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  • हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद फिर चर्चा में, प्रवचन रोकने का लगाया आरोप

    हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद फिर चर्चा में, प्रवचन रोकने का लगाया आरोप


    नई दिल्ली । उज्जैन के लक्ष्मीपुरा में आयोजित सात दिवसीय देवी प्रवचन कार्यक्रम का समापन इस बार विवादों में घिर गया। मॉडल से संन्यास लेकर साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ स्वामी हर्षानंद गिरि ने मंच से आरोप लगाया कि कुछ संत उनके प्रवचन को रोकने और उसका समय घटाने की कोशिश कर रहे थे।

    हर्षानंद ने कहा कि शुरुआती दिनों में कार्यक्रम सामान्य रहा, लेकिन जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी, उनके प्रवचन के समय को सीमित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि विरोध के बावजूद श्रद्धालुओं की उपस्थिति लगातार बढ़ती रही और पंडाल तक बढ़ाना पड़ा।

    कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से युवतियों को ‘लव जिहाद’ से सतर्क रहने की शपथ दिलाई। इसके साथ ही युवतियों को तलवारबाजी, घुड़सवारी और शस्त्र प्रशिक्षण सीखने की सलाह भी दी गई। करणी सेना की ओर से कार्यक्रम में युवतियों को तलवारें भी वितरित की गईं।

    आयोजन के समापन पर करीब 11 युवतियों को प्रतीकात्मक रूप से तलवारें सौंपी गईं, जबकि लक्ष्य 101 तलवारें बांटने का था।

    हर्षानंद ने यह भी कहा कि वे मां भगवती की कृपा से इस कार्यक्रम में डटी रहीं और कोई भी उन्हें रोक नहीं सका।

    करीब एक माह पहले उन्होंने उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में संन्यास लेकर नया नाम “स्वामी हर्षानंद गिरि” अपनाया था। संन्यास से पहले वे मॉडलिंग और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में सक्रिय थीं और अब धार्मिक प्रवचनों के जरिए चर्चा में रहती हैं।

  • गर्मी से हाहाकार: शाजापुर-नौगांव सबसे गर्म, MP में मौसम विभाग का अलर्ट

    गर्मी से हाहाकार: शाजापुर-नौगांव सबसे गर्म, MP में मौसम विभाग का अलर्ट


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश एक बार फिर भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए राज्य के करीब 40 जिलों में लू और गर्म हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को दिन के समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    शाजापुर और छतरपुर के नौगांव में गुरुवार को अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। इसके अलावा खरगोन, खंडवा, रतलाम, खजुराहो और अन्य जिलों में भी पारा 44 डिग्री के आसपास रहा।

    राज्य के प्रमुख शहरों की बात करें तो उज्जैन में 44 डिग्री, भोपाल में 43.4 डिग्री, जबलपुर में 43.3 डिग्री, इंदौर में 43 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच गर्मी का असर सबसे ज्यादा रहेगा। इस दौरान लोगों को घरों से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

    इंदौर, उज्जैन, रतलाम, देवास और धार जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज लू के साथ रात में भी गर्मी का असर यानी ‘वॉर्म नाइट’ देखने को मिल सकता है।

    हालांकि, पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में फिलहाल लू का असर कम है, लेकिन वहां भी तेज गर्मी बनी हुई है।

    मौसम में यह बदलाव लंबे समय से चल रहे बारिश और आंधी के दौर के बाद आया है। मई महीने के शुरुआती दिनों में लगातार बारिश के कारण तापमान सामान्य बना हुआ था, लेकिन अब अचानक मौसम ने करवट ली है और गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।

  • हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक

    हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने आयुष चिकित्सा अधिकारियों (आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी) की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश 31 दिसंबर 2025 को जारी विज्ञापनों के तहत चल रही भर्ती प्रक्रिया पर लागू होगा, जिससे फिलहाल सभी आगे की कार्रवाई रोक दी गई है।

    मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने यह फैसला तीन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने राज्य सरकार और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 23 जून 2026 तय की गई है।

    विवाद का मुख्य मुद्दा 50 प्रतिशत आरक्षण से जुड़ा है, जो उन संविदा आयुष चिकित्सा अधिकारियों को देने का प्रावधान है जिन्होंने पांच साल की सेवा पूरी कर ली है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि समान पद पर कार्यरत होने के बावजूद उन्हें इस लाभ से वंचित किया जा रहा है।

