JPSC-JSSC विवाद में झारखंड पुलिस की कार्रवाई, विधानसभा घेराव के बाद करीब 600 प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज

नई दिल्ली । झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन विधानसभा घेराव के बाद और तेज हो गया है। 10 अगस्त को रांची में विधानसभा की ओर मार्च के दौरान हुए हंगामे के बाद पुलिस ने करीब 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें लगभग 100 लोग नामजद हैं, जबकि करीब 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों को आरोपी बनाया गया है।

छात्र संगठन लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए आंदोलन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़े थे। प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर जाने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी।

स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। पुलिस की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पथराव किया और स्थिति को हिंसक बनाने की कोशिश की। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

हंगामे के बाद दर्ज की गई प्राथमिकी में नामजद लोगों के अलावा बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब उपलब्ध CCTV फुटेज और मौके पर बनाए गए वीडियो के आधार पर प्रदर्शन में कथित तौर पर हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है।

पुलिस की जांच का मुख्य आधार घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरे और उपलब्ध वीडियो फुटेज हैं। अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका को अंतिम रूप से तय नहीं किया जा सकता।

छात्र संगठनों की प्रमुख मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराना है। प्रदर्शनकारी विवादित परीक्षाओं की समीक्षा या उन्हें रद्द करने, कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

आंदोलन कई सप्ताह से जारी है और विधानसभा घेराव के बाद सरकार तथा प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के बीच विवाद और बढ़ गया है। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि अभ्यर्थियों के भविष्य पर किसी प्रकार का असर न पड़े।

FIR दर्ज होने के बावजूद छात्र आंदोलन के पूरी तरह समाप्त होने के संकेत नहीं हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रदर्शनकारी 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की तैयारी कर रहे हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए रांची प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी की है।

मुख्यमंत्री आवास के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। प्रशासन के सामने अब एक ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर भर्ती परीक्षाओं से जुड़े छात्रों के आरोपों और मांगों को लेकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

JPSC और JSSC से जुड़ा विवाद अब परीक्षा संबंधी शिकायतों से आगे बढ़कर पुलिस कार्रवाई और बड़े छात्र आंदोलन का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में प्रस्तावित प्रदर्शन और जांच की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि सरकार और आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के बीच गतिरोध किस दिशा में जाता है।