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  • MP: खरगोन में एबी रोड पर क्रूड ऑयल के खाली टैंकर में हुआ ब्लास्ट…..दूर खड़े चरवाहे की मौत

    MP: खरगोन में एबी रोड पर क्रूड ऑयल के खाली टैंकर में हुआ ब्लास्ट…..दूर खड़े चरवाहे की मौत


    खरगोन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगोन जिले (Khargone district) में आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे (Agra-Mumbai National Highway) पर मगरखेड़ी के पास रविवार शाम को क्रूड ऑयल (Crude oil) के खाली टैंकर में वेल्डिंग के दौरान भीषण धमाका हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि टैंकर के टुकड़े 500 मीटर दूर तक बिखर गए। हादसे में दूर खड़े एक चरवाहे की मौत हो गई। इस विस्फोट में टैंकर चालक और वेल्डिंग मैकेनिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनको किसी बड़े अस्पताल रेफर किया गया है।

    घटना खरगोन के कसरावद इलाके के मगरखेड़ी गांव में एक वेल्डिंग वर्कशॉप में हुई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह विस्फोट तब हुआ जब मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे के किनारे खड़े एक टैंकर के पिछले हिस्से की मरम्मत का काम चल रहा था। धमाका इतना जोरदार था कि टैंकर के टुकड़े 500 मीटर दूर तक बिखर गए। इस भीषण धमाके के कारण पूरे मगरखेड़ी गांव में अफरातफरी मच गई।


    टैंकर चालक और वेल्डिंग मिस्त्री जख्मी

    स्थानीय लोगों ने बताया कि विस्फोट के बाद उड़े धातु की टुकड़ों की चपेट में बकरियां चरा रहे भीम रोकड़े (45) आ गए। वह गंभीर रूप से घायल हो गए। विस्फोट में टैंकर चालक और वेल्डिंग मिस्त्री भी बुरी तरह जख्मी हो गए। घायलों को आनन फानन में ठीकरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने भीम रोकड़े को मृत घोषित कर दिया।


    ड्राइवर और वेल्डिंग मैकेनिक बड़े अस्पताल रेफर

    विस्फोट में घायल टैंकर ड्राइवर और वेल्डिंग मैकेनिक को प्राथमिक इलाज के बाद दूसरे किसी बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास खड़ी एक कार और मकानों के कांच भी टूट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टैंकर में वेल्डिंग का काम चल रहा था तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।


    घायलों की हालत नाजुक

    ब्लास्ट के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। शुरुआत में गांव के लोगों ने ही बचाव कार्य चलाया। विस्फोट में जख्मी टैंकर चालक का नाम विनोद (45) है जो भैंसाचौबे, जिला बस्ती (यूपी) का निवासी बताया जाता है। वेल्डिंग मिस्त्री नितेश (35) बिहार के रहने वाले बताए जाते हैं। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही खलटाका पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।


    कैसे हुआ हादसा?

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेल खाली करने के बाद टैंकर में वेल्डिंग कराई जा रही थी। वेल्डिंग के कारण बढ़े तापमान से टैंकर में गैस बन गई। इस कारण विस्फोट हो गया। यह टैंकर आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के गढ़ी मोगा से क्रूड ऑयल लेकर झाबुआ जिले के मेघनगर पहुंचा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • MP: मंदसौर के शामगढ़ GRP थाना प्रभारी गिरफ्तार…. तस्कर को अफीम सप्लाई करने का आरोप

    MP: मंदसौर के शामगढ़ GRP थाना प्रभारी गिरफ्तार…. तस्कर को अफीम सप्लाई करने का आरोप


    नीमच।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीमच (Neemuch) में 1.50 किलोग्राम अफीम की खेप तस्कर (Opium consignment Smuggler) को सप्लाई करने के आरोप में मंदसौर जिले (Mandsaur district) के शामगढ़ जीआरपी थाना प्रभारी (GRP Station In-charge) को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि 7 जुलाई को एक तस्कर 4.50 किलोग्राम अफीम के साथ एनडीपीएस एक्ट में पकड़ा गया था। पूछताछ में उसने बताया कि 1.50 किलो अफीम उसे आरोपी थाना प्रभारी से हासिल की थी। आरोपी थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

    जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि 7 जुलाई को मंगल सिंह नामक तस्कर को 4.50 किलोग्राम अफीम के साथ एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। आरोपी के पास ड्रग्स रखने या उसके परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला था।


    थाना प्रभारी से खरीदी थी अफीम

    जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि सिंह से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह अलग-अलग लोगों से कम कीमत पर अफीम खरीदकर उसे अधिक कीमत पर दूसरे तस्करों को बेचता था। आरोपी ने यह भी बताया कि उससे बरामद 4.50 किलोग्राम अफीम में से 1.50 किलोग्राम अफीम उसे मंदसौर जिले के शामगढ़ के जीआरपी थाना प्रभारी से हासिल की थी।


    थाना प्रभारी अरेस्ट

    जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव के अनुसार, आरोपी तस्कर मंगल सिंह के बयान और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों के आधार पर जीआरपी थाना प्रभारी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद कन्हैयालाल भाटी को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया जिसने अभियोजन की गुहार पर उन्हें दो दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।

    नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
    पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी थाना प्रभारी से पूछताछ कर के पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अफीम की आपूर्ति और तस्करी के नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। मंगल सिंह से बरामद 4.50 किलोग्राम अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 22 से 23 लाख रुपये आंकी गई है। गौरतलब है कि नीमच भी अफीम उत्पादक क्षेत्र है। इस वजह से स्थानीय स्तर पर इस ड्रग्स की कीमत अपेक्षाकृत कम रहती है।


    घूस लेते हुए क्लर्क गिरफ्तार

    वहीं एक अन्य मामले में एमपी लोकायुक्त पुलिस ने आगर जिले में जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी कार्यालय के एक क्लर्क को रिटायर अधिकारी के बकाया भुगतान के एवज में 50 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी कार्यालय, आगर में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 एवं प्रभारी लेखपाल मनीष कुमार पंड्या के रूप में हुई है।

  • MP: BJP विधायक ने लिया ऐसा प्रण… जिसे सुन CM भी हैरान, बोले- अच्छे कार्य के लिए जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं

    MP: BJP विधायक ने लिया ऐसा प्रण… जिसे सुन CM भी हैरान, बोले- अच्छे कार्य के लिए जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं


    शाजापुर।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के कालापीपल (Kalapipal) से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी (BJP MLA Ghanshyam Chandravanshi) ने गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) के सामने एक ऐसा प्रण ले लिया, जिसे सुनकर सीएम भी हैरान रह गए। चंद्रवंशी ने अपने विधानसभा क्षेत्र की सड़कें बनने तक जूते-चप्पल नहीं पहनने की घोषणा कर दी, जिसके बाद मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि अच्छे कार्य के लिए जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं है, साथ ही विधायक की भाषा के लिए उन्हें एक हिदायत भी दी।

    कालापीपल में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान सीएम की मौजूदगी में विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र की सड़कों की खराब स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि जब तक क्षेत्र की सड़कें नहीं बनेंगी, तब तक वह जूते-चप्पल का त्याग करेंगे, चाहे इसमें दस वर्ष ही क्यों न लग जाएं।


    MLA ने लिया काम पूरा होने तक जूते-चप्पल नहीं पहनने का प्रण

    दरअसल कार्यक्रम के दौरान विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने सीएम से अपनी विधानसभा की 48 सड़कों के उन्नयन और 16 नई सड़कों की स्वीकृति समेत नए राजस्व भवन और अरनियाकला में आर्ट एंड साइंस खोलने की मांग रखी। इसी दौरान उन्होंने कहा कि, 16 सड़कें स्वीकृत नहीं हुईं या उनका निर्माण पूरा नहीं हुआ तो मैं जूते-चप्पल नहीं पहनूंगा।


    सीएम बोले- जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं

    विधायक की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में पांच लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का निर्माण हुआ है और सरकार विकास कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि अच्छे और सच्चे कार्य के लिए संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विधायक को शब्दों के चयन में भी सावधानी बरतने की सलाह दी।


    सीएम बोले- 16 नहीं, हम 17 सड़कें देंगे, शब्दों का ध्यान रखें

    मुख्यमंत्री यादव ने विधायक को जवाब देते हुए कहा, ’16 नहीं, 17 सड़कें देंगे। हमारे जूते-चप्पल कांटों से बचाने और दौड़ लगाने के लिए हैं। विधायक जी को जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं है। अपनी बात और शब्दों का ध्यान रखना चाहिए। यह काम कांग्रेसियों के लिए रहने दो। सरकार अच्छे और सच्चे काम के लिए आपके साथ है।’


