर होगा तथा निर्वाचन क्षेत्रों का संतुलित विकास संभव हो सकेगा।

    सबसे अधिक असर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा और छिंदवाड़ा जैसे बड़े संसदीय क्षेत्रों पर पड़ सकता है। इन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और शहरी विस्तार भी तेजी से हो रहा है। वहीं नए जिले मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा भी भविष्य के परिसीमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    रिपोर्ट में मालवा-निमाड़ और महाकौशल क्षेत्रों में सबसे अधिक बदलाव की संभावना जताई गई है। मालवा-निमाड़ की मौजूदा नौ लोकसभा सीटों में इंदौर, उज्जैन, धार और खरगोन जैसे बड़े क्षेत्रों का विभाजन कर सीटों की संख्या 13 तक पहुंच सकती है। इसी तरह महाकौशल क्षेत्र की छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला और बालाघाट जैसी सीटों का पुनर्गठन कर यहां लोकसभा सीटों की संख्या चार से बढ़ाकर आठ किए जाने की संभावना बताई गई है।

    यदि मध्य प्रदेश में लोकसभा सीटों की संख्या 44 होती है तो राष्ट्रीय राजनीति में राज्य की भूमिका और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। संसद में अधिक प्रतिनिधित्व मिलने के साथ केंद्र सरकार में राज्य की भागीदारी भी मजबूत हो सकती है। वहीं राजनीतिक दलों को नए परिसीमन के अनुसार संगठनात्मक ढांचे और चुनावी रणनीति में व्यापक बदलाव करने पड़ सकते हैं क्योंकि कई संसदीय क्षेत्रों की सीमाएं बदल जाएंगी।

    रिपोर्ट के विश्लेषण के अनुसार नए परिसीमन की स्थिति में भोपाल, इंदौर, नागदा, बीना, ग्वालियर शहर, सीहोर, मऊगंज और लांजी जैसे क्षेत्रों में भाजपा की स्थिति मजबूत रह सकती है। वहीं पांढुर्णा, सरदारपुर, बड़वानी, डिंडौरी और उमरिया जैसे क्षेत्रों में कांग्रेस को नए अवसर मिल सकते हैं। हालांकि यह केवल अध्ययन आधारित आकलन है और अंतिम निर्णय भविष्य में होने वाले आधिकारिक परिसीमन पर निर्भर करेगा।

  • MP में जुलाई में मानसून मेहरबान, आज 23 जिलों में आज भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

    MP में जुलाई में मानसून मेहरबान, आज 23 जिलों में आज भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी रफ्तार में है। जुलाई की शुरुआत से ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। अब तक राज्य में औसतन 163.1 मिमी (6.4 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। रविवार को 20 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि सोमवार के लिए मौसम विभाग ने 23 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार सोमवार को सागर, दमोह, बैतूल, देवास, आलीराजपुर, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और अनूपपुर जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रतलाम, उज्जैन, धार, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और पन्ना में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, आगर-मालवा, राजगढ़ और भोपाल में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    रविवार को भी कई जिलों में जमकर बरसे बादल
    रविवार को प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सीहोर में दिन के समय घने बादलों के कारण अंधेरा छा गया, जबकि मंदसौर में इस मानसून सीजन में अब तक 6.04 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। शाजापुर में सर्वाधिक 28 मिमी वर्षा हुई, जिससे कालीसिंध नदी उफान पर पहुंच गई।

    मौसम विभाग के मुताबिक, छिंदवाड़ा में ढाई इंच से अधिक बारिश हुई। सिवनी, उज्जैन और श्योपुर में करीब पौन इंच, जबकि टीकमगढ़ और ग्वालियर में लगभग आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा दतिया, गुना, इंदौर, राजगढ़, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सीधी, बालाघाट, शाजापुर, भिंड, विदिशा, सीहोर, मंदसौर और पांढुर्णा में भी बारिश और आंधी का असर देखने को मिला।

