Tag: Police Investigation

  • एक ही दिन में 6 केस में गवाही 50 KM का सफर मऊगंज में फिक्स गवाहों का बड़ा खेल उजागर

    एक ही दिन में 6 केस में गवाही 50 KM का सफर मऊगंज में फिक्स गवाहों का बड़ा खेल उजागर


    मऊगंज । मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां पुलिस पर आरोप लगा है कि वह तथाकथित फिक्स गवाहों के सहारे मामलों को मजबूत दिखाने की कोशिश कर रही है जिससे न्याय प्रक्रिया की निष्पक्षता पर खतरा मंडरा रहा है।

    मामला हनुमना थाना क्षेत्र से जुड़ा है जहां एक ड्राइवर को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी अनिल काकडे के निजी वाहन चालक राजेश साकेत न केवल गाड़ी चलाते हैं बल्कि कई मामलों में गवाह के रूप में भी पेश किए जाते हैं। आरोप है कि पिछले आठ महीनों में वह 48 से अधिक मामलों में गवाही दे चुके हैं जिससे यह सवाल उठता है कि क्या वह हर घटना के प्रत्यक्षदर्शी हो सकते हैं।

    सबसे हैरान करने वाली बात 28 मार्च 2026 की बताई जा रही है जब राजेश साकेत और एक अन्य व्यक्ति सूर्यमणि मिश्रा ने एक ही दिन में छह अलग अलग मामलों में गवाही दी। ये सभी मामले हनुमना थाना हाटा चौकी और पिपराही चौकी क्षेत्र से जुड़े थे जो लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में फैले हुए हैं। इस तरह की घटनाओं ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

    आंकड़ों के अनुसार सूर्यमणि मिश्रा राजेश साकेत और पुष्पराज द्विवेदी जैसे कुछ नाम ऐसे हैं जो सैकड़ों मामलों में गवाह के रूप में सामने आए हैं। आरोप है कि ये लोग लूट डकैती मारपीट और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में भी गवाही देते रहे हैं। हालांकि जब उनसे इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने जानकारी होने से ही इनकार कर दिया जिससे संदेह और गहरा गया है।

    इस पूरे मामले में थाना प्रभारी अनिल काकडे की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उन पर पहले भी एक गंभीर मामले में जांच चलने की बात सामने आई है जिसमें हत्या के केस को आत्महत्या बताने का प्रयास किया गया था। बावजूद इसके उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई जो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

    देश की शीर्ष अदालत भारत का सर्वोच्च न्यायालय भी इस तरह के फिक्स गवाहों पर सख्त टिप्पणी कर चुकी है और इसे न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया गया है। साथ ही Madhya Pradesh High Court के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन भी किया गया है लेकिन इसके बावजूद इस तरह के मामले सामने आना चिंता का विषय है। वहीं इस मामले पर जब प्रभारी मंत्री लखन पटेल से सवाल किया गया तो उन्होंने जांच कराने की बात कही लेकिन इससे लोगों की चिंता कम नहीं हुई है।

    यह पूरा मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। यदि गवाह ही संदिग्ध हों तो न्याय की नींव कमजोर पड़ जाती है और असली अपराधियों के बच निकलने का खतरा बढ़ जाता है। अब जरूरत है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि कानून पर लोगों का भरोसा बना रहे।

  • भोपाल में भीषण सड़क हादसा तीन युवकों की मौत भूसे से भरी ट्रॉली से टकराई तेज रफ्तार कार

    भोपाल में भीषण सड़क हादसा तीन युवकों की मौत भूसे से भरी ट्रॉली से टकराई तेज रफ्तार कार

    भोपाल । भोपाल में मंगलवार-बुधवार की देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल है यह दुखद घटना ईंटखेड़ी थाना क्षेत्र के बैरसिया रोड पर हुई जहां चार दोस्त रात में चाय पीने के लिए निकले थे

    बताया जा रहा है कि चारों दोस्त अपनी बलेनो कार में थे और अचानक भूसे से भरी ट्रॉली उनकी कार के सामने आ गई तेज रफ्तार और अंधेरे की वजह से कार ने ट्रॉली से जोरदार टक्कर मार दी इस टक्कर में कार के परखच्चे उड़ गए और तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ

    घायल युवक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है पुलिस ने हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है

    पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के समय ट्रॉली का ड्राइवर मौके से फरार हो गया है और उसकी तलाश की जा रही है वहीं मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है इस घटना ने सड़क सुरक्षा के सवाल भी उठाए हैं क्योंकि अंधेरे और तेज रफ्तार के कारण यह हादसा इतना भयंकर हुआस्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि इस सड़क पर रात के समय दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है और पर्याप्त चेतावनी संकेत नहीं होने से हादसे की गंभीरता और बढ़ जाती है

    कुल मिलाकर भोपाल के बैरसिया रोड पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर किया है पुलिस मामले की जांच कर रही है और ट्रॉली चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों

  • 20 लाख से अधिक की चोरी का पर्दाफाश, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

    20 लाख से अधिक की चोरी का पर्दाफाश, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार


    बैतूल । बैतूल जिले के आमला थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकबजनी की एक बड़ी वारदात का सफल खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि चोरी की इस घटना को अंजाम देने वाला कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि फरियादी का करीबी रिश्तेदार ही निकला। इस घटना ने न केवल क्षेत्र में सनसनी फैला दी बल्कि लोगों के बीच भरोसे और रिश्तों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पुलिस के अनुसार कुछ समय पूर्व आमला क्षेत्र में एक घर में नकबजनी की घटना सामने आई थी, जिसमें अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण, नगदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों तथा संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ना शुरू किया।

    जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर संदेह का दायरा घर के नजदीकी लोगों तक पहुंचा। जब संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई तो एक रिश्तेदार की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद उसने चोरी की पूरी घटना को कबूल कर लिया।

    आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे घर की पूरी जानकारी थी और इसी का फायदा उठाकर उसने वारदात को अंजाम दिया। उसे यह भी पता था कि घर में कहां कीमती सामान रखा है और कब घर में लोग मौजूद नहीं होंगे। इसी जानकारी के आधार पर उसने योजनाबद्ध तरीके से नकबजनी की घटना को अंजाम दिया और चोरी के सामान को छिपा दिया।

    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में मशरूका बरामद किया है, जिसमें सोने-चांदी के जेवर, नगदी और बैंक खाते में जमा राशि शामिल है। कुल मिलाकर 20 लाख 85 हजार 200 रुपये की संपत्ति बरामद की गई है, जो इस पूरे मामले को और गंभीर बनाती है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले का खुलासा टीम की सतर्कता और तकनीकी जांच के कारण संभव हो सका। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इस वारदात को अकेले अंजाम दिया या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी संलिप्तता है।

    इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कई बार अपराधी बाहरी नहीं बल्कि अपने ही बीच छिपे होते हैं। रिश्तों की आड़ में विश्वास हासिल कर अपराध को अंजाम देना समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और अपने घरों की सुरक्षा के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर बनाए रखें।

  • बड़वानी जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, इलाके में हड़कंप; बम स्क्वॉड की सघन जांच जारी

    बड़वानी जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, इलाके में हड़कंप; बम स्क्वॉड की सघन जांच जारी


    बड़वानी । मध्य प्रदेश के बड़वानी में उस समय अफरा तफरी मच गई, जब जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई। एक अज्ञात ईमेल के जरिए मिली इस धमकी ने पुलिस और प्रशासन को तुरंत अलर्ट कर दिया। शुक्रवार को एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर को खाली कराकर पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।

    धमकी की जानकारी मिलते ही कोर्ट में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों के बीच हड़कंप मच गया। प्रशासन ने बिना देर किए पूरी बिल्डिंग को खाली कराया और वकीलों के चैंबर के साथ साथ आसपास की दुकानों को भी बंद करा दिया। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर दी गई। गौरतलब है कि यह कोर्ट परिसर स्थानीय थाने से महज कुछ ही दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खरगोन से बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। पुलिस अधीक्षक, एडीएम और एडिशनल एसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर हालात की निगरानी कर रहे हैं। कोतवाली थाना प्रभारी ने अपनी टीम के साथ कोर्ट परिसर को चारों ओर से घेर लिया है और सभी प्रवेश द्वारों को सील कर दिया गया है।

    बम स्क्वॉड और स्वाट टीमों द्वारा कोर्ट परिसर के अंदर चप्पे चप्पे की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी मौके पर तैनात रखा गया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने पूरी सावधानी के साथ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

    गौरतलब है कि हाल के दिनों में मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में भी अदालतों को इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। सतना और मैहर में भी इसी तरह के मामले सामने आए थे। ऐसे में जांच एजेंसियां इस एंगल से भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इन घटनाओं के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है या फिर यह महज किसी शरारती तत्व की हरकत है।

    फिलहाल पुलिस कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह सिर्फ अफवाह थी या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा। तब तक पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

  • जबलपुर में नाले से मिला बम का खोल, खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से जुड़ाव की आशंका, इलाके में सनसनी

    जबलपुर में नाले से मिला बम का खोल, खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से जुड़ाव की आशंका, इलाके में सनसनी


    जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब नाले की सफाई के दौरान एक घातक बम का खोल कवर बरामद हुआ। यह बम कवर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में निर्मित होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस बम स्क्वॉड और संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय स्तर पर चल रहे सफाई अभियान के दौरान मजदूरों को नाले में संदिग्ध धातु वस्तु दिखाई दी। करीब से देखने पर वह बम का खोल निकला जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने सतर्कता बरतते हुए बम के खोल को अपने कब्जे में ले लिया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जांच प्रक्रिया शुरू की।

    इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया प्रबंधन को पत्र लिखकर बम के खोल के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है। प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि यह खोल भारतीय सेना के उपयोग में आने वाले गोला-बारूद का हिस्सा हो सकता है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    इस घटना ने दो साल पहले हुए एक भीषण हादसे की यादें भी ताजा कर दी हैं। इसी क्षेत्र में स्थित एक स्क्रैप गोदाम में विस्फोट हुआ था जिसमें भारी नुकसान हुआ था। उस मामले में अवैध रूप से गोला-बारूद से जुड़े सामान के भंडारण और कारोबार की आशंका सामने आई थी। अब ताजा बरामदगी के बाद उसी कड़ी को फिर से जोड़ा जा रहा है।

    सूत्रों के मुताबिक इस बम के खोल का संबंध इलाके के हिस्ट्रीशीटर शमीम कबाड़ी से भी हो सकता है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है।

    गौरतलब है कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में भारतीय सेना के लिए अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक गोला-बारूद तैयार किया जाता है। ऐसे में फैक्ट्री से जुड़े किसी भी सामग्री का बाहर मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    फिलहाल पुलिस और बम निरोधक दस्ता पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहा है। आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चलाया जा सकता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और इस तरह की सामग्री तो नहीं फेंकी गई है।

  • हमीदिया अस्पताल फायरिंग कांड: मुख्य आरोपी शादाब पर 30 हजार का इनाम, पुलिस जांच में सामने आई लापरवाही

    हमीदिया अस्पताल फायरिंग कांड: मुख्य आरोपी शादाब पर 30 हजार का इनाम, पुलिस जांच में सामने आई लापरवाही


    भोपाल। राजधानी में हुए हमीदिया अस्पताल फायरिंग कांड में मुख्य आरोपी शादाब गेट की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपी की तलाश में क्राइम ब्रांच सहित चार थानों की पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

    जांच में सामने आया है कि घटना के समय अस्पताल में तैनात तीन पुलिसकर्मियों के पास हथियार नहीं थे। इस गंभीर लापरवाही को लेकर पुलिस विभाग के अंदर जांच शुरू कर दी गई है और कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी शादाब गेट पर 18, अनस पर 1, अल्लू परवेज पर 6 और गुड्डू स्टेशन पर 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस इन सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। इस मामले में फायरिंग में शामिल दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर पूछताछ भी की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत अशोक गार्डन इलाके से हुई थी, जहां बदमाशों ने लालू रईस के बेटे को निशाना बनाकर फायरिंग की थी। घायल को परिजन इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान हमलावर वहां भी पहुंच गए और अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में खुलेआम गोली चला दी।

    बताया जा रहा है कि करीब सवा घंटे के भीतर तीन अलग-अलग जगहों पर फायरिंग की घटनाएं हुईं और हमलावर चार थानों के क्षेत्र से गुजरते हुए फरार हो गए। इस घटना के बाद हमीदिया अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में पुलिस चौकी होने के बावजूद पर्याप्त पुलिस बल की कमी बताई जा रही है।

    फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में जिम्मेदार पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

  • मां ने चार महीने के बेटे को मार डाला, नुकीली ईंट से हत्या कर लकड़ियों में छिपाया शव

    मां ने चार महीने के बेटे को मार डाला, नुकीली ईंट से हत्या कर लकड़ियों में छिपाया शव


