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  • 27% OBC आरक्षण को लेकर राहुल गांधी का CM मोहन यादव को पत्र, 2022 से नियुक्ति के इंतजार में बैठे युवाओं के लिए उठाई आवाज

    27% OBC आरक्षण को लेकर राहुल गांधी का CM मोहन यादव को पत्र, 2022 से नियुक्ति के इंतजार में बैठे युवाओं के लिए उठाई आवाज


    भोपाल। मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत OBC आरक्षण और इससे जुड़ी रुकी नियुक्तियों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर 27 प्रतिशत OBC आरक्षण लागू करने और चयन प्रक्रिया पूरी कर चुके अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है। 22 सितंबर को लिखे गए पत्र को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी सार्वजनिक किया। उन्होंने यह मुद्दा इंदौर में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान सामने आने के बाद उठाया है।

    राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि इंदौर के कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के कई छात्रों ने शिक्षा रोजगार और भविष्य से जुड़े सवाल उनके सामने रखे थे। इनमें OBC आरक्षण के तहत रुकी नियुक्तियों का मामला भी प्रमुखता से सामने आया। राहुल गांधी के अनुसार छात्रों ने बताया कि उन्होंने परीक्षाएं पास करने के साथ चयन प्रक्रिया भी पूरी कर ली है लेकिन 87:13 व्यवस्था के तहत OBC आरक्षण से जुड़े 13 प्रतिशत पदों पर नियुक्तियां लंबित हैं। उनके मुताबिक इन पदों पर चयनित अभ्यर्थी वर्ष 2022 से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।

    राहुल गांधी ने पत्र में यह भी कहा कि 27 प्रतिशत OBC आरक्षण का सभी राजनीतिक दलों ने समर्थन किया था लेकिन इसके बावजूद मामला अभी तक पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से छात्रों की बात सुनने और चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर रास्ता निकालने की मांग की। उनका कहना है कि लंबे समय से इंतजार कर रहे युवाओं का समय और अधिक नहीं बीतना चाहिए।

    यह पूरा विवाद मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत OBC आरक्षण के प्रावधान और इसके खिलाफ चल रही न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा है। 2019 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था। इसके बाद इस बढ़ोतरी को अदालत में चुनौती दी गई। इसी कानूनी विवाद के बीच भर्ती प्रक्रिया में 87:13 व्यवस्था अपनाई गई जिसमें 87 प्रतिशत पदों पर नियुक्तियां की जाती रहीं जबकि विवादित 13 प्रतिशत पदों को लंबित रखा गया।

    इंदौर के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में भी इसी मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों ने राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखी थी। छात्रों ने बताया था कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्तियां लंबित रहने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसी बातचीत के बाद राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले के समाधान की मांग की।

    दूसरी ओर इस मुद्दे पर मध्य प्रदेश सरकार की ओर से अलग पक्ष सामने आया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि OBC आरक्षण से जुड़े विवाद को तथ्यों के साथ समझना चाहिए और सरकार की ओर से 13 प्रतिशत पदों को मनमाने तरीके से रोकने की बात सही नहीं है। वहीं मंत्री विश्वास सारंग ने राहुल गांधी के पत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि OBC आरक्षण का विवाद पिछली कांग्रेस सरकार के फैसले से जुड़ा है और मौजूदा सरकार 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    इस बीच OBC आरक्षण से जुड़ा मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। भर्ती और आरक्षण से जुड़े अलग अलग मामलों में अदालत की कार्यवाही के कारण 27 प्रतिशत आरक्षण के विवादित हिस्से पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार बना हुआ है। अदालत में 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर पक्ष और विपक्ष में दलीलें पेश की जा चुकी हैं।

    राहुल गांधी की चिट्ठी के बाद अब 27 प्रतिशत OBC आरक्षण और लंबित नियुक्तियों का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। एक ओर चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति और आरक्षण से जुड़े मामले के समाधान की मांग कर रहे हैं तो दूसरी ओर सरकार इस विवाद की जिम्मेदारी को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठा रही है। ऐसे में आगे की स्थिति न्यायिक प्रक्रिया और सरकार की ओर से लिए जाने वाले फैसलों पर निर्भर रहेगी।

  • इंदौर में राहुल गांधी से मिली प्रियंका अब दिल्ली में होगा इलाज 3 साल की उम्र से एक आंख की रोशनी का इंतजार

    इंदौर में राहुल गांधी से मिली प्रियंका अब दिल्ली में होगा इलाज 3 साल की उम्र से एक आंख की रोशनी का इंतजार


    इंदौर। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के पाडछा गांव की रहने वाली प्रियंका सेंगर के लिए 19 सितंबर का दिन अब उनकी जिंदगी में एक नई उम्मीद लेकर आया है। इंदौर में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रियंका से मंच पर बातचीत की थी। बातचीत के दौरान उनकी नजर प्रियंका की आंख पर गई। प्रियंका ने बताया कि बचपन में आंख में चूना चले जाने के बाद उसकी एक आंख की रोशनी चली गई थी। इसके बाद इलाज की कोशिश तो हुई लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के कारण आगे का उपचार नहीं हो सका।

