कैसे हुई वारदात?
खुशियाँ बदलीं मातम में
पुलिस की कार्रवाई

कैसे हुई वारदात?
खुशियाँ बदलीं मातम में
पुलिस की कार्रवाई

बताया गया है कि कार्यक्रम में बतौर शायर आमंत्रित अबूबकर जिया, जो पेशे से पत्रकार भी हैं, ने जब अपनी प्रस्तुति दी तो श्रोताओं ने उन्हें सराहा। इसी दौरान रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच 25 से 30 लोगों का एक समूह मंच पर चढ़ आया। आरोप है कि इन लोगों ने कार्यक्रम रोकने की कोशिश की और आयोजकों से सवाल किया कि उन्हें सम्मान क्यों नहीं दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंच पर पहुंचे कुछ लोगों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान अबूबकर जिया को निशाना बनाया गया। उनके साथ धक्का मुक्की की गई, गला दबाने का प्रयास किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। स्थिति कुछ समय के लिए इतनी गंभीर हो गई कि वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसे हालात बन गए।
पीड़ित का आरोप है कि हमले के दौरान उनकी जेब में रखे करीब 3200 रुपये नकद, प्रेस कार्ड, एक पेन और हाथ घड़ी भी छीन ली गई। साथ ही उनके साथ मारपीट कर अपमानजनक व्यवहार किया गया। घटना ने कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुंचाई और शहर में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए।
मौके पर मौजूद कुछ जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने बीच बचाव कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। जिला सदर और पार्षद रियाजुद्दीन, पार्षद वारिस चौबे, पार्षद असलम, पार्षद शकील वक्त, पार्षद पति अदीब बावा, एडवोकेट शाहरुख मिर्जा और पत्रकार रईस खान सहित अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर अबूबकर जिया को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें पीछे के रास्ते से कार्यक्रम स्थल से हटाया गया।
घटना के बाद अबूबकर जिया ने थाना कोतवाली खरगोन में आवेदन देकर संबंधित लोगों के खिलाफ लूट, मारपीट, जानलेवा हमले और गाली गलौज की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।इस घटना ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक मंच पर इस प्रकार की हिंसक घटना से शहर के बुद्धिजीवी और साहित्य प्रेमी आहत हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपों की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम के अनुसार पीड़िता शनिवार को अपनी मां के साथ थाने पहुंची थी और आपबीती सुनाई। शिकायत के मुताबिक आरोपी रितिक कुशवाह की पहचान युवती से साल 2022 में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने युवती को प्रेम जाल में फंसाकर शादी करने का वादा किया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उस समय भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे जब वह नाबालिग थी इसी आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म की धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो ) एक्ट भी जोड़ा है।
घटनाक्रम के विवरण के अनुसार आरोपी रितिक ने जुलाई 2025 में पीड़िता को अपने दोस्त रमन के कमरे पर ले जाकर पहली बार दुष्कर्म किया। इसके बाद नवंबर माह में उसने लिबोंदी क्षेत्र में अपने एक अन्य दोस्त के घर पर भी युवती के साथ गलत काम किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर करीब 6 बार उसके साथ बलात्कार किया। जब भी युवती ने शादी का दबाव बनाया आरोपी टालमटोल करने लगा और अंततः मुकर गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रितिक कुशवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अपराध में उसके दोस्तों की क्या भूमिका थी। इंदौर पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।

मौसम विभाग के अनुसार, एक सप्ताह से प्रदेश में ओले और बारिश का दौर वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से जारी था, जो गुरुवार को थम गया। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार-गुरुवार की रात ग्वालियर समेत आठ शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। वहीं 30 से अधिक जिलों में कहीं हल्का तो कहीं घना कोहरा देखा गया।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में सबसे ठंडा राजगढ़ रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री रहा। इसके अलावा रीवा 7.2, खजुराहो 8.2, दतिया 8.4, दमोह और सतना 9.6 और पचमढ़ी में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बड़े शहरों में भोपाल और उज्जैन का तापमान 13 डिग्री, इंदौर 13.2 और जबलपुर 13.5 डिग्री था। ग्वालियर में पारा 9 डिग्री दर्ज किया गया। कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के समय में बदलाव आया, विशेषकर मालवा, सचखंड और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों पर असर पड़ा।
आज सुबह हल्का कोहरा
अगले दो दिन का मौसम