    नई दिल्ली। जिस मां की गोद को बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है, वहीं मां जब मासूम बेटे की कातिल बन जाए तो समाज सन्न रह जाता है। यूपी के प्रयागराज में सरायममरेज के पिलखिनी गांव में बुधवार शाम ऐसी ही सनसनीखेज वारदात हुई, जिसमें पति से विवाद के बाद एक महिला ने अपने चार माह के बेटे को नुकीली ईंट से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद उसने बच्चे के शव को लकड़ियों के ढेर में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

    सरायममरेज थानाक्षेत्र के पिलखिनी गांव का पूरे जयसिंह निवासी संतोष यादव मजदूरी करता है। पुलिस के मुताबिक, उसका पत्नी मनोरमा यादव से घरेलू बातों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। पिछले तीन-चार दिनों से पति-पत्नी के बीच झगड़ा बढ़ गया था। ऐसे ही झगड़े के बाद बुधवार शाम गुस्से में आकर मनोरमा ने अपने चार माह के बेटे ईश्वर पर सीमेंट की नुकीली ईंट से कई प्रहार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या को छिपाने के लिए मनोरमा ने बच्चे के शव को घर के पास टीनशेडनुमा कमरे में लकड़ियों के ढेर में महुआ के पत्तों व घासफूस से छिपा दिया और सामान्य रूप से घर के कामकाज में लग गई।

    काफी देर तक बच्चा नजर नहीं आने पर पति संतोष और परिजन परेशान हो गए। उन्होंने मनोरमा से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने बेटे की हत्या करने की बात कबूल कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम को भेजकर मनोरमा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मृतक बच्चे के दादा हरिलाल यादव उर्फ मुन्नीलाल की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज किया है।

    घरेलू कलह की बलि चढ़ गया चार माह का ईश्वर
    गंगापार के सरायममरेज थानाक्षेत्र के पिलखिनी गांव में बुधवार शाम हुई सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। दो साल के लंबे इंतजार के बाद जिस बेटे ने परिवार में खुशियां लाई थीं, उसी मासूम की जिंदगी घरेलू कलह की बलि चढ़ गई। पति से विवाद के बाद गुस्से में अंधी हुई मां ने ही अपने चार माह के इकलौते बेटे ईश्वर की कंक्रीट के नुकीले टुकड़े से वार कर हत्या कर दी।

    ये भी पढ़ें:बदायूं डबल मर्डर में पुलिस की लापरवाही! एक महीने पहले दी गई थी धमकी की शिकायत
    ग्रामीणों के मुताबिक संतोष यादव की यह दूसरी शादी थी। पहली पत्नी से शादी के करीब पंद्रह दिन बाद ही दोनों के बीच अलगाव हो गया था। इसके बाद करीब दो साल पहले संतोष ने मनोरमा से विवाह किया। लंबे इंतजार के बाद चार माह पहले बेटे ईश्वर का जन्म हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू बातों को लेकर नोकझोंक होती रहती थी। पिछले तीन-चार दिनों से यह विवाद और बढ़ गया था। बुधवार को जब संतोष मजदूरी के लिए घर से बाहर गया था, उसी दौरान मनोरमा ने गुस्से में आकर मासूम ईश्वर के पेट और शरीर पर कंक्रीट के नुकीले टुकड़े से वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक और सन्नाटा पसर गया।

    इधर, घटनास्थल की जानकारी होने पर देर शाम सरायममरेज थाना प्रभारी अतुल मिश्रा व जंघई चौकी प्रभारी शरद सिंह ने मयफोर्स पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा भी बरामद कर लिया है। सरायममरेज पुलिस के अनुसार आरोपी महिला के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं लग रही है।

  • भिण्ड में नाबालिग से दुष्कर्म, गर्भवती होने पर मामला दर्ज, आरोपी फरार

    भिण्ड में नाबालिग से दुष्कर्म, गर्भवती होने पर मामला दर्ज, आरोपी फरार


    भिण्ड । भिण्ड जिले के लहार अनुभाग के रौन थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता कक्षा आठवीं की छात्रा है और हाल ही में गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे और मामला दर्ज कराया।

    जानकारी के अनुसार पीड़िता की मोहल्ले में रहने वाली दो सगी बहनों के साथ दोस्ती थी। दोनों बहनें अक्सर उसे अपने घर बुलाती थीं। इसी दौरान उन्होंने अपने भाई Sahil से उसकी पहचान कराई। परिजनों का आरोप है कि एक दिन दोनों बहनों ने किशोरी को घर बुलाकर कमरे में अकेला छोड़ दिया और बाहर चली गईं। इसी दौरान साहिल ने उसके साथ जबरन गलत संबंध बनाए और किसी को बताने पर बदनाम करने की धमकी दी।

