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  • शादी में विवाद से दोहरी हत्या नर्मदापुरम पुलिस का बड़ा एक्शन 6 दिन में इनामी आरोपी पकड़ा

    शादी में विवाद से दोहरी हत्या नर्मदापुरम पुलिस का बड़ा एक्शन 6 दिन में इनामी आरोपी पकड़ा


    नर्मदापुरम । मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुई खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था जहां खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है जब एक गांव में सीताराम कीर के घर शादी का समारोह चल रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश और खाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि अमर सिंह और उसके बेटे लोकेश कीर ने डंडों और धारदार चाकू से जयनारायण कीर और उनके परिजनों पर हमला कर दिया। इस हमले में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दौलतराम कीर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान तीन दिन बाद दम तोड़ दिया। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल फैल गया और आरोपी फरार हो गए।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश में दबिश दी। इसी दौरान जब पुलिस टीम मुख्य आरोपी लोकेश कीर को पकड़ने पहुंची तो उसने आरक्षक ओमप्रकाश जाट पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उन पर करीब नौ बार वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी जंगल की ओर भाग निकला जिससे मामला और चुनौतीपूर्ण हो गया।

    पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब छह दिनों तक पुलिस ने गांवों और गंजाल नदी के बीहड़ जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की।

    आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और मुख्य आरोपी लोकेश कीर को गंजाल नदी के किनारे से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले उसके पिता अमर सिंह को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी के एन रजक साइबर सेल और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही जिन्होंने जोखिम उठाकर इस आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राहत की सांस ली जा रही है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि छोटी सी बात भी किस तरह बड़ा अपराध बन सकती है और कानून से बच पाना आसान नहीं है।

    मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुई खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था जहां खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है जब एक गांव में सीताराम कीर के घर शादी का समारोह चल रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश और खाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि अमर सिंह और उसके बेटे लोकेश कीर ने डंडों और धारदार चाकू से जयनारायण कीर और उनके परिजनों पर हमला कर दिया। इस हमले में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दौलतराम कीर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान तीन दिन बाद दम तोड़ दिया। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल फैल गया और आरोपी फरार हो गए।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश में दबिश दी। इसी दौरान जब पुलिस टीम मुख्य आरोपी लोकेश कीर को पकड़ने पहुंची तो उसने आरक्षक ओमप्रकाश जाट पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उन पर करीब नौ बार वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी जंगल की ओर भाग निकला जिससे मामला और चुनौतीपूर्ण हो गया।

    पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब छह दिनों तक पुलिस ने गांवों और गंजाल नदी के बीहड़ जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की।

    आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और मुख्य आरोपी लोकेश कीर को गंजाल नदी के किनारे से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले उसके पिता अमर सिंह को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी के एन रजक साइबर सेल और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही जिन्होंने जोखिम उठाकर इस आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राहत की सांस ली जा रही है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि छोटी सी बात भी किस तरह बड़ा अपराध बन सकती है और कानून से बच पाना आसान नहीं है।

  • MP में हेलमेट पर सख्ती शुरू बिना हेलमेट पकड़े गए तो चालान के साथ लाइसेंस भी होगा सस्पेंड

    MP में हेलमेट पर सख्ती शुरू बिना हेलमेट पकड़े गए तो चालान के साथ लाइसेंस भी होगा सस्पेंड


    भोपाल । मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सख्त कदम उठाया गया है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में आज से हेलमेट चेकिंग अभियान शुरू हो गया है। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना भारी पड़ सकता है क्योंकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    यह अभियान आज से शुरू होकर 10 मई तक लगातार चलेगा और इस दौरान हर जिले में व्यापक स्तर पर चेकिंग की जाएगी। पुलिस की टीम सड़कों पर तैनात रहेगी और जो भी चालक बिना हेलमेट पाया जाएगा उसका चालान काटा जाएगा। इतना ही नहीं कई मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई भी की जा सकती है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ चालान काटना नहीं बल्कि लोगों को जागरूक करना भी है। आंकड़ों के अनुसार सड़क हादसों में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण हेलमेट का उपयोग न करना है। करीब 50 प्रतिशत मामलों में दोपहिया चालक की मौत सिर्फ इसलिए हो जाती है क्योंकि उसने हेलमेट नहीं पहना होता।

