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  • सोना खरीदने और ईंधन खपत कम करने की अपील पर विवाद, व्यापारियों और विपक्ष ने उठाए सवाल

    सोना खरीदने और ईंधन खपत कम करने की अपील पर विवाद, व्यापारियों और विपक्ष ने उठाए सवाल


    नई दिल्ली । देश में हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से संसाधनों के सीमित उपयोग और सोना-चांदी की खरीदारी को लेकर की गई अपील के बाद राजनीतिक और आर्थिक हलकों में बहस तेज हो गई है। इस बयान के बाद जहां विपक्षी दलों ने सरकार की आर्थिक स्थिति और नीतियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं, वहीं सराफा व्यापार से जुड़े संगठनों ने भी इसे लेकर अपनी चिंता खुलकर जाहिर की है।

    प्रधानमंत्री द्वारा लगातार दो दिनों तक पेट्रोल-डीजल के सीमित इस्तेमाल और अनावश्यक खर्च से बचने की अपील को कई लोग एहतियाती कदम मान रहे हैं, लेकिन व्यापारिक वर्ग का कहना है कि इस तरह की सार्वजनिक अपीलों का सीधा असर बाजार की गतिविधियों और लोगों की खरीदारी की मानसिकता पर पड़ता है। खासकर ज्वेलरी उद्योग से जुड़े कारोबारियों का मानना है कि सोना-चांदी की खरीद को लेकर पैदा हुई आशंका बाजार में मंदी ला सकती है।

    राजनीतिक मोर्चे पर भी इस मुद्दे ने तेजी से तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हो रही हो, तो सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के बीच अचानक इस तरह की अपीलें आने से असमंजस की स्थिति पैदा होती है और इसका असर आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों पर भी पड़ता है।

    वहीं, सराफा व्यापार से जुड़े संगठनों ने भी सरकार के रुख पर नाराज़गी जाहिर की है। व्यापारिक प्रतिनिधियों का कहना है कि देशभर में लाखों परिवार इस उद्योग पर निर्भर हैं और यदि बाजार में खरीदारी कम होती है, तो इसका असर सीधे रोजगार और छोटे कारोबारियों की आय पर पड़ेगा। उनका मानना है कि किसी भी बड़े फैसले या सार्वजनिक संदेश से पहले उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा की जानी चाहिए थी।

    व्यापारियों का यह भी कहना है कि ज्वेलरी सेक्टर केवल व्यापार का माध्यम नहीं, बल्कि देश की पारंपरिक अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। शादी-विवाह और सामाजिक आयोजनों में सोना-चांदी की खरीदारी लंबे समय से भारतीय समाज का हिस्सा रही है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनिश्चितता बाजार की गति को प्रभावित कर सकती है।

    इस मुद्दे पर विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी सरकार को घेरने की कोशिश की है। उनका कहना है कि यदि जनता से बार-बार त्याग और खर्च कम करने की अपील की जा रही है, तो यह देश की आर्थिक चुनौतियों की ओर इशारा करता है। विपक्ष ने इसे आम लोगों पर मानसिक दबाव बनाने वाला कदम बताया है।

    हालांकि, सरकार की ओर से इन तमाम आशंकाओं को खारिज किया गया है। केंद्रीय स्तर पर यह स्पष्ट किया गया कि देश में तेल और गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। सरकार का कहना है कि नागरिकों से केवल संसाधनों के जिम्मेदार और विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की गई है, ताकि ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।

    फिलहाल, इस मुद्दे ने राजनीतिक बहस के साथ-साथ व्यापारिक जगत में भी नई चिंता पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस पर आगे क्या रुख अपनाती है और बाजार में इसका क्या प्रभाव देखने को मिलता है।

  • ऊर्जा संकट के बीच PM मोदी का बड़ा कूटनीतिक मिशन: 5 देशों का दौरा, UAE से होगी शुरुआत

    ऊर्जा संकट के बीच PM मोदी का बड़ा कूटनीतिक मिशन: 5 देशों का दौरा, UAE से होगी शुरुआत



    नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई से 20 मई तक एक महत्वपूर्ण विदेश दौरे पर जा रहे हैं, जिसमें वे कुल 5 देशों UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में ईरान संकट और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और आपूर्ति श्रृंखला पर असर डाल रहा है, ऐसे में इस यात्रा को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

