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  • गुना में छात्रा ने खाया जहर, 12वीं में फेल होने से थी तनाव में खौफनाक कदम, हालत स्थिर

    गुना में छात्रा ने खाया जहर, 12वीं में फेल होने से थी तनाव में खौफनाक कदम, हालत स्थिर


    गुना मध्यप्रदेश के गुना में परीक्षा परिणाम के बाद मानसिक तनाव का एक चिंताजनक मामला सामने आया है। कैंट थाना क्षेत्र की आजाद कॉलोनी में रहने वाली 20 वर्षीय छात्रा ने 12वीं बोर्ड में फेल होने के बाद चूहामार दवा खाकर आत्महत्या की कोशिश की। फिलहाल जिला अस्पताल में उसका इलाज जारी है और डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत अब स्थिर है।

    रिजल्ट के 6 घंटे बाद उठाया खतरनाक कदम

    जानकारी के अनुसार, छात्रा मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं कक्षा की छात्रा थी और शहर के महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल में पढ़ती थी। बुधवार को घोषित हुए बोर्ड परीक्षा परिणाम में वह अनुत्तीर्ण हो गई। परिजनों ने बताया कि रिजल्ट आने के करीब 6 घंटे बाद वह गहरे तनाव में चली गई और शाम करीब 5 बजे घर में रखी चूहामार दवा खा ली।

    समय पर अस्पताल पहुंचने से बची जान

    जहर खाने के बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी, तब परिजनों को इसकी जानकारी हुई। तुरंत उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई और अब उसकी हालत खतरे से बाहर है।

    ‘बहुत मेहनत की थी, लेकिन रिजल्ट उम्मीद जैसा नहीं आया’

    उपचार के दौरान छात्रा ने बताया कि यह उसका 12वीं का पहला प्रयास था और उसने काफी मेहनत की थी। अच्छे परिणाम की उम्मीद थी, लेकिन असफलता ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया, जिसके कारण उसने यह कदम उठा लिया।

    प्रशासन और पुलिस की अपील

    प्रशासन और पुलिस ने छात्रों से अपील की है कि परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम फैसला नहीं होता। असफलता के बाद भी आगे कई मौके मिलते हैं। शिक्षा विभाग ने भी फेल छात्रों को दोबारा अवसर देने की बात कही है, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

    बढ़ती मानसिक दबाव की समस्या

    यह घटना दिखाती है कि परीक्षा परिणाम के समय छात्रों पर मानसिक दबाव कितना अधिक होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में परिवार और समाज को बच्चों का मनोबल बढ़ाना चाहिए।

  • अशोकनगर में पेड़ से गिरकर व्यक्ति की दर्दनाक मौत, टहनियां काटते समय हुआ हादसा

    अशोकनगर में पेड़ से गिरकर व्यक्ति की दर्दनाक मौत, टहनियां काटते समय हुआ हादसा


    अशोकनगर मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में एक दर्दनाक हादसे में पेड़ से गिरकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना ईसागढ़ क्षेत्र के लहदपुर गांव की है, जहां 41 वर्षीय राजेश प्रजापति अपने घर के पास पेड़ पर चढ़कर लकड़ियां काट रहे थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वे नीचे गिर गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
    बेटे को नीचे उतारकर खुद चढ़े थे पेड़ पर

    जानकारी के अनुसार, शुरुआत में राजेश का बेटा पेड़ पर चढ़कर टहनियां काट रहा था। लेकिन किसी खतरे की आशंका के चलते राजेश ने उसे नीचे उतार दिया और खुद पेड़ पर चढ़ गए। वे करीब 10 से 12 फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर टहनियां काट रहे थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया।

    सिर में गंभीर चोट, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

    पेड़ से गिरते ही राजेश के सिर में गंभीर चोट आई। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है।

    घरेलू काम के दौरान हुआ हादसा

    परिजनों ने बताया कि राजेश घर के उपयोग के लिए लकड़ियां काट रहे थे। यह एक सामान्य घरेलू काम था, जो अचानक एक बड़े हादसे में बदल गया।