    सीएम ने दी 30.86 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘यह कागज मैंने ले लिया है। नाम नहीं पढ़ूंगा, लेकिन आपको बुलाकर सभी मांगें मंजूर कर रहा हूं। विकास के कामों में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।’ इसके साथ ही सीएम ने 30.86 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। इस दौरान उन्होंने 16 प्रमुख सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन के साथ ही सांसद की मांग पर रेलवे ओवर ब्रिज की भी घोषणा की।

    दरअसल ये पूरा वाकिया शाजापुर जिले के कालापीपल में आयोजित किसान सम्मेलन में नजर आया, जिसमें शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव पहुंचे थे। इस कार्यक्रम के दौरान प्रदेश सरकार में मंत्री इंदर सिंह परमार, सांसद महेंद्र सोलंकी और स्थानीय विधायक घनश्याम चंद्रवंशी समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन नागरिक भी उपस्थित रहे।

  • पांढुर्णा में तीन दिन तक 350 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठा रहा युवक, SDRF और पुलिस ने सुरक्षित उतारा

    पांढुर्णा में तीन दिन तक 350 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठा रहा युवक, SDRF और पुलिस ने सुरक्षित उतारा


    पांढुर्णा। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में पिछले तीन दिनों से चल रहा हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन बुधवार शाम सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। करीब 350 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़े एक युवक को पुलिस और SDRF की टीम ने लगभग 51 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित नीचे उतार लिया। इस दौरान प्रशासन, पुलिस और बचाव दल लगातार मौके पर तैनात रहे।

    जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम एक युवक हाथ में शराब की बोतल लेकर अचानक मोबाइल टावर पर चढ़ने लगा। स्थानीय लोगों ने उसे रोकने और नीचे आने के लिए आवाज लगाई, लेकिन उसने किसी की बात नहीं सुनी और टावर के सबसे ऊपरी व संकरे हिस्से पर जाकर बैठ गया। घटना की सूचना मिलते ही पांढुर्णा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।

    थाना प्रभारी अमित दाणी ने बताया कि युवक अत्यधिक शराब के नशे में था। पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से कई बार उसे नीचे उतरने की अपील की, लेकिन उसने किसी भी प्रयास का जवाब नहीं दिया।

    सुरक्षा के लिए किए गए विशेष इंतजाम
    संभावित हादसे को देखते हुए प्रशासन ने टावर के चारों ओर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। यदि युवक नीचे गिर जाए तो उसकी जान बचाई जा सके, इसके लिए टावर के नीचे गद्दे बिछाए गए और सुरक्षा जाल (नेट) लगाया गया। स्थानीय स्तर पर प्रयास सफल नहीं होने पर तत्काल SDRF की टीम को बुलाया गया।

    चुनौतीपूर्ण रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
    टावर की ऊंचाई और युवक की अस्थिर स्थिति के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। रात के समय अंधेरा और तेज ऊंचाई के बीच युवक लगातार खतरनाक हरकतें करता रहा, जिससे उसके गिरने का खतरा बना हुआ था। पुलिस और SDRF की टीम ने लगातार धैर्य के साथ बातचीत कर उसे शांत रखने की कोशिश की और पूरी रणनीति के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा।

    बुधवार शाम सुरक्षित उतारा गया युवक
    करीब 51 घंटे तक चले अभियान के बाद बुधवार शाम लगभग 7 बजे SDRF और पुलिस की टीम ने तकनीकी कौशल और सतर्कता के साथ युवक को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और नीचे उतार लिया। उसके सुरक्षित जमीन पर पहुंचते ही मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और बड़ी संख्या में एकत्र लोगों ने राहत की सांस ली।

    फिलहाल युवक की चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है। पुलिस उसके पूरी तरह होश में आने का इंतजार कर रही है, ताकि उसकी पहचान और मोबाइल टावर पर चढ़ने के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।

  • मध्य प्रदेश बना पहला राज्य जहां वक्फ बोर्ड में शामिल हुए 2 हिंदू सदस्य, जानिए किन्हें मिली जिम्मेदारी?

