राजगढ़ के प्राचीन शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनि जयंती पर विशेष पूजा

राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नाहरदा क्षेत्र में स्थित प्राचीन शनि मंदिर में शनिवार को आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। 105 साल पुराने इस मंदिर में शनि जयंती और शनिचरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग बनने के कारण सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 11 बजे के बाद मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तों से भर गया और दूर-दराज के गांवों के साथ-साथ राजस्थान से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे।

जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर, चढ़ाया गया तेल और काली उड़द
पूरे मंदिर परिसर में “जय शनिदेव” के जयकारों और घंटियों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु अपने हाथों में सरसों का तेल, काली उड़द, नारियल, दीपक और फूल लेकर कतारों में खड़े होकर दर्शन कर रहे हैं। मंदिर समिति द्वारा इस विशेष अवसर पर शनिदेव का चांदी के आभूषणों से भव्य श्रृंगार किया गया, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई विशेष पूजा-अर्चना
इस दुर्लभ संयोग का लाभ लेने के लिए श्रद्धालु अपने परिवार सहित मंदिर पहुंचे और शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों ने सुख-शांति, व्यापार में उन्नति और शनि दोष से मुक्ति की कामना की। मंदिर में दर्शनार्थियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं भी सुचारू की गईं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

राजगढ़ का यह शनि मंदिर एक बार फिर आस्था और विश्वास का केंद्र बन गया है, जहां दुर्लभ खगोलीय और धार्मिक संयोग ने भक्तों की भारी भीड़ आकर्षित की है।