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  • विकसित भारत 2047 की ओर बड़ा कदम, भारत-नीदरलैंड ने रणनीतिक साझेदारी को दी मंजूरी

    विकसित भारत 2047 की ओर बड़ा कदम, भारत-नीदरलैंड ने रणनीतिक साझेदारी को दी मंजूरी

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे के दौरान भारत और नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती मिली है। दोनों देशों ने आपसी सहयोग को आगे बढ़ाते हुए संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई है। इस फैसले के बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और विकास से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

    विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के बीच हुई उच्चस्तरीय बातचीत में कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को भी साझा किया गया, जिसमें देश को दीर्घकालिक विकास, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने की रूपरेखा शामिल है।

    बैठक में दोनों नेताओं ने माना कि भारत और नीदरलैंड साझा मूल्यों, विश्वास और पारस्परिक हितों के आधार पर पहले से ही मजबूत संबंध साझा करते हैं। अब इस साझेदारी को और व्यापक बनाने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें जल प्रबंधन, रक्षा सहयोग, व्यापार, निवेश और नई तकनीकों जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।

    जल प्रबंधन के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच पहले से ही मजबूत सहयोग मौजूद है, जिसे अब और आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। नीदरलैंड की विशेषज्ञता और भारत की विशाल आवश्यकताओं को देखते हुए इस क्षेत्र में नई परियोजनाओं और तकनीकी साझेदारी की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इसी तरह रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संयुक्त प्रयासों पर भी चर्चा की गई।

    आर्थिक सहयोग को दोनों देशों के रिश्तों का महत्वपूर्ण आधार बताया गया है। व्यापार और निवेश के क्षेत्र में नए अवसरों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाओं पर विचार किया गया। सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन, रोबोटिक्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे क्षेत्रों में सहयोग को भविष्य की दिशा के रूप में देखा जा रहा है।

    इस दौरान एक महत्वपूर्ण समझौते का भी उल्लेख किया गया, जिसमें टाटा समूह और एएसएमएल के बीच सेमीकंडक्टर क्षेत्र में साझेदारी शामिल है। इस समझौते को भारत में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे भारत में उन्नत तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

    इसके साथ ही दोनों देशों ने पोर्ट कनेक्टिविटी, सप्लाई चेन सुधार, कृषि क्षेत्र और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। भारत के बंदरगाहों को नीदरलैंड के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई, जिससे वैश्विक व्यापार को नई गति मिल सकती है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर सांस्कृतिक सहयोग और शिक्षा के क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और नीदरलैंड के संबंध केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ज्ञान आधारित भी हैं, जिन्हें और गहराई देने की आवश्यकता है।

    इस दौरे के दौरान एक और महत्वपूर्ण पहल के तहत भारत को ऐतिहासिक कलाकृतियों की वापसी भी हुई, जिसे दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों की मजबूती का प्रतीक माना जा रहा है।

  • कोविड और युद्ध ने किए-धरे पर फेरा पानी… गरीबी लौटी, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट: PM मोदी

    कोविड और युद्ध ने किए-धरे पर फेरा पानी… गरीबी लौटी, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट: PM मोदी


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र (Prime Minister Narendra) ने इस समय को तबाही का दशक घोषित करते हुए बड़ी बात कह दी है। शनिवार को नीदरलैंड्स (Netherlands) में भारतीयों से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड (Covid) और मध्य एशिया (Central Asia) में छिड़े युद्ध ने सारे किए धरे पर पानी फेर दिया और दुनिया एक बार फिर गरीबी के गड्ढे में जा गिरी। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था एक बड़े संकट से जूझ रही है। पीएम मोदी इस समय पांच देशों के दौरे पर हैं। यूएई के बाद वह नीदरलैंड्स पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि, विश्व के सामने अब नई चुनौतियां हैं और इनसे निपटना आसान नहीं है।


    पहले कोरोना फिर युद्ध ने मचाई तबाही

    पीएम मोदीने कहा कि यह दशक प्रलयंकारी साबित हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर हालात जल्द नहीं संभले तो बीते कई दशकों के काम पर पानी फिर जाएगा और दुनिया का एक बड़ा हिस्सा गरीब हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के लोगों को पहले ही सावधान कर चुके हैं। उन्होंने लोगों से पेट्रोल और डीजल के कम इस्तेमाल की सलाह दी है। पीएम मोदी ने सरकारी खर्च पर भी नियंत्रण करने के निर्देश दे दिए हैं।


