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  • तेज रफ्तार का कहर नर्मदापुरम हाईवे पर खड़े ट्रक से भिड़ी कार दो की दर्दनाक मौत

    तेज रफ्तार का कहर नर्मदापुरम हाईवे पर खड़े ट्रक से भिड़ी कार दो की दर्दनाक मौत


    नर्मदापुरम । मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में नेशनल हाईवे 46 पर शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया सुबह करीब चार बजे हुई इस भीषण दुर्घटना में तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से पीछे से जा टकराई टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया

    प्राप्त जानकारी के अनुसार कार नागपुर के हिंगनघाट क्षेत्र से शाजापुर जिले के बेरछा गांव की ओर जा रही थी वाहन में तीन लोग सवार थे जो अपने परिचित के घर जा रहे थे लेकिन रास्ते में नर्मदापुरम के निटाया क्षेत्र के पास यह हादसा हो गया बताया जा रहा है कि कार तेज रफ्तार में थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका जिसके चलते कार सीधे सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गई

    हादसा इतना भीषण था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला मौके पर ही विशाल बाड़कुरे निवासी हिंगनघाट नागपुर और ज्ञान सिंह मासोध निवासी बैतूल की मौत हो गई दोनों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में कोहराम मच गया वहीं तीसरा युवक रूपेश गहलोत गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया

    घटना की सूचना मिलते ही इटारसी से 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची आपातकालीन सेवा के कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया ईएमटी विसराम अहिरवार ने घायल रूपेश को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया जिससे उसकी स्थिति कुछ हद तक स्थिर हो सकी इसके बाद एम्बुलेंस पायलट प्रशांत ने तेजी दिखाते हुए उसे सरकारी अस्पताल नर्मदापुरम पहुंचाया जहां उसका इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं

    हादसे के बाद पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है

    यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार के खतरों की ओर इशारा करता है खासकर हाईवे पर जहां थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है सड़क किनारे खड़े वाहनों से टकराव के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं लेकिन इसके बावजूद सावधानी बरतने में अक्सर चूक हो जाती है

    नर्मदापुरम का यह हादसा न केवल एक दुखद घटना है बल्कि यह एक गंभीर चेतावनी भी है कि यात्रा के दौरान सतर्कता और गति नियंत्रण कितना जरूरी है जरा सी जल्दबाजी कई जिंदगियों को हमेशा के लिए बदल सकती है

  • जमीन को लेकर खूनी संघर्ष: हरदा में वृद्ध की हत्या, परिजनों में हिंसक झड़प और छह घायल

    जमीन को लेकर खूनी संघर्ष: हरदा में वृद्ध की हत्या, परिजनों में हिंसक झड़प और छह घायल


    हरदा । हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र के दीपगांव कला में बुधवार सुबह एक पुराना जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। जानकारी के अनुसार यह झगड़ा मामा-बुआ के परिवारों के बीच लंबे समय से चला आ रहा था, जो अचानक उग्र रूप ले लिया।

    इस घटना में 65 वर्षीय अमरसिंह कलम की मौके पर ही मौत हो गई। संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों ने लाठी-डंडों और पत्थरों का इस्तेमाल किया। इस झड़प में मृतक के भाई सूरत सिंह सहित रामभरोस, आनंद सिंह, हरिसिंह, सतीश राजपूत और दूसरे पक्ष के नारायण राजपूत भी घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। घायल लोगों को सिराली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से तीन गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल हरदा रेफर किया गया।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया है कि जमीनी विवाद इस खूनी झड़प का मुख्य कारण था। स्थानीय लोग और परिवार वाले अब भी इस घटना को लेकर तनाव में हैं और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

  • श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घाट निर्माण कार्यों की समीक्षा कर दिए अहम निर्देश

    श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घाट निर्माण कार्यों की समीक्षा कर दिए अहम निर्देश


    भोपाल । मध्यप्रदेश में आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों को लेकर सरकार ने अब जमीनी स्तर पर काम तेज कर दिया है इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन पहुंचकर क्षिप्रा नदी पर निर्माणाधीन घाटों का निरीक्षण किया और स्पष्ट रूप से कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी उनका यह दौरा न केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए था बल्कि अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का संदेश भी था

    मुख्यमंत्री ने श्री अंगारेश्वर और श्री सिद्धवट के मध्य बन रहे नए घाटों का अवलोकन करते हुए वहां की व्यवस्थाओं को विस्तार से परखा उन्होंने निर्देश दिए कि घाटों के लगभग 200 मीटर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए वस्त्र बदलने की समुचित व्यवस्था की जाए साथ ही सुविधाजनक स्थानों पर स्वच्छ और पर्याप्त संख्या में टॉयलेट भी बनाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े

    इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रमुख घाटों पर हर 200 मीटर की दूरी पर सुविधा घर विकसित करने के निर्देश दिए जिससे स्नान करने आए श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें उन्होंने यह भी कहा कि घाटों तक पहुंचने के रास्ते सुगम और सुरक्षित होने चाहिए इसके लिए लगभग 500 मीटर की दूरी पर सीढ़ियों या अन्य पहुंच मार्गों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए ताकि श्रद्धालु आसानी से मुख्य घाटों तक पहुंच सकें

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री सिद्धवट और श्री अंगारेश्वर मंदिर के बीच निर्माणाधीन पुल का भी जायजा लिया अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि इस पुल के बन जाने से दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा और श्रद्धालुओं को एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा इससे भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी और आवागमन व्यवस्थित रहेगा

    घाटों के निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्नान के लिए लगभग 5 मीटर चौड़े घाट तैयार किए जाएं जिससे श्रद्धालुओं के आने जाने के साथ बैठने की भी पर्याप्त सुविधा मिल सके उन्होंने घाटों पर बैठने की व्यवस्था छायादार स्थान और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के भी निर्देश दिए

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का यह निरीक्षण यह दर्शाता है कि सरकार सिंहस्थ 2028 को लेकर पूरी तरह गंभीर है और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं यह पहल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने वाली साबित होगी

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल से वित्त आयोग अध्यक्ष पवैया की मुलाकात प्रदेश विकास में सक्रिय भूमिका पर जोर

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल से वित्त आयोग अध्यक्ष पवैया की मुलाकात प्रदेश विकास में सक्रिय भूमिका पर जोर


    भोपाल । भोपाल स्थित राजभवन में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण औपचारिक मुलाकात देखने को मिली जब राज्यपाल मंगुभाई पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने सौजन्य भेंट की इस दौरान आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने राज्य वित्त आयोग का कार्यभार ग्रहण करने की जानकारी राज्यपाल को दी और आगामी कार्ययोजना को लेकर चर्चा की

    ज्ञात हो कि 23 मार्च 2026 को जयभान सिंह पवैया ने आयोग के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था उनके साथ आयोग के सदस्य के के सिंह और सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार ने भी अपने अपने दायित्व ग्रहण किए हैं इस नई जिम्मेदारी के साथ आयोग अब राज्य के वित्तीय ढांचे को मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में कार्य करेगा

    मुलाकात के दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने वित्त आयोग की भूमिका कार्यप्रणाली और विभिन्न गतिविधियों को लेकर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया उन्होंने कहा कि राज्य वित्त आयोग प्रदेश के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण कड़ी है और इसे अपने उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करते हुए वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए

    राज्यपाल ने यह भी अपेक्षा जताई कि आयोग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ करेगा जिससे प्रदेश के विकास को नई दिशा मिल सके उन्होंने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सौंपे गए दायित्वों का निष्ठा के साथ पालन करना ही राज्य और देश की सच्ची सेवा है

    इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि आयोग को दिए गए सभी दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ किया जाएगा उन्होंने कहा कि आयोग राज्य के विकास में अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए पूरी तरह तत्पर है और वित्तीय व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य करेगा

    यह मुलाकात केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श का एक सशक्त मंच भी रही जिसमें भविष्य की योजनाओं और प्राथमिकताओं को लेकर सकारात्मक संकेत मिले अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य वित्त आयोग अपने कार्यों के माध्यम से प्रदेश के आर्थिक और विकासात्मक लक्ष्यों को किस प्रकार गति प्रदान करता है

  • मुरैना में अवैध रेत खनन पर बड़ा एक्शन रास्ता बंद कर माफिया पर कसा शिकंजा

    मुरैना में अवैध रेत खनन पर बड़ा एक्शन रास्ता बंद कर माफिया पर कसा शिकंजा


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में अवैध रेत खनन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है टेंटरा थाना क्षेत्र स्थित चंबल नदी के रायडी घाट पर लंबे समय से चल रहे अवैध खनन और परिवहन के मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया इस वीडियो में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियों के माध्यम से खुलेआम रेत का खनन और परिवहन होता हुआ दिखाई दिया

    स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बनाए गए इस वीडियो को न केवल सोशल मीडिया पर साझा किया गया बल्कि संबंधित अधिकारियों तक भी पहुंचाया गया जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू की गई जानकारी के अनुसार प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर अवैध खनन के रास्तों को अवरुद्ध कर दिया ताकि रेत माफिया की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके

    बताया जा रहा है कि रायडी घाट क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत खनन का कारोबार फल फूल रहा था और इसमें बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियां लगी हुई थीं रात के समय विशेष रूप से यह गतिविधियां तेज हो जाती थीं जिससे न केवल राजस्व को नुकसान हो रहा था बल्कि पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ रहा था चंबल नदी का पारिस्थितिक संतुलन लगातार प्रभावित हो रहा था और नदी तटों का क्षरण भी तेजी से बढ़ रहा था

    प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत खनन में उपयोग किए जा रहे रास्तों को बंद कर दिया गया है जिससे अवैध परिवहन को रोका जा सके साथ ही संबंधित विभागों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार निगरानी रखें और इस तरह की गतिविधियों पर सख्त नजर बनाए रखें अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और रेत माफिया के बीच भय का माहौल देखने को मिल रहा है वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है उनका कहना है कि लंबे समय से इस अवैध गतिविधि के खिलाफ शिकायतें की जा रही थीं लेकिन अब जाकर ठोस कार्रवाई हुई है

    यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि जब जनभागीदारी और प्रशासनिक इच्छाशक्ति एक साथ आती है तो अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस कार्रवाई को कितनी निरंतरता के साथ आगे बढ़ाता है और भविष्य में ऐसे मामलों को पूरी तरह समाप्त करने में कितना सफल होता है

  • सीहोर में विकास को नई रफ्तार नवीन विद्युत उपकेंद्र से सुधरेगी बिजली व्यवस्था

    सीहोर में विकास को नई रफ्तार नवीन विद्युत उपकेंद्र से सुधरेगी बिजली व्यवस्था


    सीहोर । मध्यप्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय के मंडी क्षेत्र में आज बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया जब प्रदेश शासन की मंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने नवीन विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण किया इस अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से नजर आई

    इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक सुदेश राय नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर और भाजपा मंडल अध्यक्ष सुशील ताम्रकार सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे सभी ने इस उपकेंद्र के निर्माण को क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया और उम्मीद जताई कि इससे मंडी क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में बिजली से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा

    मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इस विद्युत उपकेंद्र का निर्माण लगभग दो करोड़ 79 लाख रुपये की लागत से किया गया है लंबे समय से मंडी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं खासतौर पर वोल्टेज की समस्या और बार बार बिजली कटौती से आम नागरिकों के साथ साथ व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था ऐसे में इस नए उपकेंद्र के शुरू होने से बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और सुचारू होने की उम्मीद है

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाए और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं उन्होंने कहा कि यह उपकेंद्र न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि भविष्य में बढ़ती बिजली मांग को भी ध्यान में रखकर तैयार किया गया है

    स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक अहम कदम बताया उनका कहना है कि अब उन्हें बार बार बिजली कटौती और लो वोल्टेज जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी जिससे घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह की गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी

    यह लोकार्पण कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास की एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है जहां सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर आकार लेती नजर आ रही हैं आने वाले समय में इस तरह की परियोजनाएं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी लागू होंगी जिससे समग्र विकास को गति मिलेगी

  • फोटो खींचने के विवाद में हत्या का मामला दो आरोपियों को उम्रकैद सहित जुर्माना

    फोटो खींचने के विवाद में हत्या का मामला दो आरोपियों को उम्रकैद सहित जुर्माना


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शादी समारोह के दौरान फोटो खींचने को लेकर हुए विवाद ने एक युवक की जान ले ली थी इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने दो आरोपियों को सजा सुनाई प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र थपलियाल की अदालत ने आरोपी विक्की यादव 22 वर्षीय निवासी ग्राम लावण्या और देवेंद्र यादव 27 वर्षीय निवासी ग्राम हाथीकुंड थाना शाहपुर को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 34 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा दी

    सजा के साथ-साथ अदालत ने प्रत्येक आरोपी को सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी दंडित किया इसके अलावा अदालत ने धारा 324 और 34 के तहत दोनों को दो वर्ष के सश्रम कारावास और तीन-तीन हजार रुपये के अतिरिक्त जुर्माने की सजा भी सुनाई इस तरह दोनों आरोपी अलग-अलग धाराओं के तहत कुल दंड भुगतेंगे

    यह घटना बैतूल जिले में शादी समारोह के दौरान हुई थी जब फोटो खींचने को लेकर विवाद बढ़ गया और युवकों के बीच झगड़ा इतनी गंभीर स्थिति तक पहुंच गया कि एक युवक की हत्या हो गई पूरे मामले की जांच और सबूतों के आधार पर अदालत ने स्पष्ट रूप से दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया

    अदालत की इस कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि कानून के सामने कोई भी अपराध बेशिफा नहीं रह सकता चाहे विवाद कितनी भी मामूली क्यों न लगे पुलिस और न्याय व्यवस्था की सतर्कता और तेज कार्रवाई ने मामले को निष्पक्ष ढंग से सुलझाने में मदद की है

  • रामलला के दर पर पहुंचे दिग्विजय सिंह: पहली बार अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन, बोले काफी अच्छा लगा

    रामलला के दर पर पहुंचे दिग्विजय सिंह: पहली बार अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन, बोले काफी अच्छा लगा


    भोपाल । मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या स्थित भगवान राम मंदिर में पहली बार श्रीरामलला के दर्शन किए अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के बाद यह उनका पहला दौरा था दर्शन के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर आकर काफी अच्छा लगा उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी जल्द स्वस्थ हों और हमारा नेतृत्व करते रहें

    पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1 लाख 11 हजार रुपए का चंदा दिया था और मंदिर के पूरा होने के बाद दर्शन करने की इच्छा जताई थी अब मंदिर पूरा हो गया है तो वे दर्शन करने आए हैं उनके इस कदम से कांग्रेस के भीतर और राज्य में सियासी हलचल भी बढ़ गई है

    दिग्विजय सिंह के रामलला दर्शन पर सियासत गरमाई पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि राम मंदिर बीजेपी की बपौती नहीं है राघोगढ़ में भी भगवान राम विराजमान हैं वहां उनके नाम की ज्योति जलती है राम मंदिर निर्माण के लिए दिग्विजय सिंह ने चेक से राशि दी थी और मंदिर पूरा होने पर दर्शन करने आए हैं भगराम राम सबके हैं

    वहीं बीजेपी प्रवक्ता डॉ हितेष बाजपेयी ने कहा कि दिग्विजय सिंह चतुर और उद्देश्य परख राजनीति करते हैं राज्यसभा की सीट पर चुनाव होने वाला है और इसी उद्देश्य को लेकर वे पहुंचे होंगे उन्होंने कहा कि वैसे कांग्रेस और राम मंदिर का दृष्टिकोण विरोधाभाषी रहा है

    इस तरह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का रामलला दर्शन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा का विषय बन गया है उनके कदम ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी समीकरणों को भी नई दिशा दी है

  • बृजेश्वरी कॉलोनी अग्निकांड का खुलासा शॉर्ट सर्किट बना मौत का कारण, जांच जारी

    बृजेश्वरी कॉलोनी अग्निकांड का खुलासा शॉर्ट सर्किट बना मौत का कारण, जांच जारी


    इंदौर । इंदौर के कनाड़िया रोड स्थित बृजेश्वरी एनएक्स कॉलोनी में 18 मार्च को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था उस समय एक ही परिवार के आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और इस घटना की वजह लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन अब पुलिस जांच में अहम सुराग सामने आए हैं और स्पष्ट हुआ है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ था

    जांच के दौरान पुलिस को बताया गया कि घर में खड़ी इलेक्ट्रिक कार को रोजाना की तरह रात में चार्ज पर लगाया गया था परिवार के सदस्यों सौरभ पुगलिया सौमिल पुगलिया और हर्षित पुगलिया ने पुलिस को बयान दिया कि भले ही सौरभ ने कार की चार्जिंग बंद कर दी थी लेकिन रात करीब 11 बजे हर्षित ने कार को फिर से चार्ज पर लगा दिया इसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट से आग भड़क उठी और देखते ही देखते पूरा घर अपनी चपेट में आ गया

    इस दर्दनाक हादसे में मनोज पुगलिया उनकी बहू सिमरन और अन्य परिवार के छह सदस्य समेत कुल आठ लोगों की जान चली गई जिसमें बच्चे भी शामिल थे इस घटना ने पूरे इलाके में मातम और शोक की लहर दौड़ा दी आग लगने के तुरंत बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया

    शुरुआती दौर में परिवार की ओर से आग लगने की वजह घर के पास स्थित इलेक्ट्रिक पोल बताई गई थी लेकिन अब जांच में स्पष्ट हो गया कि असली कारण घर के भीतर चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से आग भड़की थी इसके बाद जब परिवार के सदस्य जले हुए घर में सामान देखने पहुंचे तो उन्हें कुछ अवशेष मिले जिन्हें पुलिस की मौजूदगी में परिवार ने दफना दिया

    एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग से जुड़े नियमों और सुरक्षा उपायों की सख्ती से निगरानी की जाएगी ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके

    इस घटना ने इलेक्ट्रिक वाहनों और घरों में चार्जिंग की सुरक्षा के मुद्दे पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि छोटे से लापरवाही का कितना भयावह परिणाम हो सकता है इंदौर अग्निकांड ने सभी को आग और इलेक्ट्रिक सुरक्षा के प्रति सचेत किया है और प्रशासन की जांच आगे इसे रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है

  • अस्पताल के चक्कर से मिलेगी राहत मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला जन्म प्रमाण पत्र अब सीधे वॉट्सएप पर

    अस्पताल के चक्कर से मिलेगी राहत मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला जन्म प्रमाण पत्र अब सीधे वॉट्सएप पर


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश सरकार अब आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा और आधुनिक कदम उठाने जा रही है जिसके तहत जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल स्वरूप दिया जाएगा इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद लोगों को अस्पतालों में लंबी लाइनों में खड़े रहने या बार बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी बल्कि अब महज सात दिनों के भीतर जन्म प्रमाण पत्र सीधे वॉट्सएप के माध्यम से घर बैठे प्राप्त किया जा सकेगा

    यह नई पहल फिलहाल भोपाल के हमीदिया अस्पताल में प्रयोग के तौर पर शुरू की गई थी जहां इसे लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली जिसके बाद सरकार ने इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया है इस मॉडल के तहत जन्म के तुरंत बाद अस्पताल द्वारा आवश्यक जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होते ही प्रमाण पत्र सीधे परिजनों के मोबाइल पर भेज दिया जाएगा

    नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हो जाएगी अब तक जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परिजनों को कई बार अस्पताल जाना पड़ता था आवेदन की स्थिति जानने के लिए अलग से प्रयास करने पड़ते थे और कई बार अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ता था लेकिन इस डिजिटल मॉडल के लागू होने के बाद यह सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी और पूरी प्रक्रिया सरल और सुगम बन जाएगी

    सरकार का मानना है कि इस पहल से विशेष रूप से नवजात शिशुओं के माता पिता को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि बच्चे के जन्म के बाद कई अन्य जिम्मेदारियों के बीच दस्तावेजी प्रक्रिया एक बड़ी चुनौती बन जाती थी अब यह काम बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के स्वतः पूरा हो जाएगा और प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध हो जाएगा

    इसके साथ ही यह पहल डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी क्योंकि इससे सरकारी सेवाओं को तकनीक के माध्यम से सीधे नागरिकों तक पहुंचाने का उद्देश्य साकार होगा नई व्यवस्था लागू होने के बाद न केवल सरकारी बल्कि निजी अस्पतालों में भी जन्म पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और प्रभावी हो जाएगी

    यह कदम प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के साथ साथ नागरिकों के समय और संसाधनों की भी बचत करेगा साथ ही भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगेगा कुल मिलाकर मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल शासन व्यवस्था को आधुनिक और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है अब देखना यह होगा कि इसे पूरे प्रदेश में कितनी तेजी और प्रभावशीलता के साथ लागू किया जाता है और आम लोगों को इसका कितना लाभ मिल पाता है