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  • MP: भिंड जिले में अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए BJP MLA, जानें क्यां है मामला?

    MP: भिंड जिले में अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए BJP MLA, जानें क्यां है मामला?


    भिंड।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के भिंड जिले (Bhind District) के लहार विधायक अम्बरीश शर्मा (MLA Ambrish Sharma) ने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन (Demonstration) शुरू किया। उन्होंने कहा कि वे पिछले 35 साल से जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं और अब भी तीन प्रमुख मुद्दों को लेकर जनता के साथ मैदान में उतरे हैं। विधायक ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह (Dr. Govind Singh) के परिवार के नाम से बनी कोठी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कथित रूप से सरकारी रास्ते पर बनी है, जो दलित और पिछड़ी बस्ती का रास्ता है। उन्होंने बताया कि इस रास्ते को लेकर अनुसूचित जाति के लोग पिछले 595 दिनों से आंदोलनरत हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

    विधायक ने प्रशासन से मांग की कि यदि नापतौल सही है तो लिखित में जानकारी दी जाए, नहीं रास्ता तत्काल खुलवाया जाए। दूसरे मुद्दे पर विधायक ने बिजली कंपनी की उप महाप्रबंधक के व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के साथ अभद्र व्यवहार कर रही हैं और लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।


    ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी की मुलाकात

    उन्होंन बताया कि इस मामले को लेकर वे ऊर्जा मंत्री और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मुलाकात कर चुके हैं। तीसरे मुद्दे के रूप में विधायक ने लहार क्षेत्र में रेत खदानों के बंद होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर खदानों को तीन हिस्सों में बांटा गया, लेकिन लहार क्षेत्र की खदानें अब तक शुरू नहीं हो सकीं। इसका असर यह है कि पास के मेहगांव क्षेत्र में 5 हजार रुपए में मिलने वाली रेत लहार में 11 हजार रुपए में बिक रही है।

    समाजसेवी बाबूलाल टैंगोर ने बताया कि दलित बस्ती मझतौरा मोहल्ले के सरकारी रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।उनका कहना है कि सरकारी नापतौल में यह स्पष्ट हो चुका है कि रास्ता अवरुद्ध है। इसके बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा।उन्होंने बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और एसडीएम कोर्ट तक से निर्णय हो चुके हैं, लेकिन जमीन पर अमल नहीं हो रहा।उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक रास्ता नहीं खुलता, आंदोलन जारी रहेगा।

  • मप्रः आईएएस विकास मिश्रा बने सीधी के नए कलेक्टर, हितिका वसाल गुना एसपी की कमान

    मप्रः आईएएस विकास मिश्रा बने सीधी के नए कलेक्टर, हितिका वसाल गुना एसपी की कमान


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में प्रशासनिक सख्ती के बीच सरकार ने सीधी और गुना जिलों में बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं। सीधी में नए कलेक्टर के रूप में वर्ष 2013 बैच के आईएएस अधिकारी विकास मिश्रा की पदस्थापना की गई है, जबकि गुना जिले की पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी आईपीएस अधिकारी हितिका वसाल को सौंपी गई है।

    रविवार देर शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त रुख के बाद यह बदलाव किया गया है। दरअसल, मुख्यमंत्री रविवार को मिर्जापुर से सीधे सीधी जिला मुख्यालय पहुंचे थे। यहां स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान उन्हें कई शिकायतें मिलीं। जिसके बाद उन्होंने ये एक्शन लिया।

    मुख्यमंत्री ने सीधी जिले में अचानक पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद कर प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली थी। उन्होंने जनसंवाद के दौरान आमजन और जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर की गई शिकायतों और जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों की कार्य प्रणाली पर विस्तार से समीक्षा एवं फीडबैक लिया था।

    इसी दौरान मुख्यमंत्री ने प्राप्त शिकायतों के दृष्टिगत सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने और जिला सहकारी बैंक के महाप्रबधंक पीएस धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिये थे। साथ ही गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नगद राशि में हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक गुना अंकित सोनी की भूमिका को यथोचित न मानते हुए पुलिस अधीक्षक पद से हटाने के निर्देश भी दिये थे।

    मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य शासन ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए गुना हवालाकांड के बाद एसपी अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। इंदौर में 15वीं बटालियन की कमांडेंट हितिका वसल को उनकी जगह गुना का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी हितिका वसाल को अब गुना जिले की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    वहीं, सीधी में जनप्रतिनिधियों से मिली शिकायतों के बाद सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में ओएसडी और सह आयुक्त बनाया गया है। उनकी जगह 2013 बैच के विकास मिश्रा को नया कलेक्टर बनाया है। विकास मिश्रा इससे पहले मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर सचिव के साथ आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी का दायित्व संभाल रहे थे। अब उन्हें सीधी जिले की कमान सौंपी गई है।

  • MP: 11 साल की बेटी से रेप करता रहा बाप… मां डालती रही पर्दा…. कोर्ट ने सुनाई 20-20 साल की सजा

    MP: 11 साल की बेटी से रेप करता रहा बाप… मां डालती रही पर्दा…. कोर्ट ने सुनाई 20-20 साल की सजा


    अशोक नगर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की जिला अदालत (District Court) ने एक मां-बाप को 20-20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। पिता नाबालिग बेटी (Minor Daughter) से लगातार रेप कर रहा था और इस घिनौने काम में उसकी पत्नी यानी नाबालिग की मां उसका साथ दे रही थी। मां लगातार दबाव बना रही है कि वह केस वापस ले-ले। न्यायालय में कह दे कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है।

    मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले (Ashok Nagar district) में एक बाप अपनी 11 साल की नाबालिग बेटी से लगातार रेप करता है और उसकी मां बेटी की हिफाजत करने के बताए पति के गुनाहों पर लगातार पर्दा डालने का काम करती है। बेटी हिम्मत वाली निकली और एक दिन थाने पहुंच गई। वह पूछने लगी कि टीआई साहब कौन हैं। मुझे उनसे ही बात करना है। महिला सब इंस्पेक्टर ने उसकी बात सुनी तो वह दंग रह गई। बेटी ने बताया कि उसका सौतेला पिता उसके साथ रेप करता है। जब उसने मां को यह बात बताई तो वह पिता का ही साथ दे रही थी। उल्टा उसे डांट फटकार कर मुंह बंदा करा रही थी।


    डीएनए टेस्ट से स्पष्ट हुआ मामला

    जिले के शाढ़ौरा थाना क्षेत्र में 2024 में की गई नाबालिग की शिकायत को पुलिस ने बहुत गंभीरता से लिया। पुलिस ने तत्काल आरोपी पिता को गिरफ्तार किया और घर से सबूत एकत्रित किए। पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल कराया और पिता के उपयोग किए कपड़े तौलिया आदि की फॉरेंसिक जांच कराई तो लड़की का मेडिकल और पिता के कपड़ों व तौलिया से मिले डीएनए से स्पष्ट हो गया कि बाप ही बेटी के साथ रेप कर रहा था।


    नाबालिग से मां के बारे में भी बताया

    पुलिस ने पिता के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण पेश किया। इसके बाद उसकी पत्नी यानी पीड़िता की मां उसकी जमानत के लिए प्रयास करने लगी। वह बार-बार पुलिस को आवेदन देकर बता रही थी कि ऐसा कुछ भी नहीं है, उसका पति बेगुनाह है। महिला की इस तरह की हरकतों से पुलिस को उस पर भी शक हुआ। नाबालिग से मां के बारे में पूछा तो उसने बताया कि मां लगातार दबाव बना रही है कि वह केस वापस ले-ले। न्यायालय में कह दे कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है।