    पीएम मोदी की लोगों को सलाह

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों हैदराबाद में कहा था कि लोगों को जितना हो सके वर्क फ्रॉम होम करना चाहिए और आना जाना कम कर देना चाहिए। इसके अलावा कम से कम एक साल तक सोना खरीदने से बचना चाहिए ताकि विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके। पीएम मोदी ने कहा कि विदेशी मुद्रा को बचाना भी एक तरह की देशभक्ति है। इसके अलावा आने-जाने के लिए कार पूल करें और खेतों में उर्वरकों का इस्तेमाल भी कम करें। प्रधानमंत्री ने कहा था कि लोगों को एसी का भी इस्तेमाल कर देना चाहिए जिससे ऊर्जा संकट से निपटा जा सके।


    पेट्रोल डीजल में लगी आग

    देश में पिछले चार साल से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजापा नहीं हुआ था। हालांकि ईरान संकट की वजह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी गई है। इसके साथ ही राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये का और डीजल 90.67 रुपये का हो गया है। जानकारों का कहना है कि इस वृद्धि का असर सीधा-सीधा आपकी रसोईऔर रोजमर्रा की जिंदगी पर होने वाला है। अमूल कंपनी ने अपने दूध की कीमत में भी वृद्धि की है।


    ऊर्जा संकट से निपटने का प्रयास

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को यहां नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ ऊर्जा, बंदरगाह, स्वास्थ्य, कृषि व्यापार और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख डच कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ चर्चा की तथा उनसे भारत में निवेश करने का आह्वान किया।

  • PM मोदी का नीदरलैंड दौरा… यूरोप की सबसे बड़ी कंपनी ASML से टाटा की डील, खुलेंगे रोजगार के अवसर

    PM मोदी का नीदरलैंड दौरा… यूरोप की सबसे बड़ी कंपनी ASML से टाटा की डील, खुलेंगे रोजगार के अवसर


    दिल्ली।
    एएसएमएल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (ASML and Tata Electronics) के बीच हुए समझौते से भारत (India) में सेमीकंडक्टर उत्पादन (Semiconductor production) को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) की नीदरलैंड्स यात्रा (Netherlands trip) के दौरान हुए इस करार से तकनीक, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है.नीदरलैंड्स की प्रमुख तकनीकी कंपनी एएसएमएल ने शनिवार को टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ एक समझौते पर दस्तखत किए हैं, जिसके तहत भारत में सेमीकंडक्टर संयंत्र के निर्माण और विस्तार में सहयोग किया जाएगा.

    यह समझौता प्रधान/मंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान हुआ और इसे उनकी मौजूदगी में अंतिम रूप दिया गया.एएसएमएल सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए अत्याधुनिक मशीनें बनाती है. कंपनी ने कहा कि वह भारत के पश्चिमी राज्य गुजरात में स्थित धोलेरा संयंत्र की स्थापना और उसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद करेगी. यह संयंत्र प्रधानमंत्री मोदी के गृह राज्य में बनाया जा रहा है.

    कंपनी ने बताया कि वह इस परियोजना में अपनी अत्याधुनिक लिथोग्राफी तकनीक का इस्तेमाल करेगी.ये उपकरण हाई टेक माइक्रोचिप के तेज और बड़े पैमाने पर उत्पादन में काम आते हैं, जो कारों से लेकर मोबाइल फोन तक, कई आधुनिक उपकरणों में उपयोग किए जाते हैं.भारत‑नीदरलैंड्स आर्थिक साझेदारीयह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब भारत और नीदरलैंड्स ने आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक नया समझौता किया है.

    हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता हुआ था, जिसे यूरोपीय संघ प्रमुख उर्सुला फोन डेर लाएन ने “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा था.बाजार पूंजीकरण के हिसाब से यूरोप की सबसे बड़ी तकनीकी कंपनी एएसएमएल ने कहा कि उसे भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में “कई महत्वपूर्ण अवसर” दिखाई दे रहे हैं.कंपनी के सीईओ क्रिस्टोफ फूके ने एक बयान में कहा कि एएसएमएल इस क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है.टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का यह संयंत्र लगभग 11 अरब डॉलर के निवेश से विकसित किया जा रहा है.इसमें तैयार होने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल उद्योग और अन्य आर्थिक क्षेत्रों में उपयोग किए जाएंगे.

