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  • सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर पीएम मोदी ने लिया हालचाल, राहुल गांधी ने दी जानकारी..

    सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर पीएम मोदी ने लिया हालचाल, राहुल गांधी ने दी जानकारी..


    नई दिल्ली। संसद भवन परिसर में उस समय एक सौहार्दपूर्ण और ध्यान खींचने वाला दृश्य सामने आया जब प्रधानमंत्री Narendra Modi और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi एक कार्यक्रम के दौरान आमने सामने आए और उनके बीच लंबी बातचीत हुई। यह मुलाकात महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती से जुड़े कार्यक्रम के दौरान हुई, जिसमें देश के कई प्रमुख नेता मौजूद थे।

    इस मौके पर संसद परिसर का माहौल सामान्य राजनीतिक तनाव से अलग और अधिक सहज दिखाई दिया। दोनों नेताओं को एक साथ बातचीत करते देखा गया, जहां वे कुछ समय तक गंभीर लेकिन शिष्टाचारपूर्ण संवाद में व्यस्त रहे। आमतौर पर तीखी राजनीतिक बहसों के लिए पहचाने जाने वाले इन दोनों नेताओं के बीच इस तरह की सहज बातचीत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

    सूत्रों के अनुसार बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी से उनकी मां और वरिष्ठ नेता Sonia Gandhi के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। हाल ही में उनके स्वास्थ्य को लेकर कुछ चिंताएं सामने आई थीं, जिसके चलते यह मानवीय संवाद और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    राहुल गांधी ने इस दौरान बताया कि उनकी मां की तबीयत में अब सुधार हो रहा है। इस जानकारी पर प्रधानमंत्री ने संतोष व्यक्त किया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। बातचीत का यह हिस्सा पूरी तरह मानवीय और औपचारिकता से परे सहज भावनाओं से जुड़ा हुआ था।

    संसद परिसर में इस तरह की मुलाकातें भले ही सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हों, लेकिन जब देश के दो शीर्ष राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी इस तरह शांति और सहजता के साथ बातचीत करते नजर आते हैं तो यह दृश्य अपने आप में चर्चा का विषय बन जाता है। इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में एक सकारात्मक संदेश भी दिया है।

    बातचीत के दौरान दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज भी काफी सहज और सामान्य दिखाई दी। न किसी प्रकार की औपचारिक दूरी दिखी और न ही किसी तरह की राजनीतिक टकराव की झलक, बल्कि एक सामान्य शिष्टाचार और मानवीय संवाद का वातावरण नजर आया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतंत्र में ऐसे क्षण यह दर्शाते हैं कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद संवाद और सम्मान की परंपरा बनी रहती है। संसद जैसे सर्वोच्च मंच पर इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक परिपक्वता का संकेत मानी जाती हैं।

    हालांकि यह मुलाकात संक्षिप्त थी, लेकिन इसने राजनीतिक माहौल में चर्चा जरूर पैदा कर दी है। यह दृश्य इस बात की याद दिलाता है कि सार्वजनिक जीवन में संवाद के रास्ते हमेशा खुले रहते हैं, चाहे राजनीतिक मतभेद कितने भी गहरे क्यों न हों।

  • शिवराज सिंह के बेटे के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, अब कोर्ट में आमने-सामने होंगे राहुल-कार्तिकेय

    शिवराज सिंह के बेटे के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, अब कोर्ट में आमने-सामने होंगे राहुल-कार्तिकेय


    जबलपुर । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मानहानि मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान के बीच कानूनी टकराव तेज हो गया है। राहुल गांधी ने भोपाल स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले में जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकल पीठ अगले सप्ताह सुनवाई करेगी।

    2018 के बयान से शुरू हुआ विवाद
    पूरा मामला 29 अक्टूबर 2018 का है, जब झाबुआ में एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए कार्तिकेय चौहान का नाम लिया था। हालांकि बाद में उन्होंने इसे भ्रम बताया, लेकिन यह बयान विवाद का कारण बन गया।

