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  • चूड़ियां सिंदूर के साथ मैदान में उतरीं महिलाएं, नरसिंहपुर का सिंदूर कप बना सशक्तिकरण की मिसाल

    चूड़ियां सिंदूर के साथ मैदान में उतरीं महिलाएं, नरसिंहपुर का सिंदूर कप बना सशक्तिकरण की मिसाल


    नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में खेल और महिला सशक्तिकरण का एक अनोखा संगम देखने को मिला जब स्टेडियम ग्राउंड में गृहणियों और कामकाजी महिलाओं ने क्रिकेट के मैदान पर अपने जज्बे का शानदार प्रदर्शन किया। हाथों में चूड़ियां माथे पर सिंदूर और दिल में जीत का जुनून लिए इन महिलाओं ने सिंदूर कप के जरिए यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी दायरे की मोहताज नहीं होती।

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में शानदार सफलता से प्रेरित होकर आयोजित इस टूर्नामेंट ने जिले में नई ऊर्जा भर दी। आमतौर पर घर परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने वाली महिलाओं ने जब बल्ला और गेंद थामी तो मैदान पर चौके छक्कों की बारिश होने लगी और दर्शक भी आश्चर्यचकित रह गए।

    स्टेडियम मैदान पर आयोजित सिंदूर कप में जिले की छह विवाहित महिला टीमों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं। एक ओर महिला पुलिसकर्मियों की टीम थी तो दूसरी ओर शिक्षिकाएं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं मैदान में उतरीं। सभी टीमों ने पूरे जोश और खेल भावना के साथ मुकाबला किया।

    दो दिनों तक चले इस रोमांचक टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला पुलिस इलेवन और शिक्षा विभाग की टीम के बीच खेला गया। मैच के दौरान कभी शिक्षिकाओं की बल्लेबाजी हावी नजर आई तो कभी महिला पुलिसकर्मियों की सटीक गेंदबाजी ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया। अंततः कड़े संघर्ष के बाद पुलिस इलेवन टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंदूर कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

    इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकालकर खेल स्वास्थ्य और आत्मविश्वास से जोड़ना था। टूर्नामेंट के दौरान महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। वे पूरे जोश के साथ खेलते हुए अपने बचपन के दिनों को फिर से जीती नजर आईं।

    सिंदूर कप न केवल एक खेल प्रतियोगिता रहा बल्कि यह महिलाओं के आत्मबल सामूहिकता और सामाजिक भागीदारी का भी प्रतीक बनकर उभरा। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि अगर अवसर मिले तो महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।

  • शहडोल में बेलगाम खनन माफिया, दफ्तर तक कर रहे रेकी; एक साल में 222 केस, 70 लाख से अधिक जुर्माना वसूला

    शहडोल में बेलगाम खनन माफिया, दफ्तर तक कर रहे रेकी; एक साल में 222 केस, 70 लाख से अधिक जुर्माना वसूला


    भोपाल। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए मध्यप्रदेश से बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य पुलिस विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की दिशा में सरकार ने तेज़ी दिखाई है। इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय की चयन एवं भर्ती शाखा ने करीब 10 हजार पदों पर भर्ती का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।

    प्रस्तावित भर्ती में सबसे अधिक पद आरक्षक कांस्टेबल के होंगे। जानकारी के अनुसार कुल 10 हजार पदों में से लगभग 7500 पद आरक्षकों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा 1 हजार पद ड्राइवर के और करीब 1200 पद मिनिस्ट्रियल स्टाफ के शामिल किए गए हैं। यह भर्ती न केवल पुलिस बल को मजबूत करेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों को भी गति प्रदान करेगी।

    दरअसल, मध्यप्रदेश पुलिस में लंबे समय से पदों की कमी बनी हुई है। वर्तमान में केवल आरक्षक वर्ग में ही करीब 13 हजार पद खाली बताए जा रहे हैं। ऐसे में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए इन पदों को भरना बेहद जरूरी हो गया है। यही कारण है कि सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है।

    सूत्रों के अनुसार, हर साल बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी रिटायर होते हैं, जिससे विभाग में लगातार रिक्तियां बढ़ती जा रही हैं। अनुमान है कि हर वर्ष लगभग 11 से 12 हजार पुलिसकर्मी सेवा निवृत्त हो जाते हैं। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही 22 हजार पदों पर भर्ती का ऐलान किया था। अब उसी योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से भर्तियां की जा रही हैं।