    तापमान में आई गिरावट
    लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेशभर में तापमान में भी कमी दर्ज की गई। इंदौर का अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस, भोपाल 32.2 डिग्री, उज्जैन 32.7 डिग्री, जबलपुर 34 डिग्री और ग्वालियर 37.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि बैतूल में सबसे कम 27 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    सामान्य से 6 प्रतिशत कम बारिश
    इस वर्ष जून महीने से ही प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। 5 जुलाई तक मध्य प्रदेश में कुल 163.1 मिमी यानी 6.4 इंच वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि यह सामान्य औसत 172.8 मिमी (6.8 इंच) की तुलना में लगभग 6 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 17 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

  • मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी, 9 जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी, कई रास्ते बंद

    मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी, 9 जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी, कई रास्ते बंद


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है और प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश का सिलसिला जारी है। रविवार सुबह छिंदवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई जबकि दोपहर बाद उमरिया में तेज वर्षा दर्ज की गई। श्योपुर में महज आधे घंटे की बारिश से कई दुकानों में पानी भर गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया। राजधानी भोपाल सहित इंदौर और अन्य शहरों में भी दिनभर बादल छाए रहे।

    मौसम विभाग ने प्रदेश के आधे हिस्से में अति भारी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। रतलाम धार बड़वानी शाजापुर बैतूल पांढुर्णा मंडला बालाघाट और डिंडौरी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा नीमच मंदसौर आगर मालवा उज्जैन इंदौर खरगोन देवास खंडवा बुरहानपुर हरदा सीहोर नर्मदापुरम रायसेन छिंदवाड़ा सिवनी अनूपपुर कटनी पन्ना झाबुआ और अलीराजपुर समेत 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान कई स्थानों पर चार से आठ इंच तक बारिश हो सकती है।

    ग्वालियर श्योपुर मुरैना भिंड दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर राजगढ़ विदिशा भोपाल सागर नरसिंहपुर जबलपुर उमरिया शहडोल रीवा मऊगंज सीधी सिंगरौली सतना छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

    बीते 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई। मंडला में सबसे अधिक करीब सवा दो इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई जबकि बालाघाट में डेढ़ इंच बारिश हुई। पचमढ़ी में सवा इंच और जबलपुर में लगभग पौन इंच बारिश दर्ज की गई। राजगढ़ इंदौर खंडवा बैतूल दतिया और खरगोन में भी आधा इंच के आसपास वर्षा हुई। इसके अलावा भोपाल धार गुना नर्मदापुरम रायसेन रतलाम छिंदवाड़ा दमोह नरसिंहपुर सागर सिवनी श्योपुर शाजापुर देवास सीहोर विदिशा पन्ना और हरदा सहित कई जिलों में रुक रुककर बारिश होती रही।

    लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। हरदा जिले में तेज बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया। मांदला के पास कालीमाचक नदी का जलस्तर बढ़ने से नर्मदापुरम खंडवा हाईवे पर यातायात बाधित हो गया। वहीं खंडवा जिले के गरबड़ी गांव में नाले में बाढ़ आने से खिरकिया रोड बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

    सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र के बापचा दोनिया गांव में दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। लगातार बारिश और उफनाते नदी नालों को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

  • एमपी में आज इंदौर समेत 20 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट, 9 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी में आज इंदौर समेत 20 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट, 9 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश से प्रदेश का अधिकांश हिस्सा तरबतर हो गया है। शनिवार को 20 से अधिक जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने रविवार के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में सबसे अधिक असर रहने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, रविवार को रतलाम, धार, बड़वानी, शाजापुर, बैतूल, पांढुर्णा, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    इसके अलावा नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, सिवनी, अनूपपुर, कटनी, पन्ना, झाबुआ और अलीराजपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक वर्षा होने का अनुमान है।

    वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, भोपाल, सागर, नरसिंहपुर, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।

    लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित
    शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हुई तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। कई नदियां और नाले उफान पर आ गए, जिससे अनेक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया। कई स्थानों पर घरों और खेतों में पानी भर गया, जबकि पुल-पुलियों और सड़कों पर पानी बहने से यातायात बाधित हुआ।

    हरदा जिले में भारी बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क कट गया। ग्राम मांदला के पास कालीमाचक नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी पुल से करीब तीन फीट ऊपर बहने लगा, जिसके चलते नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे पर आवागमन रोकना पड़ा।

    20 से अधिक जिलों में बरसे बादल, तापमान में आई गिरावट
    शनिवार को बैतूल, धार, इंदौर, खरगोन, पचमढ़ी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, हरदा, सीहोर, पन्ना, बड़वानी, देवास और रतलाम सहित 20 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    बारिश के चलते दिन के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट आई। धार प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बैतूल में 26 डिग्री, मलाजखंड में 26.5 डिग्री, खंडवा में 28.1 डिग्री और सिवनी में 29.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री, भोपाल का 30.8 डिग्री, उज्जैन का 31.8 डिग्री, जबलपुर का 33.8 डिग्री और ग्वालियर का 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • रिटायर्ड हाईकोर्ट जज विनोद कुमार द्विवेदी संभालेंगे मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण की कमान सरकार ने जारी किया नियुक्ति आदेश

    रिटायर्ड हाईकोर्ट जज विनोद कुमार द्विवेदी संभालेंगे मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण की कमान सरकार ने जारी किया नियुक्ति आदेश


    मध्यप्रदेश
     । मध्यप्रदेश सरकार ने भू संपदा नियमन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस विनोद कुमार द्विवेदी को मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शुक्रवार को भोपाल से विधिवत नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। यह नियुक्ति राज्य शासन द्वारा रियल एस्टेट विनियमन और विकास अधिनियम 2016 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए की गई है।
    जारी आदेश के अनुसार जस्टिस विनोद कुमार द्विवेदी मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। उनका कार्यकाल पद ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम पांच वर्ष तक रहेगा अथवा 67 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक प्रभावी होगा। इनमें से जो भी स्थिति पहले आएगी उसी के अनुसार उनका कार्यकाल समाप्त माना जाएगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उन्हें अध्यक्ष पद पर पुनर्नियुक्ति की पात्रता प्राप्त नहीं होगी।

    सरकार ने यह नियुक्ति भू संपदा विनियमन और विकास अधिनियम 2016 की धारा 45 तथा धारा 47 के प्रावधानों के तहत की है। आदेश के मुताबिक अध्यक्ष के वेतन भत्ते सेवा शर्तें और अन्य सुविधाएं मध्यप्रदेश भू संपदा विनियमन और विकास नियम 2017 के नियम 30 के अनुसार निर्धारित की जाएंगी। इससे स्पष्ट है कि उनकी नियुक्ति पूरी तरह वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप की गई है।

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राज्यपाल के नाम से यह नियुक्ति स्वीकृत की गई है। आदेश पर विभाग के उप सचिव प्रमोद कुमार शुक्ला के डिजिटल हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय मुख्य सचिव कार्यालय सामान्य प्रशासन विभाग वित्त विभाग विधि एवं विधायी कार्य विभाग मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सहित संबंधित विभागों को भी भेजी गई है ताकि नियुक्ति से जुड़ी सभी औपचारिक प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जा सकें।

    मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विवादों और अपीलों के निस्तारण का महत्वपूर्ण न्यायिक मंच है। यहां रेरा से जुड़े मामलों में अपीलों की सुनवाई की जाती है। ऐसे में अनुभवी न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति से लंबित मामलों के त्वरित और प्रभावी निपटारे की उम्मीद जताई जा रही है। जस्टिस विनोद कुमार द्विवेदी न्यायिक सेवा में लंबे अनुभव के साथ उच्च न्यायालय में महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई कर चुके हैं। उनके अनुभव का लाभ अब भू संपदा अपीलीय अधिकरण को मिलेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियुक्ति से रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने निवेशकों का विश्वास मजबूत करने और बिल्डर तथा खरीदारों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों के समयबद्ध समाधान को गति मिलेगी। राज्य सरकार का यह कदम रियल एस्टेट नियामक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • एमपी में मानसून सक्रिय, 19 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, बड़वानी-खंडवा में रेड वार्निंग