    कार्तिकेय ने दर्ज कराया मानहानि केस
    इस बयान को अपनी छवि खराब करने की साजिश बताते हुए कार्तिकेय चौहान ने भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने जानबूझकर उनके और उनके परिवार के खिलाफ गलत बयान दिया। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत केस दर्ज किया गया।

    समन के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे राहुल
    भोपाल एमपी-एमएलए कोर्ट की विशेष मजिस्ट्रेट द्वारा जारी समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। अब इस केस में हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां दोनों पक्ष आमने-सामने होंगे।

  • बस यात्रा में ‘यमराज’ से मिले राहुल गांधी, मजेदार बातचीत का VIDEO वायरल; अनोखा प्रचार

    बस यात्रा में ‘यमराज’ से मिले राहुल गांधी, मजेदार बातचीत का VIDEO वायरल; अनोखा प्रचार


    नई दिल्ली। राहुल गांधी का चुनाव प्रचार के दौरान एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। केरल में बस यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात ‘यमराज’ के वेश में एक व्यक्ति से हुई, जिसने माहौल को हल्का-फुल्का बना दिया।
    इस दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि बेहतर इलाज मिलने से ‘यमराज’ अब बेरोजगार हो सकते हैं। उनका यह मजाकिया अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    बताया जा रहा है कि यह घटना बालुस्सेरी में बस यात्रा के दौरान हुई। वीडियो में राहुल गांधी आम यात्रियों के बीच बैठे नजर आते हैं। तभी ‘यमराज’ की वेशभूषा में एक व्यक्ति गदा लेकर उनके पास पहुंचता है।

    दोनों के बीच हल्की-फुल्की बातचीत होती है, जिसने प्रचार अभियान को दिलचस्प बना दिया।

    राहुल गांधी ने इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा कि उनकी मुलाकात बस में ‘यमराज’ से हुई, जो कुछ खास खुश नहीं दिखे। उन्होंने मजाक में कहा कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की ‘ओमान चांडी स्वास्थ्य बीमा योजना’ लागू होने पर लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा और वे ज्यादा समय तक जीवित रहेंगे, जिससे ‘यमराज’ की नौकरी पर खतरा आ सकता है।

    दरअसल, यह पूरा दृश्य यूडीएफ की प्रस्तावित स्वास्थ्य बीमा योजना के प्रचार से जुड़ा था। इस योजना के तहत हर परिवार को 25 लाख रुपये तक का हेल्थ कवर देने का वादा किया गया है। इस अनोखे अंदाज में प्रचार ने लोगों का ध्यान खींचा और संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाने का काम किया।

    यूडीएफ ने चुनावी अभियान के तहत ‘पांच इंदिरा गारंटी’ का भी ऐलान किया है। इसमें स्वास्थ्य बीमा के अलावा महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, छात्राओं को मासिक आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर 3,000 रुपये करने और छोटे व्यापारियों को 5 लाख रुपये तक ब्याज-मुक्त ऋण देने जैसे वादे शामिल हैं।

    चुनावी माहौल के बीच राहुल गांधी का यह हल्का-फुल्का अंदाज चर्चा का विषय बन गया है और इसे प्रचार की रचनात्मक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

  • अमित शाह का राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार, बोले- नक्सलियों के साथ रहते-रहते खुद बन गए नक्सलवादी

    अमित शाह का राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार, बोले- नक्सलियों के साथ रहते-रहते खुद बन गए नक्सलवादी


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने सोमवार को लोकसभा (Lok Sabha) में कांग्रेस और सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर करार प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि नक्सलियों के साथ रहते-रहते एक पार्टी के नेता खुद नक्सलवादी बन गए। शाह ने देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त किए जाने के मुद्दे पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए राहुल गांधी पर नक्सलियों का समर्थन करने का आरोप लगाया। गृह मंत्री ने कहाकि राहुल गांधी जी अपने लंबे राजनीतिक करियर में कई बार नक्सलियों और उनके हमर्ददों के साथ देखे गए हैं। भारत जोड़ो यात्रा में कई नक्सल फ्रंटल संगठन ने हिस्सा लिया, जिसका रिकॉर्ड भी है।