    दौरे की शुरुआत 15 मई को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से होगी, जहां प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। UAE भारत का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और वहां लगभग 45 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं, जो दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा बनाते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा वैश्विक हालात में होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता के बीच यह दौरा भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए पश्चिम एशिया में स्थिरता उसके लिए रणनीतिक प्राथमिकता है।

    इसके बाद प्रधानमंत्री 15 से 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे, जहां वे प्रधानमंत्री रॉब जेटन, किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और जल प्रबंधन जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।

    17 और 18 मई को प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन का दौरा करेंगे, जहां तकनीक, नवाचार और ग्रीन एनर्जी पर बातचीत होने की संभावना है। इसके बाद 18 से 19 मई को वे नॉर्वे जाएंगे। नॉर्वे के ओस्लो में 19 मई को तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें ग्रीन ट्रांजिशन, ब्लू इकोनॉमी, रक्षा, अंतरिक्ष और नई तकनीक जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा।

    दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 19 से 20 मई तक इटली में रहेंगे। यहां वे प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से मुलाकात करेंगे। इस दौरान भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, रक्षा सहयोग और स्वच्छ ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

    कुल मिलाकर यह 5 देशों का दौरा भारत की विदेश नीति, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया भू-राजनीतिक और ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रही है।

  • पश्चिम एशिया संकट के बीच 15 मई को यूरोप और यूएई के टूर पर जाएंगे PM मोदी, इन मुद्दों पर रहेगा फोकस

    पश्चिम एशिया संकट के बीच 15 मई को यूरोप और यूएई के टूर पर जाएंगे PM मोदी, इन मुद्दों पर रहेगा फोकस


    नई दिल्ली।
    ईरान और अमेरिका (Iran and America) में तनाव के बीच दुनियाभर में पैदा हुए ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) 15 से 20 मई तक यूरोप और यूएई की यात्रा पर जाने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक इस यात्रा के दौरन वह ऊर्जा सहयोग और व्यापार को बढ़ाने को लेकर कई समझौते कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) यूएई (UAE) और इटली (Italy) में रुकेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी , नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे का भी दौरा करेंगे। वह 15 मई को सबसे पहले यूएई पहुचेंगे और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे।


    किन मुद्दों पर होगा फोकस

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी इस यात्रा के दौरान ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर वैश्विक नेताओं से चर्चा करेंगे। इसके अलावा यूरोप के देशों के साथ सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक साझेदारी को बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। जानकारी के मुताबिक यात्रा के दौरान सभी देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर भी चर्चा की जाएगी।


    यूएई के बाद की यात्रा

    बता दें कि यूएई भारत का बड़ा एनर्जी पार्टनर है। इसके अलावा भी निवेश के मामले में वह भारत का सातवां सबसे बड़ा स्रोत है। यहां 45 लाख से ज्यादा भारतीय भी रहते हैं। यूएई के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड पहुंचेंगे और पीएम रॉब जेटेन से मुलकात करेंगे। वह 17 मई तक नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इसके बाद वह स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टनर्स के न्योते पर 17 से 18 मई तक के लिए स्वीडन के गोथेनबर्ग पहुंचेंगे। चौथे चरण में प्रधानमंत्री नॉर्वे पहुंचेंगे और भारत-नॉर्डिक शिखऱ सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। वर्ष 1983 के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्रा होगी।

    इस मुद्दे को लेकर हो सकती है अहम बात
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड दूसरी बार जा रहे हैं। यहां वह पीएम विलियम- अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मिलेंगे। पीएम मोदी इस यात्रा के दौरान रक्षा, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और नवाचार के मामलों को आगे बढ़ाने के लिए चर्चा करेंगे। यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली जाएंगे और यहां प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे।

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा रक्षा, सुरक्षा, नवाचार, हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और जल पर रणनीतिक साझेदारी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उच्च स्तरीय बैठकों और घनिष्ठ सहयोग की गति को और मजबूत करेगी। मंत्रालय ने कहा कि उनकी यह यात्रा बहुआयामी साझेदारी को और गहरा और विस्तारित करने का अवसर प्रदान करेगी। अपनी वार्ता में दोनों पक्ष हरित परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), उभरती प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं, रक्षा, अंतरिक्ष, लोगों का लोगों से संबंध और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

  • PM मोदी ने की गुजरातियों की तारीफ, वडोदरा में बोले- यहां समाज समय की दिशा को जल्दी पहचानता है

