मुख्यमंत्री पद पर शुभेंदु अधिकारी का नाम आगे, महिला डिप्टी सीएम के तौर पर रूपा गांगुली की संभावना

नई दिल्ली ।पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव और संभावित सत्ता समीकरणों को लेकर सुर्खियों में आ गई है। राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं और सूत्रों के अनुसार राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण मंथन जारी है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद के लिए शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे चल रहा है, जबकि उपमुख्यमंत्री पद के लिए दो डिप्टी सीएम का फार्मूला अपनाया जा सकता है, जिसमें एक महिला और एक पुरुष उपमुख्यमंत्री शामिल होंगे। महिला डिप्टी सीएम के रूप में अभिनेत्री से नेता बनीं रूपा गांगुली का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है।

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यह पूरा निर्णय संगठनात्मक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए लिया जा रहा है। उत्तर बंगाल और अन्य क्षेत्रों को भी सत्ता ढांचे में प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम किया जा रहा है, ताकि राज्य के विभिन्न हिस्सों को राजनीतिक संतुलन में शामिल किया जा सके। सूत्रों के मुताबिक, संभावित मुख्यमंत्री अपने पास गृह विभाग जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय भी रख सकते हैं, जिससे प्रशासनिक नियंत्रण और मजबूत किया जा सके।

इसी बीच केंद्रीय नेतृत्व की सक्रिय भूमिका भी देखने को मिल रही है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा विधायक दल की बैठक में नए नेता के चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसी में राज्य के नए नेतृत्व की औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद है। इसके बाद नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी भी तेज कर दी गई है, जो बेहद भव्य तरीके से आयोजित किए जाने की योजना में बताया जा रहा है।

शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रीय स्तर के कई बड़े नेताओं की उपस्थिति की संभावना भी राजनीतिक महत्व को और बढ़ा रही है। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि राज्य की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में शुभेंदु अधिकारी और रूपा गांगुली के नामों की चर्चा लगातार तेज बनी हुई है।

कुल मिलाकर पश्चिम बंगाल की सियासत इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है, जहां आने वाले कुछ घंटों में बड़े राजनीतिक फैसले राज्य की दिशा और दशा तय कर सकते हैं। सभी की निगाहें अब आधिकारिक घोषणा और उसके बाद बनने वाली नई सरकार की संरचना पर टिकी हुई हैं।