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  • बरगी क्रूज़ हादसे के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उच्च स्तरीय समिति करेगी जांच: मोहन यादव

    बरगी क्रूज़ हादसे के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उच्च स्तरीय समिति करेगी जांच: मोहन यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर जिले के बरगी में हुए क्रूज़ दुर्घटना पर गहन शोक व्यक्त कर इसे दुर्भाग्यपूर्ण और अत्यंत पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रत्येक पीड़ित परिवार के साथ है। दुर्घटना के दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जायेगा। पीड़ित परिवारों की सरकार हरसंभव सहायता करने के लिये प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना में लापरवाही करने वाले दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेन्द्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। होटल मैकल रिसार्ट और मैनेजर बोट क्लब बरगी सुनील मरावी को लापरवाही के लिये निलंबित कर दिया गया है। साथ ही रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्र को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच संस्थित कर दी गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को जबलपुर के बरगी में घटनास्थल का मौका मुआयना करने और पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद स्थानीय मीडिया को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने व्यथित मन से कहा कि जिन परिजनों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। कठिन समय में पीड़ितों के परिजन खुद को कतई अकेला न समझें। सरकार की ओर से सहायता राशि दी जा रही है। शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि दु:ख की इस घड़ी उनके साथ हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना के हर पहलू की गहनता से जांच के लिये उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जा रही है। समिति में महानिदेशक होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, सचिव मध्य प्रदेश शासन, आयुक्त जबलपुर संभाग शामिल किए गए हैं। यह समिति तीन बिंदुओं पर दुर्घटना की बारीकी से जांच करेगी, जिसमें दुर्घटना के कारण, क्रूज संचालन के नियम सहित अन्य जरूरी जानकारियां भी जुटाई जाएंगी। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, जिससे कि भविष्य में इस तरह की दु:खद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पर्यटन विभाग के माध्यम से क्रूज संचालन से जुड़ी एसओपी तैयार की जाएगी।

    बचाव दल के सभी बहादुरों को सम्मानित करेगी राज्य सरकार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत और बचाव कार्य में जुटे श्रमिकों को प्रोत्साहन स्वरूप 51-51 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बचाव दल के सभी बहादुरों को राज्य सरकार सार्वजनिक रूप से सम्मानित करेगी। रेस्क्यू टीम की जीवटता और कर्मठता से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जीवित बचाया जा सका है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। क्रूज बोट को खींचकर किनारे पर लाया गया है। कुछ लोग अभी लापता हैं, जिनकी हरसंभव तरीकों से तेजी से तलाश की जा रही है। जल्द ही सभी को रेस्क्यू कर लिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रूज हादसे में पीड़ित परिवारों के निवास पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना के बारे में बताया कि जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार की शाम हुए दु:खद हादसे में 9 लोगों की असमय मृत्यु हो गई। रेस्क्यू टीम ने तत्परता से कार्रवाई कर 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। उन्होंने कहा कि हादसे से पूरा प्रदेश स्तब्ध है। क्रूज हादसे के दौरान डैम के पास जल जीवन मिशन का कार्य चल रहा था, जिससे तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू हो पाया। सूचना मिलते ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी और जबलपुर सांसद आशीष दुबे तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए थे। साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तत्परता से यहां राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। उप-मुख्यमंत्री और जबलपुर जिले के प्रभारी जगदीश देवड़ा भी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना के गोताखोरों की भी मदद ली गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि क्रूज़ में 4 से 5 घंटे तक पानी में फंसे रहे पीड़ित रियाज को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। पीड़ित रियाज को शायद उम्मीद भी नहीं थी कि वे जिंदा रह पाएंगे, लेकिन रेस्क्यू टीम के अथक परिश्रम से आज वे हमारे साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने पीड़ित रियाज सहित अन्य पीड़ितों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुश्किल दौर में राज्य सरकार सभी परिवारों के साथ है। हमारी संवेदनाएं सभी के साथ हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्रूज दुर्घटना में जान गंवाने वालों के निकटतम परिजन को दो-दो लाख रुपये और राज्य सरकार ने चार-चार लाख रुपये आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी को मौसम विभाग द्वारा समय-समय दी जाने वाली सूचनाओं और चेतावनियों को पूरी गंभीरता के साथ अमल में लाना चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनियां हमें सचेत करती हैं और ऐसी दुर्घटनाओं से बचाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रूज़ हादसे में दिन-रात काम करने वाले बचाव दल के सभी जवानों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्थानीयजनों और मीडिया बंधुओं के सहयोग की प्रशंसा की।

    गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। शुक्रवार शाम तक चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान नौ लोगं के शव बरामद किए गए हैं, जबकि 28 लोगों को बचा लिया गया है। तीन बच्चों सहित चार लोग लापता हैं, जिनका खबर लिखे जाने तक पता नहीं चल सका। रेस्क्यू के दौरान वहां तेज बारिश भी होने लगी। इसके बाद सर्चिंग रोक दी गई है। शनिवार सुबह 5 बजे से एक बार फिर सर्चिंग की जाएगी।

    बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में 45 से अधिक पर्यटक मौजूद थे। टिकट सिर्फ 29 लोगों की कटी थी। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ, जिस समय क्रूज डूबा, उस वक्त हवा की रफ्तार 74 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के मुताबिक, एसडीआरएफ ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ। हादसे में मरीना मैसी और उनके चार साल के बेटे त्रिशान की भी मौत हो गई। बचाव दल को शुक्रवार को दोनों के शव मिले। मां ने अपनी ही लाइफ जैकेट के भीतर अपने कलेजे के टुकड़े को समेट लिया था। उसने बच्चे को अपने सीने से इतनी मजबूती से चिपकाया था कि काल का क्रूर झोंका भी उन्हें अलग नहीं कर सका। रेस्क्यू टीम ने जब उन्हें बाहर निकाला, तो दोनों के शव एक-दूसरे को बाहों में जकड़े हुए थे। यह परिवार दिल्ली से घूमने आया था। पिता प्रदीप मैसी और बेटी सिया किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।

    बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के अनुसार, हादसे में जिन नौ लोगों के शव मिले हैं, उनके एक बच्चा और आठ महिलाएं शामिल हैं। मृतकों की पहचान नीतू सोनी (43), निवासी कोतवाली, जबलपुर, सौभाग्यम अलागन (42), निवासी अन्नानगर, वेस्ट तारापुरम, तमिलनाडु, मधुर मैसी (62), निवासी खाजन बस्ती, नई दिल्ली, काकुलाझी (38) पत्नी कामराज, निवासी वेस्ट लैंड खमरिया, जबलपुर, रेशमा सैयद (66), निवासी सिविल लाइन, भसीन आर्केड, जैक्सन होटल के पास, शमीम नकवी (68), निवासी डेरखी, भोपाल, मरीना मैसी (39) पत्नी प्रदीप मैसी निवासी दिल्ली, त्रिशान (4 वर्ष) पुत्र प्रदीप मैसी निवासी दिल्ली और ज्योति सेन, निवासी फूटाताल,घमापुर के आगे, जबलपुर के रूप में हुई है।

    वहीं, तीन बच्चे समेत 4 लोग अब भी लापता हैं, इनमें श्रीतमिल (5 वर्ष) पुत्र कामराज, कामराज पुत्र श्रीरामालिंगम, विराज सोनी (6 वर्ष) पुत्र कृष्णा सोनी और मयूरम (9 वर्ष) पुत्र परिमल शामिल हैं।

  • हर जरूरतमंद तक सम्मान के साथ मदद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 33 लाख हितग्राहियों को 200 करोड़ से ज्यादा पेंशन ट्रांसफर की

    हर जरूरतमंद तक सम्मान के साथ मदद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 33 लाख हितग्राहियों को 200 करोड़ से ज्यादा पेंशन ट्रांसफर की


    भोपाल । मध्यप्रदेश में सामाजिक सुरक्षा को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह स्पष्ट किया कि सरकार की पेंशन योजनाएं केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि भरोसे और संवेदनशीलता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना ही सरकार का मूल उद्देश्य है और इसी सोच के साथ राज्य में विभिन्न पेंशन योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

    बुधवार को मंत्रालय से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समग्र पेंशन योजना के तहत 33 लाख 45 हजार से अधिक हितग्राहियों के बैंक खातों में 200 करोड़ 71 लाख रुपए की पेंशन राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। यह राशि मार्च के लिए अप्रैल माह में भुगतान के रूप में दी गई है। इस पहल ने यह संदेश दिया कि सरकार तकनीक और पारदर्शिता के जरिए जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार निर्धन निराश्रित वृद्धजनों कल्याणी परित्यक्ता अविवाहित महिलाओं और दिव्यांगजनों के जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उनके अनुसार यह पेंशन केवल आर्थिक सहयोग नहीं बल्कि आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने की प्रेरणा भी देती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही हैं।

    कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़े हितग्राहियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि सहायता समय पर सम्मान के साथ और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे ताकि कोई भी नागरिक खुद को असहाय महसूस न करे।

    सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत सबसे अधिक 32 लाख 5 हजार से ज्यादा हितग्राहियों को लाभ मिला है। इसके अलावा मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना के तहत 62 हजार से अधिक और मानसिक रूप से अविकसित तथा बहु दिव्यांग सहायता योजना के तहत 77 हजार से अधिक हितग्राहियों को भी इस राशि का लाभ दिया गया है। सभी को प्रतिमाह 600 रुपए की दर से पेंशन प्रदान की जा रही है जिससे उनके दैनिक जीवन में आर्थिक सहारा मिलता है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए 2 हजार 857 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। यह दर्शाता है कि सरकार इस क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है और आने वाले समय में और अधिक लोगों को इसका लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे जबकि प्रदेशभर के कलेक्टर और कमिश्नर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

    इस पहल के जरिए सरकार ने एक बार फिर यह साबित किया है कि सामाजिक सुरक्षा केवल योजनाओं तक सीमित नहीं बल्कि यह एक संवेदनशील और जवाबदेह शासन की पहचान है जो हर जरूरतमंद के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रहा है।

  • शौर्य और बलिदान की मिसाल सीआरपीएफ, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वीर जवानों को किया नमन

    शौर्य और बलिदान की मिसाल सीआरपीएफ, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वीर जवानों को किया नमन

    भोपाल । भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के शौर्य दिवस के अवसर पर देश के वीर जवानों को शुभकामनाएं दी हैं। इस मौके पर उन्होंने सीआरपीएफ के शौर्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि यह बल देश की सुरक्षा का एक मजबूत आधार है और इसके जवान अदम्य साहस अटूट संकल्प और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सीआरपीएफ के जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करते हैं। चाहे आंतरिक सुरक्षा की चुनौती हो या आतंकवाद और नक्सलवाद से निपटना हो सीआरपीएफ के जवान हर मोर्चे पर डटकर देश की रक्षा करते हैं। उनका साहस और त्याग पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

    डॉ यादव ने कहा कि सीआरपीएफ का इतिहास वीरता और बलिदान की गौरवगाथाओं से भरा हुआ है। इस बल के जवानों ने कई बार अपने प्राणों की आहुति देकर देश की एकता और अखंडता की रक्षा की है। उनका यह समर्पण देशवासियों के मन में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करता है।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शौर्य दिवस हमें उन वीर जवानों की याद दिलाता है जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह दिन उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके साहस से प्रेरणा लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि हमें अपने सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान और समर्थन की भावना हमेशा बनाए रखनी चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि सीआरपीएफ के जवानों का अनुशासन परिश्रम और कर्तव्यनिष्ठा उन्हें अन्य बलों से विशिष्ट बनाती है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि देश सेवा सर्वोपरि है और इसके लिए हर कठिनाई का सामना करना चाहिए।

    प्रदेशवासियों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भी इन वीर जवानों के त्याग और समर्पण से प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और देश की प्रगति में अपना योगदान दें।

    इस अवसर पर पूरे देश में सीआरपीएफ के शौर्य दिवस को सम्मान और गर्व के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन न केवल बल के वीर जवानों के शौर्य को याद करने का अवसर है बल्कि उनके प्रति आभार व्यक्त करने का भी प्रतीक है।

  • गुरु अर्जन देव जी के प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का संदेश, मानवता और सेवा की राह पर चलने का आह्वान

    गुरु अर्जन देव जी के प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का संदेश, मानवता और सेवा की राह पर चलने का आह्वान


    भोपाल । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सिख धर्म के पांचवें गुरु गुरु अर्जन देव जी के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। इस पावन अवसर पर उन्होंने गुरु अर्जन देव जी के जीवन और उनके आदर्शों को स्मरण करते हुए कहा कि उनका त्याग सेवा समर्पण और सहिष्णुता का संदेश आज भी पूरे विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने मानवता को जो मार्ग दिखाया वह केवल एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है बल्कि संपूर्ण समाज और विश्व के कल्याण के लिए है। उन्होंने कहा कि गुरु जी के विचार हमें यह सिखाते हैं कि सत्य के मार्ग पर चलते हुए हमें हर परिस्थिति में धैर्य और करुणा बनाए रखनी चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में जब समाज कई प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है तब गुरु अर्जन देव जी की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो जाती हैं। उनका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि सेवा और समर्पण के माध्यम से ही सच्ची मानवता की स्थापना की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे गुरु जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में प्रेम भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करें।