    यूरोपीय संघ को भारत उन्नत तकनीक और निवेश का एक महत्वपूर्ण स्रोत मानता है, जिसका इस्तेमाल वह अपने यहां तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए करना चाहता है.दूसरी ओर, यूरोपीय संघ भारत को एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में एक बड़े बाजार के रूप में देखता है.

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की प्रगति देश के युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा कर रही है.उन्होंने कहा, “यह ऐसा क्षेत्र है जिसमें हम आने वाले समय में और अधिक ऊर्जा जोड़ते रहेंगे”

    नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रोब येटेन ने कहा कि डच कंपनियां आने वाले वर्षों में भारत में बड़े पैमाने पर निवेश कर सकती हैं और वहां रोजगार के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.उन्होंने कहा, “यह डच कंपनियों के लिए भारत में निवेश करने के लिए अवसर देता है और साथ ही भारतीय प्रतिभाओं को नीदरलैंड्स आकर्षित करने के मौका भी पैदा करता है”

  • Europe Tour: नीदरलैंड में समकक्ष रॉब-शाही परिवार से मिले PM Modi…. अब जाएंगे स्वीडन

    Europe Tour: नीदरलैंड में समकक्ष रॉब-शाही परिवार से मिले PM Modi…. अब जाएंगे स्वीडन


    एम्स्टर्डम।
    चार यूरोपीय देशों के दौरे (Europe Tour) पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) अपनी यात्रा के पहले चरण में नीदरलैंड (Netherlands) में हैं। पीएम मोदी (PM Modi ) ने यहां के राजा विलियम (King William) और रानी मैक्सिमा (Queen Maxima) से मुलाकात के बाद डच प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। उन्होंने भारतीय प्रवासियों को भी संबोधित किया। नीदरलैंड के बाद पीएम मोदी स्वीडन जाएंगे, जहां उनके स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

    भारत और नीदरलैंड के बीच रक्षा उद्योग, समुद्री सुरक्षा से लेकर अंतरिक्ष तक सहयोग पर बातचीत
    प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ हुई विस्तृत बातचीत को पीएम मोदी ने सफल करार दिया। उन्होंने एक्स हैंडल पर द्विपक्षीय वार्ता और जेटेन के साथ अलग से हुई चर्चाओं की झलकियों को साझा कर लिखा, ‘कई विषयों पर चर्चा हुई। इनमें से एक विषय रक्षा और सुरक्षा था। मैंने रक्षा उद्योग के लिए जल्द से जल्द एक कार्य योजना तैयार करने की संभावना पर चर्चा की।’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड अंतरिक्ष यात्रा, समुद्री प्रणालियों और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग कर सकते हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड यात्रा की झलकियों को एक्स पर साझा करते हुए एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘भारत-नीदरलैंड साझेदारी का जीवंत सेतु भारतीय प्रवासी हैं। सूरीनामी हिंदुस्तानी समुदाय के लिए ओसीआई कार्ड की पात्रता को चौथी पीढ़ी से छठी पीढ़ी तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। हमारे निर्णय का नीदरलैंड में प्रवासी समुदाय ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया है!’


    पीएम के नीदरलैंड दौरे के बाद दोनों देशों में क्या बदलेगा?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए। तकनीक, शिक्षा, सेहत और खनिज के अलावा नवाचार को लेकर भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। नीदरलैंड दौरे पर सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पर भी साझेदारी का निर्णय हुआ है। इसके तहत डच कंपनी ASPL और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स आपसी सहयोग बढ़ाएंगी। पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच हुए फैसलों को ठोस और महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के विकास और समृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा।


    पिछले एक दशक में भारत-नीदरलैंड संबंधों में काफी प्रगति हुई है: पीएम मोदी

    डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत-नीदरलैंड संबंधों में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा, ‘हम नीदरलैंड को भारत के सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक मानते हैं।लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और जिम्मेदार व्यवहार भारत और नीदरलैंड के साझा दृष्टिकोण का हिस्सा हैं।’

