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  • वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा, सेंसेक्स 77 हजार के पार पहुंचा, शुरुआती कारोबार में दिखी चौतरफा तेजी

    वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा, सेंसेक्स 77 हजार के पार पहुंचा, शुरुआती कारोबार में दिखी चौतरफा तेजी

    नई दिल्ली । मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी के चलते भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को सकारात्मक शुरुआत की। कारोबार के शुरुआती चरण में ही सेंसेक्स 77 हजार अंक के स्तर को पार कर गया, जबकि निफ्टी भी उल्लेखनीय बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में आई इस मजबूती ने निवेशकों के बीच भरोसे को और मजबूत किया तथा अधिकांश प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी का माहौल देखने को मिला।

    शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 683 अंकों की बढ़त के साथ 77,425 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 205 अंक मजबूत होकर 24,168 के करीब कारोबार करता दिखा। प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी का असर व्यापक बाजार पर भी दिखाई दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों की रुचि केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी सकारात्मक माहौल बना रहा।

    बाजार की इस तेजी में सूचना प्रौद्योगिकी और मेटल सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे संबंधित सूचकांक प्रमुख बढ़त वाले सेक्टरों में शामिल रहे। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, प्राइवेट बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कमोडिटी क्षेत्र से जुड़े शेयरों ने भी बाजार को मजबूती प्रदान की। दूसरी ओर फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में सीमित दबाव देखने को मिला, हालांकि इसका व्यापक बाजार की दिशा पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।

    प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी सकारात्मक रुझान दर्ज किया गया। बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल, सीमेंट और मेटल क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियों के शेयर शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि निवेशकों का विश्वास विभिन्न सेक्टरों में व्यापक रूप से बना हुआ है और बाजार की तेजी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के कारोबारी सत्रों में बाजार में आई गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी आने और घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रिय भागीदारी ने भी बाजार की धारणा को मजबूत किया है। यही कारण है कि बाजार में निवेशकों का विश्वास लगातार बेहतर होता दिखाई दे रहा है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों का सकारात्मक रुख भी भारतीय बाजार के लिए सहायक साबित हुआ। एशिया के अधिकांश प्रमुख शेयर बाजार बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए, जबकि अमेरिकी बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे। वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बेहतर रुझान का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला, जिससे शुरुआती कारोबार में खरीदारी का दबदबा बना रहा।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले कारोबारी सत्र में सीमित निकासी दर्ज की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार में उल्लेखनीय निवेश जारी रखा। घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी ने विदेशी बिकवाली के प्रभाव को काफी हद तक संतुलित किया और बाजार को स्थिरता प्रदान की। यही संतुलन शुक्रवार की शुरुआत में भी सकारात्मक माहौल बनाए रखने में महत्वपूर्ण रहा।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान देखने को मिल सकता है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, विदेशी निवेश प्रवाह और कॉरपोरेट परिणामों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि यही कारक निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • दुनिया में रहने लायक सबसे अच्छे शहरों की सूची में दिल्ली 120वें स्थान पर, मुम्बई उससे भी पीछे

    दुनिया में रहने लायक सबसे अच्छे शहरों की सूची में दिल्ली 120वें स्थान पर, मुम्बई उससे भी पीछे


    नई दिल्ली।
    दुनिया भर में रहने के लिहाज से सबसे अच्छे शहरों (Best Cities) की ताजा लिस्ट आ गई है। इस हफ्ते ‘द इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट’ ने अपनी नई ‘ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2026’ (Global Liveability Index 2026) रिपोर्ट जारी की है। इस सूचकांक में कुल 173 शहरों को वहां मौजूद सुविधाओं और रहने की स्थितियों के अलग-अलग पैमानों पर परखा गया है। अगर भारतीय शहरों की बात करें तो नई दिल्ली (New Delhi) को 120वां स्थान मिला है। वहीं, डेनमार्क का शहर कोपेनहेगन (Copenhagen) दुनिया के सबसे बेहतरीन और रहने लायक शहरों की लिस्ट में नंबर वन पर बरकरार है। कोपेनहेगन ने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना को पीछे छोड़ते हुए अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। द इकोनॉमिस्ट मैगजीन की सहयोगी संस्था ईआईयू ने दुनिया भर के 173 शहरों को शिक्षा, स्थिरता, हेल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्कृति जैसे पैमानों पर परखा है।


    भारतीय शहरों की रैंकिंग

    रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के प्रमुख शहरों की रैंकिंग कुछ इस प्रकार है:
    – नई दिल्ली: 120वें पायदान पर
    – मुंबई: 121वें पायदान पर
    – चेन्नई: 123वें पायदान पर
    – बेंगलुरु: 127वें पायदान पर

    गौर करने वाली बात यह है कि देश की राजधानी नई दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई की रैंकिंग में पिछले साल के मुकाबले कोई बदलाव नहीं आया है। ये दोनों शहर अपनी पुरानी स्थिति पर ही बने हुए हैं।


    दुनिया के 10 सबसे बेहतरीन शहर

    रहने के लिहाज से डेनमार्क के कोपेनहेगन ने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना और ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है:


    कोपेनहेगन क्यों है नंबर वन?

    रिपोर्ट के मुताबिक, कोपेनहेगन को स्थिरता, इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा के मामले में “परफेक्ट” स्कोर मिला है। ईआईयू के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस शहर की शानदार स्थिरता और बुनियादी ढांचे के साथ-साथ बेहतरीन संस्कृति, पर्यावरण और उच्च गुणवत्ता वाली सार्वजनिक सेवाओं के बेजोड़ तालमेल ने इसे शीर्ष पर बनाए रखा है।


    अमेरिका और कनाडा का क्या है हाल?