    एमपी में मानसून सक्रिय, 19 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, बड़वानी-खंडवा में रेड वार्निंग


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इंदौर और उज्जैन सहित 19 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। बड़वानी और खंडवा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जहां अगले 24 घंटे में करीब 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं इंदौर, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर और पांढुर्णा में भारी बारिश होने की संभावना है।

    इसके अलावा नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, भोपाल, रायसेन, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, ग्वालियर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा।

    बीते 24 घंटे में कई जिलों में झमाझम बारिश
    मानसून की सक्रियता के चलते पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर में सबसे अधिक करीब सवा दो इंच बारिश दर्ज की गई। मंडला में लगभग पौने दो इंच, भोपाल में डेढ़ इंच तथा बालाघाट में सवा इंच वर्षा हुई।

    इसके अलावा बैतूल, नर्मदापुरम, दतिया, रतलाम और शिवपुरी में पौन इंच, जबकि दमोह, धार और पचमढ़ी में करीब आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सतना, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया, गुना, ग्वालियर और रायसेन में भी अच्छी बारिश हुई।

    बारिश से तापमान में आई गिरावट
    लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेशभर में दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि इंदौर में 30 डिग्री, ग्वालियर में 33.6 डिग्री, उज्जैन में 32 डिग्री और जबलपुर में 28.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सबसे कम अधिकतम तापमान मलाजखंड में 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नरसिंहपुर, सागर, दमोह, रायसेन, मंडला, छिंदवाड़ा, गुना, धार और बैतूल में भी अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित
    शुक्रवार को भोपाल में सुबह से रुक-रुककर बारिश होती रही। वहीं उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में रातभर हुई तेज बारिश से शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे घाटों पर स्थित कई मंदिर पानी में डूब गए। ग्वालियर में भी सुबह तेज बारिश दर्ज की गई। उधर, रतलाम जिले के शिवपुर गांव में खेतों में पानी भर जाने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

  • पूरे मध्य प्रदेश में सक्रिय हुआ मानसून, खंडवा-हरदा में रेड अलर्ट, 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    पूरे मध्य प्रदेश में सक्रिय हुआ मानसून, खंडवा-हरदा में रेड अलर्ट, 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। 24 जून को नौ दिन की देरी से प्रदेश में प्रवेश करने वाला मानसून गुरुवार को उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग तक पहुंच गया। इसके साथ ही महज नौ दिनों में मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया है। हालांकि, अब भी 38 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि भोपाल, इंदौर और देवास में सबसे अधिक वर्षा हुई है।

    खंडवा और हरदा में रेड अलर्ट
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने शुक्रवार को खंडवा और हरदा जिलों के लिए अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल में भी अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में इन जिलों में 4 से 8 इंच तक वर्षा हो सकती है।

    19 जिलों में भारी बारिश का अनुमान
    रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

    इसके अलावा अलीराजपुर, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, इंदौर, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, जबलपुर, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, कटनी, शहडोल और मंडला में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    सीजन का पहला रेड अलर्ट
    मौसम विभाग ने प्रदेश में 6 जुलाई तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले दो दिनों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जो इस मानसून सीजन का पहला रेड अलर्ट है। गुरुवार को भोपाल समेत 15 से अधिक जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई।

    जुलाई में बेहतर बारिश की उम्मीद
    मौसम विभाग के अनुसार, जून में अपेक्षाकृत कम वर्षा हुई, लेकिन जुलाई में मानसून के अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। आमतौर पर प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग एक-तिहाई हिस्सा जुलाई में होता है।

