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  • पिछोर में शराब तस्करी पर पुलिस की कार्रवाई 27 पेटी देशी प्लेन शराब के साथ 4.50 लाख की बलेनो जब्त

    पिछोर में शराब तस्करी पर पुलिस की कार्रवाई 27 पेटी देशी प्लेन शराब के साथ 4.50 लाख की बलेनो जब्त


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पिछोर में पुलिस ने शराब के अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक बलेनो कार से 27 पेटी देशी प्लेन शराब बरामद की है। पुलिस के अनुसार जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 8 हजार रुपए है। कार्रवाई के दौरान कार चालक पुलिस को देखकर वाहन लेकर भागने लगा। पुलिस टीम ने उसका पीछा किया तो वह कच्चे रास्ते की ओर चला गया। आगे रास्ता बंद मिलने के बाद चालक कार छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शराब और कार को कब्जे में लेकर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार 1 अक्टूबर की रात पिछोर पुलिस क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नीले रंग की मारुति सुजुकी बलेनो कार के जरिए देशी शराब को मायापुर की तरफ से पिछोर लाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने वाहन की पहचान और संभावित रास्ते पर नजर रखते हुए लभेड़ा तिराहे के पास चेकिंग शुरू कर दी।

    कुछ समय बाद मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए से मिलती जुलती बलेनो कार वहां से गुजरती दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया लेकिन चालक ने रुकने के बजाय कार की रफ्तार बढ़ा दी और उसे लभेड़ा रोड की तरफ तेजी से ले जाने लगा। पुलिस टीम ने तत्काल वाहन का पीछा शुरू किया। पीछा किए जाने के दौरान चालक कार को मुख्य सड़क से हटाकर कच्चे रास्ते की ओर ले गया।

    पुलिस के मुताबिक कच्चे रास्ते पर आगे जाने के बाद चालक को रास्ता बंद मिला। इसके बाद उसने वाहन को वहीं छोड़ दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला। पुलिस ने आसपास के इलाके में आरोपी की तलाश की लेकिन चालक तत्काल हाथ नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने लावारिस हालत में खड़ी बलेनो कार की तलाशी ली।

    तलाशी के दौरान कार के अंदर देशी प्लेन शराब की 27 पेटियां बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार शराब की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 8 हजार रुपए है। शराब के साथ पुलिस ने उस बलेनो कार को भी जब्त कर लिया जिसका इस्तेमाल परिवहन के लिए किया जा रहा था। जब्त वाहन की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख 50 हजार रुपए बताई गई है।

    पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अब पुलिस जब्त वाहन के आधार पर उसके मालिक और फरार चालक की पहचान करने में जुटी है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी मात्रा में शराब कहां से लाई जा रही थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

    पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शराब के अवैध परिवहन से जुड़े नेटवर्क को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। वाहन के दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल मामले में आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान शराब के स्रोत और इसके परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी सामने आने की संभावना है।

  • मनिहारी दुकानें हटने से संकट में महिलाएं, कर्ज लेकर लाया दीपावली का सामान, अब बिक्री की चिंता

    मनिहारी दुकानें हटने से संकट में महिलाएं, कर्ज लेकर लाया दीपावली का सामान, अब बिक्री की चिंता


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद मनिहारी का सामान बेचकर परिवार चलाने वाली महिलाओं के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। गांधी चौक की सड़क पर लंबे समय से दुकानें लगाने वाली महिलाओं ने दुकान हटाए जाने के विरोध में बुधवार रात धरना शुरू कर दिया। महिलाओं का कहना है कि वे कई वर्षों से इसी जगह पर छोटी दुकानें लगाकर अपना और परिवार का खर्च चलाती आ रही हैं। त्योहार का सीजन शुरू होने से पहले अचानक दुकान हट जाने के कारण उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