    टॉप-10 की ग्लोबल लिस्ट में उत्तरी अमेरिका का केवल एक शहर जगह बना पाया है, और वह है कनाडा का वैंकूवर (9वां स्थान)। अगर अमेरिकी शहरों की बात करें तो न्यूयॉर्क तीन पायदान की छलांग लगाकर 66वें नंबर पर आ गया है। अपराध दर में कमी और आतंकी घटनाओं के कम होते खतरे की वजह से इसके ‘स्टेबिलिटी स्कोर’ में काफी सुधार हुआ है। हालांकि, दो पायदान नीचे खिसकने के बावजूद होनोलूलू (25वां स्थान) अभी भी अमेरिका का सबसे ऊंची रैंकिंग वाला शहर बना हुआ है।


    एशिया के स्कोर में सुधार, यूरोप में ठहराव

    इंडेक्स के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी यूरोप अभी भी रहने के लिहाज से दुनिया का सबसे शानदार क्षेत्र बना हुआ है, हालांकि अब इसके औसत स्कोर में एक ठहराव आ गया है। इसके उलट, एशिया के औसत स्कोर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल 2025 की तुलना में इस बार चीन के 10 शहरों ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। इसके अलावा, रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि ईरान युद्ध की वजह से पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित हुई है।


    एशिया के हेल्थकेयर में सुधार से रैंकिंग उछली

    इस साल एशिया के औसत लिवेबिलिटी स्कोर में 0.3 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह 73.9 हो गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यहां की स्वास्थ्य सेवाओं (हेल्थकेयर) का मजबूत होना है। चीन के कई शहरों की रैंकिंग में भी उछाल आया है, जैसे फुझोऊ सात पायदान चढ़कर 93वें नंबर पर पहुंच गया है। ईआईयू की इंडस्ट्री डायरेक्टर एना निकोल्स के मुताबिक, एशिया के स्कोर में बढ़ोतरी का नतीजा यह है कि अब टॉप-20 में यूरोप के सात शहरों के साथ एशिया के नौ शहर शामिल हो गए हैं। वहीं, पश्चिमी यूरोप अभी भी रहने के लिहाज से सबसे मजबूत क्षेत्र बना हुआ है, हालांकि पिछले साल के मुकाबले इसका औसत स्कोर थोड़ा गिरकर 91.7 हो गया है।


    युद्ध की वजह से खाड़ी देशों को भारी नुकसान

    ईरान युद्ध के नतीजे खाड़ी (गल्फ) क्षेत्र के शहरों की रैंकिंग में साफ दिखाई दे रहे हैं, जहां स्थिरता स्कोर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मस्कट 14 पायदान गिरकर 123वें नंबर पर और कुवैत सिटी 12 स्थान खिसककर 105वें नंबर पर आ गया है। लिस्ट में सबसे नीचे सीरिया का दमिश्क शहर है, जो अभी भी दुनिया में रहने के लिहाज से सबसे खराब शहर माना गया है। इसके अलावा, युद्ध के कारण ईरान की राजधानी तेहरान खिसककर 164वें और यूक्रेन का कीव 166वें नंबर पर पहुंच गया है।

  • बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी बच्चों पर पड़ सकती है भारी, देखभाल न होने पर संपत्ति वापस लेने का अधिकार बरकरार: हाई कोर्ट

    बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी बच्चों पर पड़ सकती है भारी, देखभाल न होने पर संपत्ति वापस लेने का अधिकार बरकरार: हाई कोर्ट


    नई दिल्ली ।
    बुजुर्ग माता-पिता के अधिकारों को मजबूत करने वाले एक महत्वपूर्ण फैसले में हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि माता-पिता ने अपनी संपत्ति इस शर्त पर बच्चों को हस्तांतरित की है कि वे उनकी देखभाल करेंगे, लेकिन बाद में बच्चे इस जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करते, तो माता-पिता को वह संपत्ति वापस लेने का कानूनी अधिकार है। अदालत ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना कानून का उद्देश्य है और इस अधिकार का लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर माता-पिता तक सीमित नहीं है।

    यह मामला मुंबई के लोअर परेल स्थित एक फ्लैट से जुड़ा था, जहां एक बुजुर्ग दंपति और उनका बेटा एक ही घर में रहते थे। पिता ने कई वर्ष पहले अपनी कमाई से फ्लैट खरीदा था और बाद में विश्वास के आधार पर उसे उपहार स्वरूप अपने बेटे के नाम कर दिया। उपहार के साथ यह शर्त भी तय की गई थी कि बेटा अपने माता-पिता को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा तथा उनके बुढ़ापे में उनकी उचित देखभाल करेगा।

    समय बीतने के साथ परिवार के संबंधों में तनाव बढ़ता गया। माता-पिता का आरोप था कि बेटे का व्यवहार बदल गया और उन्हें अपेक्षित सम्मान तथा देखभाल नहीं मिली। हालात इतने खराब हो गए कि उन्हें अपना ही घर छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए कानून के तहत संबंधित न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाया और अपनी संपत्ति वापस दिलाने की मांग की।

    मामले की सुनवाई के बाद न्यायाधिकरण ने बेटे और उसके परिवार को निर्धारित अवधि के भीतर फ्लैट खाली कर उसका कब्जा माता-पिता को सौंपने का निर्देश दिया। बेटे ने इस आदेश को चुनौती देते हुए अदालत में कहा कि उसके पिता आर्थिक रूप से सक्षम हैं, उनका अपना व्यवसाय है और उनके पास अन्य संपत्तियां भी हैं। इसलिए उन्हें इस कानून के तहत राहत नहीं मिलनी चाहिए।

    हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण से जुड़े कानून की धारा 23 स्पष्ट रूप से यह व्यवस्था करती है कि यदि संपत्ति का हस्तांतरण देखभाल और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी शर्तों के साथ किया गया हो और प्राप्तकर्ता उन शर्तों का पालन न करे, तो संबंधित न्यायाधिकरण उस उपहार को निरस्त घोषित कर सकता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अधिकार का संबंध माता-पिता की आर्थिक स्थिति से नहीं, बल्कि उनके साथ किए गए वादे और उसकी पूर्ति से है।