    पिता को रोकने के बजाए उसे ही डांटती थी

    नाबालिग ने पुलिस को बताया कि मां से जब भी बोलती कि पापा ऐसा करते हैं तो वह उन्हें रोकने के बजाए उसे ही डांटती थी। शाढ़ौरा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी नरेंद्र ने बताया कि जब पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो वह दूसरी कहानी बनाने लगा। उसने बेटी की उम्र 17 साल बताई। साथ ही कहा कि उसका किसी लड़के से अफेयर है, जिसके साथ वह फिजिकल रिलेशन बनाती है। इसके बाद उस लड़के को बुलाकर पूछा गया तो लड़के ने बताया कि उसका लड़की के साथ इस तरह का कोई संबंध नहीं है। उसकी उम्र भी 11 साल है। इस पर पिता पर शक गहरा गया। पुख्ता सबूत मिले तो पिता को आरोपी बना लिया गया।


    दोनों को 20-20 साल का कठोर कारावास

    पुलिस मुख्यालय का निर्देश है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में किसी को सजा हो तो उसका अच्छे से प्रचार प्रसार किया जाए, ताकि अन्य अपराधों में भी लोग सामने आएं और आरोपियों को पकड़ने में पुलिस की मदद करें। इस घटनाक्रम में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और मजबूत केस बनाया, जिससे आरोपी पिता और उसका साथ देने वाली आरोपी मां दोनों को 20-20 साल की कठोर कारावास की सजा मिली है।

  • मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में किया नैवेद्य लोक का लोकार्पण

    मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में किया नैवेद्य लोक का लोकार्पण


    – इंदौर की 56 दुकान की तर्ज पर 18 करोड़ की लागत से बने नैवेद्य लोक में स्वाद और सेहत” का मिलेगा अनुपम अनुभव

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महाकाल की नगरी उज्जैन के निवासियों को एक नयी सौगात मिली है। शहर के नानाखेड़ा बस स्टैंड के समीप स्थित नैवेद्य लोक का भव्य शुभारंभ गुरुवार देर शाम चैत्र नव वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा वैदिक मंत्रों उचार और शंख ध्वनि के बीच फीता काटकर इंदौर की 56 दुकान की तर्ज पर 18 करोड़ रुपये की लागत से बनाये गये नैवेद्य लोक का शुभारंभ किया गया। उन्होंने प्रत्येक स्टॉल का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री दुकानदारों से भी मिले और यहां के कुछ व्यजंनों का स्वाद भी लिया। नैवेद्य लोक में शहर के प्रमुख और प्रसिद्ध रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों के द्वारा स्टॉल्स लगाई गई। इनमें “स्वाद और सेहत” का अनुपम समन्वय सुनिश्चित किया गया है। यहां उज्जैन के पारंपरिक एवं लोकप्रिय व्यंजनों के साथ-साथ मोटे अनाज (श्री अन्न) से निर्मित अत्यंत पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों को विशेष महत्व प्रदान किया गया है।

    नैवेद्य लोक में विभिन्न प्रकार के आकर्षक स्टॉल स्थापित
    नैवेद्य लोक में विभिन्न प्रकार के आकर्षक स्टॉल स्थापित है जिनमें प्रमुख रूप से हरे कृष्ण ऑर्गेनिक फार्मिंग द्वारा ऑर्गेनिक श्री अन्न एवं ताजा जैविक उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यहां स्वाद के साथ स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखते हुए निम्नलिखित व्यंजन आमजन के लिए उपलब्ध हैं: कोदो श्री अन्न की खिचड़ी, कोदो श्री अन्न की खीर, कोदो श्री अन्न की इडली, ज्वार का पोहा, रागी की सेव। फ्रेश बॉक्स आर्गेनिक द्वारा विशेष रूप से तैयार श्री अन्न आधारित व्यंजन एवं सेवाएं उपलब्ध रहेगी। इनमें हेल्दी सलाद, डाइट प्लान, आर्गेनिक ग्रॉसरी, आर्गेनिक ऑयल एवं घी शामिल है ।

    प्रसिद्ध कचरू भैया की कचौड़ी भी मिलेगी
    इसके अतिरिक्त गोपाल मंदिर स्थित मावा बाजार की प्रसिद्ध कचरू भैया की कचौड़ी (जो वर्ष 1968 से अपने अनुपम स्वाद के लिए विख्यात है) भी कुछ दिनों के लिए नैवेद्य लोक में उपलब्ध रहेगी, जिससे उज्जैनवासियों एवं आगंतुकों को पुरानी यादों का स्वाद भी प्राप्त होगा।

    ये सभी व्यंजन न केवल स्वादिष्ट हैं, अपितु उच्च पोषण मूल्य से युक्त होने के कारण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे।नैवेद्य लोक का यह शुभारंभ उज्जैनवासियों के साथ ही महाकाल के दर्शनार्थ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए एक आकर्षक, सुलभ एवं स्वास्थ्यकर भोजन विकल्प प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कचरू भैया से मिलकर कहा कि अच्छा हुआ आपने यहां पर भी स्टाल प्रारंभ की है । अब नानाखेड़ा के लोगों को कचौड़ी के लिए पुराने शहर नहीं जाना पड़ेगा।

    कार्यक्रम में रागीनी मखड़ और डॉ. मखड़ और हरीहरेश्वर पोदार के संस्थान द्वारा सास्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई।

    उल्लेखनीय है कि नैवेद्य लोक को उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा शहर की एक आधुनिक एवं आकर्षक चौपाटी के रूप में विकसित किया गया है। कुल 28000 स्क्वेयर फीट के क्षेत्रफल में सर्वसुविधायुक्त नैवेद्य लोक परिसर का विकास किया गया है। नैवेद्य लोक में चौपाटी के लिये 34 दुकानें है, जिनका साईज क्रमशः 180 वर्गफीट, 120 वर्गफीट, 100 वर्गफीट, 92 वर्गफीट, 90 वर्गफीट एवं 62 वर्गफीट है। साथ ही यहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए सुसज्जित ओपन थियेटर, साउण्ड सिस्टम, महिला, पुरुष, दिव्यांग जनों के उपयोगार्थ नवीन सेंसर उपकरण के साथ प्रसाधन कक्ष, सीसीटीवी कैमरा-सर्वर रूम, आपातकालीन विद्युत व्यवस्था के लिए डीजी सेट, पार्किग, अण्डरग्राउण्ड विद्युत व्यवस्था, अण्डरग्राउण्ड सीवरेज, लैण्ड स्केपिंग आदि सुविधायें विकसित की गई है।

    इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, राज्य सभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निमग अध्यक्ष कलावती यादव, संजय अग्रवाल, जगदीश अग्रवाल, रूप पमनानी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • मप्रः हिन्दू नव वर्ष के पहले दिन उज्जैन को मिली अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पुल की सौगात

    मप्रः हिन्दू नव वर्ष के पहले दिन उज्जैन को मिली अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पुल की सौगात


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार देर शाम उज्जैन में नगर निगम द्वारा नवनिर्मित तरणताल का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विक्रम संवत 2083 हिन्दू नव वर्ष पहले दिन शहरवासियों को तरणताल की सौगात मिली है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि नगर निगम के स्विमिंग पुल से शहरवासियों की कई यादें जुड़ी हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्विमिंग पुल की सौगात मिली है तो इसका मेंटेनेंस बनाये रखना होगा। मुख्यमंत्री ने शुभारंभ अवसर पर आयोजित तैराकी स्पर्धा के विजेता बालक-बालिका वर्ग की टीम को 51-51 हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप देने की घोषणा की। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़ मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगर निगम द्वारा 8.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित तरणताल (स्विमिंग पुल) का करीब 2 साल पहले भूमि-पूजन किया गया था। आज अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पूल का लोकार्पण करते हुए अत्यधिक प्रसन्नता हुई है। इसके निर्माण से अब उज्जैन की प्रतिभाओं को नये पंख लगेंगे और भविष्य के लिये मजबूत नींव रखी जा सकेगी।

    उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल की नगरी में क्षिप्रा में तैराकी करने का भी अपना अलग आंनद है। कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत भाषण महापौर मुकेश टटवाल ने दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत महापौर टटवाल और नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, उज्जैन स्मार्ट सिटी के सीईओ संदीप शिवा, तैराकी संघ के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजन-अर्चन के बाद फीता काटकर लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित तैराकी स्पर्धा में प्रथम शिवोहम् तिवारी, द्वितिय आर्यन राजपूत, तृतीय समर्थ गेहलोत रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालक वर्ग एवं बालिका वर्ग के खिलाडियों को 51-51 हजार रुपये देने की घोषणा की।