    अब राहुल गांधी की टीम ने प्रियंका के परिवार से संपर्क किया है और उसे इलाज के लिए दिल्ली बुलाने की बात कही है। प्रियंका के मुताबिक कार्यक्रम के बाद दिल्ली से राहुल गांधी की टीम की एक महिला का फोन आया था। फोन पर उन्हें जल्द इलाज के लिए दिल्ली आने की जानकारी दी गई। इस खबर के बाद प्रियंका और उसके परिवार में उम्मीद जगी है कि वर्षों से अधूरा पड़ा इलाज अब आगे बढ़ सकेगा।

    प्रियंका ने बताया कि जब वह करीब तीन साल की थी तब उसकी आंख में चूना चला गया था। इस हादसे के बाद उसकी एक आंख से दिखाई देना बंद हो गया। 12वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान बड़ौदा में उसका एक ऑपरेशन भी कराया गया था। डॉक्टरों ने आगे एक और ऑपरेशन की जरूरत बताई थी लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह लगातार इलाज का खर्च उठा सके। इसके बाद उपचार रुक गया।

    प्रियंका के पिता उदय सिंह सेंगर किसान हैं। परिवार के पास करीब तीन एकड़ जमीन है लेकिन सिंचाई की पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण खेती से नियमित आमदनी नहीं हो पाती। ऐसे में बेटी के इलाज का खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बना रहा। एक ऑपरेशन के बाद आगे इलाज न करा पाना भी इसी आर्थिक स्थिति से जुड़ा रहा।

    इंदौर के कार्यक्रम के बाद प्रियंका के परिवार से अन्य लोगों ने भी संपर्क किया। जिले के समाजसेवी सरदार नरगावे और विधायक विक्रांत भूरिया की ओर से भी फोन आया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी प्रियंका को मिलने के लिए बुलाया और उसके पिता से फोन पर बातचीत कर आंखों के इलाज तथा परिवार की परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली।

    प्रियंका फिलहाल इंदौर में रहकर यूजीसी नेट की तैयारी कर रही है। आंखों की परेशानी के बावजूद उसने अपनी पढ़ाई जारी रखी है और आगे शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ने का सपना देख रही है। अब दिल्ली में प्रस्तावित इलाज को लेकर परिवार को उम्मीद है कि उसकी आंख की समस्या का आगे उपचार संभव हो सकेगा। प्रियंका का कहना है कि वह वर्षों से सामान्य लोगों की तरह देखने का सपना देखती रही है और अब उसे लगता है कि यह सपना पूरा होने की उम्मीद बनी है।

    इंदौर में राहुल गांधी से बातचीत के दौरान प्रियंका ने सिर्फ अपनी आंख की समस्या ही नहीं बताई थी बल्कि आदिवासी क्षेत्रों के छात्रों से जुड़े कई मुद्दे भी सामने रखे थे। उसने सरकारी हॉस्टलों में सीटों की कमी और भोजन तथा दूसरी सुविधाओं की समस्याओं का जिक्र किया था। प्रियंका ने बताया था कि उसने कक्षा एक से 12वीं तक सरकारी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की है।

    उसने हॉस्टल में भोजन से जुड़ी परेशानियों का भी उल्लेख किया था। उसके मुताबिक कई बार घर से लाई लाल मिर्च की चटनी के साथ रोटी खाकर गुजारा करना पड़ता था। उसने छात्राओं से वार्डन द्वारा काम करवाए जाने का आरोप भी लगाया था। प्रियंका ने यह भी बताया था कि 12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए पर्याप्त सरकारी हॉस्टल नहीं मिलने पर छात्राओं को किराए के कमरों में रहना पड़ता है और किराए तथा आवास भत्ते के बीच भी अंतर रहता है।

    अब प्रियंका के लिए दिल्ली से आया इलाज का बुलावा सिर्फ चिकित्सा से जुड़ी खबर नहीं बल्कि लंबे समय से देखे जा रहे एक सपने के आगे बढ़ने की उम्मीद है। पढ़ाई जारी रखते हुए वह अपने भविष्य को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है और परिवार को भरोसा है कि आगे होने वाला उपचार उसकी जिंदगी में नई संभावनाएं खोल सकता है।

  • DUSU चुनाव में ABVP की 3 सीटों पर जीत, भाजपा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- ‘मुंह पर करारा तमाचा’

    DUSU चुनाव में ABVP की 3 सीटों पर जीत, भाजपा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- ‘मुंह पर करारा तमाचा’


    नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने केंद्रीय पैनल की चार में से तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। ABVP के यश डबास अध्यक्ष, रिया छाबड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव चुने गए हैं। वहीं उपाध्यक्ष पद पर पूर्व NSUI सदस्य और निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की। कांग्रेस से संबद्ध NSUI केंद्रीय पैनल की चारों सीटों में से कोई भी नहीं जीत सकी।

    चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भाजपा ने इसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीति पर निशाना साधने का आधार बनाया। भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने कहा कि डूसू का परिणाम राहुल गांधी के लिए ‘मुंह पर करारा तमाचा’ है। उन्होंने दावा किया कि नतीजों ने राहुल गांधी की ‘झूठ और नकारात्मक प्रचार’ की राजनीति को खारिज कर दिया है।

    ‘युवा राष्ट्रवादी विचारों से दूर जा रहे हैं’ वाला नैरेटिव खारिज हुआ : भाजपा

    भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे कि देश के युवा राष्ट्रवादी विचारों से दूर जा रहे हैं और नई पीढ़ी झूठ एवं साजिश की राजनीति को पसंद कर रही है। यादव ने कहा कि डूसू चुनाव के नतीजे इस विमर्श को खारिज करते हैं।

    उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस, वाम दल और उनके पूरे तंत्र की ओर से जिस राजनीतिक विमर्श को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी, डूसू के परिणामों ने उसे ध्वस्त कर दिया है। यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र पढ़ने आते हैं, इसलिए यहां का चुनाव व्यापक युवा रुझानों को भी दर्शाता है।

    ‘डूसू का नतीजा राहुल के खिलाफ Gen Z का जनादेश’

    सिद्धार्थ यादव ने डूसू चुनाव परिणाम को राहुल गांधी के खिलाफ ‘Gen Z का जनादेश’ बताया। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति को ‘झूठ और नकारात्मक प्रचार’ की राजनीति बताते हुए कहा कि छात्र मतदाताओं ने इसे खारिज किया है।

    यादव ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कई जगहों पर ‘झूठ की गूंज’ सुनाने का काम कर रहे हैं और पूछा कि क्या उन्हें छात्रों की ओर से उठ रही ‘सच की हुंकार’ की आवाज सुनाई दे रही है।

    अमित शाह बोले- युवा शक्ति को राष्ट्रविरोधी एजेंडे की प्रयोगशाला न बनाया जाए

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ABVP की जीत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में देश के हर हिस्से से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं और यहां का जनादेश पूरे भारत के युवाओं के मन का प्रतिबिंब होता है। शाह ने ABVP की जीत को उन ताकतों के लिए संदेश बताया, जो युवाओं को अपने एजेंडे के लिए ‘प्रयोगशाला’ में बदलना चाहती हैं।

    शाह ने कहा कि देश का युवा ‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा के साथ खड़ा है। उन्होंने ABVP की जीत का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे संगठन के कार्यकर्ताओं को छात्र हित और राष्ट्र निर्माण से जुड़े काम आगे बढ़ाने की ऊर्जा मिलेगी।

    भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी ABVP की जीत को सकारात्मक छात्र राजनीति में युवाओं के भरोसे से जोड़ते हुए इसका स्वागत किया।

    अध्यक्ष पद पर यश डबास ने 2,053 वोट से जीत दर्ज की

    अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास को 24,576 वोट मिले। उन्होंने NSUI के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों के अंतर से हराया। मीणा को 22,523 वोट मिले।

    उपाध्यक्ष पद पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार भी निर्दलीय दीपांशु शौकीन रहे। उन्हें 30,615 वोट मिले। शौकीन पहले NSUI से जुड़े थे और टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे। उन्होंने ABVP के इशू मौर्य को हराया, जिन्हें 16,910 वोट मिले। NSUI के वीर छत्रथ को 4,313 वोट मिले।

    सचिव पद पर रिया छाबड़ी, संयुक्त सचिव लक्ष्य राज सिंह विजयी

    सचिव पद पर ABVP की रिया छाबड़ी ने 21,650 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। NSUI की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले। वहीं संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल किए और समाजवादी छात्र सभा के विशेष यादव को 15,778 वोट मिले।

    इस तरह ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद अपने नाम किए, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय दीपांशु शौकीन के खाते में गया। इस बार के चुनाव में NSUI केंद्रीय पैनल की किसी भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी।

    पिछले साल के चुनाव में भी ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर जीत दर्ज की थी, जबकि उपाध्यक्ष पद NSUI के खाते में गया था। इस बार उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत ने ABVP के तीन पदों की बढ़त के बीच चुनाव परिणाम को अलग राजनीतिक तस्वीर दी है।

  • राहुल गांधी को प्रपोज करने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची युवती, जताई शादी करने की इच्छा

    राहुल गांधी को प्रपोज करने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची युवती, जताई शादी करने की इच्छा