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमें हर क्षेत्र में नीदरलैंड की विशेषज्ञता और भारत की गति और कौशल को शामिल करना चाहिए। नवाचार और निवेश का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘हमें इनोवेशन, निवेश, स्थिरता और रक्षा के क्षेत्रों में भारत-नीदरलैंड सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जरूरत है। हमारे साझा दृष्टिकोण के तहत, हम भारत-नीदरलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जा रहे हैं।’


    पीएम मोदी उम्र में दोगुने, लेकिन उत्साह युवाओं से कम नहीं

    नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ मुलाकात और द्विपक्षीय वार्ता के समय पीएम मोदी को अपनी ट्रेडमार्क परिधान कुर्ते और पायजामे और हाफ जैकेट के साथ शॉल लिए देखा गया। उनकी उम्र की तुलना में लगभग आधे, 38 साल के जेटेन कोर्ट-पैंट और टाई लगाए दिखे। दोनों की मुताकाल के कई वीडियो सामने आए हैं, इसमें देखा जा सकता है कि पीएम मोदी अपने डच समकक्ष की तुलना में भले ही उम्र में दोगुने बड़े हैं, लेकिन उनका उत्साह युवाओं से कम नहीं है।


    पीएम मोदी ने नीदरलैंड के 38 वर्षीय समकक्ष से की मुलाकात

    पीएम मोदी ने नीदरलैंड के शाही परिवार से मुलाकात के बाद 38 वर्षीय डच समकक्ष से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड में अपने समकक्ष रॉब जेटेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। दोनों की मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है।


    नीदरलैंड के शाही परिवार से मिले पीएम मोदी, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा

    अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द हेग में नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात की, जहां दोनों देशों के बीच मजबूत होते कूटनीतिक और आर्थिक रिश्तों पर चर्चा हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान भारत और नीदरलैंड के बीच सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन और जल प्रबंधन जैसे भविष्य के क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर विशेष जोर दिया गया।


    भारतीय राजदूत पीएम मोदी के स्वीडन आगमन पर क्या बोले?

    स्वीडन में भारत के राजदूत अनुराग भूषण ने पीएम मोदी के दौरे पर कहा, स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री रविवार को आ रहे हैं। दोनों की मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य भी मौजूद रहेंगे। इस औपचारिक चर्चा के बाद शाम को प्रधानमंत्री दो व्यावसायिक कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। वे स्वीडन के चुनिंदा सीईओ के एक समूह के साथ दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा, यूरोपियन राउंडटेबल ऑफ इंडस्ट्रीज का एक कार्यक्रम भी निर्धारित है। ये यूरोप के 60 शीर्ष सीईओ का एक समूह है। प्रधानमंत्री भारत और यूरोप के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीईओ के समूह के साथ भी बातचीत करेंगे।


    पीएम के आगमन पर गोथेनबर्ग में विशेष उत्साह

    उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री स्वीडन में बेहद लोकप्रिय हैं। विशेष रूप से गोथेनबर्ग में बहुत ऊर्जा महसूस हो रही है क्योंकि प्रधानमंत्री पहली बार गोथेनबर्ग आ रहे हैं। भारतीय प्रवासियों का केंद्र होने के अलावा गोथेनबर्ग स्वीडिश उद्योग का केंद्र और नवाचार आधारित पारिस्थितिकी तंत्र भी है। यहां कई विश्वविद्यालय, संस्थान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रतिष्ठान हैं।

    पीएम मोदी स्वीडन दौरे पर वोल्वो के मुख्यालय जा सकते हैं
    यूरोप दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वीडन के समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर इस देश का दौरा करेंगे। अपनी विदेश यात्रा के तीसरे चरण में स्वीडन आगमन के बाद पीएम मोदी गोथेनबर्ग में वोल्वो के मुख्यालय भी जा सकते हैं। दोनों देशों के बीच अहम समझौते होने की उम्मीद है। भारतीय प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर वोल्वो ग्रुप के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) जेन्स होल्टिंगर ने कहा, पीएम मोदी की यात्रा हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है। यह स्वीडन और भारत के बीच मजबूत संबंधों को दिखाने का भी अवसर है। वोल्वो ग्रुप पिछले 25 वर्षों से भारत में कार्यरत है… भारत में हमारे लगभग 5,000 सहकर्मी हैं, जो विश्व में हमारा दूसरा सबसे बड़ा अनुसंधान केंद्र है।