    पोस्टमॉर्टम के बाद आगे की कार्रवाई

    पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा है।

  • सीहोर-भोपाल मार्ग पर भीषण टक्कर, ट्रैवलर और कार चालक गंभीर घायल

    सीहोर-भोपाल मार्ग पर भीषण टक्कर, ट्रैवलर और कार चालक गंभीर घायल

    सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर-भोपाल मार्ग पर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। राजपूत ढाबे के पास ट्रैवलर और स्विफ्ट कार के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में स्विफ्ट कार का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
    टक्कर इतनी भीषण, कार का अगला हिस्सा चकनाचूर
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि स्विफ्ट कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कार चालक को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भिजवाया।
    सड़क निर्माण की लापरवाही बनी हादसे की वजह
    ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दुर्घटना के पीछे सड़क निर्माण में बरती जा रही लापरवाही मुख्य कारण है। सड़क का एक हिस्सा अधूरा पड़ा है, जिससे एक साइड काफी नीची हो गई है और वहां गिट्टियां बिखरी हुई हैं।
    ऐसी स्थिति में वाहन चालक खराब हिस्से से बचने के लिए पक्की और ऊंची सड़क पर ही चलना चाहते हैं। इसी कारण दोनों ओर से आने वाले वाहन एक ही लेन में आ जाते हैं, जिससे आमने-सामने टक्कर का खतरा बढ़ जाता है।
    लगातार हादसों से लोगों में आक्रोश
    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके निर्माण कार्य की गति धीमी है और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क को दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
    प्रशासन पर उठे सवाल
    इस घटना के बाद निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई, तो यह मार्ग और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।
  • रायसेन में गैस सिलेंडर संकट, उपभोक्ताओं ने किया चक्काजाम

    रायसेन में गैस सिलेंडर संकट, उपभोक्ताओं ने किया चक्काजाम


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के रायसेन में गुरुवार सुबह गैस सिलेंडर की कमी को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सांची रोड स्थित गैस एजेंसी पर सिलेंडर नहीं मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया।

    सड़क पर सिलेंडर रखकर प्रदर्शन

    गुस्साए लोगों ने रायसेन-विदिशा रोड पर गैस सिलेंडर रखकर जाम लगा दिया। करीब 10 से 12 मिनट तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। इससे राहगीरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    घंटों लाइन में लगे, फिर भी नहीं मिला सिलेंडर

    उपभोक्ताओं का कहना है कि वे सुबह से ही एजेंसी के बाहर लंबी कतार में खड़े थे, लेकिन स्टॉक खत्म होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती गई और आखिरकार उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

    घरों में शादी-ब्याह, बढ़ी परेशानी

    कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके घरों में शादी और अन्य कार्यक्रम हैं, ऐसे में गैस सिलेंडर न मिलने से उन्हें भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर सिलेंडर न मिलने से रोजमर्रा का काम भी प्रभावित हो रहा है।

    एजेंसी ने बताया- ऊपर से नहीं आया स्टॉक

    गैस एजेंसी संचालक ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें सप्लाई ही नहीं मिली है। एजेंसी और गोदाम दोनों जगह सिलेंडर खत्म हो चुके हैं, इसलिए वितरण नहीं किया जा सका।

    पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा

    सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोगों को समझाइश देकर जाम खुलवाया गया। साथ ही एसडीएम ने जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।

    सप्लाई सिस्टम पर उठे सवाल

    इस घटना ने गैस वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय पर सप्लाई सुनिश्चित की जाए, तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है।

  • आजीविका मिशन में भ्रष्टाचार का खुलासा, मैनेजर ने मांगी 75% मानदेय की रकम

    आजीविका मिशन में भ्रष्टाचार का खुलासा, मैनेजर ने मांगी 75% मानदेय की रकम


    नर्मदापुरम  मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां ब्लॉक मैनेजर पर महिला सखी से मानदेय के बदले 75% तक रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।