    सरकार की 11 मार्च 2025 की अधिसूचना में यह प्रावधान किया गया था कि ऐसे संविदा चिकित्सक, जो निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुके हैं, उन्हें नियमित भर्ती में आरक्षण का लाभ मिलेगा, बशर्ते वे समकक्ष पद पर कार्यरत हों।

    याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि वे उसी पद पर काम कर रहे हैं, जिसके लिए भर्ती निकाली गई है, और केवल वेतनमान के आधार पर भेदभाव उचित नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार पहले ही कुछ मामलों में संविदा चिकित्सकों के वेतनमान को नियमित स्तर पर लाने की प्रक्रिया स्वीकार कर चुकी है।

    हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश से प्रदेश भर के हजारों संविदा आयुष चिकित्सकों को फिलहाल राहत मिली है, जबकि भर्ती प्रक्रिया अनिश्चितकाल के लिए रुक गई है। अब सरकार के जवाब के बाद ही इस मामले में आगे की दिशा तय होगी।

  • उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: लापरवाही से प्रसूता की मौत, अस्पताल को देना होगा मुआवजा

    उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: लापरवाही से प्रसूता की मौत, अस्पताल को देना होगा मुआवजा


    नई दिल्ली । ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एक निजी अस्पताल की गंभीर लापरवाही को साबित मानते हुए उस पर आर्थिक दंड लगाया है। मामला न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल का है, जहां प्रसव के बाद एक महिला की हालत बिगड़ने पर समय पर उचित उपचार नहीं दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

    परिजनों के अनुसार महिला को 30 सितंबर 2023 को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन डिलीवरी के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और ऑक्सीजन स्तर तेजी से गिरकर 80 तक पहुंच गया। इसके बावजूद समय पर न तो उचित ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया और न ही उसे बड़े अस्पताल रेफर किया गया।

    स्थिति गंभीर होने पर मरीज को कमला राजा अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में न तो योग्य विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद थे और न ही वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम जैसी बुनियादी सुविधाएं थीं। यहां तक कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन और व्यवस्थाएं भी संदिग्ध पाई गईं।

    उपभोक्ता आयोग ने इसे “सेवा में गंभीर कमी” मानते हुए अस्पताल पर कुल ₹3.12 लाख का मुआवजा लगाने का आदेश दिया है। इसमें ₹3 लाख आर्थिक क्षतिपूर्ति, ₹10 हजार मानसिक क्षति और ₹2 हजार कानूनी खर्च शामिल हैं। आदेश के अनुसार यह राशि 45 दिनों के भीतर देनी होगी, अन्यथा 6% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

    आयोग ने स्पष्ट कहा कि यदि मरीज को समय पर बेहतर अस्पताल रेफर किया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। बिना बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के अस्पताल चलाना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है।

  • ट्रक से छलांग लगाते ही गई जान: होमगार्ड जवान की हाईवे पर दर्दनाक मौत

    ट्रक से छलांग लगाते ही गई जान: होमगार्ड जवान की हाईवे पर दर्दनाक मौत


    नई दिल्ली । ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां शिवपुरी में पदस्थ 25 वर्षीय होमगार्ड जवान धर्मेन्द्र आदिवासी की चलती पुलिस ट्रक से कूदने के बाद मौत हो गई। यह घटना आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर सिमरिया मोड़ के पास हुई।

    जानकारी के अनुसार, जवान अपने साथियों के साथ सरकारी कार्य के लिए राइफल जमा करने ग्वालियर आ रहा था। इसी दौरान वह पुलिस के मिनी ट्रक में सवार था। रास्ते में उसके मोबाइल पर घर से एक कॉल आया, जिसके बाद उसका व्यवहार अचानक बदल गया।

    साथी जवानों के मुताबिक, फोन पर लंबी बातचीत के बाद वह तनावग्रस्त और उत्तेजित दिखाई देने लगा। जैसे ही वाहन सिमरिया मोड़ के पास पहुंचा, उसने अचानक चिल्लाते हुए चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। सिर के बल गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    साथियों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया।

    पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है और जवान के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिरी कॉल में क्या बातचीत हुई थी, जिससे वह मानसिक रूप से विचलित हुआ।

    फिलहाल पुलिस इसे संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मानकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

  • ग्वालियर में बढ़े पेट्रोल-डीजल रेट: लोगों की जेब पर भारी पड़ा असर

    ग्वालियर में बढ़े पेट्रोल-डीजल रेट: लोगों की जेब पर भारी पड़ा असर


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब ग्वालियर में भी साफ दिखाई दे रहा है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद शहर में पेट्रोल ₹109.74 प्रति लीटर और डीजल ₹94.93 प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