    मित्रता का एक प्रमुख स्तंभ आर्थिक सहयोग भी है

    पीएम मोदी ने एक अन्य एक्स पोस्ट में लिखा कि भारत और नीदरलैंड के बीच मित्रता का एक प्रमुख स्तंभ आर्थिक सहयोग भी है। उन्होंने कहा, ‘भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अनगिनत अवसर प्रदान करता है। फिनटेक, महत्वपूर्ण खनिजों, सेमीकंडक्टर, हरित हाइड्रोजन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। हमने सांस्कृतिक सहयोग और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की।

  • पीएम मोदी की अपील का असर: CRPF-ITBP ने शुरू की ईंधन बचत मुहिम, पेट्रोल-डीजल बजट में 10% कटौती

    पीएम मोदी की अपील का असर: CRPF-ITBP ने शुरू की ईंधन बचत मुहिम, पेट्रोल-डीजल बजट में 10% कटौती



    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर अब सुरक्षा बलों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने ईंधन की खपत कम करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें वाहनों के उपयोग से लेकर प्रशासनिक यात्राओं तक में सख्त बदलाव शामिल हैं।

    CRPF ने सबसे बड़ा फैसला लेते हुए अपने पूरे वाहनों के ईंधन बजट में 10 प्रतिशत की कटौती लागू कर दी है। इसके तहत अब किसी भी अधिकारी को एक से अधिक सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। साथ ही मुख्यालय ने सभी इकाइयों से ईंधन बचत के नए सुझाव भी मांगे हैं ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके।

    सबसे दिलचस्प बदलाव ग्राउंड लेवल पर देखने को मिल रहा है, जहां CRPF ने तय किया है कि जिन इलाकों में संभव होगा, वहां मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग की जगह साइकिल से गश्त की जाएगी। इसका उद्देश्य न सिर्फ ईंधन की बचत करना है, बल्कि जवानों की फिटनेस को भी बेहतर बनाना है। हालांकि यह नियम संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में लागू नहीं होगा।

    इसी तरह ITBP ने भी सख्त कदम उठाते हुए अपने अधिकारियों के सभी विदेशी दौरों पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही प्रशासनिक कार्यों और स्थिर तैनाती वाले क्षेत्रों में वाहनों के उपयोग को भी सीमित करने का निर्देश जारी किया गया है, ताकि अनावश्यक ईंधन खपत को रोका जा सके।

    दोनों सुरक्षा बलों ने यह स्पष्ट किया है कि ईंधन बचत के इन उपायों का असर किसी भी हालत में देश की सुरक्षा और ऑपरेशनल तैयारियों पर नहीं पड़ेगा। आतंकवाद-रोधी अभियानों और सीमा सुरक्षा जैसी अहम ड्यूटी में लगे वाहनों को इस कटौती से पूरी तरह बाहर रखा गया है।

  • भारत की वैश्विक उड़ान का संदेश: नीदरलैंड में मोदी बोले-स्टार्टअप से लेकर सेमीकंडक्टर तक, अब ग्रोथ इंजन बनेगा भारत

    भारत की वैश्विक उड़ान का संदेश: नीदरलैंड में मोदी बोले-स्टार्टअप से लेकर सेमीकंडक्टर तक, अब ग्रोथ इंजन बनेगा भारत



    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड के द हेग दौरे पर प्रवासी भारतीयों को संबोधित करने पहुंचे, जहां उन्होंने भारत की तेज आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन चुका है और अब वैश्विक ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस कार्यक्रम में भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और पीएम ने इसे भारत के किसी उत्सव जैसा माहौल बताया।

    अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि देश में स्टार्टअप्स की संख्या तेजी से बढ़ी है और आज यह संख्या 2 लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि भारत में यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और डिजिटल इंडिया अभियान ने इस विकास को नई गति दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में UPI के जरिए होने वाले डिजिटल ट्रांजेक्शन ने दुनिया में एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जहां अरबों लेनदेन हर साल डिजिटल माध्यम से हो रहे हैं।

    पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी सेक्टर में हो रहे निवेश का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि देश में 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें से कुछ में उत्पादन भी शुरू हो चुका है। इससे भारत जल्द ही चिप डिजाइन और निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ ट्रांसफॉर्मेशन नहीं बल्कि फास्टेस्ट और बेस्ट ग्रोथ मॉडल चाहता है।

    विदेशी निवेश और नवाचार पर जोर देते हुए पीएम ने कहा कि भारत के युवा आज स्टार्टअप, एआई, सेमीकंडक्टर और नई टेक्नोलॉजी में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब लोगों के सपने पूरे होते हैं। इसी वजह से देश में पेटेंट फाइलिंग और इनोवेशन में भी तेजी आई है।

    कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने नीदरलैंड में बसे भारतीय समुदाय की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी अपनी मेहनत और प्रतिभा से नीदरलैंड की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने डच नेतृत्व द्वारा भारतीय समुदाय की प्रशंसा का भी उल्लेख किया।

    मोदी ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे बचपन से ही देशभक्ति की भावना से जुड़े रहे हैं और जनता का समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि 2014 में मिली स्थिर सरकार के बाद भारत ने विकास की नई गति पकड़ी है और यह यात्रा लगातार जारी है।

    इस यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पहल भी सामने आई, जब नीदरलैंड ने 11वीं सदी की ‘अनाइमंगलम कॉपर प्लेट्स’ भारत को वापस लौटाईं। ये प्राचीन तांबे की पट्टिकाएं चोल काल से जुड़ी हैं और इनमें दक्षिण भारत के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों का महत्वपूर्ण विवरण दर्ज है। इनका वजन लगभग 30 किलो है और इन्हें भारत की ऐतिहासिक धरोहर के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

    कुल मिलाकर पीएम मोदी का यह दौरा भारत-नीदरलैंड संबंधों को मजबूत करने, प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव बढ़ाने और भारत की वैश्विक आर्थिक छवि को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • पीएम मोदी UAE दौरे पर रवाना, ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर रहेगा फोकस

    पीएम मोदी UAE दौरे पर रवाना, ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर रहेगा फोकस



    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय विदेश दौरे की शुरुआत करते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंच रहे हैं। इस दौरे को भारत और UAE के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी यहां राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी।

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस मुलाकात में भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा। खास तौर पर ऊर्जा सुरक्षा इस दौरे का प्रमुख एजेंडा है, जिसमें LPG, LNG सप्लाई और स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से जुड़े समझौतों पर बात होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कुछ अहम डील्स पर सहमति बन सकती है।

    द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और UAE के बीच LPG और स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व को लेकर दो महत्वपूर्ण समझौते होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, तेल और गैस आपूर्ति को दीर्घकालिक आधार पर सुरक्षित करने पर भी चर्चा हो सकती है।

    UAE की ऊर्जा नीति भी इस समय बदलाव के दौर में है। हाल ही में UAE ने OPEC से अलग होने की घोषणा की है और 2027 तक अपना कच्चा तेल उत्पादन बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में भारत और UAE के बीच ऊर्जा सहयोग और भी मजबूत होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति भारत के लिए दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकती है।

    पूर्व भारतीय राजदूत संजय सुधीर ने ANI से बातचीत में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पीएम मोदी का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है और यह भारत की कूटनीतिक सक्रियता का मजबूत संकेत भी है। उनका कहना है कि यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई दे सकती है।

    विदेश मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल ऊर्जा सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को भी नई गति देना है। भारत और UAE के बीच पहले से ही व्यापक रणनीतिक साझेदारी मौजूद है, जिसे इस दौरे से और आगे बढ़ाने की योजना है।

    भारत और UAE के बीच व्यापारिक संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है। भारत से UAE को पेट्रोलियम प्रोडक्ट, जेम्स एंड ज्वेलरी, मेटल, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग मशीनरी, फूड आइटम और केमिकल्स जैसे उत्पादों का निर्यात किया जाता है।

    साल 2022-23 में भारत ने UAE से लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का आयात किया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन अभी भी आयात की ओर झुका हुआ है। हालांकि, लगातार बढ़ते सहयोग और नए समझौतों से इस अंतर को कम करने की कोशिश की जा रही है।

    UAE के राष्ट्रपति अल नाहयान इससे पहले जनवरी में भारत के 105 मिनट के दौरे पर आए थे, जहां पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर उनका एयरपोर्ट पर स्वागत किया था। उस दौरान दोनों देशों के बीच ट्रेड और डिफेंस समेत नौ अहम समझौते हुए थे।

