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  • पाकिस्तान में 10 करोड़ से अधिक मोबाइल ब्लॉक

    पाकिस्तान में 10 करोड़ से अधिक मोबाइल ब्लॉक

    इस्‍ल्‍माबाद। पाकिस्तान टेलीकॉम अथॉरिटी (PTA) ने 2024-25 वित्तीय वर्ष में लगभग 10 करोड़ मोबाइल फोन्स को ब्लॉक किया है। चोरी, नकली और क्लोन किए गए फोन पर नकेल कसने के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। इससे पाकिस्तान के मोबाइल मार्केट में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। PTA ने ग्राहकों को सुरक्षित रखने के लिए डिवाइस आइडेंटिफिकेशन रजिस्ट्रेशन एंड ब्लॉकिंग सिस्टम (DIRBS) का इस्तेमाल किया है।
    इस कदम ने ना सिर्फ ग्राहकों को सुरक्षित किया बल्कि स्थानीय मोबाइल निर्माण को भी इससे काफी बढ़ावा मिला है। भारत को भी ऐसे सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

    7.2 करोड़ नकली फोन हुए ब्लॉक
    PTA की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, ब्लॉक किए गए मोबाइल फोन में 7.2 करोड़ नकली या डुप्लीकेट फोन थे। इसके अलावा, 2.7 करोड़ ऐसे फोन थे, जिनके IMEI नंबर डुप्लीकेट या क्लोन किए गए थे। वहीं, 8.68 लाख हैंडसेट खोए हुए या चोरी के बताए गए थे। ये कार्रवाई पाकिस्तान के डिजिटल माहौल को सुरक्षित करने और ऐसे डिवाइस को मार्केट में आने से रोकने के लिए किए गए बड़े प्रयासों का हिस्सा है, जो ग्राहकों की सुरक्षा के लिए ठीक नहीं थे।
    क्या है DIRBS?
    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि DIRBS को मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट (MDM) रेगुलेशन, 2021 के तहत लाया गया था। इस सिस्टम ने डिवाइस रजिस्ट्रेशन को नेटवर्क ऑथराइजेशन से जोड़ा है।

    सिस्टम की मदद से पाकिस्तान में स्मगलिंग और अनऑथराइज्ड डिवाइस के इस्तेमाल को बहुत कम कर दिया गया है। इस कारण पाकिस्तानी नेटवर्क पर सिर्फ वेरिफाइड और नियमों का पालन करने वाले डिवाइस ही काम कर सकेंगे।

    पाकिस्तान में बने मोबाइल का हो रहा ज्यादा इस्तेमाल
    PTA द्वारा उठाए गए इस कदम की मदद से स्थानीय मोबाइल निर्माण में भारी वृद्धि भी देखने को मिली। 2025 तक, पाकिस्तान में इस्तेमाल होने वाले 95% से अधिक डिवाइस वहीं बने थे। इसमें 68% स्मार्टफोन शामिल हैं।

    पाकिस्तान में कुल 36 कंपनियों को निर्माण करने की अनुमति मिली है। इनमें सैमसंग, शाओमी, ओप्पो और वीवो जैसी बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं।

    रेवन्यू में हुई बढ़ोतरी
    2019 से, व्यक्तिगत मोबाइल डिवाइस रजिस्ट्रेशन से सरकार को 83 अरब रुपये से अधिक का रेवेन्यू मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कदमों से ग्राहकों को ना सिर्फ घटिया और नुकसान पहुंचाने वाले डिवाइसों से सुरक्षा मिलती है। साथ ही, यह स्थानीय उत्पादन और प्रौद्योगिकी विकास में निवेश को भी प्रोत्साहित करता है।

    भारत को भी उठाना चाहिए सख्त कदम
    एक्सपर्ट का कहना है कि सरकार को भी इस तरह का अहम कदम उठाना चाहिए। हाल ही में दिल्ली के करोल बाग में सैमसंग के नकली फोन बेचने वाले गिरोह का पर्दा फाश किया गया है। गिरोह कीमतों में सैमसंग के नकली प्रीमियम स्मार्टफोन्स को बेच रहा था, जिससे ग्राहकों की प्राइवेसी को नुकसान पहुंचा।

