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  • पीएम की अपील पर सवाल: 9 BJP नेताओं ने निकाले काफिले, एक पर कार्रवाई से उठा विवाद

    पीएम की अपील पर सवाल: 9 BJP नेताओं ने निकाले काफिले, एक पर कार्रवाई से उठा विवाद


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में ईंधन के संयमित उपयोग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की अपील के बाद मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। पीएम ने हाल ही में देशवासियों से कार पूलिंग, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग की बात कही थी, ताकि वैश्विक परिस्थितियों में संसाधनों की बचत की जा सके।

    हालांकि, इस अपील के बाद भी राज्य में कई नेताओं के बड़े-बड़े काफिले निकलते नजर आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के अलग-अलग जिलों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां दर्जनों से लेकर सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ नेताओं ने शक्ति प्रदर्शन किया।

    कुछ मामलों में पार्टी स्तर पर कार्रवाई भी हुई है। भिंड में किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष को पद से हटा दिया गया, क्योंकि वे लगभग 100 वाहनों के काफिले और बग्घी के साथ कार्यक्रम में पहुंचे थे। वहीं, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष पर भी कार्रवाई करते हुए उनका अधिकार सीमित कर दिया गया, जब उन्होंने उज्जैन से भोपाल तक करीब 700 वाहनों का काफिला निकाला, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।

    लेकिन कई अन्य मामलों में अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। कुछ विधायकों और मोर्चा पदाधिकारियों पर भी इसी तरह के काफिलों के आरोप लगे हैं, जहां 200 से अधिक गाड़ियों के साथ रैलियां निकाली गईं। इनमें मंदिर दर्शन, स्वागत कार्यक्रम और पार्टी आयोजनों के दौरान शक्ति प्रदर्शन के दृश्य सामने आए हैं।

    वहीं दूसरी ओर कुछ उदाहरण ऐसे भी सामने आए हैं जो अलग संदेश देते हैं, जैसे एक मंत्री द्वारा बस से यात्रा कर आम लोगों के बीच पहुंचना और ईंधन बचत की अपील को समर्थन देना।

    इस पूरे मामले ने राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। विपक्ष का आरोप है कि जहां एक तरफ जनता से संयम की अपील की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ वीआईपी संस्कृति में कोई बदलाव नहीं दिख रहा। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है और लोग नेताओं के इस दोहरे रवैये पर सवाल उठा रहे हैं।

    अब देखना होगा कि सरकार और पार्टी संगठन इस पर आगे क्या सख्त कदम उठाते हैं, या यह विवाद सिर्फ नोटिस और बयानबाजी तक सीमित रह जाता है।

  • गूगल मैप की गलती या किस्मत? शराब से भरा ट्रक सीधे थाने पहुंचा, 1500 पेटी जब्त

    गूगल मैप की गलती या किस्मत? शराब से भरा ट्रक सीधे थाने पहुंचा, 1500 पेटी जब्त


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के सागर जिले में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जहां गूगल मैप के चक्कर और ड्राइवर की थकान के कारण शराब से भरा ट्रक सीधे पुलिस थाने के पास पहुंच गया। मकरोनिया थाना पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोक लिया और उसमें भरी करीब 1500 पेटी बॉम्बे व्हिस्की को जब्त कर लिया।
    यह ट्रक (MP 09 DF 0620) खरगोन जिले के बड़वाह से लोड होकर जबलपुर होते हुए रीवा जा रहा था, लेकिन रास्ते में ड्राइवर की आंख लग जाने और गलत नेविगेशन के कारण वाहन सागर की ओर मुड़ गया।
     कैसे भटका ट्रक?
    पूछताछ में ड्राइवर रामचंद्र वर्मा ने बताया कि सफर के दौरान वह थकान के कारण सो गया था। इस दौरान हेल्पर ने वाहन संभाला और गूगल मैप की मदद से रास्ता तय करने की कोशिश की। लेकिन गलत रूटिंग के चलते ट्रक सागर पहुंच गया और बहेरिया मार्ग पर मकरोनिया थाना क्षेत्र में पुलिस चेकिंग के दौरान पकड़ लिया गया।
    शराब की खेप और दस्तावेजों की जांच
    पुलिस के अनुसार ट्रक में भारी मात्रा में शराब की खेप मिली है, जिसे फिलहाल सुरक्षित रखवा दिया गया है। ड्राइवर और हेल्पर ने बताया कि यह खेप वैध है और सभी दस्तावेज मौजूद हैं।
    हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि:
    सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है
    सत्यापन के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी
    शराब की खेप की वैधता की पुष्टि जरूरी है

