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  • MP: मंदसौर में प्राचार्य के तबादले का विरोध…. छात्रों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन, झुका प्रशासन

    MP: मंदसौर में प्राचार्य के तबादले का विरोध…. छात्रों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन, झुका प्रशासन


    मंदसौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मंदसौर (Mandsaur) के लदुना (Laduna) स्थित सांदीपनी विद्यालय (Sandipani Vidyalaya) के प्रभारी प्राचार्य (Principal-in-Charge) के तबादले के विरोध में छात्रों ने लदुना-सीतामऊ मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। पुलिस और प्रशासन ने छात्रों से बातचीत कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाया गया।

    छात्रों ने लदुना-सीतामऊ मार्ग पर चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। करीब दो घंटे के प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर छात्रों ने आंदोलन समाप्त किया, जिसके बाद प्रभारी प्राचार्य अजीत त्रिपाठी को पुनः विद्यालय का प्रभार सौंप दिया गया।

    जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य अजीत त्रिपाठी को उनकी मूल पदस्थापना नाटाराम वापस भेजने के आदेश जारी किए गए थे। वे सांदीपनि विद्यालय का प्रभार संभाल रहे थे। इस आदेश की जानकारी मिलते ही विद्यालय के छात्र आक्रोशित हो गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।


    लदुना-सीतामऊ रोड पर आवागमन बाधित हुआ

    छात्रों ने विरोध स्वरूप लदुना-सीतामऊ रोड पर जाम लगा दिया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। सूचना मिलने पर सीतामऊ थाना प्रभारी और तहसीलदार मोहित सिनम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की समझाइश के बाद छात्रों ने सड़क से जाम हटा लिया, लेकिन विद्यालय के बाहर नारेबाजी और प्रदर्शन जारी रखा।

    छात्रों का तर्क था कि अजीत त्रिपाठी के प्रभारी प्राचार्य बनने के बाद विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन और पढ़ाई के माहौल में उल्लेखनीय सुधार हुआ था। छात्रों ने उनके तबादले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आदेश को निरस्त कर उन्हें विद्यालय में बनाए रखने की मांग की।


    आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया

    लगभग दो घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश का हवाला देते हुए छात्रों को स्थिति स्पष्ट की।

    तहसीलदार मोहित सिनम ने छात्रों को बताया कि अजीत त्रिपाठी को उनकी मूल पदस्थापना के साथ-साथ सांदीपनि विद्यालय का प्रभारी प्राचार्य बनाए रखने का निर्णय लिया गया है। इस आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

  • MP में दो साल तक फिजूलखर्ची पर लगी रोक…. होटलों में नहीं होंगी सरकारी बैठकें.. हवाई यात्राएं भी की सीमित

    MP में दो साल तक फिजूलखर्ची पर लगी रोक…. होटलों में नहीं होंगी सरकारी बैठकें.. हवाई यात्राएं भी की सीमित


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की मोहन यादव सरकार (Mohan Yadav Government) ने वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए सरकारी खर्चों में बड़ी कटौती का फैसला किया है. वित्त विभाग ने सभी विभागों, निगम-मंडलों, विश्वविद्यालयों और सरकारी संस्थाओं के लिए मितव्ययिता संबंधी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों के तहत अगले दो वर्षों तक गैर-जरूरी सरकारी खर्चों (Non-Essential Government Expenditures) पर रोक रहेगी और संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाएगा.

    नए आदेश के मुताबिक, अधिकारियों की विदेश यात्राएं केवल अत्यावश्यक सरकारी कार्यों तक सीमित रहेंगी. देश के भीतर हवाई यात्रा भी आवश्यकता के आधार पर ही की जाएगी और सभी अधिकारी सरकारी खर्च पर केवल इकोनॉमी क्लास में ही सफर कर सकेंगे.


    होटल में बैठकें और प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं

    वित्त विभाग ने होटलों और अन्य व्यावसायिक परिसरों में कार्यशालाएं, बैठकें और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर रोक लगा दी है. ऐसे कार्यक्रम अब सरकारी भवनों में आयोजित किए जाएंगे. जहां संभव होगा, वहां प्रशिक्षण और बैठकों को वर्चुअल माध्यम या वेबिनार के जरिए आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अनावश्यक खर्च से बचा जा सके.


    किराए के वाहनों की संख्या घटेगी

    सरकार ने सभी विभागों को किराए के वाहनों की संख्या कम करने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए व्हीकल पूलिंग सिस्टम लागू किया जाएगा. दो या अधिक अधिकारियों के लिए अलग-अलग वाहन उपलब्ध कराने के बजाय साझा वाहन व्यवस्था अपनाई जाएगी. यदि किसी अधिकारी को अतिरिक्त विभाग का प्रभार दिया जाता है तो उसे दूसरे विभाग का अलग वाहन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा.