    कुल मिलाकर, पीएम मोदी का यह UAE दौरा भारत की ऊर्जा सुरक्षा, व्यापारिक विस्तार और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में दोनों देशों के संबंध और अधिक गहरे होने की उम्मीद है।

  • MP: इस नेता ने PM मोदी की अपील के विरुद्ध निकाली 200 गाड़ियों की रैली, CM का बड़ा एक्शन… नियुक्ति निरस्त

    MP: इस नेता ने PM मोदी की अपील के विरुद्ध निकाली 200 गाड़ियों की रैली, CM का बड़ा एक्शन… नियुक्ति निरस्त


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने गुरुवार को मध्य प्रदेश टेक्स्ट बुक कॉर्पोरेशन (Madhya Pradesh Text Book Corporation) के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह (Saubhagya Singh) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से सादगी बरतने की अपील के बावजूद 200 गाड़ियों की एक जश्न वाली रैली निकालने के लिए दिया गया है।

    अधिकारियों ने बताया कि नोटिस का जवाब मिलने तक सौभाग्य सिंह पर अपने ऑफिस में प्रवेश, सरकारी वाहनों और अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि जांच पूरी होने तक उन्हें सौंपी गई सभी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी गई हैं।

    उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री कार्यालय ने मितव्ययिता उपायों के घोर उल्लंघन का संज्ञान लिया है। सरकार ने वाहन रैली को अनावश्यक और सरकार की सादगी की नीति के खिलाफ माना है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दिखावा और अनुशासनहीनता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”


    भाजपा नेता ने सैकड़ों गाड़ियों संग रैली निकाली, पार्टी ने पद से हटाया

    ऐसे ही एक मामले में सैकड़ों गाड़ियों के साथ रैली निकालने के आरोप में भाजपा ने मध्य प्रदेश के भिंड जिले के किसान मोर्चा अध्यक्ष को पद से हटा दिया है। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, हाल ही में इस पद पर नियुक्त किए गए सज्जन सिंह यादव को मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के आदेश पर पद से हटाया गया है। बताया गया कि सज्जन सिंह यादव के किसान मोर्चा अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के अवसर पर बुधवार को भिंड शहर में एक रैली आयोजित की गई थी, जिसमें सैकड़ों वाहन शामिल हुए थे। भिंड शहर भोपाल से लगभग 500 किलोमीटर दूर है।

    भाजपा ने यादव को जारी पत्र में कहा कि उनका यह आचरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाओ अपील के विपरीत है और गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।


    नियुक्ति निरस्त की गई

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, “यादव की नियुक्ति अनुशासनहीनता और ईंधन बचत एवं मितव्ययिता के उपायों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बार-बार की गई अपील का पालन नहीं करने के कारण निरस्त कर दी गई है।”

    गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करने, शहरों में अधिक से अधिक मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, कारपूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने, पार्सल आवाजाही के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने जैसे उपायों को प्रोत्साहित करने की अपील की थी।

  • कैबिनेट में विस्तार की अटकलें तेज… PM मोदी तैयार करा रहे हैं मंत्रियों के कामकाज का ब्योरा!

    कैबिनेट में विस्तार की अटकलें तेज… PM मोदी तैयार करा रहे हैं मंत्रियों के कामकाज का ब्योरा!


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल अगले महीने पूरे होने जा रहे हैं। इसके बाद संभावित मंत्रिपरिषद विस्तार (Council of Ministers expansion) को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इसकी एक वजह भाजपा (BJP) के नए संगठन की टीम का गठन होना भी शामिल है। कुछ नेताओं की संगठन और सरकार में अदला-बदली भी हो सकती है। इस बीच, मंत्रियों के कामकाज को लेकर भी ब्योरा तैयार किया जा रहा है और उनके संसदीय क्षेत्र एवं राज्य से उनके बारे में जानकारी ली जा रही है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में अभी तक कोई विस्तार नहीं हुआ है। पिछले कार्यकाल में भी सरकार बनने के लगभग दो साल बाद ही पहला विस्तार हुआ था। ऐसे में, अब विस्तार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा संगठन केंद्र सरकार में शामिल अपने मंत्रियों के कामकाज को लेकर विभिन्न स्तरों से फीडबैक ले रहा है। प्रदेश संगठन एवं संसदीय क्षेत्र से भी आंकड़े जुटाए जा रहे हैं।