    अदालत ने माना कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्मान, देखभाल और सुरक्षित जीवन भी उनकी मूल आवश्यकताओं का हिस्सा हैं। यदि परिवार का कोई सदस्य संपत्ति प्राप्त करने के बाद अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटता है, तो कानून ऐसे बुजुर्गों को प्रभावी कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उन अनेक वरिष्ठ नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है, जिन्होंने विश्वास के आधार पर अपनी संपत्ति बच्चों के नाम कर दी, लेकिन बाद में उपेक्षा या दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। इससे यह संदेश भी जाता है कि संपत्ति का हस्तांतरण केवल अधिकार नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी साथ लेकर आता है। यदि उस जिम्मेदारी का पालन नहीं किया जाता, तो कानून बुजुर्ग माता-पिता को न्याय दिलाने के लिए उनके पक्ष में खड़ा है।

  • शाहरुख खान की फिल्म 'किंग' के 450 करोड़ के भारी-भरकम बजट पर निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने तोड़ी चुप्पी, सोशल मीडिया पर दिया करारा जवाब

    शाहरुख खान की फिल्म 'किंग' के 450 करोड़ के भारी-भरकम बजट पर निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने तोड़ी चुप्पी, सोशल मीडिया पर दिया करारा जवाब

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान की आने वाली फिल्म ‘किंग’ को लेकर इन दिनों सिनेमा जगत और सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म को शाहरुख खान के पूरे फिल्मी करियर की अब तक की सबसे महंगी और भव्य फिल्म बताया जा रहा था। मीडिया और सिनेमाई गलियारों में लगातार यह दावा किया जा रहा था कि इस मेगा-प्रोजेक्ट का कुल बजट लगभग 450 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। इन तमाम कयासों और बड़ी खबरों के बीच अब फिल्म के निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने खुद सामने आकर सच्चाई बयां की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इन दावों को पूरी तरह से सिरे से खारिज करते हुए एक बड़ा बयान दिया है, जिसने फैंस के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है।

    फिल्म ‘किंग’ की रिलीज का प्रशंसक काफी समय से बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इस फिल्म के जरिए शाहरुख खान लगभग तीन साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर मुख्य भूमिका में बड़े पर्दे पर धमाकेदार वापसी करने जा रहे हैं। इसी भारी उत्सुकता के बीच एक हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि यह फिल्म बजट के मामले में भारतीय सिनेमा के पिछले कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ देगी और इसका निर्माण 450 करोड़ रुपये की अभूतपूर्व लागत से किया जा रहा है। बजट की यह खबर जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुई, वैसे ही फिल्म को लेकर तरह-तरह की वित्तीय चर्चाएं शुरू हो गईं।

    मध्य प्रदेश। इन तमाम उड़ती खबरों और दावों के बीच बुधवार रात को फिल्म के निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक बेहद संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली ट्वीट किया। उन्होंने बजट से जुड़ी खबरों की ओर इशारा करते हुए अपने ट्वीट में सिर्फ एक शब्द लिखा— ‘गलत’। इसके अलावा सिद्धार्थ ने अपने पोस्ट में कोई अन्य स्पष्टीकरण या विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। हालांकि, उनका यह एक शब्द का साफ जवाब इंटरनेट यूज़र्स और समीक्षकों के लिए यह समझने के लिए काफी था कि शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ का वास्तविक बजट 450 करोड़ रुपये नहीं है और मीडिया में चल रहे आंकड़े महज कोरी अफवाह हैं।

    अगर शाहरुख खान की अब तक की सबसे महंगी फिल्मों के इतिहास पर नजर डालें, तो उनके करियर में साल 2023 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जवान’ इस सूची में सबसे ऊपर काबिज है। इस एक्शन-थ्रिलर फिल्म का कुल निर्माण बजट लगभग 400 करोड़ रुपये आंका गया था। वहीं, उनके करियर की दूसरी सबसे बड़ी और महंगी फिल्म ‘पठान’ मानी जाती है, जिसका कुल बजट 350 करोड़ रुपये के आसपास दर्ज किया गया था। यही वजह थी कि कयास लगाए जा रहे थे कि आगामी फिल्म ‘किंग’ इन दोनों ही फिल्मों के बजट रिकॉर्ड को आसानी से पार कर जाएगी, लेकिन निर्देशक के ट्वीट ने इन अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है।

    फिल्म के जॉनर और मेकिंग की बात करें तो ‘किंग’ एक हाई-ऑक्टेन एक्शन और स्टंट-बेस्ड फिल्म होने वाली है, जिसमें शाहरुख खान एक बार फिर अपने खतरनाक एक्शन अवतार में दिखाई देंगे। फिल्म की भव्यता को बढ़ाने के लिए इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टंट्स और कई शानदार विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स) सीक्वेंसेज का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिस पर मेकर्स पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं। यही कारण है कि फिल्म के बजट को लेकर इतनी बड़ी-बड़ी रिपोर्ट्स सामने आ रही थीं।

    बजट के अलावा यह फिल्म अपनी बेहतरीन और कद्दावर स्टार कास्ट को लेकर भी लगातार सुर्खियों बटोर रही है। इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि इसमें शाहरुख खान पहली बार अपनी बेटी सुहाना खान के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करते हुए नजर आने वाले हैं। इसके अलावा फिल्म की मुख्य स्टार कास्ट में बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री रानी मुखर्जी, दीपिका पादुकोण, जयदीप अहलावत, अभिषेक बच्चन और अनिल कपूर जैसे प्रतिभावान और बड़े सितारे भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे, जो इस प्रोजेक्ट को इस साल की सबसे बड़ी मल्टीस्टारर फिल्म बनाते हैं।