    पुलिस मुख्यालय की ओर से इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। एडीजी पीटीआरआई विवेक शर्मा ने बताया कि प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय हैं और यातायात नियमों की अनदेखी इसके पीछे मुख्य वजह है। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना सिर्फ कानूनी बाध्यता नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे जरूरी उपाय है।

    अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस टीम न केवल शहरों में बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी निगरानी बढ़ाएगी ताकि हर स्तर पर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

    इस अभियान के पीछे मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करना है। सरकार और पुलिस विभाग चाहते हैं कि लोग अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और नियमों का पालन करें। कई बार छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो जाती है और हेलमेट जैसी साधारण चीज जीवन बचा सकती है।

    पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे बिना हेलमेट वाहन चलाने से बचें और अपने परिवार तथा खुद की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें। यह अभियान एक चेतावनी भी है और एक अवसर भी कि लोग अपनी आदतों में सुधार लाएं। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में शुरू हुआ यह अभियान सड़क सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है जो आने वाले दिनों में लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव ला सकता है।

  • कोर्ट आदेश के बाद भी राहत नहीं कर्मचारियों का गुस्सा फूटा प्रदेशभर में आंदोलन की तैयारी

    कोर्ट आदेश के बाद भी राहत नहीं कर्मचारियों का गुस्सा फूटा प्रदेशभर में आंदोलन की तैयारी


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर कर्मचारियों का असंतोष खुलकर सामने आ गया है। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का संकेत दे दिया है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ की हाल ही में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और इसके बाद प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली गई है।

    संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारियों की समस्याएं वर्षों से लंबित हैं लेकिन अब तक उनका समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत के आदेश के बावजूद सरकार नव नियुक्त कर्मचारियों के लिए 70 80 और 90 प्रतिशत वेतन के बंधन को समाप्त नहीं कर रही है। इससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है और वे खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

    बैठक में अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। कर्मचारियों ने मांग की कि अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी का बंधन समाप्त किया जाए ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिल सके। इसके अलावा यह भी कहा गया कि वर्ष 2019 से कोर्ट के आदेश के अनुसार कर्मचारियों को पूर्ण वेतन का लाभ दिया जाना चाहिए लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

    स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर भी कर्मचारियों ने नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए और इसके लिए व्यापक बीमा योजना लागू की जानी चाहिए। साथ ही यह मांग भी उठी कि कर्मचारियों को बैंक खातों के माध्यम से बड़े स्तर पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए।

    संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के मुद्दे भी बैठक में छाए रहे। संघ का कहना है कि इन कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं और लाभ मिलना चाहिए ताकि उनके साथ भेदभाव खत्म हो सके। इसके अलावा शिक्षकों की पात्रता परीक्षा को लेकर भी चर्चा हुई और इसे निरस्त करने की मांग उठाई गई।

    बैठक में महंगाई राहत को लेकर भी आवाज बुलंद हुई। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान महंगाई राहत देने की मांग की गई ताकि उन्हें आर्थिक रूप से राहत मिल सके। इसके साथ ही केंद्रीय दर और तिथि के अनुसार लाभ देने की भी मांग रखी गई।

    इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने के बाद कर्मचारी संघ ने आगामी दिनों में प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने का निर्णय लिया है। बैठक में विभिन्न संस्थानों के पदाधिकारी भी शामिल हुए और सभी ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने की सहमति जताई।

    कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह स्थिति सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है क्योंकि बड़ी संख्या में कर्मचारी इससे जुड़े हुए हैं। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में कर्मचारियों का यह बढ़ता असंतोष आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है जो सरकार और प्रशासन दोनों के लिए अहम परीक्षा साबित होगा।

  • भोपाल में सीएम मोहन यादव का अनोखा अंदाज जनता के बीच पहुंचे कांग्रेस पर साधा निशाना

    भोपाल में सीएम मोहन यादव का अनोखा अंदाज जनता के बीच पहुंचे कांग्रेस पर साधा निशाना


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को एक अलग ही राजनीतिक और जनसंवाद का नजारा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अचानक वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट पहुंच गए। उनके इस अचानक दौरे ने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया और माहौल उत्साह से भर गया। मुख्यमंत्री ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात को सुना और आम लोगों के साथ बैठकर संवाद भी किया।

    सीएम का यह अंदाज काफी अलग और सहज था जहां उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के युवाओं और आम नागरिकों से बातचीत की। उन्होंने लोगों के साथ बैठकर स्वल्पाहार किया और विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार तीसरे साल यह अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के जरिए पुराने जल स्रोतों जैसे कुएं और बावड़ियों को नया जीवन मिल रहा है और मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने किसानों के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी और कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह किसान हितैषी है। उन्होंने बताया कि सरकार गेहूं के साथ साथ चना और मसूर की भी खरीद कर रही है जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।

    इस दौरान सीएम मोहन यादव ने विपक्ष विशेषकर कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बहनों के साथ जो अन्याय हुआ है उसे देश कभी नहीं भूलेगा और कांग्रेस को इसके लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों के प्रति सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया।

    सीएम ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक है लेकिन विपक्षी दलों के रवैये के कारण यह पूरी तरह लागू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की शिक्षा सुरक्षा और रोजगार के लिए लगातार प्रयास कर रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    इस पूरे कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का सहज और जनसरोकारों से जुड़ा रूप देखने को मिला जहां उन्होंने सीधे जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित किया। लोगों ने भी उनके इस अंदाज की सराहना की और खुलकर अपने विचार साझा किए।

    कुल मिलाकर यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आम लोगों से जुड़ने और उनके बीच भरोसा मजबूत करने की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है जिसमें मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं के साथ साथ राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी।

  • मामूली झगड़ा बना खौफनाक वारदात चितरंगी में बिजली विवाद पर हत्या आरोपी गिरफ्तार

    मामूली झगड़ा बना खौफनाक वारदात चितरंगी में बिजली विवाद पर हत्या आरोपी गिरफ्तार


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है जहां एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक व्यक्ति की जान चली गई। पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जिससे इलाके में कानून व्यवस्था को लेकर भरोसा भी मजबूत हुआ है।

    घटना चितरंगी थाना क्षेत्र के ग्राम सूदा की है जहां 24 अप्रैल को भुनेश्वर उर्फ छंदू कोल का शव संदिग्ध हालत में मिला था। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस को मिली तत्काल टीम मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ जिसके बाद पुलिस ने हर एंगल से जांच को आगे बढ़ाया।

    जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण जानकारी मिली और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मुन्नालाल पनिका को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो खुलासा किया वह चौंकाने वाला था। उसने बताया कि मृतक बार बार उसका बिजली कनेक्शन काट देता था जिससे वह बेहद परेशान और नाराज था।

    आरोपी के मुताबिक 23 अप्रैल की रात दोनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ जो धीरे धीरे हिंसक झगड़े में बदल गया। गुस्से में आकर उसने लाठी उठाई और भुनेश्वर उर्फ छंदू कोल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम गठित की और लगातार दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लाठी भी बरामद कर ली है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

    इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक मामूली बिजली कनेक्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि उसने एक व्यक्ति की जान ले ली। यह घटना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और गुस्से के खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करती है।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है क्योंकि इतने कम समय में मामले को सुलझाना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाने की कोशिश करें और कानून को अपने हाथ में न लें। यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि छोटी छोटी बातों पर बढ़ता गुस्सा किस तरह बड़े अपराध में बदल सकता है और एक पल का आवेश किसी की जिंदगी खत्म कर सकता है।