    बुधवार को नगरीय प्रशासन की टीम ने अस्पताल चौराहा से माधव चौक तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इसी अभियान के दौरान गांधी चौक पर सड़क किनारे लगने वाली मनिहारी की दुकानों को भी हटा दिया गया। कार्रवाई के बाद प्रभावित महिलाओं ने गांधी चौक पर ही बैठकर विरोध जताया। उनका कहना है कि प्रशासन को दुकान हटाने से पहले उन्हें पर्याप्त समय देना चाहिए था ताकि वे अपना सामान व्यवस्थित कर सकें और वैकल्पिक जगह पर कारोबार शुरू करने की तैयारी कर सकें।

    महिलाओं के मुताबिक दीपावली का त्योहार नजदीक है और इसी उम्मीद में उन्होंने बड़ी मात्रा में सामान खरीदकर रखा था। कई दुकानदारों ने इसके लिए उधार लिया है। अब दुकान नहीं लग पा रही है तो सामान बिक नहीं रहा है और कर्ज चुकाने की चिंता बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि त्योहार के दौरान मनिहारी के सामान की मांग बढ़ती है और इसी समय होने वाली बिक्री से उन्हें पूरे परिवार के खर्च में मदद मिलती है।

    धरने पर बैठी बसंती ने बताया कि वह वर्ष 1980 से गांधी चौक पर दुकान लगाती आ रही हैं। इतने लंबे समय से इसी छोटे कारोबार के जरिए उनका परिवार चलता रहा है। उनका कहना है कि अब उम्र अधिक हो चुकी है और उनके लिए दूसरा काम करना आसान नहीं है। दुकान हटने के बाद उनके सामने आय का कोई स्पष्ट साधन नहीं बचा है। इसलिए वह चाहती हैं कि प्रशासन उनकी स्थिति को देखते हुए दुकान लगाने के लिए कोई स्थायी और सुविधाजनक व्यवस्था करे।

    एक अन्य बुजुर्ग महिला मुन्नी ने बताया कि दीपावली के लिए उन्होंने कर्ज लेकर दुकान का सामान खरीदा है। इस कर्ज पर उन्हें ब्याज भी देना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से दुकान नहीं लगा पाने के कारण बिक्री पूरी तरह प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि यदि त्योहार तक उन्हें दुकान लगाने की अनुमति मिल जाए तो वे अपना खरीदा हुआ सामान बेचकर कर्ज चुका सकेंगी और परिवार का खर्च भी चला सकेंगी।

    वहीं प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के साथ दुकानदारों के रोजगार को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक स्थान भी चिन्हित किए गए हैं। यातायात प्रभारी रणवीर सिंह यादव के मुताबिक हाथ ठेला संचालकों के लिए मंडी के पीछे ठंडी सड़क पर जगह तय की गई है। गांधी चौक की मनिहारी दुकानों के लिए मंडी के सामने टेकरी बाजार के मुख्य रास्ते पर स्थान चिन्हित किया गया है।

    प्रशासन का कहना है कि सड़क से अतिक्रमण हटाने का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर करना है और साथ ही दुकानदारों के रोजगार को पूरी तरह खत्म करना नहीं है। दूसरी ओर महिलाओं की मांग है कि वैकल्पिक जगह ऐसी हो जहां ग्राहकों की आवाजाही बनी रहे और उनका कारोबार प्रभावित न हो। फिलहाल गांधी चौक पर महिलाओं का विरोध दुकान हटाने की कार्रवाई के बाद प्रशासन और छोटे दुकानदारों के बीच खड़े हुए रोजगार से जुड़े सवाल को सामने ला रहा है।

  • नदी में मानव अवशेष मिलने से सनसनी, कमर के नीचे का हिस्सा बरामद, जांच में जुटी पुलिस

    नदी में मानव अवशेष मिलने से सनसनी, कमर के नीचे का हिस्सा बरामद, जांच में जुटी पुलिस


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में नदी के अंदर मानव शरीर का निचला हिस्सा मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मामला रन्नौद थाना क्षेत्र का है जहां अकाझिरी और गुरुकुदवाया गांव के बीच बहने वाली नदी में ग्रामीणों की नजर मानव शरीर के अवशेष पर पड़ी। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नदी से मिले अवशेष को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि अवशेष किसी महिला के हैं या पुरुष के।