    मंत्रियों के क्षेत्र में दौरे, केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन, संसदीय क्षेत्र में प्रवास, संगठन की बैठकों में हिस्सेदारी, कार्यकर्ताओं से संपर्क आदि की जानकारी ली जा रही है। सूत्रों का कहना है, इस कवायद के पीछे संभावित विस्तार है। माना जा रहा है कि संभावित विस्तार में कई बड़े बदलाव हो सकते हैं। पार्टी इस समय नया,युवा संगठन को तरजीह दे रही है।


    अनुभवी नेताओं को संगठन में लाने की संभावना

    संगठन की टीम और मंत्रिमंडल विस्तार दोनों के कई पहलू एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। नए व युवा अध्यक्ष के सहयोग के लिए कुछ अनुभवी नेताओं को संगठन में लाए जाने की भी संभावना है। पश्चिम बंगाल में जीत के बाद सरकार में अब इस राज्य का प्रतिनिधित्व भी बढ़ेगा और आने वाले चुनावों के मद्देनजर संबंधित राज्यों को भी जगह मिल सकती है। सबसे ज्यादा संभावना चेहरों को बदलने की है। मोदी सरकार में अभी 72 मंत्री हैं और यह संख्या 81 तक बढ़ाई जा सकती है।

  • भारत में LPG की किल्लत होगी दूर…. PM मोदी जा रहे UAE, दो अहम मुद्दों पर हो सकती है बड़ी डील

    भारत में LPG की किल्लत होगी दूर…. PM मोदी जा रहे UAE, दो अहम मुद्दों पर हो सकती है बड़ी डील


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) 15-20 मई 2026 तक पांच देशों के दौरे पर जा रहे हैं जिसकी शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates.-UAE) की यात्रा से हो रही है. पीएम मोदी यूएई में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान (President Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan) से मुलाकात करेंगे. ईरान जंग के बीच जहां दुनिया तेल-गैस की किल्लत से जूझ रही है, माना जा रहा है कि मुलाकात के दौरान दोनों नेता ऊर्जा सुरक्षा पर प्रमुखता से बात करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से जुड़े दो अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।

    यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में UAE ने तेल उत्पादक देशों के समूह OPEC+ ढांचे से बाहर निकलने का फैसला किया है. ऐसे में दोनों देशों के लिए प्रत्यक्ष द्विपक्षीय ऊर्जा साझेदारी और भी अहम हो गई है, खासकर लंबे समय के लिए एनर्जी सप्लाई और उसके भंडारण में सहयोग के क्षेत्र में।

    भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दोनों नेता द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिसमें खास तौर पर ऊर्जा सहयोग के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श शामिल होगा।


    फ्यूल क्राइसिस के बीच भारत की उम्मीद बन सकते हैं ये पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स

    मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष भारत-UAE कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे. यह साझेदारी मजबूत राजनीतिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और लोगों के बीच गहरे संबंधों पर आधारित है. बयान में कहा गया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेगी।

    भारत और UAE ने पिछले कुछ सालों में ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ाया है. इसमें कच्चे तेल की आपूर्ति व्यवस्था, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में निवेश और पेट्रोलियम इंफ्रास्ट्रक्चर के डाउनस्ट्रीम सेक्टर में सहयोग शामिल है। UAE फिलहाल भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और पिछले 25 सालों में भारत में सबसे ज्यादा निवेश करने वाले देशों में सातवें स्थान पर है।

    इस यात्रा के दौरान UAE में रहने वाले 45 लाख से अधिक भारतीय समुदाय के कल्याण पर भी खास ध्यान दिए जाने की उम्मीद है. खाड़ी क्षेत्र में भारतीय प्रवासी समुदाय सबसे बड़े विदेशी समुदायों में से एक माना जाता है।


    यूएई के अलावा और किन देशों के दौरे पर जा रहे हैं पीएम

    पीएम मोदी के पांच देशों के दौरे का मुख्य फोकस ऊर्जा सहयोग है जिसमें वो नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर भी बात होगी. प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे में शामिल पांच देश हैं- यूएई और यूरोप के चार देश नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली. यूरोपीय देशों के दौरे का मकसद ग्रीन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बात करना और भारत-यूरोपीय संघ के रिश्तों को मजबूती देना है।