  • बांग्लादेश के वायुसेना प्रमुख पहुंचे इस्लामाबाद… पाकिस्तान से फाइटर जेट खरीदने की तैयारी

    बांग्लादेश के वायुसेना प्रमुख पहुंचे इस्लामाबाद… पाकिस्तान से फाइटर जेट खरीदने की तैयारी


    इस्लामाबाद।
    बांग्लादेश (Bangladesh) अब पाकिस्तान (Pakistan) से फाइटर जेट (Fighter jet) खरीदने की फिराक में है। इसी सिलसिले में बांग्लादेश वायुसेना (Bangladesh Air Force) के एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान (Air Chief Marshal Hasan Mahmood Khan) ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान वायुसेना के चीफ एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू (Pakistan Air Force Chief Air Chief Marshal Zaheer Ahmed Babar Sidhu) से मुलाकात की। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और इसके बाद दोनों सैन्य नेताओं ने रक्षा सहयोग से संबंधित मामलों पर चर्चा की और समीक्षा की। पाकिस्तान और बांग्लादेश ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूर करने की दिशा में बांग्लादेश द्वारा पाकिस्तान के जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट की संभावित खरीद पर विस्तृत चर्चा की। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेस पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

    आईएसपीआर के अनुसार बांग्लादेश वायुसेना के एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान वायुसेना के चीफ एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू से मुलाकात की। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और इसके बाद दोनों सैन्य नेताओं ने रक्षा सहयोग से संबंधित मामलों पर चर्चा की और समीक्षा की। यह विमान, जो चीन और पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित है, एक 4.5 जेनरेशन का मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट है, जिसमें आधुनिक चीनी एवियोनिक्स और हाई-रेंज हथियार हल्के एयरफ्रेम में एकीकृत हैं।

    बयान में आगे कहा गया कि बैठक में ऑपरेशनल सहयोग और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और एयरोस्पेस उन्नति में सहयोग पर जोर दिया गया। पाकिस्तानी वायुसेना प्रमुख बाबर सिद्हू ने अपने बंगलादेशी समकक्ष हसन खान को जेएफ-17 ब्लॉक तृतीय के हालिया उन्नयन के बारे में जानकारी दी तथा बंगलादेश वायुसेना को बेसिक से एडवांस्ड फ्लाइंग और विशेष कोर्स तक व्यापक प्रशिक्षण फ्रेमवर्क के माध्यम से समर्थन देने की पाकिस्तानी वायुसेना की प्रतिबद्धता दोहराई।

    बयान में आगे कहा गया कि बांग्लादेशी वायुसेना प्रमुख ने पाकिस्तानी वायुसेना के कॉम्बैट रिकॉर्ड की सराहना की और इसके ऑपरेशनल विशेषज्ञता से लाभ उठाने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने बंगलादेश वायुसेना के पुराने बेड़े के रखरखाव समर्थन और हवाई निगरानी बढ़ाने के लिए एयर डिफेंस राडार सिस्टम के एकीकरण में सहायता मांगी।

    सैन्य मीडिया विंग के अनुसार बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तानी वायुसेना की प्रमुख सुविधाओं का दौरा किया, जिसमें नेशनल आईएसआर एंड इंटीग्रेटेड एयर ऑपरेशंस सेंटर, पाकिस्तानी वायुसेना साइबर कमांड और नेशनल एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी पार्क शामिल हैं।

  • पाकिस्तान में धुरंधर के गानों की धूम, शादी में शरारत गाने पर नाचीं महिलाएं, वीडियो वायरल

    पाकिस्तान में धुरंधर के गानों की धूम, शादी में शरारत गाने पर नाचीं महिलाएं, वीडियो वायरल

    नई दिल्ली। रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर कई सालों तक याद की जाने वाली फिल्म बन गई है। इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस को हिलाकर कर रख दिया है। वर्ल्डवाइड भी 1200 करोड़ पार कमाई पहुंच गई है। पाकिस्तानी पॉलिटिक्स पर बेस्ड फिल्म की कहानी और किरदार तारीफें बटोर रहे हैं। इस बीच फिल्म का गाना शरारत पाकिस्तान में भी पसंद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पाकिस्तान के के शादी के माहौल में दो महिलाएं शरारत गाने पर डांस करती देखी जा सकती हैं।
    पाकिस्तान में धुरंधर के गानों का जादू
    इस वीडियो में दो महिलाएं शरारा सूट पहने हुए ओरिजिनल डांस स्टेप फॉलो करते हुए शरारत गाने पर डांस कर रही हैं। शादी के इस फंक्शन में बैठे लोग गाने और इस डांस परफॉरमेंस को एन्जॉय कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो गया है। कई यूजर्स ने अपना रिएक्शन देते हुए कहा कि पाकिस्तान में भी धुरंधर पसंद की जा रही है।
    यूजर्स रिएक्शन
    एक यूजर ने लिखा कि पाकिस्तानी लड़कियां शरारत पर डांस कर रही हैं जबकि देश देश में धुरंधर बैन है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि पाकिस्तान कितना भी मना करे लेकिन बॉलीवुड के गाने देखे और सुने जाते हैं। यूजर ने बताया कि ऐसे कई रील्स हैं जो पाकिस्तान में बने हैं। एक यूजर ने लिखा कि धुरंधर बहरीन, कुवैत, ओमान, क़तर, सऊदी अरबिया, पाकिस्तान और UAE में बैन है। इसके बाद भी फिल्म ने वर्ल्डवाइड शानदार कमाई की है।

    कमाई से हिला बॉक्स ऑफिस
    बता दें, धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस हिलाकररख दिया है। भारत में फिल्म ने 800 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1200 करोड़ पार पहुंच गया है। फिल्म ने कमाई के साथ क्रिटिक्स,फिल्ममेकर्स और आम ऑडियंस से जबदरस्त तारीफें बटोरी है। फिल्म के गाने वायरल हो चुके हैं और कहानी हिट है। अब ऑडियंस धुरंधर 2 का इंतजार कर रही है। ये फिल्म 19 मार्च को थिएटर में दस्तक देने के लिए तैयार है।

  • हिमाचल के ब्लास्ट मामले में पंजाब पुलिस को पाकिस्तान की ISI का हाथ होने की आशंका

    हिमाचल के ब्लास्ट मामले में पंजाब पुलिस को पाकिस्तान की ISI का हाथ होने की आशंका


    चंडीगढ़।
    हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के सोलन जिले (Solan district) में नलागढ़ पुलिस स्टेशन (Nalagarh Police Station) के पास नए साल के पहले दिन (1 जनवरी) सुबह करीब 9:40 बजे हुए जोरदार विस्फोट ने इलाके में दहशत फैला दी। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पुलिस स्टेशन के स्टोर रूम की खिड़कियां टूट गईं, पास की इमारतों के शीशे चटक गए और करीब 2.5 फुट गहरा गड्ढा बन गया। आवाज 400-500 मीटर दूर तक सुनाई दी। अच्छी बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

    विस्फोट के एक दिन बाद गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक कथित प्रेस नोट सामने आया, जिसमें प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और पंजाब सॉवरेन्टी अलायंस (PSA) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। प्रेस नोट में कहा गया कि यह आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) हमला था, जिसकी योजना और अंजाम देने का काम अमेरिका में रहने वाले गोपी नवांशहरीया और कबाल सिंह ने किया। दोनों संगठनों ने दावा किया कि हमला इसलिए किया गया क्योंकि- हिमाचल प्रदेश में सिंथेटिक ड्रग्स बनाए जा रहे हैं और उन्हें पंजाब भेजा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन नहीं चेता तो अगली बार पुलिस वाहनों और मुख्यालयों में आईईडी प्लांट किए जाएंगे।