खनिज निरीक्षक के सामने से भाग निकले ट्रैक्टर ताजा मामला उस समय का है जब खनिज निरीक्षक अभिषेक पटले अपनी टीम के साथ सिंहपुर क्षेत्र में अवैध परिवहन की सूचना पर पहुंचे थे। रात के अंधेरे में जब टीम ने रेत से लदे ट्रैक्टरों को रोकने की कोशिश की, तो माफिया बेखौफ होकर ट्रैक्टरों को भगा ले गए। इस दौरान दो बाइक सवारों ने जानबूझकर खनिज अमले की गाड़ी के सामने बाधा उत्पन्न की ताकि ट्रैक्टरों को भागने का पर्याप्त समय मिल सके। यह घटना स्पष्ट करती है कि माफिया अब पूरी रणनीति और सुरक्षा घेरे के साथ अवैध कारोबार कर रहे हैं।
ऑफिस के बाहर तैनात हैं गुप्तचर जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि रेत माफिया ने खनिज विभाग के कार्यालय के बाहर अपने जासूस तैनात कर रखे हैं। ये गुर्गे विभाग की हर गाड़ी के निकलने की सूचना तुरंत अपने आकाओं को देते हैं। हाल ही में खनिज अमले ने कार्यालय के ठीक सामने से एक युवक को रेकी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। उसके मोबाइल की जांच करने पर पता चला कि वह लगातार अधिकारियों के मूवमेंट की लोकेशन और तस्वीरें माफियाओं को भेज रहा था।
खूनी खेल का इतिहास और बढ़ता खतरा शहडोल में रेत माफियाओं का इतिहास काफी हिंसक रहा है। इससे पहले अवैध उत्खनन रोकने पहुंचे एक पटवारी और एक पुलिस एएसआई को ट्रैक्टर से कुचलकर मौत के घाट उतारने जैसी सनसनीखेज वारदातें हो चुकी हैं। हाल ही में एक तहसीलदार पर भी हमले का प्रयास किया गया था। इन घटनाओं के बावजूद जिले में अवैध रेत का परिवहन थमने का नाम नहीं ले रहा है, जो प्रशासन की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान है। खनिज निरीक्षक अभिषेक पटले का कहना है कि तमाम बाधाओं और रेकी के बावजूद विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन माफियाओं का सूचना तंत्र इतना सक्रिय है कि वे अक्सर चकमा देने में कामयाब हो जाते हैं।

ऐसे हुआ कांड
मरीजों में 5 बच्चे और 3 महिलाएं शामिल
डॉक्टरों ने दी राहत की खबर

खड़े रिक्शे पर काल बनकर आई बस प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनीता प्रजापति पत्नी पप्पू प्रजापति अपने परिवार के साथ ई-रिक्शा में सवार होकर कहीं जा रही थीं। खैरा मोड़ के पास ई-रिक्शा साइड में खड़ा हुआ था, तभी मुरैना से अंबाह की ओर जा रही ‘शीतला बस’ क्रमांक MP06 P 0524 के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए रिक्शे को टक्कर मार दी। सुनीता प्रजापति सड़क पर गिर गईं और बस का पहिया उनके ऊपर से गुजर गया।
परिवार के 5 सदस्य जिला अस्पताल में भर्ती हादसे में ई-रिक्शा में सवार अन्य लोग सड़क पर बिखर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। घायलों में मृतिका का 26 वर्षीय बेटा लवकुश भी शामिल है। अन्य घायलों की पहचान इस प्रकार है: शुभम 18 वर्ष, अर्चना पत्नी मांगी लाल गौर 40 वर्ष, मणि गौर पुत्र दाताराम गौर 45 वर्ष ,मुन्नी पत्नी दाताराम गौर 60 वर्ष , लवकुश पुत्र पप्पू प्रजापति 26 वर्ष सभी घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
बस छोड़कर फरार हुआ चालक हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों को इकट्ठा होते देख बस चालक मौके पर ही बस छोड़कर फरार हो गया। माता बसैया थाना प्रभारी एसआई अरुण कुशवाहा ने बताया कि पुलिस ने बस को जब्त कर थाने में रखवा लिया है। मृतिका के शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

राजवाड़ा जाने के लिए बुक की थी बाइक पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह खरीदारी करने के लिए राजवाड़ा जाना चाहती थी, जिसके लिए उसने मोबाइल ऐप के माध्यम से रैपिडो बाइक बुक की थी। चालक उसे राजवाड़ा तो ले गया, लेकिन वहां उसने पीड़िता को अपनी बातों के जाल में फंसाना शुरू कर दिया। आरोपी ने नाबालिग से कहा कि वह एक ऐसी जगह जानता है जहाँ बहुत ही सस्ते दामों पर अच्छे कपड़े मिलते हैं। मासूम लड़की उसकी बातों में आ गई।
परदेसीपुरा ले जाकर किया दुष्कर्म आरोपी चालक नाबालिग को राजवाड़ा से परदेसीपुरा स्थित अपने एक कमरे पर ले गया। वहां पहुँचते ही आरोपी ने अपना असली रंग दिखाया और पीड़िता के साथ जबरदस्ती की। डरी-सहमी नाबालिग जब बदहवास हालत में अपने घर पहुँची और परिजनों को आपबीती सुनाई, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। तत्काल रावजी बाजार थाने पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस की तलाश और तकनीक का सहारा रावजी बाजार पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अज्ञात आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस की टीमें अब दो स्तरों पर काम कर रही हैं डिजिटल फुटप्रिंट: रैपिडो ऐप से उस समय की गई बुकिंग और चालक की आईडी की जानकारी निकाली जा रही है।
CCTV फुटेज: राजवाड़ा से लेकर परदेसीपुरा तक के पूरे रूट के कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि बाइक नंबर और आरोपी के चेहरे की स्पष्ट पहचान हो सके। यह घटना उन हजारों महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है जो रोजाना निजी ट्रांसपोर्ट एप्स का इस्तेमाल करती हैं। पुलिस ने जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है।

