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  • पाकिस्तान में न्यायपालिका पर सवाल: फर्जी डिग्री के आधार पर फैसले सुनाते रहे जज, पद से हटाए गए

    पाकिस्तान में न्यायपालिका पर सवाल: फर्जी डिग्री के आधार पर फैसले सुनाते रहे जज, पद से हटाए गए

    इस्लामाबाद। पाकिस्तान की न्यायिक व्यवस्था से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने नियुक्तियों की पारदर्शिता और डिग्री सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तारिक महमूद जहांगीरी नामक जज को कथित तौर पर फर्जी कानून की डिग्री के आधार पर वर्षों तक पद पर बने रहने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है।

    यह कार्रवाई इस्लामाबाद हाई कोर्ट के 116 पन्नों के विस्तृत फैसले के बाद की गई, जिसमें अदालत ने मामले को “गंभीर संस्थागत धोखाधड़ी” बताया।

    डिग्री शुरू से ही अवैध पाई गई

    अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट कहा कि जहांगीरी की लॉ डिग्री वैध नहीं थी, इसलिए उनकी न्यायिक नियुक्ति भी कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं मानी जा सकती। कोर्ट के अनुसार, किसी भी न्यायिक पद के लिए शैक्षणिक योग्यता की प्रामाणिकता अनिवार्य है, और इस मामले में वही मूल आधार ही संदिग्ध पाया गया।

    विश्वविद्यालय रिकॉर्ड से हुआ खुलासा

    मीडिया रिपोर्ट, विशेषकर डॉन में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, अदालत को कराची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार से आधिकारिक रिकॉर्ड प्राप्त हुए। इन दस्तावेजों ने प्रस्तुत किए गए प्रमाणपत्रों को पूरी तरह फर्जी साबित कर दिया।

    जांच में यह भी सामने आया कि:

    • 1988 में जहांगीरी ने कथित तौर पर फर्जी नामांकन संख्या के साथ परीक्षा दी।

    • परीक्षा के दौरान नकल करते पकड़े गए और उन पर तीन वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया।

    • बाद में उन्होंने दंड स्वीकार नहीं किया और किसी अन्य छात्र के एनरोलमेंट नंबर का इस्तेमाल कर दोबारा परीक्षा देने का प्रयास किया।

    कॉलेज में प्रवेश का कोई रिकॉर्ड नहीं

    सुनवाई के दौरान संबंधित लॉ कॉलेज प्रशासन ने अदालत को बताया कि जहांगीरी ने संस्थान में कभी औपचारिक प्रवेश ही नहीं लिया था। अदालत ने उन्हें मूल दस्तावेज पेश करने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर दिया, लेकिन वे ऐसा करने में असफल रहे।

    सुनवाई टालने की कोशिशें भी खारिज

    जहांगीरी ने फुल बेंच से सुनवाई की मांग, चीफ जस्टिस को मामले से अलग करने की अपील और कार्यवाही स्थगित कराने जैसे कई प्रयास किए। अदालत ने इन कदमों को “मामले को लंबा खींचने की रणनीति” बताते हुए खारिज कर दिया।

    अदालत की सख्त टिप्पणी

    कोर्ट ने कहा कि जब याचिकाकर्ता पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत कर चुका था, तब संबंधित जज की जिम्मेदारी थी कि वह अपनी डिग्री की वैधता सिद्ध करें। ऐसा न कर पाने पर उन्हें पद से हटाना आवश्यक हो गया।

    पाकिस्तान में छिड़ी नई बहस

    यह मामला अब पाकिस्तान में न्यायिक नियुक्तियों की पारदर्शिता, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन और संस्थागत जवाबदेही को लेकर व्यापक बहस का कारण बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद नियुक्ति प्रक्रिया की जांच और कड़े सत्यापन तंत्र की मांग तेज हो सकती है।

  • T20 World Cup: पाकिस्तान को दो विकेट से हराया सेमीफाइनल में इंग्लैंड , हैरी ब्रूक ने जड़ा शतक

    T20 World Cup: पाकिस्तान को दो विकेट से हराया सेमीफाइनल में इंग्लैंड , हैरी ब्रूक ने जड़ा शतक