    PM मोदी ने की गुजरातियों की तारीफ, वडोदरा में बोले- यहां समाज समय की दिशा को जल्दी पहचानता है


    वडोदरा।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) सोमवार को गुजरात (Gujarat) के वडोदरा शहर में थे, जहां उन्होंने पटेल समुदाय द्वारा निर्मित ‘सरदार धाम हॉस्टल’ (Sardar Dham Hostel) का उद्घाटन किया और इसके बाद एक सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया संकट (West Asia crisis) के कारण उपजे वैश्विक तेल संकट के बीच एकबार फिर लोगों से ईंधन और खाने के तेल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन एवं इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करने और सोने की खरीद कुछ समय के लिए टालने की अपील की। साथ ही उन्होंने एक बार फिर लोगों से आग्रह किया कि जहां संभव हो वहां घर से काम करने की कोविड-कालीन व्यवस्था को अपनाएं और विदेश यात्रा को भी सीमित करें। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने गुजरात की धरती और यहां के लोगों की जमकर तारीफ की और इसे भविष्य को पहचानने वाली धरती बताया।

    अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि ‘गुजरात की एक बहुत बड़ी विशेषता रही है, कि यहां समाज हमेशा समय की दिशा को जल्दी पहचानता है। परिवर्तन को अवसर में बदलना, नई संभावनाओं को अपनाना और भविष्य की तैयारी समय रहते शुरू करना ये गुजरात की कार्य संस्कृति का हिस्सा रहा है। आज जब दुनिया फ्यूचर टेक्नोलॉजीज की ओर बढ़ रही है, तब गुजरात भी नई गति के साथ आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग, एयरोस्पेस, एडवांस इंजीनियरिंग, ग्रीन एनर्जी, फाइनेंशियल सर्विसेस हर क्षेत्र में गुजरात अपनी नई पहचान बना रहा है।’


    ‘ग्लोबल सप्लाई चेन का बड़ा केंद्र बनाने की कोशिश’

    आगे उन्होंने कहा, ‘साणंद में मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर्स बन रहे हैं, केयर्न सेमीकंडक्टर प्लांट में भी प्रोडक्शन शुरू हो चुका है, धोलेरा और सूरत में भी नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स आगे बढ़ रहे हैं। हमारा भारत और हमारा गुजरात ग्लोबल सप्लाई चेन का बड़ा केंद्र बने, हम इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।’


    पीएम ने बताया वडोदरा में हो रहे कितने काम

    आगे उन्होंने वडोदरा का जिक्र करते हुए कहा, ‘आने वाले समय में वडोदरा की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आज यहां बने मेट्रो कोचेज दूसरे देशों तक निर्यात हो रहे हैं। सांवली में आधुनिक रेल सिस्टम कोचेज का निर्माण हो रहा है। इंजीनियरिंग, हैवी मशीनरी, कैमिकल्स और फार्मा, पावर इक्विपमेंट्स और MSME, ऐसे कई सेक्टर्स में आज वडोदरा मैन्यूफेक्चरिंग का मजबूत केंद्र बन चुका है। यहां की गतिशक्ति यूनिवर्सिटी ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक की फील्ड में प्रोफेशनल्स तैयार कर रही है, अब एयरोस्पेस सेक्टर में भी वडोदरा नई पहचान बनाने जा रहा है। यहां एयरक्राफ्ट मैन्यूफेक्चरिंग प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है।


    ‘भारत भी दुनिया पर पड़ रहे असर से अछूता नहीं’

    इसके बाद उन्होंने पश्चिम एशिया संकट का जिक्र करते हुए कहा, ‘साथियों गुजरात और देश में विकास के प्रयासों के बीच एक और विषय संवेदनशील होता जा रहा है, पिछले कुछ वर्षों में दुनिया लगातार अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रही है। पहले कोरोना का संकट, फिर वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और अब पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, इन सारी परिस्थितियों का असर लगातार पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। जब हमने मिलकर कोरोना के संकट का मुकाबला कर लिया तो इस संकट से भी अवश्य पार पा जाएंगे।’