अगले 24 घंटे: 14 जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से अगले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के 14 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर और गुना जैसे उत्तरी बेल्ट के साथ-साथ विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। यहाँ बारिश के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि की स्थिति भी बन सकती है।
कोहरे की सफेद चादर में लिपटे 20 जिले बारिश की चेतावनी के साथ ही प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में घने कोहरे ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। आज सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग समेत रीवा, सागर और शहडोल संभाग के करीब 20 जिलों में दृश्यता (Visibility) बेहद कम रही। ग्वालियर, दतिया और छतरपुर जैसे जिलों में तो विजिबिलिटी शून्य तक पहुँच गई, जिससे सड़क यातायात के साथ-साथ रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी सुबह के वक्त धुंध का असर देखा गया।
2 फरवरी तक राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति 2 फरवरी तक लगातार बनी रह सकती है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण फिलहाल न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठंड से आंशिक राहत मिली है, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट आने से ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। 2 फरवरी के बाद जैसे ही बादल छंटेंगे, एक बार फिर बर्फीली हवाएं चलेंगी और कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर शुरू होगा। प्रशासन ने खराब मौसम और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मध्य प्रदेश में कुदरत के दोहरे रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहाँ उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश के आसमान पर बादलों का पहरा रहेगा और कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
अगले 24 घंटे: 14 जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से अगले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के 14 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर और गुना जैसे उत्तरी बेल्ट के साथ-साथ विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। यहाँ बारिश के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि की स्थिति भी बन सकती है।
कोहरे की सफेद चादर में लिपटे 20 जिले बारिश की चेतावनी के साथ ही प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में घने कोहरे ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। आज सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग समेत रीवा, सागर और शहडोल संभाग के करीब 20 जिलों में दृश्यता (Visibility) बेहद कम रही। ग्वालियर, दतिया और छतरपुर जैसे जिलों में तो विजिबिलिटी शून्य तक पहुँच गई, जिससे सड़क यातायात के साथ-साथ रेल और हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी सुबह के वक्त धुंध का असर देखा गया।
2 फरवरी तक राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति 2 फरवरी तक लगातार बनी रह सकती है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण फिलहाल न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठंड से आंशिक राहत मिली है, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट आने से ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। 2 फरवरी के बाद जैसे ही बादल छंटेंगे, एक बार फिर बर्फीली हवाएं चलेंगी और कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर शुरू होगा। प्रशासन ने खराब मौसम और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

अस्पताल में अब भी जारी है संघर्ष मृतक एकनाथ सूर्यवंशी के परिजनों के अनुसार, वे लगभग 20 से 25 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहे। दूषित पानी के सेवन से शुरू हुए उल्टी-दस्त के मामूली दिखने वाले लक्षणों ने धीरे-धीरे उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर हमला बोल दिया। संक्रमण इतना घातक था कि उनकी किडनी और लिवर ने काम करना बंद कर दिया, जिससे ‘मल्टी ऑर्गन फेलियर’ की स्थिति बन गई। वर्तमान में भी अस्पताल में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है; दो मरीज अभी भी जीवन रक्षक प्रणाली वेंटिलेटर और आईसीयू पर हैं, जबकि 8-10 अन्य मरीजों का उपचार जारी है।
लापरवाही की गंदी नालियाँ और टूटता भरोसा भागीरथपुरा की यह त्रासदी एक प्रशासनिक चूक का भयावह परिणाम है। यहाँ पेयजल की पाइपलाइनों में सीवर और ड्रेनेज का गंदा पानी रिसकर मिल गया। जिस पानी से लोगों की प्यास बुझनी थी, उसी ने उनके घरों में जहर घोल दिया। देखते ही देखते 450 से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में आ गए। शुरुआत में मौतों का आंकड़ा कम था, लेकिन संक्रमण के गहरे जख्मों के कारण अब यह संख्या 31 तक जा पहुँची है। हालांकि निगम अब हाईटेक निगरानी की बातें कर रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का आक्रोश चरम पर है। उनका कहना है कि जब अपनों को खो दिया, तब प्रशासन की नींद टूटी है।
सियासी तापमान और प्रशासनिक कवायद इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग भी अख्तियार कर लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे के बाद अब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 3 फरवरी को इंदौर में एक बड़े धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है। दूसरी ओर, नगर निगम आयुक्त और महापौर का दावा है कि प्रभावित क्षेत्र में पानी की आपूर्ति रोक दी गई है और टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुँचाया जा रहा है। सैंपलिंग और टेस्टिंग बढ़ा दी गई है, लेकिन सवाल वही है कि “स्वच्छता के नंबर 1” शहर में ऐसी बुनियादी और घातक चूक हुई ही कैसे यह घटना एक सबक है कि केवल सतही सफाई ही स्वच्छता नहीं है, बल्कि जमीन के नीचे दौड़ती पाइपलाइनों में शुद्धता और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।