    कोलंबो।
    इंग्लैंड (England) ने टी20 विश्व कप (T20 World Cup) के बेहद रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान (Pakistan) को दो विकेट से हराया। इंग्लैंड के लिए कप्तान हैरी ब्रूक (Captain Harry Brook) ने शतक लगाया जिससे टीम लक्ष्य का पीछा कर सकी। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में नौ विकेट पर 164 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड ने 19.1 ओवर में आठ विकेट पर 166 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। इंग्लैंड के लिए ब्रूक ने सर्वाधिक 100 रन बनाए जिससे टीम ने सुपर आठ में लगातार दूसरी जीत दर्ज की।

    इंग्लैंड ने इस तरह सेमीफाइनल में जगह बना ली है, जबकि पाकिस्तान के लिए आगे की राह बेहद कठिन हो गई है। पाकिस्तान का पिछला मुकाबला बारिश में धुल गया था और अब उसका एक मैच शेष है। अगर पाकिस्तान की टीम ये मुकाबला जीत भी लेती है तो उसके तीन अंक होंगे। वहीं, श्रीलंका और न्यूजीलैंड के पास पाकिस्तान को पीछे छोड़ने का मौका होगा। इंग्लैंड के लिए ब्रूक के अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। पाकिस्तान की ओर से तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी ने शानदार प्रदर्शन किया और चार विकेट झटके, जबकि मोहम्मद नवाज और उस्मान तारिक को दो-दो विकेट मिले।

    इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 20 ओवर में नौ विकेट पर 164 रन बनाए। पाकिस्तान के लिए सिर्फ फरहान बड़ी पारी खेल सके और उन्होंने 45 गेंदों पर सात चौकों और दो छक्कों की मदद से 63 रन बनाए। इंग्लैंड के लिए लियाम डॉवसन ने तीन विकेट झटके, जबकि जोफ्रा आर्चर और जैमी ओवरटन को दो-दो सफलता मिली। आदिल राशिद ने एक विकेट लिया।

    पाकिस्तान के लिए एक बार फिर फरहान ने दमदार बल्लेबाजी की जिसकी मदद से टीम चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर सकी। इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पावरप्ले में दो झटके दिए थे, लेकिन फरहान ने बाबर आजम के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 46 रन जोड़े। बाबर 24 गेंदों पर 25 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद फरहान और फखर जमां के बीच चौथे विकेट के लिए 49 रनों की साझेदारी हुई, लेकिन ओवरटन ने फरहान को अपना शिकार बनाया।

    पाकिस्तान की ओर से फरहान के अलावा फखर जमां ने 25, शादाब खान ने 23, उस्मान खान ने 8, सईम अयूब ने 7, सलमान आगा ने 5 और शाहीन अफरीदी ने 2 रन बनाए, जबकि सलमान मिर्जा 2 रन बनाकर नाबाद रहे।

  • पाकिस्तान में आर्थिक बदहाली के बीच नया संकट… दाल के लिए मचा हाहाकार

    पाकिस्तान में आर्थिक बदहाली के बीच नया संकट… दाल के लिए मचा हाहाकार


    फैसलाबाद।
    पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) की आर्थिक बदहाली (Economic Distress) की खबरें नई नहीं हैं। खस्ताहाल पाकिस्तान दुनिया की कई वैश्विक संस्थानों (Global Institutions) से कर्ज लेकर अपनी जरूरतें पूरी कर पा रहा है। अब हाल ही में यह खबरें सामने आई हैं कि पाकिस्तान में दाल (Lentils) के लिए हाहाकार मचा हुआ है। स्थिति यह है कि पाकिस्तान अब अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए लगभग पूरी तरह आयात पर निर्भर हो चुका है। पाकिस्तान में दाल का उत्पादन लगातार घट रहा है, जिससे देश को जरूरतें पूरी करने के लिए हर साल करीब 98 करोड़ डॉलर आयात पर खर्च करने पड़ रहे हैं।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक कृषि विशेषज्ञों ने इस हालात पर गंभीर चिंता जताई है और कहा है कि अगर उत्पादन नहीं बढ़ा तो आयात पर निर्भरता और बढ़ेगी। पंजाब पल्सेज इंपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और ग्रेन मार्केट के चेयरमैन राणा मुहम्मद तैय्यब ने बताया कि 1998 से पहले पाकिस्तान दाल का प्रमुख निर्यातक देश था। लेकिन परवेज मुशर्रफ के दौर में लगाए गए निर्यात बैन के बाद किसानों का उत्साह कम हो गया, क्योंकि दाल कम मुनाफे वाली फसल बन गई। जानकारों के मुताबिक देश में हर साल करीब 16.2 लाख टन दाल की खपत होती है, जिसमें से लगभग 10.7 लाख टन आयात की जाती है। यानी पाकिस्तान को देश में खपत होने वाली करीब 80 प्रतिशत दाल आयात करनी पड़ती है।