    फिल्म की रिलीज टाइमलाइन को लेकर जो जानकारियां सामने आ रही हैं, उसके मुताबिक शाहरुख खान की यह बहुप्रतीक्षित फिल्म इस साल के अंत में बड़े पर्दे पर दस्तक दे सकती है। मेकर्स इसे दिसंबर के महीने में क्रिसमस के खास और बड़े मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज करने की पूरी योजना बना रहे हैं। फिलहाल, निर्देशक सिद्धार्थ आनंद के इस तीखे खंडन के बाद अब फैंस और ट्रेड एक्सपर्ट्स के बीच इस बात की नई बहस छिड़ गई है कि अगर फिल्म का बजट 450 करोड़ रुपये नहीं है, तो आखिर असल लागत कितनी है।

  • रोहित शेट्टी के शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' की रिलीज डेट टली, अब इस नई तारीख से शुरू होगा डर का सफर

    रोहित शेट्टी के शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' की रिलीज डेट टली, अब इस नई तारीख से शुरू होगा डर का सफर


    नई दिल्ली ।
    टेलीविजन के सबसे चर्चित और रोमांचक स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का बेसब्री से इंतजार कर रहे दर्शकों को बड़ा झटका लगा है। मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के इस शो की रिलीज डेट को ऐन वक्त पर आगे बढ़ा दिया गया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह रियलिटी शो इसी महीने 25 जुलाई से ऑन-एयर होने वाला था, लेकिन कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों के चलते मेकर्स ने इसे पोस्टपोन करने का फैसला लिया है। अब यह शो अगस्त के पहले हफ्ते से दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए टेलीविजन स्क्रीन पर दस्तक देगा। इस अचानक हुए बदलाव की वजह से फैंस को अपने पसंदीदा सितारों को हैरतअंगेज स्टंट करते देखने के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा।

    शो की रिलीज डेट टलने के पीछे मुख्य वजह देश में चल रहा ‘टीआरपी ब्लैकआउट’ बताया जा रहा है। दरअसल, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल को कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक जब तक टीवी चैनल्स और शोज को नया लाइसेंस प्राप्त नहीं हो जाता और वे नई टेलीविजन रेटिंग्स पॉलिसी 2026 के सभी नियमों का पूरी तरह पालन नहीं करने लगते, तब तक शोज की टीआरपी रेटिंग्स सार्वजनिक नहीं की जाएंगी। इस प्रशासनिक गतिरोध और तकनीकी बदलाव के कारण ही चैनल और मेकर्स ने शो की लॉन्चिंग को कुछ दिनों के लिए टालना ही बेहतर समझा।

    चैनल की ओर से जारी किए गए नए आधिकारिक प्रोमो के साथ अब शो की नई रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया गया है। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ अब 1 अगस्त से हर शनिवार और रविवार रात 9 बजे प्रसारित किया जाएगा। नए प्रोमो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए मेकर्स ने कैप्शन में लिखा है कि ‘लगेगी जान की बाजी, क्योंकि शुरू हो रहा है डर का नया दौर।’ इस नए प्रोमो के सामने आने के बाद दर्शकों के बीच शो को लेकर उत्साह और ज्यादा बढ़ गया है। यह शो इस बार कलर्स टीवी के साथ-साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर भी स्ट्रीम किया जाएगा।

    मध्य प्रदेश। इस बीच शो से जुड़ी एक राहत भरी खबर यह है कि ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की पूरी शूटिंग सफलता के साथ पूरी हो चुकी है। इस बार रोमानिया की खूबसूरत और खतरनाक लोकेशंस पर कंटेस्टेंट्स ने रोहित शेट्टी के कड़े इम्तिहानों का सामना किया है। इस सीजन की सबसे खास बात यह है कि इसमें कुछ बिल्कुल नए चेहरों के साथ-साथ शो के इतिहास के कुछ बेहद मजबूत पुराने कंटेस्टेंट्स की भी वापसी कराई गई है। नए और पुराने खिलाड़ियों के बीच होने वाली यह सीधी टक्कर इस सीजन को बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण बनाने वाली है।

    इस साल डर का सामना करने वाले कन्फर्म कंटेस्टेंट्स की बात करें तो शो में गौरव खन्ना, इंटरनेट सेंसेशन ओरी, स्टैंडअप कॉमेडियन हर्ष गुजराल, अविका गौर, विशाल आदित्य सिंह, शगुन शर्मा, पूर्व विनर रुबीना दिलैक, जैस्मिन भसीन, फरहाना भट्ट, रितविक धनजानी, अविनाश मिश्रा और करण वाही जैसे बड़े नाम शामिल हैं। सभी कंटेस्टेंट्स अपना-अपना सफर पूरा करके भारत वापस लौट चुके हैं। सोशल मीडिया पर इन खिलाड़ियों के अनुभव और स्टंट्स को लेकर अभी से कई तरह की चर्चाएं और कयास लगाए जाने शुरू हो गए हैं।

    इंटरनेट पर लीक हुई कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि इस सीजन में अविनाश मिश्रा, फरहाना भट्ट और रितविक धनजानी ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर टॉप 3 में जगह बना ली है, जबकि टीवी के मशहूर अभिनेता करण वाही चौथे नंबर पर रहे हैं। वहीं, कुछ दूसरी मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो फिनाले का मुख्य मुकाबला करण वाही और फरहाना भट्ट के बीच देखने को मिलेगा और यही दोनों इस सीजन के टॉप 2 कंटेस्टेंट्स बनकर उभरे हैं। हालांकि, इन दावों पर अभी तक मेकर्स या चैनल की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    पिछले सीजन की याद दिलाते हुए बताते चलें कि ‘खतरों के खिलाड़ी 14’ की ट्रॉफी अभिनेता करणवीर मेहरा ने अपने नाम की थी, जिन्होंने बाद में बिग बॉस के घर में भी अपनी जीत का परचम लहराया था। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि नई रेटिंग्स पॉलिसी के दौर में शुरू हो रहा यह नया सीजन दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है और इस बार रोहित शेट्टी के खतरनाक स्टंट्स को मात देकर कौन सा खिलाड़ी सीजन 15 का अल्टीमेट विनर बनता है।

