मराठा आरक्षण पर फिर गरमाई राजनीति मुंबई मार्च की तैयारी साथ ही मालाड जमीन आवंटन पर


नई दिल्ली। महाराष्ट्र में एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है जहां एक ओर मराठा समाज ने आरक्षण को लेकर मुंबई मार्च की तैयारी शुरू कर दी है वहीं दूसरी ओर मुंबई के मालाड इलाके में जमीन आवंटन में कथित गड़बड़ी को लेकर सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं

मराठा आंदोलन के प्रमुख चेहरा मनोज जरांगे पाटिल ने साफ कहा है कि समुदाय अब दोबारा मुंबई की ओर कूच करने के लिए तैयार है उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वादे पूरे नहीं किए गए तो इसके गंभीर परिणाम होंगे उनका कहना है कि अगर सरकार आरक्षण देने के पक्ष में नहीं थी तो पहले ही संबंधित आदेश जारी नहीं किए जाने चाहिए थे

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मराठा समाज अब पूरी तरह संगठित और जागरूक है और अपने अधिकारों के लिए पीछे हटने वाला नहीं है इससे साफ संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में राज्य में एक बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है

इसी बीच महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के मालाड इलाके में प्रोजेक्ट प्रभावित व्यक्तियों के लिए जमीन आवंटन में कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए हैं यह मामला तब सामने आया जब विधानसभा में इसे लेकर गंभीर सवाल उठाए गए

राज्य की शहरी विकास मंत्री माधुरी मिसाल ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच अतिरिक्त मुख्य सचिव के नेतृत्व में की जाएगी और जब तक जांच पूरी नहीं होती तब तक किसी भी तरह की आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी

यह मुद्दा कांग्रेस नेता असलम शेख द्वारा उठाया गया था जिसके बाद भाजपा के योगेश सागर और मुर्जी पटेल ने भी इस पर सवाल खड़े किए

विधानसभा में आरोप लगाया गया कि जमीन आवंटन के दौरान डेवलपर को ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स और प्रीमियम सामान्य दर से कहीं अधिक दिया गया जिससे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है

 महाराष्ट्र इस समय दो बड़े मुद्दों से जूझ रहा है एक तरफ मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन की आहट तेज हो रही है और दूसरी तरफ जमीन आवंटन में गड़बड़ी के आरोपों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं आने वाले दिनों में इन दोनों मामलों का राजनीतिक और सामाजिक असर और गहरा होने की संभावना है