    हालांकि, पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इन काल्पनिक दावों को ढोंग करार देते हुए खारिज कर दिया। अधिकारी ने कहा- ये तत्व पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर क्षेत्र को अस्थिर करने के लिए काम कर रहे हैं। इसमें कोई विचारधारा नहीं है, सिर्फ पैसे के लिए युवाओं को भर्ती किया जाता है। पंजाब पुलिस का मानना है कि यह विस्फोट दिल्ली के उत्तर-पश्चिम और जम्मू-कश्मीर के दक्षिण में स्थित इस क्षेत्र में अशांति पैदा करने की पाकिस्तानी रणनीति का हिस्सा है।

    गोपी नवांशहरीया नवंबर 2024 से पंजाब में पुलिस ठिकानों पर कई हमलों की जिम्मेदारी ले चुका है। BKI और PSA पहले भी पंजाब में हुए इसी तरह के विस्फोटों की जिम्मेदारी लेते रहे हैं, जो ISI के निर्देश पर किए गए थे। हिमाचल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम ने मौके से सैंपल इकट्ठा किए हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच के लिए टीमें गठित की गई हैं।

    नलागढ़ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 324(4) (उपद्रव), 125 (जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। हिमाचल पुलिस पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है। नलागढ़-बद्दी क्षेत्र फार्मास्यूटिकल हब है, जहां कई दवा फैक्टरियां हैं। पुलिस क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आगे किसी घटना की आशंका से सतर्क है। जांच जारी है और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

  • हाफिज सईद के साथी ने भी माना, ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने दिया गहरा जख्म

    हाफिज सईद के साथी ने भी माना, ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने दिया गहरा जख्म

    इस्‍लामाबाद । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने बीते मई महीने में ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकियों को करारा सबक सिखाया। भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान भारत ने ना सिर्फ उनके ठिकानों को समतल कर दिया, बल्कि सौ से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया। आतंकी इस ऑपरेशन की मार से अब तक उबर नहीं पाए हैं। हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के टॉप लीडर और हाफिज सईद के करीबी ने माना है कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकियों को कितना गहरा जख्म दिया।

    पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी ने ऑपरेशन सिंदूर से मिले दर्द को खुद कबूला है। तिलमिलाए कसूरी ने इस दौरान भारत के खिलाफ जमकर जहर भी उगला है। कसूरी ने कहा है कि भारत ने आतंकी कैंपों को निशाना बनाकर गलती की है। वहीं उसने ऐलान किया है कि लश्कर “कश्मीर मिशन से कभी पीछे नहीं हटेगा।”

    इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक सैफुल्लाह कसूरी ने हजारों लोगों की भीड़ के सामने एक सार्वजनिक सभा में कहा, “ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर बहुत बड़ी गलती की।” उसने आगे कहा, “…जो पाबंदियां लगाते हैं, जो रुकावट पैदा करते हैं, वो सुनो, जो हमें आतंकवादी कहते हैं, सुनो। पूरी दुनिया को पलटा जा सकता है, सिस्टम बदला जा सकता है। हम अपने कश्मीर मिशन से कभी पीछे नहीं हटेंगे।”

    गौरतलब है कि बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों को बेरहमी से मार दिया था। इस दौरान आतंकियों ने लोगों से उनका धर्म पूछकर गोलियां बरसाई थीं। इसके बाद भारत ने पाक और पाक अधिकृत कश्मीर में ऑपरेशन सिंदूर के तहत कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। भारतीय सशस्त्र बलों ने इस कार्रवाई के दौरान करीब 150 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया।

  • सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव, बीच में आया पाकिस्तान?

    सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव, बीच में आया पाकिस्तान?