    वहीं, वर्ष 2025 की पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया फिलहाल जारी है और उम्मीदवारों के फिजिकल टेस्ट लिए जा रहे हैं। इसके बाद लिखित परीक्षा और अन्य प्रक्रियाओं के जरिए चयन किया जाएगा। इस बीच नई भर्ती की तैयारी से उन युवाओं में भी उत्साह बढ़ गया है जो लंबे समय से पुलिस विभाग में नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में भर्ती होने से न केवल बेरोजगारी कम होगी, बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था भी अधिक सुदृढ़ होगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पुलिस बल की उपस्थिति बढ़ने से अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश पुलिस में प्रस्तावित यह बंपर भर्ती युवाओं के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकती है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार की मंजूरी और भर्ती प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।

  • राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं

    राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं


    भोपाल । राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही एक समृद्ध और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होते हैं और इस दिशा में टीकाकरण की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि माताओं और शिशुओं का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है। टीकाकरण न केवल बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाता है बल्कि समाज में स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार भी तैयार करता है।

    डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित टीकाकरण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में मातृ और शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे टीकाकरण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने बच्चों का निर्धारित समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं।

    मुख्यमंत्री ने टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में योगदान देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं स्वयंसेवी संस्थाओं और सभी संबंधित टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।

  • मध्य प्रदेश में गैस सिलेंडर को लेकर हाहाकार: सर्वर क्रैश से एजेंसियों पर लंबी लाइनें, नर्मदापुरम में दुकानें बंद होने की कगार पर, छतरपुर में कालाबाजारी

    मध्य प्रदेश में गैस सिलेंडर को लेकर हाहाकार: सर्वर क्रैश से एजेंसियों पर लंबी लाइनें, नर्मदापुरम में दुकानें बंद होने की कगार पर, छतरपुर में कालाबाजारी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में इन दिनों घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत से आम लोगों से लेकर व्यापारियों तक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस बुकिंग का ऑनलाइन सर्वर क्रैश होने के कारण हालात और भी बिगड़ गए हैं। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन नंबर नहीं लगने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसका असर होटल, ढाबों और ठेला कारोबारियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर सिर्फ एक दो सिलेंडर का स्टॉक बचा है, जबकि छोटे फूड वेंडर्स के पास गैस लगभग खत्म हो चुकी है। ऐसे में खाने पीने की चीजों के दाम भी बढ़ने लगे हैं, जिसका सीधा असर रमजान और शादी ब्याह के सीजन पर पड़ रहा है।
    प्रदेश के नर्मदापुरम में स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। शहर की प्रसिद्ध चौपाटी, जो खान पान और छोटे कारोबारियों के लिए मुख्य केंद्र मानी जाती है, वहां इन दिनों सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति ठप होने के कारण कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद करने को मजबूर हो चुके हैं। जिनके पास थोड़ी बहुत गैस बची है, उनका कहना है कि एक दो दिन में स्टॉक खत्म हो जाएगा और उन्हें भी दुकानें बंद करनी पड़ेंगी।

    चौपाटी के दुकानदारों का कहना है कि उनका पूरा कारोबार गैस सिलेंडर पर निर्भर है। यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। यहां काम करने वाले कर्मचारी और छोटे वेंडर्स भी इस स्थिति से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उनकी दैनिक आय इसी काम पर निर्भर है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी देशों में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिसका असर गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर भी पड़ रहा है।

    इधर छतरपुर में गैस की कमी का फायदा उठाकर कालाबाजारी का मामला सामने आया है। यहां घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण करने की सूचना मिलने पर प्रशासन ने कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि एक रिटायर्ड शिक्षक श्यामलाल अहिरवार ने अपने घर में गैस सिलेंडरों का स्टॉक जमा कर रखा था।

    सूचना मिलते ही तहसीलदार और खाद्य विभाग की टीम ने वार्ड क्रमांक तीन स्थित विश्वनाथ कॉलोनी में छापा मारा और घर के अंदर रखे 25 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त कर लिए। इनमें से तीन सिलेंडर भरे हुए पाए गए, जबकि बाकी खाली थे। प्रशासन ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

    गैस की कमी और बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति को जल्द सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को राहत मिल सके और कालाबाजारी पर भी सख्त रोक लगाई जा सके।