    डॉ यादव ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन त्याग और बलिदान की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने समाज को एकता और समरसता का संदेश दिया और हर वर्ग को साथ लेकर चलने की प्रेरणा दी। उनके विचारों ने न केवल सिख समाज बल्कि पूरे मानव समाज को दिशा देने का कार्य किया है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमें गुरु अर्जन देव जी के दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा भाव और परोपकार की भावना ही समाज को मजबूत बनाती है और यही किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति होती है।

    इस अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जहां श्रद्धालु गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके उपदेशों को याद कर रहे हैं। गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन और लंगर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर सेवा और भक्ति का संदेश आत्मसात कर रहे हैं। इस प्रकार गुरु अर्जन देव जी का प्रकाश पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि मानवता सेवा और भाईचारे के मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर भी है, जो समाज को एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करता है।

  • भोपाल में एनएसजी का शक्ति प्रदर्शन, सीएम बोले- देश की सुरक्षा की गारंटी हैं ब्लैक कैट कमांडो

    भोपाल में एनएसजी का शक्ति प्रदर्शन, सीएम बोले- देश की सुरक्षा की गारंटी हैं ब्लैक कैट कमांडो


    भोपाल । भोपाल में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड को देश का अभेद्य सुरक्षा कवच बताते हुए कहा कि एनएसजी की मौजूदगी से देश हर परिस्थिति में सुरक्षित महसूस करता है लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी शो में उन्होंने समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ किया

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति जहां सबके कल्याण की बात करती है वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने यह भी साबित किया है कि यदि कोई राष्ट्र को चुनौती देता है तो उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाता है उन्होंने कहा कि अतिवादी ताकतें देश के विकास में बाधक हैं और उनसे पूरी मजबूती से निपटना आवश्यक है

    कार्यक्रम में एनएसजी कमांडो ने मॉक टेररिस्ट अटैक का जीवंत प्रदर्शन किया जिसमें आतंकवादी हमलों से निपटने की पूरी रणनीति और कार्रवाई को दर्शाया गया इस दौरान कमांडो द्वारा हवा में किए गए साहसिक करतब और सटीक ऑपरेशन ने उपस्थित लोगों को रोमांचित कर दिया मुख्यमंत्री ने इसे पराक्रम और साहस की पराकाष्ठा बताया

    मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की उन्होंने बताया कि काउंटर टेररिस्ट ग्रुप के आधुनिकीकरण के लिए 200 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है और जल्द ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा साथ ही भोपाल जिले की हुजूर तहसील के ग्राम तूमड़ा में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा जहां सुरक्षा बलों को आतंकवाद और आकस्मिक आपदाओं से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा

    उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के केंद्र में स्थित है इसलिए यहां इस तरह का प्रशिक्षण केंद्र राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण साबित होगा मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की एटीएस और सीटीजी यूनिट आधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस होकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बना रही हैं

    मुख्यमंत्री ने देश के सशस्त्र बलों के पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया के सशक्त देशों में अपनी पहचान बना चुका है उन्होंने एनएसजी के इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि 1984 में स्थापित यह बल आज अपनी पेशेवर दक्षता और अनुशासन के लिए विश्वभर में जाना जाता है

    कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने जानकारी दी कि एनएसजी और मध्यप्रदेश पुलिस का संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम एक माह तक चलेगा जिसमें काउंटर टेररिज्म से जुड़े आठ प्रमुख विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा इस दौरान पुलिस जवान अपनी तकनीकी दक्षता और ऑपरेशनल क्षमता को और बेहतर बनाएंगे

    एनएसजी के महानिदेशक बी श्रीनिवासन ने कहा कि देशभर में हजारों जवानों को प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता का विकास किया गया है और मध्यप्रदेश की एटीएस तथा सीटीजी इकाइयां भी बेहतर कार्य कर रही हैं कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने पुलिस जवानों के साथ समूह चित्र खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि सुरक्षा बलों की तत्परता और साहस ही देश की सबसे बड़ी ताकत है

  • सीएम मोहन यादव ने बताया असली धुरंधर का दौर, भाजपा विचारधारा को अमर कर संगठन विस्तार

    सीएम मोहन यादव ने बताया असली धुरंधर का दौर, भाजपा विचारधारा को अमर कर संगठन विस्तार