    बारिश ने भी तरसाया

    तैय्यब ने जलवायु परिवर्तन के असर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि थल जैसे वर्षा आधारित इलाकों में समय पर बारिश हो जाए तो पैदावार 35 प्रतिशत तक बढ़ सकती है, लेकिन बारिश कम होने पर भारी नुकसान होता है और किसान अगले सीजन में दाल बोने से हिचकते हैं।

    जानकारों ने जताई चिंता
    ये मुद्दे विश्व दाल दिवस के मौके पर आयूब एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट के पल्सेज रिसर्च इंस्टीट्यूट में आयोजित एक सेमिनार में उठाए गए। विशेषज्ञों ने कहा कि पाकिस्तान की सालाना जरूरत करीब 15 लाख टन है, लेकिन लोकल उत्पादन इसका सिर्फ एक छोटा हिस्सा ही पूरा कर पा रहा है। इसी कारण हर साल करीब 10 लाख टन दाल आयात करनी पड़ती है।

    AARI के पल्सेज सेक्शन के चीफ साइंटिस्ट खालिद हुसैन ने कहा कि दाल मानव पोषण और मिट्टी की उर्वरता दोनों के लिए जरूरी है। लेकिन सीमित मुनाफा और निर्यात बैन के कारण किसान इसकी खेती से बच रहे हैं। दाल उत्पादन बढ़ाने के मकसद से एक प्रस्ताव तैयार कर संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है, लेकिन उसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।

  • पाकिस्तान ने फिर अफगानिस्तान में घुसकर की सैन्य कार्रवाई, 7 आतंकी ठिकानों पर दागी मिसाइल

    पाकिस्तान ने फिर अफगानिस्तान में घुसकर की सैन्य कार्रवाई, 7 आतंकी ठिकानों पर दागी मिसाइल


    इस्लामाबाद/काबुल।
    पाकिस्तान (Pakistan) ने एक बार फिर अफगानिस्तान (Afghanistan.) के भीतर घुसकर सैन्य कार्रवाई (Military Action) की है. एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि सीमा पार सात आतंकी कैंप और ठिकानों को निशाना बनाया गया।

    इस्लामाबाद का कहना है कि ये ठिकाने प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP और इस्लामिक स्टेट-खोरासान (ISKP) से जुड़े लोगों के थे. पाकिस्तान सरकार TTP को ‘फितना अल खवारिज’ कहती है. बयान में कहा गया कि हाल के आत्मघाती हमलों, जिनमें इस्लामाबाद की इमाम बारगाह, बाजौर और बन्नू में धमाके शामिल हैं, के बाद यह जवाबी कार्रवाई की गई. रमजान के महीने में हुए ताजा हमले को भी इसका कारण बताया गया. पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसके पास पक्के सबूत हैं कि ये हमले अफगानिस्तान में बैठे नेतृत्व और संचालकों के इशारे पर कराए गए. बयान में कहा गया कि जिम्मेदारी भी अफगानिस्तान में मौजूद टीटीपी और ISKP ने ली थी. पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर चुने हुए ठिकानों पर की गई. इस हमले पर तालिबान ने कहा है कि अब वह सही समय पर जवाब देगा।

    बलूच एक्टिविस्ट मीर यार बलोच ने इस हमले की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पाकिस्तान की कायर सेना ने एक बार फिर अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन किया और पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में ड्रोन और हवाई हमले किए. उनके मुताबिक इन हमलों में एक धार्मिक मदरसे को निशाना बनाया गया, जहां मौजूद कुरान की प्रतियां भी नष्ट हो गईं. मीर यार बलोच ने इसे ‘दमनकारी सैन्य कार्रवाई’ करार दिया और कहा कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्र में अस्थिरता और नफरत को और बढ़ाएगी. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने रमजान से पहले कार्रवाई की धमकी दी थी।


    तालिबान के प्रवक्ता ने क्या कहा?

    अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बीती रात पाकिस्तानी सेना ने अफगान क्षेत्र में घुसकर नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में बमबारी की. उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में महिलाएं और बच्चे भी मारे गए और कई लोग घायल हुए हैं. मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा नाकामियों को छिपाने के लिए अफगान जमीन को निशाना बना रहा है और ऐसे कदम क्षेत्र में हालात और बिगाड़ेंगे।


    एयर स्ट्राइक से पहले दहला पाकिस्तान

    इस हमले से पहले खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में एक आत्मघाती हमला हुआ था. पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ISPR के अनुसार, एक खुफिया अभियान के दौरान सेना के काफिले को निशाना बनाया गया. हमले में एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक सिपाही की मौत हो गई. सेना ने कहा कि पांच आतंकियों को मार गिराया गया, लेकिन एक विस्फोटक वाहन सेना की गाड़ी से टकरा गया, जिससे भारी नुकसान हुआ. इससे पहले 16 फरवरी को बाजौर में भी एक बड़ा आत्मघाती हमला हुआ था. उसमें 11 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई थी. एक बच्ची की भी जान गई थी और कई लोग घायल हुए थे. पाकिस्तान ने कहा कि हमलावर अफगान तालिबान की विशेष इकाई से जुड़ा था और टीटीपी ने हमले की जिम्मेदारी ली थी।


    पाकिस्तान का क्या है आरोप?

    पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि अफगान तालिबान सरकार अपनी जमीन से टीटीपी को काम करने से रोकने में नाकाम रही है. बयान में कहा गया कि कई बार चेतावनी देने के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाए गए. पाकिस्तान ने दोहा समझौते का हवाला देते हुए कहा कि अफगान अंतरिम सरकार को अपनी जमीन किसी दूसरे देश के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देना चाहिए।


    पहले भी किया है हमला

    यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने सीमा पार हमला किया हो. पिछले साल भी अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमलों की खबर आई थी. उस समय काबुल ने पाकिस्तान पर बमबारी का आरोप लगाया था, हालांकि इस्लामाबाद ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी. दोनों देशों के रिश्ते 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद से लगातार बिगड़ते रहे हैं. सीमा पर झड़पें आम हो चुकी हैं।

  • US में पाकिस्तान की बेइज्जती… ट्रंप ने भरी सभा में शहबाज को खड़ा कराया और बांधे मोदी की तारीफ के पुल

    US में पाकिस्तान की बेइज्जती… ट्रंप ने भरी सभा में शहबाज को खड़ा कराया और बांधे मोदी की तारीफ के पुल


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) के वाशिंगटन में आयोजित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) के उद्घाटन सत्र में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसकी चर्चा अंतरराष्ट्रीय मीडिया में जोर-शोर से हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने अपने संबोधन के दौरान न केवल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को अपना बेहतरीन दोस्त बताया, बल्कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Pakistan’s Prime Minister Shahbaz Sharif) को बीच भाषण में खड़ा कर भारत-पाक शांति का पूरा श्रेय खुद ले लिया।

    ट्रंप भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रोकने के अपने दावे का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने शहबाज शरीफ की ओर देखते हुए उन्हें खड़ा होने के लिए कहा। जैसे ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री खड़े हुए, ट्रंप ने अपनी शैली में प्रधानमंत्री मोदी और भारत का गुणगान शुरू कर दिया। ट्रंप ने वहां उपस्थित दुनियाभर के कई नेताओं और मीडिया के सामने कहा, “भारत और पाकिस्तान… वह एक बहुत बड़ा मामला था। मैंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की है। वह बहुत उत्साहित हैं और वास्तव में वह अभी इस कार्यक्रम को देख रहे हैं।”

    ट्रंप ने आगे कहा, “भारत और पाकिस्तान, आप दोनों का बहुत शुक्रिया। मोदी एक महान व्यक्ति हैं और मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं।” यह नजारा काफी दिलचस्प था क्योंकि जहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री प्रोटोकॉल के तहत खड़े होकर यह सब सुन रहे थे, वहीं भारत इस बैठक में केवल एक ‘पर्यवेक्षक’ के रूप में मौजूद था और पीएम मोदी स्वयं वहां उपस्थित नहीं थे।