    पुलिस की कार्रवाई
    मकरोनिया थाना पुलिस ने ट्रक को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, बिना सत्यापन किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। दस्तावेजों की जांच के बाद ही तय किया जाएगा कि मामला सामान्य परिवहन का है या इसमें कोई अनियमितता है।

    चर्चा में आया मामला
    इस घटना ने इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है, जहां लोग इसे “गूगल मैप का कन्फ्यूजन” और “ड्राइवर की गलती” से जोड़कर देख रहे हैं।
  • मंदसौर में नशे के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, खेतों के बीच छिपी अवैध ड्रग्स लैब का खुलासा..

    मंदसौर में नशे के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, खेतों के बीच छिपी अवैध ड्रग्स लैब का खुलासा..

    मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान एक बड़ी सफलता सामने आई है, जहां खेतों के बीच छिपाकर संचालित की जा रही एक अवैध सिंथेटिक ड्रग्स निर्माण इकाई का पर्दाफाश हुआ है। यह कार्रवाई उस समय सामने आई जब लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के बाद एक विशेष टीम ने गुप्त रूप से तैयार की गई इस लैब पर छापा मारा। सामान्य रूप से दिखने वाले एक ग्रामीण इलाके में इस तरह का नेटवर्क संचालित होना जांच एजेंसियों के लिए भी चौंकाने वाला रहा।

    जांच के दौरान यह सामने आया कि यह पूरी गतिविधि बेहद सुनियोजित तरीके से चलाई जा रही थी, जहां एक कमरे और उसके आसपास के हिस्से को प्रयोगशाला में बदलकर मेफेड्रोन जैसे खतरनाक सिंथेटिक नशीले पदार्थों का निर्माण किया जा रहा था। तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में यह स्पष्ट हुआ कि यह केवल एक छोटा संचालन नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।

    छापेमारी के दौरान टीम ने जब पूरे स्थान की तलाशी ली तो वहां से बड़ी मात्रा में तैयार और निर्माणाधीन मादक पदार्थ बरामद हुए। इसके साथ ही कई प्रकार के रसायन और प्रयोगशाला उपकरण भी मिले, जिनका उपयोग अवैध ड्रग्स बनाने में किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क के पीछे सप्लाई चैन और वितरण व्यवस्था भी सक्रिय हो सकती है, जिसकी जांच अब आगे बढ़ाई जा रही है।

    इस कार्रवाई में मौके से दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में संबंधित कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार राज्य के बाहर तक जुड़े होने की संभावना भी हो सकती है। इसी कारण अब पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, केमिकल सप्लाई स्रोत और संभावित सहयोगियों की गहन जांच की जा रही है।

    अधिकारियों के अनुसार इस तरह की गुप्त लैब का खुलासा नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिंथेटिक ड्रग्स का उत्पादन न केवल अवैध है बल्कि यह समाज के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करता है, खासकर युवाओं पर इसका प्रभाव अत्यधिक हानिकारक होता है। इसी कारण इस तरह के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करना प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है।

    इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि अवैध नशा कारोबार अब केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में भी अपनी जड़ें फैलाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में लगातार निगरानी और समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी हो जाती है, ताकि इस तरह के नेटवर्क को बढ़ने से पहले ही रोका जा सके।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती के साथ जारी रहेगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • अब नहीं छूटेगा साल 5वीं 8वीं के फेल और अनुपस्थित छात्रों के लिए जून में फिर परीक्षा

    अब नहीं छूटेगा साल 5वीं 8वीं के फेल और अनुपस्थित छात्रों के लिए जून में फिर परीक्षा


    भोपाल । मध्यप्रदेश के भोपाल सहित पूरे प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं के छात्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है जहां फेल और अनुपस्थित विद्यार्थियों को एक और मौका दिया जा रहा है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब ये छात्र 1 जून से 6 जून 2026 के बीच आयोजित होने वाली पुन परीक्षा में शामिल हो सकेंगे जिससे उनका एक शैक्षणिक वर्ष बच सकता है।

    शिक्षण सत्र 2025 26 की मुख्य परीक्षा में असफल या अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस पुन परीक्षा में सरकारी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों अनुदान प्राप्त संस्थानों और पंजीकृत मदरसों में पढ़ने वाले छात्र भी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र की पढ़ाई केवल एक परीक्षा के कारण बाधित न हो।

    परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रवेश पत्र 25 मई तक उपलब्ध करा दिए जाएंगे। छात्र अपना एडमिट कार्ड राज्य शिक्षा केंद्र के आधिकारिक पोर्टल www.rskmp.in से डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए शाला प्रमुख जनशिक्षा केंद्र प्रभारी और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि सभी छात्रों तक समय पर प्रवेश पत्र पहुंचाया जाए।

    पुन परीक्षा की तैयारी को लेकर भी खास व्यवस्था की गई है। परीक्षा से पहले शाला स्तर पर विषयवार अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएंगी ताकि छात्र बेहतर तरीके से तैयारी कर सकें। जिन छात्रों ने पहले प्रोजेक्ट कार्य पूरा नहीं किया था या जिनके अंक कम थे उन्हें दोबारा प्रोजेक्ट पूरा करने और मूल्यांकन का अवसर भी दिया जाएगा।

    इस बार परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था भी अलग तरीके से की गई है। सभी परीक्षा केंद्र जनशिक्षा केंद्र स्तर पर बनाए जाएंगे ताकि परीक्षा प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी रहे। यदि किसी केंद्र पर 500 से अधिक छात्र होते हैं तो राज्य शिक्षा केंद्र की अनुमति से अतिरिक्त केंद्र भी बनाए जा सकेंगे।

    परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रश्न पत्रों की ऑन द स्पॉट प्रिंटिंग की जाएगी। यानी प्रश्न पत्र सीधे परीक्षा केंद्र पर ही डाउनलोड और प्रिंट किए जाएंगे जिससे लीक जैसी समस्याओं की संभावना कम होगी।

    गर्मी के मौसम को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। हर परीक्षा केंद्र पर पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। साथ ही बच्चों को नियमित अंतराल पर पानी पिलाने लू और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए ORS उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

    कुल मिलाकर यह पहल उन छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है जो किसी कारणवश मुख्य परीक्षा में सफल नहीं हो पाए थे। अब उनके पास अपनी मेहनत से खुद को साबित करने और अगली कक्षा में आगे बढ़ने का एक और सुनहरा अवसर है।

  • गाय बचाने की कोशिश में दर्दनाक हादसा सीहोर में बस पेड़ से टकराई हेल्पर की मौत

    गाय बचाने की कोशिश में दर्दनाक हादसा सीहोर में बस पेड़ से टकराई हेल्पर की मौत


    सीहोर/आष्टा। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में इंदौर भोपाल राज्यमार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है जहां तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। आष्टा के कोठरी के पास हुए इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार अहमदाबाद से भोपाल जा रही वर्मा ट्रेवल्स की बस सुबह के समय इस मार्ग से गुजर रही थी। तभी अचानक सड़क पर एक गाय आ गई जिसे बचाने के प्रयास में चालक ने जोर से ब्रेक लगाया। इसी दौरान बस का टायर फट गया और वाहन का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते बस सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई और जोरदार आवाज के साथ हादसा हो गया।

    हादसे की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। केबिन में बैठे हेल्पर सुनील मुकाती जो बड़ी पोलाई के निवासी थे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वह केबिन में बुरी तरह फंस गए थे और उन्हें बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को कटर की मदद लेनी पड़ी।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत बचाव दल मौके पर पहुंचा और तत्काल घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। चार यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार हादसे का प्राथमिक कारण गाय को बचाने के प्रयास में अचानक ब्रेक लगाना और उसी दौरान टायर फटना माना जा रहा है। हालांकि पूरे मामले की जांच की जा रही है ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

    इस घटना के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ जिसे बाद में नियंत्रित किया गया। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।

    यह हादसा एक बार फिर यह संकेत देता है कि सड़क पर अचानक आने वाली बाधाएं और तेज रफ्तार किस तरह जानलेवा साबित हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है।

  • मध्यप्रदेश में MPPSC एग्जाम शुरू, नए नियम लागू 90 मिनट पहले पहुंचना जरूरी

    मध्यप्रदेश में MPPSC एग्जाम शुरू, नए नियम लागू 90 मिनट पहले पहुंचना जरूरी


    भोपाल । मध्यप्रदेश में आज राज्य सेवा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की जा रही है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में यह परीक्षा 365 केंद्रों पर आयोजित हो रही है जहां लाखों अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इस बार परीक्षा को लेकर नियमों में कई बदलाव किए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है।

    यह परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जा रही है जिसमें पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2.15 बजे से शाम 4.15 बजे तक चलेगा। परीक्षा के लिए प्रदेश के 54 जिला मुख्यालयों में केंद्र बनाए गए हैं ताकि अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके।

    इस बार सबसे खास बात यह है कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के लिए थ्री लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया गया है। उम्मीदवारों को पहले बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से गुजरना होगा इसके बाद एडमिट कार्ड की स्कैनिंग की जाएगी और अंत में हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर के जरिए तलाशी ली जाएगी। इन सभी चरणों से गुजरने के बाद ही उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा।

    परीक्षा प्रबंधन के अनुसार हर उम्मीदवार की जांच में लगभग 5 से 7 मिनट का समय लग सकता है इसलिए सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें। इसके साथ ही यह भी साफ किया गया है कि परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र के प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

    केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ अनुशासन बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर और अंदर वर्जित वस्तुओं की सूची चस्पा की गई है ताकि उम्मीदवार पहले से ही सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की परेशानी से बच सकें।

    प्रशासन का कहना है कि इन सख्त नियमों का उद्देश्य परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और नकल की घटनाओं को देखते हुए इस बार कोई भी लापरवाही नहीं बरती जा रही है।

    कुल मिलाकर MPPSC की यह परीक्षा न केवल अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि प्रशासन के लिए भी एक बड़ी जिम्मेदारी है जिसमें सुरक्षा और व्यवस्था दोनों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे सभी नियमों का पालन करें और समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करें।

  • टीकमगढ़ में बीच बाजार हंगामा शराबी पति ने पत्नी को पीटा कपड़े फाड़कर किया ड्रामा

    टीकमगढ़ में बीच बाजार हंगामा शराबी पति ने पत्नी को पीटा कपड़े फाड़कर किया ड्रामा


    टीकमगढ़ । मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां बीच बाजार में पति पत्नी के बीच हुआ विवाद हाईवोल्टेज ड्रामे में बदल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है।

    यह पूरा मामला जिले के लिधौरा कस्बे का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पति पत्नी पास के किसी गांव से बाजार में खरीददारी करने आए थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था लेकिन अचानक हालात तब बिगड़ गए जब पति पास ही स्थित देसी शराब के ठेके से शराब पीकर लौट आया।

    पत्नी को जैसे ही इस बात का पता चला उसने पति के इस व्यवहार पर आपत्ति जताई। इसके बाद माहौल तेजी से गर्म हो गया और नशे में धुत पति ने अपना आपा खो दिया। गुस्से में उसने पत्नी के साथ बीच बाजार मारपीट शुरू कर दी जिससे वहां अफरा तफरी मच गई।

