उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की शुरुआत देश में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने और इसे महानगरों से निकालकर दूरदराज और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करना. नए रोजगार के अवसर पैदा करना और भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। स्टार्टअप दिवस के माध्यम से सरकार नवाचार आधारित सोच. तकनीकी विकास और निवेश को प्रोत्साहित करती है।स्टार्टअप इंडिया के तहत अब तक हजारों स्टार्टअप्स को मान्यता मिल चुकी है. जिससे लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। शिक्षा. स्वास्थ्य. कृषि. आईटी. फिनटेक और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में भारतीय स्टार्टअप्स ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य में स्टार्टअप नीति. इनक्यूबेशन सेंटर और फंडिंग सपोर्ट के जरिए युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में प्रदेश के युवा नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे।कुल मिलाकर. राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं. बल्कि यह युवाओं की सोच. आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रतीक है. जिसमें देश का युवा भविष्य की अर्थव्यवस्था को आकार दे रहा है।