    मध्य प्रदेश बना पहला राज्य जहां वक्फ बोर्ड में शामिल हुए 2 हिंदू सदस्य, जानिए किन्हें मिली जिम्मेदारी?


    भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम-2025 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस नए गठन में दो हिंदू सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम यानी हिंदू प्रतिनिधियों को जगह दी गई है। इस संबंध में आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

    बोर्ड में दो हिंदू सदस्य शामिल
    अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार ने रविवार को 10 सदस्यीय मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया। इसमें मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव को हिंदू सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। बोर्ड का अध्यक्ष सनवर पटेल को नियुक्त किया गया है। नए प्रावधानों के तहत गठित यह वक्फ बोर्ड देश का पहला राज्य स्तरीय बोर्ड बन गया है जिसमें हिंदू सदस्यों को औपचारिक रूप से शामिल किया गया है।

    अधिनियम के तहत हुआ पुनर्गठन
    यह पुनर्गठन वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित 2025) की धारा 13(1) में दिए गए प्रावधानों के तहत किया गया है। सरकार ने धारा 14 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह नई संरचना लागू की है।

    क्या होता है वक्फ बोर्ड?
    वक्फ बोर्ड एक वैधानिक संस्था है, जो राज्य में मौजूद वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और संरक्षण का कार्य करती है। इसका मुख्य उद्देश्य इन संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार करना, उनकी निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना है कि उनका उपयोग धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण के कार्यों में हो। साथ ही यह संस्था वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से बचाने का भी काम करती है।

    शिवपुरी में रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा
    इसी बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिवपुरी में एक रक्षा निर्माण इकाई का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि अब मध्य प्रदेश में बनी मिसाइलें दुश्मनों को जवाब देने में सक्षम होंगी। यह परियोजना अडाणी समूह की सहायक कंपनी अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस द्वारा विकसित की जा रही है। करीब 2,500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस यूनिट से लगभग 5,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उपस्थित रहे।

  • MP: RGPV में पेपर चोरी…. परीक्षा से पहले गायब हुए प्रश्नपत्रों के 9 बंडल

    MP: RGPV में पेपर चोरी…. परीक्षा से पहले गायब हुए प्रश्नपत्रों के 9 बंडल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सबसे बड़े तकनीकी विश्वविद्यालयों में शामिल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Rajiv Gandhi Proudyogiki Vishwavidyalaya- RGPV) में एग्जाम से ठीक पहले प्रश्नपत्र चोरी होने का गंभीर मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शुक्रवार को स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (School of Biotechnology) के सेकंड ईयर (चौथे सेमेस्टर) के कंप्यूटर विषय का एग्जाम था, लेकिन सुबह 11 बजे एग्जाम शुरू होने से ठीक पहले छात्रों को बताया गया कि परीक्षा रद्द कर दी गई है. थोड़ी देर बाद जानकारी मिली कि प्रश्नपत्र चोरी हो गया है. इसके बाद यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया।

    यूनिवर्सिटी ने पेपर चोरी होने की जानकारी देते हुए परीक्षा अगले आदेश तक स्थगित कर दी है. जानकारी के मुताबिक अलग-अलग प्रश्नपत्रों के करीब 9 बंडल गायब मिले हैं।


    गांधीनगर थाने में दर्ज कराई FIR

    यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए भोपाल के गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के मुताबिक, संबंधित प्रश्नपत्र गुरुवार देर रात चोरी हो गया था. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रश्नपत्र कैसे गायब हुआ और इसमें किसकी भूमिका हो सकती है।


    सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल

    परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र चोरी की घटना ने विश्वविद्यालय की गोपनीय परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा ‘बीजेपी के राज में चोरी अब व्यवस्था बन चुकी है. पहले वोट चोरी, फिर सीट चोरी, उज्जैन में जमीन चोरी, मंदिरों से चढ़ावा चोरी, और अब प्रश्नपत्र चोरी! भोपाल स्थित RGPV में परीक्षा शुरू होने से पहले गोपनीय प्रश्नपत्रों के 9 सीलबंद लिफाफे चोरी हो गए।

    उमंग सिंघार ने आगे लिखा, मुख्यमंत्री मोहन यादव के राज में अब माफिया और चोर इतने बेखौफ हैं कि छात्रों का भविष्य भी सुरक्षित नहीं है. यह केवल प्रश्नपत्र की चोरी नहीं, युवाओं की मेहनत, विश्वास और भविष्य की चोरी है. बीजेपी राज में आखिर बचा क्या है जो चोरी नहीं हो रहा?