    पीड़िता के परिजन ने बताया कि उन्होंने साहिल के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लेकिन आरोपी साहिल फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन जारी है।

    घटना ने इलाके में सुरक्षा और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए सभी संसाधन लगाए जा रहे हैं और पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। यह मामला स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बन गया है क्योंकि ऐसे अपराधों में त्वरित कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होता है।

  • निर्माणाधीन जिला जेल के पास पेड़ से लटका मिला युवक का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी

    निर्माणाधीन जिला जेल के पास पेड़ से लटका मिला युवक का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब निर्माणाधीन जिला जेल परिसर के पास जंगल में एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया।

    पुलिस के अनुसार यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के कढ़ाई इलाके में स्थित जंगल की है, जहां निर्माणाधीन जिला जेल के पास एक पेड़ पर युवक का शव लटका हुआ पाया गया। स्थानीय लोगों ने जब पेड़ से लटका शव देखा तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने आसपास का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

    मृतक की पहचान हर्रावाड़ी निवासी सुनील उर्फ अपाचे लगभग 30 वर्ष के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि सुनील पिछले करीब पांच वर्षों से कढ़ाई क्षेत्र में अपने ससुराल में रह रहा था। वह यहां एक ईंट भट्ठे पर ट्रैक्टर चालक के रूप में काम करता था और मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहा था।

    घटना के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं है।

    घटना की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और परिचित भी मौके पर पहुंच गए। युवक की मौत से परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना से पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग युवक की मौत को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

  • नरसिंहपुर में महिला की सिर और मुंह पर वार कर हत्या, खेत की मेढ़ पर मिली लाश

    नरसिंहपुर में महिला की सिर और मुंह पर वार कर हत्या, खेत की मेढ़ पर मिली लाश

    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र के राकई बसेड़ी गांव में मंगलवार रात एक भयावह वारदात सामने आई। स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार अज्ञात हमलावर ने 25 वर्षीय महिला वंदना ठाकुर की हत्या कर दी। घटना स्थल पर महिला का शव गेहूं और गन्ने के खेत की मेढ़ पर पड़ा मिला जिसे देखकर आसपास के लोग और पुलिसकर्मी भी दंग रह गए।

    मृतका वंदना ठाकुर अपने पति पुष्पेंद्र ठाकुर के साथ मजदूरी के काम में लगी रहती थी। वे राकई हार में रिजवान पटेल के खेत में बटाई लेकर काम करती थीं। घटना वाले दिन पुष्पेंद्र अपने किसी काम से बाहर गए हुए थे। शाम को जब वह घर लौटे तो उनकी पत्नी नजर नहीं आई। घर और आसपास ढूंढने के बाद उन्होंने टार्च जलाकर खेत की मेढ़ की ओर देखा तो उनकी पत्नी का रक्तरंजित शव वहां पड़ा मिला। यह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए।

    घटना स्थल और शव की स्थिति से स्पष्ट था कि वंदना की हत्या सिर और मुंह पर किए गए वार से की गई है। इससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों और खेत में काम करने वालों ने भी पुलिस को तुरंत सूचना दी। सूचना मिलते ही करेली थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने हत्या के मामले में अपराध क्रमांक 232/26 के तहत धारा 103(1) 238(ए) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। करेली थाना प्रभारी रत्नाकर हिंगवे ने बताया कि मृतका के सिर और मुंह पर कई वार के निशान मिले हैं जिससे हत्या की शंका पुष्टि हुई है।

    पुलिस अब आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी संभावित सुराग जुटा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता नहीं चल सका है कि हत्या का कारण क्या था और किसने यह घटना अंजाम दी। मृतका के परिवार वालों का कहना है कि वंदना मेहनत करने वाली और शांत स्वभाव की महिला थी। मृतका के भाई सोनू ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी बहन मजदूरी करती थी और कुछ लोगों पर हत्या का शक भी जताया गया है। उन्होंने पुलिस से मामले की शीघ्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा भी मौके पर पहुंचे और जांच प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने थाने की टीम को जरूरी मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश दिए ताकि आरोपी जल्द गिरफ्तार हो और न्याय सुनिश्चित किया जा सके। पूरा क्षेत्र इस खौफनाक घटना से स्तब्ध है। स्थानीय लोग और पुलिस अब इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही हैं। हत्या की यह वारदात यह सवाल भी खड़ा करती है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं।