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  • गोबर फेंकने गई महिला के साथ अचानक हुआ दर्दनाक हादसा, बाड़े में पड़े कटे तार को हटाते ही लगा करंट

    गोबर फेंकने गई महिला के साथ अचानक हुआ दर्दनाक हादसा, बाड़े में पड़े कटे तार को हटाते ही लगा करंट


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के कार्या गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 53 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला अपने घर के बाड़े में गोबर फेंकने गई थी। इसी दौरान वहां घरेलू बिजली सप्लाई की लाइन के कटे हुए तार की चपेट में आ गई। करंट लगते ही महिला बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ी। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

    मृतका की पहचान कार्या गांव निवासी ईश्वरदेवी जाटव उम्र 53 वर्ष के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक गुरुवार सुबह ईश्वरदेवी भैंसों का गोबर इकट्ठा कर उसे बाड़े में फेंकने के लिए गई थीं। इसी दौरान उनकी नजर बाड़े से होकर निकली बिजली की लाइन पर पड़ी। बताया गया कि बिजली के तार में कट लगा हुआ था और वह खुला हुआ था।

    ईश्वरदेवी ने तार को हटाने की कोशिश की। जैसे ही उन्होंने हाथ से तार को छुआ उन्हें तेज करंट लग गया। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि वह मौके पर ही बेसुध होकर जमीन पर गिर गईं। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों और परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो तुरंत उन्हें संभाला गया।

    महिला की हालत गंभीर देखकर परिजन बिना देर किए उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी अस्पताल पहुंची। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। आवश्यक कार्रवाई के बाद महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब हादसे से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    इस घटना के बाद बाड़े में बिजली के तार की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया गया है कि जिस तार में कट लगा हुआ था उसे हटाने की कोशिश के दौरान महिला करंट की चपेट में आ गई। ग्रामीण इलाकों में खुले और क्षतिग्रस्त बिजली तारों को लेकर अक्सर सुरक्षा का सवाल सामने आता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं लोगों के लिए गंभीर खतरे का कारण बन सकती हैं।

    गुरुवार सुबह हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। ईश्वरदेवी रोजमर्रा के घरेलू काम के लिए बाड़े में गई थीं लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वहां मौजूद बिजली का एक खुला तार उनकी जान ले लेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • गणपति विसर्जन के बाद पसरा मातम, तालाब में गिरा युवक रातभर रहा लापता, सुबह बेलों में फंसा मिला शव

    गणपति विसर्जन के बाद पसरा मातम, तालाब में गिरा युवक रातभर रहा लापता, सुबह बेलों में फंसा मिला शव


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पोहरी नगर परिषद क्षेत्र के नानोरा गांव में गणेश विसर्जन के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। बुधवार रात तालाब में गिरे 25 वर्षीय मूकबधिर युवक का शव गुरुवार सुबह बरामद किया गया। रात में अंधेरा अधिक होने के कारण पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी तलाश की लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। सुबह दोबारा सर्चिंग अभियान शुरू किया गया तो कुछ दूरी पर पानी में फैली बेलों के बीच युवक का शव फंसा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम पसर गया।

    मृतक की पहचान हरगोविंद जाटव उम्र 25 वर्ष पुत्र अंतु जाटव के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक हरगोविंद मूकबधिर था। बताया गया कि बुधवार रात वह शौच के लिए तालाब के दूसरे हिस्से की ओर गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह पानी में जा गिरा। तालाब में गिरने के बाद आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी हुई।

    हादसे के वक्त तालाब के दूसरे छोर पर गणेश प्रतिमा का विसर्जन चल रहा था। वहां मौजूद लोगों ने युवक को तालाब में गिरते हुए देखा। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पोहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई।

    रात में तालाब में काफी देर तक सर्चिंग अभियान चलाया गया। पुलिस और स्थानीय लोग पानी में युवक को तलाशते रहे लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान में परेशानी आई। काफी कोशिश के बाद भी युवक का पता नहीं चल सका। इसके बाद रात में तलाश रोकनी पड़ी और सुबह दोबारा सर्चिंग शुरू करने का फैसला किया गया।