    दफ्तरों की साज-सज्जा पर भी रोक

    आदेश में अधिकारियों के कार्यालयों और केबिन की सजावट तथा इंटीरियर पर होने वाले अनावश्यक खर्च पर भी रोक लगा दी गई है. विभागाध्यक्षों को इन खर्चों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं.


    नई कंसल्टेंसी सेवाओं पर रोक

    राज्य सरकार ने फिलहाल नई कंसल्टेंसी सेवाओं के अनुबंध करने पर भी रोक लगा दी है. साथ ही सभी निगम-मंडलों और सरकारी उपक्रमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने लाभांश की अधिकतम संभव राशि राज्य शासन के खाते में जमा कराएं, ताकि सरकारी वित्तीय संसाधनों को मजबूत किया जा सके.

  • MP: केन-बेतवा प्रोजेक्ट के विरोध में जल चिता व फांसी सत्याग्रह…. 15 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे विस्थापित

    MP: केन-बेतवा प्रोजेक्ट के विरोध में जल चिता व फांसी सत्याग्रह…. 15 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे विस्थापित


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बुंदेलखंड क्षेत्र (Bundelkhand region) में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट (Ken-Betwa Link Project) और अन्य सिंचाई परियोजनाओं के विरोध में चल रहा आंदोलन शनिवार को 15वें दिन में प्रवेश कर गया. छतरपुर जिले के कुपी गांव के पास बराना नदी किनारे बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं और परियोजना से प्रभावित परिवार अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें अब तक उचित पुनर्वास और मुआवजा नहीं मिला।

    इस आंदोलन का नेतृत्व अमित भटनागर कर रहे हैं और पिछले 11 दिनों से अनिश्चितकालीन उपवास पर हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस दौरान भटनागर की केवल एक बार औपचारिक मेडिकल जांच की गई. प्रदर्शनकारियों ने ‘जल सत्याग्रह’, ‘चिता सत्याग्रह’ और आंदोलन के आठवें दिन से प्रतीकात्मक ‘फांसी सत्याग्रह’ भी शुरू किया है।

    बता दें कि केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट का मकसद केन नदी के अतिरिक्त पानी को बेतवा नदी में पहुंचाना है ताकि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सूखा-प्रवण बुंदेलखंड इलाके में सिंचाई और पीने का पानी उपलब्ध कराया जा सके।

    हालांकि, इस प्रोजेक्ट का विस्थापन, पुनर्वास और जंगलों व वन्यजीवों (जिसमें पन्ना टाइगर रिजर्व का हिस्सा भी शामिल है) पर इसके असर से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों के कुछ वर्गों और पर्यावरण समूहों ने विरोध किया है. मौजूदा आंदोलन में रुंझ और मझगांव सिंचाई प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवार भी शामिल हैं, जिनका दावा है कि अधिकारियों द्वारा किए गए पुनर्वास के वादों को पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है।

    छतरपुर जिला प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शनकारियों में पड़ोसी पन्ना जिले के रुंझ और मझगांव सिंचाई प्रोजेक्ट से प्रभावित 176 लोग शामिल हैं और इनका छतरपुर जिले में किसी विस्थापन या मुआवजे की प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है.

    एक बयान में प्रशासन ने प्रभावित परिवारों से पन्ना लौटने और पुनर्वास का लाभ उठाने के लिए वहां के जिला अधिकारियों से संपर्क करने का आग्रह किया. इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार ने पुनर्वास और पुनर्स्थापना के लिए अतिरिक्त 202.50 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं और प्रति प्रभावित परिवार पुनर्वास सहायता को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 12.50 लाख रुपये कर दिया है।

    प्रशासन ने कहा कि अतिरिक्त आवंटन पात्र लाभार्थियों के समय पर पुनर्वास में मदद करेगा. इसमें कहा गया कि कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देश पर मानवीय आधार पर विरोध स्थल पर पीने के पानी, भोजन, स्वास्थ्य सेवा और अन्य जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किया गया था. पास के एक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल स्टाफ और दवाइयां भी तैनात की गई थीं, जबकि स्थानीय अधिकारी इंतजामों पर नजर रखे हुए थे।

    प्रशासन ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि, राजस्व और पुलिस अधिकारी, सरपंच और अन्य स्थानीय प्रतिनिधि प्रभावित परिवारों को पन्ना लौटने और पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी करने के लिए मना रहे थे. उसने दावा किया कि कुछ लोग प्रोजेक्ट के बारे में गलत जानकारी फैला रहे थे और जनता से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की।

    प्रशासन का कहना था कि केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट राष्ट्रीय महत्व का है और इससे बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई, पीने के पानी की आपूर्ति और समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा. हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अप्रैल में प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन पूरे नहीं किए गए।