    इंदौर।
    कांग्रेस (Congress) के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम (‘Students’ Resonance’ Programme) में शामिल होने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची एक युवती उस समय चर्चा में आ गई, जब उसने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) से शादी करने की इच्छा जताई। युवती ने कहा कि यदि अभिनेत्री करीना कपूर राहुल गांधी को डेट करना चाहती थीं, तो एक आम लड़की भी उनसे शादी करने की इच्छा रख सकती है।

    युवती ने कहा कि वह चाहती है कि राहुल गांधी की शादी उससे हो। उसके मुताबिक, राहुल गांधी युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जिस तरह बात करते हैं, उसका युवाओं पर प्रभाव पड़ता है। इसी वजह से वह राहुल गांधी को सुनने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची है।


    ‘कई लड़कियां खुले मंच से करेंगी प्रपोज’

    युवती ने दावा किया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होंगे। उसने यह भी कहा कि कई लड़कियां राहुल गांधी को खुले मंच से प्रपोज करने की इच्छा रखती हैं। हालांकि, मंच से प्रपोज करने को लेकर युवती की बात उसकी व्यक्तिगत इच्छा और दावे के रूप में सामने आई है। कार्यक्रम के दौरान वास्तव में ऐसा कोई घटनाक्रम होता है या नहीं, यह आयोजन के समय ही स्पष्ट होगा।


    राघव चैतन्य की प्रस्तुति भी आकर्षण

    ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी के संवाद के साथ सिंगर राघव चैतन्य भी प्रस्तुति देंगे। उनकी प्रस्तुति को लेकर भी युवाओं में उत्साह है। कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवाओं के पहुंचने की तैयारी की गई है।


    ‘भारत जोड़ो ग्राउंड’ में होगा आयोजन

    इंदौर के रीजनल पार्क स्थित मैदान को कांग्रेस ने ‘भारत जोड़ो ग्राउंड’ नाम दिया है। इसी मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यहां राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ही बड़ी संख्या में युवाओं के पहुंचने की तैयारियां जारी हैं।


    अबतक चार एडिशन आयोजित किए जा चुके हैं

    आपको बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में अब तक कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के चार एडिशन आयोजित किए गए हैं।17 जून को राजस्थान के कोटा से इसकी शुरुआत की गई थी। 17 जुलाई को देहरादून और 8 अगस्त को प्रयागराज जबकि 22 अगस्त को पुणे में कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। यह स्टूडेंट्स से संवाद का कार्यक्रम है, जिसके जरिए राहुल गांधी प्रश्नपत्र लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को घेरने का प्रयास कर रहे हैं।

  • राहुल गांधी के 19 सितंबर के दौरे पर देवड़ा का निशाना: कांग्रेस के लंबे शासनकाल को लेकर उठाए सवाल

    राहुल गांधी के 19 सितंबर के दौरे पर देवड़ा का निशाना: कांग्रेस के लंबे शासनकाल को लेकर उठाए सवाल


    देवास । मध्य प्रदेश की सियासत में राहुल गांधी के 19 सितंबर के इंदौर दौरे से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं जहां छात्रों से शिक्षा व्यवस्था और उनसे जुड़े मुद्दों पर संवाद प्रस्तावित है। इस बीच मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने राहुल गांधी के दौरे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। देवड़ा ने कहा कि राहुल गांधी के कितने भी दौरे हो जाएं इसका जनता पर कोई असर नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि जनता भारतीय जनता पार्टी पर भरोसा करती है और कांग्रेस के लंबे शासनकाल को भी नहीं भूली है।

    देवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान में शामिल होने पहुंचे देवड़ा ने मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस के लंबे शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने शासन के दौरान किए गए कामों का हिसाब देना चाहिए। देवड़ा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में कई घोटाले हुए और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी बने रहे।

    उपमुख्यमंत्री ने सड़क बिजली और सिंचाई जैसे विषयों का जिक्र करते हुए कांग्रेस के पुराने शासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने करीब 60 वर्षों तक देश में शासन किया और अब जनता यह जानना चाहती है कि उस दौरान आम लोगों के लिए क्या काम किए गए। देवड़ा ने गरीबों के इलाज आवास और साफ पानी जैसी सुविधाओं को लेकर भी कांग्रेस से सवाल किए।

    राहुल गांधी का इंदौर कार्यक्रम 19 सितंबर को आयोजित होना है। छात्रों की गूंज नाम के इस कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों से संवाद करेंगे। कार्यक्रम का फोकस शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े अनुभवों और समस्याओं पर बताया गया है। राहुल गांधी ने छात्रों से कार्यक्रम में शामिल होने और अपनी समस्याएं साझा करने की अपील भी की है।

    इंदौर में होने वाले कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हैं। कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर बदलाव हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक मूल रूप से प्रस्तावित नेहरू स्टेडियम में अनुमति नहीं मिलने के बाद क्षेत्रीय पार्क के पास वैकल्पिक स्थान तय किया गया है। आयोजन के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण की ओर से जमीन के इस्तेमाल से जुड़ी अनुमति और भुगतान की प्रक्रिया भी चर्चा में रही है।

