सुभालय विहार में गरजा बुलडोजर, अवैध निर्माण पर निगम का एक्शन; नियम तोड़कर बनी दो मंजिला बिल्डिंग ध्वस्त


भोपाल । भोपाल में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ नगर निगम ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को बावड़ियाकलां स्थित सुभालय विहार में अवैध रूप से निर्मित दो मंजिला भवन पर जेसीबी चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया गया। नगर निगम की इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई गौरव गृह निर्माण सहकारी समिति के अंतर्गत आने वाले सुभालय परिसर में स्थित मकान क्रमांक बी 93 पर की गई। जांच में सामने आया कि जिस भूखंड पर निर्माण किया गया उसका मूल क्षेत्रफल 1312 वर्गमीटर था जबकि लगभग 900 वर्गमीटर क्षेत्र में जी प्लस वन भवन का निर्माण कर लिया गया था। सबसे अहम बात यह रही कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग द्वारा स्वीकृत लेआउट में इस भूखंड को एकल प्लॉट के रूप में स्वीकृति मिली थी लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करते हुए इसका अवैध विभाजन कर दिया गया।

नगर निगम की जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित भूखंड को अनधिकृत तरीके से छोटे हिस्सों में बांटकर बेचा गया और बाद में स्वीकृत मानकों के विपरीत भवन निर्माण कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह का निर्माण पूरी तरह नियमों के खिलाफ था इसलिए नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। निगम का कहना है कि शहर में अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा वहां इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई के दौरान नगर निगम के इंजीनियर राजस्व विभाग के अधिकारी और पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराया ताकि किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।

नगर निगम ने शहरवासियों से भी अपील की है कि किसी भी संपत्ति की खरीद या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से उसकी वैधता और स्वीकृत लेआउट की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमति के निर्माण या अवैध प्लॉटिंग में निवेश करने से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।

नगर निगम का कहना है कि अवैध निर्माण केवल शहर की नियोजित विकास व्यवस्था को प्रभावित नहीं करता बल्कि भविष्य में सड़क जल निकासी पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी गंभीर असर डालता है। इसी कारण प्रशासन ऐसे मामलों में लगातार अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में वैध और नियमानुसार विकास सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। इसलिए जो लोग बिना स्वीकृति के निर्माण कर रहे हैं या अवैध प्लॉटिंग में शामिल हैं उनके खिलाफ आने वाले समय में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।