    राहुल गांधी कैसे बच सकते हैं

    अमित शाह ने दावा किया कि 2010 में ओडिशा में लाडो शिकोका के साथ राहुल ने मंच साझा किया। शिकोका ने उसी मंच से भड़काऊ भाषण दिया और उन्हें माला भी पहनाई। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2018 में हैदराबाद में, राहुल ने जीवी राव से मुलाकात की, जो (नक्सल) विचाराधारा के करीब थे। मई 2025 में शांति समन्वय समिति (सीसीपी) के सदस्यों से मुलाकात की। विपक्षी सदस्यों के शोरगुल के बीच शाह ने कहाकि 172 जवानों को मारने वाला (माड़वी) हिडमा जब मारा गया, तो इंडिया गेट पर नारे लगे कि कितने हिडमा मारेगो, हर घर से हिडमा निकलेगा। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित वीडियो को राहुल गांधी ने स्वयं ट्वीट किया था और ऐसे में वह कैसे बच सकते हैं।


    कांग्रेस की वामपंथी विचारधारा दोषी

    शाह ने कांगेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्होंने 1970 से लेकर मार्च 2026 तक नक्सलाद और नरसंहार का समर्थन किया है। उन्होंने कहाकि जो 20 हजार लोग मारे गए, उसका कोई दोषी है तो वह कांग्रेस की वामपंथी विचारधारा है…। गृह मंत्री ने राहुल पर निशाना साधते हुए कहाकि नक्सलियों के साथ रहते-रहते एक पार्टी और उसके नेता खुद नक्सलवादी बन गए। इसका जवाब इस देश की जनता को उन्हें चुनाव में देना पड़ेगा। यह बात रुकेगी नहीं। जनता की अदालत में उन्हें जवाब देना पड़ेगा। उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि मनमोहन सिंह सरकार के दौरान राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) का गठन किया गया और इस तरह एक संविधानेत्तर मंच बनाया गया, जिसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी थीं।


    जयराम रमेश पर भी आरोप

    शाह ने यह दावा भी किया कि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने महेश राउत नाम के एक नक्सली की रिहाई के लिए अपनी पार्टी शासित एक राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। उन्होंने सवाल किया कि जब केंद्र सरकार का एक संविधानेत्तर प्राधिकरण, जो प्रधानमंत्री से भी ऊपर था, के सदस्य यदि नक्सलवाद के समर्थक हों तो किस तरह से नक्सलियों का हौसला टूटेगा? और यह कांग्रेस पार्टी ने किया था। उन्होंने यह दावा भी किया कि 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जब प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास फेलोशिप शुरू की, तो उसका एक लाभार्थी नक्सलवादी बना।

    शाह ने कांग्रेस नेता पी चिदंबरम पर भी प्रहार करते हुए दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ के 76 जवानों के मारे जाने के बाद कांग्रेस नेता ने कहा था कि हम आपसे हथियार डालने को नहीं कह सकते। हम जानते हैं कि आप ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि आप हथियारबंद आजादी की लड़ाई में विश्वास करते हैं।

  • संसद में टी-शर्ट… रिजिजू ने राहुल गांधी के कपड़ों पर उठाए सवाल, बोले- सलाहकारों ने हाईजैक कर लिया उनका दिमाग

    संसद में टी-शर्ट… रिजिजू ने राहुल गांधी के कपड़ों पर उठाए सवाल, बोले- सलाहकारों ने हाईजैक कर लिया उनका दिमाग


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू (Kiran Rijiju) ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) का दिमाग उनके एक्टिविस्ट सलाहकारों (Activist Advisors) ने ‘हाईजैक’ कर लिया है और वे संसद में वही बोलते हैं जो उनके सलाहकार उन्हें बताते हैं। साथ ही उन्होंने विपक्ष के नेता के सदन में टी-शर्ट जैसे कैजुअल कपड़ों में आने पर भी सवाल उठाया। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसे लोगों से बातचीत करना ज्यादा आसान लगता है, जिन्होंने संसद में अपनी बात रखते हुए कोई ठोस योगदान दिया हो।