    वेकेशन और वेडिंग के लिए विदेश जाने से बचने को कहा

    आगे उन्होंने उच्च व उच्च मध्यमवर्गीय लोगों की छुट्टियां मनाने व डेस्टिनेशन वेडिंग (यानी शादी के लिए किसी खास जगह पर जाने) के लिए विदेश जाने की आदत का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘जैसे ही छुट्टियां शुरू होती हैं, बच्चों के हाथों में विदेश जाने के टिकट थमा दिए जाते हैं। आजकल विदेश यात्रा का चलन है। अक्सर ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ का चलन भी बढ़ रहा है। यहां ऐसे कई लोग हैं जो अब मुझे निमंत्रण नहीं भेजते, पहले वे ऐसा करते थे क्योंकि वे अपनी शादियां विदेश में करते थे, लेकिन अब उन्होंने यह सिलसिला बंद कर दिया है।

    आगे पीएम ने कहा, ‘विदेश में ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ का यह चलन तेजी से बढ़ रहा है, हालांकि, इस बात पर भी गौर करें कि इसमें काफी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। खुद से यह सवाल पूछें, क्या भारत के भीतर ऐसी कोई जगह नहीं है जहां हम अपनी छुट्टियां बिता सकें, जहां हम अपने बच्चों को अपने इतिहास के बारे में पढ़ाएं, जहां हम अपने स्थानों पर गर्व महसूस कर सकें? यह बेहद जरूरी है कि हम अपनी छुट्टियां यहीं भारत में ही मनाएं और तो और जहां तक शादियों की बात है, मैं नहीं मानता हूं कि हमारे लिए अपने भारत से ज्यादा सुंदर या पवित्र जगह कोई और हो सकती है। जब हम यहां पर शादी करते हैं तो पूर्वजों की मिट्टी भी हमें आशीर्वाद देती है। वेडिंग के लिए भी भारत में अनेक स्थान हैं, उन्हें हम चुनें।’


    ‘पाटीदार भाइयों को शादी के लिए खास सलाह’

    आगे प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं तो आप सब पाटीदार भाइयों को तो कहूंगा आपको तो अब शादी ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर जाकर करना चाहिए। आपकी हर शादी में सरदार साहब खुद आशीर्वाद देने के लिए मौजूद रहेंगे। वहीं पर आपने, जैसे हरिद्वार व ऋषिकेश में आप शांति के लिए जगह बना रहे हैं ना, वैसे ही आप ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ में शादी के लिए जगह बना दीजिए। जैसे हाल के वर्षों में सरदार साहब के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और हमारा एकता नगर पर्यटन का इतना बड़ा केंद्र बनकर उभरा है कि हम यह तय कर सकते हैं कि हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को वहां लेकर जाएं।’

  • PM मोदी की देशवासियों से अपील… बोले- एक साल तक सोना खरीदने से बचें….

    PM मोदी की देशवासियों से अपील… बोले- एक साल तक सोना खरीदने से बचें….


    नई दिल्ली।
    पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को देशवासियों से 1 साल तक सोना ना खरीदने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने लोगों से विदेश यात्रा (Foreign travel) को आगे बढ़ाने की भी बात कही। प्रधानमंत्री ने यह अपील ऐसे समय में की है जब युद्ध की वजह से दुनिया भर में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। पीएम मोदी की इस अपील के पीछे की वजह फॉरेन एक्सचेंज (foreign exchange) की बचत को माना जा रहा है।

    ईरान-अमेरिका युद्ध (Iran-US war) की वजह से दुनिया भर में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतें सातवें आसमान पर हैं। साथ पूरी सप्लाई चेन तहस-नहस हो गई है। जिससे भारत जैसे आयात करने वाले देश अधिक प्रभावित हुए हैं। बता दें, पीएम मोदी अपनी अपील के जरिए फॉरेन एक्सचेंज आउटफ्लो को कम करना चाहते हैं।

    पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी अपील को देशभक्ति के साथ जोड़ा है। उन्होंने तेल की बचत करने का भी आग्रह किया है। पीएम ने लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट, वर्क फ्रॉम होम सिस्टम, नेचुरल फार्मिंग और स्वदेशी प्रोडक्ट्स का उपयोग करने की सलाह दी है।


    क्यों है गोल्ड का आयात इतना महत्वपूर्ण? (Why Gold matters)

    भारत दुनिया का सबसे अधिक गोल्ड आयात करने वाले देशों में से एक है। भारत का घरेलू मांग विदेशी आयात पर निर्भर करता है। क्योंकि भारत से खरीदे गए गोल्ड के लिए डॉलर में भुगतान करना होता है इसलिए यह भारत जैसे देशों पर अतिरिक्त दबाव बनाता है। इससे इंपोर्ट बिल बढ़ता है। फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व लगातार घटता है।