    इस्लामाबाद । यमन में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के संबंधों में आई दरार ने पूरे मध्य पूर्व को हिला दिया है। सऊदी अरब ने यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर हवाई हमले किए, जिसमें यूएई से आई हथियारों की खेप को निशाना बनाया गया। रियाद का आरोप है कि ये हथियार यूएई समर्थित अलगाववादी संगठन सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (एसटीसी) के लिए थे, जो सऊदी की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान भी खुलकर सामने आ गया है।

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत कर यमन के दक्षिणी बंदरगाह शहर मुकल्ला पर हालिया सऊदी हवाई हमले के बाद सऊदी अरब के प्रति पूर्ण एकजुटता व्यक्त की। यह जानकारी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में दी गई।

    बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच लंबे समय से चले आ रहे भाईचारे वाले संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बयान में कहा गया कि हाल के महीनों में द्विपक्षीय रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं।

    प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने फोन कॉल के लिए शहबाज़ शरीफ का आभार जताया और पाकिस्तान के साथ आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की सऊदी अरब की इच्छा दोहराई। उन्होंने अगले वर्ष पाकिस्तान की आधिकारिक यात्रा करने का भी इरादा व्यक्त किया।

    यमन में बढ़ता तनाव

    गौरतलब है कि सऊदी अरब ने मंगलवार को मुकल्ला पर हवाई हमला किया था। यह हमला संयुक्त अरब अमीरात से कथित रूप से हथियारों की एक खेप के पहुंचने के बाद किया गया, जिसके बारे में माना जा रहा है कि वह यमन के अलगाववादी बलों के लिए थी। यह घटनाक्रम यूएई समर्थित सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल की प्रगति से जुड़े बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, इस टकराव से यमन के एक दशक से जारी संघर्ष में एक नया मोर्चा खुलने की आशंका पैदा हो गई है, जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ने वाली ताकतें आपस में भी भिड़ सकती हैं। यमन पहले ही अरब दुनिया का सबसे गरीब देश माना जाता है और वहां मानवीय संकट बेहद गंभीर है।
    पाकिस्तान के लिए कठिन कूटनीतिक चुनौती

    पाकिस्तान के लिए यह स्थिति कूटनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है, क्योंकि उसके संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब- दोनों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। इस सप्ताह रियाद और अबू धाबी के बीच बढ़े तनाव ने इस्लामाबाद के सामने कठिन संतुलन बनाने की चुनौती खड़ी कर दी है।

    इसी क्रम में शहबाज शरीफ ने क्राउन प्रिंस से बात करने से एक दिन पहले यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान से मुलाकात की थी। यह बैठक पंजाब के रहीम यार ख़ान में हुई, जहां यूएई राष्ट्रपति इस्लामाबाद की आधिकारिक यात्रा के बाद ठहरे हुए थे। अधिकारियों के अनुसार, इस मुलाकात का मकसद क्षेत्रीय तनाव को कम करना था।
    रक्षा, निवेश और तेल आपूर्ति

    गौरतलब है कि इस्लामाबाद और रियाद ने सितंबर में एक आपसी रक्षा समझौता किया था, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा। सऊदी अरब लंबे समय से पाकिस्तान का प्रमुख आर्थिक और सुरक्षा साझेदार रहा है। हाल के वर्षों में उसने पाकिस्तान को अरबों डॉलर के ऋण दिए हैं, जिससे देश को विदेशी कर्ज के संकट और संभावित डिफॉल्ट से बचाने में मदद मिली। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात ने भी पाकिस्तान को वित्तीय सहायता दी है। वर्ष 2024 में पाकिस्तान ने कहा था कि यूएई ने देश में 10 अरब डॉलर तक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
    विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

    इस बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी बुधवार को एक बयान जारी कर यमन में दोबारा भड़की हिंसा पर चिंता जताई। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यमन के किसी भी पक्ष द्वारा उठाए गए एकतरफा कदम संघर्ष को और भड़का सकते हैं तथा पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकते हैं। बयान में पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा, यमन की एकता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति समर्थन दोहराया और संकट को कम करने तथा देश में शांति व स्थिरता बहाल करने के लिए किए जा रहे क्षेत्रीय प्रयासों का स्वागत किया। तेल आपूर्ति के लिहाज से भी सऊदी अरब पाकिस्तान का एक प्रमुख साझेदार है। ऊर्जा जरूरतों के साथ-साथ आर्थिक सहयोग के चलते रियाद और इस्लामाबाद के रिश्ते रणनीतिक रूप से बेहद अहम बने हुए हैं।

  • ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत-पाकिस्तान बहस वीरांश भानुशाली की तीखी दलीलें और पाकिस्तान के खिलाफ कटाक्ष

    ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत-पाकिस्तान बहस वीरांश भानुशाली की तीखी दलीलें और पाकिस्तान के खिलाफ कटाक्ष


    नई दिल्ली । ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत और पाकिस्तान के बीच आयोजित एक बहस में विवादित बयानों और आरोपों का सिलसिला चल पड़ा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बेटे मूसा हर्राज पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर एक विशेषज्ञों वाली बहस को विफल किया और पाकिस्तान की जीत का दावा किया। इस विवाद के बीच भारतीय छात्र वीरांश भानुशाली ने पाकिस्तान की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के मुद्दे पर तीखा हमला बोला।

    वीरांश भानुशाली ने बहस की शुरुआत 26/11 मुंबई आतंकी हमलों की यादों से की। उन्होंने बताया कि कैसे उनका परिवार और पूरा मुंबई उन तीन रातों में दहशत के साए में जी रहा था। भानुशाली ने कहा “1993 में मुंबई में हुए बम धमाके मेरे घर से महज 200 मीटर दूर हुए थे। मैं आतंकवाद की छाया में बड़ा हुआ हूं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत लोकलुभावन नीति अपनाता तो 26/11 के बाद ही युद्ध छेड़ देता लेकिन भारत ने संयम दिखाया और कूटनीति का रास्ता अपनाया।

    भारत की सुरक्षा नीति को चुनावी राजनीति से जोड़ने पर भानुशाली ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा “क्या हर आतंकी हमले के पीछे चुनाव था नहीं। आतंकवाद वोट के लिए नहीं आता वह इसलिए आता है क्योंकि पाकिस्तान से उसे संरक्षण मिलता है। भानुशाली ने पाकिस्तान पर हमला करते हुए कहा भारत जब कार्रवाई करता है तो पायलटों की डी-ब्रीफिंग होती है जबकि पाकिस्तान में गीतों की ऑटो-ट्यूनिंग होती है। जब आप अपने लोगों को रोटी नहीं दे सकते तो युद्ध का सर्कस दिखाते हैं।

    यह बहस इस बात का उदाहरण बन गई कि आतंकवाद और सुरक्षा नीति पर भारत और पाकिस्तान के दृष्टिकोण में गहरी खाई है। पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को विदेश नीति के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की आलोचना करते हुए भानुशाली ने साफ कहा कि भारत युद्ध नहीं चाहता लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता भी नहीं करेगा। इस दौरान भारतीय वक्ताओं जे साई दीपक और प्रियंका चतुर्वेदी ने भी खुलासा किया कि उन्हें आखिरी समय पर जानकारी देकर जानबूझकर बहस से रोका गया। हालांकि इस बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और वीरांश भानुशाली की दलीलों को व्यापक समर्थन मिल रहा है।

  • आसिम मुनीर ने तालिबान को फिर दी चेतावनी, कहा-पाकिस्तान या TTP में से किसी एक को चुनो

    आसिम मुनीर ने तालिबान को फिर दी चेतावनी, कहा-पाकिस्तान या TTP में से किसी एक को चुनो

    इस्लामाबाद । पाकिस्तानी सेना प्रमुख और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने एक बार फिर से तालिबान को चेतावनी दी है। मुनीर ने तालिबान सरकार से टीटीपी या फिर पाकिस्तान में से एक को चुनने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सीमा पार से पाकिस्तान में घुसपैठ करने वाले ज्यादातर आतंकियों में अफगान नागरिक शामिल हैं। हाल ही में इस्लामाबाद में नेशनल उलेमा कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, मुनीर ने पाकिस्तान और 1,400 साल पहले पैगंबर द्वारा अरब क्षेत्र (आज के सऊदी अरब) में स्थापित राज्य के बीच समानताएं भी बताईं।