    अमित भटनागर ने दावा किया कि केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के साथ-साथ मझगांव और रुंझ सिंचाई प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों को न्याय नहीं मिला. उन्होंने आरोप लगाया कि विस्थापित परिवारों ने अपनी जमीन, जंगल, जल संसाधन, आजीविका और सांस्कृतिक पहचान खो दी है, जबकि कुछ लोगों पर झूठे आपराधिक मामले दर्ज किए गए, उन्हें अवैध रूप से बेदखल किया गया, बिजली आपूर्ति काट दी गई और स्कूल तोड़ दिए गए। उन्होंने मांग की कि प्रशासन ग्रामीणों को डराना-धमकाना बंद करे और हर गांव में प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों की सूची सार्वजनिक रूप से दिखाए।

    बिजावर के SDM विजय द्विवेदी ने कहा कि प्रशासन को मीडिया रिपोर्टों के ज़रिए आंदोलन के बारे में पता चला, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने न तो पहले से कोई जानकारी दी थी और न ही कोई औपचारिक ज्ञापन सौंपा था. उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी लंबित मांगों का जायजा लिया।

    द्विवेदी ने कहा कि पन्ना जिले के लोगों की शिकायतों का समाधान स्थानीय प्रशासन करेगा, जबकि छतरपुर के निवासियों से जुड़े मुद्दों का समाधान छतरपुर प्रशासन करेगा. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से घर लौटने की अपील की, खासकर मॉनसून को देखते हुए, और उन आरोपों को खारिज कर दिया कि फ़ायदे चुनिंदा लोगों को दिए गए थे; उन्होंने कहा कि अगर कोई खास मामला प्रशासन के ध्यान में लाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: दतिया में आशुतोष तिवारी का प्रचार कर रहे नरोत्तम… स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं से बोले- माला वाला पीछे है

    MP: दतिया में आशुतोष तिवारी का प्रचार कर रहे नरोत्तम… स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं से बोले- माला वाला पीछे है


    दतिया।
    दतिया विधानसभा (Datia Assembly Constituency) के चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. नरोत्तम मिश्रा रात को बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी (BJP candidate Ashutosh Tiwari) के साथ जनसंपर्क कर रहे थे. चुनाव प्रचार के दौरान एक जगह पार्टी कार्यकर्ता स्वागत करने आए तो नरोत्तम मिश्रा ने इनकार करते हुए कहा कि प्रत्याशी आशुतोष तिवारी पीछे हैं. उनको माला पहनाओ।

    वायरल वीडियो के अनुसार, दतिया में घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा था. जनसंपर्क के दौरान एक मोड़ पर उत्साहित भाजपा कार्यकर्ता अपने चहेते नेता नरोत्तम मिश्रा का स्वागत करने के लिए फूल-मालाएं लेकर आगे बढ़े. जैसे ही कार्यकर्ताओं ने मिश्रा के गले में माला डालनी चाही, नरोत्तम मिश्रा ने तुरंत उनका हाथ रोक दिया और माला पहनने से पूरी तरह मना कर दिया।


    ‘माला वाला पीछे आ रहा है…’ बोलकर प्रत्याशी को बढ़ाया आगे

    नरोत्तम मिश्रा ने न सिर्फ माला पहनने से मना किया, बल्कि वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि असली प्रत्याशी वह खुद नहीं, बल्कि उनके पीछे चल रहे आशुतोष तिवारी हैं। नरोत्तम मिश्रा ने मुस्कुराते हुए और अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में पीछे आ रहे आशुतोष तिवारी की तरफ उंगली से इशारा किया और जोर से कहा, ”माला वाला पीछे आ रहा है, उसे ही माला पहनाओ.”

    मिश्रा के इतना कहते ही वहां मौजूद सभी कार्यकर्ता और खुद प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी हंस पड़े. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़कर प्रत्याशी का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया।


    सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है चर्चा?

    राजनीतिक गलियारों में नरोत्तम मिश्रा के इस कदम को बेहद सूझबूझ भरा माना जा रहा है. चुनाव के समय अक्सर बड़े नेताओं के इर्द-गिर्द भीड़ जमा हो जाती है और मुख्य प्रत्याशी उपेक्षित महसूस करने लगता है. ऐसे में नरोत्तम मिश्रा ने खुद को पीछे रखकर और आशुतोष तिवारी को ‘माला वाला प्रत्याशी’ बताकर यह संदेश दिया है कि पूरी पार्टी एकजुट होकर नए उम्मीदवार को जिताने के लिए मैदान में पसीना बहा रही है. दतिया के स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स से लेकर ट्विटर तक इस वीडियो को भाजपा के मजबूत टीमवर्क के रूप में शेयर किया जा रहा है।

  • MP: भोपाल में दांत साफ करते समय टूथब्रश का हिस्सा टूटकर गले में फंसा… डॉक्टरों ने बचाई 5 साल के बच्चे की जान

    MP: भोपाल में दांत साफ करते समय टूथब्रश का हिस्सा टूटकर गले में फंसा… डॉक्टरों ने बचाई 5 साल के बच्चे की जान


    भोपाल।
    MP की राजधानी भोपाल (Bhopal) में एक 5 वर्षीय मासूम के साथ दर्दनाक हादसा हो गया. दांत साफ (Clean teeth) करते समय टूथब्रश अचानक टूट गया और उसका टूटा हुआ हिस्सा बच्चे के मुंह से होते हुए गले में गहराई तक फंस गया. बच्चे को तेज दर्द, बोलने और निगलने में परेशानी होने लगी. घबराए परिजन उसे तत्काल हमीदिया अस्पताल (Hamidia Hospital) लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने समय रहते ऑपरेशन कर उसकी जान बचा ली।

    हमीदिया अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि टूथब्रश का टूटा हुआ हिस्सा गले के अंदर संवेदनशील हिस्से में फंसा हुआ है. स्थिति गंभीर होने के कारण ईएनटी विशेषज्ञों की टीम ने तुरंत ऑपरेशन करने का फैसला लिया। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने बेहद सावधानी से टूथब्रश का टूटा हुआ हिस्सा बाहर निकाला. पूरी प्रक्रिया सफल रही और बच्चे को किसी तरह की गंभीर क्षति नहीं पहुंची।


    डॉक्टरों की निगरानी में बच्चा

    हमीदिया अस्पताल की डॉ कीर्ति वाईके ने बताया कि इलाज में थोड़ी भी देरी होती तो टूथब्रश का हिस्सा श्वास नली या भोजन नली को नुकसान पहुंचा सकता था. इससे संक्रमण, अत्यधिक रक्तस्राव या सांस लेने में गंभीर परेशानी जैसी जटिलताएं पैदा हो सकती थीं. समय पर अस्पताल पहुंचने और विशेषज्ञों की त्वरित कार्रवाई से बच्चे की जान बच गई. फिलहाल मासूम की हालत स्थिर है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

    ‘ब्रश करते समय कभी अकेला न छोड़ें’
    डॉ कीर्ति वाईके ने अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों को ब्रश करते समय कभी अकेला न छोड़ें. बच्चों को हमेशा निगरानी में ब्रश कराएं और टूथब्रश की गुणवत्ता पर भी ध्यान दें. यदि ब्रश टूट जाए या किसी भी तरह की दुर्घटना हो जाए तो उसे स्वयं निकालने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत अस्पताल पहुंचें।

    यह घटना सभी अभिभावकों के लिए एक बड़ी सीख है कि छोटी-सी लापरवाही भी बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है. समय पर इलाज और हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों की सतर्कता से इस मासूम की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।

  • MP: इंदौर की 3 वर्षीय अनिका के लिए एक-एक पल भारी, राशि जुटाने के बाद शुरू नहीं हुआ इलाज…. AIIMS में घूम रहीं फाइलें

    MP: इंदौर की 3 वर्षीय अनिका के लिए एक-एक पल भारी, राशि जुटाने के बाद शुरू नहीं हुआ इलाज…. AIIMS में घूम रहीं फाइलें


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) की तीन वर्षीय अनिका शर्मा (Anika Sharma) के लिए समय लगातार भारी पड़ता जा रहा है. स्पाइनल मस्क्युलर एट्रोफी (Spinal Muscular Atrophy- SMA) टाइप-2 जैसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रही इस मासूम का इलाज अब भी शुरू नहीं हो पाया है. जबकि परिवार, समाज और संस्थाओं की मदद से उपचार के लिए अधिकांश राशि जुटाई जा चुकी है. इसके बावजूद प्रशासनिक देरी बच्ची के इलाज की सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है.

    दरअसल, इसी मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सुनवाई करते हुए दिल्ली एम्स की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता जताई. अदालत ने पाया कि बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद एम्स की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया. इस पर अदालत ने साफ निर्देश दिए कि हर हाल में 23 जुलाई 2026 तक जवाब पेश किया जाए. मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।

    याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि इलाज के लिए अब केवल सीमित राशि की जरूरत है, लेकिन एम्स की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से जीवनरक्षक इंजेक्शन की खरीद अटकी हुई है. एक ओर केंद्र सरकार से स्वीकृत सहायता की प्रक्रिया लंबित है, तो दूसरी ओर क्राउडफंडिंग से जुटाई गई राशि भी इनवॉइस के अभाव में जारी नहीं हो पा रही है।

    हाईकोर्ट ने संकेत दिए हैं कि इतने संवेदनशील मामले में अब और देरी स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि अनिका के लिए बीतता हर दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि जिंदगी और उम्मीद के बीच की दूरी बढ़ा रहा है।

    इससे पहले, हाई कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से 22 जून को जवाब तलब किया था. साथ ही राज्य सरकार से यह बताने को कहा था कि वह बच्ची के इलाज में किसी प्रकार सहायता कर सकती है या नहीं?

    बता दें कि बच्ची के इलाज के लिए करीब 9.50 करोड़ रुपये की जरूरत है. परिजन अब तक करीब 8 करोड़ रुपये जुटा चुके हैं, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत 50 लाख रुपये और तमाम लोगों एवं सामाजिक संगठनों से प्राप्त सहयोग राशि शामिल है.