    ट्रंप ने इस दौरान फिर से दोहराया कि उन्होंने पिछले साल भारत-पाक युद्ध को केवल एक फोन कॉल से रोक दिया था। उन्होंने कहा, “जब मुझे पता चला कि दोनों देश लड़ रहे हैं और विमान गिराए जा रहे हैं, तो मैंने फोन उठाया और कहा अगर युद्ध नहीं रुका, तो मैं दोनों देशों पर 200 प्रतिशत का व्यापारिक टैरिफ लगा दूंगा।”

    ट्रंप ने जिस तरह से सार्वजनिक मंच पर शहबाज शरीफ को खड़ा कर पीएम मोदी का जिक्र किया वह पाकिस्तान के लिए काफी असहज स्थिति थी। एक तरफ जहां पाकिस्तान खुद को ट्रंप का करीबी सहयोगी दिखाने की कोशिश कर रहा है, वहीं ट्रंप बार-बार अपनी बातचीत में भारत और मोदी को अधिक महत्व देते नजर आ रहे हैं।

  • पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में बंधक सैनिकों को पहचानने से किया इनकार… अपनाया कागरिल फॉर्मूला

    पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में बंधक सैनिकों को पहचानने से किया इनकार… अपनाया कागरिल फॉर्मूला


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान की सेना (Pakistan Army) ने कारगिल युद्ध (Kargil War) में मारे गए अपने सैनिकों को पहचानने से इनकार कर दिया था। अब यही फॉर्मूला उसने बलूचिस्तान (Balochistan) में भी इस्तेमाल किया है। पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) के सात जवान बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) (Balochistan Liberation Army (BLA) के कब्जे में हैं, जिनके बदले वह अपने लड़ाकों की रिहाई की मांग कर रही है, लेकिन पाकस्तानी सेना ने साफ कह दिया है कि ये जवान उनके हैं ही नहीं।

    सूत्रों के अनुसार 14 फरवरी को बीएलए ने इन सैनिकों का अपहरण किया था इनकी तस्वीरें और वीडियो क्लिप जारी कर अपने लड़ाकों को छोड़ने को कहा था। इसके लिए 21 फरवरी तक की मियाद रखी गई है, जो शनिवार को खत्म हो जाएगी। बीएलए ने कहा कि यदि पाक सेना ने उसकी बात नहीं मानी तो इन जवानों को फांसी दे दी जाएगी।

    फुटेज सामने आने के तुरंत बाद पाकिस्तान सेना के एक्स कोर और इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल ने झूठ फैलाना शुरू कर दिया। कहा गया कि दिखाए गए लोग पाकिस्तानी सैनिक नहीं हैं। वीडियो को डिजिटल रूप से हेरफेर किया गया था। इसके बाद बीएलए ने एक नया वीडियो जारी किया, जिसमें सातों बंधक दिखाई दे रहे हैं तथा वे सेना का अपना आधिकारिक कार्ड भी दिखाते हैं। उन्हें पूरी पहचान बताते हुए दिखाया गया है।

    कारगिल में भी यही फॉर्मूला
    दरअसल, यह पाकिस्तानी सेना का पुराना फॉर्मूला है। इस घटनाक्रम ने 1999 के कारगिल संघर्ष की याद दिला दी है, जब जनरल परवेज मुशर्रफ के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना ने शुरू में इस बात से इनकार किया था कि नियमित सैनिक नियंत्रण रेखा के पार कार्रवाई कर रहे थे। उस समय युद्धक्षेत्र से मिले साक्ष्यों और बरामद शवों ने पाकिस्तान के आधिकारिक बयानों को झुठला दिया था। अब फील्ड मार्शल असीम मुनीर के नेतृत्व वाली सेना भी यही कर रही है।

  • T20 World Cup 2026: पाकिस्तान के साहिबजादा ने बनाए सबसे ज्यादा रन, ईशान किशन और वरुण चक्रवर्ती भी टॉप-5 में

    T20 World Cup 2026: पाकिस्तान के साहिबजादा ने बनाए सबसे ज्यादा रन, ईशान किशन और वरुण चक्रवर्ती भी टॉप-5 में


    नई दिल्ली । T20 World Cup 2026 के ग्रुप स्टेज का अंत ऑस्ट्रेलिया और ओमान के मुकाबले के साथ हो गया है। ऑस्ट्रेलिया ने इस आखिरी ग्रुप मैच में ओमान को 9 विकेट से हराकर सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर ली। अगले राउंड की शुरुआत 22 फरवरी से होगी। ग्रुप स्टेज में सबसे ज्यादा रन और विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की चर्चा अभी भी क्रिकेट फैंस के बीच जोरों पर है।

    सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज
    पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान ग्रुप स्टेज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। चार मैचों में उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतक के साथ कुल 220 रन बनाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज 200 रन का आंकड़ा नहीं छू सका। दूसरे नंबर पर श्रीलंका के पाथुम निसंका रहे, जिन्होंने 4 मैचों में 66.33 की औसत और 156.69 के स्ट्राइक रेट के साथ 199 रन बनाए। निसंका ने भी इस दौरान एक शतक और एक अर्धशतक जड़ा। टॉप-5 में एकमात्र भारतीय खिलाड़ी ईशान किशन हैं। ग्रुप स्टेज खत्म होने तक ईशान 5वें पायदान पर रहे। चार मैचों में दो अर्धशतकों के साथ उन्होंने कुल 176 रन बनाए। पाकिस्तान के खिलाफ महामुकाबले में 77 रन की धुआंधार पारी खेलकर ईशान प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। इस लिस्ट में कुसल मेंडिस और एडन मारक्रम भी शामिल हैं।

    सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज
    जहां बल्लेबाजों ने धमाल मचाया, वहीं गेंदबाजों ने भी कमाल किया। ग्रुप स्टेज में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अमेरिका के शैडली वैन शाल्कविक के नाम रहा। सिर्फ चार मैचों में ही उन्होंने 13 विकेट लिए और दो बार 4-विकेट हॉल भी लिए। उनके बाद भारत के वरुण चक्रवर्ती ने 9 विकेट चटकाए और टॉप-5 में जगह बनाई। इसके अलावा ब्लेसिंग मुजरबानी, माइकल लीस्क और अजमतुल्लाह उमरजई ने भी 9-9 विकेट लेकर अपने नाम दर्ज किए। भले ही USA की टीम सुपर-8 में नहीं पहुंची, शैडली वैन शाल्कविक का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा।

    ग्रुप स्टेज के आंकड़े यह साफ कर रहे हैं कि साहिबजादा फरहान, शैडली वैन शाल्कविक और वरुण चक्रवर्ती जैसे खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी टीमों के लिए बड़े गेम चेंजर साबित हो रहे हैं। सुपर-8 में अब मुकाबले और रोमांचक होने वाले हैं और फैंस को इस राउंड में भी कई धमाकेदार पारी और प्रदर्शन देखने को मिलने की उम्मीद है।

  • टी20 वर्ल्ड कप: 10 टीमें टूर्नामेंट से बाहर, पाकिस्तान की किस्मत का फैसला आज, नामीबिया से होगी टक्‍कर

    टी20 वर्ल्ड कप: 10 टीमें टूर्नामेंट से बाहर, पाकिस्तान की किस्मत का फैसला आज, नामीबिया से होगी टक्‍कर


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप सुपर-8 की तस्वीर आज पूरी तरह साफ हो जाएगी। इस बार टूर्नामेंट में कुल 20 टीमों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से 10 टीमें पहले ही बाहर हो चुकी हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम ऑस्ट्रेलिया का है। आज दो और टीमों का टूर्नामेंट से पत्ता कट सकता है और इस लिस्ट में पाकिस्तान भी शामिल है। पाकिस्तान का लीग स्टेज का आखिरी मैच नामीबिया के खिलाफ है। अगर पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा तो टीम टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो सकती है और सुपर-8 का टिकट यूएसए के पास चला जाएगा, क्योंकि उसका नेट रन रेट बेहतर है।

    सुपर-8 के लिए 7 टीमें पहले ही क्वालीफाई

    टी20 वर्ल्ड कप सुपर-8 के लिए भारत, श्रीलंका, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड की टीमें पहले ही क्वालीफाई कर चुकी हैं। आखिरी पायदान के लिए रेस में पाकिस्तान, यूएसए और नीदरलैंड्स की टीमें हैं।