    भोपाल । आज भाजपा का 47वां स्थापना दिवस प्रदेशभर में उत्साह और जोश के साथ मनाया गया भोपाल के प्रदेश कार्यालय में प्राथमिक और सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन आयोजित किया गया और इसी स्थान से 17 जिलों में नए जिला कार्यालयों के भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल वर्चुअली जुड़े

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भारत अब तीसरा ऐसा देश बन गया है जो अपने दुश्मनों को उनके देश में जाकर न केवल रोकता बल्कि ठिकाने भी लगाता है उन्होंने मोदी जी के नेतृत्व में धुरंधर-2 का दौर चल रहा बताया और याद दिलाया कि पहले भी असली धुरंधर का जमाना था जब नकली नोटों के जरिए पाकिस्तान परेशान करता था उस समय भी भारत ने अपने सुरक्षा और सामर्थ्य से उनका मुकाबला किया ।

    सीएम ने भाजपा की विचारधारा की अमरता की ओर इशारा करते हुए कहा कि फीनिक्स पक्षी तो राख बनकर फिर जीवित होता है लेकिन उन्होंने भाजपा को देखा जिसकी विचारधारा अटल और अमर हो गई है उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में गठबंधन के दौर को पार करते हुए सरकार ने अपने वादों को पूरा किया और 24 दलों के साथ सफलतापूर्वक शासन चलाया ।

    प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी उसका कार्यकर्ता है और संगठन को मजबूत करने के लिए 17 जिलों में कार्यालयों का निर्माण कार्य शुरू किया गया है उनका लक्ष्य अगले स्थापना दिवस तक प्रदेश के सभी 62 जिलों में पार्टी कार्यालय बनाना है प्रत्येक कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम और पुस्तकालय की सुविधा होगी ताकि संगठन और विचारधारा से जुड़ी सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सके

    कार्यक्रम में दिवंगत नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजनों का सम्मान भी किया गया मुख्यमंत्री स्वयं मंच से नीचे उतरकर पूर्व विधायक स्वर्गीय रमेश शर्मा के परिजनों को सम्मानित किया इस मौके पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल सांसद विधायक और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे ।

    सीएम ने प्रदेश में सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी में किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है और दर 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है सिंचाई का क्षेत्र अब 55 लाख हेक्टेयर तक बढ़ा दिया गया है बिजली आपूर्ति में सुधार किया गया है और किसानों को पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है उन्होंने कहा कि सरकार अंत्योदय के सिद्धांत के तहत गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने के लिए कार्यरत है ।

    सीएम ने कहा कि सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास सबका प्रयास के मंत्र के साथ सरकार आगे बढ़ रही है और 17 नए कार्यालयों के भूमिपूजन के साथ संगठन विस्तार का कार्य तेज हो गया है उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी और संगठन की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया

    बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ने कहा कि 1980 से 2026 तक 47 वर्षों में पार्टी की विकास यात्रा देश और दुनिया के लिए प्रेरणा बनी है अब पंच परिवर्तन के रूप में पर्यावरण समरसता स्वदेशी कुटुंब प्रबोधन और नागरिकता भाव जैसी चुनौतियों का सामना करना है

    प्रदेश अध्यक्ष ने जोर दिया कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना जरूरी है और पार्टी का हर कार्यकर्ता इसकी सबसे बड़ी ताकत है इस मौके पर भाजपा कार्यालय में ध्वज फहराया गया और 17 जिलों में भूमि पूजन औपचारिक रूप से किया गया मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष वर्चुअली जुड़कर इस कार्यक्रम का हिस्सा बने इस तरह भाजपा का स्थापना दिवस पार्टी विचारधारा और संगठन विस्तार दोनों के संदेश के साथ मनाया गया जिसमें राजनीतिक प्रशासनिक और सामाजिक दिशा को बल मिला

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर किया पुण्य स्मरण

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर किया पुण्य स्मरण


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के गौरव पत्रकारिता जगत के नक्षत्र माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी की कृतियां आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके लेखन और चिंतन ने न केवल पत्रकारिता की दुनिया में नया मार्ग प्रशस्त किया बल्कि समाज के नवनिर्माण और लोक कल्याण के संदेश भी दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से यह कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी के प्रखर विचार और गहन चिंतन उनके समय के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध होंगे। उनके योगदान और राष्ट्रसेवा का प्रभाव अनंतकाल तक अविस्मरणीय रहेगा।