    एक दिन पहले तक पेट्रोल ₹106.45 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर बिक रहा था। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से आम लोगों के बजट पर सीधा असर पड़ा है। खासकर दैनिक यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।

    पेट्रोल पंपों पर इसका असर भी देखने को मिला है। पहले जहां लंबी कतारें लगती थीं, अब वहां भीड़ काफी कम हो गई है। पेट्रोल पंप कर्मचारियों के अनुसार बिक्री में लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है।

    ग्राहकों का कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण अब वाहन का उपयोग सोच-समझकर करना पड़ेगा। कुछ लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को बेहतर विकल्प मान रहे हैं, जबकि कई लोगों ने महंगाई को सीधे आम जनता पर बोझ बताया है।

    विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से यह बढ़ोतरी हुई है। युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के चलते तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं, जिसका असर भारत के ईंधन बाजार पर भी पड़ रहा है।

    ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी इसका असर दिखने लगा है और आने वाले समय में किराए और वस्तुओं की कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

  • भोजशाला मामले पर हाईकोर्ट का फैसला आज, इंदौर-धार में हाई अलर्ट

    भोजशाला मामले पर हाईकोर्ट का फैसला आज, इंदौर-धार में हाई अलर्ट


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के बहुचर्चित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद पर आज हाईकोर्ट की इंदौर बेंच का अहम फैसला आ सकता है। वर्षों से चल रहे इस संवेदनशील मामले में कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रखा था, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया गया है।

    फैसले को देखते हुए इंदौर और धार जिले में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। खास बात यह है कि आज शुक्रवार का दिन है और इसी दिन भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज अदा की जाती है, जिससे स्थिति की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। प्रशासन ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

    धार शहर में करीब 1200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को 12 लेयर में बांटा गया है, जिसमें रिजर्व पुलिस फोर्स और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को भी शामिल किया गया है। पुलिस कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात है।

    भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में कलेक्टर और एसपी ने खुद सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया है। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट या अफवाह को फैलने से रोका जा सके।

    यह विवाद 2022 में दायर याचिकाओं के बाद और अधिक चर्चा में आया था, जिसमें भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर अदालत में मांगें रखी गई थीं। हिंदू पक्ष ने इसे मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर बताते हुए नियमित पूजा का अधिकार मांगा है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे लंबे समय से उपयोग में रही मस्जिद बताता है।

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भी इस मामले में 98 दिन का वैज्ञानिक सर्वे किया था, जिसकी रिपोर्ट को लेकर दोनों पक्षों में अलग-अलग दावे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पहले कुछ व्यवस्थाओं को लेकर अनुमति दी थी, जिसके बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया।

    फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था सर्वोपरि है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं।

  • ईंधन हुआ और महंगा: भोपाल-इंदौर में पेट्रोल 109 रुपए पार, MP में नई दरें लागू

    ईंधन हुआ और महंगा: भोपाल-इंदौर में पेट्रोल 109 रुपए पार, MP में नई दरें लागू


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बाद मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल के दाम करीब ₹3 प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं। नई दरें आज सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं पर खर्च का बोझ बढ़ गया है।

    मध्य प्रदेश में आम जनता को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बाद प्रदेश में पेट्रोल और डीजल के दाम करीब ₹3 प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं। नई दरें आज सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं, जिससे परिवहन और रोजमर्रा की लागत पर सीधा असर देखने को मिल रहा है।

    राजधानी भोपाल में पेट्रोल का दाम बढ़कर ₹109.71 प्रति लीटर और डीजल ₹94.88 प्रति लीटर हो गया है। वहीं इंदौर में पेट्रोल ₹109.86 प्रति लीटर और डीजल ₹95.06 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इसी तरह उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों में भी ईंधन के दाम बढ़े हैं।

    सबसे महंगा पेट्रोल मंडला और पांढुर्णा में दर्ज किया गया है, जहां कीमत ₹111.29 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इसके अलावा कई जिलों में भी पेट्रोल ₹111 के आसपास बिक रहा है, जबकि डीजल की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं।

    तेल कीमतों में यह उछाल वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इसी दबाव के कारण तेल कंपनियों ने घरेलू स्तर पर कीमतों में संशोधन किया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़ोतरी शुरुआती है और अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले समय में और इजाफा हो सकता है। हालांकि सरकार और तेल कंपनियां समय-समय पर टैक्स और सब्सिडी के जरिए कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश करती रही हैं।

    देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लंबे समय से स्थिर थीं, लेकिन वैश्विक घटनाओं के चलते अब इसमें बदलाव देखने को मिल रहा है। इससे ट्रांसपोर्ट, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

    प्रधानमंत्री की हालिया अपील में भी पेट्रोलियम उत्पादों के संयमित उपयोग की बात कही गई थी, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो और विदेशी मुद्रा की बचत की जा सके।

    कुल मिलाकर ईंधन की बढ़ती कीमतें आम लोगों के बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं और आने वाले दिनों में महंगाई की रफ्तार और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।

  • मनमानी बिजली समझौतों पर लगेगी रोक, सरकार ने तय किए नए नियम

    मनमानी बिजली समझौतों पर लगेगी रोक, सरकार ने तय किए नए नियम


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सरकार ने बिजली क्षेत्र में बड़ा नीति परिवर्तन करते हुए यह निर्णय लिया है कि अब किसी भी नए बिजली खरीद समझौते (Power Purchase Agreement – PPA) या बिजली आपूर्ति समझौते (PSA) को कैबिनेट की मंजूरी के बिना लागू नहीं किया जाएगा। यह फैसला राज्य की ऊर्जा खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

    राज्य में वर्ष 2003 के बाद बिजली संकट से उबरने के लिए बड़ी संख्या में बिजली उत्पादन कंपनियों के साथ समझौते किए गए थे। इन समझौतों के कारण जहां बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत हुई, वहीं कई मामलों में इन अनुबंधों को लेकर विवाद और वित्तीय बोझ की स्थिति भी बनी।

    वर्तमान में प्रदेश में लगभग 1795 बिजली खरीद समझौते (PPA) पहले से मौजूद हैं, जिनकी कुल क्षमता करीब 26,012 मेगावाट बताई जाती है। इन समझौतों के कारण मध्य प्रदेश को अब ऊर्जा सरप्लस राज्य के रूप में देखा जा रहा है।

    सरकार का मानना है कि दीर्घकालिक बिजली समझौते बड़े वित्तीय दायित्व होते हैं, जो लंबे समय तक राज्य की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं। इसलिए अब यह जरूरी समझा गया है कि ऐसे सभी नए समझौतों पर शीर्ष स्तर यानी कैबिनेट की मंजूरी ली जाए।

    इसके पीछे एक कारण यह भी है कि ऊर्जा क्षेत्र में सौर, पवन, बायोमास, न्यूक्लियर और बैटरी स्टोरेज जैसी नई तकनीकें तेजी से उभर रही हैं, जिनसे जुड़े अनुबंधों में विशेषज्ञ और वित्तीय मूल्यांकन की आवश्यकता बढ़ गई है।

    अब तक यह निर्णय पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के बोर्ड स्तर पर लिया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत पहले ऊर्जा मंत्री की मंजूरी और फिर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट से अंतिम स्वीकृति जरूरी होगी।

    सरकार का दावा है कि यह कदम भविष्य में ऊर्जा खरीद को अधिक संतुलित, पारदर्शी और राज्य हित में बनाएगा।

  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: भोपाल की प्रमुख मस्जिदों पर पुलिस की विशेष निगरानी

    सुरक्षा के कड़े इंतजाम: भोपाल की प्रमुख मस्जिदों पर पुलिस की विशेष निगरानी


    नई दिल्ली । भोपाल में आज जुमे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शहर के संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में सुबह से ही अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रमुख मस्जिदों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार निगरानी रख रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

    यह कदम हाल ही में सामने आए कुछ घटनाक्रमों और बढ़े हुए तनाव को देखते हुए उठाया गया है। प्रशासन के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    शहर के विभिन्न समुदायों के धार्मिक नेताओं ने भी शांति बनाए रखने की अपील की है। शहर काजी ने लोगों से संयम रखने और किसी के बहकावे में न आने की बात कही है, जबकि पुलिस कमिश्नर ने भी नागरिकों से शहर में अमन-चैन बनाए रखने का आग्रह किया है।

    प्रमुख मस्जिदों जैसे ताजुल मसाजिद, मोती मस्जिद, जामा मस्जिद, पीरगेट और पुराने भोपाल की अन्य मस्जिदों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने बैरिकेडिंग भी की है और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त बल लगाया गया है।

    नमाज का समय दोपहर के आसपास निर्धारित है, जिसके दौरान पुलिस विशेष रूप से सतर्क रहेगी। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शहर में शांति बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।