5 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोपी भारत में गिरफ्तार, अमेरिका के मोस्ट वॉन्टेड फ्रॉड पर था 1.25 करोड़ का इनाम


नई दिल्ली। अमेरिकी सरकारी योजनाओं में करीब 6 लाख डॉलर यानी लगभग 5 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोपी मंजीत सिंह बेदी को भारत में गिरफ्तार किया गया है। अमेरिका की जांच एजेंसी FBI की मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल बेदी की गिरफ्तारी पर 1.5 लाख डॉलर यानी करीब 1.25 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था।

FBI निदेशक काश पटेल ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बेदी की गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माना जा रहा है कि बेदी पिछले साल अमेरिका से भागकर भारत पहुंचा था। FBI अब उसे अमेरिका वापस लाने की प्रक्रिया पर काम कर रही है।

पटेल के मुताबिक करीब तीन महीने पहले नई मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट जारी होने के बाद गिरफ्तार किया गया बेदी पांचवां बड़ा जालसाज है। उनके अनुसार अब तक पकड़े गए इन आरोपियों पर सामूहिक रूप से 2 अरब डॉलर से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप है। ये आरोपी गिरफ्तारी से पहले कुल मिलाकर करीब 4000 दिनों तक फरार रहे थे।

किराना स्टोर की आड़ में SNAP कार्ड से फ्रॉड

FBI के मुताबिक मंजीत सिंह बेदी वॉशिंगटन के टैकोमा में एक छोटी किराना दुकान चलाता था। आरोप है कि उसने अमेरिका के ‘सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम’ यानी SNAP के तहत मिलने वाले सरकारी बेनिफिट कार्ड का गलत इस्तेमाल किया।

जांच एजेंसी के अनुसार बेदी ग्राहकों के SNAP कार्ड से रकम काट लेता था, लेकिन उसके बदले उन्हें राशन देने के बजाय नकद पैसे देता था। इस लेनदेन में वह कुल रकम का करीब आधा हिस्सा अपने पास रख लेता था।

FBI का आरोप है कि मार्च 2024 से जून 2025 के बीच बेदी ने अमेरिकी सरकार को कम से कम 6 लाख डॉलर का नुकसान पहुंचाया। उसके खिलाफ वायर फ्रॉड और SNAP बेनिफिट्स फ्रॉड समेत कई आरोप दर्ज किए गए हैं।

पासपोर्ट जमा करने के आदेश के बावजूद भागा

मामला दर्ज होने के बाद अदालत ने बेदी को तत्काल गिरफ्तार करने के बजाय तय शर्तों पर बाहर रहने की अनुमति दी थी। उसे अपना पासपोर्ट जमा करने और वॉशिंगटन राज्य की सीमा में रहने का आदेश दिया गया था।

हालांकि, आरोप है कि बेदी इन शर्तों का उल्लंघन कर कार से कनाडा की सीमा पार कर गया। इसके बाद वह कनाडा से भारत पहुंच गया। उसके फरार होने के बाद अमेरिकी जिला अदालत ने 21 मई को उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। अब भारत में उसकी गिरफ्तारी के बाद FBI उसे अमेरिका वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी है।