    75% तक कमीशन मांगने का आरोप

    बनखेड़ी की एक महिला बैंक सखी ने आरोप लगाया कि ब्लॉक मैनेजर दुर्गेश अहिरवार ने उसके मानदेय भुगतान के बदले 75 फीसदी रकम मांगी। इतना ही नहीं, पैसे नहीं देने पर उसे काम से हटाने की धमकी भी दी गई।

     जांच में मिले सबूत

    शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने दो सदस्यीय टीम गठित की। जांच में प्राथमिक तौर पर रिश्वत मांगने के साक्ष्य मिले हैं। रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है और जल्द कार्रवाई की बात कही जा रही है।

    एक हफ्ते में दूसरा मामला

    यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले केसला में लोकायुक्त पुलिस ने 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

    इस कार्रवाई में:

    सहायक विकासखंड प्रबंधक धर्मेंद्र गुप्ता
    क्लस्टर मैनेजर
    चपरासी
    को गिरफ्तार किया गया था।

    ऐसे बिछाया गया जाल

    ग्राम पाण्डुखेड़ी की महिला सुनैया बरकड़े से 25 हजार रुपए की मांग की गई थी, जो बाद में 20 हजार में तय हुई। महिला ने लोकायुक्त में शिकायत की, जिसके बाद टीम ने ट्रैप लगाकर तीनों को रिश्वत लेते पकड़ लिया।

    पूरे सिस्टम पर उठे सवाल

    लगातार सामने आ रहे मामलों से यह साफ है कि जिले में आजीविका मिशन के तहत मानदेय भुगतान प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शक जताया जा रहा है कि कहीं फर्जी बिल बनाकर भी भुगतान तो नहीं किया जा रहा।

    प्रशासन सख्त

    सीईओ हिमांशु जैन ने साफ कहा है कि अगर और अधिकारियों की संलिप्तता सामने आती है, तो नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • चंबल पुल पर भीषण भिड़ंत, एग्जाम देने जा रहे युवक की मौत

    चंबल पुल पर भीषण भिड़ंत, एग्जाम देने जा रहे युवक की मौत


    कोटा राजस्थान के कोटा जिले में दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। चंबल नदी के पुल पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में घायल दूसरे युवक ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। यह हादसा बुधवार सुबह हुआ था, जिसमें पहले ही एक युवक की मौके पर मौत हो चुकी थी।

    आमने-सामने भिड़ीं बाइक, तीन युवक गंभीर

    पुलिस के अनुसार, स्टेट हाईवे 120 पर सुबह करीब 7:30 बजे दो बाइकों में जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि तीनों युवक उछलकर करीब 10-12 फीट दूर पुल की रेलिंग से जा टकराए।

    मौके पर एक की मौत, दूसरे ने अस्पताल में तोड़ा दम

    इस हादसे में कोटा खुर्द निवासी शिवम मीना की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, गंभीर रूप से घायल अक्षय मीना और भीमसिंह गुर्जर को इलाज के लिए कोटा रेफर किया गया।
    इलाज के दौरान अक्षय मीना ने भी दम तोड़ दिया, जबकि तीसरे युवक का इलाज जारी है।

     एग्जाम देने जा रहा था अक्षय

    मृतक अक्षय मीना इटावा के किशनवास गांव का रहने वाला था और वह टोंक में बीएड का पेपर देने जा रहा था। लेकिन रास्ते में ही यह हादसा हो गया, जिससे उसका सपना अधूरा रह गया।

     पुलिस जांच में जुटी

    पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। दोनों वाहनों की टक्कर कैसे हुई, इसकी पड़ताल जारी है।

     हादसे की गंभीरता ने चौंकाया

    टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों युवक बाइक से उछलकर पुल की रेलिंग से जा टकराए। यह हादसा सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है।