    यह चिंता मौजूदा परिस्थितियों में और बढ़ जाती है। भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत तेल इंपोर्ट करता है। ऐसे में कच्चे तेल का बढ़ता रेट भी अतिरिक्त दबाव बना रहा है। बता दें, तेल और खाद के खर्च की वजह से डॉलर की निकासी पर दबाव बढ़ रहा है।

    ऐसे में अगर देश कम सोना खरीदता है तो वह रुपये की सेहत के लिए भी अच्छा रहेगा। वहीं, इससे ट्रेड बैलेंस भी बेहतर होगा।


    भारत का फॉरेक्स रिजर्व मजबूत (India forex reserves)

    फॉरेक्स रिजर्व के मोर्चे पर अभी घबराने की कोई जरूरत नहीं है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार भारत का फॉरेक्स रिजर्व 691.11 अरब डॉलर है। जोकि 11 महीने के इंपोर्ट के लिए काफी है। रिपोर्ट के अनुसार भारत का फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड का शेयर मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत हो गया है। सितंबर 2025 तक यह 13.92 प्रतिशत था।

  • PM Modi Bengaluru Visit: कार्यक्रम स्थल के पास मिला विस्फोटक, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच में जुटी पुलिस

    PM Modi Bengaluru Visit: कार्यक्रम स्थल के पास मिला विस्फोटक, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच में जुटी पुलिस


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेंगलुरु यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा अलर्ट सामने आया है। रविवार को बेंगलुरु के बाहरी इलाके कागलीपुरा के पास उस क्षेत्र से दो जिलेटिन स्टिक बरामद की गईं, जहां से कुछ दूरी पर पीएम मोदी का कार्यक्रम आयोजित होना था। विस्फोटक मिलने की खबर के बाद सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

    जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेंगलुरु स्थित Art of Living Foundation के अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित विशेष समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। यह कार्यक्रम संस्था के 45 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था। इसी बीच कार्यक्रम स्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर फुटपाथ किनारे संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने से सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।

    बेंगलुरु सेंट्रल रेंज के डीआईजी के अनुसार, प्रधानमंत्री के दौरे से पहले इलाके में नियमित सुरक्षा जांच की जा रही थी। इसी दौरान रविवार सुबह दो जिलेटिन स्टिक बरामद हुईं। बरामदगी के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया और बम निरोधक दस्ता तथा फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    घटना ऐसे समय सामने आई है जब खुफिया एजेंसियों ने हाल ही में संभावित आतंकी खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया था। इसके बाद दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस को संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों, लावारिस सामान और खड़ी गाड़ियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए थे।

    बेंगलुरु पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोटक सामग्री वहां कैसे पहुंची और क्या इसके पीछे किसी बड़ी साजिश का एंगल जुड़ा हुआ है। फिलहाल अधिकारियों ने कहा है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।

  • शिंदे की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे PM मोदी….भरे मंच पर पूछा हेलीकॉप्टर हादसे का हाल

    शिंदे की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे PM मोदी….भरे मंच पर पूछा हेलीकॉप्टर हादसे का हाल


    कोलकाता।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने महाराष्ट्र (Maharashtra) के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Deputy Chief Minister Eknath Shinde) की सेहत और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। यह तब हुआ जब हाल ही में एकनाथ शिंदे का हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा था। शनिवार को जब पश्चिम बंगाल (West Bengal) में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अन्य नेताओं से मिल रहे थे, तभी उन्होंने अचानक उनके पास रुककर उनसे इस घटना के बारे में बात की। उन्होंने न सिर्फ उनका हालचाल पूछा बल्कि भविष्य में हवाई यात्रा के दौरान ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह भी दी। इस बातचीत को लेकर वहां मौजूद लोगों में काफी उत्सुकता देखी गई।


    खराब मौसम में फंसा था शिंदे का हेलीकॉप्टर

    दरअसल, गुरुवार को एकनाथ शिंदे का हेलीकॉप्टर उड़ान के दौरान खराब मौसम में फंस गया था। बताया गया कि पायलट को अचानक एक तूफानी सिस्टम आता दिखा, जिसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हेलीकॉप्टर को वापस मोड़ दिया गया। इस दौरान हेलीकॉप्टर रास्ता भी थोड़ा भटक गया था, इसलिए उसे मुंबई के जुहू स्थित पवन हंस में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि शिंदे पूरी तरह सुरक्षित रहे।


