बीजिंग में भारत की नई कूटनीतिक शुरुआत, विक्रम दुरईस्वामी ने संभाली जिम्मेदारी; चीन को सौंपे साख पत्र


नई दिल्ली। भारत और चीन के रिश्तों के बीच नए दौर की शुरुआत के संकेत देते हुए वरिष्ठ राजनयिक विक्रम दुरईस्वामी ने चीन में भारत के नए राजदूत के रूप में औपचारिक जिम्मेदारी संभाल ली है। उन्होंने बीजिंग में चीन के सहायक विदेश मंत्री और प्रोटोकॉल विभाग के महानिदेशक होंग लेई को अपने साख पत्रों (क्रेडेंशियल्स) की प्रति सौंपी।

इस दौरान दोनों देशों के अधिकारियों की मौजूदगी में राजनयिक परंपराओं के तहत औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई। माना जा रहा है कि दुरईस्वामी की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब भारत और चीन कई संवेदनशील मुद्दों के बीच संबंधों को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं।

भारतीय दूतावास में आयोजित हुआ विशेष समारोह
गुरुवार को बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें राजदूत विक्रम दुरईस्वामी ने भी हिस्सा लिया।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, सटीक कार्रवाई और दृढ़ संकल्प को याद किया गया। साथ ही पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।

अनुभवी राजनयिक हैं विक्रम दुरईस्वामी
विक्रम दुरईस्वामी 1992 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं और उन्हें विदेश नीति व अंतरराष्ट्रीय संबंधों का लंबा अनुभव है। चीन में नियुक्ति से पहले वह ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।

बीजिंग पहुंचने पर उनका चीनी अधिकारियों और भारतीय दूतावास के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। विशेषज्ञों का मानना है कि दुरईस्वामी की कूटनीतिक समझ आने वाले समय में भारत-चीन संबंधों को नई दिशा दे सकती है।