  • 132 केवी टावर पर चढ़े युवक से मचा हड़कंप, पुलिस और बिजली विभाग मौके पर

    132 केवी टावर पर चढ़े युवक से मचा हड़कंप, पुलिस और बिजली विभाग मौके पर


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल और अनूपपुर जिले की सीमा पर बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक 132 केवी हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया। ग्राम बटुरा के पास हुई इस घटना ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया और प्रशासन को तुरंत हरकत में आना पड़ा।
     35 मीटर ऊंचाई पर घंटों चला ड्रामा

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक करीब 25 से 35 मीटर ऊंचे टावर पर चढ़ गया था। भीषण गर्मी के बावजूद वह टावर पर ऊपर-नीचे होता रहा। उसकी हरकतें बेहद खतरनाक थीं, जिससे नीचे खड़े लोगों की सांसें थम गईं।

     बिजली सप्लाई तुरंत की गई बंद

    घटना की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग ने तुरंत टावर से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन की सप्लाई बंद कर दी। यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो करंट लगने से बड़ा हादसा हो सकता था।

    पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर

    सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। टावर के नीचे बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। रेस्क्यू टीम युवक को समझाने और सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटी रही।

    मानसिक स्थिति पर उठे सवाल

    ग्रामीणों के अनुसार युवक की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी। वह बार-बार खतरनाक हरकतें कर रहा था और टावर के शीर्ष तक पहुंच गया था। इसी कारण उसे नीचे उतारना रेस्क्यू टीम के लिए चुनौतीपूर्ण बना रहा।

     जांच जारी

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक कौन है और किन कारणों से उसने यह कदम उठाया। साथ ही उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिशें जारी रहीं।

  • रीवा में फर्जी रिपोर्ट का खुलासा, दूसरी जांच में भी नहीं सुधरी गलती

    रीवा में फर्जी रिपोर्ट का खुलासा, दूसरी जांच में भी नहीं सुधरी गलती


    मध्य प्रदेश रीवा मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सरकारी रिकॉर्ड में फर्जीवाड़े का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पटवारी ने तालाब और खाली जमीन को भी गेहूं की फसल बता दिया। मामला सामने आते ही प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

    तालाब और खाली जमीन पर दिखा दी फसल

    त्योंथर तहसील के ग्राम चन्दई में पटवारी शारदा प्रसाद तिवारी ने करीब 3000 वर्ग फीट के तालाब और खाली पड़ी जमीन को गेहूं की फसल के रूप में दर्ज कर दिया। यह गड़बड़ी तब सामने आई जब विभाग को शिकायत मिली और जांच शुरू की गई।

    मौके पर जाकर भी दी गलत रिपोर्ट

    जांच में यह बात सामने आई कि पटवारी ने मौके पर जाकर ही रिपोर्ट तैयार की थी, इसके बावजूद गलत जानकारी दर्ज की गई। इसे गंभीर लापरवाही और कदाचार माना गया। यही वजह रही कि प्रशासन ने बिना देरी किए सख्त कदम उठाया।

    दोबारा जांच में भी नहीं सुधारी गलती

    शिकायत के बाद अधिकारियों ने दोबारा सत्यापन कराया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि पटवारी ने अपनी रिपोर्ट में कोई सुधार नहीं किया। इससे यह साफ हो गया कि गड़बड़ी जानबूझकर की गई थी।

    फायदा होने से पहले ही पकड़ा गया मामला

    प्रशासन की सतर्कता के चलते यह फर्जीवाड़ा समय रहते पकड़ में आ गया। अगर यह मामला आगे बढ़ता, तो सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक लाभ उठाया जा सकता था।

    कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

    जिले के कलेक्टर सोमवंशी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने साफ किया कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

     नियमों के तहत निलंबन

    पटवारी पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय त्योंथर तहसील रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

     प्रशासन का सख्त संदेश

    इस कार्रवाई से साफ संकेत है कि अब सरकारी रिकॉर्ड में किसी भी तरह की हेराफेरी पर तुरंत सख्त कदम उठाए जाएंगे।