    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दोनों का संवाद

    प्रधानमंत्री मोदी और शिंदे की बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद लोग इस बातचीत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे। हालांकि बाद में साफ हुआ कि प्रधानमंत्री ने केवल उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।

    इस पूरे घटनाक्रम से यह भी देखने को मिला कि प्रधानमंत्री मोदी अपने सहयोगियों की सुरक्षा और भलाई को लेकर कितने सतर्क रहते हैं और व्यक्तिगत रूप से उनका हालचाल भी लेते हैं। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार भी मौजूद थे। वहीं पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

  • कोलकाता समारोह में भावनात्मक क्षण, पीएम मोदी ने बुजुर्ग कार्यकर्ता को मंच पर दिया विशेष सम्मान

    कोलकाता समारोह में भावनात्मक क्षण, पीएम मोदी ने बुजुर्ग कार्यकर्ता को मंच पर दिया विशेष सम्मान

    नई दिल्ली ।
    कोलकाता में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक ऐसा क्षण सामने आया जिसने पूरे कार्यक्रम की दिशा ही बदल दी और उसे एक भावनात्मक याद में बदल दिया। मंच पर चल रहे औपचारिक कार्यक्रम के बीच अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 98 वर्षीय वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके पैर छुए और उन्हें गले लगाया। यह दृश्य इतना सहज और अप्रत्याशित था कि कुछ ही क्षणों में वहां मौजूद लोगों के बीच भावनात्मक माहौल बन गया।

    यह पूरा घटनाक्रम कैमरों में कैद हो गया और देखते ही देखते यह तस्वीर और वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। समारोह में मौजूद लोग भी इस पल को देखकर कुछ देर के लिए भावुक हो उठे और तालियों की गूंज से पूरे वातावरण को भर दिया। मंच पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के चेहरे पर भी इस सम्मानजनक दृश्य का प्रभाव साफ देखा जा सकता था।

    जानकारी के अनुसार, माखनलाल सरकार पश्चिम बंगाल में लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। वे उन वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में शामिल हैं जिन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा सामाजिक और राजनीतिक विचारधारा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में लगाया है। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका उत्साह और समर्पण कार्यकर्ताओं के बीच प्रेरणा का कारण बना हुआ है।

    समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने पहले उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने झुककर उनके चरण स्पर्श किए और फिर उन्हें गले लगाकर आशीर्वाद लिया। यह पूरा दृश्य पूरी तरह से सहज और आत्मीय था, जिसने मंच पर मौजूद लोगों के साथ-साथ वहां उपस्थित हजारों लोगों को भी भावुक कर दिया। कुछ ही पलों में यह दृश्य पूरे कार्यक्रम का सबसे चर्चित क्षण बन गया।

    माखनलाल सरकार का नाम उन पुराने दौर के आंदोलनों से भी जुड़ा बताया जाता है, जिनमें राष्ट्रवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए कई संघर्ष देखने को मिले थे। बताया जाता है कि वे अपने शुरुआती वर्षों से ही सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे और कई महत्वपूर्ण आंदोलनों का हिस्सा भी बने। उनके अनुभव और योगदान को संगठन के भीतर आज भी अत्यधिक सम्मान के साथ देखा जाता है।

    इस घटना के बाद यह स्पष्ट हो गया कि शपथ ग्रहण जैसे औपचारिक राजनीतिक आयोजनों में भी मानवीय भावनाओं और सम्मान की परंपरा कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह दृश्य केवल एक क्षण नहीं रहा, बल्कि यह पीढ़ियों के बीच सम्मान और जुड़ाव का प्रतीक बन गया।

    कार्यक्रम के दौरान जहां एक ओर नई सरकार की जिम्मेदारियों और भविष्य की योजनाओं की चर्चा हो रही थी, वहीं यह भावुक क्षण लोगों के दिलों में अलग ही जगह बना गया। सोशल मीडिया पर भी यह दृश्य तेजी से फैल गया और लोगों ने इसे सम्मान और संस्कार की एक मिसाल के रूप में देखा।

  • पटना में पीएम मोदी का भव्य रोड शो, गांधी मैदान में 32 मंत्रियों के शपथ ग्रहण से पहले दिखा शक्ति प्रदर्शन