    गुरुवार सुबह पुलिस ने एक बार फिर तालाब में तलाश शुरू की। इस दौरान पानी के भीतर कुछ दूरी पर फैली बेलों के बीच हरगोविंद का शव फंसा हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे की खबर मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पोहरी थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।

    गणेश विसर्जन के दौरान हुई इस घटना से नानोरा गांव में शोक का माहौल है। जिस समय गांव में गणेश प्रतिमा के विसर्जन को लेकर लोग जुटे थे उसी दौरान एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया। रात के अंधेरे में शुरू हुई तलाश सुबह तालाब में पानी की बेलों के बीच शव मिलने के साथ खत्म हुई। घटना ने गांव के लोगों को भी गमगीन कर दिया है।

  • बिजली कटौती से परेशान ग्रामीण पहुंचे विधायक के घर बातचीत में बढ़ा विवाद दादागिरी वाले बयान पर चर्चा

    बिजली कटौती से परेशान ग्रामीण पहुंचे विधायक के घर बातचीत में बढ़ा विवाद दादागिरी वाले बयान पर चर्चा


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या को लेकर ग्रामीणों और विधायक रमेश प्रसाद खटीक के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो रात के समय मंगरौनी स्थित विधायक के घर का है। बिलौनी गांव के ग्रामीण सरपंच बालकिशन जाटव के साथ बिजली की समस्या को लेकर विधायक के घर पहुंचे थे। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में लगातार बिजली की समस्या के कारण पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    सरपंच बालकिशन जाटव के मुताबिक गांव में बिजली कनेक्शन कटने के कारण पंचायत की पानी व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। उनका कहना है कि पंचायत की ओर से बिजली कंपनी में करीब 50 हजार रुपये की राशि जमा की गई थी इसके बावजूद कनेक्शन काट दिया गया। इसी समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण रात में विधायक के घर पहुंचे। ग्रामीणों के अचानक घर पहुंचने पर विधायक ने रात के समय आने को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद बिजली कनेक्शन और गांव की समस्या को लेकर बातचीत शुरू हुई जो कुछ ही देर में बहस में बदल गई।

    वायरल वीडियो में विधायक और ग्रामीणों के बीच तीखी बातचीत सुनाई दे रही है। वीडियो में एक ग्रामीण वापस जाने की बात करता नजर आता है। इसी दौरान विधायक उसे अपने पास बुलाते हुए कहते सुनाई देते हैं कि इधर आ तू यहां दादागिरी बता रहा है क्या। बातचीत का यह हिस्सा वीडियो में रिकॉर्ड हो गया और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों का ध्यान इस पूरे मामले की ओर गया। वीडियो बनाने वाला व्यक्ति भी घटनाक्रम के दौरान मौके पर मौजूद दिखाई दे रहा है।

    ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं था बल्कि गांव में बिजली की समस्या को लेकर समाधान मांगना था। उनके अनुसार बिजली कटौती का सीधा असर पानी की व्यवस्था पर पड़ रहा था जिसके कारण ग्रामीण परेशान थे। इसी वजह से सरपंच के साथ ग्रामीण विधायक से मदद मांगने पहुंचे थे।

    दूसरी ओर विधायक रमेश प्रसाद खटीक ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या सामने आने के बाद उन्होंने बिजली विभाग के जेई से बात की। इसके बाद रात में ही बिलौनी गांव का बिजली कनेक्शन जोड़ दिया गया। यानी जिस समस्या को लेकर ग्रामीण विधायक के घर पहुंचे थे उसका समाधान बातचीत के बाद उसी रात कराए जाने की बात विधायक और सरपंच दोनों ने कही है।

    विधायक ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का भी जिक्र किया है। उनका कहना है कि रात के समय हुई पूरी घटना घर में लगे कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने चौकी प्रभारी को बुलाकर सीसीटीवी फुटेज निकलवाने की बात भी कही है। विधायक की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि ग्रामीणों में कुछ लोग शराब के नशे में थे और कुछ लोग राजनीतिक साजिश के तहत उनके घर पहुंचे थे। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

    फिलहाल इस मामले में वायरल वीडियो के सामने आने के बाद बिजली समस्या से ज्यादा ग्रामीणों और विधायक के बीच हुई बातचीत चर्चा का विषय बनी हुई है। एक तरफ ग्रामीण बिजली कटौती और पानी की परेशानी का मुद्दा उठा रहे हैं तो दूसरी तरफ विधायक ने रात में घर पहुंचने और घटनाक्रम को लेकर अपनी आपत्ति जताई है। अब सीसीटीवी फुटेज सामने आने और पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियां स्पष्ट होने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

  • प्याज गोदाम के पास नाले में मिला नवजात का शव राहगीरों ने दी सूचना पहचान और मौत की वजह तलाश रही पुलिस

    प्याज गोदाम के पास नाले में मिला नवजात का शव राहगीरों ने दी सूचना पहचान और मौत की वजह तलाश रही पुलिस


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब राई रोड स्थित प्याज गोदाम के पास एक नाले में नवजात का शव मिला। नाले के पास से गुजर रहे राहगीरों की नजर जब शव पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही कोलारस पुलिस मौके पर पहुंची और रात करीब 8 बजे नवजात के शव को नाले से बाहर निकलवाकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नवजात की पहचान के साथ उसके जन्म से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस के अनुसार नवजात की नाभि पर डिलीवरी के दौरान लगाई जाने वाली स्ट्रिप मिली है। इसी वजह से जांच का एक अहम बिंदु यह है कि बच्चे का जन्म अस्पताल में हुआ था या फिर घर पर डिलीवरी हुई थी। पुलिस आसपास के इलाकों में ऐसी महिलाओं और परिवारों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है जिनके यहां हाल में बच्चे का जन्म हुआ हो। स्वास्थ्य विभाग से भी आवश्यक जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है ताकि नवजात की पहचान की जा सके।

    घटना के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर नवजात को नाले में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा। शुरुआती स्तर पर पुलिस इस संभावना को भी जांच में शामिल कर रही है कि किसी महिला ने सामाजिक दबाव या लोकलाज के चलते बच्चे को जन्म देने के बाद उसे वहां छोड़ दिया हो। हालांकि पुलिस के सामने फिलहाल ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है जिससे इस संभावना की पुष्टि की जा सके। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

    नवजात के शव को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाए जाने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बच्चे की मौत की वजह के साथ यह भी पता लगाने में मदद मिल सकती है कि उसकी मौत जन्म के बाद हुई या वह पहले से मृत था। रिपोर्ट से पुलिस को घटना की परिस्थितियों को समझने में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

    पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नवजात को नाले में कब छोड़ा गया। इसके लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों और हाल की डिलीवरी से संबंधित जानकारी को भी जांच का हिस्सा बना रही है। आसपास मौजूद लोगों से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि उन्होंने किसी महिला या संदिग्ध व्यक्ति को घटनास्थल के आसपास देखा था या नहीं।

    नवजात की नाभि पर मिली डिलीवरी स्ट्रिप जांच में महत्वपूर्ण सुराग मानी जा रही है। इसके जरिए पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डिलीवरी किस स्थान पर हुई और क्या संबंधित महिला ने किसी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार या प्रसव कराया था। फिलहाल पुलिस ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाने की बात कही है।

    कोलारस पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती नवजात की पहचान करना है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाने के साथ जन्म और डिलीवरी से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। मामले की पूरी तस्वीर जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

  • डोल ग्यारस पर शिवपुरी में रहेगी कड़ी सुरक्षा भीड़ और यातायात संभालने के लिए पुलिस ने तैयार किया प्लान

    डोल ग्यारस पर शिवपुरी में रहेगी कड़ी सुरक्षा भीड़ और यातायात संभालने के लिए पुलिस ने तैयार किया प्लान


    शिवपुरी। शिवपुरी में डोल ग्यारस और आगामी गणेश विसर्जन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहारों के दौरान बाजारों और प्रमुख मार्गों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने शहर की व्यवस्थाओं का जायजा लेना शुरू कर दिया है। सोमवार शाम पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों और भीड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त पर निकलीं। इस दौरान उन्होंने अलग अलग स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात की स्थिति को देखा तथा संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

    एसपी ने हॉस्पिटल चौराहा कोर्ट रोड सब्जी मंडी माधव चौक गुरुद्वारा चौराहा राजेश्वरी रोड और पोलो ग्राउंड क्षेत्र का भ्रमण किया। पैदल गश्त के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बाजारों में लोगों की आवाजाही और वाहनों की स्थिति का जायजा लिया। माधव चौक पर दुकानों के सामने बेतरतीब तरीके से खड़े वाहनों को देखकर एसपी ने यातायात प्रभारी रणवीर यादव को पार्किंग व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में लोगों की संख्या बढ़ने के कारण यातायात व्यवस्था को पहले से व्यवस्थित रखा जाए ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।

    पैदल भ्रमण के दौरान एसपी ने दुकानदारों और आम लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने त्योहारों को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भीड़ वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

    एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्रों में नियमित पैदल गश्त करने के साथ वाहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बाजारों और अन्य संवेदनशील तथा भीड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को भी कहा गया है। त्योहारों के दौरान देर रात तक लोगों की आवाजाही को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

    शिवपुरी में गणेश विसर्जन का आयोजन बड़े स्तर पर होता है। गणेश प्रतिमाओं और झांकियों के साथ डीजे और बैंड के जरिए जुलूस अलग अलग मार्गों से निकलते हैं। कस्टम गेट पर आयोजकों की ओर से बड़ा मंच भी लगाया जाता है जहां विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। कार्यक्रम देर रात तक चलने के कारण यहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटती है। ऐसे में पुलिस के सामने भीड़ नियंत्रण के साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहती है।

    इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने डोल ग्यारस और गणेश विसर्जन के तय रूट तथा विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त बल तैनात करने की तैयारी की है। पुलिस की ओर से जुलूस के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। संवेदनशील स्थानों पर भी पुलिस की नजर रहेगी।

    एसपी ने लोगों से अपील की है कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित स्थानों पर ही करें। उन्होंने लोगों से विसर्जन के दौरान पानी में उतरने से बचने की अपील भी की है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। पुलिस प्रशासन ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आम लोगों से सहयोग की अपील की है।

    इस दौरान सीएसपी सचिन कुमार धुर्वे यातायात थाना प्रभारी रक्षित निरीक्षक रणवीर यादव कोतवाली थाना प्रभारी रोहित दुबे रक्षित निरीक्षक गायत्री इटोरिया और सूबेदार प्रियंका घोष सहित पुलिस बल मौजूद रहा।

  • पुरानी घटना का वीडियो देखते ही फिर मचा बवाल शिवपुरी में परिवार के लोगों के बीच डंडों से मारपीट कई घायल

    पुरानी घटना का वीडियो देखते ही फिर मचा बवाल शिवपुरी में परिवार के लोगों के बीच डंडों से मारपीट कई घायल


    शिवपुरी। शिवपुरी की शक्तिपुरम कॉलोनी खुड़ा में एक पुराने विवाद का वीडियो परिवार के बीच दोबारा तनाव की वजह बन गया। वीडियो बनाने और उससे जुड़ी एफआईआर को लेकर परिवार के दोनों पक्ष सोमवार को आमने सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से डंडों से मारपीट शुरू हो गई। घटना में कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। मामले में कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    बताया जा रहा है कि पूरा विवाद एक पुराने घटनाक्रम से जुड़ा है। 13 सितंबर को अशोक धाकड़ ने अपनी पत्नी बेटों और बहू समेत छह लोगों पर मारपीट करने और उन्हें ईको गाड़ी में बैठाकर सुभाषपुरा ले जाने का आरोप लगाया था। इस मामले में 18 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी पुराने घटनाक्रम का वीडियो अब परिवार के भीतर एक नए विवाद की वजह बन गया।

    पहले पक्ष की ओर से बादल धाकड़ ने पुलिस को शिकायत देते हुए बताया कि वह रात करीब 10:30 बजे अपने घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान पवन धाकड़ नीरज धाकड़ और उत्तम धाकड़ वहां पहुंचे। शिकायत के अनुसार तीनों ने पुराने मामले का वीडियो बनाने को लेकर बादल से विवाद शुरू कर दिया। बादल का कहना है कि उसने अशोक धाकड़ के साथ कथित मारपीट होते देखकर घटना का वीडियो बनाया था। आरोप है कि इसी बात को लेकर उसके साथ गाली गलौज की गई और डंडों से मारपीट की गई।

    बादल के मुताबिक उसे बचाने के लिए नरेश धाकड़ राहुल धाकड़ और संजय रावत आगे आए तो उनके साथ भी मारपीट की गई। शिकायत में चार लोगों के घायल होने की बात कही गई है। बादल ने यह भी आरोप लगाया कि उसे दोबारा वीडियो बनाने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर इस पक्ष की रिपोर्ट दर्ज की है।

    वहीं दूसरे पक्ष की ओर से नीरज धाकड़ ने भी शिकायत दर्ज कराई। नीरज के अनुसार घर के बाहर उसके भाई पवन के साथ वीडियो वायरल करने की बात को लेकर गाली गलौज की जा रही थी। जब नीरज बीच बचाव करने पहुंचा तो बादल सीताराम नरेश और संजय ने उसके साथ डंडों से मारपीट की। शिकायत में नीरज के अलावा पवन और उनकी मां शांति बाई के घायल होने की बात कही गई है।

    इस तरह एक पुराने विवाद से जुड़ा वीडियो परिवार में दोबारा टकराव की वजह बन गया। पहले जिस घटना का वीडियो सामने आया था उसी को लेकर अब परिवार के दोनों पक्षों में नया विवाद खड़ा हो गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों शिकायतों के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो और दोनों पक्षों के बयानों के साथ मारपीट की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुराने मामले और सोमवार को हुए विवाद के बीच संबंध को भी जांच के दौरान देखा जाएगा। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर होगी।

  • पिछोर में फिर रातोंरात प्रतिमा लगाने का मामला फुटेरा में राधा-कृष्ण की मूर्ति देख सुबह उमड़े लोग प्रशासन के सामने बड़ा सवाल

    पिछोर में फिर रातोंरात प्रतिमा लगाने का मामला फुटेरा में राधा-कृष्ण की मूर्ति देख सुबह उमड़े लोग प्रशासन के सामने बड़ा सवाल


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के पिछोर इलाके में सार्वजनिक स्थानों पर रातोंरात प्रतिमाएं स्थापित किए जाने का सिलसिला एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला धार्मिक प्रतिमा से जुड़ा है। पिछोर क्षेत्र के फुटेरा वार्ड नंबर 15 में रविवार रात अज्ञात लोगों द्वारा राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित किए जाने की जानकारी सामने आई है। सोमवार सुबह जैसे ही स्थानीय लोगों की नजर प्रतिमा पर पड़ी तो यह खबर तेजी से पूरे इलाके में फैल गई। कुछ ही समय में बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे और प्रतिमा के दर्शन के साथ पूजा-अर्चना शुरू कर दी। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर धार्मिक उत्साह का माहौल दिखाई दिया है।

    बताया जा रहा है कि फुटेरा वार्ड नंबर 15 में रविवार रात किसी अज्ञात व्यक्ति या समूह ने श्रीराधा-कृष्ण की प्रतिमा रखी। रात में प्रतिमा स्थापित किए जाने के बाद सुबह जब लोगों ने इसे देखा तो आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। श्रद्धालुओं ने प्रतिमा के सामने पूजा की और दर्शन किए। अचानक सार्वजनिक स्थान पर प्रतिमा नजर आने से यह मामला स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    इस पूरे घटनाक्रम की खास बात यह है कि प्रतिमा किसने स्थापित की है इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रतिमा स्थापित करने से पहले संबंधित प्रशासन से किसी तरह की अनुमति ली गई थी या नहीं। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल इस संबंध में स्थिति साफ नहीं है। ऐसे में अब लोगों की नजर पुलिस और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर है।