    उदाहरण के तौर पर भोपाल में सामान्य मानसूनी वर्षा करीब 39 इंच मानी जाती है, जिसमें लगभग 14 इंच बारिश केवल जुलाई में दर्ज होती है। वहीं, बड़े शहरों में जबलपुर ऐसा शहर है, जहां जुलाई के दौरान 17 इंच से अधिक वर्षा होती है। मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई में प्रदेश की कुल मानसूनी वर्षा का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा रिकॉर्ड किया जाता है।

  • मध्यप्रदेश में 2,548 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के पदों पर होगी भर्ती

    मध्यप्रदेश में 2,548 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के पदों पर होगी भर्ती


    भोपाल । राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर पोषण प्रबंधन को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेश की विभिन्न बाल विकास परियोजनाओं में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायिकाओं की बड़े पैमाने पर भर्ती करने का निर्णय लिया है। राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 2,548 पदों पर योग्य महिला अभ्यर्थियों की नियुक्तियां की जा रही हैं।

    स्थानीय महिलाओं को प्राथमिकता

    भर्ती में स्थानीय पात्रताधारियों को प्राथमिकता मिलेगी। कुल रिक्तियों में से 781 पद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए और 1,767 पद आंगनवाड़ी सहायिकाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन पदों पर चयन के लिए पारदर्शिता और स्थानीय प्रतिनिधित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। नियमों के मुताबिक, आवेदिका का उसी राजस्व ग्राम या शहरी वार्ड का निवासी होना अनिवार्य है, जहां का पद रिक्त है। किसी अन्य ग्राम या वार्ड की महिला इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र नहीं मानी जाएगी। इससे स्थानीय महिलाओं को प्राथमिकता मिलने से मैदानी स्तर पर सेवाओं का कुशल संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।

    ऑनलाइन आवेदन केवल 13 जुलाई तक स्वीकार होंगे

    भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी रहेगी। इसमें एम.पी. ऑनलाइन के माध्यम से ही आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। इच्छुक महिला अभ्यर्थी चयन पोर्टल (https://chayan.mponline.gov.in) पर जाकर 1 जुलाई 2026 से अपने आवेदन पत्र ऑनलाइन जमा कर सकती हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है, जबकि भरे गए फॉर्म में किसी भी प्रकार के त्रुटि सुधार के लिए 15 जुलाई 2026 तक का समय दिया जाएगा। विभाग द्वारा स्पष्ट किया है कि केवल पोर्टल पर प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों को ही स्वीकार किया जाएगा। किसी भी स्तर के कार्यालय में ऑफलाइन भेजे गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

    न्यूनतम योग्यता हायर सेकण्डरी, आयु सीमा 18-35 वर्ष तय

    शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा के मापदंडों के अनुसार, दोनों ही पदों के लिए आवेदिकाओं का हायर सेकेंडरी अर्थात 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। अन्य राज्यों या अशासकीय बोर्डों की अंकसूचियों को तभी मान्यता दी जाएगी जब वे माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश की समकक्षता सूची में शामिल हों। साथ ही 1 जनवरी 2026 की स्थिति में आवेदिका की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होना आवश्यक है, जिसकी पुष्टि के लिए 10वीं बोर्ड की अंकसूची संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन के दौरान सभी आवश्यक प्रमाण-पत्र पीडीएफ प्रारूप में अपलोड करने होंगे, जिसके लिए निर्धारित शुल्क 100 रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी तय किया गया है।

    रिक्त पदों की जिलेवार स्थिति

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी सहायिका के रिक्त पदों के अनुसार जिलेवार स्थिति इस प्रकार है। आलीराजपुर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 10 तथा आंगनवाड़ी सहायिका के 22 पद रिक्त हैं। इंदौर जिले में कार्यकर्ता के 20 एवं सहायिका के 43 पद रिक्त हैं। खंडवा जिले में कार्यकर्ता के 15 तथा सहायिका के 32 पद रिक्त हैं। खरगोन जिले में कार्यकर्ता के 34 एवं सहायिका के 40 पद रिक्त हैं। झाबुआ जिले में कार्यकर्ता के 21 तथा सहायिका के 23 पद रिक्त हैं। धार जिले में कार्यकर्ता के 30 एवं सहायिका के 82 पद रिक्त हैं। बड़वानी जिले में कार्यकर्ता के 14 तथा सहायिका के 44 पद रिक्त हैं। बुरहानपुर जिले में कार्यकर्ता के 7 एवं सहायिका के 25 पद रिक्त हैं।

