Tag: MP

  • MP: उमा भारती ने दुकानदारों को हटाने का किया अनोखा विरोध, हाथ ठेले पर बेचे पोहा-जलेबी

    MP: उमा भारती ने दुकानदारों को हटाने का किया अनोखा विरोध, हाथ ठेले पर बेचे पोहा-जलेबी


    टीकमगढ़।
    उमा भारती (Uma Bharti) ने टीकमगढ़ (Tikamgarh) में प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ (Remove Encroachment) मुहिम का अनोखे अंजाद में विरोध जताया। उन्होंने ठेले पर पोहा और जलेबी (Poha and Jalebi) बेचकर कार्रवाई को तानाशाही बताया। साथ ही गरीबों के रोजगार की रक्षा में उतरने का भरोसा दिया। प्रशासन का तर्क है कि यातायात व्यवस्था सुधारने और एम्बुलेंस के रास्ते साफ करने के लिए यह जरूरी था लेकिन उमा भारती ने इसे गरीबों के रोजगार पर हमला बताया। उन्होंने दुकानदारों को बिना डरे ठेले लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बिना पुनर्वास के ऐसी कार्रवाई अमानवीय है।

    दरअसल, सोमवार को टीकमगढ़ नगर पालिका ने सिविल लाइन इलाके में सड़क किनारे लगे ठेलों को हटाने की कार्रवाई की थी। इस दौरान कई छोटे व्यापारियों के ठेले हटाए गए जिससे स्थानीय लोगों और विक्रेताओं में नाराजगी देखी गई। इसी के विरोध में मंगलवार को उमा भारती सीधे एक पोहा दुकान पर पहुंचीं। उन्होंने वहां पोहा और जलेबी बेचकर अपना विरोध दर्ज कराया।


    चेतावनी भी दी

    इस दौरान उमा भारती ने कहा कि उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों से बात कर ली है। अब अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा। ये छोटे दुकानदार दिनभर मेहनत करके अपने परिवार का पेट पालते हैं इसलिए ऐसी कार्रवाई गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में फिर से ऐसा किया गया तो वे इसका डटकर विरोध करेंगी। भाजपा की कद्दावर नेताओं में शुमार उमा भारती के इस कदम से सियासत गर्म है।


    गरीबों पर ऐक्शन परेशान करने वाला

    उमा भारती ने आगे कहा कि सिविल लाइन से लेकर कलेक्ट्रेट तक कई लोग छोटे ठेले लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। नगर पालिका ने जिस तरह नारियल पानी और पोहा बेचने वालों के ठेले हटाए या तोड़े वह बहुत दुखद और परेशान करने वाला है। इन लोगों को उसी जगह पर काम करने देना चाहिए जहां से उनको हटाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से भी चर्चा की है।


    पहले भी बुलंद करती रही हैं विरोध की आवाज

    उन्होंने टीकमगढ़ के सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक की सादगी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र खटीक हमेशा जनता के बीच आसानी से उपलब्ध रहते हैं। उन्हीं से प्रेरणा लेकर वे आज जनता के बीच आई हैं। उमा भारती के इस विरोध प्रदर्शन के दौरान वहां काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। सनद रहे राज्य में उमा भारती की पार्टी यानी भाजपा की ही सरकार है। उमा भारती पहले भी सरकार के खिलाफ अलग-अलग मुद्दों को लेकर आवाज उठाती रही हैं।

  • MP: HC का बड़ा फैसला… मैटरनिटी लीव के लिए 80 दिन की कार्य अवधि की अनिवार्यता पर लगाई रोक

    MP: HC का बड़ा फैसला… मैटरनिटी लीव के लिए 80 दिन की कार्य अवधि की अनिवार्यता पर लगाई रोक


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने बड़ा फैसला सुनाते हुए साफ किया है कि सरकारी संस्थानों (Government Institutions) में काम करने वाली महिला कर्मचारियों (Women Employees) को मैटरनिटी लीव (Maternity Leave) का लाभ पाने के लिए 80 दिनों की अनिवार्य कार्य अवधि की शर्त पूरी करने की जरूरत नहीं है। जस्टिस विशाल धगत की पीठ ने कहा कि ये नियम केवल निजी कार्यस्थलों पर लागू होती है, न कि राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों पर।

    कोर्ट ने कहा, मैटरनिटी लीव का लाभ उठाने के लिए 12 महीनों में 80 दिन काम करने की अनिवार्य शर्त राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों पर लागू नहीं होगी। राज्य अपने नागरिकों की भलाई के लिए उपाय करने के लिए बाध्य है। यह आदेश राज्य सरकार पर लागू होगा और मातृत्व अवकाश का लाभ उठाने के लिए पिछले 12 महीनों में 80 दिन काम करने की अनिवार्य शर्त राज्य सरकार को छोड़कर अन्य प्रतिष्ठानों पर अधिनियम के अनुसार लागू होगी।

    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा, राज्य का कर्तव्य है कि वह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय प्रदान करें। सामाजिक न्याय में स्वास्थ्य और परिवार के कल्याणकारी उपाय शामिल हैं। भारत के संविधान के अनुच्छेद 38 के अनुसार, राज्य को जनता के कल्याण को बढ़ावा देने की कोशिश करनी चाहिए और भारत के संविधान के अनुच्छेद 39 में कहा गया है कि राज्य को अपनी नीति श्रमिकों, पुरुषों और महिलाओं, विशेष रूप से कम उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य और शक्ति की सुरक्षा की दिशा में लगानी चाहिए। भारत के संविधान के अनुच्छेद 39ए के अनुसार, राज्य को समान न्याय और मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करना भी आवश्यक है।


    क्या है मामला?

    यह मामला एक गेस्ट टीचर ने दायर किया गया था, जिसे साल 2023 में मैटरनिटी लीव तो दिया गया था, लेकिन अधिनियम की धारा 5(2) का हवाला देते हुए मानदेय देने से मना कर दिया गया था। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता 26 सप्ताह के पेड़ लीव की हकदार है। अदालत ने साफ किया कि इस अवधि के लिए उसे पूरा वेतन दिया जाए, जबकि बाकी अवकाश अवधि को बिना वेतन के माना जा सकता है।

  • MP को बड़ी सौगात… 22 Km 4-लेन टाइगर कॉरिडोर के लिए 758 करोड़ रुपये स्वीकृत

    MP को बड़ी सौगात… 22 Km 4-लेन टाइगर कॉरिडोर के लिए 758 करोड़ रुपये स्वीकृत


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इटारसी-बैतूल सेक्शन (Itarsi-Betul section.) में स्थित 22 किलोमीटर लंबे ‘टाइगर कॉरिडोर’ (‘Tiger Corridor’) को अब चार लेन हाईवे (Four Lane Highway) में विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार (Central Government) ने इस परियोजना के लिए 758 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी और विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से इटारसी-बैतूल क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलेंगी।

    NH-46 को मिलेगी स्पीड
    राष्ट्रीय राजमार्ग-46 (NH-46) के इस हिस्से को चार लेन में अपग्रेड करने से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से न केवल आम लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि कृषि और खनिज आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह इलाका कोयला, तांबा, ग्रेफाइट और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, जिससे माल ढुलाई तेज और सुरक्षित हो सकेगी।


    जानिए कहां से कहां को जुड़ेगा

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, इस परियोजना के तहत 11 विशेष अंडरपास और ओवरपास बनाए जाएंगे, जिससे वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित किया जा सके। इससे सड़क दुर्घटनाओं और जानवरों की मौत में कमी आने की संभावना है।

    यह कॉरिडोर बैतूल को आगे नागपुर से जोड़ेगा, जिससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच संपर्क और बेहतर होगा। इसके अलावा, ग्वालियर-बैतूल कॉरिडोर के इस शेष हिस्से के चार लेन बनने से पूरा मार्ग हाई-स्पीड कनेक्टिविटी वाला बन जाएगा।


    समय की होगी बचत

    परियोजना के पूरा होने से न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी। साथ ही सतपुरा टाइगर रिजर्व, महादेव नेशनल पार्क और रातापानी वाइल्डलाइफ सेंचुरी जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

  • MP: ओबेदुल्लागंज के वेयर हाउस में सड़ गया 35 करोड़ रुपये कीमत का हजारों टन गेहूं!

    MP: ओबेदुल्लागंज के वेयर हाउस में सड़ गया 35 करोड़ रुपये कीमत का हजारों टन गेहूं!


    रायसेन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रायसेन (Raisen) से चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां ओबेदुल्लागंज (Obedullaganj) के वेयर हाउस (Warehouses) में रखे हजारों टन गेहूं (Thousands Tons Wheat) के खराब होने की बात कही जा रही है. करीब 35 करोड़ रुपये कीमत का गेहूं सड़ गया, जबकि इसे बचाने के नाम पर भारी खर्च भी किया गया.

    वेयर हाउस में करीब 22 हजार टन गेहूं लंबे समय तक रखा रहा. इसे सुरक्षित रखने के लिए 30 से ज्यादा बार कीटनाशक छिड़काव किया गया, लेकिन हालत इतनी खराब हो गई कि यह अनाज अब उपयोग के लायक भी नहीं बचा. गेहूं से दुर्गंध आने की बात कही जा रही है. वह पशुओं के चारे के लिए भी अनुपयोगी हो चुका है।

    इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतना बड़ा स्टॉक वेयर हाउस में सालों तक क्यों रखा गया और समय रहते इसकी निकासी या उपयोग क्यों नहीं किया गया? जानकारी सामने आई है कि यह गेहूं मूल रूप से सीहोर जिले के बख्तरा से साल 2022 में यहां शिफ्ट किया गया था, जबकि उससे पहले भी इसके खराब होने की आशंका जताई जा चुकी थी।

    किसान नेता राहुल गौर ने कहा कि नूरगंज और देववटिया वेयर हाउस का मामला संज्ञान में आया. मैंने जानकारी ली तो पता चला कि गेहूं 16-17 में बख्तरा में तुला था. साल 2022 में इसे नूरगंज और देववटिया शिफ्ट किया गया. ये गेहूं शिफ्ट होते समय अधिकारियों के द्वारा बता दिया गया था कि ये गेहूं खराब हो चुका है. गेहूं की आज ये स्थिति है कि आप उस क्षेत्र में अगर खड़े होते हैं तो वो गेहूं वेयर हाउस के बाहर स्मेल कर रहा है. 35 करोड़ के गेहूं पर 150 करोड़ शासन खर्च कर चुका है।

    वेयर हाउस कॉरपोरेशन औबेदुल्लागंज के प्रबंधक सीएस डूडवे ने कहा कि 2022 में 22,900 मीट्रिक टन गेहूं आया था. उसके बाद डिलिवरी भी हो गई. अभी 12,300 मीट्रिक टन बचा हुआ है. बखतरा से ही खराब आया था. इस गेहूं को लेकर शासन स्तर से कार्यवाही होगी।

    शाखा प्रबंधक होने के नाते रेगुलर पत्राचार कर रहे हैं और शासन के संज्ञान में ला रहे हैं. जितना जल्दी हो सके, इसका निराकरण कराने का प्रयास कर रहे हैं. ये है कि जल्दी निराकरण हो जाए तो अच्छा है. स्पेस मिल जाए और नए उपार्जन का भंडारण भी हो जाए. यहां से रेगुलर पत्राचार किया जा रहा है।


    पूरे मामले को लेकर तहसीलदार ने क्या कहा?

    तहसीलदार नीलेश सरवटे ने कहा कि अभी ये बात संज्ञान में आई है. वरिष्ठों को भी इसकी जानकारी है. इस पूरे मामले की जांच होगी और विस्तृत जांच के बाद जो भी निर्णय होगा, वो वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।

    कलेक्टर के निर्देश पर गोरगंज तहसील के सभी वेयर हाउस एक-एक कर चेक किए जा रहे हैं. कल कई गोदाम चेक कर लिए हैं. विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही जो वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्णय लिया जाएगा, जैसे निर्देश होंगे, वैसे कार्य किया जाएगा. अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है, रिपोर्ट आने के बाद जो भी निर्णय होगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

    प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है. सवाल यह है कि अगर गेहूं पहले से खराब था, तो उसे बार-बार शिफ्ट करने और लंबे समय तक स्टोर रखने की अनुमति किसने दी? और अगर यह स्टॉक समय रहते उपयोग में नहीं लाया गया, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? फिलहाल प्रशासन जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि खराब गेहूं को नीलाम किया जाएगा या नष्ट किया जाएगा।

  • MP: उज्जैन में महाकाल : द मास्टर ऑफ टाइम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन

    MP: उज्जैन में महाकाल : द मास्टर ऑफ टाइम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित तारामंडल में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल : द मास्टर ऑफ टाइम’ का रविवार देर शाम आयोजित पैनल चर्चा ‘वे फॉरवर्ड’ सत्र के साथ समापन हुआ। इस सत्र में देश के प्रमुख वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने अंतरिक्ष अनुसंधान, खगोल विज्ञान, स्वदेशी तकनीक, स्टार्टअप्स और भारतीय ज्ञान परंपरा की भूमिका पर अपने विचार रखे।


    मानव संसाधन और स्टार्टअप की भूमिका रही महत्वपूर्ण

    पीआरएल, डीओएस अहमदाबाद के निदेशक प्रो. अनिल भारद्वाज ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों की सफलता के लिए कुशल मानव संसाधन सबसे महत्वपूर्ण आधार है। चंद्रमा पर मानव मिशन जैसे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, जीव विज्ञान, चिकित्सा और इंजीनियरिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की आवश्यकता होगी। उन्होंने अंतरिक्ष चिकित्सा, जैव विज्ञान और खाद्य प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने शिक्षा संस्थानों और अनुसंधान संगठनों के बीच बेहतर समन्वय और सूचना के आदान-प्रदान को आवश्यक बताते हुए कहा कि देश में विकसित हो रहे स्टार्टअप अंतरिक्ष क्षेत्र की जटिल चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


    स्वदेशी तकनीक और उद्योग सहभागिता पर जोर

    एनसीआरए-टीआईएफआर, एसपीपी परिसर पुणे के निदेशक प्रो. यशवंत गुप्ता ने खगोल विज्ञान की बड़ी परियोजनाओं में तकनीकी आत्मनिर्भरता और उद्योगों की भागीदारी को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि पहले कई तकनीकों के लिए भारत को विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन जीएमआरटी जैसे प्रोजेक्ट्स ने देश की तकनीकी क्षमता को साबित किया है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक परियोजनाओं में विकसित तकनीकों का साझा उपयोग किया जा सकता है, जिससे लागत कम होगी और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता बताई।


    स्पेस साइंस की शिक्षा का विस्तार आवश्यक

    आईआईएसटी के कुलपति प्रो. दीपांकर बनर्जी ने बतायाकि पिछले कुछ वर्षों में स्पेस साइंस क्षेत्र में 300 से अधिक स्टार्टअप सामने आए हैं, जो इस क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स की शिक्षा सीमित संस्थानों तक ही केंद्रित है, इसलिए इस ज्ञान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्पेस साइंस और एस्ट्रोनॉमी जैसे विषयों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जाना चाहिए, जिससे विद्यार्थी प्रारंभ से ही इस क्षेत्र के प्रति प्रेरित हो सकें। प्रो. बनर्जी शिक्षा, उद्योग, तकनीक और अनुसंधान संस्थानों के संयुक्त प्रयासों को भविष्य के लिए आवश्यक बताया।


    भारतीय ज्ञान परंपरा और इतिहास के पुनर्पाठ पर बल

    इंडोलॉजिस्ट एवं चिंतक, पद्मश्री डॉ. भगवती लाल राजपुरोहित ने भारतीय इतिहास और ज्ञान परंपरा के प्रमाण आधारित अध्ययन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने उज्जैन और मालवा क्षेत्र की कालगणना एवं खगोल विज्ञान की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इतिहास को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पुनः समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उज्जैन प्राचीन काल से समय गणना और खगोल अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और इस विरासत को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है।

    युवाओं के लिए अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में अपार अवसर
    पैनल विशेषज्ञों ने कहा कि भारत का अंतरिक्ष और खगोल विज्ञान क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें युवाओं के लिए रोजगार और अनुसंधान की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। यदि शिक्षा, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों के बीच समन्वित प्रयास किए जाएं, तो भारत इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ सकता है। सम्मेलन ने उज्जैन की प्राचीन कालगणना परंपरा को आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ते हुए विज्ञान, इतिहास और भारतीय ज्ञान प्रणाली के समन्वय का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

  • MP: ग्वालियर के गांधी उद्यान में सफेद बाघिन मीरा ने दिए 3 शावकों को जन्म

    MP: ग्वालियर के गांधी उद्यान में सफेद बाघिन मीरा ने दिए 3 शावकों को जन्म


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में रविवार को सफेद बाघिन मीरा ने तीन शावकों को जन्म दिया है। इनमें दो रॉयल बंगाल और एक सफेद टाइगर शावक शामिल हैं। इस जन्म के साथ ही चिड़ियाघर में बाघों की कुल संख्या 10 हो गई है।

    चिड़ियाघर के प्रभारी डॉ. उपेंद्र यादव ने बताया कि रविवार दोपहर करीब दो बजे बाघिन मीरा ने तीन शावकों को जन्म दिया। सभी शावक स्वस्थ हैं और उनकी मां मीरा भी सुरक्षित है। उन्होंने पुष्टि की कि जन्मे शावकों में दो रॉयल बंगाल (पीले) और एक सफेद टाइगर है। प्रसव के बाद से मीरा और उसके शावकों की लगातार निगरानी की जा रही है।

    गांधी उद्यान के क्यूरेटर गौरव परिहार ने बताया कि नवजात शावकों को सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से आइसोलेशन में रखा गया है। उन्हें बाहरी संपर्क से दूर रखा जाएगा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की जांच कर रही है। मीरा को भी बेहतर रिकवरी के लिए हल्का और पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। तीन नए शावकों के जन्म के बाद गांधी प्राणी उद्यान में बाघों की कुल संख्या 10 हो गई है। इनमें चार सफेद और छह रॉयल बंगाल टाइगर शामिल हैं। कुल संख्या में 4 नर, 3 मादा और 3 नवजात शावक हैं।

    ग्वालियर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय के निर्देश पर चिड़ियाघर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। नवजात शावकों की देखभाल के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा निर्धारित स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों का भी कड़ाई से पालन किया जा रहा है।

  • MP: ग्वालियर में दोपहर बाद जमकर गिरे ओले…सड़कों पर बिछी सफेद चादर… कारों के शीशे टूटे

    MP: ग्वालियर में दोपहर बाद जमकर गिरे ओले…सड़कों पर बिछी सफेद चादर… कारों के शीशे टूटे


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में शनिवार का सूरज तीखे तेवर लेकर निकला था, लेकिन दोपहर होते-होते कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया. अचानक आए घने बादलों के बाद ऐसी भयानक ओलावृष्टि (Terrible Hailstorm) हुई कि शहर के पॉश इलाके सिटी सेंटर की सड़कें सफेद चादर (Roads Covered White sheets) से ढक गईं. यह नजारा देखने में जितना सुंदर था, शहर के लिए उतना ही नुकसानदेह साबित हुआ.

    ओलों का आकार इतना बड़ा था कि ग्वालियर की शान महाराजा बाड़ा स्थित म्यूजियम के ऊपर लगी ऐतिहासिक घड़ी ओलों की चोट से टूट गई है. शहर के एक निजी अस्पताल की बाउंड्री वॉल गिरने से उसके नीचे खड़ी कई कारें दब गईं. यही नहीं, ओलों के सीधे प्रहार से सड़कों के किनारे और पार्किंग में खड़े बाइक और कारों के शीशे तक चकनाचूर हो गए।

    हालात कुछ ऐसे हो गए कि शहर के मुरार, आनंद नगर, बहोड़ापुर, विनय नगर समेत सिटी सेंटर इलाकों में इतनी अधिक ओलावृष्टि हुई कि वहां सफेद चादर पसर गई. कश्मीर जैसा मंजर दिखाई देने लगा। एक तरफ शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली, तो दूसरी तरफ अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गईं. खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी थी, जिसे इस ओलावृष्टि ने जमीन पर बिछा दिया है. फसल खराब होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है।


    सटीक निकली IMD की चेतावनी

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी थी. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, भूमध्य सागर से उठी इन हवाओं ने जेट स्ट्रीम के सहारे भारत पहुंचकर मध्य प्रदेश और राजस्थान में असर दिखाना शुरू कर दिया है। विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 7 अप्रैल तक गरज-चमक और ओलावृष्टि का यह सिलसिला जारी रह सकता है. इस साल मार्च में सामान्य से कहीं अधिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे, जिसका असर अब अप्रैल की शुरुआत में भी दिख रहा है. पश्चिमी विक्षोभ आमतौर पर सर्दियों के महीनों यानी दिसंबर से मार्च के दौरान सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं।

  • MP: गुना में युवक की पीट-पीटकर हत्या… पूर्व प्रेमिका से मिलने पहुंचा था…

    MP: गुना में युवक की पीट-पीटकर हत्या… पूर्व प्रेमिका से मिलने पहुंचा था…


    गुना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना (Guna) के चांचौड़ा क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना घटी जहां एक शादीशुदा युवक (Married Young Man.) अपनी विवाहित प्रेमिका (Married Girlfriend) से मिलने उसके गांव गया था। वहां उसको महिला के ससुराल वालों ने देख लिया और बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। इससे युवक बुरी तरह जख्मी हो गया। उसको गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।


    पूर्व जनपद अध्यक्ष के भतीजे की पीट-पीटकर हत्या

    गुना के चांचौड़ा थाना क्षेत्र के कोन्याकला गांव में पूर्व जनपद अध्यक्ष के भतीजे की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, फरियादी कृष्णगोपाल मीना निवासी तुलसीखेड़ी ने शिकायत में बताया है कि वह अपने दोस्त गिरीश मीना (32) के साथ अल्टो कार से कोन्याकला गांव पहुंचे थे। गिरीश अपनी एक महिला परिचित से मिलने स्कूल के पास गया था। इस दौरान कृष्णगोपाल कार में ही बैठा रहा।


    पीड़ित की इलाज के दौरान मौत

    इसी बीच गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और गिरीश को पकड़कर गालियां देते हुए मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में गिरीश गंभीर रूप से जख्मी हो गया। पीड़ित किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से निकल गया और परिजनों को घटना की सूचना दी। कुछ देर बाद गिरीश को गंभीर हालत में अस्पताल ले जहां उसका इलाज शुरू किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


    पुलिस ने दर्ज किया केस

    डेडबॉडी को पोस्टमार्टम के लिए रखवा लिया गया है। पुलिस ने कृष्णगोपाल मीणा की रिपोर्ट पर आरोपी चंदू, रामविलास, मनीष और गोविंद मीणा के खिलाफ धारा 103(1), 296(ए) और बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है।


    दोनों शादीशुदा

    गिरीश की शादी हो चुकी है। वह जिस महिला से मिलने गया था। वह भी शादीशुदा है। दोनों स्कूल के पास मिल रहे थे तभी महिला के ससुराल वालों ने देख लिया। शादी से पहले से दोनों की पहचान थी। इंचार्ज थाना प्रभारी SI अरविन्द गौड़ ने बताया कि युवक की हत्या का मामला सामने आया है।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी गांव से फरार हो गए हैं। उनकी तलाश में पुलिस लगी हुई है।


    घर में बांधकर हत्या का आरोप

    थाना प्रभारी ने बताया है कि जांच में सामने आया है कि युवक और युवती एक दूसरे को जानते थे। पीड़ित कई बार मिलने के लिए आ चुका था। मृतक युवक अपने दोस्त के साथ महिला से मिलने पहुंचा था। इस वारदात को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है। टीम में गठित करके आरोपियों की तलाश की जा रही है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसे घर में बांधकर पीट-पीटकर उसकी हत्या की है। आरोपी पहले भी कई बार मृतक को धमकी दे चुके थे।

  • MP: इंदौर में एक माह तक नहीं मिलेगा नया LPG कनेक्शन, अस्थायी रूप से बंद किया पोर्टल

    MP: इंदौर में एक माह तक नहीं मिलेगा नया LPG कनेक्शन, अस्थायी रूप से बंद किया पोर्टल


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) शहर में एलपीजी गैस कनेक्शन (LPG Gas Connection) लेने की प्रक्रिया फिलहाल अस्थायी रूप से प्रभावित हो गई है। खाद्य आपूर्ति विभाग (Food Supply Department) ने नए गैस कनेक्शन के लिए उपयोग में आने वाले ऑनलाइन पोर्टल को एक महीने के लिए बंद कर दिया है। इसके चलते अब नागरिकों को नए एलपीजी कनेक्शन के लिए आवेदन करने हेतु कम से कम एक माह तक इंतजार करना होगा।

    खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी मोहनलाल मारू ने बताया कि विभागीय स्तर पर कुछ तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी कारणों के चलते पोर्टल को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवधि के दौरान ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया भी स्थगित रहेगी। एक महीने बाद जब पोर्टल फिर से शुरू किया जाएगा, तब ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर नए कनेक्शन जारी किए जाएंगे।


    घरेलू उपयोग के लिए 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर

    अधिकारी मारू ने यह भी बताया कि जिन उपभोक्ताओं को तत्काल गैस की आवश्यकता है, उनके लिए विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। ऐसे लोगों को घरेलू उपयोग के लिए 5 किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की गंभीर असुविधा का सामना न करना पड़े। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक नियमित कनेक्शन देने की प्रक्रिया फिर से शुरू नहीं हो जाती।

    उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान यदि किसी नागरिक को गैस संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या या परेशानी होती है, तो वे अपने नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं। विभाग की ओर से सभी एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम लोगों को यथासंभव राहत मिल सके।


    यह एक अस्थायी व्यवस्था

    पोर्टल बंद होने से शहर के कई लोगों को अस्थायी रूप से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन लोगों को जो नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने की तैयारी में थे। हालांकि, विभाग का कहना है कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है और जल्द ही सभी सेवाएं फिर सामान्य कर दी जाएंगी। खाद्य आपूर्ति विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में धैर्य बनाए रखें और विभाग का सहयोग करें, ताकि आगामी समय में गैस कनेक्शन की प्रक्रिया को और अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाया जा सके।

  • MP: भोपाल में बंसल वन मॉल के बाहर नशे में धुत युवकों ने मचाया उत्पात…

    MP: भोपाल में बंसल वन मॉल के बाहर नशे में धुत युवकों ने मचाया उत्पात…


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में देर रात की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर कटघरे में है. बुधवार रात करीब 1:30 बजे बंसल वन मॉल (Bansal One Mall) के बाहर नशे में धुत कुछ युवकों ने जमकर उत्पात मचाया. सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे 4-5 लड़के एक लाल रंग की कार को घेरते हैं और उसमें बैठे दो युवकों को कॉलर पकड़कर बाहर घसीट लेते हैं.

    चश्मदीदों के अनुसार, यह हाई-वोल्टेज ड्रामा करीब 10 मिनट तक चलता रहा. हमलावर युवकों ने कार सवारों को जमीन पर पटककर लात, घूंसों और थप्पड़ों से जमकर पीटा. इस दौरान मौके पर मौजूद कुछ लड़कियां बीच-बचाव करने की कोशिश करती रहीं, लेकिन हमलावर पूरी तरह बेकाबू थे. इस हंगामे की वजह से रात के समय भी सड़क पर 20 मिनट तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।


    विवाद की वजह

    शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत पार्किंग को लेकर हुई कहासुनी से हुई थी, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया. हमलावरों ने कार सवार युवकों पर छेड़खानी का भी आरोप लगाया है. हालांकि, मारपीट का तरीका इतना बर्बर था कि घायल युवकों को गंभीर चोटें आई हैं।

    हैरान करने वाली बात यह है कि जहां यह वारदात हुई, वहां से जीआरपी थाना महज कुछ मीटर की दूरी पर है, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार होने में कामयाब रहे.


    पुलिस का पक्ष

    स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज कर ली है. पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है.

    भोपाल में बढ़ता ‘पब कल्चर’
    बता दें कि हाल ही में एमपी नगर जोन-1 में एक पब के बाहर नशे में धुत युवतियों के बीच मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ था. बार-बार सामने आ रही ऐसी तस्वीरें राजधानी की रात्रिकालीन सुरक्षा और युवाओं में बढ़ते नशे के चलन की ओर इशारा कर रही हैं.