राम मंदिर में दर्शन के बाद बिट्टा बोले भगवान को राजनीति से ऊपर रखें


नई दिल्ली: अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने अयोध्या धाम पहुंचकर राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी और लोगों को एक मजबूत संदेश देने की कोशिश की।

दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में बिट्टा ने कहा कि वह वर्षों से भगवान राम और हनुमान जी के दर्शन करते आ रहे हैं और उनकी कृपा से ही उनका जीवन सुरक्षित रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा देश में शांति बनाए रखने का प्रयास किया और अपने जीवन में न गोली चलने दी न दंगे-फसाद होने दिए और न ही बम विस्फोट होने दिए।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि भगवान राम को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उनका साफ कहना था कि राम पहले हैं और सियासत बाद में। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को धर्म और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि समाज में एकता और शांति बनी रहे।

बिट्टा ने अपने बयान में अनुच्छेद 370 हटाने और राम मंदिर निर्माण का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे देश को आतंकवाद से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उनके अनुसार ये फैसले राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को मजबूत करते हैं।

उन्होंने अपनी पहचान को लेकर भी एक भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका धर्म भारत माता है और उनकी जाति वंदे मातरम् है। इस दौरान उन्होंने सिख समाज से भी अपील की कि वे खुलकर सामने आएं और देश विरोधी गतिविधियों का विरोध करें। उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर ऐसे मुद्दों पर आवाज नहीं उठाएगा तब तक समस्याएं बनी रहेंगी।

फिल्म धुरंधर में सिख किरदार को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि आज का दौर सोशल मीडिया का है और अब सच्चाई छिप नहीं सकती। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में बननी चाहिए जिससे लोगों के सामने सही तथ्य आ सकें और इतिहास की वास्तविकता सामने आए।

इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने ईरान से जुड़े युद्ध के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध का असर सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरी दुनिया को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे संघर्षों का प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और संसाधनों पर भी पड़ता है जिसमें भारत भी अछूता नहीं रह सकता।

बिट्टा का यह दौरा और बयान ऐसे समय में सामने आया है जब देश में धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है। उनके संदेश को एकता और राष्ट्रहित के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।