  • सागर विधायक निवास की गौशाला में घुसा सांप, बोरीयों के बीच छिपा मिला

    सागर विधायक निवास की गौशाला में घुसा सांप, बोरीयों के बीच छिपा मिला


    सागर मध्य प्रदेश के सागर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विधायक शैलेंद्र जैन के निवास स्थित गौशाला में अचानक एक सांप घुस आया। गौशाला में काम कर रहे कर्मचारियों ने जैसे ही सांप को देखा, वे घबरा गए और तुरंत बाहर निकलकर मदद के लिए कॉल किया।

    बोरियों के बीच छिपा बैठा था सांप

    घटना बुधवार की है, जब सांप गौशाला में रखी बोरियों के बीच छिपा हुआ मिला। कर्मचारियों को पहले लगा कि यह खतरनाक कोबरा है, जिससे दहशत और बढ़ गई। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर बबलू पवार मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

    ऐसे किया गया सुरक्षित रेस्क्यू

    स्नेक कैचर ने कर्मचारियों की मदद से धीरे-धीरे बोरियों को हटाया। कुछ देर की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। पूरे ऑपरेशन के दौरान सावधानी बरती गई ताकि किसी को नुकसान न पहुंचे।

    रेड स्नेक निकला, नहीं था खतरनाक

    रेस्क्यू के बाद पता चला कि यह सांप रेड स्नेक प्रजाति का है, जिसकी लंबाई करीब ढाई फीट थी। यह जहरीला नहीं था, लेकिन अज्ञानता के कारण लोग इसे कोबरा समझकर डर गए थे।

    गर्मी से बचने आया था गौशाला

    विशेषज्ञों के अनुसार, तेज गर्मी के चलते सांप अक्सर ठंडी और सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों या गौशालाओं में घुस आते हैं। यही कारण है कि यह सांप भी ठंडक पाने के लिए वहां पहुंच गया।

    जंगल में छोड़ा जाएगा

    स्नेक कैचर ने बताया कि सांप को सुरक्षित पकड़ने के बाद उसे प्राकृतिक वातावरण यानी जंगल में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में वापस जा सके।

  • स्वीमिंग के दौरान अचानक गिरे बिजनेसमैन, साइलेंट हार्ट अटैक से मौत की आशंका

    स्वीमिंग के दौरान अचानक गिरे बिजनेसमैन, साइलेंट हार्ट अटैक से मौत की आशंका


    भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक वरिष्ठ कारोबारी की स्वीमिंग करते समय संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शुरुआती जांच में इसे ‘साइलेंट हार्ट अटैक’ से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि अंतिम पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।

     स्वीमिंग के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत

    यह घटना टीटी नगर क्षेत्र स्थित तरुण पुष्कर की है। जानकारी के मुताबिक, शाहपुरा की अमतलाश कॉलोनी निवासी 63 वर्षीय संजय त्यागी रोज की तरह बुधवार शाम भी स्वीमिंग के लिए पहुंचे थे।

    शाम करीब 6 बजे जब वह पूल में तैर रहे थे, तभी अचानक बेसुध होकर पानी में गिर पड़े। पूल में पानी की गहराई महज 4 फीट थी, जिससे डूबने की संभावना कम मानी जा रही है।

     CPR देने के बावजूद नहीं बच पाई जान

    घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद ट्रेनर और अन्य लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और CPR देकर सांसें वापस लाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

     साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका

    पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर मामला साइलेंट हार्ट अटैक का लग रहा है। इस तरह के अटैक में अक्सर व्यक्ति को पहले कोई गंभीर लक्षण महसूस नहीं होते और अचानक स्थिति बिगड़ जाती है।

    फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और शॉर्ट पीएम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।

    जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार

    पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि हार्ट अटैक की पुष्टि होती है, तो यह एक और उदाहरण होगा कि फिटनेस एक्टिविटी के दौरान भी स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।