  • रियालिटी शो 'लॉकअप 2' में गौरव खन्ना की धमाकेदार एंट्री, पत्नी आकांक्षा चमोला को सामने देख छलके आंसू

    रियालिटी शो 'लॉकअप 2' में गौरव खन्ना की धमाकेदार एंट्री, पत्नी आकांक्षा चमोला को सामने देख छलके आंसू

    नई दिल्ली । ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के मशहूर और विवादित रियलिटी शो ‘लॉकअप 2’ का आगामी एपिसोड बेहद धमाकेदार और भावनाओं से भरपूर होने वाला है। शो के मेकर्स द्वारा जारी किए गए नए प्रोमो वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। इस वीडियो में टीवी जगत के मशहूर अभिनेता गौरव खन्ना विजिटर के तौर पर अपनी पत्नी आकांक्षा चमोला से मिलने के लिए जेल के भीतर दाखिल होते हुए नजर आ रहे हैं। पिछले काफी समय से अपनी निजी जिंदगी और आपसी मतभेदों को लेकर चर्चा में चल रहे इस कपल का शो के भीतर आमना-सामना होते ही माहौल पूरी तरह से भावुक हो गया। लंबे समय बाद एक-दूसरे को अपने सामने पाकर दोनों ही कलाकार अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए।

    गौरव खन्ना की इस शो में एंट्री को बेहद फिल्मी और भव्य अंदाज में फिल्माया गया है। प्रोमो में गौरव खन्ना का चेहरा सामने आने से पहले बैकग्राउंड में उनकी ही आवाज में एक बेहद दर्दभरी और दिल छू लेने वाली शायरी गूंजती है। गौरव कहते हैं कि एक समंदर है जो काबू में है, लेकिन एक कतरा है जो मुझसे संभाला नहीं जाता। एक उम्र बितानी है उसके बगैर और एक लम्हा है जो मुझसे गुजारा नहीं जाता। इस बेहद भावुक शायरी के बाद गौरव खन्ना सीधे कैदियों की सेल की तरफ कदम बढ़ाते हैं और अपनी पत्नी आकांक्षा की सेल के पास जाकर रुक जाते हैं। आकांक्षा को देखते ही उनके मुंह से पहला वाक्य निकलता है कि ‘बैंड बजा दिया तूने’, जिसे सुनकर आकांक्षा खुद को संभाल नहीं पाती हैं।

    दरअसल, गौरव खन्ना के जेल में पहुंचने से ठीक पहले वाले एपिसोड में आकांक्षा चमोला का एक बेहद उग्र और हिंसक रूप दर्शकों को देखने को मिला था। जेल के अंदर सह-प्रतियोगी श्रेया कालरा और आकांक्षा चौधरी के बीच किसी बात को लेकर तगड़ी बहस शुरू हो गई थी। यह आपसी विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि इस हाथापाई के दौरान आकांक्षा के चेहरे पर गंभीर चोट लग गई। चेहरे पर चोट लगते ही आकांक्षा ने पूरी तरह से अपना आपा खो दिया और जेल के नियमों को ताक पर रखकर भारी बवाल काट दिया। उन्होंने गुस्से में आकर श्रेया का पूरा बिस्तर बेड से उठाकर नीचे फेंक दिया और वहां मौजूद माधुरी के बेड को भी पानी डालकर पूरी तरह गीला कर दिया।

    आकांक्षा का यह हिंसक और आक्रामक रवैया देखकर जेल में मौजूद अन्य सभी कैदी और टीवी दर्शक पूरी तरह हैरान रह गए। इतना ही नहीं, उन्होंने शिल्पा शिंदे और श्रेया पर बेहद तीखे पर्सनल अटैक भी किए। आकांक्षा ने शिल्पा के अतीत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर उनके खुद के बच्चे होते तो उन्हें समझ आता कि एक मां पर क्या बीतती है। वहीं दूसरी तरफ, उन्होंने श्रेया को खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि वह उनके सारे राज दुनिया के सामने खोल देंगी और उनके बाहरी संबंधों का पर्दाफाश कर देंगी। जेल में मचे इस अभूतपूर्व उपद्रव के बाद जब शो की होस्ट फराह खान वहां पहुंचीं, तो उन्होंने सभी कैदियों को कड़ी फटकार लगाई और साफ किया कि इस दुर्व्यवहार के लिए उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और इसका फैसला जजमेंट डे पर होगा।

    मध्य प्रदेश। जेल के भीतर मचे इस भारी बवाल के तुरंत बाद गौरव खन्ना की एंट्री ने इस शो के रोमांच को दोगुना कर दिया है। दर्शक इस कड़वे मोड़ पर गौरव के आने से बेहद उत्साहित हैं, क्योंकि इसी शो के दौरान आकांक्षा ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया था कि वह और गौरव खन्ना पिछले एक साल से एक-दूसरे से अलग रह रहे हैं। आकांक्षा ने शो के सह-प्रतियोगी राम कपूर से बात करते हुए यह भी साफ कर दिया था कि गौरव से तलाक लेने के बाद वह अपनी पूरी जिंदगी अकेले गुजारेंगी और दोबारा कभी शादी नहीं करेंगी। उन्होंने राम कपूर से इंडस्ट्री में दोबारा काम शुरू करने के लिए मार्गदर्शन और मदद भी मांगी थी, जिस पर राम कपूर ने उन्हें पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया था।

    अब जब गौरव खन्ना खुद इस शो का हिस्सा बनकर आकांक्षा के सामने आ चुके हैं, तो हर कोई यह जानने के लिए बेताब है कि वह अपनी टूटती शादी और तलाक के फैसले पर क्या रुख अपनाते हैं। क्या इस शो के मंच पर दोनों के बीच की कड़वाहट दूर होगी या फिर दूरियां और ज्यादा बढ़ जाएंगी, यह आने वाले एपिसोड में साफ हो जाएगा। फिलहाल, गौरव को अपनी सेल के सामने खड़ा देखकर आकांक्षा बुरी तरह टूट गईं और रोते हुए अपने आंसू पोंछती नजर आईं। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और पारिवारिक इमोशन्स के कॉम्बिनेशन ने ‘लॉकअप 2’ की टीआरपी और दर्शकों की उत्सुकता को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

  • मराठी फिल्म 'देऊल बंद 2' के डीसीपी बिल माफी को लेकर विवादों में आए शाहरुख खान, डायरेक्टर बोले- "अच्छा इंसान सिर्फ इंसान होता है"

    मराठी फिल्म 'देऊल बंद 2' के डीसीपी बिल माफी को लेकर विवादों में आए शाहरुख खान, डायरेक्टर बोले- "अच्छा इंसान सिर्फ इंसान होता है"


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान इन दिनों एक मराठी फिल्म की मदद करने को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के निशाने पर आ गए हैं। हाल ही में रिलीज हुई सुपरहिट मराठी फिल्म ‘देऊल बंद 2’ के डिजिटल सिनेमा पैकेज (डीसीपी) के लाखों रुपये के बिल को अपनी कंपनी के माध्यम से माफ करने के बाद शाहरुख खान को ट्रोल किया जा रहा है। कुछ कट्टरपंथी यूज़र्स ने सोशल मीडिया पर यह सवाल उठाने शुरू कर दिए कि एक मुस्लिम अभिनेता ने हिंदू देवता और संस्कृति पर आधारित फिल्म की वित्तीय सहायता क्यों की। इस पूरे विवाद और बढ़ती बहस को देखते हुए अब फिल्म के निर्देशक प्रवीण तारडे खुलकर शाहरुख खान के समर्थन में आ गए हैं और उन्होंने नफरत फैलाने वालों को करारा जवाब दिया है।

    यह कोई पहला मौका नहीं है जब शाहरुख खान को इस फिल्म से जुड़े किसी मामले में निशाना बनाया गया हो। इससे पहले जब फिल्म के डायरेक्टर प्रवीण तारडे ने एक इंटरव्यू के दौरान सुपरस्टार की इस दिलदारी और आर्थिक मदद का पहली बार खुलासा किया था, तब भी सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर काफी हंगामा हुआ था कि आखिर शाहरुख को इस फिल्म की सफलता का श्रेय क्यों दिया जा रहा है। अब एक बार फिर जब यह मुद्दा सोशल मीडिया पर गरमाया, तो प्रवीण तारडे ने एक पॉडकास्ट के जरिए ट्रोल्स की क्लास लगाते हुए अभिनेता का बचाव किया और फिल्म उद्योग के भीतर के भाईचारे को सर्वोपरि बताया।

    प्रवीण तारडे ने एक प्रसिद्ध पॉडकास्ट में बात करते हुए साफ शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले में हिंदू और मुस्लिम का मुद्दा कहां से आ जाता है। उन्होंने कहा कि शाहरुख खान भी इसी फिल्म इंडस्ट्री का एक सम्मानित हिस्सा हैं और वह खुद भी इसी बिरादरी से आते हैं। तारडे ने फिल्म के निर्माण के समय आए आर्थिक संकट का जिक्र करते हुए बताया कि जब फिल्म रिलीज के लिए तैयार थी, तब उनकी टीम के पास सिर्फ 12 से 13 लाख रुपये ही बचे थे, जबकि तकनीकी काम का कुल बिल लगभग 43 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया था। ऐसी विकट स्थिति में वे मदद की उम्मीद लेकर शाहरुख खान की कंपनी के पास पहुंचे थे।

    डायरेक्टर ने आगे बताया कि जब यह मामला शाहरुख खान के सामने आया, तो उन्होंने सबसे पहले अपनी तकनीकी टीम से फिल्म की गुणवत्ता और उसकी कहानी के बारे में फीडबैक मांगा। टीम की ओर से फिल्म को बेहद शानदार बताए जाने के बाद शाहरुख ने बिना किसी देरी के अपनी टीम को आदेश दिया कि फिल्म की डीसीपी तुरंत निर्माताओं को सौंप दी जाए ताकि फिल्म की रिलीज में कोई बाधा न आए। शाहरुख ने साफ कहा था कि पैसों का हिसाब-किताब बाद में आराम से देख लिया जाएगा। प्रवीण तारडे ने सवाल किया कि क्या किसी संकटग्रस्त फिल्म निर्माता के लिए ऐसा सोचना और तुरंत मदद करना एक बड़े दिल वाले इंसान की दरियादिली को नहीं दर्शाता है।

    ट्रोल्स को आड़े हाथों लेते हुए प्रवीण तारडे ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इतने बड़े और साफ दिल से किसी की मदद के लिए आगे आता है, तो क्या सिर्फ उसकी जाति या मजहब देखकर उसकी भलाई और अच्छाई को नजरअंदाज कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय पर मदद करने वाले इंसान का शुक्रिया अदा करना हर किसी का नैतिक कर्तव्य बनता है। जहां तक हिंदुत्व या अपनी विचारधारा का सवाल है, उन्हें समाज में किसी भी व्यक्ति के सामने खुद को सही साबित करने की कोई आवश्यकता नहीं है। शाहरुख खान का आभार व्यक्त करने का उनकी व्यक्तिगत विचारधारा से कोई टकराव नहीं है, क्योंकि एक अच्छा इंसान हमेशा अच्छा इंसान ही रहता है।

    गौरतलब है कि तमाम विवादों और सोशल मीडिया पर चल रही नकारात्मकता के बावजूद फिल्म ‘देऊल बंद 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है। धार्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर आधारित इस मराठी फिल्म ने दुनिया भर के सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगभग 100 करोड़ रुपये का ग्रॉस बिजनेस किया है। इसके साथ ही यह फिल्म मराठी सिनेमा के इतिहास की सबसे सफल और सबसे ज्यादा कमाई करने वाली चुनिंदा फिल्मों की सूची में शामिल हो गई है। फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है, जिसने यह साबित कर दिया है कि कला और अच्छी कहानी को दर्शकों के बीच किसी भी प्रकार के विवाद से प्रभावित नहीं किया जा सकता।

  • अंशुला कपूर-रोहन ठक्कर के वेडिंग रिसेप्शन में सजा बॉलीवुड का भव्य जमावड़ा, रेखा से जाह्नवी कपूर तक सितारों ने बिखेरा ग्लैमर

    अंशुला कपूर-रोहन ठक्कर के वेडिंग रिसेप्शन में सजा बॉलीवुड का भव्य जमावड़ा, रेखा से जाह्नवी कपूर तक सितारों ने बिखेरा ग्लैमर

    नई दिल्ली । अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की शादी के बाद मुंबई स्थित ताज लैंड्स एंड में आयोजित वेडिंग रिसेप्शन बॉलीवुड सितारों की मौजूदगी से बेहद खास बन गया। कपूर परिवार के इस समारोह में फिल्म जगत के कई दिग्गज कलाकार, निर्माता और अन्य चर्चित हस्तियां शामिल हुईं। पारंपरिक परिधानों और आकर्षक अंदाज में पहुंचे मेहमानों ने शाम की रौनक बढ़ा दी। नवविवाहित जोड़े ने भी सभी मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया और पैपराजी के सामने मुस्कुराते हुए तस्वीरें खिंचवाईं।

    रिसेप्शन में अंशुला कपूर लाल बनारसी साड़ी और एमराल्ड ज्वेलरी में बेहद आकर्षक नजर आईं। उनके पारंपरिक लुक ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। वहीं रोहन ठक्कर ब्लैक शेरवानी में दिखाई दिए और दोनों की जोड़ी समारोह का मुख्य आकर्षण रही। दोनों ने पूरे आत्मविश्वास और खुशी के साथ मेहमानों का अभिवादन किया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में हैं।

    बेटी के इस खास अवसर पर बोनी कपूर भी अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने कोरल पिंक रंग का सूट पहना और पूरे समारोह के दौरान मेहमानों का स्वागत करते दिखाई दिए। उनके चेहरे पर बेटी की शादी की खुशी साफ झलक रही थी। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी समारोह में सक्रिय भागीदारी निभाई और नवविवाहित जोड़े के साथ यादगार पल साझा किए।

    रिसेप्शन में जाह्नवी कपूर ने पेस्टल रंग की साड़ी और पारंपरिक आभूषणों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं शनाया कपूर ग्लैमरस लहंगे में नजर आईं और उनका स्टाइल भी चर्चा का विषय बना रहा। दोनों के फैशन लुक को समारोह में मौजूद लोगों और फोटोग्राफरों ने खासा पसंद किया। कपूर परिवार की नई पीढ़ी के इन सितारों ने अपने सादगीपूर्ण लेकिन आकर्षक अंदाज से महफिल में अलग पहचान बनाई।

    दिग्गज अभिनेत्री रेखा भी नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं देने पहुंचीं। उनकी मौजूदगी ने समारोह की भव्यता को और बढ़ा दिया। इसके अलावा रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा ने साथ में एंट्री कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। दोनों ने मुस्कुराते हुए फोटोग्राफरों को पोज दिए और नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं। अभिनेता जैकी श्रॉफ अपने खास अंदाज में पहुंचे और उन्होंने उपहार के रूप में एक पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

    इस समारोह में जावेद अख्तर और शबाना आजमी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दोनों ब्लैक आउटफिट में नजर आए और उन्होंने नवदंपति को शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा अनिल कपूर, संजय कपूर, जहान कपूर, बॉबी देओल, चंकी पांडे, भावना पांडे, रकुल प्रीत सिंह, जैकी भगनानी, हिमेश रेशमिया, सोनिया, नूपुर सेनन और स्टेबिन बेन समेत फिल्म जगत की कई जानी-मानी हस्तियां भी समारोह का हिस्सा बनीं। सितारों से सजे इस वेडिंग रिसेप्शन ने एक बार फिर बॉलीवुड के पारिवारिक रिश्तों और आपसी जुड़ाव की झलक पेश की, जबकि समारोह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं।

  • मुंबई से बेंगलुरु के बीच दौड़ेगी दूसरी वंदे भारत स्लीपर, 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ लंबी दूरी की यात्रा होगी और अधिक आरामदायक

    मुंबई से बेंगलुरु के बीच दौड़ेगी दूसरी वंदे भारत स्लीपर, 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ लंबी दूरी की यात्रा होगी और अधिक आरामदायक

    नई दिल्ली । भारतीय रेलवे लंबी दूरी की रेल यात्रा को आधुनिक और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। मुंबई और बेंगलुरु के बीच दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द ही यात्रियों की सेवा में शामिल हो सकती है। अंतिम चरण के तकनीकी और सुरक्षा परीक्षण पूरे होने के बाद इस ट्रेन के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। यह हाईस्पीड स्लीपर ट्रेन देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक विकल्प उपलब्ध कराएगी।

    यह ट्रेन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई और केएसआर बेंगलुरु रेलवे स्टेशन के बीच संचालित की जाएगी। लगभग 1100 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर यात्रा का समय मौजूदा पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में कम होने की उम्मीद है। प्रस्तावित समय-सारिणी के अनुसार ट्रेन शाम के समय मुंबई से रवाना होकर अगले दिन सुबह बेंगलुरु पहुंचेगी, जिससे व्यावसायिक यात्रियों और नियमित रेल यात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी।