  • MP: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करेंगे दिग्विजय सिंह

    MP: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करेंगे दिग्विजय सिंह


    भोपाल।
    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता (Senior Congress leader) दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह राम मंदिर में चढ़ावे और दान की चोरी के मुद्दे को लेकर दो अक्टूबर (गांधी जयंती) से उज्जैन के महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) से अयोध्या (Ayodhya) तक ‘गैर-राजनीतिक’ पदयात्रा करेंगे। सिंह ने इस बात की घोषणा भोपाल में अपने सरकारी आवास के बाहर एक बैनर लगाने के दौरान कही। उन्होंने कहा कि मैंने अपने घर के बाहर एक बैनर लगाया है, जिस पर लिखा है चंदा चोरों का प्रवेश वर्जित है। आगे उन्होंने कहा कि अब यह बैनर सभी मंदिरों के बाहर लगना चाहिए कि चंदा चोरों से सावधान।

    दरअसल सिंह ने अपने घर के बार जो बैनर लगाया उस पर लिखा है, ‘जय सिया राम। हमारी आस्था के प्रतीक भगवान श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए समूचे देश के द्वारा दिए गए चंदा के चोरों एवं चढ़ावा चोरों का मेरे निवास पर प्रवेश निषेध है।’ इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि वह अदालत में वाद दायर कर राम मंदिर के लिए दिया गया अपना चंदा वापस मांगेंगे क्योंकि उनके धन का दुरुपयोग हुआ है।


    ‘पदयात्रा में हर दिन चलूंगा 10 से 15 किमी पैदल’

    कांग्रेस नेता ने कहा, ‘राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के विरोध में मैं दो अक्टूबर से उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा शुरू करूंगा। यह पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी। इसमें किसी दल का झंडा नहीं रहेगा। भगवान राम में आस्था रखने वाले और राम मंदिर में दान देने वाले सभी लोग इसमें शामिल हो सकते हैं।’ एक प्रश्न के उत्तर में सिंह ने कहा कि यात्रा की दूरी करीब एक हजार किलोमीटर है और वह प्रतिदिन 10 से 15 किलोमीटर पैदल चलेंगे।


    ‘आडवाणी की रथयात्रा के दौरान दिया था चंदा’

    पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा, ‘मैंने लालकृष्ण आडवाणी (वरिष्ठ भाजपा नेता) की रथयात्रा के दौरान चंदा दिया था क्योंकि मुझे भगवान राम और मंदिर पर आस्था है। उस पहले अभियान में एकत्र किए गए चंदे का आज तक कोई हिसाब नहीं दिया गया। उच्चतम न्यायालय के फैसले (जिससे मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ) के बाद फिर से चंदा अभियान चलाया गया।’


    ‘मुकदमा दायर करते हुए वापस मांगूंगा चंदा’

    उन्होंने कहा, ‘मैंने तय किया है कि अयोध्या में मुकदमा दायर करूंगा कि मेरे द्वारा दिया गया चंदा गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। मैं अपना चंदा वापस चाहता हूं।’ सिंह का यह बयान राम मंदिर में चढ़ावे और कीमती सामान की कथित चोरी के आरोपों के संदर्भ में आया, जिनकी जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है।


    ‘महाकाल मंदिर के पास की जमीन RSS को दी गई थी’

    सिंह ने दावा किया कि जब दूसरी बार विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने चंदा अभियान चलाया तो उन्होंने संगठन पर भरोसा नहीं होने के कारण उसमें योगदान नहीं दिया और सीधे 1 लाख 11 हजार रुपए का दान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह राम मंदिर में चढ़ावे और कीमती सामान की चोरी हुई है, उसी तरह उज्जैन में भी महाकाल मंदिर के पास की एक बहुमूल्य भूमि भाजपा की सुंदरलाल पटवा सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को दे दी थी।