    अब तक कौन सी 10 टीमें बाहर हो चुकी हैं
    ऑस्ट्रेलिया, नामीबिया, आयरलैंड, ओमान, स्कॉटलैंड, इटली, नेपाल, अफगानिस्तान, यूएई और कनाडा की टीमें टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो चुकी हैं। आज ही बची दो टीमों का नाम तय होगा।

    आज के मुकाबले

    18 फरवरी को भारत का मुकाबला नीदरलैंड्स से है, पाकिस्तान नामीबिया से भिड़ेगा और दिन का तीसरा मैच साउथ अफ्रीका और यूएई के बीच खेला जाएगा। सभी की नजरें पाकिस्तान और नामीबिया मैच पर रहेंगी, क्योंकि यही मैच सुपर-8 की 8वीं और आखिरी टीम तय करेगा।

    पाकिस्तान के सुपर-8 में क्वालीफाई करने का रास्ता

    पाकिस्तान, यूएसए और नीदरलैंड्स तीनों टीमों के बराबर 4-4 अंक हैं। पाकिस्तान को सुपर-8 में जगह बनाने के लिए हर हाल में नामीबिया को हराना होगा। जीत के साथ पाकिस्तान 6 अंकों तक पहुंच जाएगा और सुपर-8 का टिकट सुनिश्चित करेगा। हार की स्थिति में मामला नेट रन रेट पर जाएगा, जहां पाकिस्तान का नेट रन रेट यूएसए से काफी कमजोर है।

  • 36 घंटे में बलूचिस्तान में 4 युवाओं की हत्या, 3 साल में 1700 से अधिक बलूच युवा जबरन गायब

    36 घंटे में बलूचिस्तान में 4 युवाओं की हत्या, 3 साल में 1700 से अधिक बलूच युवा जबरन गायब


    नई दिल्ली । बलूचिस्तान में पिछले 36 घंटों में चार बलूच छात्रों की हत्या ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवारों का आरोप है कि ये सभी छात्र पहले जबरन गायब किए गए और फिर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसी ISI के सशस्त्र गिरोहों ने उन्हें मार डाला।

    ह्यूमन राइट्स काउंसिल ऑफ़ बलूचिस्तान के डेटा के अनुसार, पिछले 3 सालों में बलूचिस्तान से 1713 युवा जबरन गायब हुए हैं। इसी अवधि में 390 से अधिक युवाओं के गायब होने और 80 से ज्यादा शव मिलने के मामले सामने आए। स्थानीय मानवाधिकार संगठन Baloch Yakjehti Committee का कहना है कि ये घटनाएं अलग-थलग नहीं हैं बल्कि व्यवस्थित पैटर्न का हिस्सा हैं।

    जुनैद अहमद, 22 वर्षीय ग्रेजुएशन छात्र, सुराब का निवासी, 23 जनवरी 2026 को जबरन उठाया गया। क्वेटा के एक अस्पताल से ईगल फोर्स और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट ने उसे बिना वारंट हिरासत में लिया। 15 फरवरी को उसका शव मिला, जिस पर गोली के निशान थे।

    पंजगुर के मैट्रिक छात्र जंगीयान बलोच को 26 मई 2025 को फ्रंटियर कॉर्प्स और ISI के डेथ स्क्वाड ने उठाया था। 15 फरवरी को उसका शव शापतान इलाके में मिला।

    17 वर्षीय मुहनास बलोच को 14 फरवरी को स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसके घर से उठाकर गोली मार दी। वहीं नवाब अब्दुल्ला, जिसे मई 2025 में उठाया गया था, का शव 14 फरवरी को घर के बाहर फेंक दिया गया।

    बलूचिस्तान में युवाओं को जबरन गायब करने की घटनाएं साल 2000 से लगातार हो रही हैं, जब से क्षेत्र में सशस्त्र विद्रोह शुरू हुआ। पाकिस्तानी सेना और ISI आज़ादी आंदोलन में शामिल युवाओं को अवैध हिरासत में लेने के बाद मार देती है या उनके गुटों में शामिल करवा देती है।

    बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर इलाका है सोना, चांदी, यूरेनियम, रेयर अर्थ मिनरल्स और क़ीमती रत्नों से संपन्न। बावजूद इसके, गृह युद्ध और हिंसा की वजह से स्थानीय आबादी इन संसाधनों के लाभ से वंचित है। पाकिस्तान की सत्ता में बैठे नेता और विदेशी साझेदार इन संसाधनों का फायदा उठा रहे हैं, जबकि आम बलूच युवा हिंसा और जबरन गायब होने की त्रासदी का शिकार हो रहे हैं।

  • T20 World Cup में फिर भारत के आगे फुस्स हुई पाकिस्तानी टीम… आखिरी मैच हारी तो टूर्नामेंट से बाहर

    T20 World Cup में फिर भारत के आगे फुस्स हुई पाकिस्तानी टीम… आखिरी मैच हारी तो टूर्नामेंट से बाहर

    Pakistan

    नई दिल्ली। टी-20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) में लगातार दो मैच ग्रुप फेज में जीतने के बाद पाकिस्तान की टीम (Pakistan Team) अपने तीसरे मैच में भारत (India) के सामने खड़ी थी। कोलंबो (Colombo.) के आर प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार 14 फरवरी को ब्लॉकबस्टर मैच की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, पाकिस्तान की टीम इस मैच में फुस्स हो गई। पाकिस्तान को भारतीय टीम ने बुरी तरह से हराया। इसी हार की वजह से पाकिस्तान की टीम पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।

    दरअसल, पाकिस्तान की टीम टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप ए में है। पाकिस्तान के अलावा ग्रुप में चार और टीमें भी हैं। पांच में से कोई दो टीमें ही सुपर 8 के लिए क्वालीफाई करेंगी। अगले फेज के लिए भारतीय टीम ने क्वालीफाई कर लिया है। इसके अलावा एक टीम इस ग्रुप से एलिमिनेट हो गई है। ऐसे में तीन टीमों के बीच अब एक पायदान के लिए जंग होने वाली है और इस जंग में अगर पाकिस्तान की टीम मात खा जाए तो वह टी20 विश्व कप से बाहर हो जाएगी।

    ग्रुप ए में इस समय 3 मैचों में जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम शीर्ष पर है और सुपर 8 में पहुंच गई है। दूसरे नंबर पर ग्रुप में यूएसए की टीम है, जो 4 में से दो मैच जीत चुकी है और दो मैच हारी है। सभी लीग मैच यूएसए के समाप्त हो चुके हैं। हालांकि, नेट रन रेट यूएसए का पाकिस्तान से बेहतर है, क्योंकि 3 मैचों के बाद 4 अंक हासिल कर चुकी पाकिस्तान की टीम तीसरे स्थान पर है। यूएसए का नेट रन रेट प्लस में है, जबकि पाकिस्तान का नेट रन रेट माइनस में है।

    नीदरलैंड 3 में से एक मैच जीतने के बाद चौथे स्थान पर है और नामीबिया की टीम 3 मैच हार चुकी है और सबसे आखिरी पायदान पर है, जो एलिमिनेट हो गई है। हालांकि, यूएसए, पाकिस्तान और नीदरलैंड इस ग्रुप से सुपर 8 में जाने की रेस में हैं। अब सिनेरियो ये कहता है कि अगर पाकिस्तान की टीम अपने आखिरी मैच में नामीबिया से हार जाती है तो फिर पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी, क्योंकि नेट रन रेट यूएसए का बेहतर है।

    थोड़े बहुत ही सही, लेकिन उम्मीद नीदरलैंड के भी सुपर 8 में जाने की हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें पहले तो भारत को बड़े अंतर से हराना होगा और उम्मीद करनी होगी कि पाकिस्तान की टीम को नामीबिया से हार मिल जाए। इसके अलावा उनका नेट रन रेट इतना बेहतर हो जाए कि यूएसए के नेट रन रेट को पीछे छोड़ दें, क्योंकि यूएसए के चार अंक हो चुके हैं और सभी मुकाबले उनके खेले जा चुके हैं। अगर पाकिस्तान की टीम नामीबिया को भले ही एक रन से ही क्यों न हराए, वह सुपर 8 में 6 अंकों के साथ क्वालीफाई कर जाएगी।