    देवड़ा ने राहुल गांधी के दौरे को लेकर कहा कि कांग्रेस के नेता चाहे जितने दौरे करें भाजपा सरकार को लेकर जनता का भरोसा बना हुआ है। यह बयान ऐसे समय आया है जब राहुल गांधी का इंदौर दौरा शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में है। दूसरी ओर कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों और युवाओं की समस्याओं को सामने लाने की बात कह रही है।

    इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने से पहले ही मध्य प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस का कार्यक्रम छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था पर केंद्रित है तो दूसरी तरफ भाजपा नेता इसे लेकर कांग्रेस के पिछले शासन और मौजूदा राजनीतिक दावों पर सवाल उठा रहे हैं। अब 19 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों के साथ किन मुद्दों पर संवाद करते हैं और उसके बाद प्रदेश की राजनीति में किस तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं इस पर नजर रहेगी।

  • मुख्यमंत्री जी, 'दीये जलाने से फुर्सत मिल गई हो तो जमीनी हालत भी देखिए- इंदौर आने से पहले राहुल गांधी का तंज

    मुख्यमंत्री जी, 'दीये जलाने से फुर्सत मिल गई हो तो जमीनी हालत भी देखिए- इंदौर आने से पहले राहुल गांधी का तंज


    इंदौर।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के 76वें जन्मदिन पर देशभर में ‘आशीर्वाद के दीये’ (‘Lamps of Blessing’) जलाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) द्वारा दीये जलाने पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने तंज भरे लहजे में लिखा- ‘मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो जरा राज्य की जमीनी हालत भी देखिए।’ इसके बाद उन्होंने लिखा- ‘मैं इंदौर आ रहा हूं।’


    आखिर किस बात पर भड़के राहुल गांधी

    दरअसल, राहुल गांधी ने बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत पर सीएम मोहन यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने सीएम पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए एक्स पर लिखा- ‘बालाघाट में 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है। संवेदनहीनता का आलम यह है मासूमों की मौतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही, सरकार सोती रही।’


    दीये जलाने पर राहुल गांधी का तंज

    इसके बाद सीएम पर तंज भरे लहजे में लिखा- ‘मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो जरा राज्य की जमीनी हालत भी देखिए।’ राहुल गांधी ने याद दिलाते हुए लिखा- ‘बीमारी, पोषण और साफ पानी की कमी और चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था नन्हें बच्चों की जान ले रही है। मिलावटी दवाइयां और जहरीली अवैध शराब सैकड़ों परिवारों को तबाह कर रही हैं।’


    राहुल गांधी बोले- मैं इंदौर आ रहा हूं…

    राहुल गांधी ने अपने इंदौर आने की बात भी लिखी। उन्होंने लिखा- ‘मैं इंदौर आ रहा हूं। सामने आ रही भयावह घटनाएं बता रही हैं कि मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था आज देश भर में सबसे ज़्यादा बर्बाद है। छात्र, बच्चे, गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े या महिलाएं – हर वर्ग प्रताड़ित है, कोई खुश नहीं। मध्य प्रदेश सरकार आज भारत की सबसे भ्रष्ट और सबसे कुशासित सरकार है – यही सच्चाई है।’

    बालाघाट में 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है। संवेदनहीनता का आलम यह है मासूमों की मौतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही, सरकार सोती रही।


    19 सितंबर को इसलिए इंदौर आ रहे राहुल गांधी

    आपको बताते चलें कि राहुल गांधी के इंदौर आने की वजह आ 19 सितंबर को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होना है। इस दौरान प्रदेश के छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है। इसी सिलसिले में राहुल गांधी ने अपने पोस्ट के अंत में मध्य प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार और कुशासन के आरोप भी लगाए।

  • राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले युवाओं के बीच पहुंची कांग्रेस गिटार से गाने और नुक्कड़ नाटक से न्योता

    राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले युवाओं के बीच पहुंची कांग्रेस गिटार से गाने और नुक्कड़ नाटक से न्योता


    इंदौर । इंदौर में 19 सितंबर को होने वाले छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने प्रचार का तरीका बदला है। आमतौर पर राजनीतिक कार्यक्रमों के प्रचार में ढोल नगाड़े बड़े बैनर मंच और नेताओं के औपचारिक दौरे देखने को मिलते हैं लेकिन इस बार इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ता युवाओं के बीच अलग अंदाज में पहुंच रहे हैं। जींस और टीशर्ट पहनकर नेता कॉलेज और हॉस्टल सहित युवाओं से जुड़े स्थानों पर जा रहे हैं। यहां गिटार पर गाने डांस और नुक्कड़ नाटक के जरिए छात्रों से संवाद किया जा रहा है और इसके बाद उन्हें 19 सितंबर के कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया जा रहा है।

    नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम से पहले कांग्रेस का जोर युवाओं तक पहुंचने और उनसे सीधे बातचीत करने पर है। पार्टी की ओर से संगीत कला खेल और नुक्कड़ नाटक को प्रचार अभियान का हिस्सा बनाया गया है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि युवाओं के बीच जाकर उनसे सहज माहौल में बातचीत करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

    प्रचार अभियान के दौरान युवा कलाकार भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अलग अलग स्थानों पर पहुंच रहे हैं। कहीं कलाकार गिटार लेकर गाने गाते नजर आ रहे हैं तो कहीं डांस और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्रों से जुड़े विषय सामने रखे जा रहे हैं। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देने के बाद युवाओं को छात्रों की गूंज में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। इस तरह अभियान में पारंपरिक सभा की जगह संवाद और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रमुखता दी गई है।

    इस अभियान में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी भी सक्रिय हैं। वह अलग अलग स्थानों पर नुक्कड़ नाटक की टीम और कलाकारों के साथ युवाओं के बीच पहुंच रही हैं। खासतौर पर युवतियों से बातचीत कर उन्हें कार्यक्रम में आने का न्योता दिया जा रहा है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और एनएसयूआई के प्रदेश प्रभारी रवि दांगी भी युवाओं से संपर्क कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर खेल प्रतियोगिताओं और छोटे कार्यक्रमों के जरिए भी छात्रों से संवाद किया जा रहा है।

    अभियान के दौरान स्कूल विद्यार्थियों के बीच भी कार्यक्रम को लेकर गतिविधियां दिखाई दीं। विद्यार्थियों ने मैदान में छात्रों की गूंज लिखकर अपनी भागीदारी जताई। कांग्रेस इसे युवाओं और विद्यार्थियों के बीच कार्यक्रम को लेकर बन रहे माहौल के तौर पर देख रही है।

    इंदौर में लगाए गए कार्यक्रम से जुड़े पोस्टरों में भी अलग तरीका अपनाया गया है। पोस्टरों में कांग्रेस का नाम नहीं लिखा गया है। हालांकि कांग्रेस नेताओं के फोटो नजर आ रहे हैं लेकिन उनके राजनीतिक पदों का उल्लेख नहीं किया गया है। इससे प्रचार को सीधे राजनीतिक सभा के बजाय छात्रों और युवाओं से जुड़े आयोजन के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश दिखाई देती है।

    कार्यक्रम की तैयारियों के बीच आयोजकों की ओर से राजवाड़ा स्थित प्राचीन वनखंडी हनुमान मंदिर परिसर में यज्ञ हवन और पूजन कराने की भी जानकारी दी गई है। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 3 के प्रभारी दीपक जोशी पिंटू पूर्व प्रदेश महासचिव सन्नी पठारे और महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव अधिवक्ता साक्षी शुक्ला ने बताया कि कार्यक्रम की सफलता के लिए यह आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने कार्यक्रम की अनुमति में देरी और अधिक राशि लेकर अनुमति देने जैसी बाधाओं के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन दावों पर संबंधित प्रशासनिक पक्ष का जवाब इस जानकारी में सामने नहीं आया है।

  • सीधी में सांसद को चेतावनी खंडवा में कुत्ते को ज्ञापन इंदौर में राहुल गांधी पर विजयवर्गीय का चुटीला बयान

    सीधी में सांसद को चेतावनी खंडवा में कुत्ते को ज्ञापन इंदौर में राहुल गांधी पर विजयवर्गीय का चुटीला बयान


    सीधी । मध्यप्रदेश में मंगलवार को राजनीति और प्रशासन से जुड़ी कई घटनाएं चर्चा में रहीं। सीधी में सड़क की बदहाली को लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू ने भाजपा सांसद राजेश मिश्रा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें सड़क निर्माण शुरू नहीं होने पर कड़ी चेतावनी दी। वहीं इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र कार्यक्रम को लेकर सवाल पूछे जाने पर ऐसा जवाब दिया जिस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोग हंस पड़े। दूसरी ओर खंडवा में कलेक्टर के किसानों से नहीं मिलने पर प्रदर्शनकारियों ने कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधकर विरोध जताया। रतलाम में भी किसानों ने कलेक्ट्रेट में हनुमान चालीसा का पाठ किया।

    सीधी में सड़क की खराब हालत को लेकर आंदोलन कर रहीं लीला साहू ने भाजपा सांसद राजेश मिश्रा को सार्वजनिक तौर पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि इसी साल सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ तो सांसद की सांसदी चली जाएगी। उन्होंने अपने बयान में महिला शक्ति और रावण के संदर्भ का उदाहरण देते हुए सांसद के साम्राज्य के खत्म होने की बात कही।

    लीला साहू के मुताबिक उनके गांव की सड़क लंबे समय से खराब है। सड़क पर कीचड़ जमा होने के कारण वाहनों की आवाजाही मुश्किल है और पैदल चलने में भी लोगों को परेशानी होती है। उनका कहना है कि आपात स्थिति में एंबुलेंस के गांव तक पहुंचने में भी दिक्कत हो सकती है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर उन्होंने धरना प्रदर्शन शुरू किया है।

    लीला साहू ने एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया जिसमें उनके मुताबिक गर्भावस्था के दौरान सांसद की ओर से हेलिकॉप्टर से ले जाने की बात कही गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गांव की गर्भवती महिलाओं को वास्तव में परेशानी हो रही है तो उनकी मदद के लिए हेलिकॉप्टर क्यों नहीं आया।

    इधर इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया गया। कार्यक्रम में युवाओं की मौजूदगी बढ़ाने के लिए रैपर्स और सिंगर्स को बुलाए जाने की चर्चा के बीच विजयवर्गीय ने तंज करते हुए कहा कि जबरदस्ती बुला रहे हैं और राहुल गांधी इसके लिए पर्याप्त हैं। उनके इस बयान के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोगों के बीच हंसी का माहौल बन गया। यह बयान राजनीतिक तंज के तौर पर सामने आया।

    खंडवा में किसानों का विरोध प्रदर्शन अलग वजह से चर्चा में आ गया। किसान अपनी मांगों को लेकर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उनका कहना था कि वे कलेक्टर को ज्ञापन देना चाहते थे लेकिन कलेक्टर के कार्यालय में मौजूद होने के बावजूद उनसे मिलने नहीं आए। इसके बाद किसानों ने विरोध के अनोखे तरीके के तौर पर एक कुत्ते के गले में ज्ञापन बांध दिया।

    भारतीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्काजी ने भी इस दौरान प्रशासन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कलेक्टर को लेकर कड़ा बयान दिया और कहा कि वे अधिकारियों की अकड़ निकालने का काम करेंगे। इसी तरह रतलाम में भी किसानों के कलेक्टर से नहीं मिलने पर नाराजगी सामने आई। किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया।

    इन घटनाओं के बीच मध्यप्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में एक IAS अधिकारी की ऊर्जा विभाग में वापसी को लेकर भी चर्चाएं चलती रहीं। खबर में दावा किया गया है कि अधिकारी अपनी वापसी के लिए प्रयास कर रहे हैं और दिल्ली स्तर पर भी संपर्क साधे जा रहे हैं। साथ ही उनके बिहार से जुड़े पारिवारिक संबंधों को लेकर भी चर्चा का उल्लेख किया गया है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं रखी गई है।

    इस तरह मंगलवार को मध्यप्रदेश में सड़क की बदहाली से लेकर किसानों के विरोध और नेताओं के राजनीतिक बयानों तक कई घटनाएं सुर्खियों में रहीं। सीधी में सड़क आंदोलन खंडवा में अनोखा ज्ञापन और इंदौर में राहुल गांधी को लेकर विजयवर्गीय का बयान खास तौर पर चर्चा में रहा।

  • BJP से अलग होने के बाद खुलकर बोले शहजाद पूनावाला: मोदी से राहुल गांधी तक कई मुद्दों पर रखी अपनी बात

    BJP से अलग होने के बाद खुलकर बोले शहजाद पूनावाला: मोदी से राहुल गांधी तक कई मुद्दों पर रखी अपनी बात


    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। एक पॉडकास्ट में उन्होंने भाजपा छोड़ने से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा से अलग होने के बाद अब पार्टी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह भाजपा को दूसरी पार्टियों की तुलना में बेहतर मानते हैं।

    वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त के साथ इनसाइड आउट पॉडकास्ट में शहजाद पूनावाला ने अपने राजनीतिक सफर और भाजपा छोड़ने के फैसले को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि अब जब वह भाजपा में नहीं हैं तो अपनी बात खुलकर रख सकते हैं। इसी दौरान उन्होंने पार्टी के काम करने के तरीके और कुछ राजनीतिक मुद्दों पर अपनी असहमति भी सामने रखी।

    शहजाद पूनावाला ने कहा कि भाजपा छोड़ने के बाद पार्टी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकती। उन्होंने यह भी दावा किया कि अब उन्हें भाजपा की ओर से कोई पैसा नहीं मिल रहा है। इसके बावजूद उन्होंने पार्टी को लेकर अपनी राय रखते हुए कहा कि भाजपा में अभी भी कुछ जवाबदेही दिखाई देती है। उन्होंने अपने तर्क के तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उल्लेख किया।

    पूनावाला ने पेपर लीक के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कर्नाटक पंजाब और झारखंड में पेपर लीक से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए पूछा कि वहां संबंधित शिक्षा मंत्रियों से इस्तीफा क्यों नहीं लिया गया। उनका कहना था कि अलग अलग राज्यों में सामने आए ऐसे मामलों पर राजनीतिक जवाबदेही का सवाल उठना स्वाभाविक है।

    पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की। पूनावाला ने मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग से जुड़ी बात कही। उन्होंने प्रधानमंत्री की तुलना देश के अलग अलग दौर के नेताओं के संदर्भ में करते हुए अपनी राजनीतिक राय रखी। यह टिप्पणी उनके निजी राजनीतिक आकलन के तौर पर सामने आई है।

    राहुल गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर भी शहजाद पूनावाला ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 से 2026 के बीच राहुल गांधी में बदलाव आया है और उन्होंने खुद में कुछ सुधार किए हैं। हालांकि उनके मुताबिक अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें बदलाव की जरूरत है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक शैली में निरंतरता की कमी होने की बात भी कही।

    पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी को कई मुद्दों पर लगता है कि उन्हें सब कुछ पता है। उन्होंने अपने और राहुल गांधी के बीच एक समानता का भी उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने कुछ आंदोलनों और उनके कथित फंडिंग से जुड़े दावों का जिक्र किया।

    शहजाद पूनावाला का यह बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा से उनके अलग होने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर भी चर्चा जारी है। जुलाई में भाजपा से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने के पीछे आर्थिक कारणों का उल्लेख किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी के प्रवक्ताओं को वेतन नहीं मिलता है। अब पॉडकास्ट में दिए गए उनके बयान से साफ है कि भाजपा से अलग होने के बावजूद वह राष्ट्रीय राजनीति और पार्टी से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रख रहे हैं।

  • रायबरेली की दिशा बैठक में राहुल गांधी के सवालों पर BJP मंत्री ने घेरा कहा सरकार की खामी ढूंढने पर ज्यादा जोर

    रायबरेली की दिशा बैठक में राहुल गांधी के सवालों पर BJP मंत्री ने घेरा कहा सरकार की खामी ढूंढने पर ज्यादा जोर


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के रायबरेली में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक उस समय चर्चा में आ गई जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और बीजेपी के राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के बीच एक योजना को लेकर तीखी बहस होती दिखाई दी। बैठक का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसे खुद राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा किया है। राहुल गांधी अपने दो दिवसीय रायबरेली दौरे पर पहुंचे थे और इसी दौरान उन्होंने जिले में आयोजित दिशा की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों से सवाल किए गए।

    वायरल वीडियो में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को लेकर राहुल गांधी और मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के बीच सवाल जवाब होता नजर आ रहा है। बताया गया कि योजना की समीक्षा के दौरान राहुल गांधी ने अधिकारी से पूछा कि इस योजना के तहत क्या काम किया जाता है। इसी दौरान दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी से कहा कि इस योजना की जानकारी उन्हें होनी चाहिए। इसके बाद चर्चा योजना के प्रचार प्रसार के लिए निर्धारित बजट पर पहुंच गई। राहुल गांधी ने प्रचार प्रसार के मद में कितना बजट रखा गया है इसकी जानकारी मांगी। मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का ज्यादा ध्यान सरकार की योजनाओं में कमियां तलाशने पर है जबकि उनका जोर इस बात पर होना चाहिए कि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचे।

    दिनेश प्रताप सिंह ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राहुल गांधी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिशा की बैठक का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की निगरानी करना तथा उनके क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं को दूर करना है। मंत्री के मुताबिक राहुल गांधी को योजनाओं की जानकारी लेकर उनके प्रभाव और लाभार्थियों तक पहुंच की समीक्षा करनी चाहिए। हालांकि बैठक में राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों का फोकस योजनाओं के बजट और जमीनी स्थिति पर रहा।

    बैठक में राहुल गांधी ने रायबरेली की खराब सड़कों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। वे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई सड़कों में गड्ढों की तस्वीरें लेकर पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों को तस्वीरें दिखाते हुए सवाल किया कि जिन सड़कों का निर्माण कराया गया है उनमें गड्ढे क्यों हैं और उन्हें ठीक करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि कौन सी सड़क किस कार्यदायी संस्था ने बनाई है और उसकी जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने अधिकारियों से सड़कों की स्थिति को लेकर जवाब मांगा।

    बैठक में मौजूद अधिकारियों ने राहुल गांधी के सवालों का जवाब दिया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिशासी अभियंता ने कहा कि सड़कों में मौजूद गड्ढों को जल्द ठीक कराया जाएगा। राहुल गांधी ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव से जुड़े मुद्दों पर भी अधिकारियों से जवाब तलब किया। इस दौरान बैठक का माहौल काफी गंभीर नजर आया।

    रायबरेली में हुई इस बैठक के बाद राहुल गांधी बाहर निकले लेकिन उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की और बिना कुछ कहे वहां से चले गए। दूसरी ओर बैठक का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी की रायबरेली सक्रियता और स्थानीय विकास के मुद्दों को लेकर उनके सवालों ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। वहीं बीजेपी मंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों ने इस पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है।