    बच्ची के इलाज के लिए अमेरिका से एक इंजेक्शन मंगाया जाना है. यह इंजेक्शन मंगवाकर उसका इलाज जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए, क्योंकि हर गुजरते दिन के साथ उसके स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ रहा है.

    स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी एक आनुवंशिक तंत्रिका-मांसपेशीय रोग है. इसमें रीढ़ की हड्डी में मौजूद ‘मोटर न्यूरॉन’ धीरे-धीरे नष्ट होने लगते हैं, जिससे मांसपेशियां कमजोर होती जाती हैं और उनका क्षय होने लगता है.

    ‘मोटर न्यूरॉन’ मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में पाई जाने वाली खास तंत्रिका कोशिकाएं होती हैं, जो दिमाग से शरीर की मांसपेशियों तक अलग-अलग क्रियाओं के वास्ते संदेश पहुंचाती हैं, जिनमें सांस लेना, निगलना और बोलना शामिल हैं. फिलहाल मासूम की हालत स्थिर है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

  • दतिया और हमारी आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाना है :डॉ. नरोत्तम मिश्रा

    दतिया और हमारी आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाना है :डॉ. नरोत्तम मिश्रा


    दतिया/भोपाल,। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जामवाल, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा, उपचुनाव प्रभारी व सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह, भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी ने शुक्रवार को होटल रतन रॉयल में बनाए गए दतिया उपचुनाव कार्यालय का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को जिताने के लिए मैदान में उतरने का आव्हान किया। इससे पहले सभी वरिष्ठ नेताओं ने भारत माता, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी एवं श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी के चित्रों पर माल्यार्पण कर वंदे मातरम् का गायन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    दतिया, मध्यप्रदेश और देश को विकसित बनाने के लिए भाजपा प्रत्याशी को जिताना है -श्री शिवप्रकाश जी
    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि हम सभी कार्यकर्ता एक विचार और एक उद्देश्य के लिए कार्य करते हैं। श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी के बताए मार्ग का अनुसरण करते हुए हमें संगठन को निरंतर मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी ने कहा था कि जो भी भाजपा के ध्वज को ऊँचा उठाने का कार्य करेगा, मैं समझूँगा कि मेरा जीवन सफल हो गया। आज हम सभी का दायित्व है कि उनके इस संकल्प और सपने को साकार करें। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य विकसित दतिया, विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत का निर्माण है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी को ऐतिहासिक विजय दिलाना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि सभी लोग पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ घर-घर जाएँ तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनहितैषी योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुँचाएँ। भारतीय जनता पार्टी ने पिछले वर्षों में देश, प्रदेश और क्षेत्र के विकास के लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का गौरव और सम्मान पूरे विश्व में बढ़ा है तथा आज विश्व मंच पर भारत की अलग पहचान बनी है। हमें उनके नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना है। हम सभी कार्यकर्ता इस संकल्प के साथ कार्य करें कि भारत सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बने तथा विश्व के प्रत्येक कोने में भारत माता का गौरव बढ़े। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड विजय दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    स्वाभिमान और सम्मान के लिए भाजपा को विजयश्री दिलाएं कार्यकर्ता-श्री हेमंत खण्डेलवाल
    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विचारधारा और समर्पित कार्यकर्ताओं का संगठन है। लेकिन कई अन्य पार्टियां परिवार और व्यक्ति आधारित दल हैं। भाजपा में एक सामान्य कार्यकर्ता को अपनी मेहनत और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। यही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। भारतीय जनता पार्टी विकास, सुशासन और सुरक्षा की राजनीति के लिए जानी जाती है। जनता ने हमेशा भाजपा पर विकास के कार्यों के आधार पर विश्वास जताया है और हमें उसी विश्वास को और मजबूत करना है। दतिया उपचुनाव में भाजपा की जीत हमारी सरकार, संगठन, विचारधारा तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि दतिया विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय तक कांग्रेस के विधायक रहे, लेकिन क्षेत्र के विकास के लिए कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं किए। यदि विकास हुआ होता तो कांग्रेस आज विकास के नाम पर जनता से वोट मांगती। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं। ऐसे समय में दतिया विधानसभा का उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के स्वाभिमान, सम्मान और संगठन की प्रतिष्ठा का चुनाव है। इसलिए सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी को ऐतिहासिक विजय दिलाने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं।
    कांग्रेस ने घोटाले कर देश को पीछे धकेला, भाजपा ने विकसित भारत की मजबूत नींव रखी-डॉ. महेंद्र सिंह
    भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में देश ने अनेक बड़े घोटाले देखे। कोयला आवंटन, 2जी स्पेक्ट्रम, बोफोर्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, आदर्श हाउसिंग सोसायटी, अगस्ता वेस्टलैंड और नेशनल हेराल्ड जैसे मामलों ने कांग्रेस की कार्यशैली को उजागर किया। इसके विपरीत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन के साथ विकसित भारत की मजबूत नींव रखने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने अनेक ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिए हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, समान नागरिक संहिता की दिशा में पहल तथा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले निर्णयों ने भारत को नई दिशा दी है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से गरीबों को पक्के आवास, निःशुल्क राशन, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन तथा महिलाओं, किसानों और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह महात्मा बुद्ध, भगवान महावीर, चंद्रगुप्त, स्वामी विवेकानंद, महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी और श्रद्वेय अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान विभूतियों की विरासत वाला भारत है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में यही भारत विकसित, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को प्रचंड विजय दिलाकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    प्रत्याशी केवल माध्यम है, चुनाव कार्यकर्ताओं के परिश्रम से जीता जाता है-श्री जगदीश देवड़ा
    मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने श्री आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाया है, लेकिन भाजपा की कार्यपद्धति में प्रत्याशी केवल एक माध्यम होता है, चुनाव की वास्तविक ताकत समर्पित कार्यकर्ता होते हैं। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की शक्ति और विजय का आधार है। उन्होंने कहा कि दतिया उपचुनाव पर केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की नजर है। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय, एकजुटता और पूरी ऊर्जा के साथ चुनाव मैदान में उतरना है तथा भाजपा प्रत्याशी को ऐतिहासिक और प्रचंड विजय दिलानी है। भारतीय जनता पार्टी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर कार्य करती है। इसी भावना के साथ प्रत्येक कार्यकर्ता अगले 15 दिनों तक पूरी निष्ठा, समर्पण और सक्रियता के साथ घर-घर संपर्क कर केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जनता तक पहुँचाए तथा भाजपा की विजय सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं।
    दतिया और आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाएं-डॉ. नरोत्तम मिश्रा
    भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दतिया विधानसभा में 10 साल तक कांग्रेस के विधायक रहे, 5 साल उनके पिताजी सांसद रहे, लेकिन उन्होंने विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। अब वे विकास के नाम पर वोट भी नहीं मांग सकते हैं। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन सरकार विकास कार्यों को गति दे रही है और दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी की जीत इस विकास यात्रा को और मजबूती देगी। डॉ. मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से पूरी शक्ति और एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरने का आह्वान करते हुए कहा कि दतिया के विकास और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भारतीय जनता पार्टी को मजबूत बनाना है।
    कांग्रेस परिवार तक सीमित, भाजपा में कार्यकर्ता को मिलता है सम्मान और अवसर- श्री भारत सिंह कुशवाह
    दतिया उपचुनाव प्रभारी व सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति परिवारवाद पर आधारित है, जबकि भारतीय जनता पार्टी में प्रत्येक कार्यकर्ता को उसकी मेहनत, समर्पण और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। भाजपा कार्यकर्ता आधारित संगठन है, जहाँ हर कार्यकर्ता के योगदान का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसान, महिला, युवा, गरीब, वरिष्ठ नागरिक सहित समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए अनेक जनहितैषी योजनाएँ संचालित की हैं, जिनका लाभ करोड़ों लोगों तक पहुँचा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को प्रचंड विजय दिलाकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
    जब तक तन में प्राण रहेंगे, दतिया की सेवा करता रहूंगा -श्री आशुतोष तिवारी
    भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने मुझ पर विश्वास व्यक्त करते हुए दतिया की सेवा का अवसर दिया है। अब यह विश्वास जनता और कार्यकर्ताओं के आशीर्वाद से और मजबूत होगा। जब तक उनके तन में प्राण रहेंगे, वे दतिया की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहेंगे तथा हर सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहेंगे। कार्यकर्ता की एक आवाज पर वे उनके द्वार तक पहुँचेंगे और जनता के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं और आमजन से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए अपील की कि 30 जुलाई को कमल के फूल का बटन दबाकर भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड विजय दिलाएं। कार्यक्रम का संचालन श्री पंकज गुप्ता ने किया एवं आभार श्रीमती मीनाक्षी कटारे ने व्यक्त किया।
    मंच पर ये रहे मौजूद
    चुनाव कार्यालय के उदघाटन के दौरान प्रदेश शासन के मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना, श्री राकेश शुक्ला, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शैलेंद्र बरूआ, सांसद श्रीमती संध्या राय, चुनाव अभियान प्रमुख व पूर्व मंत्री श्री अरविंद भदौरिया, चुनाव अभियान सह प्रमुख एवं प्रदेश उपाध्यक्ष श्री रणवीर सिंह रावत, पार्टी के प्रदेश महामंत्री व दतिया उपचुनाव के सह प्रभारी श्री राहुल कोठारी, अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री महेंद्र यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल, संभाग प्रभारी श्री अभय सिंह यादव, पूर्व मंत्री श्रीमती इमरती देवी, जिला प्रभारी श्री गजेंद्र सिंह सिकरवार, जिला अध्यक्ष श्री रघुवीर कुशवाह, विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल, श्री प्रीतम लोधी, पूर्व विधायक श्री घनश्याम पिरोनिया, श्रीमती रक्षा सिरोनिया एवं श्री शैतान सिंह पाल सहित पार्टी पदाधिकारी मंचासीन रहे।
  • MP : हाईकोर्ट ने 350 करोड़ के स्कूल यूनिफॉर्म टेंडर पर लगाई रोक…. सरकार से मांगा जवाब

    MP : हाईकोर्ट ने 350 करोड़ के स्कूल यूनिफॉर्म टेंडर पर लगाई रोक…. सरकार से मांगा जवाब


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने राज्य के सरकारी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों (Government Primary and Middle Schools) में पढ़ने वाले 52 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म (Uniform) सप्लाई करने के लिए जारी 350 करोड़ रुपए के टेंडर पर रोक लगा दी है। यह रोक एक लोकल अपैरल एसोसिएशन द्वारा निविदा प्रक्रिया (बिडिंग प्रोसेस) में योग्यता की शर्तों को चुनौती देने के बाद लगाई गई है।

    कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजनल बेंच ने बुधवार को मामले की सुनवाई की और राज्य सरकार को एक हफ्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा, ‘तब तक संबंधित टेंडर को अंतिम रूप नहीं दिया जाएगा।’

    यह याचिका जबलपुर अपैरल इनोवेशन एंड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (JAIMA) ने टेंडर डॉक्यूमेंट में ‘प्रतिबंधात्मक शर्तों’ को चुनौती देते हुए दायर की थी। JAIMA की ओर से पेश वकील विमल कांत जैन ने कोर्ट को बताया कि मध्य प्रदेश टेक्स्टबुक कॉर्पोरेशन द्वारा टेंडर के लिए तय किए गए योग्यता मानदंड असल में लोकल इंडस्ट्रीज को बाहर कर देते हैं।

    उन्होंने कहा यूनिफॉर्म सप्लाई करने के लिए निविदा प्रपत्र में जो शर्तें दी गई थीं, उसके अनुसार, ‘स्पिनिंग मिलों के लिए 700 करोड़ और गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स के लिए 233 करोड़ रुपए का अनिवार्य सालाना टर्नओवर, प्रति वर्ष 50 लाख यूनिफ़ॉर्म की प्रोडक्शन क्षमता, और पिछले तीन वर्षों में 105 करोड़ रुपए के समान काम का पिछला अनुभव जैसी शर्तें माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs), पावरलूम यूनिट्स, बुनकरों, महिलाओं के स्वयं-सहायता समूहों और छोटे पैमाने की इंडस्ट्रीज को इस प्रक्रिया से बाहर कर देती हैं।’

    JAIMA के सेक्रेटरी अजीत मोदी ने कहा कि ये शर्तें ‘मध्य प्रदेश स्टोर परचेज एंड सर्विस प्रोक्योरमेंट रूल्स, 2023’ के खिलाफ हैं, जिन्हें MSMEs के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने और लोकल इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया, ‘इसके बजाय, ये मानदंड राज्य के बाहर की कुछ बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाए गए लगते हैं।’

    इससे पहले 6 जुलाई को प्रकाशित एक रिपोर्ट में, MSME मंत्री चेतन कश्यप ने कहा था कि सेंट्रलाइज्ड प्रोक्योरमेंट सिस्टम का मकसद उद्योगपतियों और MSME व्यापारियों को सपोर्ट करना था और वे MSME व्यापारियों द्वारा उठाई गई चिंताओं पर गौर करेंगे।

    रिपोर्ट में स्वयं-सहायता समूहों के कई सदस्यों और MSME गारमेंट यूनिट मालिकों का भी जिक्र किया गया था, जिन्होंने दावा किया था कि स्वयं-सहायता समूहों से स्कूल यूनिफॉर्म बनाने का काम छीनने के सरकारी फैसले से राज्य भर में हजारों लोगों की आजीविका पर असर पड़ेगा।

    उधर कुछ दिन पहले स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा था कि नया सेंट्रलाइज्ड सिस्टम यूनिफॉर्म की एक जैसी क्वालिटी और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा, ‘महिलाओं को समय पर सप्लाई करने में दिक्कतें आ रही थीं और इस्तेमाल हो रहे कपड़े की क्वालिटी को लेकर भी समस्याएँ थीं।’

    मध्य प्रदेश में SHG (स्व-सहायता समूहों) की 1.4 लाख से ज्यादा महिलाओं को IIM इंदौर ने यूनिफॉर्म की सिलाई और सप्लाई के मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी थी। यह प्रोग्राम 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुरू किया था।

  • MP: भोपाल में पुलिस की निगरानी में खड़ी स्कूटी लेकर भागा युवक…. चोर को खुद चाबी देने के आरोप

    MP: भोपाल में पुलिस की निगरानी में खड़ी स्कूटी लेकर भागा युवक…. चोर को खुद चाबी देने के आरोप


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में वाहन चेकिंग (Vehicle Checking) के दौरान पुलिस (Police) की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है. आरोप है कि चेकिंग के दौरान पुलिस की निगरानी में खड़ी एक स्कूटी (Scooty) को एक अज्ञात युवक लेकर फरार हो गया. शिकायतकर्ता का दावा है कि स्कूटी की चाबी पुलिस के पास थी और कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी ने वही चाबी अज्ञात युवक को सौंप दी. इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. पीड़ित ने मामले की शिकायत भोपाल पुलिस कमिश्नर से करते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

    जानकारी के अनुसार, घटना 13 जुलाई की रात करीब 8 बजे भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी चौराहे पर हुई. शिकायतकर्ता नदीम आलम का आरोप है कि वाहन चेकिंग के दौरान ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी सुजुकी बर्गमैन स्कूटी को रोक लिया था. उनका कहना है कि जांच के दौरान पुलिसकर्मियों ने स्कूटी की चाबी अपने पास रख ली थी और वाहन वहीं खड़ा था. शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ देर बाद वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर वही चाबी एक अज्ञात युवक को दे दी।


    चेकिंग के दौरान रोकी गई थी स्कूटी

    आरोप है कि युवक ने बिना किसी रोक-टोक के स्कूटी स्टार्ट की और मौके से फरार हो गया. नदीम आलम के मुताबिक, जब उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपनी स्कूटी वापस मांगी, तब उन्हें पता चला कि वाहन वहां से गायब हो चुका है. उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

    पीड़ित का कहना है कि यदि स्कूटी की चाबी पुलिस के कब्जे में थी, तो वाहन किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ कैसे लग गया और वह वहां से कैसे निकल गया. घटना के बाद नदीम आलम ने पूरे मामले की शिकायत भोपाल पुलिस कमिश्नर से की है. उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उनकी स्कूटी जल्द से जल्द बरामद की जाए।

    शिकायत के बाद पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
    शिकायतकर्ता का दावा है कि सेंट्रल लाइब्रेरी चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है. उनका कहना है कि यदि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाए तो पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है. इस मामले के सामने आने के बाद वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस की जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. यदि शिकायतकर्ता के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह ड्यूटी के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला माना जा सकता है. फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।

  • MP: प्रयागराज महाकुंभ में वायरल दंपति को HC से राहत…. अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक

    MP: प्रयागराज महाकुंभ में वायरल दंपति को HC से राहत…. अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर पीठ (Indore Bench) ने सोमवार को 2025 के प्रयागराज महाकुंभ (Prayagraj Mahakumbh) के दौरान चर्चा में आए एक दंपति को बड़ी राहत दी है. अदालत ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में कोई दंडात्मक या जबरन कार्रवाई नहीं की जाएगी. मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।

    जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह अंतरिम आदेश पारित किया. अदालत ने कहा कि खरगोन जिले के महेश्वर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाए।

    दंपति ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर महेश्वर नगर परिषद की ओर से युवती का जन्म प्रमाण पत्र रद्द किए जाने को चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है कि अंतरधार्मिक विवाह के बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना युवती का जन्म प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया. इसके बाद बदले हुए रिकॉर्ड के आधार पर उसके पति के खिलाफ महेश्वर थाने में एफआईआर दर्ज कर दी गई।

    एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) (अपहरण), धारा 81 (विवाह का झांसा देकर धोखाधड़ी या यौन संबंध), धारा 83 (नाबालिग लड़की को बहलाना-फुसलाना) और धारा 87 (अपहरण), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।

    इससे पहले पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत आरोपी पति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी है. अब दंपति ने हाईकोर्ट का रुख किया है।


    याचिका में युवती को नाबालिग बताया गया

    याचिका में आरोप लगाया गया है कि युवती को विवाह के समय नाबालिग साबित करने के लिए उसके जन्म संबंधी रिकॉर्ड में आपराधिक साजिश के तहत छेड़छाड़ की गई. दंपति का कहना है कि उन्होंने 11 मार्च को केरल के एक मंदिर में विवाह किया था।

    याचिका के अनुसार, युवती की वास्तविक जन्म तिथि 1 जनवरी 2008 है. यही तिथि महेश्वर नगर परिषद द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में भी दर्ज है. इसके बावजूद विवाह के बाद उसके परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया और बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए जन्म प्रमाण पत्र निरस्त करा दिया।


    “लव जिहाद” से जोड़ा गया मामला

    दंपति ने यह भी आरोप लगाया है कि बदले हुए दस्तावेजों के आधार पर पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई. साथ ही उनके अंतरधार्मिक विवाह को “लव जिहाद” से जोड़कर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, जिससे उनकी सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो गया है।

    हाईकोर्ट ने फिलहाल दंपति को अंतरिम राहत देते हुए राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी, जहां अदालत आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।