  • नरसिंहपुर में सनसनी: किराए के मकान में फंदे से झूलती मिली 14 वर्षीय मासूम की लाश, सुसाइड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

    नरसिंहपुर में सनसनी: किराए के मकान में फंदे से झूलती मिली 14 वर्षीय मासूम की लाश, सुसाइड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस


    नरसिंहपुर । मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची का शव उसके अपने ही घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और मृतक बच्ची के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। खुशियों से भरे घर में अचानक मातम छा गया है और हर कोई इस बात से हैरान है कि इतनी कम उम्र की बच्ची ने आखिर मौत को गले क्यों लगाया।

    मिली जानकारी के अनुसार मृतक नाबालिग बच्ची अपने पिता के साथ तेंदूखेड़ा में एक किराए के मकान में रहती थी। घटना वाले दिन जब परिजनों ने बच्ची को फंदे से झूलते देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और तत्काल मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा थाना पुलिस की टीम हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी बी.एल. त्यागी ने इस दुखद मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की थी। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है लेकिन पुलिस हर संभावित पहलू पर नजर रख रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्ची ने यह आत्मघाती कदम किस दबाव या परेशानी में उठाया। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या घर में कोई सुसाइड नोट मिला है या पिछले कुछ दिनों से बच्ची के व्यवहार में कोई बदलाव देखा गया था।

    इस घटना ने स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार किराए के मकान में रहकर अपनी गुजर बसर कर रहा था और किसी को अंदेशा भी नहीं था कि इतनी बड़ी त्रासदी हो जाएगी। पुलिस ने आसपास के लोगों और सहपाठियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है ताकि मौत के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और तकनीकी कारणों का खुलासा हो पाएगा।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और विस्तृत विवेचना जारी है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना कितना अनिवार्य है। पुलिस की जांच रिपोर्ट आने तक पूरे क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं लेकिन आधिकारिक रूप से अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

  • ग्वालियर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: डबरा में 1 करोड़ की सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त

    ग्वालियर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: डबरा में 1 करोड़ की सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त


    ग्वालियर । ग्वालियर जिले में सरकारी जमीनों पर कब्जा हटाने की मुहिम तेज हो गई है। इसी क्रम में रविवार को जिला प्रशासन ने डबरा के ग्राम सहराई में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग एक करोड़ रुपए मूल्य की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। कार्रवाई कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर की गई। राजस्व विभाग की टीम ने ग्राम सहराई में खसरा नंबर 127 और 320 पर स्थित कुल 1.07 हेक्टेयर जमीन को कब्जे से मुक्त कराया।
    जानकारी के अनुसार कुछ किसानों ने इस सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था और जेसीबी मशीन की मदद से मेड़ बनाकर सीमांकन कर लिया था। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से बनाई गई मेड़ को हटवाया और जमीन को पुनः शासकीय नियंत्रण में लिया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल तैनात रहा। डबरा नगर पालिका का अमला भी मौके पर मौजूद रहा।
    अतिक्रमण हटाने के बाद मुक्त कराई गई भूमि को विधिवत रूप से डबरा नगर पालिका को सौंप दिया गया। प्रशासन के अनुसार इस जमीन का अनुमानित बाजार मूल्य करीब एक करोड़ रुपए है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार की मंशा के अनुरूप जिलेभर में शासकीय भूमि की सुरक्षा और अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
  • नई परिवहन नीति के विरोध में बस ऑपरेटर्स की हड़ताल, होली भीड़ के लिए स्पेशल ट्रेनें घोषित

    नई परिवहन नीति के विरोध में बस ऑपरेटर्स की हड़ताल, होली भीड़ के लिए स्पेशल ट्रेनें घोषित


    मध्यप्रदेश में होली के त्योहार से पहले यात्रियों के लिए राहत और चिंता दोनों तरह की खबरें सामने आई हैं। एक ओर जहां रेलवे ने बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए भोपाल मंडल से चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की है, वहीं दूसरी ओर नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च को बस ऑपरेटरों ने हड़ताल का ऐलान किया है। इससे यात्रियों को यात्रा योजना बनाने में सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    जानकारी के अनुसार, नई परिवहन नीति के विरोध में प्रदेश के बस ऑपरेटर्स 2 मार्च को बस सेवा बंद रखेंगे। कई बसों पर हड़ताल संबंधी पर्चे भी चिपकाए गए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से 2 मार्च को बस संचालन ठप रखने की बात कही गई है। होली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले बस सेवा बंद होने की स्थिति में यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्वाभाविक रूप से बस सेवा प्रभावित होने पर यात्रियों का रुख रेलवे की ओर बढ़ेगा, जिससे ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की संभावना है।