    उल्लेखनीय है की नगर निगम द्वारा उक्त तरणताल पुराने तरणताल के स्थान पर नया बनाया गया है। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। तरणताल का कुल क्षेत्रफल 25×50 मीटर है तथा इसकी गहराई 4.5 फीट से 6.15 फीट तक रखी गई है। इसके साथ ही बच्चों के लिए वार्मअप पुल भी निर्मित किया गया है जिसकी गहराई 2.5 फीट से 3 फीट रखी गई है। तरणताल में विजिटर गैलेरी बनाई गई है। जिसमें 200 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। इसी के साथ पार्किंग, फूड कोर्ट, सिटिंग चेयर, पार्क, आधुनिक फिल्टर प्लांट, शावर की सुविधा और वेटिंग रूम की भी सुविधा भी रहेगी। तरणताल का संचालन नगर पालिका निगम द्वारा किया जाएगा।

  • MP: भोपाल में MP नगर स्थित सरकारी दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

    MP: भोपाल में MP नगर स्थित सरकारी दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के व्यस्त इलाके एमपी नगर स्थित नापतौल विभाग के दफ्तर (Metrology Department Office) में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ईमेल के जरिए विभाग को बम से उड़ाने की धमकी दी गई. ईमेल में दावा किया गया था कि दफ्तर के भीतर साइनाइड गैस के 16 सिलेंडर रखे गए हैं.

    दफ्तर के सुपरिटेंडेंट श्यामू सोलंकी ने बताया, “ईमेल चेक करते समय सुबह 10:20 बजे मुझे एक मैसेज मिला, जिसमें लिखा था कि विभाग के दफ्तर के अंदर साइनाइड गैस से भरे 16 सिलेंडर रखे गए हैं और वे दोपहर करीब 1 बजे फट जाएंगे.”

    इसके बाद अपने सीनियर अधिकारियों से संपर्क किया और पुलिस को इसकी सूचना दी गई. उन्होंने बताया कि बम निरोधक दस्ते के जवान और खोजी कुत्तों के साथ पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर की तलाशी ली. उन्होंने आगे बताया कि एहतियात के तौर पर दफ्तर को खाली करा लिया गया था.

    सोलंकी ने बताया कि पुलिस को दफ़्तर में कोई सिलेंडर या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली. इससे पहले भी भोपाल में पीपल्स यूनिवर्सिटी और AIIMS को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे, लेकिन वे अलर्ट भी झूठे निकले थे.

    भोपाल सिटी जोन 2 के पुलिस उपायुक्त (DCP) विवेक सिंह ने बताया कि ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए जांच चल रही है. उन्होंने शक जाहिर किया कि पूरे देश में इस तरह के ईमेल भेजने के पीछे किसी गिरोह का हाथ हो सकता है, जो नकली नामों का इस्तेमाल कर रहा है. दोपहर 1:10 बजे से अपना काम फिर से शुरू कर दिया।

  • MP: ग्वालियर में छुट्टी के दिन खुलीं LPG एजेंसियां, भोपाल-हरदा में सिलेंडर की किल्लत से हंगामा

    MP: ग्वालियर में छुट्टी के दिन खुलीं LPG एजेंसियां, भोपाल-हरदा में सिलेंडर की किल्लत से हंगामा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में LPG संकट से थोड़ी राहत मिलने लगी है। सोमवार को ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेश पर साप्ताहिक छुट्टी के दिन भी गैस एजेंसियां खुलीं और बुकिंग के आधार पर सिलेंडर की डिलिवरी शुरू हुई। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि बुकिंग की 40% समस्या अब खत्म हो गई है।

    भोपाल में हंगामा
    भोपाल के टीटी नगर दशहरा मैदान में सोमवार सुबह गैस सिलेंडर से भरा एक ट्रक पहुंचा। सिलेंडर बांटने के बाद 50 से अधिक लोग खाली हाथ रह गए, जिससे वहां हंगामा हो गया। ग्राहकों का कहना था कि सिलेंडर यहीं मंगवाए जाएं, जबकि कर्मचारियों ने उन्हें एजेंसी जाने के लिए कहा। एक घंटे के बाद कर्मचारियों ने अतिरिक्त ट्रक की व्यवस्था कर लोगों की समस्या दूर की।

    हरदा में भी लगी लंबी लाइन
    हरदा में एलपीजी एजेंसियों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। लोग सुबह से ही सिलेंडर भरवाने के लिए लाइन में खड़े हैं।

    होटल इंडस्ट्री में राहत
    एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने कहा, “लगातार 6-7 दिन से प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट को एक भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिला। अब सरकार ने हमें भी सिलेंडर देने की बात कही है। यह हमारे लिए ‘ऑक्सीजन’ मिलने जैसा है।”
    सिलेंडर की कमी के कारण प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर थे। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन, डीज़ल भट्ठी आदि की सुविधा की गई थी, लेकिन यह काफी खर्चीला था।

    भोपाल में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू
    भोपाल गैस एजेंसियों के मुताबिक, सोमवार से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू हो गई है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने कहा कि अब होटल संचालक इंडक्शन, इलेक्ट्रिक ग्रिडल और फ्रायर की जगह सिलेंडर का उपयोग कर सकेंगे।

    ग्वालियर में सभी एजेंसियां खुलीं
    ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेश पर सभी एलपीजी एजेंसियां खुलीं। एजेंसी संचालक धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि पिछले 3-4 दिन से सॉफ्टवेयर समस्या के कारण बुकिंग नहीं हो पा रही थी। सोमवार से सभी को गैस सिलेंडर मिल रहे हैं और कोई कमी नहीं है।

  • एमपी में दो दिन झुलसाएगी तेज गर्मी, फिर 18-19 मार्च को बदलेगा मौसम, बारिश के आसार

    एमपी में दो दिन झुलसाएगी तेज गर्मी, फिर 18-19 मार्च को बदलेगा मौसम, बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ती गर्मी से बचने के लिए लोगों ने अब इंतजाम शुरू कर दिए हैं। राजधानी भोपाल में कई घरों को ग्रीन नेट से ढककर धूप के असर को कम करने की कोशिश की जा रही है, ताकि घरों का तापमान ज्यादा न बढ़े। वहीं इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिन तक तेज गर्मी का असर बना रहेगा। इसके बाद 18 और 19 मार्च को कई जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे पहले रविवार को ग्वालियर-चंबल संभाग में पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई दिया। क्षेत्र में दिनभर बादल छाए रहे, जिससे तापमान में करीब 1.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक अब यह सिस्टम कमजोर पड़ गया है।

    मौसम विभाग ने बताया कि 16 और 17 मार्च को प्रदेश में कहीं भी बारिश या बादल का अलर्ट नहीं है। हालांकि 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका प्रभाव मध्य प्रदेश में 18 और 19 मार्च को देखने को मिल सकता है।

    कई जिलों में तापमान में गिरावट
    मौसम विभाग के अनुसार रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री और बालाघाट में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन क्षेत्रों में मौसम में बदलाव की संभावना पहले ही जताई गई थी। शाम तक बारिश दर्ज नहीं हुई, लेकिन बादलों की वजह से तापमान में गिरावट देखी गई।

    वहीं पिछले तीन दिनों से लू के असर वाले नर्मदापुरम में भी तापमान घटकर 38.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.6 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    अप्रैल–मई में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी
    मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस साल अप्रैल और मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे। इन महीनों के दौरान ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी गर्मी का असर तेज रहने की संभावना है।

  • MP: ग्वालियर में लगेगा पुस्तक मेला, स्कूली बच्चों को सस्ते दर पर मिलेंगी किताबें, स्टेशनरी व यूनीफॉर्म

    MP: ग्वालियर में लगेगा पुस्तक मेला, स्कूली बच्चों को सस्ते दर पर मिलेंगी किताबें, स्टेशनरी व यूनीफॉर्म

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्कूली बच्चों को सस्ती दर पर किताबें, यू

    Gwalior

    नीफॉर्म व स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिए सात दिवसीय पुस्तक मेला (बुक फेयर) लगने जा रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप यह बुक फेयर मौजूदा मार्च माह के दौरान ग्वालियर मेला में सूर्य नमस्कार तिराहा के समीप स्थित शिल्प बाजार परिसर में लगेगा।

    कलेक्टर रुचिका चौहान ने रविवार की शाम संबंधित अधिकारियों एवं पुस्तक विक्रेताओं के साथ शिल्प बाजार परिसर पहुँचकर पुस्तक मेले की तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि पुस्तक मेला अवधि के दौरान बाजार में किसी भी पुस्तक की दुकान से स्कूली पुस्तकें व स्टेशनरी नहीं बेची जा सकेंगीं।

    इस पर पुस्तक विक्रेताओं एवं एसोसिएशन के अधिकारियों ने सहमति जताई। साथ ही कहा कि पुस्तक विक्रेताओं ने कहा कि पुस्तक मेला को लेकर हम उत्साहित हैं। पुस्तक मेले में प्रत्येक दुकानदार द्वारा किताबों, स्टेशनरी व यूनीफॉर्म की बिक्री पर आकर्षक छूट भी प्रदान की जायेगी। पुस्तक मेला परिसर के निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी, डीपीसी रविन्द्र तोमर एवं मेला सचिव सुनील बाबू त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित अधिकारी, पुस्तक विक्रेता एसोसिएशन के पदाधिकारी व पुस्तक विक्रेता मौजूद थे।

    पुस्तक विक्रेताओं को जिले के विभिन्न स्कूलों के पाठ्यक्रम उपलब्ध करा दिए गए हैं। कलेक्टर ने इस मौके पर पुस्तक विक्रेताओं से कहा कि वे निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार पुस्तकों के सेट बच्चों एवं उनके अभिभावकों को उपलब्ध कराएं। वेंडर्स यानी पुस्तक विक्रेताओं द्वारा पुस्तक मेला मे किताबें, स्टेशनरी व ड्रेस खरीदने वाले अभिभावकों को विशष छूट दी जायेगी। पुस्तक मेला लगने से अनाधिकृत प्रिंटिग कर पुस्तक बेचने की प्रवृत्ति पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

    मार्च माह के द्वितीय पखवाड़े में लगने जा रहे पुस्तक मेले में सीबीएसई, आईएसई एवं एमपी बोर्ड से संबंध सभी निजी स्कूलों के पाठ्यक्रम के अनुसार पुस्तकें व यूनीफॉर्म उपलब्ध रहेंगी। जिला प्रशासन द्वारा बच्चों व उनके अभिभावकों के हित को ध्यान में रखकर लिए गए पुस्तक मेला लगाने के निर्णय का पुस्तक प्रकाशकों (पब्लिशर्स) व डीलर्स ने स्वागत किया है।

    कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान पुस्तक मेले की रूपरेखा के संबंध में विस्तार से चर्चा की। पुस्तक विक्रेताओं ने पिछले साल जिन दुकानदारों को जो दुकानें आवंटित की गई थीं, उन्हीं दुकानों का इस बार भी आवंटन करने का आग्रह किया। कलेक्टर ने कहा कि पुस्तक विक्रेताओं की सहमति से ही आवंटन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जायेगा। उन्होंने शिल्प बाजार परिसर की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, शौचालय व पेयजल की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही कहा कि पुस्तक मेला परिसर में फूड स्टॉल भी लगवाए जाएं।

    आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिये पुस्तक मेला परिसर में बुक बैंक भी स्थापित किया जायेगा। ऐसे स्कूली विद्यार्थी जो अपनी पिछली कक्षा की किताबें दान करना चाहते हैं वे बुक बैंक में अपनी किताबें जमा कर सकेंगे। ज्ञात हो पिछली साल बनाए गए बुक बैंक से 700 जरूरतमंद बच्चों ने नि:शुल्क पुस्तकें प्राप्त की थीं।