    ‘होटल के लिए अब उस स्कूल को गिराया जा रहा’
    सिंह ने आगे कहा, ‘मेरी सरकार आने के बाद मैंने इस पर आपत्ति जताई थी।’ उन्होंने आरोप लगाया कि अब वहां संचालित एक स्कूल को होटल बनाने के लिए गिराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वहां ठहरने वाले लोगों को स्वत: वीआईपी दर्शन की सुविधा मिल जाती है और संबंधित संगठन वहां से मिले दान का उपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी भी जांच की मांग की जाएगी।

  • MP: मैहर के इस गांव में कुएं में गिरे बैल को बचाने की कोशिश में 3 लोगों की मौत, एक गंभीर

    MP: मैहर के इस गांव में कुएं में गिरे बैल को बचाने की कोशिश में 3 लोगों की मौत, एक गंभीर


    मैहर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मैहर जिले (Maihar district) के अमरपाटन थाना (Amarpatan Police Station) क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां के ग्राम खरामसेड़ा (Village Kharamseda) के अहिरान टोला में शुक्रवार की रात कुएं में गिरे एक बैल की जान बचाने के चक्कर में तीन घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।

    दरअसल बैल को बाहर निकालने की कोशिश में चार ग्रामीण एक-एक कर कुएं की गहराई में उतरे, लेकिन भीतर मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की भारी कमी के चलते चारों अचेत हो गए। ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद चारों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि एक की हालत नाजुक बनी हुई है।

    इस हादसे की शुरुआत शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे उस वक्त हुई, जब गांव के रामनिवास कुशवाहा के घर के पास बने करीब 35 फीट गहरे कुएं में अचानक एक बैल गिर गया। बैल को कुएं में तड़पता देख गांव के दो युवक उसे सुरक्षित बाहर निकालने की नीयत से रस्सी के सहारे गहराई में उतरे और कुएं की तली में पहुंचते ही ऑक्सीजन ना मिल पाने के कारण दोनों का दम घुटने लगा और कुछ ही देर में ऊपर खड़े लोगों को उनकी आवाज आना बंद हो गई। उन्हें अचेत होते देख, बाहर खड़े दो अन्य ग्रामीण भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के उन्हें बचाने के लिए फौरन कुएं में कूद गए, लेकिन अफसोस वे भी उसी जहरीली हवा की चपेट में आकर वहीं निढाल हो गए।


    रस्सियों और कांटों के सहारे ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू

    चार लोगों के नीचे उतरने के बाद भी जब काफी देर तक जब कुएं के भीतर से कोई हलचल नहीं हुई और किसी की आवाज बाहर नहीं आई, तो कुएं के मुहाने पर खड़े ग्रामीणों के होश उड़ गए और किसी अनहोनी की आशंका से वहां चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए खुद ही बचाव अभियान शुरू किया। रस्सियों, हुक और कांटों के सहारे चारों अचेत लोगों को भारी मशक्कत के बाद एक-एक कर कुएं से बाहर निकाला गया। इसी बीच डायल-112 पुलिस को भी सूचना दी गई। रात करीब 9 बजे सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चारों को तत्काल सिविल अस्पताल अमरपाटन ले जाया गया।


    अस्पताल पहुंचते ही तीन को मृत घोषित किया

    अमरपाटन सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद तीन ग्रामीणों को मृत घोषित कर दिया, जिससे अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। मृतकों की पहचान कृष्ण कुमार यादव (28 वर्ष) पिता रामदास यादव, वीरेंद्र यादव (47 वर्ष) पिता जगदीश यादव और राहुल यादव (34 वर्ष) पिता मोतीलाल यादव के रूप में हुई है। ये तीनों मृतक अहिरान टोला, खरमसेड़ा के ही रहने वाले थे। वहीं, चौथे ग्रामीण रामचंद्र यादव की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका डॉक्टरों की देखरेख में आईसीयू में इलाज जारी है।


    कुएं में भरा था घुटनों तक पानी, पीएम रिपोर्ट का इंतजार

    बताया जा रहा है कि कुआं लगभग 35 फीट गहरा है, जिसमें घुटनों तक पानी भरा हुआ था। लेकिन लंबे समय से बंद रहने या हवा का प्रवाह न होने के कारण कुएं के निचले हिस्से में जानलेवा कार्बन मोनोऑक्साइड या अन्य जहरीली गैसें जमा हो गई थीं। अमरपाटन एसडीओपी ख्याति मिश्रा ने बताया कि ‘रामनिवास कुशवाहा के कुएं में एक बैल गिर गया था, जिसे बचाने के लिए चार लोग नीचे उतरे थे। समय पर वापस नहीं आने पर ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां तीन लोगों की मौत हो चुकी है और एक का इलाज जारी है। प्रथम दृष्टया मामला दम घुटने का लग रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम (पीएम) रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।’