    पुलिस के मुताबिक नदी में कमर से नीचे का हिस्सा मिला है। शरीर का पेट वाला हिस्सा धड़ और सिर मौके पर मौजूद नहीं था। शरीर के अन्य हिस्से नहीं मिलने के कारण मामला और भी उलझ गया है। पुलिस अब नदी के आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चला रही है। टीम का प्रयास है कि शरीर के बाकी हिस्सों का पता लगाया जा सके ताकि मृतक की पहचान करने में मदद मिल सके और मौत की परिस्थितियों को समझने के लिए जरूरी सुराग हासिल किए जा सकें।

    मानव शरीर का हिस्सा मिलने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के लोग भी नदी के पास पहुंचने लगे। घटना को लेकर ग्रामीणों में चर्चा का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और अवशेष को सुरक्षित तरीके से पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जांच अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से जुड़े दूसरे तथ्यों के सामने आने के बाद ही मौत की वास्तविक स्थिति के बारे में कुछ स्पष्ट हो सकेगा।

    प्रारंभिक जांच में नदी में मौजूद मगरमच्छ को लेकर भी एक संभावना सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि नदी में मौजूद मगरमच्छ ने शव के कुछ हिस्सों को खा लिया हो सकता है। इसी वजह से शरीर का बाकी हिस्सा मौके पर नहीं मिला हो ऐसी संभावना जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। इसे केवल शुरुआती जांच के दौरान सामने आया एक संभावित कारण माना जा रहा है। शरीर के अन्य हिस्से मिलने और जांच आगे बढ़ने के बाद ही इस पहलू की सच्चाई स्पष्ट होगी।

    पुलिस मौत की वजह को लेकर भी कई एंगल से जांच कर रही है। यह किसी हादसे का मामला है या व्यक्ति की किसी अन्य कारण से मौत हुई है या फिर मामला आपराधिक घटना से जुड़ा है इसकी पड़ताल की जा रही है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों के दौरान लापता हुए लोगों की जानकारी जुटा रही है। गांवों में ऐसे परिवारों से संपर्क किया जा रहा है जिनके किसी सदस्य के लापता होने की सूचना हो सकती है।

    मृतक की पहचान के लिए पुलिस को शरीर के अन्य हिस्सों के मिलने का इंतजार है। इसके साथ ही पोस्टमार्टम जांच और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों से भी पहचान की दिशा में काम किया जाएगा। पुलिस नदी और आसपास के इलाकों में लगातार तलाश कर रही है। फिलहाल महिला या पुरुष की पहचान नहीं होने और शरीर के कई हिस्से गायब होने के कारण यह मामला रहस्य बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • गांव में शराब लेकर पहुंचना पड़ा भारी, महिलाओं ने युवक को पकड़ा, खंभे से बांधा और पेटियों में लगाई आग

    गांव में शराब लेकर पहुंचना पड़ा भारी, महिलाओं ने युवक को पकड़ा, खंभे से बांधा और पेटियों में लगाई आग


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा सड़क पर देखने को मिला। मंगलवार को समोहा गांव में शराब की पेटियां लेकर पहुंचे दो बाइक सवारों को महिलाओं ने घेर लिया। दोनों युवकों ने मौके से भागने की कोशिश की लेकिन महिलाओं ने उनका पीछा कर लिया और पीछे बैठे एक व्यक्ति को पकड़ लिया। इसके बाद महिलाओं ने शराब की पेटियां अपने कब्जे में लेकर उन्हें सड़क पर फेंक दिया और आग लगा दी। पकड़े गए युवक को रस्सी से एक खंभे में बांध दिया गया और पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें महिलाओं का विरोध और शराब की पेटियों को जलाने का दृश्य दिखाई दे रहा है।

    जानकारी के मुताबिक मंगलवार को दो बाइक सवार समोहा गांव में शराब की पेटियां लेकर पहुंचे थे। गांव में उनकी गतिविधियों को देखकर महिलाओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की। बाइक सवारों ने वहां से निकलने का प्रयास किया लेकिन महिलाएं उनके पीछे दौड़ पड़ीं। इस दौरान एक व्यक्ति महिलाओं के हाथ लग गया जबकि दूसरा मौके से निकल गया। महिलाओं ने पकड़े गए युवक को रस्सी से खंभे से बांध दिया। इसके बाद शराब की पेटियों को सड़क पर रखकर उनमें आग लगा दी गई। मामले की सूचना मिलने के बाद करैरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ थाने ले गई।

    पुलिस के अनुसार पकड़े गए व्यक्ति की पहचान सुरेंद्र राय के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब कहां से लाई गई थी और गांव में इसकी सप्लाई कौन कर रहा था। साथ ही दूसरे बाइक सवार और शराब की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

    वहीं गांव की महिलाओं का आरोप है कि समोहा में कई जगहों पर अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है। महिलाओं का दावा है कि गांव में करीब तीन स्थानों पर शराब की बिक्री होती है और कुछ लोग परचून की दुकानों की आड़ में शराब बेच रहे हैं। उनका कहना है कि गांव में आसानी से शराब उपलब्ध होने के कारण परिवारों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। महिलाओं ने प्रशासन और पुलिस से अवैध शराब की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।

    महिलाओं के इस विरोध को हाल में सागर में शराब से हुई मौतों के बाद शराब की अवैध बिक्री को लेकर बढ़ी चिंता से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि शिवपुरी की इस घटना में पुलिस की कार्रवाई और जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शराब की सप्लाई का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है। फिलहाल गांव में महिलाओं के इस तरह सड़क पर उतरकर विरोध करने की घटना चर्चा में है। पुलिस ने पकड़े गए युवक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और अवैध शराब की बिक्री से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

  • तेंदुआ शिकार मामले में दिनभर चली पूछताछ, 9 घंटे से ज्यादा जांच के घेरे में रहे कार्तिक, बोले- हमारे खिलाफ रची गई साजिश

    तेंदुआ शिकार मामले में दिनभर चली पूछताछ, 9 घंटे से ज्यादा जांच के घेरे में रहे कार्तिक, बोले- हमारे खिलाफ रची गई साजिश


    शिवपुरी । तेंदुआ शिकार से जुड़े मामले में वाइल्डलाइफ एसओएस के संचालक कार्तिक सत्यनारायण से शिवपुरी में करीब साढ़े नौ घंटे तक पूछताछ की गई। सोमवार को वह वन प्रशासन की विशेष कार्य बल यानी एसटीएसएफ के कार्यालय पहुंचे थे। पूछताछ सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई और रात लगभग साढ़े आठ बजे तक चली। लंबी पूछताछ के बाद बाहर आए कार्तिक सत्यनारायण ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया और पूरे मामले को गहरी साजिश बताया। उन्होंने कहा कि वह खुद भी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इस मामले के पीछे किसका हाथ है।

    एसटीएसएफ की टीम ने पूछताछ के दौरान वन्यजीव संरक्षण तेंदुआ शिकार और मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं पर कार्तिक से सवाल किए। हालांकि जांच एजेंसी की ओर से अभी यह सार्वजनिक नहीं किया गया है कि पूछताछ के दौरान उनसे किन बिंदुओं पर सवाल किए गए और उन्होंने उनका क्या जवाब दिया। ऐसे में जांच के अंदरूनी पहलुओं को लेकर फिलहाल आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कार्तिक सत्यनारायण ने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि उनके और उनके संगठन के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। कार्तिक के मुताबिक उनका संगठन लंबे समय से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहा है और उनकी टीम कानून के खिलाफ कोई गतिविधि नहीं कर सकती। उन्होंने अपने कर्मचारियों का भी बचाव किया और कहा कि सभी लोग वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए काम करते हैं।

    कार्तिक ने दावा किया कि उनके खिलाफ चल रहा मामला किसी गहरी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वह अपने स्तर पर भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कौन है। हालांकि उनके इस दावे को लेकर जांच एजेंसी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। मामले में वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    पूछताछ के दौरान कार्तिक के साथ उनके वकील भी मौजूद रहे। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील रोहित भारद्वाज ने कहा कि कार्तिक जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उनके मुताबिक जांच एजेंसी जब भी कार्तिक को बुलाएगी वह पूछताछ के लिए उपस्थित होंगे। वकील के इस बयान के बाद अब जांच के अगले चरण पर नजर है।

    सोमवार को हुई लंबी पूछताछ के बाद कार्तिक सत्यनारायण को मंगलवार को भी एसटीएसएफ के सामने पेश होना है। इसका मतलब है कि मामले में जांच अभी जारी है और एजेंसी उनसे दोबारा सवाल-जवाब कर सकती है। फिलहाल एसटीएसएफ की ओर से पूछताछ को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    तेंदुआ शिकार से जुड़े इस मामले में आगे की जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेज साक्ष्य और बयानों से कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। फिलहाल एक तरफ जांच एजेंसी मामले की पड़ताल कर रही है तो दूसरी तरफ कार्तिक सत्यनारायण अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए इसे साजिश बता रहे हैं। अब एसटीएसएफ की अगली कार्रवाई और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही मामले की आगे की दिशा स्पष्ट होगी।

  • शिवपुरी में गणेश विसर्जन शोभायात्रा का भव्य नजारा, सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब और सुबह तक चला उत्सव

    शिवपुरी में गणेश विसर्जन शोभायात्रा का भव्य नजारा, सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब और सुबह तक चला उत्सव


    शिवपुरी। शिवपुरी में गणेशोत्सव का समापन शुक्रवार रात बेहद भव्य अंदाज में हुआ। भगवान गणेश की प्रतिमाओं को विदाई देने के लिए शहर में निकली विसर्जन शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। आयोजकों के अनुसार इस भव्य आयोजन में करीब 2 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। रात करीब 8 बजे शुरू हुई शोभायात्रा का सिलसिला सुबह 6 बजे तक चलता रहा। इस दौरान शहर की प्रमुख सड़कों पर गणपति बप्पा मोरया के जयकारे गूंजते रहे और श्रद्धालु उत्साह के साथ शोभायात्रा में शामिल होते रहे।

    शोभायात्रा के दौरान कस्टम गेट और हंस बिल्डिंग चौराहे पर विशेष मंच बनाए गए थे। इन मंचों से होकर गणेश प्रतिमाएं और आकर्षक झांकियां गुजरीं। अलग अलग रूपों में सजाई गई झांकियों ने लोगों का ध्यान खींचा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन्हें देखने के लिए सड़कों के किनारे जमा रहे। शोभायात्रा में शामिल युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

    इस बार शोभायात्रा में डीजे भी प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहे। ट्रकों पर बड़े बड़े डीजे सिस्टम लगाए गए थे। रातभर तेज संगीत और प्रस्तुतियों का दौर चलता रहा। युवा डीजे की धुन पर नाचते नजर आए। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की प्रतिमाओं के सामने भक्ति गीतों पर उत्साह जताया। पूरा शहर देर रात तक गणेशमय नजर आया।

    शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए सामाजिक संगठनों और आयोजकों की ओर से जगह जगह भंडारे लगाए गए। लोगों को प्रसादी वितरित की गई। इसके अलावा पानी और दूसरी जरूरी व्यवस्थाएं भी की गई थीं। लंबी दूरी तक चलने वाली शोभायात्रा में शामिल लोगों के लिए इन व्यवस्थाओं से काफी सहूलियत मिली।

    आधी रात के बाद गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हुआ। बड़ी प्रतिमाओं को अमोला पुल के पास सिंध नदी में विसर्जित किया गया। वहीं छोटी प्रतिमाओं के लिए मझेरा तालाब और गणेश कुंड में व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच भगवान गणेश को विदाई दी। विसर्जन के दौरान कई जगह श्रद्धालु भावुक भी नजर आए।

    इतने बड़े आयोजन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। प्रमुख मार्गों के साथ विसर्जन स्थलों पर पुलिस बल तैनात रहा। नदी और अन्य जल स्रोतों पर गोताखोरों को भी अलर्ट रखा गया था। अधिकारियों ने देर रात तक मौके पर रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी की।

    शोभायात्रा के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और विसर्जन प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा कराने के लिए प्रशासन ने जरूरी इंतजाम किए। रातभर चलने वाले इस आयोजन में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही लेकिन पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

    सुबह होते होते अधिकांश गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन पूरा हो चुका था। इसके साथ ही कई दिनों से चल रहे गणेशोत्सव का समापन हो गया। श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर जल्दी आने की कामना के साथ गणपति बप्पा को विदाई दी। शिवपुरी में गणेश विसर्जन की यह शोभायात्रा शहर में आस्था और उत्साह से भरे यादगार आयोजनों में शामिल रही।

  • शिवपुरी में पितृपक्ष शुरू होते ही बाणगंगा और भदैयाकुंड पर उमड़ी भीड़, पूर्वजों के लिए हुआ तर्पण-पिंडदान

    शिवपुरी में पितृपक्ष शुरू होते ही बाणगंगा और भदैयाकुंड पर उमड़ी भीड़, पूर्वजों के लिए हुआ तर्पण-पिंडदान


    शिवपुरी । शिवपुरी में पितृपक्ष की शुरुआत के साथ ही शनिवार को धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई। शहर के प्रमुख बाणगंगा और भदैयाकुंड घाट पर सुबह से ही लोग अपने पूर्वजों के निमित्त पूजा और धार्मिक अनुष्ठान करने पहुंचने लगे। सुबह करीब 7 बजे से दोनों स्थानों पर श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। परिवार के लोग पूजा सामग्री लेकर घाटों पर पहुंचे और पंडितों की देखरेख में तर्पण श्राद्ध और पिंडदान की विधि पूरी की।

    पितृपक्ष को हिंदू परंपरा में पूर्वजों के स्मरण और उनके निमित्त धार्मिक कर्मकांड करने का विशेष समय माना जाता है। इसी मान्यता के चलते शिवपुरी में भी कई परिवार अपने पितरों के लिए निर्धारित तिथि के अनुसार अनुष्ठान करने पहुंचे। घाटों पर लोगों ने स्नान और पूजा के बाद पितरों को जल अर्पित किया। इसके साथ ही पिंडदान और श्राद्ध कर्म भी किए गए।

    सुबह के समय बाणगंगा और भदैयाकुंड दोनों स्थानों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। अलग अलग क्षेत्रों से परिवारों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। कई लोग अपने साथ पूजा सामग्री लेकर पहुंचे थे। घाटों पर पंडितों की मौजूदगी में मंत्रोच्चार के साथ कर्मकांड संपन्न कराया गया। परिवार के सदस्यों ने पूर्वजों को याद करते हुए उनकी आत्मा की शांति और परिवार की सुख समृद्धि की कामना की।

    पंडित शिव नारायण शर्मा के अनुसार पितृपक्ष में अपनी परंपरा और पूर्वजों की तिथि के अनुसार श्राद्ध और तर्पण करने की धार्मिक मान्यता है। इस दौरान परिवार अपने पितरों के निमित्त जल अर्पित करते हैं और निर्धारित विधि से पूजा करते हैं। उन्होंने बताया कि पितृपक्ष के दौरान अलग अलग तिथियों पर पूर्वजों के लिए कर्मकांड किए जाते हैं।

    इस वर्ष पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर से हुई है और यह 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस अवधि में श्रद्धालु अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार संबंधित श्राद्ध तिथि पर तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान कर सकते हैं। कई परिवारों के लिए पितृपक्ष का पहला दिन विशेष महत्व रखता है और इसी वजह से पहले दिन भी घाटों पर अच्छी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

    शिवपुरी के बाणगंगा और भदैयाकुंड पर सुबह से बढ़ती भीड़ के बीच धार्मिक वातावरण बना रहा। घाटों पर परिवारों के समूह दिखाई दिए जो अपने पूर्वजों के निमित्त पूजा करते नजर आए। जैसे जैसे दिन आगे बढ़ा वैसे वैसे दोनों स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ती गई।

    पितृपक्ष के दौरान शिवपुरी में आने वाले दिनों में भी इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। अलग अलग तिथियों पर लोग अपने पूर्वजों के लिए निर्धारित श्राद्ध कर्म करेंगे। इस दौरान तर्पण पिंडदान और श्राद्ध जैसे अनुष्ठानों के जरिए परिवार अपने पितरों का स्मरण करेंगे और उनकी आत्मा की शांति की कामना करेंगे।

  • शिवपुरी में मजदूर पर जानलेवा हमला, मिर्ची डालकर किया अंधा, पीठ पर चाकू से कई वार कर भागा आरोपी

    शिवपुरी में मजदूर पर जानलेवा हमला, मिर्ची डालकर किया अंधा, पीठ पर चाकू से कई वार कर भागा आरोपी


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के झांसी तिराहा इलाके में शुक्रवार सुबह एक मजदूर पर चाकू से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि हमलावर ने पहले मजदूर की आंखों में मिर्ची डाल दी और इसके बाद चाकू से उसकी पीठ पर कई वार कर दिए। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा तफरी मच गई। वारदात के बाद आरोपी हाथ में चाकू लेकर मौके से फरार हो गया। घायल मजदूर को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका उपचार जारी है।

    घायल मजदूर की पहचान नवाब साहब रोड निवासी मनोज धाकड़ के रूप में हुई है। मनोज झांसी तिराहा स्थित एक हार्डवेयर दुकान पर काम करता है। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे मनोज दुकान के बाहर खड़ा हुआ था। इसी दौरान कठमई इलाके का रहने वाला गौरव कुशवाह वहां पहुंचा। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पहले से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था।

    मनोज के अनुसार गौरव ने अचानक उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि सबसे पहले उसकी आंखों में मिर्ची डाल दी गई। आंखों में मिर्ची पड़ने के बाद मनोज संभल पाता इससे पहले आरोपी ने चाकू निकालकर उसकी पीठ पर कई वार कर दिए। अचानक हुए हमले के कारण मनोज घायल होकर वहीं गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों के बीच भी कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई।

    हमले के बाद आरोपी चाकू लहराते हुए मौके से भाग गया। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के लोगों ने घायल मजदूर को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। मनोज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टर उसकी चोटों का उपचार कर रहे हैं।

    घटना के पीछे पुराना विवाद होने की बात सामने आ रही है। हार्डवेयर दुकान के मालिक के मुताबिक गुरुवार शाम को मनोज और गौरव के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी। उस समय विवाद ज्यादा नहीं बढ़ा था लेकिन अगले दिन सुबह दोनों के बीच फिर से कहासुनी होने के बाद मामला हिंसक हो गया। हालांकि हमले की वास्तविक वजह क्या थी यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    बताया गया है कि जिस व्यक्ति पर हमले का आरोप है वह तीन पहिया लोडिंग वाहन चलाता है। वह इसी हार्डवेयर दुकान पर सामान की लोडिंग और अनलोडिंग का काम भी करता है। इसी वजह से दोनों के बीच पहले से परिचय होने की बात सामने आई है। पुलिस अब विवाद की शुरुआत और हमले से पहले दोनों के बीच हुई बातचीत सहित अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हमले की वजह के साथ साथ आरोपी की तलाश और घटना से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा हो सकती है।

    फिलहाल घायल मजदूर का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हमले के बाद इलाके में भी घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है।

  • मजदूरी से लौटे परिजन तो घर में दिखा खौफनाक मंजर, अकेले थे भूरा जाटव, टीबी का चल रहा था इलाज

    मजदूरी से लौटे परिजन तो घर में दिखा खौफनाक मंजर, अकेले थे भूरा जाटव, टीबी का चल रहा था इलाज


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के लुकवासा में बुधवार शाम एक अधेड़ व्यक्ति का शव घर के अंदर फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान गांधीनगर वार्ड क्रमांक 13 निवासी 50 वर्षीय भूरा पुत्र ओमकार जाटव के रूप में हुई है। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य मजदूरी करने के लिए घर से बाहर गए हुए थे जबकि भूरा जाटव घर पर अकेले थे। शाम को जब उनकी पत्नी मजदूरी से वापस लौटीं तो कमरे के अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने भूरा को फंदे पर लटका देखा जिसके बाद परिजनों और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी गई। लोगों ने आनन फानन में उन्हें नीचे उतारा लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

    जानकारी के मुताबिक भूरा जाटव के बेटे रंजीत उनकी पत्नी गुड्डी बाई और दूसरे बेटे राजा बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे मजदूरी करने के लिए घर से निकले थे। रोज की तरह परिवार के लोग काम पर चले गए थे। भूरा उस समय घर पर ही थे। परिवार के सदस्य दिनभर मजदूरी करने के बाद शाम करीब 4:30 बजे वापस लौटे। इसी दौरान गुड्डी बाई की नजर कमरे में गई तो उन्होंने भूरा को फंदे पर लटका देखा। यह देखकर वह घबरा गईं और उन्होंने तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों तथा पड़ोसियों को सूचना दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। परिजनों ने भूरा को फंदे से नीचे उतारा लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। लुकवासा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के मुताबिक भूरा जाटव लंबे समय से टीबी की बीमारी से परेशान थे और उनका इलाज भी चल रहा था। बीमारी को लेकर वह काफी समय से परेशान बताए जा रहे थे। हालांकि घटना के पीछे बीमारी के अलावा कोई अन्य वजह थी या नहीं इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।

    पुलिस की कार्रवाई के बाद गुरुवार को भूरा जाटव के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली है। फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। जिस घर में परिवार के लोग रोजी रोटी के लिए सुबह मजदूरी करने निकले थे उसी घर में शाम को उन्हें अपने परिजन का शव मिला। घटना ने पूरे इलाके के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

  • गोबर फेंकने गई महिला के साथ अचानक हुआ दर्दनाक हादसा, बाड़े में पड़े कटे तार को हटाते ही लगा करंट

    गोबर फेंकने गई महिला के साथ अचानक हुआ दर्दनाक हादसा, बाड़े में पड़े कटे तार को हटाते ही लगा करंट


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के कार्या गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 53 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला अपने घर के बाड़े में गोबर फेंकने गई थी। इसी दौरान वहां घरेलू बिजली सप्लाई की लाइन के कटे हुए तार की चपेट में आ गई। करंट लगते ही महिला बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ी। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

    मृतका की पहचान कार्या गांव निवासी ईश्वरदेवी जाटव उम्र 53 वर्ष के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक गुरुवार सुबह ईश्वरदेवी भैंसों का गोबर इकट्ठा कर उसे बाड़े में फेंकने के लिए गई थीं। इसी दौरान उनकी नजर बाड़े से होकर निकली बिजली की लाइन पर पड़ी। बताया गया कि बिजली के तार में कट लगा हुआ था और वह खुला हुआ था।

    ईश्वरदेवी ने तार को हटाने की कोशिश की। जैसे ही उन्होंने हाथ से तार को छुआ उन्हें तेज करंट लग गया। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि वह मौके पर ही बेसुध होकर जमीन पर गिर गईं। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों और परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो तुरंत उन्हें संभाला गया।

    महिला की हालत गंभीर देखकर परिजन बिना देर किए उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी अस्पताल पहुंची। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। आवश्यक कार्रवाई के बाद महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब हादसे से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    इस घटना के बाद बाड़े में बिजली के तार की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया गया है कि जिस तार में कट लगा हुआ था उसे हटाने की कोशिश के दौरान महिला करंट की चपेट में आ गई। ग्रामीण इलाकों में खुले और क्षतिग्रस्त बिजली तारों को लेकर अक्सर सुरक्षा का सवाल सामने आता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं लोगों के लिए गंभीर खतरे का कारण बन सकती हैं।

    गुरुवार सुबह हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। ईश्वरदेवी रोजमर्रा के घरेलू काम के लिए बाड़े में गई थीं लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वहां मौजूद बिजली का एक खुला तार उनकी जान ले लेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।