    इसी को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष ट्रेनों की घोषणा की है। भोपाल मंडल से रीवा, भोपाल और दानापुर के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। गाड़ी संख्या 02192/02191 एक-एक ट्रिप 28 फरवरी 2026 को संचालित करेगी। वहीं गाड़ी संख्या 02186/02185 नंबर की स्पेशल ट्रेन 2 और 3 मार्च 2026 को दो-दो ट्रिप चलेगी।

    इसके अलावा भोपाल-रीवा स्पेशल ट्रेन (01704/01703) 5 मार्च 2026 को एक ट्रिप करेगी। वहीं रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल ट्रेन (01667/01668) 27 फरवरी और 2 मार्च को रवाना होगी। वापसी में यह ट्रेन 28 फरवरी और 3 मार्च को चलेगी। रेलवे के इस फैसले से त्योहार के दौरान घर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    हालांकि बस हड़ताल और ट्रेनों में बढ़ती भीड़ की संभावना को देखते हुए यात्रियों को समय रहते टिकट बुक कराने और वैकल्पिक यात्रा योजना तैयार रखने की सलाह दी जा रही है। विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को रेलवे की वेबसाइट या अधिकृत काउंटर से अपडेट लेते रहना चाहिए।

    होली के अवसर पर हर वर्ष यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि देखी जाती है। ऐसे में बस सेवा बंद रहने और ट्रेनों में अतिरिक्त भीड़ के चलते यात्रा प्रबंधन प्रशासन के लिए भी चुनौती बन सकता है। फिलहाल रेलवे की ओर से की गई अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था को राहत भरा कदम माना जा रहा है, जबकि बस ऑपरेटरों की हड़ताल से परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ना तय है।

  • मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र में उठे संवेदनशील मुद्दे, सीएम डॉ मोहन यादव का रायसेन दौरा, बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी

    मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र में उठे संवेदनशील मुद्दे, सीएम डॉ मोहन यादव का रायसेन दौरा, बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी


    मध्यप्रदेश/भोपाल से आज की बड़ी खबर यह है कि मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का छठा दिन जोरदार चर्चा के साथ शुरू हुआ। सदन में गांधी मेडिकल कॉलेज की छात्रा रोशनी कलेश की दुखद मौत का मामला चर्चा का मुख्य केंद्र बना। कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए इस मुद्दे को उठाया। सदन में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान पर भी जोरदार बहस हुई। किसान समुदाय के लिए यह चिंता का विषय बन गया है और सदन में इसे गंभीरता से उठाया गया। अनुदान मांगों और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विधायक चर्चा कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की आज की दिनचर्या भी काफी व्यस्त है। सुबह 10:45 बजे वह विधानसभा पहुंचे और 11 बजे से सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। दोपहर 3:45 बजे के आसपास सीएम रायसेन के लिए रवाना होंगे और शाम 4:30 बजे हलाली डैम में आयोजित वन विभाग के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री 5 गिद्धों को हलाली डैम क्षेत्र में मुक्त करेंगे, जो वन्य जीवन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के लिए भी उत्साहजनक है।

    ग्वालियर की 14वीं बटालियन में आज सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन हो रहा है। इस परीक्षा में कुल 5500 अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया 14 मार्च तक चलेगी और प्रत्येक दिन लगभग 400 उम्मीदवार परीक्षा देंगे। यह अवसर युवाओं के लिए नौकरी पाने का महत्वपूर्ण मौका है और क्षेत्र में काफी उत्साह देखा जा रहा है।

    मध्यप्रदेश में बिजली महंगी होने की संभावना भी अब लोगों की चिंता का विषय बन गई है। राज्य की बिजली वितरण कंपनियों ने विद्युत नियामक आयोग को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10.19 प्रतिशत दर बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा है। अगर यह प्रस्ताव स्वीकृत हो गया तो 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू होंगी। इससे प्रदेश के एक करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को आर्थिक झटका लग सकता है और चर्चा का विषय बन जाएगा।

    मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में जनजातीय चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 28 फरवरी तक चलेगी। इसमें डिंडोरी के पाटनगढ़ निवासी गौंड चित्रकार कुम्हार सिंह धुर्वे के चित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जो बिक्री के लिए भी उपलब्ध हैं। इन चित्रों में पशु-पक्षी, जंगल और पहाड़ी जीवन की झलक दिखाई देती है। कुम्हार सिंह धुर्वे ने चित्रकला अपने बच्चों के साथ सीखते हुए इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। यह प्रदर्शनी कला प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

    आज का दिन मध्यप्रदेश के लिए कई महत्वपूर्ण गतिविधियों और निर्णयों से भरा है। विधानसभा में उठाए गए संवेदनशील मुद्दे, सिपाही भर्ती की तैयारियां, सीएम के पर्यावरण संरक्षण प्रयास और बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी सभी जनता के ध्यान में हैं। साथ ही जनजातीय कला को सम्मान देने वाला यह प्रदर्शनी भी राज्य में सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ा रही है।

  • भोपाल आईटी पार्क में करंट से माली की मौत, खुले तार ने ली 60 वर्षीय कर्मचारी की जान

    भोपाल आईटी पार्क में करंट से माली की मौत, खुले तार ने ली 60 वर्षीय कर्मचारी की जान


    भोपाल के स्थानीय आईटी पार्क में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया यहां खुले पड़े बिजली के तार की चपेट में आने से 60 वर्षीय माली की मौत हो गई घटना दोपहर लगभग 12 बजे की बताई जा रही है मृतक कर्मचारी नियमित रूप से परिसर के बगीचे की देखरेख करता था और उसी दौरान यह हादसा हो गया

    जानकारी के अनुसार मलखान सिंह पार्के परिसर के एक कोने में काम के सिलसिले में गया था पार्क के किनारे स्थित दीवार के पास जमीन पर एक बिजली का तार खुला पड़ा था जैसे ही वह उस स्थान पर पहुंचा उसका संपर्क तार से हो गया और उसे तेज करंट लगा झटका इतना जबरदस्त था कि वह बुरी तरह झुलसकर वहीं गिर पड़ा

    कुछ समय बाद एक सहकर्मी की नजर जमीन पर अचेत अवस्था में पड़े मलखान पर पड़ी उसने तुरंत अन्य कर्मचारियों को सूचना दी और घायल को आनन फानन में अस्पताल ले जाया गया गंभीर हालत में उसे Hamidia Hospital में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई

    घटना की सूचना मिलते ही Gandhi Nagar थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि हादसा खुले और असुरक्षित बिजली तार के संपर्क में आने से हुआ पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तार वहां कब से पड़ा था और उसकी देखरेख की जिम्मेदारी किस विभाग या ठेकेदार की थी

    दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया घटना के बाद मृतक के परिवार में शोक की लहर है वहीं आईटी पार्क जैसे संवेदनशील और व्यस्त परिसर में सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं

    स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली तार को सुरक्षित किया जाता या नियमित निरीक्षण होता तो यह हादसा टल सकता था विशेषज्ञों के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर विद्युत सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है खासकर उन स्थानों पर जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी और आगंतुक आते हैं

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह देखा जा रहा है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी इस हादसे ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि छोटी सी चूक भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है

  • मुरैना में मौत की रफ्तार: एसयूवी और कंटेनर की आमने-सामने की भिड़ंत, चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत

    मुरैना में मौत की रफ्तार: एसयूवी और कंटेनर की आमने-सामने की भिड़ंत, चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत


    मुरैना । मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई। नूराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत विचोला और मालनपुर मार्ग पर एक तेज रफ्तार एसयूवी और विशालकाय कंटेनर के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एसयूवी के परखच्चे उड़ गए और उसके चालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    वेडा गांव के पास मची चीख पुकार

    पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हृदयविदारक घटना वेडा गांव के समीप कल देर रात घटित हुई। बताया जा रहा है कि एसयूवी और कंटेनर दोनों ही विपरीत दिशाओं से तेज गति में आ रहे थे। वेडा गांव के मोड़ के पास दोनों वाहनों के बीच आमने सामने की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

    मशक्कत के बाद निकाला गया शव
    हादसे के बाद एसयूवी का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था जिसके कारण चालक बुरी तरह मलबे में फंस गया था। सूचना मिलते ही नूराबाद थाना पुलिस बल मौके पर पहुँचा और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    फरार चालक की तलाश जारी

    हादसे के बाद कंटेनर चालक मौके का फाय दा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है और मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। देर रात होने और सुनसान इलाका होने के कारण प्राथमिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।