    स्थिति यहीं नहीं रुकी बल्कि आरोपी पति ने गुस्से में अपने ही कपड़े फाड़ना शुरू कर दिए जिससे यह पूरा घटनाक्रम और ज्यादा सनसनीखेज बन गया। पति की हरकतों से नाराज पत्नी ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उससे हाथापाई कर ली और देखते ही देखते मामला पूरी तरह बेकाबू हो गया।

    घटना के दौरान बाजार में मौजूद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

    हालांकि इस पूरे विवाद के बाद पति पत्नी दोनों ही मौके से एक साथ अपने घर के लिए रवाना हो गए। फिलहाल दोनों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है और ना ही इस मामले में किसी ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के विवाद किस तरह से कानून व्यवस्था और सामाजिक मर्यादा को प्रभावित करते हैं। स्थानीय लोग भी इस तरह की घटनाओं पर चिंता जता रहे हैं और ऐसे मामलों में सख्ती की मांग कर रहे हैं।

  • मरीज बनकर आता और स्कूटी लेकर फरार शहडोल में एंबुलेंस प्रेमी चोर का खुलासा

    मरीज बनकर आता और स्कूटी लेकर फरार शहडोल में एंबुलेंस प्रेमी चोर का खुलासा


    शहडोल । मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। यहां एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया गया है जो न सिर्फ गाड़ियां चोरी करता था बल्कि एंबुलेंस को भी फ्री टैक्सी की तरह इस्तेमाल करता था। आरोपी की करतूतें किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगतीं लेकिन यह हकीकत है।

    मामला धनपुरी क्षेत्र का है जहां 22 अप्रैल को आरोपी रामानंद तिवारी ने एक सुनियोजित साजिश के तहत खुद को घायल बताकर 108 एंबुलेंस को कॉल किया। उसने दावा किया कि उसका एक्सीडेंट हो गया है और उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत है। खास बात यह रही कि उसने एंबुलेंस कर्मियों से जिद कर उसे धनपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ही पहुंचाने को कहा।

    अस्पताल पहुंचते ही आरोपी ने अपनी एक्टिंग शुरू कर दी। वह लंगड़ाते हुए अंदर गया ताकि किसी को उस पर शक न हो लेकिन उसका असली मकसद इलाज नहीं बल्कि चोरी करना था। अस्पताल में मौजूद अफरा तफरी का फायदा उठाकर उसने वहां तैनात एएनएम संगीता सिंह की स्कूटी की चाबी पार कर दी और कुछ ही पलों में वाहन लेकर फरार हो गया।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। फुटेज में आरोपी की पूरी हरकत कैद हो गई थी जिससे पुलिस को उसके हुलिए का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और जाल बिछाकर आरोपी को उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह चोरी की स्कूटी बेचने की कोशिश कर रहा था।

    पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासे किए वे और भी चौंकाने वाले थे। पुलिस के अनुसार वह अक्सर चोरी के मोबाइल फोन से 108 एंबुलेंस को कॉल करता था और खुद को बीमार या घायल बताकर मुफ्त में एक जगह से दूसरी जगह यात्रा करता था। उसने बताया कि वह डायल 112 से इसलिए बचता था क्योंकि उसमें पुलिस की मौजूदगी होती है।

    आरोपी का मकसद सिर्फ घूमना फिरना था। वह गाड़ियां चोरी करता और जब तक पेट्रोल रहता तब तक उनका इस्तेमाल करता फिर जहां पेट्रोल खत्म होता वहीं गाड़ी छोड़ देता। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है और उस पर धोखाधड़ी और वाहन चोरी के कई केस दर्ज हैं।

    थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है और उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। साथ ही जिले के अन्य थानों को भी उसकी गतिविधियों की जानकारी दे दी गई है।

    यह मामला न केवल पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहा बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह कुछ लोग सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर अपराध को अंजाम देते हैं। फिलहाल आरोपी सलाखों के पीछे है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

