स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ बनीं भारत की सबसे सफल बल्लेबाज

नई दिल्ली/डरबन। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने खेल के सबसे छोटे प्रारूप में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली जा रही मौजूदा श्रृंखला के दौरान मंधाना ने वह मुकाम हासिल किया जो अब तक किसी भी भारतीय क्रिकेटर के नाम नहीं था। स्मृति मंधाना अब भारत की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उन्होंने इस विशिष्ट उपलब्धि के मामले में भारतीय पुरुष टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा के स्थापित रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

मैदान पर अपनी कलात्मक बल्लेबाजी के लिए पहचानी जाने वाली मंधाना ने जैसे ही इस मुकाबले में व्यक्तिगत स्तर पर तेरहवां रन बनाया वैसे ही उन्होंने रोहित शर्मा के पूर्ववर्ती रनों के आंकड़े को पार कर लिया। रोहित शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस प्रारूप से विदाई लेने से पहले जो शिखर स्थापित किया था उसे अब मंधाना ने नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। स्मृति मंधाना के नाम अब एक सौ इकसठ मैचों में चार हजार दो सौ चवालीस रन दर्ज हो गए हैं जो उन्हें भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे सफल टी20 बल्लेबाज बनाता है।

मैच के घटनाक्रम पर नजर डालें तो विपक्षी टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में सात विकेट खोकर एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। हालांकि लक्ष्य का पीछा करते हुए विरोधी टीम ने अंतिम क्षणों में जीत हासिल कर ली लेकिन भारतीय खेमे के लिए मंधाना की यह व्यक्तिगत सफलता सबसे बड़ी चर्चा का विषय बनी रही। हार के बावजूद मंधाना के बल्ले से निकला यह रिकॉर्ड भारतीय महिला क्रिकेट के सशक्तिकरण और वैश्विक मंच पर उनकी बढ़ती धमक का प्रतीक बनकर उभरा है।

विश्व स्तर पर सर्वाधिक टी20 रनों की सूची पर गौर करें तो स्मृति मंधाना अब दूसरे पायदान पर पहुंच गई हैं। उनसे आगे अब केवल न्यूजीलैंड की एक खिलाड़ी का नाम आता है जबकि भारतीय खिलाड़ियों की सूची में मंधाना अब शीर्ष पर विराजमान हैं। मंधाना के बाद रोहित शर्मा और फिर हरमनप्रीत कौर का स्थान आता है। मंधाना का यह सफर आने वाले समय में युवा महिला क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह उपलब्धि केवल आंकड़ों का खेल नहीं है बल्कि यह महिला क्रिकेट के प्रति बदलते नजरिए और मैदान पर उनके अटूट समर्पण की जीत है।