    आगर मालवा जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 6 तथा सहायिका के 25 पद रिक्त हैं। उज्जैन जिले में कार्यकर्ता के 31 एवं सहायिका के 45 पद रिक्त हैं। देवास जिले में कार्यकर्ता के 16 तथा सहायिका के 35 पद रिक्त हैं। नीमच जिले में कार्यकर्ता के 8 एवं सहायिका के 32 पद रिक्त हैं। मंदसौर जिले में कार्यकर्ता के 9 तथा सहायिका के 25 पद रिक्त हैं। रतलाम जिले में कार्यकर्ता के 31 एवं सहायिका के 62 पद रिक्त हैं। शाजापुर जिले में कार्यकर्ता के 8 तथा सहायिका के 22 पद रिक्त हैं।

    अशोकनगर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 5 तथा सहायिका के 15 पद रिक्त हैं। गुना जिले में कार्यकर्ता के 19 एवं सहायिका के 38 पद रिक्त हैं। ग्वालियर जिले में कार्यकर्ता के 15 तथा सहायिका के 39 पद रिक्त हैं। दतिया जिले में कार्यकर्ता के 16 एवं सहायिका के 26 पद रिक्त हैं। शिवपुरी जिले में कार्यकर्ता के 23 तथा सहायिका के 37 पद रिक्त हैं।

    भिंड जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 8 तथा सहायिका के 37 पद रिक्त हैं। मुरैना जिले में कार्यकर्ता के 8 एवं सहायिका के 18 पद रिक्त हैं। श्योपुर जिले में कार्यकर्ता के 16 तथा सहायिका के 37 पद रिक्त हैं।

    कटनी जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 9 तथा सहायिका के 15 पद रिक्त हैं। छिंदवाड़ा जिले में कार्यकर्ता के 38 एवं सहायिका के 48 पद रिक्त हैं। जबलपुर जिले में कार्यकर्ता के 12 तथा सहायिका के 38 पद रिक्त हैं। डिंडौरी जिले में कार्यकर्ता के 14 एवं सहायिका के 42 पद रिक्त हैं। नरसिंहपुर जिले में कार्यकर्ता के 18 तथा सहायिका के 28 पद रिक्त हैं। पांढुर्णा जिले में कार्यकर्ता के 5 एवं सहायिका के 10 पद रिक्त हैं। बालाघाट जिले में कार्यकर्ता के 24 तथा सहायिका के 51 पद रिक्त हैं। मंडला जिले में कार्यकर्ता के 19 एवं सहायिका के 26 पद रिक्त हैं। सिवनी जिले में कार्यकर्ता के 20 तथा सहायिका के 48 पद रिक्त हैं।

    नर्मदापुरम जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 13 तथा सहायिका के 21 पद रिक्त हैं। बैतूल जिले में कार्यकर्ता के 20 एवं सहायिका के 71 पद रिक्त हैं। हरदा जिले में कार्यकर्ता के 7 तथा सहायिका के 17 पद रिक्त हैं।

    भोपाल जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 10 तथा सहायिका के 29 पद रिक्त हैं। राजगढ़ जिले में कार्यकर्ता के 19 एवं सहायिका के 70 पद रिक्त हैं। रायसेन जिले में कार्यकर्ता के 14 तथा सहायिका के 29 पद रिक्त हैं। विदिशा जिले में कार्यकर्ता के 19 एवं सहायिका के 73 पद रिक्त हैं। सीहोर जिले में कार्यकर्ता के 14 तथा सहायिका के 28 पद रिक्त हैं।

