नई दिल्ली । पटनाः जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप ने अपने ही दल के पूर्व प्रवक्ता रहे संतोष रेणु यादव के खिलाफ सचिवालय थाना में गंभीर आरोपों के साथ मामला दर्ज कराया. तेज प्रताप ने आरोप लगाया है कि उन्हें धमकी दी गई और उनसे रंगदारी की मांग की गई है. इस शिकायत के सामने आते ही राजधानी की राजनीति में आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया. तेज प्रताप की शिकायत के मुताबिक, संतोष रेणु यादव द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था और फोन कॉल के जरिए रंगदारी की मांग की गई. साथ ही उन्हें राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई.
सचिवालय थाना पुलिस ने इस मामले में आवेदन के आधार पर सनहा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है. दूसरी ओर, संतोष रेणु यादव ने भी पलटवार करते हुए बेऊर थाना में आवेदन देकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई थी. उन्होंने आरोप लगाया है कि राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है. संतोष रेणु यादव का कहना है कि उन्हें झूठे आरोपों में उलझाकर बदनाम किया जा रहा है और उनकी जान को खतरा है. उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है.
संतोष रेणु यादव क्या बोले?
संतोष रेणु यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं. माधव सेवा के अध्यक्ष के रूप में लगातार काम कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि तेज प्रताप द्वारा उन्हें बदनाम करने और झूठे केस में फंसाने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि वे कानून में भरोसा रखते हैं और सच सामने आएगा. दोनों पक्षों की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस भी अलर्ट मोड में आ गई है. सिटी एसपी (पश्चिमी) पटना भानु प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों तरफ से लिखित आवेदन मिले हैं. पुलिस ने दोनों मामलों में सनहा दर्ज कर लिया है और सभी आरोपों की निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
क्या है पूरा मामला
पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है. सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पार्टी के अंदर ही इतना बड़ा विवाद कैसे खड़ा हो गया. दरअसल, जनशक्ति जनता दल से जुड़े नेता तेज प्रताप ने सचिवालय थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए संतोष रेणु यादव पर धमकी देने और रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है. वहीं, संतोष रेणु यादव ने बेऊर थाना में आवेदन देकर कहा है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और उनकी जान को खतरा है. दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अब पूरे मामले पर सबकी नजर पुलिस की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है.