    माखनलाल चतुर्वेदी जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में क्रांतिकारी माना जाता है ने अपने लेखन और समाजसेवा के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रनिर्माण में अमूल्य योगदान दिया। उनके विचार और दृष्टिकोण आज भी पत्रकारिता साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में आदर्श माने जाते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर सभी नागरिकों को प्रेरणा लेनी चाहिए कि वे समाज और राष्ट्र की भलाई के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करें। माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन यह दिखाता है कि साहसिक विचार और समाजहित में समर्पण किसी भी समय प्रासंगिक और प्रभावशाली हो सकता है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता जगत और आम नागरिकों से अपील की कि वे उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। उनके विचारों और लेखों का अध्ययन कर आने वाली पीढ़ी न केवल पत्रकारिता की उत्कृष्टता सीख सकती है बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझ सकती है।

    इस प्रकार माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर मुख्यमंत्री द्वारा किया गया पुण्य स्मरण न केवल उनके योगदान को याद करने का अवसर है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी है। उनके आदर्श और समाज के प्रति समर्पण आज भी लोगों को सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा की ओर अग्रसरित करते हैं।

  • मध्यप्रदेश शासन और पीएम मोदी के प्रयास से स्व. गुरकीरत सिंह मनोचा का पार्थिव शरीर भारत लाया गया, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्प अर्पित किए

    मध्यप्रदेश शासन और पीएम मोदी के प्रयास से स्व. गुरकीरत सिंह मनोचा का पार्थिव शरीर भारत लाया गया, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्प अर्पित किए


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन प्रवास के दौरान स्व. श्री गुरकीरत सिंह मनोचा के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। गुरकीरत सिंह मनोचा की कनाडा में हुए दुखद दुर्घटना में मृत्यु ने पूरे प्रदेश और उनके परिवार को शोक में डुबो दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन प्रदेशवासियों के सुख-दुख में हमेशा उनके साथ है और इस कठिन समय में मनोचा परिवार के साथ संवेदनाएँ साझा करता है।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार और मध्यप्रदेश शासन के संयुक्त प्रयासों से स्व. श्री गुरकीरत सिंह मनोचा का पार्थिव शरीर कनाडा से भारत लाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान बाबा श्री महाकाल से प्रार्थना की कि परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि यह समय परिवार और समाज के लिए बहुत कठिन है, लेकिन राज्य सरकार हर संभव मदद प्रदान करने के लिए तत्पर है।

    श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, सांसद श्री अनिल फिरोजिया और विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा भी उपस्थित थे। सभी ने स्व. श्री मनोचा को पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार के प्रयासों से इस दुखद समय में परिवार को उचित सहायता दी जाएगी और उनके अंतिम संस्कार की सभी व्यवस्थाएँ सुव्यवस्थित रूप से की जाएँगी। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के दुखद हादसे समाज और सरकार को यह याद दिलाते हैं कि जीवन अनिश्चित है और हमें आपसी सहयोग और संवेदनशीलता के साथ ऐसे समय में खड़ा होना चाहिए।

    स्व. श्री गुरकीरत सिंह मनोचा के निधन ने उनके परिवार, मित्र और प्रदेशवासियों को गहरे शोक में डाल दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके योगदान और यादों को सम्मानित करते हुए कहा कि उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा और उनके परिवार के साथ शासन हर संभव मदद करेगा।

    इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया और भावपूर्ण तरीके से अपने श्रद्धा और संवेदनाएँ व्यक्त कीं। यह कार्यक्रम उज्जैन में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक पल के रूप में याद रखा जाएगा।

  • एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन ने दोनों राज्यों के साझा विकास व सांस्कृतिक समन्वय को दी नई दिशा :मोहन यादव

    एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन ने दोनों राज्यों के साझा विकास व सांस्कृतिक समन्वय को दी नई दिशा :मोहन यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि काशी विश्वनाथ की पावन नगरी वाराणसी में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन का मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के लिए सौभाग्य का विषय है। इस आयोजन ने निर्यात सहयोग, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन को नई दी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को सम्मेलन के बाद वाराणसी में मीडिया से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन मुख्यतः एक जिला-एक उत्पाद, जीआई टैग उत्पादों, निर्यात योग्य उत्पादों, पारंपरिक शिल्प और क्षेत्रीय विशेषताओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर केंद्रित रहा। दोनों राज्यों के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहन देते हुए उनके ब्रांडिंग, विपणन एवं निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। औद्योगिक सहयोग, निवेश संवर्धन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं पर्यटन विकास को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से विचार-विमर्श हुआ।

    उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों ने परस्पर समन्वय और सहयोग से समृद्धि और विकास की दिशा में लंबी छलांग लगाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सम्मेलन की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार माना तथा उत्तर प्रदेश के मंत्रीद्वय नंद गोपाल गुप्ता “नंदी” तथा राकेश सचान को धन्यवाद दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण का दोनों राज्यों से अटूट संबंध है। भगवान श्रीराम ने अवतार के बाद जहां वनवास का लंबा समय मध्य प्रदेश के क्षेत्रों में गुजारा। भगवान भी मथुरा के बाद श्रीकृष्ण शिक्षा ग्रहण करने उज्जैन पधारे। इसके साथ ही मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर धार्मिक आस्था के कई केन्द्र विद्यमान हैं। धार्मिक आस्था की इस समानता को देखते हुए दोनों राज्यों के बीच धार्मिक सर्किट विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।


    विभिन्न औद्योगिक संगठनों एवं व्यापारिक संस्थाओं की रही सहभागिता

    उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य ओडीओपी, जीआई टैग, शिल्प, कृषि एवं फूड उत्पादकों, उद्योग जगत, निवेशकों, शिल्पकारों एवं नीति-निर्माताओं को एक वृहद एवं साझा मंच प्रदान करना था। कार्यक्रम में कुल लगभग 400 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही। विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों की व्यापक सहभागिता ने कार्यक्रम को संवाद, सहयोग एवं अनुभवों की साझेदारी का एक सशक्त एवं प्रभावी मंच बनाया।

    सम्मेलन में कारीगरों, उद्यमियों और निर्यातकों को प्रत्यक्ष संवाद का मिला अवसर
    मुख्यमंत्री ने कहा विशुद्ध रूप से ओडीओपी उत्पादों के एक्सचेंज और आपसी सीख (Exchange & Learning Platform) के लिए अभिकल्पित किया गया था, जहां दोनों राज्यों के कारीगरों, उद्यमियों और निर्यातकों को प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिला। कार्यक्रम ओडीओपी एक्सचेंज आधारित प्रदर्शनी, राज्यों के बीच सहयोग, साझा ब्रांडिंग, संयुक्त निर्यात और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरा।


    महत्वपूर्ण एमओयू हुए हस्ताक्षरित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सम्मेलन में मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश सरकार के बीच दो महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। पहला एमओयू श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं श्री महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति के मध्य हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत वाराणसी और उज्जैन में हुए विकास कार्यों से दोनों स्थानों पर धार्मिक पर्यटन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप दोनों शहरों की अर्थव्यवस्था में बदलाव आया है। इन समानताओं को देखते हुए बाबा विश्वनाथ और महाकाल मंदिर के प्रबंधन से संबंधित अनुभवों को साझा करने के उद्देश्य से यह एमओयू किया गया है। दूसरा एमओयू वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट की पहल को मजबूत करने, स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा अंतर्राज्यीय सहयोग के माध्यम से आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया।


    विशेष प्रदर्शनी का आयोजन

    मुख्यमंत्री ने बताया कि सम्मेलन में ओडीओपी उत्पादों पर एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश के 14 और उत्तर प्रदेश के 07 जिलों के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)” उत्पादों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में दोनों राज्यों के प्रदर्शकों द्वारा हस्तशिल्प, वस्त्र, खाय उत्पाद, जीआई टैग उत्पाद एवं अन्य स्थानीय विशिष्ट उत्पाद प्रदर्शित किए गए।


    सम्मेलन में दो समानांतर सत्रों का आयोजन

    उन्होंने बताया कि सम्मेलन में दो समानांतर सत्रों का आयोजन भी किया गया। जॉइंट आर्टिजन वर्कशॉप सम्मेलन में मध्य प्रदेश के चंदेरी एवं महेश्वरी ब्रांड के कारीगरों ने उत्तर प्रदेश के बनारसी सिल्क कारीगरों के साथ प्रत्यक्ष संवाद किया। पारंपरिक बुनकरी तकनीकों, डिज़ाइन नवाचारों साझा ब्रांडिंग रणनीतियों और संयुक्त खरीदार पहुंच, उन्नत पैकेजिंग, गुणवत्ता मानकों एवं निर्यात-उन्मुख उत्पाद विकास पर विचार-विमर्श किया गया। दूसरा समानांतर सत्र टूरिज्म राउंड टेबल सम्मेलन रहा। इसमें उत्तर प्रदेश एवं मध्यप्रदेश के पर्यटन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख दूर ऑपरेटर्स तथा आईआरसीटीसी के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की। यह पहल दोनों राज्यों में धार्मिक पर्यटन को संगठित करने, पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने तथा स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को सशक्त करने की दिशा में प्रभावी सिद्ध हुई।


    काशी विश्वनाथ धाम में महानाट्य विक्रमादित्य का 3, 4 और 5 अप्रैल को मंचन

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग और विक्रमादित्य शोध संस्थान का प्रयास है कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन से जुड़े विविध पहलु तथा उनका विराट व्यक्तित्व पूरे देश के लोगों के सामने आए। इस उद्देश्य से काशी विश्वनाथ धाम में महानाट्य विक्रमादित्य का 3, 4 और 5 अप्रैल को मंचन किया जा रहा है। इस नाट्य से विक्रमादित्य की न्यायप्रियता, दयालुता, सुशासन और लोकतंत्र के प्रति उनकी गहरी आस्था बेहतर तरीके से सबके सामने आएगी। नाटक में हाथी, घोड़े, ऊंट और पालकी शामिल होंगी। इस नाटक में 300 से 400 कलाकार सम्राट विक्रमादित्य के तत्कालीन समय को जीवंत करेंगे। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश सरकार का पूर्ण सहयोग हमें प्राप्त हो रहा है।

    दोनों राज्य सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी संयुक्त रूप से कार्य करने की ओर अग्रसर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना दोनों राज्यों में सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक गतिविधियों को जल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी संयुक्त रूप से कार्य करने की ओर अग्रसर हैं।


    सम्मेलन सांस्कृतिक समन्वय का एक प्रभावशाली मंच बना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन दोनों राज्यों के लिए विकास और सांस्कृतिक समन्वय का एक प्रभावशाली मंच बना। इस सम्मेलन ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच आपसी सहयोग को सुदृढ़ किया। इस पहल ने निवेश आकर्षण, रोजगार के नए अवसरों के सृजन, पारंपरिक शिल्पों के संरक्षण, निर्यात संवर्धन और पर्यटन विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश क्षेत्रीय संतुलित विकास को सशक्त करते हुए आर्थिक प्रगति के नए आयाम स्थापित करने की ओर अग्रसर होंगे।


    महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ की तैयारियों का निरीक्षण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाराणसी स्थित बीएलडब्ल्यू मैदान पहुँचकर आगामी 3 से 5 अप्रैल तक आयोजित होने वाले भव्य महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ की तैयारियों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं, मंच सज्जा और दर्शकों की सुविधाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। न्याय और शौर्य के प्रतीक महाराजा विक्रमादित्य के कालजयी इतिहास को जीवंत करने वाला यह आयोजन न केवल कला का उत्कृष्ट संगम है, बल्कि हमारी गौरवशाली विरासत के पुनरुद्धार का एक सशक्त माध्यम भी है।

  • महाकाल नगरी सजने को तैयार, सिंहस्थ 2028 के लिए सड़क और ब्रिज निर्माण तेज

    महाकाल नगरी सजने को तैयार, सिंहस्थ 2028 के लिए सड़क और ब्रिज निर्माण तेज


    उज्जैन । मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की परिकल्पना के अनुरूप इस महाआयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए शहर में व्यापक स्तर पर विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

    इसी कड़ी में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके साथ ही उज्जैन से इंदौर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग को सिक्स लेन में विकसित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य जारी है।

    शहर की आंतरिक सड़कों के चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए भी व्यापक योजनाएं लागू की जा रही हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि सिंहस्थ के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए यातायात पार्किंग सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं।

    सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों की समीक्षा के तहत संभाग आयुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने हरि फाटक ब्रिज क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एमपी आरडीसी द्वारा बनाए जा रहे फोरलेन ब्रिज के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान अतिक्रमण हटाने निर्माण स्थल के चयन मशीनों की उपलब्धता और कार्य की गति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।

    प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सिंहस्थ महापर्व के पहले सभी आवश्यक अधोसंरचनात्मक कार्य पूर्ण हो जाएं। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

    सिंहस्थ महापर्व देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। ऐसे में शहर की आधारभूत संरचना को मजबूत करना और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है।

    अधिकारियों का मानना है कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से न केवल सिंहस्थ के दौरान व्यवस्था बेहतर होगी बल्कि भविष्य में भी उज्जैन शहर को स्थायी रूप से बेहतर यातायात और सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

    प्रशासन की इस सक्रियता से यह स्पष्ट है कि सिंहस्थ 2028 को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए हर स्तर पर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। महाकाल नगरी उज्जैन आने वाले समय में न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि अधोसंरचना और सुविधाओं के मामले में भी एक नए स्वरूप में नजर आएगी।