    पटना में पीएम मोदी का भव्य रोड शो, गांधी मैदान में 32 मंत्रियों के शपथ ग्रहण से पहले दिखा शक्ति प्रदर्शन

    नई दिल्ली। /पटना में आज सुबह से ही पूरा राजनीतिक माहौल उत्साह और हलचल से भरा नजर आया। राजधानी की सड़कों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो को लेकर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक के इस सफर में सड़क के दोनों ओर लोग घंटों खड़े रहे और फूल बरसाकर उनका स्वागत करते दिखे। ढोल-नगाड़ों की आवाज और समर्थकों के नारों ने पूरे शहर को उत्सव के माहौल में बदल दिया।

    प्रधानमंत्री का यह रोड शो केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। जैसे-जैसे उनका काफिला आगे बढ़ा, लोगों का उत्साह और बढ़ता गया। कई जगहों पर भीड़ इतनी अधिक थी कि ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई, हालांकि सुरक्षा बल लगातार स्थिति को नियंत्रित करते नजर आए।

    इसी बीच गांधी मैदान में सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। मुख्यमंत्री बनने के कुछ ही दिनों बाद यह पहला बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है, जिसमें 32 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा रही है। इस कैबिनेट में अलग-अलग दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जिससे गठबंधन की मजबूती का संदेश देने की कोशिश की जा रही है।

    गांधी मैदान में आयोजित इस समारोह में कई बड़े नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम की अहमियत और बढ़ा दी। मंच पर वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति के बीच शपथ ग्रहण समारोह को बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया गया है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो सके।

    सुबह से ही गांधी मैदान के बाहर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। जैसे-जैसे शपथ ग्रहण का समय नजदीक आया, उत्साह और भी बढ़ता गया। समर्थक अपने नेताओं के समर्थन में लगातार नारेबाजी करते दिखे, जिससे पूरा माहौल राजनीतिक ऊर्जा से भर गया।

    रोड शो के दौरान प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए लोग लंबे समय तक सड़क किनारे खड़े रहे। जैसे ही उनका काफिला गुजरा, पूरा इलाका तालियों और नारों से गूंज उठा। इस पूरे घटनाक्रम ने पटना को आज पूरी तरह देश की राजनीति का केंद्र बना दिया, जहां शक्ति प्रदर्शन और सत्ता विस्तार एक साथ देखने को मिले।

  • बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत पर दुनियाभर से आ रही प्रतिक्रियाएं, ट्रंप ने भी PM मोदी को दी बधाई

    बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत पर दुनियाभर से आ रही प्रतिक्रियाएं, ट्रंप ने भी PM मोदी को दी बधाई


    वॉशिंगटन।
    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (Bharatiya Janata Party -BJP)) की ऐतिहासिक जीत के बाद देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को ऐतिहासिक और निर्णायक चुनावी जीत की बधाई दी है।

    व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने बातचीत में बताया कि हाल ही में फोन पर हुई बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी की सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि भारत सौभाग्यशाली है कि उसका नेतृत्व आप जैसे नेता के हाथों में है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को इस हालिया ऐतिहासिक और निर्णायक चुनावी जीत के लिए बधाई दी है।


    बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव

    भाजपा की इस जीत के साथ पहली बार पार्टी ने पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल की है। यह राज्य लंबे समय से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। इस चुनाव परिणाम के साथ ही राज्य में बनर्जी का करीब 15 साल का शासन समाप्त हो गया है। इसे पीएम मोदी के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उनका राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कद और मजबूत हुआ है।


    ‘यह नए युग की शुरुआत’

    जीत की घोषणा के बाद नई दिल्ली में समर्थकों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने इसे पश्चिम बंगाल के लिए नए युग की शुरुआत बताया था। उन्होंने कहा कि यह जनादेश भयमुक्त, विकासशील और विश्वास से भरे बंगाल की दिशा में एक निर्णायक कदम है। पीएम मोदी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का उल्लेख करते हुए कहा “अब दशकों का इंतजार खत्म हुआ है और जनता ने उस विजन को साकार करने का अवसर भाजपा को दिया है।”


    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा भारत का प्रभाव

    इस ऐतिहासिक जीत और ट्रंप की बधाई को भारत की बढ़ती वैश्विक साख से भी जोड़कर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूती मिलेगी और वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका और प्रभावशाली होगी।