    मैहर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 7 तथा सहायिका के 14 पद रिक्त हैं। मऊगंज जिले में कार्यकर्ता का कोई पद रिक्त नहीं है, जबकि सहायिका के 4 पद रिक्त हैं। रीवा जिले में कार्यकर्ता के 9 तथा सहायिका के 31 पद रिक्त हैं। सतना जिले में कार्यकर्ता के 11 एवं सहायिका के 30 पद रिक्त हैं। सिंगरौली जिले में कार्यकर्ता के 2 तथा सहायिका के 8 पद रिक्त हैं। सीधी जिले में कार्यकर्ता के 5 एवं सहायिका के 12 पद रिक्त हैं।

    अनूपपुर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 9 तथा सहायिका के 19 पद रिक्त हैं। उमरिया जिले में कार्यकर्ता के 5 एवं सहायिका के 15 पद रिक्त हैं। शहडोल जिले में कार्यकर्ता के 11 तथा सहायिका के 27 पद रिक्त हैं।

    छतरपुर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 14 तथा सहायिका के 37 पद रिक्त हैं। टीकमगढ़ जिले में कार्यकर्ता के 15 एवं सहायिका के 11 पद रिक्त हैं। दमोह जिले में कार्यकर्ता के 13 तथा सहायिका के 41 पद रिक्त हैं। निवाड़ी जिले में कार्यकर्ता के 6 एवं सहायिका के 6 पद रिक्त हैं। पन्ना जिले में कार्यकर्ता के 4 तथा सहायिका के 17 पद रिक्त हैं। सागर जिले में कार्यकर्ता के 25 एवं सहायिका के 47 पद रिक्त हैं।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, आज 13 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, आज 13 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। बुधवार को मानसून ने भोपाल और सागर संभाग के कई जिलों में दस्तक दी। अब मौसम विभाग का अनुमान है कि गुरुवार को मानसून उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग के शेष हिस्सों तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    13 जिलों में भारी और अति भारी बारिश का अलर्ट
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भोपाल ने हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों के दौरान इन क्षेत्रों में 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं अशोकनगर, देवास, खंडवा, बैतूल, सागर, मंडला और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी
    मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, बैतूल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गुरुवार को तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है। बुधवार को इंदौर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जिससे वार्ड क्रमांक 80 में पानी दुकानों तक पहुंच गया और कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई।

    5 जुलाई तक जारी रहेगा तेज बारिश का दौर
    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 5 जुलाई तक कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। 3 जुलाई को धार और बड़वानी जिलों के लिए अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 4 जुलाई को खरगोन जिले में भी रेड अलर्ट घोषित किया गया है।

    अब तक सामान्य से 28 प्रतिशत कम बारिश
    प्रदेश में जून महीने के दौरान कई स्थानों पर आंधी और बारिश का दौर बना रहा। 1 जुलाई को भी अनेक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद प्रदेश में अब तक कुल 100.2 मिमी (करीब 4 इंच) वर्षा हुई है, जो सामान्य 139.7 मिमी (करीब 5.4 इंच) की तुलना में 28 प्रतिशत कम है।

    जुलाई से बेहतर बारिश की उम्मीद
    मौसम विभाग का कहना है कि जून में बारिश अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन जुलाई में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है। आमतौर पर प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग एक-तिहाई हिस्सा जुलाई में होता है।

    उदाहरण के तौर पर, भोपाल में सामान्य मानसूनी वर्षा करीब 39 इंच मानी जाती है, जिसमें से लगभग 14 इंच बारिश केवल जुलाई में होती है। वहीं, जबलपुर प्रदेश के प्रमुख शहरों में सबसे अधिक वर्षा वाला शहर है, जहां जुलाई में 17 इंच से अधिक बारिश दर्ज की जाती है। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई के दौरान प्रदेश में पूरे मानसून की करीब 40 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान रहता है।