  • MP: उज्जैन में शिप्रा रामघाट पर महाआरती के दौरान भिड़े पुजारी-वेंडर…. जमकर चले लात-घूसे

    MP: उज्जैन में शिप्रा रामघाट पर महाआरती के दौरान भिड़े पुजारी-वेंडर…. जमकर चले लात-घूसे


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) में शिप्रा के रामघाट (Ramghat) पर एक शर्मनाक घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल (Video Viral) हुआ। यहां शाम को महाआरती (Maha Aarti) के बीच अचानक मंत्रोच्चार की जगह अपशब्द और लात-घूंसे चलने लगे। फूल-प्रसाद बेचने वाले वेंडरों और घाट के पुजारियों के बीच विवाद हुआ। घटना 28 जून की शाम की है, जिसने घाटों की सुरक्षा और वहां चल रही अवैध दुकानदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मामले में थाना महाकाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस कायमी की है। मारपीट में दोनों ओर से 4 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शाम को जब शिप्रा घाट पर आरती शुरू हुई, तो फूल-प्रसाद विक्रेता हमेशा की तरह आरती के बीच में ही श्रद्धालुओं को सामान बेचने की जिद करने लगे। इससे आरती की मर्यादा भंग हो रही थी।


    महिलाओं ने मारपीट शुरू की

    विकास पिता शशिकांत शर्मा 38 साल निवासी बिलोटीपुरा के पक्ष से गणेश पिता शशिकांत शर्मा को चोट आई। पुलिस ने रिपोर्ट पर ममता परमार, क्षिप्रा मराठा के खिलाफ केस दर्ज किया। फरियादी ने पुलिस को बताया रामघाट पर भाई के साथ पंडिताई करता हूं। 28 जून की शाम की आरती के दौरान उक्त महिलाएं फूल-प्रसाद बेच रही थी, जिन्हें मना किया तो उत्तेजित होकर अपशब्द कहते हुए मारपीट पर उतारू हो गई। मेरे हाथ व आंख में चोट आई, भाई बीचबचाव को आया तो उससे भी मारपीट की।

  • MP: राजा रघुवंशी हत्याकांड…. सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए SC जाएगा परिवार

    MP: राजा रघुवंशी हत्याकांड…. सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए SC जाएगा परिवार


    इंदौर।
    मेघालय हाई कोर्ट (Meghalaya High Court) द्वारा सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) की जमानत बरकरार रखने के एक दिन बाद राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख करने का फैसला किया है. राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने मंगलवार को कहा कि परिवार जल्द ही सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगा।

    विपिन रघुवंशी ने कहा कि उन्हें अभियोजन पक्ष की पैरवी से संतुष्टि नहीं है. इसलिए अब उनका परिवार न्याय की लड़ाई अपने दम पर लड़ेगा और इसके लिए निजी वकील नियुक्त करेगा. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मेघालय पुलिस ने गिरफ्तारी के समय सोनम को गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी क्यों नहीं दी. उनके मुताबिक, इसी कानूनी चूक का फायदा सोनम को जमानत मिलने में मिला।

    दरअसल, सोमवार को मेघालय हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें निचली अदालत द्वारा 27 अप्रैल को दी गई सोनम की जमानत रद्द करने की मांग की गई थी. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का सही ढंग से पालन नहीं किया और सोनम को प्रभावी तरीके से गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए गए. अदालत ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 47(1) का उल्लंघन माना।


    क्या है पूरा मामला?

    गौरतलब है कि राजा रघुवंशी और सोनम की शादी 11 मई 2025 को इंदौर में हुई थी. दोनों 20 मई को हनीमून मनाने मेघालय गए थे. 23 मई को सोनम के लापता होने की खबर सामने आई, जबकि 2 जून को राजा का शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा (चेरापूंजी) स्थित एक झरने के पास गहरी खाई में मिला था.


    किसे हई थी सजा?

    इस मामले में पुलिस ने सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और उसके तीन दोस्तों को हत्या की साजिश और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था. सोनम करीब 10 महीने न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुई है।