    उन्होंने आगे कहा, “निजी तौर पर, मुझे राहुल गांधी से कोई दिक्कत नहीं है। हम मिलते हैं, बाहर और मीटिंग रूम में भी एक-दूसरे से बात करते हैं, क्योंकि वे विपक्ष के नेता हैं। यह ठीक है। कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन जब आप औपचारिक रूप से सदन के पटल पर बोल रहे होते हैं, तो आपको परंपराओं, नियमों और शिष्टाचार का पालन करना चाहिए। ये संसदीय लोकतंत्र के बहुत जरूरी हिस्से हैं।”

    उन्होंने आगे कहा, “लेकिन राहुल गांधी का दिमाग उनके एक्टिविस्ट सलाहकारों ने हाईजैक कर लिया है। वे वही बोलते हैं जो उनके सलाहकार उन्हें बताते हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी, तो उसने कुछ मानकों का पालन किया था और जोरदार तरीके से विरोध प्रदर्शन किए थे, लेकिन उसने कभी अपनी सीमाएं पार नहीं की थीं।

    संसद में राहुल गांधी के अक्सर कैजुअल कपड़ों में आने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता (LoP) के तौर पर, किसी को भी उचित तरीके से व्यवहार करना चाहिए, और कपड़े पहनना भी इसी का एक हिस्सा है। मंत्री ने कहा कि उन्हें नियमों और शिष्टाचार को समझने में दिक्कत होती है। जब आप नेता विपक्ष होते हैं, तो आपको एक खास तरीके से व्यवहार करना होता है। शालीन कपड़े पहनना भी इसी का एक हिस्सा है।

    रिजिजू ने कहा कि अनुभवी कम्युनिस्ट नेता सोमनाथ चटर्जी लोकसभा स्पीकर बनने से पहले ढीली शर्ट और सैंडल पहना करते थे। उन्होंने कहा, “लेकिन जब वे स्पीकर चुने गए, तो वे काफी शालीन तरीके से आने लगे, ताकि वे कुर्सी पर बैठे हुए अच्छे दिखें। इसी तरह, नेता विपक्ष पूरे विपक्ष के नेता होते हैं और इसलिए उन्हें ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जो उनके पद की गरिमा के अनुरूप हों। हो सकता है कि मैं उस व्यक्ति का सम्मान न करता होऊं, लेकिन मुझे उस पद का सम्मान करना ही होगा। इसीलिए बहुत से लोगों को लगता है कि वे (राहुल गांधी) और भी बेहतर तरीके से व्यवहार कर सकते थे, जिसमें बेहतर कपड़ों का चुनाव भी शामिल है। मैं टी-शर्ट पहनने पर कोई आपत्ति नहीं जता रहा हूं, लेकिन यह अच्छा नहीं लगता।”

  • असम विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस की दूसरी सूची जारी, 23 उम्मीदवारों को मिला टिकट, गठबंधन के लिए 15 सीटें छोड़ीं

    असम विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस की दूसरी सूची जारी, 23 उम्मीदवारों को मिला टिकट, गठबंधन के लिए 15 सीटें छोड़ीं

    नई दिल्ली । भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आगामी असम विधान सभा चुनाव 2026 के मद्दे नजर अपनी तैयारियों को और तेज करते हुए उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। शनिवार को जारी इस सूची में पार्टी ने 23 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। इससे पहले कांग्रेस तीन मार्च को 42 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुकी थी। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार 15 सीटें गठबंधन सहयोगी दलों के लिए छोड़ी गई हैं जिन पर उनके उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेंगे।

    दूसरी सूची में कई अहम विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है। कांग्रेस ने गोलकगंज सीट से कार्तिक चंद्र रे को उम्मीदवार बनाया है जबकि बिलासीपारा से अमृत बादशा को टिकट दिया गया है। बिरसिंग जरूआ सीट से वाजेद अली चौधरी को मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा मनकाचर से मोहिबुर रहमान गोलपाड़ा पूर्व से अबुल कलाम रशीद आलम और दुधनई एसटी सीट से किशोर कुमार ब्रह्मा को पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

    इसी तरह सृजनग्राम सीट से नुरुल इस्लाम मंडिया से अब्दुल खलीक और चमरिया से रकीबुद्दीन अहमद को टिकट दिया गया है। वहीं रंगिया सीट से प्रंजीत चौधरी डिमोरिया एससी से किशोर कुमार बरुआ न्यू गुवाहाटी से शांतनु बोरा और मंगलदै से रिजुमोनी तालुकदार को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। इन नामों के जरिए पार्टी ने कई क्षेत्रों में स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाने की कोशिश की है ताकि विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

    उम्मीदवारों की घोषणा से पहले पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित की गई थी। यह बैठक लगभग चार घंटे तक चली जिसमें चुनावी रणनीति सीटों के समीकरण और संभावित सब्जियों के नामों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे वरिष्ठ नेता राहुल गांधी असम कांग्रेस के प्रभारी जितेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सीटों की राजनीतिक स्थिति और उम्मीदवारों की संभावनाओं पर गहन मंथन किया।

    बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने बताया कि उम्मीदवारों के चयन में स्थानीय समीकरण संगठन की राय और जीत की संभावना को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करेगी और राज्य की राजनीति में नई ऊर्जा के साथ उतरेगी।

    इससे पहले तीन मार्च को जारी पहली सूची में भी कई प्रमुख नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा गया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई खुद जोरहाट सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं असम विधानसभा में पार्टी के नेता देवव्रत सैकिया को नाजिरा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। राज्यसभा के पूर्व सांसद रिपुन बोरा को बरछल्ला से टिकट दिया गया है। इसके अलावा मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को दिसपुर और इंद्रनील पेगु को माजुली विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित किया गया है।

    कुल मिलाकर कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव को लेकर उम्मीदवारों की घोषणा की प्रक्रिया तेज कर दी है और गठबंधन के साथ मिलकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में पार्टी की ओर से और उम्मीदवारों की घोषणा भी की जा सकती है।

  • संसद के बाहर नारेबाजी, ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’; LPG संकट पर पेट्रोलियम मंत्री देंगे जवाब

    संसद के बाहर नारेबाजी, ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’; LPG संकट पर पेट्रोलियम मंत्री देंगे जवाब

    नई दिल्ली। लोकसभा में गुरुवार को विपक्ष के सांसदों ने LPG संकट को लेकर हंगामा किया। संसद के बाहर ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’ के नारे लगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता कर चुके हैं और देश को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, राहुल गांधी के नोटिस के बाद संसद गैस संकट पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी आज सदन में जवाब देंगे, जबकि बहस की शुरुआत राहुल गांधी करेंगे।

    लोकसभा में ग्रांट्स डिमांड्स पर दो घंटे से चर्चा जारी रही। तमिलनाडु से आईयूएमएल सांसद नवासकनी तमिल भाषा में बोलते नजर आए। सांसदों ने LPG की बढ़ती कीमतों, सप्लाई की कमी और योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए।

    सागरिका घोष (ShTMc सांसद) ने कहा कि LPG महंगा हुआ और सरकार लंबे समय तक इनकार करती रही। उन्होंने पूछा कि सरकार ने LPG का स्टॉक पहले क्यों नहीं बढ़ाया या सप्लाई के दूसरे स्रोत क्यों नहीं तलाशे। उनका कहना था कि आम नागरिक इस संकट का सामना कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में व्यस्त हैं।

    सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी सांसद) ने कहा कि आयातित अमोनिया की जगह ग्रीन अमोनिया लाने का वादा किया गया था, लेकिन इसमें कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ऑल पार्टी मीटिंग बुलाकर इस संकट का समाधान निकाला जाए।

    राहुल गांधी ने सदन में प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री कहते हैं घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन खुद परेशान लग रहे हैं। एप्स्टीन-अदाणी केस और अन्य मुद्दों को लेकर चिंता साफ दिख रही है।”

    इस बीच, राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हालिया हमले का मुद्दा उठाया।

    स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में चर्चा चल रही है। विपक्ष लगातार सरकार को यह चेतावनी दे रहा है कि देश में LPG संकट गंभीर है, आम जनता को राहत मिलनी चाहिए और सप्लाई चैन मजबूत करना आवश्यक है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि संसद में उठाए गए ये सवाल सरकार के लिए दबाव पैदा करेंगे। LPG और गैस संकट के मुद्दे पर आने वाले दिनों में संसद और मीडिया में बहस तेज होने की संभावना है।

  • एलपीजी संकट पर लोकसभा में हंगामा: राहुल गांधी ने उठाया मुद्दा, पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने दी पूरी स्थिति की जानकारी

    एलपीजी संकट पर लोकसभा में हंगामा: राहुल गांधी ने उठाया मुद्दा, पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने दी पूरी स्थिति की जानकारी



    नई दिल्ली। गुरुवार को लोकसभा में एलपीजी संकट और देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने संसद में ऊर्जा संकट को लेकर चर्चा शुरू की और कहा कि अभी तो केवल “दर्द की शुरुआत” हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार समय रहते उपाय नहीं करेगी, तो छोटे व्यापारी, रेस्टोरेंट और आम नागरिक गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। राहुल ने कहा कि किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है और वर्तमान वैश्विक हालात में अमेरिका और अन्य देशों के निर्णय से भारत की ऊर्जा नीति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोलियम मंत्री ने एक निजी बातचीत में एपस्टीन को अपना दोस्त बताया था, जिससे सदन में विवाद पैदा हो गया।

    राहुल गांधी के बयान के तुरंत बाद विपक्षी सांसदों ने संसद वेल में नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को टोका और कहा कि केवल नोटिस दिए गए विषय पर ही चर्चा करें। इस दौरान विपक्ष के सांसदों ने ‘देखो-देखो कौन आया, एपस्टीन का दोस्त आया’ जैसे नारे लगाए। भारी हंगामा बढ़ते देख स्पीकर ने कार्यवाही को शाम 5 बजे तक स्थगित कर दिया।

    केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सदन में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि देश में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और एलपीजी उत्पादन में 28% की वृद्धि की गई है। पुरी ने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकता है कि 33 करोड़ परिवारों की रसोई में किसी तरह की कमी न हो। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और डिलीवरी चेन में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    पुरी ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट से भारत को मिलने वाला क्रूड ऑयल सुरक्षित स्तर पर उपलब्ध है। संघर्ष के कारण होर्मुज से 20% आवाजाही प्रभावित हुई थी, लेकिन सरकार ने इसके लिए रणनीति तैयार की है। वर्तमान में भारत 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जबकि 2006-07 में यह संख्या केवल 27 थी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अपनाई गई विविधीकरण नीति ने भारत को विकल्प दिए हैं, जो कई अन्य देशों के पास नहीं हैं।

    पेट्रोलियम मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि यह समय अफवाह फैलाने या फेक नैरेटिव बनाने का नहीं है। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, एटीएफ और फ्यूल ऑयल की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने जनता और उद्योग को भरोसा दिलाया कि भारत संकट का प्रबंधन कर रहा है और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

    लोकसभा में पुरी के बोलने के दौरान विपक्ष ने लगातार नारेबाजी की, जिससे कार्यवाही बाधित हुई। स्पीकर ने दोबारा हिदायत दी कि संसद के नियमों का पालन किया जाए और केवल नोटिस किए गए मुद्दे पर ही चर्चा हो। इस हंगामे के बीच संसद की कार्यवाही स्थगित कर दी गई और विपक्षी सांसदों से वेल खाली करने का आदेश दिया गया।

    कुल मिलाकर संसद में एलपीजी और ऊर्जा सुरक्षा पर हुई यह बहस दर्शाती है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पर सभी की निगाहें हैं। विपक्ष ने सरकार की तैयारी पर सवाल उठाए, जबकि केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि देश की ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित है। एलपीजी संकट को लेकर लगातार अफवाहें फैल रही हैं, लेकिन सरकार की रणनीति और उत्पादन वृद्धि ने स्थिति नियंत्रण में रखने का काम किया है।

  • संसद में तीखी टक्कर: राहुल गांधी का पीएम पर ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ आरोप, भाजपा ने किया जोरदार पलटवार

    संसद में तीखी टक्कर: राहुल गांधी का पीएम पर ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ आरोप, भाजपा ने किया जोरदार पलटवार


    नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में उस समय तीखी बहस देखने को मिली जब स्पीकर Om Birla के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बीच विपक्ष और सत्तापक्ष आमने-सामने आ गए। बहस के दौरान कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने से बार-बार रोका जाता है और उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर “कॉम्प्रोमाइज्ड” होने का आरोप लगाया।

    राहुल गांधी ने कहा कि यह चर्चा केवल स्पीकर के पद तक सीमित नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र और संसद की भूमिका से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने दावा किया कि कई मौकों पर उनका नाम लिया गया, लेकिन जब भी वह अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए तो उन्हें रोक दिया गया। राहुल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें लगातार टोकने की कोशिश की जाती है।

    राहुल के बयान पर भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad ने तुरंत पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का भारत कभी “कॉम्प्रोमाइज्ड” नहीं हो सकता। प्रसाद ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह सदन में अनावश्यक विवाद खड़ा कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करना चाहता है।

    दरअसल लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार से चर्चा चल रही है। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर सदन की कार्यवाही में निष्पक्ष नहीं हैं और सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी को करीब 20 बार बोलने से रोका गया।

    वहीं संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ओम बिरला पूरी निष्पक्षता के साथ सदन का संचालन करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ सांसद पहले स्पीकर के चैंबर में घुस गए थे और यदि जरूरत पड़ी तो इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सार्वजनिक किया जा सकता है।

    बहस के दौरान कांग्रेस नेता K. C. Venugopal ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार देश की संस्थाओं का गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री इस महत्वपूर्ण बहस के दौरान सदन में मौजूद क्यों नहीं हैं।

    स्पीकर के खिलाफ लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में लंबी बहस जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक गर्मी पैदा कर सकता है।

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  • संसद में ईरान जंग पर विपक्ष का हंगामा, सरकार बहस के लिए तैयार

    संसद में ईरान जंग पर विपक्ष का हंगामा, सरकार बहस के लिए तैयार


    नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में ईरान और अमेरिकी-इजराइल संघर्ष को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्षी दलों ने पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात और भारत पर असर पर चर्चा की मांग की।

    लोकसभा में स्थिति:
    विपक्ष ने “We want discussion” के नारे लगाए और विदेश नीति पर सवाल उठाए। चेयर के बार-बार निर्देश देने के बावजूद विपक्ष शांत नहीं हुआ। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि विपक्ष प्रस्ताव लाने के नियम का पालन नहीं कर रहा और सदन का समय बेबुनियाद हंगामे में बर्बाद कर रहा है।

    राज्यसभा में हंगामा:
    विदेश मंत्री जयशंकर जब खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट पर संबोधन दे रहे थे, विपक्ष ने वॉक आउट किया। मंत्री ने बताया कि 67,000 भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर चुके हैं और भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह सक्रिय है।

    सरकार का पक्ष:
    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस बहस से भाग रही है और स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर नियमों का पालन किया गया। उन्होंने विपक्ष पर संसद के नियमों और प्रक्रिया का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।

    विपक्ष की प्रतिक्रिया:
    कांग्रेस सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन और केसी वेणुगोपल ने कहा कि वे पश्चिम एशिया संकट, फ्यूल की बढ़ती कीमत और भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा चाहते हैं। उनका आरोप है कि सरकार गंभीर विषयों पर चर्चा से भाग रही है।

    विदेश मंत्री का अपडेट:

    ईरान में स्थिति अस्थिर

    खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय नागरिक

    दो भारतीय नाविकों की मृत्यु, एक अभी लापता

    भारत शांति और बातचीत के पक्ष मेंलोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित। विपक्ष और सरकार के बीच बहस जारी है।