    पुस्तक विक्रेताओं एवं स्कूली बच्चों व उनके अभिभावकों की मदद के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से हैल्पलाईन नंबर भी जारी कराया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कॉर्डिनेटर आईटी सेल अरविंद तोमर (मोबा. 98935-87573) से संपर्क कर पुस्तक मेला के संबंध मे जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। साथ ही पुस्तक मेला के संबंधित समस्याएं भी दर्ज कराई जा सकेंगी।

    स्कूलों द्वारा निर्धारित पुस्तकों के सेट की कीमत का परीक्षण कराया जा रहा है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिला शिक्षा अधिकारी व जिला परियोजना समन्वयक को जल्द से जल्द यह परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पिछली साल के पुस्तक मेले में अभिभावकों व विद्यार्थियों द्वारा दर्ज किए गए फीड बैक का अध्ययन कर इस बार के मेले को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए हैं।

  • MP: मुख्यमंत्री आज 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर करेंगे 1836 करोड़ रुपये

    MP: मुख्यमंत्री आज 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर करेंगे 1836 करोड़ रुपये


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार, 13 मार्च को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण करेंगे।

    जनसम्पर्क अधिकारी बिन्दु सुनील ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि ग्वालियर जिले के शबरी माता मंदिर घाटीगाँव में शुक्रवार को आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन में मुख्यमंत्री द्वारा उक्त राशि लाड़ली बहना योजना की 34वीं किश्त के रूप में बहनों को प्रदान की जा रही है।

    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है।

    गौरतलब है कि प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान का नया आधार बनी है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना के तहत 33 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में सीधे अंतरित की गई है। प्रदेश सरकार अब योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।


    इन कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन व लोकार्पण

    जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाड़ली बहना सम्मेलन में ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ लागत के 54 कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। इनमें लगभग 62 करोड़ के 19 कार्यों का लोकार्पण और लगभग 60 करोड़ रुपये लागत के 35 कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जिन कार्यों का लोकार्पण किया जायेगा उनमें लगभग 40 करोड़ की लागत से सांदिपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुलैथ का भवन और 9.11 करोड़ की लागत से डाडा खिरक तिघरा मार्ग पर सांक नदी पर नव निर्मित उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र बन्हेरी तथा ग्वालियर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में नव निर्मित सड़कें शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जिन कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे उनमें आईएसबीटी के समीप 6.17 करोड़ की लागत से बनने जा रहे 100 सीटर श्रमिक विश्रामगृह एवं 12.16 करोड़ की लागत से अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय का निर्माण प्रमुख है। इसके अलावा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में विभिन्न सड़कें, आयुर्वेदिक महाविद्यालय में एनाटॉमी विभाग के लिए बनने जा रहे हॉल, छात्रावास व भितरवार में लगभग 4 करोड़ की लागत से बनने जा रहे नवीन शॉपिंग कांप्लेक्स का निर्माण शामिल है।


    कलेक्टर ने लिया तैयारियों का जायजा

    ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने गुरुवार को कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही हैलीपेड का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर विधायक मोहन सिंह राठौर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, एडीएम सीबी प्रसाद एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुमन गुर्जर व जयराज कुवेर सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

    कलेक्टर रुचिका चौहान ने कार्यक्रम स्थल पर गर्मी के मौसम को ध्यान में रखकर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही ऐसी व्यवस्था रहे, जिससे पार्किंग स्थल से लाड़ली बहनाओं सहित सुविधाजनक तरीके से कार्यक्रम स्थल पर निर्धारित सेक्टर में पहुँच सकें।

    प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ यादव वायुमार्ग से 13 मार्च को दोपहर राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल महाराजपुरा पहुँचेंगे। यहाँ से हेलीकॉप्टर द्वारा घाटीगाँव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में बनाये गए हेलीपेड पहुँचेंगे। मुख्यमंत्री यहाँ स्थित देवनारायण मंदिर एवं कार्यक्रम स्थल के समीप स्थित शबरी माता मंदिर में भी प्रदेश की खुशहाली के लिए पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद लाड़ली बहना सम्मेलन में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के बाद हेलीकाप्टर द्वारा वापस विमानतल पहुँचकर वायुमार्ग द्वारा भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।