    पिछोर विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर रातोंरात प्रतिमाएं स्थापित किए जाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। इससे पहले अलग-अलग स्थानों पर महापुरुषों सहित अन्य लोगों की प्रतिमाएं लगाए जाने को लेकर विवाद की स्थिति बन चुकी है। कुछ मामलों में विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं और कई जगह चक्काजाम जैसी स्थिति तक सामने आई है। पुलिस ने पूर्व के कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई भी की थी। इसके बावजूद इस तरह रातोंरात प्रतिमाएं स्थापित किए जाने की घटनाएं पूरी तरह थमती नजर नहीं आ रही हैं।

    फुटेरा में राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित होने के बाद फिलहाल स्थानीय लोगों में धार्मिक उत्साह नजर आ रहा है। सुबह से ही लोग प्रतिमा के दर्शन के लिए पहुंचते रहे और पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए। राधा-कृष्ण की प्रतिमा सामने आने के बाद आसपास के लोगों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर प्रतिमा की स्थापना से जुड़े तथ्य अभी स्पष्ट होना बाकी हैं।

    यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सार्वजनिक स्थान पर किसी प्रतिमा की स्थापना के बाद उसके आसपास धार्मिक गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए यह जानना जरूरी होगा कि प्रतिमा कब किसने और किन परिस्थितियों में स्थापित की। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संबंधित स्थान पर प्रतिमा लगाने के लिए कोई अनुमति ली गई थी या नहीं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाता है इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

    फुटेरा में सुबह अचानक राधा-कृष्ण की प्रतिमा मिलने से जहां श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया वहीं रातोंरात प्रतिमा स्थापित किए जाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल भी खड़े हुए हैं। अब पूरे मामले की तस्वीर प्रशासनिक जांच और पुलिस की कार्रवाई के बाद ही साफ हो सकेगी।

  • शिवपुरी में दर्दनाक हादसा दोस्तों के साथ नदी में नहा रहा था किशोर तभी बढ़ा पानी 500 मीटर दूर मिला शव

    शिवपुरी में दर्दनाक हादसा दोस्तों के साथ नदी में नहा रहा था किशोर तभी बढ़ा पानी 500 मीटर दूर मिला शव


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के सुरवाया थाना क्षेत्र में सिंध नदी में डूबे 15 वर्षीय किशोर का शव करीब 24 घंटे की तलाश के बाद बरामद कर लिया गया। रविवार दोपहर दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया दिनेश अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव की चपेट में आ गया था। देखते ही देखते वह पानी में डूब गया। घटना के बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन रविवार को उसका कोई पता नहीं चल सका। सोमवार को एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया जिसके बाद घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर किशोर का शव मिला।

    ग्राम डबिया निवासी दिनेश पुत्र स्वर्गीय प्रकाश आदिवासी रविवार दोपहर करीब एक बजे अपने दोस्तों के साथ सिंध नदी में नहाने गया था। उसके तीन साथी भी कुछ दूरी पर नदी में मौजूद थे। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और पानी का बहाव तेज हो गया। दिनेश तेज बहाव की चपेट में आ गया और संभल नहीं सका। साथ मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन कुछ ही देर में वह पानी में दिखाई देना बंद हो गया।

    किशोर को डूबता देखकर एक ग्रामीण ने भी उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई लेकिन तेज बहाव के कारण वह दिनेश तक नहीं पहुंच सका। हादसे की सूचना रविवार शाम करीब 5:45 बजे सुरवाया थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और नदी के आसपास तलाश शुरू कराई गई। स्थानीय लोगों की मदद से भी किशोर को खोजने का प्रयास किया गया लेकिन देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिली।

    बताया गया कि ऊपरी हिस्से में हुई बारिश के कारण सिंध नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा था। इसका असर मड़ीखेड़ा स्थित अटल सागर बांध पर भी पड़ा। पानी बढ़ने के बाद बांध के चार गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। इसके चलते सिंध नदी का बहाव और तेज हो गया। इसी बढ़े हुए जलस्तर के दौरान दिनेश नदी में नहा रहा था और तेज धारा में फंस गया।

    सोमवार को एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर फिर से तलाश अभियान शुरू किया। टीम ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन की। करीब 24 घंटे तक चले प्रयास के बाद घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर दिनेश का शव बरामद किया गया। शव मिलने की सूचना के बाद परिवार में मातम छा गया। जिस किशोर के सुरक्षित लौटने की उम्मीद में परिजन नदी किनारे तलाश अभियान का इंतजार कर रहे थे वहां उसकी मौत की खबर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया।

    रेस्क्यू अभियान में एसडीईआरएफ प्रभारी अफाक के साथ मुकेश युवंजय देवेंद्र रवि बिलवार भैय्या साहब और कप्तान सेन सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। टीम ने काफी देर तक नदी में तलाश जारी रखी और आखिरकार किशोर का शव बरामद करने में सफलता मिली।

    घटना के बाद पुलिस ने शव बरामद कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। सिंध नदी में अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के बीच हुआ यह हादसा परिवार के लिए बेहद दुखद है। इस घटना ने एक बार फिर बारिश के दौरान नदियों और जलाशयों में बढ़ते जलस्तर के बीच सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।

  • शिवपुरी में काम के दौरान मौत: सीमेंट की बोरियां उतारते समय बिजली तार से छुआ हाथ करंट लगते ही नीचे गिरा युवक

    शिवपुरी में काम के दौरान मौत: सीमेंट की बोरियां उतारते समय बिजली तार से छुआ हाथ करंट लगते ही नीचे गिरा युवक


    शिवपुरी शिवपुरी जिले के खनियाधाना में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। पनिहारा तिराहा पर ट्रक से सीमेंट की बोरियां उतार रहे 26 वर्षीय मजदूर की 11 KV बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया गया कि युवक ट्रक के ऊपर चढ़कर सीमेंट उतार रहा था तभी ट्रक के थोड़ा आगे बढ़ने के दौरान उसका हाथ ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगते ही युवक ट्रक से नीचे गिर पड़ा। हादसे के बाद मौके पर मौजूद साथी मजदूरों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी।

    मृतक की पहचान वार्ड नंबर 6 राजबाड़ा मोहल्ला निवासी हेमंत रजक के रूप में हुई है। हेमंत पुत्र गोपाल रजक मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता था। सोमवार को वह पनिहारा तिराहा पर कम्मा साहू के यहां खड़े ट्रक से सीमेंट की बोरियां उतारने के काम में लगा था। ट्रक का नंबर RJ09GD8725 बताया गया है। इसी दौरान ट्रक को कुछ आगे बढ़ाया गया और ऊपर मौजूद हेमंत 11 KV की बिजली लाइन के संपर्क में आ गया।

    करंट की चपेट में आते ही हेमंत बुरी तरह झुलस गया और संतुलन बिगड़ने के कारण ट्रक से नीचे गिर पड़ा। हादसे के समय उसके साथ कमल रजक फूल सिंह रजक और अवधेश रजक भी काम कर रहे थे। उन्होंने घटना को देखते ही परिजनों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही हेमंत के बड़े भाई नीरज रजक और पिता गोपाल रजक मौके पर पहुंचे। परिवार के लोग बिना देर किए उसे सरकारी अस्पताल खनियाधाना लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद हेमंत को मृत घोषित कर दिया।

    युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। जिस समय हेमंत रोज की तरह मजदूरी करने के लिए घर से निकला था उस समय किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही देर बाद परिवार को उसकी मौत की खबर मिलेगी। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में भी शोक का माहौल बन गया। घटना ने एक बार फिर काम के दौरान बिजली लाइनों से जुड़े सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर ऐसे स्थानों पर जहां ऊंचे वाहनों पर चढ़कर सामान उतारा या लादा जाता है वहां ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

    हादसे के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए खनियाधाना के पीएम हाउस में रखवाया गया। मृतक के भाई नीरज रजक की मौखिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार बिजली लाइन और ट्रक की स्थिति समेत हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

    इस हादसे ने परिवार के सामने बड़ा दुख खड़ा कर दिया है। हेमंत की मौत से उसके परिजनों का सहारा छिन गया। वहीं घटना के बाद यह सवाल भी सामने आया है कि ऐसे स्थानों पर जहां ट्रक और दूसरे ऊंचे वाहन खड़े होते हैं वहां बिजली लाइनों की ऊंचाई और सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सावधानी बरती जा रही है या नहीं। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही हादसे की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर और साफ हो सकेगी।

  • शिवपुरी में हरियाणा जा रहा लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा गया डामरौन में वन विभाग ने घेराबंदी कर की कार्रवाई

    शिवपुरी में हरियाणा जा रहा लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा गया डामरौन में वन विभाग ने घेराबंदी कर की कार्रवाई


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में वन विभाग ने लकड़ी के अवैध परिवहन की आशंका के मामले में कार्रवाई करते हुए एक ट्रक को जब्त किया है। यह ट्रक लकड़ी लेकर हरियाणा की ओर जा रहा था। वन विभाग की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दिनारा पिछोर मार्ग पर डामरौन के पास घेराबंदी की और संदिग्ध ट्रक को रोक लिया। तलाशी के दौरान ट्रक में लकड़ी भरी हुई मिली जिसके बाद विभाग ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। मामले में अब लकड़ी के स्रोत और उसके परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार वन विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि करैरा क्षेत्र से लकड़ी से भरा एक ट्रक हरियाणा की तरफ रवाना होने वाला है। सूचना मिलने के बाद रेंजर लक्ष्मण मीणा और डिप्टी रेंजर कुलदीप गौर के नेतृत्व में टीम ने डामरौन के आसपास निगरानी शुरू की। टीम ट्रक के आने का इंतजार कर रही थी। जैसे ही बताए गए हुलिए और नंबर का ट्रक वहां पहुंचा वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे रोक लिया।

    ट्रक की जांच की गई तो उसमें लकड़ी लदी हुई मिली। इसके बाद वाहन को जब्त कर लिया गया। वन विभाग की ओर से अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ट्रक में लदी लकड़ी आखिर कहां से लाई गई थी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि लकड़ी के परिवहन के लिए चालक के पास आवश्यक अनुमति और दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।

    शुरुआती जानकारी में यह बात सामने आई है कि ट्रक बालाघाट से करैरा पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वहां ट्रक में पहले प्लाईबोर्ड से जुड़ा सामान छोड़ा गया था। इसके बाद ट्रक करैरा क्षेत्र में पहुंचा जहां उसमें लकड़ी लोड की गई। लकड़ी भरने के बाद वाहन को हरियाणा की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान वन विभाग की टीम ने उसे डामरौन के पास रोक लिया।

    लकड़ी के इस्तेमाल को लेकर भी वन विभाग जांच कर रहा है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि जब्त की गई लकड़ी का इस्तेमाल प्लाईबोर्ड तैयार करने में किया जा सकता है। इसी वजह से विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि लकड़ी करैरा क्षेत्र की किसी आरा मशीन से तो नहीं लाई गई थी। अधिकारियों की जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि यदि लकड़ी स्थानीय स्तर पर लोड की गई थी तो इसके लिए किस स्थान का इस्तेमाल किया गया और उसके परिवहन की वैध अनुमति थी या नहीं।

    करैरा क्षेत्र में इससे पहले भी वन विभाग की ओर से आरा मशीनों को लेकर कार्रवाई की जा चुकी है। ऐसे में जब्त ट्रक में मिली लकड़ी और क्षेत्र की आरा मशीनों के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं इसकी भी पड़ताल की जा रही है। वन विभाग दस्तावेजों और लकड़ी के स्रोत की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय करेगा। फिलहाल ट्रक विभाग के कब्जे में है और मामले की जांच जारी है।