बंदूक नहीं, दिमाग से जंग’-भारत के खिलाफ नई रणनीति पर काम कर रहा पाकिस्तान, रिपोर्ट में खुलासा

इस्लामाबाद। आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान भारत के खिलाफ नई रणनीति पर काम कर रहा है। आरोप है कि सैन्य टकराव के बजाय अब “इन्फॉर्मेशन वॉर” के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को चुनौती देने की कोशिश हो रही है।

DisinfoLab की हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान एक वैश्विक मीडिया नेटवर्क और थिंक टैंक इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय राय को प्रभावित करना है। यह पहल कथित तौर पर पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर के बाद शुरू हुई, जब पाकिस्तान का नैरेटिव वैश्विक मंच पर प्रभाव नहीं डाल सका।

‘नैरेटिव वॉर’ का मास्टर प्लान

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने 2025 में “रणनीतिक संचार मास्टर प्लान” नाम से पहल शुरू की है। इसका लक्ष्य अंग्रेजी भाषा के ऐसे प्लेटफॉर्म बनाना है जो अंतरराष्ट्रीय दर्शकों में विश्वसनीय दिखें और कश्मीर जैसे मुद्दों पर पाकिस्तान-समर्थक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएं। पहले उर्दू-केंद्रित मैसेजिंग वैश्विक स्तर पर प्रभावी नहीं रही, इसलिए यह बदलाव किया गया।

थिंक टैंक नेटवर्क पर फोकस

बताया गया है कि मिन्हाज यूनिवर्सिटी लाहौर में “हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड पॉलिसी स्टडीज” जैसे संस्थान स्थापित किए गए हैं। ये भू-राजनीति, सुरक्षा और जलवायु जैसे विषयों पर काम करने का दावा करते हैं, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार इनमें रणनीतिक तंत्र से जुड़े लोगों की भागीदारी बताई गई है।

ग्लोबल मीडिया में पैठ की कोशिश

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए सक्रिय किया गया है, जिनमें AsiaOne News, DM News English, FP92TV और Afrik1 TV शामिल बताए गए हैं। इन प्लेटफॉर्म्स को कथित तौर पर “निष्पक्ष पत्रकारिता” के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि आलोचकों का आरोप है कि इनके जरिए नैरेटिव सेट करने की कोशिश हो रही है।

‘न्यूट्रल मीडिया’ के नाम पर रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी समर्थन वाले मीडिया पर भरोसे की कमी को देखते हुए पाकिस्तान ने थिंक टैंक, सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल चैनलों के जरिए “सॉफ्ट पावर” आधारित रणनीति अपनाई है। इसका उद्देश्य बिना प्रत्यक्ष सैन्य टकराव के कूटनीतिक और सूचना स्तर पर प्रभाव बनाना है।
कुल मिलाकर, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान अब पारंपरिक सैन्य टकराव के बजाय सूचना और प्रचार के जरिए वैश्विक मंच पर भारत को चुनौती देने की रणनीति अपना रहा है।