  • ग्वालियर में बागेश्वर धाम जा रही बस में भीषण आग टायर फटते ही मची अफरा तफरी 15 यात्री बाल बाल बचे

    ग्वालियर में बागेश्वर धाम जा रही बस में भीषण आग टायर फटते ही मची अफरा तफरी 15 यात्री बाल बाल बचे


    ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब बागेश्वर धाम जा रही एक सवारी बस में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के सामने हुई जहां कुछ ही पलों में बस धू धू कर जलने लगी लेकिन राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।

    जानकारी के मुताबिक जयपुर से चलकर ग्वालियर पहुंची मां लक्ष्मी ट्रेवल्स की यह बस बागेश्वर धाम के लिए रवाना हुई थी। बस में कुल 15 यात्री सवार थे। जैसे ही बस झांसी रोड थाना क्षेत्र से गुजर रही थी तभी अचानक उसके पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते धुआं आग की लपटों में बदल गया और बस तेजी से आग की चपेट में आ गई।

    स्थिति को भांपते हुए ड्राइवर ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क किनारे रोक दिया। बस रुकते ही सभी यात्रियों ने तेजी से नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को घेर लिया और देखते ही देखते वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। इस दौरान सड़क पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ जिसे बाद में पुलिस ने डायवर्ट कर नियंत्रित किया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह टायर फटना और उसके बाद हुए शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि टायर ब्लास्ट के बाद निकली चिंगारी ने बस के इलेक्ट्रिकल सिस्टम को प्रभावित किया जिससे आग भड़क उठी। हालांकि पुलिस और दमकल विभाग इस पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रहे हैं ताकि सटीक कारण सामने आ सके।

    इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सड़क पर चलते वाहनों में छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हालांकि इस मामले में ड्राइवर की सतर्कता और यात्रियों की तेजी से प्रतिक्रिया ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। कुल मिलाकर ग्वालियर की यह घटना एक चेतावनी है कि वाहन सुरक्षा और नियमित जांच कितनी जरूरी है क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

  • सड़क पर खुला चैंबर बना खतरा ग्वालियर में बुजुर्ग महिला हादसे का शिकार

    सड़क पर खुला चैंबर बना खतरा ग्वालियर में बुजुर्ग महिला हादसे का शिकार

    ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर में नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है जहां एक खुला चैंबर एक बुजुर्ग महिला के लिए जानलेवा साबित हो गया। थाटीपुर थाना क्षेत्र के विवेक आनंद चौराहे पर हुए इस हादसे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार बुजुर्ग महिला अपने घर के पास से गुजर रही थी तभी अचानक उनका पैर सड़क पर बने नवनिर्मित खुले चैंबर में पड़ गया। चैंबर का मुंह खुला होने और गहराई ज्यादा होने के कारण महिला संतुलन खो बैठीं और सीधे उसमें गिर गईं। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ समझ नहीं पाए और कुछ ही पलों में वहां अफरा तफरी का माहौल बन गया।

    महिला के गिरते ही उनकी चीख पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने देखा कि महिला चैंबर के अंदर फंसी हुई है तो तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मदद नहीं पहुंचती तो यह हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। चैंबर का मुंह संकरा होने के कारण महिला को बाहर निकालना आसान नहीं था। साथ ही महिला के घायल होने से स्थिति और भी जटिल हो गई थी। इसके बावजूद टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सावधानीपूर्वक रेस्क्यू कर महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    हादसे में महिला को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। रेस्क्यू के तुरंत बाद उन्हें पुलिस वाहन से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।

    इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा बनाए गए चैंबरों को बिना ढके छोड़ दिया गया है जो आम लोगों के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। खासकर रात के समय या बारिश के दौरान ऐसे खुले चैंबर किसी भी बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकते हैं।

    लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र के सभी खुले चैंबरों को तुरंत ढका जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। यह हादसा एक बार फिर यह साबित करता है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है और सार्वजनिक सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई जानलेवा साबित हो सकती है।