  • इलाज या लापरवाही ,खजुराहो क्लिनिक में इंजेक्शन के बाद बच्चे की मौत, पर उठा सवाल

    इलाज या लापरवाही ,खजुराहो क्लिनिक में इंजेक्शन के बाद बच्चे की मौत, पर उठा सवाल


    खजुराहो । मध्य प्रदेश के खजुराहो से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसने निजी क्लिनिक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामूली चोट के इलाज के लिए पहुंचे 14 वर्षीय बच्चे की अचानक मौत हो जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है। परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक में लगाए गए इंजेक्शन के कारण ही बच्चे की जान गई है।

    जानकारी के अनुसार जटकरा गांव का रहने वाला यह बच्चा साइकिल चलाते समय गिर गया था जिससे उसे हल्की चोट आई थी। परिवार वाले उसे इलाज के लिए सेवाग्राम स्थित एक निजी क्लिनिक ले गए जहां सामान्य प्राथमिक उपचार किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं थी और बच्चा सामान्य रूप से बात कर रहा था।

    आरोप है कि इलाज के दौरान क्लिनिक संचालक ने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया जिसके तुरंत बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। बच्चे के दादा राजू पटेल के मुताबिक इंजेक्शन लगते ही उसे बेचैनी महसूस होने लगी और कुछ ही मिनटों में उसकी तबीयत इतनी खराब हो गई कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और परिजन इसे सीधे तौर पर मेडिकल लापरवाही बता रहे हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए राजनगर स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।

    इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच गुस्सा और डर दोनों देखने को मिल रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं या नहीं। अगर परिजनों के आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर लापरवाही का उदाहरण बन सकता है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और क्लिनिक से जुड़े दस्तावेजों और इलाज की प्रक्रिया की भी पड़ताल की जा रही है। वहीं परिवार न्याय की मांग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है।

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि मामूली दिखने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में भी सही और सुरक्षित इलाज कितना जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही किसी परिवार के लिए जीवन भर का दर्द बन सकती है।

  • भोपाल से चंदेरी और ओरछा अब आसमान के रास्ते सीएम ने लॉन्च की पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा

    भोपाल से चंदेरी और ओरछा अब आसमान के रास्ते सीएम ने लॉन्च की पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा


    भोपाल । मध्यप्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल से पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा की शुरुआत की इस नई पहल के तहत भोपाल से ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के दो प्रमुख स्थलों चंदेरी और ओरछा को सीधे हवाई मार्ग से जोड़ा गया है

    स्टेट हैंगर से सेवा का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रियों को बोर्डिंग पास वितरित किए और इस योजना को प्रदेशवासियों के लिए एक बड़ी सौगात बताया उन्होंने कहा कि यह सेवा न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि यात्रियों का समय भी काफी बचाएगी जिससे लोग कम समय में ज्यादा स्थानों की यात्रा कर सकेंगे

    यह हेली सेवा सप्ताह में पांच दिन बुधवार से रविवार तक संचालित होगी जिससे पर्यटकों को लचीला विकल्प मिलेगा किराए की बात करें तो भोपाल से चंदेरी के लिए 5500 रुपये और भोपाल से ओरछा के लिए 6500 रुपये तय किए गए हैं वहीं 14500 रुपये के विशेष पैकेज में टैक्सी वीआईपी दर्शन प्रसाद और अन्य सुविधाएं शामिल की गई हैं जो यात्रियों को एक संपूर्ण और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करेंगी

    इसके अलावा स्थानीय पर्यटकों और रोमांच के शौकीनों के लिए चंदेरी और ओरछा में 3500 रुपये में जॉय राइड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है जिससे लोग इन ऐतिहासिक शहरों का हवाई दृश्य भी देख सकेंगे यह पहल खासतौर पर उन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी जो कम समय में अनोखा अनुभव लेना चाहते हैं

    इस सेवा को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत संचालित किया जा रहा है जिसमें सुरक्षा और सुविधा दोनों का विशेष ध्यान रखा गया है यात्रियों के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है साथ ही होटल बुकिंग भोजन और स्थानीय भ्रमण के लिए गाइड की व्यवस्था पहले से तय रहेगी ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े

    बुकिंग के लिए यात्रियों को ऑनलाइन सुविधा भी दी गई है वे आसानी से IRCTC पोर्टल और फ्लायओला वेबसाइट के माध्यम से अपनी सीट आरक्षित कर सकते हैं जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बनती है

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह सेवा भगवान परशुराम की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को समर्पित की गई है उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों को हवाई सेवा से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा मिल सके

    उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश पहले ही एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू कर देश में अग्रणी भूमिका निभा चुका है और अब हेली पर्यटन सेवा के जरिए राज्य को चारों दिशाओं से हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है कुल मिलाकर यह पहल मध्यप्रदेश में पर्यटन के विकास के साथ साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी और राज्य को एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

  • मुरैना में बड़ी कार्रवाई, कैलारस पुलिस ने हथियारों के साथ दो शातिर बदमाश दबोचे

    मुरैना में बड़ी कार्रवाई, कैलारस पुलिस ने हथियारों के साथ दो शातिर बदमाश दबोचे


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में पुलिस ने सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए एक बड़ी वारदात को होने से पहले ही नाकाम कर दिया कैलारस थाना पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है जिनके पास से अवैध हथियार बरामद किए गए हैं यह कार्रवाई क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है

    पुलिस सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को थाना पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि दो अज्ञात व्यक्ति कैलारस रेलवे स्टेशन के अंडर ब्रिज के पास संदिग्ध स्थिति में छिपे हुए हैं और उनके पास अवैध हथियार मौजूद हैं सूचना में यह भी संकेत मिला था कि दोनों बदमाश किसी गंभीर आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं

    सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए एक विशेष टीम का गठन किया और बताए गए स्थान की घेराबंदी की पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर दबिश दी जहां दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगे हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली और दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया गया

    तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल और एक देशी कट्टा बरामद हुआ साथ ही कुछ जिंदा कारतूस भी मिलने की संभावना जताई जा रही है पुलिस ने सभी हथियारों को जब्त कर लिया है और आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि दोनों आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे हालांकि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उनके निशाने पर कौन था और इसके पीछे कोई गिरोह या नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी घटना को टाला जा सका है साथ ही क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश भी गया है कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा

    फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है पुलिस उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वे पहले भी किसी वारदात में शामिल रहे हैं या नहीं

    इस पूरी कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में राहत का माहौल है वहीं पुलिस की सक्रियता की सराहना भी की जा रही है पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में लगातार निगरानी और गश्त बढ़ाई जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके

  • शिवपुरी सड़क हादसा बना काल बनकर टूटा ट्रक दूल्हा-दुल्हन सहित चार की मौके पर मौत

    शिवपुरी सड़क हादसा बना काल बनकर टूटा ट्रक दूल्हा-दुल्हन सहित चार की मौके पर मौत


    शिवपुरी । शिवपुरी में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है जहां खुशियों से भरा एक परिवार पल भर में गहरे शोक में डूब गया हादसे में दूल्हा दुल्हन समेत चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया है

    यह भीषण दुर्घटना सिरसौद थाना क्षेत्र के टोंगरा रोड पर हुई जहां एक ऑटो में सवार होकर नवविवाहित दंपती और उनके परिजन यात्रा कर रहे थे बताया जा रहा है कि वे किसी पारिवारिक कार्य से जा रहे थे तभी सामने से आ रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधे ऑटो के ऊपर पलट गया

    टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो पूरी तरह ट्रक के नीचे दब गया और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला आसपास मौजूद लोगों ने जैसे ही यह मंजर देखा तो वे सहम गए और तुरंत राहत कार्य के लिए दौड़े लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी

    इस हादसे में जिन चार लोगों की मौत हुई उनमें 50 वर्षीय अजेश पुत्र पीतम शाक्य 20 वर्षीय राजेश्वर पुत्र वीरेंद्र शाक्य 35 वर्षीय राजो पत्नी हरविलास शाक्य और 22 वर्षीय वीरेंद्र पुत्र प्रीतम शाक्य शामिल हैं सभी मृतक ग्राम राजगढ़ तेंदुआ के निवासी बताए जा रहे हैं

    हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि मृतकों में दूल्हा और दुल्हन भी शामिल थे जिनकी शादी मात्र दो दिन पहले ही हुई थी नई जिंदगी की शुरुआत से पहले ही यह सफर हमेशा के लिए थम गया जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है

    घटना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है

  • ग्वालियर में पुलिस थाने के अंदर विवाद और छात्रा के अपहरण प्रयास से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

    ग्वालियर में पुलिस थाने के अंदर विवाद और छात्रा के अपहरण प्रयास से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

    ग्वालियर । ग्वालियर में एक ही दिन में सामने आई दो घटनाओं ने कानून व्यवस्था और पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं एक ओर जहां थाने के भीतर ही पुलिसकर्मियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला पिस्टल तानने तक पहुंच गया वहीं दूसरी ओर शहर में एक मासूम छात्रा के अपहरण का प्रयास होने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया है

    पहली घटना तिघरा थाने की है जहां एएसआई फिरोज खान और सब इंस्पेक्टर महेंद्र कुशवाह के बीच बैटरी चोरी के एक मामले को लेकर विवाद शुरू हुआ बताया जा रहा है कि बहस इतनी तीखी हो गई कि एएसआई ने सब इंस्पेक्टर पर पिस्टल तान दी और जान से मारने की धमकी दे डाली इस दौरान सिपाही कमल रावत और रवि गुर्जर का नाम भी विवाद में सामने आया घटना ने पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन और आपसी समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं

    मामले की गंभीरता को देखते हुए धर्मवीर यादव ने तुरंत कड़ा एक्शन लेते हुए एएसआई फिरोज खान सहित सिपाही कमल रावत और रवि गुर्जर को लाइन हाजिर कर दिया है यह कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने के संदेश के तौर पर देखी जा रही है हालांकि इस घटना ने यह भी संकेत दिया है कि आंतरिक स्तर पर तनाव और विवाद किस हद तक बढ़ चुके हैं

    इसी बीच शहर के बहोड़ापुर इलाके से एक और चिंताजनक मामला सामने आया है जहां छठवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा के अपहरण का प्रयास किया गया जानकारी के अनुसार छात्रा स्कूल बस से उतरकर अपने घर की ओर जा रही थी तभी कार सवार कुछ बदमाशों ने उसे जबरन ले जाने की कोशिश की लेकिन छात्रा के जोर जोर से चिल्लाने पर आरोपी घबरा गए और मौके से फरार हो गए

    घटना के बाद छात्रा ने घर पहुंचकर पूरी जानकारी अपने परिजनों को दी जिसके बाद उसके पिता विक्रमादित्य प्रधान ने थाने में शिकायत दर्ज कराई पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी तलाश शुरू कर दी है

    इन दोनों घटनाओं ने एक साथ मिलकर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जहां एक ओर पुलिस को आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है वहीं दूसरी ओर खुद पुलिस महकमे के भीतर अनुशासनहीनता की घटनाएं सामने आ रही हैं ऐसे में जरूरत है कि न केवल आंतरिक व्यवस्था को मजबूत किया जाए बल्कि शहर में कानून व्यवस्था को भी और अधिक सख्ती से लागू किया जाए ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें