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  • कई महीनों से पेट दर्द और उल्टी से परेशान थी किशोरी जांच में सामने आया बालों का बड़ा गुच्छा

    कई महीनों से पेट दर्द और उल्टी से परेशान थी किशोरी जांच में सामने आया बालों का बड़ा गुच्छा


    शिवपुरी । शिवपुरी के श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने 14 वर्षीय किशोरी का जटिल ऑपरेशन कर उसके पेट से बालों का बड़ा गुच्छा निकाला है। करीब 16×14 सेंटीमीटर आकार का यह बालों का गुच्छा पेट के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से में फैला हुआ था और छोटी आंत तक पहुंच गया था। करीब तीन घंटे तक चली ओपन सर्जरी के बाद किशोरी की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

    किशोरी को पिछले कई महीनों से लगातार पेट दर्द की शिकायत थी। इसके साथ ही उसे उल्टी होती थी और पेट भरा हुआ महसूस होता था। भूख भी काफी कम लग रही थी। लगातार बनी इन परेशानियों के बाद उसे 11 सितंबर को मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान उसका हीमोग्लोबिन स्तर सिर्फ 7.8 ग्राम पाया गया। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए उसे दो यूनिट खून चढ़ाया।

    इसके बाद किशोरी का सीटी स्कैन कराया गया। जांच में पेट के भीतर बड़े आकार का बालों का गुच्छा दिखाई दिया। साथ ही आंत में छेद होने की आशंका भी सामने आई। मरीज की स्थिति और पेट में मौजूद गुच्छे के आकार को देखते हुए डॉक्टरों ने सामान्य प्रक्रिया के बजाय ओपन सर्जरी करने का फैसला लिया।

    अधिष्ठाता डॉ. ईला गुजारिया के मार्गदर्शन और सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अनंत राखोंडे के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन किया। प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौहान और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशलेन्द्र सिंह नरवरिया के साथ पीजी डॉक्टर डॉ. महेश पाटीदार ने सर्जरी में हिस्सा लिया। एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका गुप्ता की देखरेख में करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन चला।

    डॉक्टरों के मुताबिक पेट में मौजूद बालों का गुच्छा इतना बड़ा हो चुका था कि उसे सामान्य एंडोस्कोपी के जरिए पूरी तरह निकालना मुश्किल था। इसी वजह से पेट खोलकर सर्जरी की गई और बालों के पूरे गुच्छे को बाहर निकाला गया। ऑपरेशन के बाद किशोरी की हालत स्थिर है और डॉक्टर उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

    प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौहान ने बताया कि बाल आसानी से पचते नहीं हैं। लंबे समय तक बाल निगलने पर वे पेट में जमा होते रहते हैं और धीरे धीरे एक ठोस गुच्छे का रूप ले लेते हैं। इसी स्थिति को ट्राइकोबेजोआर कहा जाता है। इस किशोरी के मामले में भी पेट के भीतर लंबे समय तक बाल जमा होने के कारण बड़ा गुच्छा बन गया था।

    असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशलेन्द्र सिंह नरवरिया के मुताबिक ऐसी स्थिति कई बार ट्राइकोटिलोमेनिया यानी बाल तोड़ने की आदत और ट्राइकोफेजिया यानी बाल खाने या निगलने की आदत से जुड़ी हो सकती है। मानसिक तनाव और चिंता भी इसके पीछे एक कारण हो सकते हैं। ऐसे मामलों में केवल सर्जरी ही पर्याप्त नहीं मानी जाती बल्कि ऑपरेशन के बाद मरीज की निगरानी और जरूरत के अनुसार मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी महत्वपूर्ण होता है।

    यह मामला इस बात की ओर भी ध्यान दिलाता है कि बच्चों और किशोरों में लंबे समय तक बने रहने वाले पेट दर्द उल्टी भूख कम लगना या पेट भरा रहने जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच होने से गंभीर स्थिति का पता लगाया जा सकता है और उचित उपचार शुरू किया जा सकता है।

  • बिजली के तार ने छीन ली 17 साल के सौरभ की जिंदगी हादसे के बाद परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

    बिजली के तार ने छीन ली 17 साल के सौरभ की जिंदगी हादसे के बाद परिवार ने लगाए गंभीर आरोप


    शिवपुरी । शिवपुरी में कबाड़ा उठाने गए 17 वर्षीय नाबालिग की करंट लगने से मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसने के बाद सौरभ शाक्य का ग्वालियर में कई दिनों तक इलाज चला लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। हादसे में सौरभ का शरीर करीब 70 प्रतिशत झुलस गया था। सोमवार को ग्वालियर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अब शिवपुरी कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच करेगी।

    जानकारी के मुताबिक यह हादसा 6 जुलाई को शिवपुरी की हनुमान कॉलोनी में हुआ था। सौरभ अपने दोस्त सुमित शाक्य के साथ हाथ ठेला लेकर कबाड़ा खरीदने निकला था। दोनों एक मकान पर पहुंचे थे। वहां मौजूद महिला ने सौरभ से पहली मंजिल की छत पर रखा कबाड़ा नीचे लाने के लिए कहा। सौरभ कबाड़ा लेने के लिए ऊपर पहुंचा तो वहां मौजूद बिजली के तार की चपेट में आ गया।

    करंट लगते ही सौरभ के शरीर में आग लग गई। बिजली का झटका इतना तेज था कि वह पहली मंजिल से नीचे गिर गया। हादसे के बाद उसका दोस्त सुमित उसे हाथ ठेले पर लेकर सिद्धि विनायक अस्पताल पहुंचा। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हालत बेहद नाजुक होने के कारण उसी दिन सौरभ को ग्वालियर रेफर कर दिया गया था। ग्वालियर में कई दिनों तक उसका इलाज चला लेकिन आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।

    सौरभ की बहन काजल शाक्य ने बताया कि हादसे के बाद जब परिवार के लोग संबंधित मकान पर पहुंचे तो वहां मौजूद महिला ने मदद करने के बजाय परिवार पर चोरी का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवार ने मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली थाने का रुख किया था। परिजनों ने पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का आरोप भी लगाया था।

    सौरभ के परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई गई है। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार फिजिकल थाना क्षेत्र में कोलियों के मंदिर के पास किराए के मकान में रहता है। परिवार के तीन भाई मेहनत मजदूरी करके घर का खर्च चलाते थे। सौरभ भी कबाड़ा उठाने और बेचने का काम करता था।

    अब सौरभ की मौत के बाद परिवार हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। परिजन चाहते हैं कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और यह सामने आए कि आखिर बिजली के तार की चपेट में आने से नाबालिग की जान कैसे गई। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।

  • शिवपुरी में शराब दुकान बंद कराने निकले ग्रामीण पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठकर किया चक्काजाम

    शिवपुरी में शराब दुकान बंद कराने निकले ग्रामीण पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठकर किया चक्काजाम


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के नावली गांव में सरकारी शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन रविवार शाम उस समय सड़क पर पहुंच गया जब पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। शराब दुकान बंद कराने के लिए गांव से निकले पुरुषों और महिलाओं को पुलिस ने नावली मोड़ के पास रोक दिया। इससे नाराज ग्रामीण सड़क पर ही बैठ गए और खोड़ सिरसौद मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा। बाद में पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया और वापस गांव लौट गए।

    जानकारी के मुताबिक नावली गांव के कुछ ग्रामीण गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर सिरसौद थाना क्षेत्र में संचालित सरकारी शराब दुकान को बंद कराने की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर रविवार शाम ग्रामीण प्रदर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। ग्रामीणों के प्रदर्शन की जानकारी पुलिस को मिली तो खोड़ चौकी प्रभारी संजय लोधी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।

    पुलिस ने ग्रामीणों को नावली मोड़ के पास मंदिर के सामने रोक लिया। ग्रामीण शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर आगे जाना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया। इससे ग्रामीण नाराज हो गए और उन्होंने सड़क पर बैठकर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते खोड़ सिरसौद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रुक गई और चक्काजाम की स्थिति बन गई।

    पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि गांव के पास संचालित शराब दुकान को बंद किया जाना चाहिए। ग्रामीणों के सड़क पर बैठने से करीब एक घंटे तक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही और स्थिति को नियंत्रित करने के साथ ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करती रही।

    करीब एक घंटे बाद खोड़ चौकी प्रभारी संजय लोधी ने ग्रामीणों को शराब दुकान से जुड़े नियमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संबंधित शराब दुकान सरकारी है और नियमों के तहत उसका स्थान बदला जा सकता है। पुलिस ने ग्रामीणों को इस प्रक्रिया और संबंधित प्रावधानों के बारे में समझाया। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस की बात मान ली और सड़क से हट गए।

    ग्रामीणों के सड़क से हटने के बाद खोड़ सिरसौद मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया। इसके बाद प्रदर्शन में शामिल ग्रामीण अपने गांव वापस लौट गए। इस पूरे घटनाक्रम में किसी बड़े विवाद या अप्रिय स्थिति की जानकारी सामने नहीं आई। पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया।

    शराब दुकान के खिलाफ ग्रामीणों का यह विरोध स्थानीय स्तर पर शराब बिक्री को लेकर लोगों की नाराजगी को भी सामने लाता है। ग्रामीणों ने दुकान बंद कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था लेकिन पुलिस ने उन्हें नियमों की जानकारी देकर शांत कराया। फिलहाल दुकान को बंद करने के बजाय उसके स्थानांतरण की संभावना को लेकर नियमों के तहत आगे की प्रक्रिया की बात सामने आई है।

  • शिवपुरी में वन भूमि पर चला प्रशासन का बुलडोजर 8 से 10 झोपड़ियां हटाईं मौके से मिली कच्ची शराब

    शिवपुरी में वन भूमि पर चला प्रशासन का बुलडोजर 8 से 10 झोपड़ियां हटाईं मौके से मिली कच्ची शराब


    शिवपुरी। शिवपुरी शहर के देहात थाना क्षेत्र में वन भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कब्रिस्तान के पास वन भूमि पर बनी करीब 8 से 10 झोपड़ियों को संयुक्त टीम ने जेसीबी की मदद से हटाया। कार्रवाई के दौरान मौके पर कच्ची शराब भी मिली जिसे आबकारी विभाग की टीम ने जब्त कर लिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में काफी देर तक हलचल बनी रही।

    जानकारी के अनुसार वन भूमि पर कुछ परिवारों ने झोपड़ियां बनाकर रहना शुरू कर दिया था। प्रशासन को इन लोगों के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। शिकायतों में वन भूमि पर अतिक्रमण करने के साथ ही बाहर से कच्ची शराब लाकर बेचने और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल होने की बात कही गई थी। शिकायतों के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग वन विभाग आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम बनाई।

    संयुक्त टीम जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर मौके पर पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी में वन भूमि पर बनी झोपड़ियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। जेसीबी की मदद से करीब 8 से 10 झोपड़ियों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। प्रशासन की टीम ने मौके पर मौजूद सामान और आसपास के क्षेत्र की भी जांच की।

    इसी दौरान आबकारी विभाग की टीम को मौके से बड़ी मात्रा में कच्ची शराब मिली। शराब बरामद होने के बाद उसे जब्त कर लिया गया। आबकारी विभाग ने मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि बरामद शराब किसकी थी और इसे कहां से लाकर यहां रखा या बेचा जा रहा था।

    प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के बाद वन भूमि से अतिक्रमण पूरी तरह हटाने का दावा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं अवैध शराब से जुड़े मामलों में आबकारी विभाग भी जांच कर रहा है।

    इस पूरी कार्रवाई में राजस्व विभाग वन विभाग आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त भूमिका रही। जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ पहुंची टीम ने पहले मौके का निरीक्षण किया और इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। झोपड़ियां हटाए जाने के बाद क्षेत्र को खाली कराया गया।

    वन भूमि पर अतिक्रमण और अवैध शराब की शिकायतों को लेकर हुई इस कार्रवाई से प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जे और अवैध गतिविधियों को लेकर सख्ती बरती जाएगी। फिलहाल आबकारी विभाग द्वारा दर्ज मामले की जांच जारी है। पुलिस और संबंधित विभाग यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि इस पूरे मामले में कौन लोग शामिल थे।

  • फेसबुक कमेंट पर भड़का विवाद करैरा थाने का घेराव कई घंटे चला प्रदर्शन FIR के बाद शांत हुआ मामला

    फेसबुक कमेंट पर भड़का विवाद करैरा थाने का घेराव कई घंटे चला प्रदर्शन FIR के बाद शांत हुआ मामला


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के करैरा कस्बे में सोशल मीडिया पर किए गए एक कथित आपत्तिजनक कमेंट को लेकर रविवार को विवाद बढ़ गया। धार्मिक यात्रा से जुड़ी एक पोस्ट पर किए गए कमेंट से नाराज लोग बड़ी संख्या में करैरा थाने पहुंच गए और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। थाने के बाहर करीब डेढ़ घंटे तक लोगों की भीड़ जमा रही। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल थीं। लोगों का कहना था कि धार्मिक यात्रा से जुड़ी पोस्ट पर इस तरह की टिप्पणी से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं इसलिए पुलिस को मामले में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

    बताया गया है कि कुछ दिन पहले करैरा कस्बे से मां कैलादेवी करौली के लिए धार्मिक यात्रा निकाली गई थी। इस यात्रा से संबंधित एक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर की गई थी। आरोप है कि करैरा निवासी आशीष गोयल ने इस पोस्ट पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। कमेंट सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। इसके बाद लोगों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एकजुट होकर थाने का रुख किया।

    प्रदर्शनकारी पुलिस से आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर धार्मिक यात्रा से संबंधित पोस्ट पर की गई टिप्पणी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने और शांत कराने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारी एफआईआर दर्ज होने तक अपनी मांग पर अड़े रहे। इस दौरान थाने के बाहर काफी देर तक लोगों की भीड़ बनी रही।

    मामले में नरेंद्र साहू पुत्र स्वरूप नारायण साहू की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आशीष गोयल निवासी करैरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब सोशल मीडिया पर किए गए कमेंट और उससे जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने की जानकारी मिलने के बाद थाने के बाहर चल रहा प्रदर्शन समाप्त हो गया। इसके बाद लोगों की भीड़ वहां से हट गई और स्थिति सामान्य हो गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी से जुड़े तथ्यों को सामने लाने का प्रयास कर रही है। पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर किसी भी धार्मिक या संवेदनशील विषय से जुड़ी टिप्पणी को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत को सामने रखा है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर की गई किसी भी टिप्पणी को लेकर कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल करैरा में मामला दर्ज होने के बाद स्थिति शांत है।

  • शराब के खिलाफ शिवपुरी में भड़का गुस्सा दुकान में घुसकर तोड़फोड़ और बोतलें फोड़ीं 15 लोगों पर केस उमा भारती बोलीं समर्थन करें

    शराब के खिलाफ शिवपुरी में भड़का गुस्सा दुकान में घुसकर तोड़फोड़ और बोतलें फोड़ीं 15 लोगों पर केस उमा भारती बोलीं समर्थन करें


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शराब दुकानों के विरोध का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। जिले के अलग अलग गांवों में महिलाएं और ग्रामीण शराब बिक्री के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच इंदार थाना क्षेत्र के कुटवारा गांव में शराब दुकान में तोड़फोड़ और शराब की बोतलें फोड़ने का मामला सामने आया है। सेल्समैन की शिकायत पर पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों में महिलाएं भी शामिल बताई गई हैं।

    बताया गया कि 11 सितंबर की शाम करीब साढ़े पांच बजे कुटवारा गांव स्थित शराब दुकान पर सेल्समैन बल्लू शिवहरे अपने साथी मनोज शिवहरे के साथ मौजूद था। इसी दौरान करीब 15 से 20 महिला और पुरुष लाठी डंडे लेकर वहां पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने शराब दुकान बंद कराने की मांग की और कथित तौर पर गाली गलौज भी की। इसके बाद कुछ लोग दुकान के अंदर घुस गए और वहां रखी शराब की पेटियों को बाहर निकालने लगे।

    सेल्समैन के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने शराब की कांच की बोतलों को जमीन पर पटककर तोड़ दिया। दुकान में देशी शराब के साथ अंग्रेजी शराब और बीयर की पेटियां भी रखी थीं। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने कई पेटियां तोड़कर शराब नष्ट कर दी। सेल्समैन और उसके साथी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन भीड़ ने विरोध जारी रखा।

    इस घटना से शराब ठेकेदार को करीब चार लाख रुपये के नुकसान का दावा किया गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना में शामिल लोगों की पहचान तथा उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि तोड़फोड़ में कितने लोग शामिल थे और वास्तविक नुकसान कितना हुआ है।

    शिवपुरी में शराब दुकानों के खिलाफ विरोध केवल कुटवारा तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ दिनों से जिले के कई गांवों में महिलाएं शराब बिक्री और कथित अवैध शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। कई स्थानों पर महिलाओं ने शराब की पेटियां दुकानों से बाहर निकालकर नष्ट की हैं। कुछ जगहों पर सड़क जाम करने और थानों तक प्रदर्शन करने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

    इस पूरे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का बयान भी सामने आया है। उन्होंने शिवपुरी में शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और लोगों से इन महिलाओं का समर्थन करने की अपील की। उमा भारती लंबे समय से शराबबंदी और शराब की बिक्री को लेकर मुखर रही हैं। उनके समर्थन से शिवपुरी में चल रहे इस विरोध को राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा मिल गई है।

    हालांकि शराब दुकानों के खिलाफ विरोध कर रहे लोगों की मांगों को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से अलग अलग स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की है। दूसरी ओर शराब कारोबारियों ने भी दुकानों और कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। कुछ ठेकेदारों ने सुरक्षा नहीं मिलने की स्थिति में लाइसेंस सरेंडर करने तक की चेतावनी दी है।

    शिवपुरी में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने शराब बिक्री को लेकर स्थानीय स्तर पर बढ़ते असंतोष को सामने ला दिया है। अब पुलिस की जांच के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की शिकायतों और शराब दुकानों से जुड़े नियमों पर क्या कदम उठाता है।

  • शिवपुरी में फर्जी अस्पतालों पर शिकंजा मरीजों के लिए लगाए थे पलंग और इलाज की व्यवस्था पंजीयन के कागज नहीं मिले तो दोनों संस्थान सील

    शिवपुरी में फर्जी अस्पतालों पर शिकंजा मरीजों के लिए लगाए थे पलंग और इलाज की व्यवस्था पंजीयन के कागज नहीं मिले तो दोनों संस्थान सील


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में बिना जरूरी पंजीयन के संचालित किए जा रहे स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत कोलारस में शुक्रवार शाम स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो मेडिकल स्टोर और उनसे जुड़े अस्पतालों की जांच की। जांच के दौरान दोनों स्थानों पर मरीजों के इलाज और उन्हें भर्ती करने जैसी व्यवस्थाएं मिलीं। हालांकि जब टीम ने अस्पताल संचालन से संबंधित पंजीयन के दस्तावेज मांगे तो संचालक इन्हें प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद विभाग ने दोनों मेडिकल स्टोर और उनसे जुड़े अस्पतालों को सील कर दिया।

    यह कार्रवाई कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर की गई। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रोहित भदकारिया के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम सबसे पहले फूल राज होटल के सामने स्थित धाकड़ मेडिकल स्टोर पहुंची। टीम ने मेडिकल स्टोर की जांच के साथ उसके पास संचालित किए जा रहे एएस अस्पताल का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल डॉ. पुष्पेंद्र सिंह के नाम पर बताया गया था लेकिन मौके पर एक ऐसा व्यक्ति मरीजों का इलाज करता मिला जो इसके लिए पात्र नहीं था।

    जांच के दौरान अस्पताल के अंदर मरीजों को भर्ती करने के लिए 10 पलंग भी रखे हुए मिले। इससे स्पष्ट हुआ कि वहां केवल सामान्य मेडिकल स्टोर का संचालन नहीं हो रहा था बल्कि मरीजों के इलाज और भर्ती की व्यवस्था भी बनाई गई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संचालक से अस्पताल के पंजीयन सहित अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे लेकिन मौके पर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद विभाग ने एएस अस्पताल के साथ धाकड़ मेडिकल स्टोर को भी सील कर दिया।

    इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम कटरा मोहल्ले में स्थित गोपाल मेडिकल स्टोर पहुंची। यहां भी जांच के दौरान मेडिकल स्टोर के पास बने कमरों में अस्पताल जैसी व्यवस्था दिखाई दी। इन कमरों में मरीजों को भर्ती करने के लिए पलंग मौजूद थे। इसके अलावा मरीजों को बोतल चढ़ाने और इलाज करने की व्यवस्था भी मिली। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में संचालक रंजन अधिकारी से अस्पताल के पंजीयन से जुड़े दस्तावेज मांगे लेकिन वह भी जरूरी कागजात टीम के सामने प्रस्तुत नहीं कर सके।

    दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गोपाल मेडिकल स्टोर और उसके पास संचालित हो रहे अस्पताल को भी सील कर दिया। विभाग की इस कार्रवाई के बाद इलाके में बिना अनुमति या पंजीयन के स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर जिले में अवैध स्वास्थ्य संस्थानों की लगातार जांच की जा रही है। विभाग का उद्देश्य ऐसे संस्थानों पर कार्रवाई करना है जहां नियमों का पालन किए बिना मरीजों का इलाज किया जा रहा है। कार्रवाई करने वाली टीम में खंड चिकित्सा अधिकारी कोलारस डॉ. संजय राठौड़ और फार्मासिस्ट बालेंदु रघुवंशी भी शामिल रहे।

    स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से यह सवाल भी सामने आया है कि बिना पंजीयन और आवश्यक दस्तावेजों के मरीजों के इलाज तथा भर्ती की व्यवस्था किस तरह संचालित हो रही थी। विभाग अब जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की जांच जारी रखने की तैयारी में है।

  • बहन से विवाद कर रहा था जीजा बचाव करने पहुंचे साले के पेट में घोंपा चाकू हमला करने के बाद मौके से फरार हुआ आरोपी

    बहन से विवाद कर रहा था जीजा बचाव करने पहुंचे साले के पेट में घोंपा चाकू हमला करने के बाद मौके से फरार हुआ आरोपी


    शिवपुरी । शिवपुरी में पारिवारिक विवाद ने गुरुवार रात हिंसक रूप ले लिया। श्रीराम कॉलोनी के बाल्मीकि मोहल्ले में एक युवक पर उसके जीजा ने चाकू से हमला कर दिया। पेट में चाकू लगने से 30 वर्षीय अनिल उर्फ अन्नी बाल्मीकि गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र करोसिया के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    बताया गया है कि विवाद की शुरुआत आरोपी धर्मेंद्र करोसिया और उसकी पत्नी के बीच पुराने पारिवारिक विवाद को लेकर हुई थी। अनिल की पत्नी काजल बाल्मीकि के मुताबिक उसकी ननद की शादी अशोकनगर निवासी धर्मेंद्र करोसिया से हुई थी। बाद में दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि उनका तलाक हो गया। तलाक के बाद अनिल की ननद करीब सात महीने से शिवपुरी में अपने भाई और भाभी के साथ रह रही थी। आरोप है कि इसी बात को लेकर धर्मेंद्र नाराज रहता था और अक्सर शिवपुरी आकर विवाद करता था।

    गुरुवार रात करीब 8 बजे धर्मेंद्र एक बार फिर उनके घर पहुंचा। वहां उसने अपनी पूर्व पत्नी से विवाद शुरू कर दिया। घर में विवाद बढ़ता देख अनिल भी मौके पर पहुंच गया। अनिल के मुताबिक धर्मेंद्र उसकी बहन पर चाकू से हमला करने की कोशिश कर रहा था। बहन को बचाने के लिए वह दोनों के बीच आ गया। इसी दौरान धर्मेंद्र ने कथित तौर पर चाकू से अनिल के पेट में वार कर दिया।

    चाकू लगते ही अनिल गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। हमले के बाद आरोपी धर्मेंद्र मौके से फरार हो गया। घटना के बाद घर में अफरा तफरी मच गई। परिजन घायल अनिल को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। पेट में चाकू लगने के कारण उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने घायल युवक के बयान दर्ज किए हैं। इसके आधार पर आरोपी धर्मेंद्र करोसिया के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी है।

    पुलिस इस पूरे मामले में पारिवारिक विवाद और तलाक के बाद चल रहे तनाव को भी जांच का हिस्सा बना रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार आरोपी और उसकी पूर्व पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान अनिल के बीच में आने पर उस पर चाकू से हमला किया गया।

    फिलहाल घायल युवक का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। घटना ने इलाके में भी सनसनी फैला दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी सामने लाया जाएगा।

  • शिवपुरी में हाईवे पर बड़ा हादसा टला चलती कार से निकली आग की लपटें कुछ ही मिनटों में पूरी वर्ना जलकर राख

    शिवपुरी में हाईवे पर बड़ा हादसा टला चलती कार से निकली आग की लपटें कुछ ही मिनटों में पूरी वर्ना जलकर राख


    शिवपुरी । शिवपुरी में गुरुवार रात एनएच-46 पर एक बड़ा हादसा होते होते टल गया। भैंसोंरा गांव के पास सड़क पर चल रही Hyundai Verna कार में अचानक आग लग गई। कार से तेज लपटें उठती देखकर चालक ने बिना देर किए वाहन को सड़क किनारे रोक दिया। इसके बाद कार में सवार दोनों लोग तुरंत बाहर निकल आए। कुछ ही मिनटों में आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी कार उसकी चपेट में आ गई और देखते ही देखते वर्ना जलकर पूरी तरह खाक हो गई। राहत की बात यह रही कि हादसे में कार सवार दोनों लोग सुरक्षित बच गए।

    घटना रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है। कार में ग्वालियर निवासी 26 वर्षीय प्रेम गुप्ता और देव करारा सवार थे। दोनों चिकित्सा से जुड़ा सामान लेकर इंदौर की ओर जा रहे थे। बताया गया कि जब कार भैंसोंरा गांव के पास पहुंची तो अचानक उसमें से आग की लपटें निकलने लगीं। कार में आग लगते ही दोनों यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। चालक ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत वाहन को सड़क किनारे रोक दिया। दोनों लोग किसी तरह कार से बाहर निकले और सुरक्षित दूरी पर पहुंच गए।

    कार से निकलने के कुछ ही समय बाद आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते लपटें पूरी कार में फैल गईं। हाईवे पर चल रहे दूसरे वाहन चालकों ने भी आग का यह खतरनाक मंजर देखा। आग के कारण मौके पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन गई। सूचना मिलने के बाद सुभाषपुरा थाना प्रभारी अरविंद चौहान पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

    पुलिस ने सबसे पहले हाईवे पर यातायात को नियंत्रित किया ताकि आग की वजह से कोई दूसरा हादसा न हो। वाहनों को दूसरी लेन से निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने आग की सूचना फायर ब्रिगेड को दी। मोहना से फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद कार में लगी आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी।

    हादसे में प्रेम गुप्ता और देव करारा को किसी तरह की चोट नहीं आई। दोनों समय रहते कार से बाहर निकल गए थे। अगर आग लगने के बाद उन्हें बाहर निकलने में थोड़ी भी देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाने के साथ आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल शुरुआती जांच में आग लगने की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है।

    हाईवे पर चलती कार में अचानक आग लगने की यह घटना एक बार फिर बताती है कि वाहन में किसी तरह की असामान्य स्थिति नजर आते ही उसे सुरक्षित स्थान पर रोकना कितना जरूरी है। समय रहते कार से बाहर निकलने के कारण दोनों यात्रियों की जान बच गई जबकि उनकी कार पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई।

  • शराब के खिलाफ प्रदर्शन में बवाल! शिवपुरी में महिलाओं और पुलिस-अबकारी टीम की भिड़ंत

    शराब के खिलाफ प्रदर्शन में बवाल! शिवपुरी में महिलाओं और पुलिस-अबकारी टीम की भिड़ंत


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में शराब दुकानों के विरोध को लेकर चल रहा प्रदर्शन गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण हो गया जब अमोला थाना क्षेत्र के अमोल गांव में महिलाओं और पुलिस तथा आबकारी विभाग की टीम के बीच विवाद हो गया। शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर पहुंची महिलाओं ने कथित तौर पर लाठियां उठा लीं और पुलिस तथा आबकारी कर्मचारियों की ओर बढ़ गईं। स्थिति बिगड़ने के बाद टीम को मौके से पीछे हटना पड़ा। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं जिनमें प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति दिखाई दे रही है।

    जानकारी के अनुसार गुरुवार को पुलिस और आबकारी विभाग की टीम पहले से ही शराब दुकान पर मौजूद थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं वहां पहुंचीं और दुकान बंद कराने की मांग करने लगीं। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। महिलाओं ने लाठियां हाथ में ले लीं और टीम की ओर बढ़ने लगीं। हालात को देखते हुए पुलिस और आबकारी कर्मचारियों ने पीछे हटना उचित समझा। दोपहर तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रही और पुलिस मौके पर मौजूद रही।

    शिवपुरी जिले में शराब के खिलाफ महिलाओं का विरोध पिछले करीब एक महीने से अलग अलग इलाकों में जारी है। महिलाओं की ओर से अवैध और कच्ची शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग लगातार उठाई जा रही है। पिछोर और खनियाधाना क्षेत्र में भी महिलाओं ने शराब के खिलाफ प्रदर्शन किया था। कई जगहों पर महिलाओं ने शराब बेचने वालों के ठिकानों से कच्ची और अवैध शराब बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दी थी। कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान चक्काजाम की स्थिति भी बनी।

    अमोला क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से सरकारी शराब दुकानों को लेकर लगातार विरोध की घटनाएं सामने आ रही हैं। 8 सितंबर को नया अमोला नंबर दो में महिलाओं ने शराब दुकान में पहुंचकर शराब की पेटियां बाहर निकाल दी थीं और उनमें आग लगा दी थी। इसके बाद 9 सितंबर को भी महिलाएं दुकान हटाने की मांग को लेकर देर शाम तक मौके पर डटी रहीं। आबकारी विभाग की ओर से पांच दिन में दुकान हटाने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन शांत हुआ था।

    इसी दौरान देर रात थरखेड़ा गांव में भी महिलाओं ने शराब दुकान के खिलाफ प्रदर्शन किया। यहां दुकान के भीतर रखी शराब की पेटियां बाहर निकालने की बात सामने आई। इसके अगले दिन अमोल गांव में शराब दुकान बंद कराने पहुंची महिलाओं और पुलिस तथा आबकारी टीम के बीच विवाद हो गया। लगातार तीन दिनों से सामने आ रही घटनाओं ने प्रशासन के सामने कानून व्यवस्था की चुनौती बढ़ा दी है।

    लगातार हो रहे विरोध के बीच शराब ठेकेदारों ने भी जिला आबकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ठेकेदारों ने आरोप लगाया है कि नया अमोला थरखेड़ा अमोल मायापुर और खोड़ की सरकारी शराब दुकानों में पिछले तीन दिनों के दौरान तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुई हैं। उनका कहना है कि दुकानों की सुरक्षा नहीं हो पाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ठेकेदारों ने इन परिस्थितियों के बीच शराब दुकानों के लाइसेंस सरेंडर करने की बात कही है।

    अब प्रशासन के सामने एक ओर महिलाओं की शराब विरोधी मांग और दूसरी ओर शराब ठेकेदारों की सुरक्षा तथा कारोबार से जुड़ी शिकायतें हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और विरोध कर रही महिलाओं की मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है इस पर सभी की नजर बनी हुई है।