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  • कूनो नदी में 10 घड़ियाल और कछुए करेंगे आज सुबह प्राकृतिक आवास में प्रवेश, CM मोहन यादव करेंगे उद्धार अभियान का शुभारंभ

    कूनो नदी में 10 घड़ियाल और कछुए करेंगे आज सुबह प्राकृतिक आवास में प्रवेश, CM मोहन यादव करेंगे उद्धार अभियान का शुभारंभ


    मध्यप्रदेश के मोहन यादव आज 1 मार्च 2026 को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में वन्यजीव संरक्षण अभियान के तहत घड़ियाल और कछुए छोड़ने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर करीब एक बजे हेलीकॉप्टर से कूनो पहुंचेंगे। यहां कूनो नदी में 10 घड़ियालों और कुछ कछुओं को प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। यह पहल राज्य सरकार की वन्यजीव संरक्षण नीति का हिस्सा है और इसका उद्देश्य कूनो नेशनल पार्क में जैव विविधता को मजबूत करना तथा नदी पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखना है।

    बताया गया है कि यह कार्यक्रम पहले 28 फरवरी को प्रस्तावित था, लेकिन उस दिन मुख्यमंत्री उपस्थित नहीं हो सके थे। उस समय बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों को कूनो में छोड़ने की योजना थी, जिसमें केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने भाग लिया। आज का कार्यक्रम पुनर्निर्धारित रूप से घड़ियाल और कछुए संरक्षण अभियान को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है।

    सीएम के आगमन को देखते हुए कूनो क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि किसी भी स्तर पर सुरक्षा में कोई चूक न हो।

    विशेषज्ञों के अनुसार घड़ियाल और कछुए नदी पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण घटक हैं। इनकी उपस्थिति से जलाशयों का प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। इस तरह के संरक्षण प्रयास लुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा में मदद करते हैं और क्षेत्र को इको-टूरिज्म के रूप में पहचान दिलाने में भी सहायक होते हैं।

    कूनो में लगभग एक घंटे का प्रवास पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव हेलीकॉप्टर से अशोकनगर के लिए रवाना होंगे। यह कार्यक्रम न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि राज्य में जैव विविधता और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रतीक भी माना जा रहा है।

  • पंधाना थाना पुलिस ने 9 जुआरी पकड़े बाइक और कार समेत लाखों की संपत्ति जब्त

    पंधाना थाना पुलिस ने 9 जुआरी पकड़े बाइक और कार समेत लाखों की संपत्ति जब्त


    खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र में पुलिस ने देर रात अवैध जुआ खेल रहे 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में पुलिस ने नगदी, तीन मोटरसाइकिल और दो कारें जब्त की हैं। कुल जब्त सामग्री की कीमत 3,79,465 रुपए आंकी गई है।

    टीआई दिलीपसिंह देवड़ा को सूचना मिली कि खापरी गांव के बाहर ईंट भट्टे के पास कुछ लोग ताश के पत्तों पर हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति से पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व डीएसपी मुख्यालय के मार्गदर्शन में टीम गठित कर दबिश दी गई।

    पुलिस टीम ने मौके पर पंचों के साथ घेराबंदी कर 9 लोगों को पकड़ा। सभी आरोपी और जब्त सामान विधिवत थाने लाए गए। आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट की धारा 13 के तहत अपराध क्रमांक 81/26 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

    गिरफ्तार आरोपी:

    भूपेंद्र यादव (33), घुघरिया खेड़ी, थाना गोगावा

    दिलावर शाह (48), ग्राम टेमी

    कृष्णा सेन (40), ग्राम बगमार

    योगेंद्र राजावत (24), ग्राम जामली

    जितेंद्र पटेल (30), बगमार

    अक्तर खान (38), पंधाना

    सलीम खान (40), पंधाना

    वसीम (36), सिविल लाइन, खंडवा

    अशफाक खान (42), पंधाना

    मौके से जब्त सामान:

    नगदी: 24,465 रुपए

    52 ताश के पत्ते

    मोटरसाइकिल MP-12-MW-9725 (करीब 20 हजार रुपए)

    मोटरसाइकिल MP-12-MW-6281 (करीब 15 हजार रुपए)

    मोटरसाइकिल MP-12-MW-7690 (करीब 20 हजार रुपए)

    टाटा कार MP-12-ZG-6502 (करीब 1.20 लाख रुपए)

    मारुति सुजुकी आर्टिगा MP-09-WD-8070 (करीब 1.80 लाख रुपए)

    पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई जारी है और बाकी सहयोगियों की पहचान के लिए जांच बढ़ाई जा रही है।

  • दिव्यांगों के 22 हजार खाली पदों पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब अगली सुनवाई 15 अप्रैल

    दिव्यांगों के 22 हजार खाली पदों पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब अगली सुनवाई 15 अप्रैल


    जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिव्यांगों के रिक्त पदों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस डीडी बंसल की एकल पीठ ने शुक्रवार को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला और मध्य प्रदेश वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक अनुराग वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने जवाब 15 अप्रैल तक देने का निर्देश दिया है।

    कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से पूछा कि पूर्व आदेश के बावजूद विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के रिक्त पद अब तक क्यों नहीं भरे गए। यह मामला करीब 22 हजार खाली पदों का है। कोर्ट ने 30 जनवरी 2024 को दिए गए आदेशों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

    दरअसल, नरसिंहपुर निवासी दिव्यांग अभ्यर्थी राजेंद्र मेहरा ने याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इससे पहले भी इसी संबंध में याचिका दायर की गई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने रिक्त पद भरने के आदेश दिए थे।

    सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील शिवम त्रिपाठी ने दावा किया कि संबंधित अधिकारी जानबूझकर अदालत के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। उन्होंने इसे अवमानना का मामला बताया। कोर्ट ने प्रमुख सचिव सहित अन्य अधिकारियों को 15 अप्रैल तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

    अगली सुनवाई में हाईकोर्ट इस बात का जायजा लेगा कि कितने पद भरे गए और किन कारणों से अभी तक रिक्त पदों को भरने में देरी हो रही है। यह मामला दिव्यांगों के अधिकारों और सरकारी जवाबदेही की दिशा में अहम माना जा रहा है।

  • रजक समाज ने भोपाल में किया जोरदार प्रदर्शन, एक प्रदेश, एक आरक्षण की मांग

    रजक समाज ने भोपाल में किया जोरदार प्रदर्शन, एक प्रदेश, एक आरक्षण की मांग


    भोपाल में गुरुवार को रजक समाज ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। एक प्रदेश, एक समुदाय, एक आरक्षण का नारा लगाते हुए प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री निवास के घेराव के लिए आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इसके बाद आंदोलनकारी वहीं धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया।

    प्रदर्शन के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक मुख्यमंत्री से सीधी मुलाकात नहीं होगी और ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। कुछ नेताओं ने आमरण अनशन की भी घोषणा की। इस मौके पर संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक कैलाश नाहर ने बताया कि वर्तमान में रजक/धोबी जाति को केवल भोपाल, सीहोर और रायसेन जिलों में अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त है, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में यही जाति पिछड़ा वर्ग में शामिल है।

    कैलाश नाहर ने कहा कि एक ही राज्य में एक ही समुदाय के लिए अलग-अलग आरक्षण व्यवस्था लागू करना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। विवाह के बाद बच्चों की श्रेणी बदल जाना प्रशासनिक और सामाजिक विसंगति पैदा करता है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि 14 जुलाई 2006 को मध्यप्रदेश शासन ने रजक/धोबी समाज को पूरे प्रदेश में अनुसूचित जाति में शामिल करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा था, लेकिन आदिम जाति अनुसंधान संस्थान की टिप्पणी के आधार पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

    प्रदेश संयोजक मोनू लक्ष्मण ने कहा कि समाज अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से यह मांग की गई है कि सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को ध्यान में रखते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिया जाए और केंद्र सरकार को पुनः प्रस्ताव भेजकर रजक/धोबी समाज को संपूर्ण मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए।

    प्रदर्शन के दौरान रजक समाज के लोग शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें प्रस्तुत करते रहे और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि आंदोलनकारियों ने यह स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो आंदोलन तेज और व्यापक स्तर पर जारी रहेगा।

    इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश में सामाजिक न्याय और आरक्षण की नीति पर चर्चा को नया आयाम दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में समान जाति के लिए अलग-अलग आरक्षण व्यवस्था सामाजिक असमानता पैदा कर सकती है और इसके समाधान के लिए स्पष्ट सरकारी कदम जरूरी हैं।

    रजक समाज का यह प्रदर्शन राजधानी में सामाजिक न्याय की मांग और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति सजगता को दर्शाता है। आमरण अनशन और ज्ञापन के माध्यम से उनका उद्देश्य सरकार को संवैधानिक और सामाजिक उत्तरदायित्व की याद दिलाना है।

  • भोपाल-उज्जैन की हलचल: बजट चर्चा, किसान महाचौपाल, अमेरिका ट्रेड डील विरोध और बिजली आपूर्ति प्रभावित

    भोपाल-उज्जैन की हलचल: बजट चर्चा, किसान महाचौपाल, अमेरिका ट्रेड डील विरोध और बिजली आपूर्ति प्रभावित


    मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार को अपने सातवें दिन पहुंच गया है। सदन में आज विभागीय वार बजट पर चर्चा होगी, जिसमें नगरीय विकास, जनजातीय कार्य, स्कूल और शिक्षा, परिवहन और उच्च शिक्षा पर विचार किया जाएगा। बजट की अनुदान मांगों के साथ जमीन बंदोबस्त और नहर सीमेंटीकरण के मामले भी ध्यानाकर्षण के लिए उठेंगे। इसके अलावा किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने का मुद्दा, भोपाल गैस त्रासदी, राहत और पुनर्वास, और लोक परिसंपत्ति विभाग की अनुदान मांगों पर भी चर्चा होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सुबह 10 बजे विधानसभा में कैबिनेट बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे। दोपहर 1:40 बजे वे भोपाल से उज्जैन के लिए रवाना होंगे और स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे। शाम 4:35 बजे वे कार्तिक मेला ग्राउंड पहुंचेंगे, जहां ग्रामीण डाक सम्मेलन का आयोजन होगा। शाम 5:15 से 6:05 बजे वे उज्जैन हेलीपैड से भोपाल वापसी करेंगे और शाम 7 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन पर भोपाल-धनबाद/चोपन एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी आज भोपाल दौरे पर रहेंगे। दोनों नेता राजधानी में आयोजित किसान महाचौपाल में शामिल होंगे। राहुल गांधी दोपहर 12 बजे दिल्ली से भोपाल रवाना होंगे और करीब 1 बजे भोपाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। 1:30 बजे वे जवाहर चौक के लिए प्रस्थान करेंगे और 1:55 बजे वहां पहुंचेंगे। दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक किसान महा चौपाल में उपस्थित रहकर किसानों से संवाद करेंगे। इसके बाद वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे और शाम 4:15 बजे भोपाल से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

    अमेरिका के साथ होने वाली ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस भोपाल में प्रदर्शन करेगी। यह प्रदर्शन अटल पथ पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे मंच से संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में मंच पर 250 नेता मौजूद रहेंगे और लगभग एक लाख किसानों के शामिल होने का दावा किया गया है। मुख्य रूप से भोपाल के आसपास के 11 जिलों के किसान इसमें शामिल होंगे।

    भोपाल में मंगलवार को बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। सुबह 10 से शाम 4 बजे तक एमएलए रेस्ट हाउस, एमएलए क्वार्टर, गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, टीटी नगर, मालवीय नगर, जवाहर चौक, प्रियदर्शनी और गंगौत्री भवन में बिजली नहीं रहेगी। सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक मीनाखेड़ी, बैरागढ़ चीचली, सतगढ़ी, गेहूंखेड़ा और अमराई में बिजली कटौती होगी। दीपड़ी में सुबह 11 से शाम 4 बजे तक बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी।

  • जयपुर इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में मध्यप्रदेश की दमदार उपस्थिति 9 एमएसएमई इकाइयों ने स्टोन उद्योग में दिखाई ताकत

    जयपुर इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में मध्यप्रदेश की दमदार उपस्थिति 9 एमएसएमई इकाइयों ने स्टोन उद्योग में दिखाई ताकत


    भोपाल। मध्यप्रदेश की स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने जयपुर में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में प्रभावशाली सहभागिता दर्ज कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। 5 से 8 फरवरी तक आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में देश और विदेश से बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि व्यापारी और क्रेता शामिल हुए। इस मंच पर मध्यप्रदेश की कुल 9 स्टोन आधारित इकाइयों ने अपने उत्पादों और नवाचार क्षमता का प्रदर्शन किया।

    ग्वालियर से 6 इकाइयों ने भागीदारी की जिनमें तंवर स्टोन इंडस्ट्रीज जैन स्टोन इंडस्ट्रीज के आर स्टोन इंडस्ट्रीज महाकाय इंडस्ट्रीज अभ्युदय इंटरप्राइजेज और श्री साईं राम स्टोन शामिल हैं। कटनी से एमके ग्रेनाइट एंड मार्बल कंपनी और श्री राम मार्बल्स ने प्रतिनिधित्व किया जबकि इंदौर से द राईट एंगल्स ने प्रदर्शनी में हिस्सा लिया। इन सभी इकाइयों को मध्यप्रदेश शासन के एमएसएमई विभाग द्वारा विभागीय सहयोग प्रदान किया गया। चयनित उद्यमों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गईं ताकि वे अपने उत्पादों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकें।

    इकाइयों का चयन मुख्यालय स्तर पर एमएसएमई विभाग के माध्यम से किया गया। चयन के लिए उत्पादों की गुणवत्ता नवाचार क्षमता बाजार संभावनाएं और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना में शामिल होना प्रमुख आधार रहे। स्टोन इंडस्ट्रीज के उत्पादों की विविधता और उनकी वैश्विक मांग को ध्यान में रखते हुए इन इकाइयों को मंच प्रदान किया गया।

    प्रदर्शनी के दौरान उद्यमियों ने ग्रेनाइट मार्बल और अन्य प्राकृतिक पत्थरों से बने उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन किया। देश विदेश से आए व्यापारिक प्रतिनिधियों और क्रेताओं के साथ सार्थक व्यावसायिक संवाद स्थापित किए गए। इस सहभागिता से मध्यप्रदेश की विशाल स्टोन धरोहर और उत्पादन क्षमता का परिचय व्यापक स्तर पर हुआ। कई आगंतुकों ने प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन की सराहना की।

    यह पहल केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही बल्कि स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। इससे निर्यात संभावनाओं के विस्तार के साथ साथ नए व्यापारिक समझौतों की राह भी खुली है। साथ ही महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और छोटे उद्योगों को सशक्त बनाने की दिशा में भी यह प्रयास अहम माना जा रहा है।

    माना जा रहा है कि एमएसएमई विभाग की यह पहल प्रदेश में उद्यमिता को नई गति देगी। स्टोन उद्योग मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंच पर भागीदारी से रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। जयपुर में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट में प्रदेश की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मध्यप्रदेश का स्टोन उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है और आने वाले समय में निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

  • खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी

    खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में भाजपा नेता और पूर्व पार्षद जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मृत्यु के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मृत्यु से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में उन्होंने कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये पर कर्ज वसूली और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो बयान लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।

    मृत्यु से पहले बनाए गए वीडियो को जांच का अहम आधार माना जा रहा है। वीडियो में चौधरी ने कहा कि वे लंबे समय से भारी आर्थिक दबाव में थे और लगातार मानसिक उत्पीड़न झेल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग पचास लाख रुपये के लेनदेन को लेकर वे पिछले पांच वर्षों से ब्याज चुका रहे थे इसके बावजूद उन पर दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार यह मानसिक तनाव इतना बढ़ गया था कि वे पूरी तरह टूट चुके थे।

    चौधरी ने वीडियो में यह भी कहा कि कर्ज और सामाजिक दबाव के कारण उनकी बेटी का रिश्ता टूट गया। उन्होंने बताया कि उन पर कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का कर्ज था लेकिन अन्य लेनदारों ने इस तरह का दबाव नहीं बनाया। उनका आरोप था कि भुगतान को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ा।

    जानकारी के अनुसार आनंद नगर स्थित लव कुश नगर सेक्टर तीन निवासी चौधरी मंगलवार सुबह करीब दस बजे घर से निकले और कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये के घर पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्होंने सल्फास की गोलियां खा लीं। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले आनंद नगर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब चार घंटे तक चले इलाज के बाद उनकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सकरगाये वहां से चले गए।

    सूत्रों के अनुसार चौधरी लंबे समय से आर्थिक और पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। बताया जाता है कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी बहन के घर भोजन कर रहे थे और कर्ज के बोझ के चलते पारिवारिक संबंधों में भी दूरी आ गई थी। उनके बेटे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है जबकि बेटी उच्च शिक्षित है। हर महीने पांच से दस तारीख के बीच ब्याज चुकाने का दबाव रहता था और दस फरवरी को भुगतान की अंतिम तिथि बताई जा रही थी। मित्रों से आर्थिक मदद की कोशिश की गई लेकिन सहायता नहीं मिल सकी। आरोप है कि भुगतान न करने की स्थिति में मकान बिकवाने की चेतावनी दी जा रही थी।

    घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग पहुंच गए और शोक व्यक्त किया। हालांकि परिवार के कुछ सदस्य मौके पर मौजूद नहीं थे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुनी अनामिका बैगा की 'रोती' गुहार, डॉक्टर बनने का सपना हुआ पूरा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुनी अनामिका बैगा की 'रोती' गुहार, डॉक्टर बनने का सपना हुआ पूरा


    भोपाल । मध्य प्रदेश के सीधी जिले की अनामिका बैगा, जो गरीब बैगा आदिवासी परिवार से आती हैं, ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अपने डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने के लिए मदद की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे NEET की तैयारी, कोचिंग और छात्रावास के लिए सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

    मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक बहादुर बेटी ने अपने सपनों को सच करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मदद की गुहार लगाई। सीधी जिले की अनामिका बैगा, जो बैगा आदिवासी समुदाय से हैं, का सपना है कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उनकी पढ़ाई में रुकावट आ रही थी। वह कई बार विधायक, सांसद और कलेक्टर से मदद की उम्मीद कर चुकी थीं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अंत में, मुख्यमंत्री से मिली उम्मीद ने उनके जीवन को नया मोड़ दिया।

    सीधी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री से मिलने पर अनामिका ने अपने दिल की बात रोते हुए साझा की। उन्होंने कहा, मैं बैगा आदिवासी हूं, मुझे डॉक्टर बनना है, लेकिन मेरे पापा के पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं NEET की तैयारी और कोचिंग ले सकूं। अनामिका की यह गुहार सीधा मुख्यमंत्री तक पहुंची, और उन्होंने तुरंत कार्रवाई करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें अनामिका के बारे में जानकारी मिली है, और उन्होंने उसे पूरी मदद देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा अनामिका NEET की तैयारी कर रही हैं और उन्हें कोचिंग और छात्रावास की आवश्यकता है। इसके लिए उचित व्यवस्था की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने पर राज्य सरकार हर संभव सहायता करेगी। मुझे पूरा विश्वास है कि वह एक दिन एक विख्यात चिकित्सक बनकर मध्य प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील कदम से न केवल अनामिका का भविष्य उज्जवल हो रहा है बल्कि यह भी संदेश जा रहा है कि मध्य प्रदेश में कोई भी सपना आर्थिक तंगी के कारण अधूरा नहीं रहेगा।

    यह पहल आदिवासी समुदाय की एक युवा लड़की के लिए उम्मीद की किरण साबित हुई है। अनामिका के लिए यह अवसर न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को बदलने वाला होगा, बल्कि यह राज्य सरकार की नीतियों का भी एक सशक्त उदाहरण है, जो निर्धनता और सामाजिक स्थिति के बावजूद किसी भी युवा को उनका सपना पूरा करने का अवसर प्रदान करती है। मुख्यमंत्री के इस कदम से यह स्पष्ट हो जाता है कि राज्य सरकार अपनी योजनाओं के तहत हर उस व्यक्ति तक मदद पहुंचाने का प्रयास कर रही है, जो अपनी मेहनत और संघर्ष से कुछ बड़ा करना चाहता है।अब, अनामिका बैगा के पास डॉक्टर बनने की राह पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है, और मध्य प्रदेश के आदिवासी समुदाय के लिए यह एक प्रेरणास्त्रोत बन गया है।

  • आज भोपाल में इन इलाकों में रहेगी बिजली कटौती साथ ही जानें शहर में क्या-क्या खास है

    आज भोपाल में इन इलाकों में रहेगी बिजली कटौती साथ ही जानें शहर में क्या-क्या खास है


    भोपाल । आज भोपाल शहर के कई इलाकों में बिजली कटौती की जाएगी। बिजली के कनेक्शन में आने वाले बदलावों से कुछ इलाकों में आज सुबह से लेकर दोपहर तक बिजली नहीं रहेगी। प्रभावित इलाकों में यह कटौती होगी ।

    सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक

    अब्बास नगर नई बस्ती सेक्टर-5 महावीर बस्ती और आसपास के क्षेत्र
    सुबह 10 से शाम 4 बजे तक ,
    प्रगति परिसर MLA रेस्ट हाउस खजूरी गुर्जर अपार्टमेंट साईं स्पर्श-2 पलक विहार 11 मील और आसपास
    सुबह 11 से दोपहर 230
    बजे तक दानिशकुंज-1 व 2 फाइन कैंपस हरे-कृष्ण होम्स और आसपास
    दोपहर 12 से 2 बजे तक
    लेबर कॉलोनी अंजता कॉम्प्लेक्स अप्सरा कॉम्प्लेक्स रविदास नगर शांति नगर भारत नगर कर्मवीर नगर भवानी नगर सहित आसपास के इलाके
    नए साल से ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव भोपाल रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर बैरागढ़ से चलने वाली 26 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। अब रिजर्वेशन चार्ट 10 घंटे पहले जारी होगा।
    प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं ।
    22145 भोपाल–रीवा एक्सप्रेस रात 1105 की बजाय 1100 बजे
    19324 भोपाल–डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस शाम 500 की बजाय 510 बजे
    14814 भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस शाम 455 की बजाय 440 बजे
    12185 रानी कमलापति–रीवा एक्सप्रेस रात 1000 की बजाय 955 बजे
    22172 रानी कमलापति–पुणे एक्सप्रेस दोपहर 350 की बजाय 340 बजे
    01665 रानी कमलापति–अगरतला स्पेशल दोपहर 340 की बजाय 320 बजे

    आज के खास आयोजनों की जानकारी

    धोती-कुर्ता में क्रिकेट संस्कृत में कमेंट्री, स्थान अंकुर खेल मैदान शिवाजी नगर वेदिक ब्राह्मणों का अनोखा क्रिकेट टूर्नामेंट जिसमें खिलाड़ी धोती-कुर्ता पहनकर खेलेंगे और संस्कृत में कमेंट्री की जाएगी। आयोजन महर्षि मैत्री मैच श्रृंखला-6 5 से 9 जनवरी

    शलाका आर्ट एग्जीबिशन

    स्थान जनजातीय संग्रहालय श्यामला हिल्स समय दोपहर 12 बजे से गोंड जनजाति की पारंपरिक शलाका चित्रकला की झलक प्रवेश निःशुल्क गायों के साथ वेलनेस तनाव और चिंता दूर करने वाला टूर स्थान वृंदावन आश्रम गौशाला कोलुआ कलां रोड सुबह का गाइडेड टूर शुल्क ₹249 आलोक नामा , सपनों का सफर स्थान ,रवींद्र भवन राजभवन रोड कविता और भावनाओं से सजी साहित्यिक शाम टिकट ₹249 खिलाओ और खेलो ,बच्चों के लिए फार्म फन डे स्थान, वृंदावन आश्रम गौशाला बच्चों के लिए फीडिंग गेम्स और ग्रामीण अनुभव शुल्क ₹249

    भर्ती की जानकारी

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका के 4767 पद आवेदन MP Online के जरिए

    अंतिम तिथि 10 जनवरी

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  • मध्यप्रदेश में घने कोहरे और शीतलहर का असर ट्रेनें 14 घंटे लेट 24 जिलों में स्कूल बंद

    मध्यप्रदेश में घने कोहरे और शीतलहर का असर ट्रेनें 14 घंटे लेट 24 जिलों में स्कूल बंद


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रभाव देखने को मिल रहा है जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार सुबह राज्य के कई हिस्सों में विजिबिलिटी सिर्फ 20 मीटर तक सिमट गई जिससे यातायात और रेल यात्रा पर बुरा असर पड़ा। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है।

    भोपाल ग्वालियर इंदौर जबलपुर उज्जैन और शहडोल सहित 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहा। इस वजह से सड़क पर वाहन रेंगते नजर आए और तापमान भी काफी नीचे गिर गया। शहडोल में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दतिया में 4.4 डिग्री और राजगढ़-खजुराहो में 5.4 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल का तापमान 6.8 डिग्री ग्वालियर का 6.4 डिग्री और इंदौर का 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

    इस घने कोहरे का सबसे बड़ा असर रेल यातायात पर पड़ा है। उत्तर भारत से आने वाली कई ट्रेनें 10 से 14 घंटे तक लेट रही हैं। श्रीधाम एक्सप्रेस इटारसी 13.5 घंटे की देरी से पहुंची जबकि अगरतला-रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन लगभग 14 घंटे लेट रही। कई अन्य ट्रेनें जैसे मालवा सचखंड कर्नाटक और तमिलनाडु एक्सप्रेस भी 2 से 5 घंटे तक विलंब से चलीं। इस वजह से स्टेशन पर यात्रियों को ठंड में लंबा इंतजार करना पड़ा।

    बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंदौर उज्जैन ग्वालियर जबलपुर रतलाम नीमच मंदसौर शाजापुर सहित 24 जिलों में नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं भोपाल धार सीहोर बड़वानी मुरैना खरगोन और अनूपपुर में स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है और अब स्कूल सुबह 930 या 10 बजे के बाद शुरू होंगे।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाएं और नमी के कारण कोहरा और बढ़ा है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से जनवरी में ठंड का यह दौर और तेज हुआ है। नवंबर और दिसंबर में रिकॉर्ड ठंड के बाद जनवरी में भी राहत की उम्मीद कम है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें अनावश्यक यात्रा से बचें और विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर स्कूलों के बारे में और निर्णय लिया जा सकता है।