    हालांकि 10 दिसंबर को दिए गए भाषण का आधिकारिक विवरण सीमित था, लेकिन उनके भाषण के चुनिंदा क्लिप रविवार को स्थानीय टेलीविजन पर प्रसारित किए गए। मुनीर ने अफगान तालिबान सरकार से पाकिस्तान और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) में से किसी एक को चुनने के लिए कहा, और कहा कि सीमा पार से होने वाले आतंकवाद का बड़ा हिस्सा अफगान नागरिकों का है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान में आने वाले टीटीपी के गुटों में 70 प्रतिशत अफगान हैं। क्या अफगानिस्तान हमारे पाकिस्तानी बच्चों का खून नहीं बहा रहा है?” उन्होंने अपनी बात दोहराई कि अफगान तालिबान को पाकिस्तान और TTP में से किसी एक को चुनना चाहिए।

    मुनीर ने आगे कहा कि एक इस्लामी देश में सरकार के अलावा कोई भी जिहाद का आदेश नहीं दे सकता। उन्होंने कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “अधिकार प्राप्त लोगों के आदेश, अनुमति और इच्छा के बिना कोई भी जिहाद का फतवा जारी नहीं कर सकता।” उनकी स्पीच में इस्लामिक बातों का जिक्र था, और उन्होंने अपने भाषण के दौरान कुरान की कई आयतें भी पढ़ीं।

  • मस्क के पास Pak-श्रीलंका-नेपाल की कुल GDP से ज्यादा संपत्ति, जानें कहां से आई इतनी दौलत

    मस्क के पास Pak-श्रीलंका-नेपाल की कुल GDP से ज्यादा संपत्ति, जानें कहां से आई इतनी दौलत


    वाशिंगटन।
    दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क (World’s Richest man, Elon Musk) की संपत्ति अब पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल की कुल GDP (करीब 555 बिलियन डॉलर) से ज्यादा हो गई है। मात्र 4 दिनों में उनकी नेटवर्थ 150 बिलियन डॉलर (₹13.46 लाख करोड़) बढ़कर 750 बिलियन डॉलर (₹67.18 लाख करोड़) पार कर गई।

    हालांकि, आज फोर्ब्स रियल टाइम बिलियनेयर्स इंडेक्स में यह 748.9 बिलियन डॉलर दिख रही है, जो भारत के टॉप 40 सबसे अमीरों की कुल संपत्ति के बराबर है। मस्क पहले शख्स हैं ,जिन्होंने यह आंकड़ा छुआ। 16 दिसंबर को यह 600 बिलियन डॉलर पर पहुंची थी।


    दौलत में उछाल का डेलावेयर ट्रिगर

    उनकी संपत्ति में यह ऐतिहासिक उछाल अमेरिका की एक अदालत के फैसले के बाद आया, जिसमें टेस्ला के स्टॉक विकल्प पैकेज को बहाल कर दिया गया, जिसकी कीमत करीब 139 अरब डॉलर है। फोर्ब्स मैगजीन ने पहले मस्क को 600 अरब डॉलर से अधिक सम्पति वाला पहला व्यक्ति बताया था

    अदालत का यह फैसला मस्क के 2018 के उस वेतन पैकेज से जुड़ा है, जिसे निचली अदालत ने अकल्पनीय बताते हुए रद्द कर दिया था। टेस्ला कंपनी ने मस्क के लिए यह मोटा पैकेज स्वीकृत किया था, जो टेस्ला के शेयरों की मौजूदा कीमत के हिसाब से करीब 139 अरब डॉलर का है। फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक मस्क की वेल्थ अब लैरी पेज (252.6 बिलियन), लैरी एलिसन (242.7 बिलियन) और जेफ बेजोस (239.4 बिलियन) की कुल संपत्ति से भी ज्यादा है।


    कारण 1: टेस्ला पे-पैकेज की वापसी

    2018 में टेस्ला ने मस्क को 56 बिलियन डॉलर का स्टॉक ऑप्शन दिया था। 2024 में लोअर कोर्ट ने रद्द किया, लेकिन दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने बहाल किया। इससे वेल्थ पहली बार 700 बिलियन पार हुई।


    कारण 2: स्पेसएक्स का 800 बिलियन वैल्यूएशन

    रॉयटर्स के अनुसार, आंतरिक शेयर बिक्री से स्पेसएक्स की वैल्यूएशन 800 बिलियन डॉलर पहुंची। मस्क की 42% हिस्सेदारी पर अगर लिस्टिंग हो, तो अकेले यह 336 बिलियन डॉलर से ज्यादा जोड़ सकती है।

    कारण 3: टेस्ला शेयरों की उछाल
    नवंबर 2025 में शेयरहोल्डर्स ने 1 ट्रिलियन डॉलर का नया पे-पैकेज अप्रूव किया। 2025 में मस्क की वेल्थ में 340 बिलियन डॉलर जुड़े। टेस्ला में 12% स्टेक अब 197 बिलियन डॉलर का है। शेयर 13% चढ़े, सोमवार को 4% ऊपर जब मस्क ने रोबोटैक्सी टेस्ट की घोषणा की।

  • आर्थिक संकट से जूझ रहे Pak को बड़ी राहत.. वर्ल्ड बैंक ने भी दी 70 करोड़ डॉलर के कर्ज को मंजूरी

    आर्थिक संकट से जूझ रहे Pak को बड़ी राहत.. वर्ल्ड बैंक ने भी दी 70 करोड़ डॉलर के कर्ज को मंजूरी


    इस्लामाबाद।
    आर्थिक संकट (Economic crisis) से जूझ रहे पाकिस्तान (Pakistan) को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से लगातार राहत मिल रही है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund- IMF) से बड़ी राशि की मंजूरी के बाद अब वर्ल्ड बैंक (World Bank) ने भी पाकिस्तान के लिए करोड़ों डॉलर का ऐलान किया है। वर्ल्ड बैंक ने शुक्रवार को कहा कि उसने पाकिस्तान को 700 मिलियन डॉलर (70 करोड़ डॉलर) की वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है। यह राशि एक बहुवर्षीय पहल के तहत दी जा रही है, जिसका उद्देश्य देश की मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता को मजबूत करना और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी में सुधार करना है।

    विश्व बैंक के मुताबिक, यह धनराशि समावेशी विकास के लिए सार्वजनिक संसाधन – बहु-चरणीय प्रोग्रामेटिक दृष्टिकोण (PRID-MPA) के अंतर्गत जारी की जाएगी। इस कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान को कुल मिलाकर 1.35 अरब डॉलर तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। स्वीकृत 700 मिलियन डॉलर में से 600 मिलियन डॉलर केंद्र स्तर के कार्यक्रमों के लिए निर्धारित हैं, जबकि 100 मिलियन डॉलर दक्षिणी प्रांत सिंध में एक प्रांतीय कार्यक्रम को समर्थन देने के लिए दिए जाएंगे।

    यह मंजूरी ऐसे समय आई है, जब अगस्त महीने में विश्व बैंक ने पाकिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत पंजाब में प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए 47.9 मिलियन डॉलर का अनुदान भी स्वीकृत किया था।

    हालांकि, पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की चिंता भी सामने आ चुकी है। नवंबर में प्रकाशित IMF-विश्व बैंक की एक संयुक्त रिपोर्ट, जिसे पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया था, में कहा गया कि देश में खंडित नियामक व्यवस्था, अपारदर्शी बजट प्रक्रिया और राजनीतिक दखल निवेश को प्रभावित कर रहे हैं और राजस्व संग्रह को कमजोर बना रहे हैं।