    16 कोच वाली इस आधुनिक ट्रेन में कुल 823 यात्रियों के बैठने और सोने की व्यवस्था की गई है। इसमें 11 एसी थर्ड टियर कोच, चार एसी सेकेंड क्लास कोच तथा एक फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा। विभिन्न श्रेणियों के यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सीटों और बर्थ की डिजाइन को पहले की तुलना में अधिक आरामदायक बनाया गया है ताकि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान थकान कम महसूस हो।

    वंदे भारत स्लीपर के अंदरूनी ढांचे में आधुनिक सुविधाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बेहतर कुशनिंग वाली बर्थ, अतिरिक्त साइड सपोर्ट, चौड़े गलियारे, स्वचालित दरवाजे, हर बर्थ पर रीडिंग लाइट, आधुनिक और स्वच्छ शौचालय तथा उन्नत वेंटिलेशन प्रणाली यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगी। फर्स्ट एसी श्रेणी में निजी केबिन और कूपे की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे रात के सफर में अधिक गोपनीयता और आराम सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी इस ट्रेन को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है। इसमें कवच एंटी-कोलिजन प्रणाली का उपयोग किया गया है, जो संभावित रेल दुर्घटनाओं और ट्रेनों की टक्कर को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके साथ ही प्रत्येक कोच में आपातकालीन संचार प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी और यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल सूचना प्रदर्शन प्रणाली भी उपलब्ध होगी।

    ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक निर्धारित की गई है। हालांकि वास्तविक परिचालन गति रेल मार्ग और परिचालन परिस्थितियों के अनुसार तय होगी। आधुनिक सस्पेंशन और उन्नत कोच डिजाइन के कारण यात्रा के दौरान झटके और शोर पहले की तुलना में काफी कम रहने की संभावना है, जिससे रातभर का सफर अधिक शांत और आरामदायक बनेगा।

    इस नई सेवा से मुंबई, पुणे, सतारा, बेलगावी, हुबली, धारवाड़, दावणगेरे और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। भारतीय रेलवे चरणबद्ध तरीके से विभिन्न प्रमुख मार्गों पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का विस्तार करने की योजना पर कार्य कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य लंबी दूरी की रेल यात्रा को विश्वस्तरीय सुविधाओं, बेहतर सुरक्षा और तेज गति के साथ नई पहचान देना है, जिससे यात्रियों को समय की बचत के साथ अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव मिल सके।

  • लगातार दूसरे दिन फिसले सोने-चांदी के भाव, घरेलू और वैश्विक बाजारों में बिकवाली से निवेशकों की बढ़ी सतर्कता

    लगातार दूसरे दिन फिसले सोने-चांदी के भाव, घरेलू और वैश्विक बाजारों में बिकवाली से निवेशकों की बढ़ी सतर्कता

    नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा और वायदा बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। कारोबारी सत्र की शुरुआत से ही दोनों कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव दिखाई दिया, जिसके कारण इनके दाम में लगभग 1.20 प्रतिशत तक की कमजोरी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी नरमी का असर भारतीय बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जिससे निवेशकों और कारोबारियों ने सतर्क रुख अपनाया।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोने के अगस्त 2026 डिलीवरी वाले वायदा अनुबंध की शुरुआत पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले हल्की कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार के दौरान कीमतों में लगातार गिरावट बनी रही और सोना दिन के शुरुआती घंटों में एक हजार रुपये से अधिक सस्ता होकर कारोबार करता दिखाई दिया। कारोबार के दौरान सोने ने दिन का निचला स्तर भी छुआ, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि बाजार में खरीदारी की तुलना में बिकवाली का दबाव अधिक बना हुआ है।

    चांदी के वायदा कारोबार में भी इसी तरह का रुख देखने को मिला। सितंबर 2026 डिलीवरी वाले अनुबंध की शुरुआत गिरावट के साथ हुई और शुरुआती कारोबार के दौरान इसमें और अधिक कमजोरी दर्ज की गई। कारोबार के पहले कुछ घंटों में चांदी एक प्रतिशत से अधिक टूट गई। दिन के दौरान इसके भाव लगातार दबाव में बने रहे, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों का झुकाव फिलहाल सुरक्षित मुनाफावसूली की ओर है।

    अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में भी सोना और चांदी दोनों दबाव में रहे। वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं में आई बिकवाली का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में बदलाव और डॉलर से जुड़े संकेतों का प्रभाव कीमती धातुओं की कीमतों पर लगातार बना हुआ है। ऐसे माहौल में निवेशक नए आर्थिक संकेतों और केंद्रीय बैंकों की आगामी नीतियों पर भी नजर बनाए हुए हैं।

    हालांकि कीमतों में गिरावट के बावजूद सोने की मांग से जुड़ा एक अलग रुझान भी सामने आया है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से जून तिमाही के दौरान गोल्ड लोन का दायरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। हालिया आकलनों के अनुसार, गोल्ड लोन अब सुरक्षित ऋण श्रेणी में सबसे बड़ा एसेट क्लास बनकर उभरा है और इसने वाहन ऋण को भी पीछे छोड़ दिया है। यह संकेत देता है कि आर्थिक जरूरतों के समय लोग सोने को वित्तीय सुरक्षा के प्रभावी साधन के रूप में अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं।

    बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कीमती धातुओं में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। निवेशकों को केवल दैनिक मूल्य परिवर्तन के आधार पर निर्णय लेने के बजाय वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, ब्याज दरों के रुझान, मुद्रा बाजार की चाल और घरेलू मांग जैसे व्यापक कारकों पर भी ध्यान देना चाहिए। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दबाव बना रहता है तो निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वहीं, घरेलू मांग और निवेशकों की खरीदारी की रणनीति आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।